**The Invisible Wall That Still Divides South Africa — Transcript & Summary | SozAI**
Source: https://sozai.app/transcript/invisible-wall-divides-south-africa/

साउथ अफ्रीका में रंगभेद और सामाजिक असमानता की अदृश्य दीवार, अपार्थाइड का इतिहास और आज की चुनौतियाँ।

## Key Takeaways

- साउथ अफ्रीका में नस्लीय विभाजन गहरा और व्यवस्थित है, जो आज भी जारी है।
- अपार्थाइड के कानूनों ने नस्लीय भेदभाव को कानूनी रूप दिया, जिसका प्रभाव आज भी महसूस होता है।
- नेल्सन मंडेला ने महत्वपूर्ण बदलाव किए, परन्तु सामाजिक और आर्थिक असमानता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई।
- जाति और रंग के आधार पर लोगों की पहचान और अधिकार सीमित करने वाले सिस्टम ने पीढ़ियों को प्रभावित किया।
- आज भी नस्लीय भेदभाव के प्रतीक और संरचनाएं मौजूद हैं, जो देश की समग्र प्रगति में बाधा हैं।

## What the video covers

- केपटाउन में अमीरी और गरीबी के बीच एक अदृश्य दीवार है जो जीवनकाल में 7 साल का फर्क लाती है।
- ब्लैक और वाइट समुदायों के बीच सर्जिकल सेग्रगेशन आज भी कायम है, जो नस्लीय भेदभाव की जड़ें दिखाता है।
- 1959 और 2020 के नक्शे दिखाते हैं कि नस्लीय विभाजन में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
- अपार्थाइड के क्रूर कानूनों ने ब्लैक लोगों को जानवरों से भी नीचे का दर्जा दिया और उनकी आज़ादी सीमित की।
- नेल्सन मंडेला ने 1994 में लोकतांत्रिक बदलाव लाए, लेकिन नस्लीय असमानता पूरी तरह खत्म नहीं हुई।
- ओरेनिया जैसे वाइट्स-ओनली शहर आज भी नस्लीय भेदभाव के प्रतीक हैं।
- जाति और रंग के आधार पर लोगों की पहचान और अधिकार सीमित करने के लिए पेंसिल टेस्ट और पासबुक सिस्टम लागू था।
- ब्लैक लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, और संसाधनों से वंचित रखा गया, जिससे सामाजिक और आर्थिक असमानता गहरी हुई।
- नेल्सन मंडेला की नीतियों पर आज भी विवाद है, कुछ युवाओं का मानना है कि उन्होंने पूरी आज़ादी नहीं दिलाई।
- आज भी साउथ अफ्रीका में नस्लीय भेदभाव और आर्थिक असमानता की जड़ें बनी हुई हैं।

## Chapters

1. 00:00 केपटाउन की अदृश्य दीवार और नस्लीय असमानता
2. 02:00 नस्लीय हिंसा और 1959-2020 के नक्शे का विश्लेषण
3. 03:39 अपार्थाइड का इतिहास और नेल्सन मंडेला का उदय
4. 05:21 ओरेनिया: वाइट्स-ओनली टाउन और आज की चुनौतियाँ
5. 06:52 जाति पहचान और पासबुक सिस्टम का प्रभाव
6. 09:38 शिक्षा, आर्थिक असमानता और सामाजिक प्रभाव
7. 12:54 आधुनिक साउथ अफ्रीका में नस्लीय विभाजन की जड़ें

Answers

## Questions about this video

साउथ अफ्रीका में अपार्थाइड क्या था?

अपार्थाइड एक नस्लीय भेदभाव का कानूनी सिस्टम था जिसने ब्लैक और वाइट लोगों को अलग किया और ब्लैक लोगों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों से वंचित रखा।

नेल्सन मंडेला ने साउथ अफ्रीका में क्या बदलाव किए?

नेल्सन मंडेला ने 1994 में लोकतंत्र स्थापित किया और अपार्थाइड कानूनों को समाप्त किया, जिससे ब्लैक लोगों को राजनीतिक अधिकार मिले, लेकिन सामाजिक और आर्थिक असमानता पूरी तरह खत्म नहीं हुई।

आज भी साउथ अफ्रीका में नस्लीय असमानता क्यों बनी हुई है?

अपार्थाइड के बाद भी नस्लीय विभाजन के प्रभाव और आर्थिक असमानता गहरी बनी हुई है, कई इलाकों में ब्लैक और वाइट समुदायों के बीच सामाजिक दूरी और संसाधनों की असमानता बरकरार है।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

साउथ अफ्रीका के इस शहर में एक ऐसी इनविज़िबल दीवार है जिसे पार करते ही इंसान 7 साल कम जीता है। वेलकम टू केपटाउन, साउथ अफ्रीका की राजधानी, जहां पर अमीरी दिखती है। पर बराबरी बिल्कुल नहीं। विक्टिमलेचुआ फोर्स्ड इंटू अ कॉफन।

00:20

Speaker A

दे डोंट लाइक वी ब्लक्स। वी डोंट हैव राइट फ्रॉम मेनी थिंग्स। इवन वुमेन स्पिट व्हेन वी वोक बाय। नोमजामो जहां पर 92% ब्लैक अफ्रीकंस रहते हैं। टिन [संगीत] के बने झोपड़े यार कुछ कमरों में 70-80 लोग। 78 बिजली भी चोरी की मिलती है। एक पिछड़ा गरीब

00:52

Speaker A

इलाका ऑन टॉप ऑफ अस दे कनेक्शन। यस, मगर इसके बस कुछ ही मीटर्स दूर स्ट्रैंड जहां पर 83% वाइट्स रहते हैं। आलीशान बंगले बैकयार्ड के साथ। रिसोर्सेज की कोई कमी नहीं, बेहतर जिंदगी, लंबी उम्र। सो हियर इज [संगीत] व्हाट लाइफ लुक्स लाइक

01:10

Speaker A

फॉर मोस्ट वाइट केप्टोनियंस। नाइस सबबन होम्स विथ रनिंग वाटर। [संगीत] प्रोटेक्टेड बाय वाल्स एंड अलार्म सिस्टम्स। सम इवन हैव साइंस स्पेसिफिकली वार्निंग ब्लैक अफ्रीकंस इन देयर लैंग्वेज ऑफ कोसा। ऑफ़ डॉग्स इनविज़िबल दीवार ब्लैक ब्लैक्स एंड वाइट्स इंसानों के इन दो एथनीसिटीज को

01:28

Speaker A

बांटती है। बट ब्लैक्स को इसे पार करना इज प्रैक्टिकली नॉट अलाउड। ऐसे कई एग्जांपल्स हैं। मैनबर्ग और नियांगा हाउबे और इमीजामो येथू। ज़ूम आउट करो इनमें और एक अननेचुरल पैटर्न दिखेगा। ब्लैक वर्सेस वाइट का यह सेग्रगेशन मेस्सी या रैंडम नहीं है।

01:45

Speaker A

सर्जिकल है। जैसे किसी ने मैप पर रूलर रखकर लाइन खींची हो। सिर्फ केपटाउन में नहीं, जोहानसबर्ग, प्रिटोरिया, डरबन, साउथ अफ्रीका में आज भी आपका स्किन कलर तय करता है आपका एड्रेस, आपका एक्सेस और कई बार आपकी उम्र तक।

02:00

Speaker A

इन फोर ईयर ओल्ड किड डेविन वास किल्ड व्हेन अ सीरीज ऑफ बुलेट्स [संगीत] फायरड इनू अ होम। मगर यह सिस्टम कोई नया नहीं है। यह है रीसेंट 2020 का मैप और यह 1959 का मैप। दोनों भी साउथ अफ्रीका का है। 61 इयर्स का

02:21

Speaker A

गैप जिसमें सरकारें बदली, कॉन्स्टिट्यूशन बदल गया। पर एक चीज बिल्कुल नहीं बदली। वाइट्स और ब्लैक्स का क्लियर सेग्रगेशन जिसकी नींव आज से 113 साल पहले एक ऐसे क्रूर कानून ने रखी जिसने इंसानों को जानवर से भी नीचे का दर्जा दिया।

02:38

Speaker A

अकॉर्डिंग टू गड विल द वाइट रेस शुड बी प्रिजर्व एंड नॉट बी अप। यानी जाति और रंग के आधार पर लोगों का लिटरल सेपरेशन। इस रूल को साउथ अफ्रीका की वाइट सुप्रीमिस्ट गवर्नमेंट, द नेशनल पार्टी ऑफ साउथ अफ्रीका ने इनफोर्स किया

02:54

Speaker A

था। ब्लैक्स के लिए अलग स्कूल्स, हॉस्पिटल्स, बीचेस, बसेस, एटीएम्स, यहां तक कि बैठने के बेंचेस भी अलग। यह सारे फैसिलिटीज का एक्सेस वाइट्स के पीछे। काला रंग वो चीज छू नहीं सकता जो सफेद रंग छूने वाला हो। और जब विद्रोह आया, डिलीट मोड

03:09

Speaker A

चालू हुआ। ड्यूरिंग अ थ्री ईयर ब्लड बाथ इन द 1980 लुईफन स्क्व किल्ड एट लीस्ट 39 पीपल इन द साउथ अफ्रीकन सिटी ऑफ ईस्ट लंदन। ऑल ऑफ दी विक्टिम्स वर ब्लड। रंग का भेदभाव इतना बढ़ चुका था कि इसका

03:23

Speaker A

सबसे एक्सट्रीम एक्सप्रेशन बन गया डेथ फ्लाइट्स। कुछ इन्वेस्टिगेटिव अकाउंट्स के मुताबिक यूरोपियन रिजीम ने बगावत कर रहे ब्लैक्स को ड्रग्स से बेहोश करके जहाजों के ऊपर से फेंकना शुरू कर दिया। नो ट्रायल, नो एविडेंस, ब्लैक आइडेंटिटी का डायरेक्ट डिलीशन।

03:39

Speaker A

मेनी पार्ट्स वर्स्ट किलर्स कंट्रोवर्शियली रिलीज आफ्टर सर्विंग रिलेटिवली शॉर्ट सेंटेंसेस। मेन लाइक, निकने [संगीत] मर्डरिंग 100्स ऑफ एक्टिविस्ट। मगर फिर आया साल 1994 और ब्लैक्स के लिए आती है एक राहत की सांस। क्योंकि डेमोक्रेटिकली इ होते हैं प्रेसिडेंट

03:58

Speaker A

नेल्सन मंडेला। पहला मकसद अपार्टाइट लॉस को अबॉलिश करना। वी प्लेज आवरसेल्व्स टू लिबेट ऑल आवर पीपल फ्रॉम द कंटिन्यू बॉन्डेज ऑफ पॉवर्टी, डेप्रिवेशन, सफरिंग, जेंडर एंड अदर डिस्क्रिमिनेशन। पूरा देश, पूरी दुनिया खुश। इवन आज तक नेल्सन मंडेला को हर कोई रिस्पेक्ट करता

04:18

Speaker A

है। मंडेला वास नॉट ओनली अ मैन ऑफ कॉन्शियस, ही वास अ मैन ऑफ एक्शन। ही ऑर्गेनाइज्ड [संगीत] मिलियंस, इंस्पायर्ड मिलियंस, ओनली दोज़ हुव हिम, बट्ट। लाइक टू मी, लाइक मंडेला लाइक इज़ अ हीरो। अलर्ट बिकॉज़ ही एक्चुअली फॉर अस [संगीत]

04:35

Speaker A

एंड आर वी एबल टू रियली गो एनीवे। मगर फिर आज भी 32 इयर्स बाद साउथ अफ्रीका के शहरों में लगी ये मूर्ति को देखो। यह इंसान इतिहास का एक बहुत ही कंट्रोवर्शियल इंसान, हेनरिक वेरवर्ड है। फादर ऑफ हेटाइट।

04:50

Speaker A

जिसके लिए इक्वलिटी एक रिस्क थी और ब्लैक्स का ऑपरेशन सेफ्टी था। उनका मानना यूरोपियन कम्युनिटी में ब्लैक्स का दर्जा सिर्फ एक मजदूर की तरह होना चाहिए। [संगीत] वी सी ग्रेजुअल डेवलपमेंट ऑफ ईच ऑफ आवर ग्रुप्स इन अ सर्टन डायरेक्शन बाय ओपनली

05:05

Speaker A

रिटेनिंग द वाइट मैन गाइडिंग हैंड। मगर साउथ अफ्रीका में इनकी मूर्ति आज भी तैनात है। शहर का नाम ओरानिया, ऑफिशियली अ वाइट्स ओनली टाउन। आज भी 2026 में यहां पर आपको एक भी ब्लैक नहीं दिखेगा क्योंकि शहर में ब्लैक्स की एंट्री बैंड है।

05:21

Speaker A

ओरेनिया वाइट्स ओनली टाउन। ब्लैक पीपल कैन नॉट लिव और वर्क हियर। अ सिस्टम ऑफ रेशियली सेग्रगेटिंग ब्लैक पीपल फ्रॉम वाइट पीपल। इस टाउन के लोग साफ यह कहते हैं कि हम ब्लैक्स के देश में रहने के बावजूद भी

05:34

Speaker A

ब्लैक्स के साथ नहीं रह सकते। एवरीवन हियर इज नॉस्टल्जिक फॉर द अपार्टाइड एंड दे प्राउडली वेयर द सिंबल ऑफ द ओल्ड साउथ अफ्रीका। दैट्स व्हाई आई एम नॉट दैट राइज एनीथिंग बट आय कांट लिव दैट पीपल। आर यू अफ्रेड टू बी इन साउथ अफ्रीका?

05:48

Speaker A

आई एम नॉट अफ्रेड ऑफ एनीथिंग। आई एम रेडी फॉर व्हाटएवर कम्स। साउथ अफ्रीका देश के बाकी के भी वाइट कॉलोनीज में आपको कई ऐसे वार्निंग्स दिख जाएंगे। ब्लैक्स की भाषा में, खोजू में, बवेयर वी हैव डॉग्स, नो ट्रेस पासिंग

06:01

Speaker A

अलाउड। सो क्या 32 साल पहले नेल्सन मंडेला ने ब्लैक्स को जो आजादी दिलाई, क्या वो सिर्फ एक भ्रम था या एक हाइप? यह इंसान अपने कौम की हद के लिए 27 साल जेल में रहे अंडर एक्सट्रीम सरकमस्टेंसेस। वन ऑफ द थिंग्स दैट इज डिफिकल्ट फॉर मी टू

06:18

Speaker A

कॉम्प्रहेंड इज दैट टाइम स्पेंड एट अ लॉन्ग टाइम, दे वेयर पेनफुल मोमेंट्स। इसके बावजूद भी जब उन्हें अपनी आजादी के बदले विद्रोह त्यागने को बोला गया, उनका जवाब इतिहास में अमर हो गया। उन्होंने कहा नेगोशिएशंस सिर्फ आजाद लोग कर सकते हैं।

06:35

Speaker A

कैद में बैठा इंसान कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं कर सकता। ओनली फ्री मैन कैन नेगोशिएट। प्रिजनेस कैन नॉट एंटर इनू इस कैरेक्टर और रेपुटेशन के बाद भी आज भी फिर क्यों साउथ अफ्रीका के कुछ युवाओं का ऐसा मानना है कि नेल्सन मंडेला के पॉलिसीज

06:52

Speaker A

के वजह से ही आज देश में पार्ट नाइट जारी है। आई फाउंड माइसेल्फ वेरी एंग्रेट नेल्सन मंडेला फॉर मेनी इयर्स। मंडेला सेल आउट वाल द रेस्ट ऑफ द [संगीत] मैच्योरिटी ऑफ ब्लैक पीपल हु हैव बीन फाइटिंग इन द

07:03

Speaker A

स्ट्रगल। लाइक मंडेला बीटेड आई वुड से। यस, आई नो दैट वेयर वी सो। सो क्या मंडेला के इरादे वाकई में नेक थे या फिर दुनिया सिर्फ उनका एक ही चेहरा जानती है? [संगीत] मोस्ट साउथ अफ्रीकंस यूनिवर्सिटी इज अनफोर्डेबल एंड दे ब्लेम नेल्सन मंडेला।

07:21

Speaker A

1900 का दौर साउथ अफ्रीका के इतिहास का एक ऐसा दौर, जब एक पेंसिल इंसान की जिंदगी और मौत का फर्क बन सकती थी। 1950 में एक पॉपुलर सूडो साइंटिफिक टेस्ट था जिसमें लोगों की जाति का पता लगाने के लिए एक

07:35

Speaker A

पेंसिल को लेकर बाल में फंसाया जाता था। पेंसिल अगर गिर गई, कांग्रेचुलेशंस, तुम वाइट हो। हॉस्पिटल्स, बीचेस, स्कूल्स सब आपके लिए ओपन। थ्रू अ पेंसिल इनसाइड द हेड, प्रिजनर टोल्ड टू फेस डाउन। इफ इट ड्रॉप्स? ओके, यू कुड बी कलर्ड? इफ इट स्टेज देर नो, यू आर

07:52

Speaker A

नॉट कलर्ड, यू आर ब्लैक। पेंसिल अगर थोड़ी देर रुक जाए और फिर जाकर गिरे तो आप कलर्ड रेस के हो। सेकंड क्लास सिटीजन। बेटर देन ब्लैक बट वर्स देन अ ह्यूमन बीइंग। बट पेंसिल अगर अटक गई तो ब्लैक एक श्राप। सजा

08:06

Speaker A

सिर्फ उस इंसान को नहीं, पूरे परिवार को मिलती। टेलिंग शी [संगीत] इज वाइट। आई एम हर फादर। वी हैव सीन व्हाट वी नीडेड टू सी। यह टेस्ट इतना क्वैक था कि कई बार तो दो भाई अलग जाति में क्लासिफाई हो जाते थे।

08:19

Speaker A

एक भाई देश में आजाद घूम सकता था तो दूसरे को हर वक्त पास दिखाना होता था। यह पास सिस्टम लिटरली एक मोबाइल जेल की तरह था। हम एक ऐसे दौर की बात कर रहे हैं जहां पे आपकी लैंग्वेज तक आपकी आइडेंटिटी डिसाइड

08:30

Speaker A

करती थी। मगर आज लैंग्वेज [संगीत] आइडेंटिटी एक्सपैंड करती है और इसीलिए इंट्रोड्यूसिंग डलिंगो। डलिंगो एक लैंग्वेज लर्निंग एप है जहां पर आप 40 से ज्यादा लैंग्वेज गेमिफाइड तरीके से सीख सकते हो। वो भी बिल्कुल फ्री में। अब डलिंगो ने चेस का फ्री कोर्स लॉन्च कर दिया

08:46

Speaker A

है। हिंदी और इंग्लिश दोनों में। यहां पर चेस सिर्फ गेम नहीं है। स्ट्रेटेजिक थिंकिंग और डिसीजन मेकिंग का ट्रेनिंग टूल है। कोर्स स्टार्ट होता है इजी पजल से और फिर पैटर्न्स, फिर ट्रैप्स और फिर मिनी मैचेस। जैसे-जैसे आप प्रोग्रेस करते हो,

08:58

Speaker A

डिफिकल्टी भी आपके साथ इवॉल्व होती है। एंड द बेस्ट पार्ट ड्यूल का स्ट्रीक सिस्टम, लीडर बोर्ड और क्लीन रिमाइंडर्स। चेस खेलने को एक हैबिट बना देता है। क्योंकि चेस में स्किल्स के साथ कंसिस्टेंसी भी है। अवेलेबल ऑन बोथ

09:10

Speaker A

Android एंड iOS। डू कंसिडर चेकिंग इट आउट। लिंक इज इन द डिस्क्रिप्शन। साल 1952 पास लॉज़ एक्ट के तहत हर ब्लैक इंसान को एक पासबुक कैरी करना कंपलसरी था। एक छोटी सी डायरी जिसमें लिखा होता तुम कौन हो, तुम

09:24

Speaker A

कहां काम करते हो और किस एरिया में रह सकते हो। वाइट्स के एरियाज में सिर्फ काम करने के घंटों तक एंट्री अलाउड। सनसेट के बाद इललीगल। जॉब चली गई, इललीगल। पासबुक घर भूल गए, कानूनी अपराध। हर साल इसी कागज के

09:38

Speaker A

टुकड़े की वजह से 3 से 3.5 लाख लोग जेलों में कैद हो जाते थे। और बाकी के अपने घर।

09:52

Speaker A

पोर्ट और सिटी सेंटर जैसे स्ट्रेटेजिक लोकेशनेशंस के करीब बसा यह शहर [संगीत] ग्रुप एरियाज एक्ट का शिकार बन गया। यहां पर 55,000 लोग ब्लैक्स, कलर्ड, इंडियन, चाइनीस, जइश सारे जाति के लोग एक साथ रहते थे। वाइट्स भी म्यूजिक, जैस, पॉलिटिक्स,

10:08

Speaker A

पोएट्री ये स्लम नहीं कल्चरल पावर हाउस था। यहां के लोग गरीब थे मगर सबूत थे कि अपार्टाइट गलत है और सबूत ही तो सबसे पहले मिटाया जाता है। इसीलिए 11 फरवरी 1966 एक फरमान जारी हुआ। आज से डिस्ट्रिक्ट सिक्स

10:24

Speaker A

डिक्लेयर्ड अ वाइड्स ओनली एरिया। [संगीत] कानून की बस एक लकीर और इंस्टेंटली लाखों लोग बेघर। कैन यू बिलीव दिस? इस पूरे एरिया को बुलडोजर से डिस्ट्रॉय करने के लिए गवर्नमेंट को 11 साल लगे। जिसके बाद वाइट्स को इस प्राइम लोकेशनेशंस पर भारी

10:40

Speaker A

मात्रा में सेटल करवाया गया। मगर डिस्ट्रिक्ट सिक्स तो सिर्फ एक शहर था। पूरे साउथ अफ्रीका में करीब 55,000 लोगों को अपने घरों से जबरदस्ती बाहर निकालकर दूरदराज गांव या दूर के आउटस्कर्ट्स में रीोकेट कर दिया गया। गरीब पिछड़े इलाके

10:55

Speaker A

इकोनमिकली यूज़लेस पपुलेशन 60 टू 70ाउज पीपल आउट देयर होम्स देम बिहाइंड देम। और फिर आया 1953 का सबसे कंट्रोवर्शियल लॉ जिसने मजदूरी को ब्लैक्स के हाथों की लकीर बना दी। बंटू एजुकेशन एक्ट इंट्रोड्यूस्ड बाय अगेन फादर ऑफ एपटाइट हेनरिक वर्ड जो

11:18

Speaker A

ओपनली कहते ब्लैक अफ्रीकंस को साइंस मैथमेटिक्स पढ़ाकर क्या फायदा? उन्हें बनना तो मजदूरी है। यह अब बस सिर्फ नेगलेक्ट नहीं रहा बल्कि सोशियो रेशियल इंजीनियरिंग बन गया। वाइट्स ने अफ्रीका के लीगल, एजुकेशन, इकोनॉमिक और यहां तक कि इंफ्रास्ट्रक्चर को भी इस तरह से डिजाइन

11:37

Speaker A

करना शुरू कर दिया कि आउटपुट ऑलरेडी तय हो गया था। अब स्कूल्स सोच बढ़ाने का नहीं बल्कि सोच रोकने के जरिए बन गए थे। ब्लैक बच्चों को पढ़ाया गया फार्मिंग, कारपेंट्री, ब्रिक लेइंग, डोमेस्टिक वर्क, बेसिक काउंटिंग और लिटरेचर। सिर्फ इतना कि

11:52

Speaker A

इंस्ट्रक्शन समझ सके, ऑर्डर्स फॉलो कर सके। नो एडवांस मैथ्स, नो [संगीत] डीप साइंस, नो क्रिटिकल थिंकिंग। अब एक ही देश में सिस्टमैटिकली दो तरह के दिमाग बनाए जा रहे थे। आखिर क्यों? सवाल यह भी है कि लेबर की इतनी डिमांड आखिर क्यों? वेल साउथ

12:09

Speaker A

अफ्रीका सेटल होने के बाद अट्रैक्टिव बिल्कुल नहीं था। ना क्लाइमेट यूरोप जैसा ना इंफ्रास्ट्रक्चर। वाइट्स आए थे रिसोर्सेज के लिए ट्रेड की सहूलियत के लिए। मगर नजारा उन्हें कुछ और ही दिख रहा था। साल 1652 डच ईस्ट इंडिया कंपनी ने

12:23

Speaker A

साउथ अफ्रीका के सदर्न टिप पर एक स्टॉप बनाया। एशिया जाने वाले शिप्स के लिए फूड, वाटर और रिपेयर हब। इसके 150 साल बाद ब्रिटिश एंपायर ने इस पूरे रीजन को डच से टेकओवर करके नाम दे दिया केप कॉलोनी। डच

12:36

Speaker A

कॉलोनीज चले गए अपवर्ड्स। मगर अब तक भी साउथ अफ्रीका ब्रिटिश एंपायर के लिए फाइनेंशियली कोई बड़ा जैकपॉट नहीं था। बट 1870 में सब कुछ बदल गया। डायमंड्स की माइनिंग शुरू हो गई। साल 1886 गोल्ड की डिस्कवरी और सडनली केप कॉलोनी यूरोपियंस

12:54

Speaker A

की वन ऑफ दी मोस्ट प्रॉफिटेबल कॉलोनीज बन गई जिससे ग्लोबल ट्रेड और इकॉनमी सब बढ़ने लग गया पर एक प्रॉब्लम थी माइनिंग के लिए चाहिए था बहुत ज्यादा चीप लेबर जो लॉन्ग आवर्स तक काम करे गहरे खदानों में जाए और

13:07

Speaker A

सवाल भी ना पूछे बट 1880 के दौरान ब्लैक्स के पास अपनी खुद की जमीन थी अगर काम पसंद नहीं आया तो वापस अपनी जमीन पर चले जाते थे खेती करने के लिए और बस यहीं से वाइट्स के लगाए हुए सभी बेतुके कानून तुक बनाने

13:21

Speaker A

लगते हैं। अब वाइट्स का मकसद बन गया ब्लैक्स की जमीन छीनकर उन्हें लैंडलेस बनाओ। इकोनॉमिक ज़ोंस या मेजर सिटीज के आउटस्कर्ट्स [संगीत] में उन्हें बसाओ। उनकी वेल्थ, प्रॉपर्टी, जमीन की वैल्यू को आर्टिफिशियली डिप्रिशिएट करो। उन्हें गरीब रखो। और फाइनली एजुकेशन में भी सिर्फ

13:37

Speaker A

बेसिक स्किल्स सिखाओ ताकि वो मजबूर हो जाए मजदूर बनने के लिए और वाइट्स पर टोटली डिपेंडेंट होने लगे। अपार्टाइट रेसिज्म के इमोशनल एक्सप्रेशन से ज्यादा कैपिटलिज्म का लेबर मैनेजमेंट डिजाइन था जो काफी प्रॉफिटेबल रहा। द अफ्रीकंस वांटेड टू सेल देयर लेबर। इट

13:55

Speaker A

वास अ नेचुरल थिंग दैट द आउटसाइड वर्ल्ड शुड गेट इनवॉल्वड। इस दौर में 87% जमीन वाइट्स की। स्टॉक एक्सचेंज पर 77% शेयर्स ऑलमोस्ट सारी माइंस वाइट ओड थी। ब्लैक्स अपने ही देश में सिर्फ मजदूर बनके रह गए। और जब

14:10

Speaker A

विद्रोह उठा, गोलियां चली, प्रोटेस्ट हुए, लाशें गिरी और जब लोग सबूत बनकर सामने आने लगे, उन्हें समुंदर में फेंकना शुरू कर दिया गया। साउथ अफ्रीका के यह ब्रूटल मास किलिंग्स प्रूफ थे कि जब प्रॉफिट और इकोनॉमिक्स दावफ पर हो, इंसान इंसानियत

14:25

Speaker A

भूल जाता है। यह लड़ाई रेसिज्म या वाइट सुप्रीमेसी से कई ज्यादा गहरी है। यह पावर और इकोनॉमिक कंट्रोल के भूख की कहानी है। जिसने शहरों का डिजाइन और [संगीत] लोगों की सोच का डीएनए तक लिख दिया। यह अत्याचार कई सालों तक चला। बट फिर 1976

14:42

Speaker A

में खींची गई इस एक तस्वीर ने ब्लैक अफ्रीकंस की तकदीर खोल दी। सोबेटो शहर साउथ अफ्रीका गवर्नमेंट का एक नया ऑर्डर। अब से सभी ब्लैक बच्चे अफ्रीकंस लैंग्वेज में पढ़ेंगे। अफ्रीकंस यानी गोरों की भाषा और प्रेसर्स की भाषा। विद्रोह आना जायज

14:58

Speaker A

था। स्टूडेंट सड़कों पर निकले। हाथों में पत्थर नहीं, किताब थे। मगर पुलिस का जवाब गोलियां। मासूम बच्चों पर ओपन फायर। इसी दौरान एक 13 साल का बच्चा हेक्टर पीटरसन अपनी जान बचाकर भागने ही जा रहा था कि पुलिस ने उस

15:13

Speaker A

पर पॉइंट ब्लैंक गोली चला दी। हेक्टर फ्लोर पर कोलैप्स्ड। एंबुइसा मखूबो एक स्टूडेंट ने हेक्टर के बेजान शरीर को उठाया और तभी ही एक जर्नलिस्ट एनजीमा ने इसका फोटो खींच लिया। यह फोटो प्लंड नहीं था। इंस्टिंक्ट था। मगर इसने इतिहास बना

15:31

Speaker A

दिया। फोटो न्यूज़पेपर्स में छपा। टीवी पर आया। यूनिवर्सिटीज, चर्चेस, मीडिया से देशों के गवर्नमेंट्स तक पहुंचा और फिर शुरू हो गया ग्लोबल प्रेशर। सब एक ही डिमांड पर आ गए। नो बिजनेस विपार्थ क्वाइटिंग बाय द वेस्टर्न साउथ अफ्रीकाली

15:48

Speaker A

इनफेक्टिव टाइम नाउ टू ट्रैट्स एंड स्टिक्स देनी होपिक्रंटेशन। 1980 के मिड तक इंटरनेशनल बैंकों ने लोंस देने तक से इंकार कर दिया। यूएस और यूरोपियन कंपनीज ने साउथ अफ्रीका से इन्वेस्टमेंट्स पुल आउट करना शुरू कर दिया। स्टॉक मार्केट शेकी हो गए और देश की

16:08

Speaker A

करेंसी रैंड गिरने लग गई। गिरती इकॉनमी को देखकर साउथ अफ्रीका में बसे वाइड बिजनेसमैन से भी इंटरनल प्रेशर्स बढ़ने लगे। इसी दौर तक नेल्सन मंडेला की पार्टी एनसीबी सिर्फ एक प्रोटेस्टकर्ता ग्रुप नहीं बल्कि एक पैरेलल पॉलिटिकल सिस्टम बन

16:23

Speaker A

चुकी थी। स्ट्राइक्स, बॉयकॉट्स, यूथ रेडिकलाइजेशन, आर्म्ड अटैक्स शुरू हो चुके थे। बाहर से सेंशंस, अंदर से रिबेलियन इस डबल स्क्वीज़ ने वाइट्स को मजबूर कर दिया फाइनली नेगोशिएशन टेबल पर आने के लिए। नेल्सन मंडेला के सामने। मगर यहीं आता है

16:41

Speaker A

वो पल जहां नेल्सन मंडेला पर सबसे गहरे इल्जाम लगते हैं। इकोनमिक हिस्टोरियन सैंपी टेरेबल। इसे कहते हैं द एलट कॉम्प्रोमाइज। साउथ अफ्रीका के इतिहास का सबसे बड़ा समझौता। मंडेलास ड्रीम ऑफ अ रेनबो नेशन हैज़ बीन अ बिटर डिसपॉइंटमेंट।

16:59

Speaker A

2026 प्रेजेंट डे साउथ अफ्रीका। इमेजिन करो आप अपनी ड्रीम गवर्नमेंट जॉब में सिलेक्ट हो जाते हो। मगर दूसरे दिन फाइल ओपन करते ही आपको दिखता है आपका नाम एक पेन से कट और बगल में लिखा है एक दूसरा

17:12

Speaker A

नाम। रीज़न आपका स्किन कलर। यह इकलौता किस्सा नहीं डाटा है। साउथ अफ्रीका में आज भी एग्जीक्यूटिव मैनेजमेंट में वाइट्स 66% है। ब्लैक्स इससे पांच गुना कम, सिर्फ 14% जबकि ब्लैक्स की पपुलेशन 80% है और वाइट्स की सिर्फ 8%।

17:29

Speaker A

अ न्यू रिपोर्ट सजेस्ट बिगेस्ट कंपनी डिस्क्रिमिनेटिंग अगेंस्ट ब्लैक जॉब एप्लीकेंट्स। अनस्किल्ड लेबर में इसका एग्जैक्ट उल्टा है। ब्लैक से 83% और वाइट्स सिर्फ 1%। हाफ मिलियन साउथ अफ्रीकंस हु आर एन एजुकेटेड। कांट फाइंड देमसेल्व्स मीनिंगफुल एंप्लॉयमेंट। सैलरी वाइट हाउसहोल्ड्स की इनकम ब्लैक से

17:49

Speaker A

तीन गुना ज्यादा सेम एजुकेशन के बाद भी। 1913 में नेटिव्स लैंड एक्ट, 1950 में ग्रुप एरियाज एक्ट। इन कानूनों ने लिटरली ब्लैक से जमीनें छीन ली और वाइट्स को दे दी। ब्लैक्स देश के सिर्फ इन कोनों में ही

18:03

Speaker A

कैद हो गए। अब ये सब कहानी आपने जान ली। लेकिन आज 30 साल बाद क्या बदला? मैप्स में साफ दिखता है 90% ब्लैक साउथ अफ्रीकंस आज भी वहीं रहते हैं जहां अपार्टाइट ने उन्हें फोर्सफुली बसाया। आज भी 7 से 8%

18:16

Speaker A

पपुलेशन ऑफ वाइट्स के पास 72% लैंड है मगर 80% ब्लैक्स के पास सिर्फ 4% लैंड है। हेल्थ केयर, एजुकेशन, बेसिक सर्विसेस, रंग को लेकर किया गया भेदभाव आपको आज भी दिखेगा। यू आर कैपेबल ऑफ़ डूइंग द जॉब दे कांट गिव

18:30

Speaker A

द जॉब टू बिक डोंट गिव आउट जॉब टू ब्लैक पीपल। इवन इफ यू हैव क्वालिफिकेशन। इनफैक्ट ब्लैक अफ्रीकंस तो ऑन एन एवरेज आज वाइट से 7 साल कम जी रहे हैं। इसके पीछे की वजह बताता हूं। 1990 अपार्टाइट गिरने

18:44

Speaker A

वाला था। वाइट एलट्स, बिजनेसमैन, [संगीत] लैंड ओनर्स सब पैनिकिक में और तब होती है नेगोशिएशन की शुरुआत। नेल्सन मंडेला और उनकी पार्टी एंड सी का शुरुआत से बस दो ही एजेंडास थे। लैंड का रिस्ट्रीब्यूशन क्योंकि जैसे मैंने बताया 80% ब्लैक्स के

18:59

Speaker A

पास सिर्फ 4% जमीन थी। दूसरा एजेंडा नेशनलाइजेशन ऑफ माइंस। साउथ अफ्रीका का असली पैसा शहरों में नहीं बल्कि जमीन के नीचे था। गोल्ड, डायमंड्स, प्लैटिनम जिन पैसों से वाइट्स प्रॉफिट कर रहे थे। यह डिमांड्स इमोशनल नहीं, स्ट्रक्चरल करेक्शन

19:17

Speaker A

थे। पॉलिटिकल फ्रीडम के साथ इकोनॉमिक इंडिपेंडेंस का ब्लूप्रिंट था। मगर 1994 में ने खुद ही एक अनएक्सेक्टेड अनाउंसमेंट कर दिया। एएनसी पावर में आने के बाद ना तो वाइट लैंड ओनर्स का जमीन ज्त करेगी और ना ही प्राइवेट इंडस्ट्रीज या माइंस को

19:34

Speaker A

नेशनलाइज करेगी। उन्होंने यह तक कह दिया कि वाइट यूरोपियंस पर अगर कोई ब्लैक अफ्रीकन वायलेंट अटैक करता है या रेशियल रिवेंज लेता है तो कानून उसे सजा देगा। बोथ ब्लैक एंड वाइट विल बी एबल टू विथ आउट एनी फियर इन देयर हार्ट।

19:49

Speaker A

सुनने में यह काफी सस्िशियस लग रहा होगा। मगर 1990 का ग्लोबल डायनामिक्स को समझ लो पहले। साउथ अफ्रीका एक क्लोज्ड इकॉनमी नहीं था। 1994 तक अफ्रीकन माइनिंग सेक्टर ग्लोबल इन्वेस्टर्स पर हेवीली डिपेंडेंट था। करेंसी रैंड भी ऑलरेडी काफी फ्रजाइल

20:06

Speaker A

थी और देश भी फॉरेन कैपिटल पर ही चल रहा था। मेंडेला को एक चीज क्लियर दिख रही थी। नेशनलाइजेशन का मतलब होता इंस्टेंट कैपिटल विथड्रॉवल और क्योंकि तब वाइट कंपनीज़ का ओनरशिप शेयर 99% था। मेंडेला जानते थे अगर

20:21

Speaker A

पैसा गया तो नया साउथ अफ्रीका जन्म लेने से पहले ही कोलैप्स हो जाएगा। दूसरी बात अगर बिजनेसेस पर कॉन्फिसिकेशन या नेशनलाइजेशन का खतरा दिखता तो फ्यूचर में भी ग्लोबल इन्वेस्टर्स साउथ अफ्रीकन इकॉनमी में इन्वेस्ट नहीं करते। इसी इकोनॉमिक कोलैप्स के रिस्क ने मेंडेला

20:39

Speaker A

गवर्नमेंट को एक और समझौते के लिए मजबूर कर दिया। यह है साउथ अफ्रीका के प्रॉपर्टी राइट्स का लॉ। सेक्शन 25 का सब सेक्शन से में क्लियरली लिखा गया है अपार्थेड के दौरान ब्लैक से छीनी हुई जमीन या तो वापस

20:53

Speaker A

मिलेगी या उसका कंपनसेशन दिया जाएगा। मगर लॉ यह भी क्लियरली कहता है सरकार किसी भी जमीन को तभी एक्वायर कर सकती है जब जस्ट एन एक्विटेबल कंपनसेशन दिया जाए। अब पेपर पे तो यह एक नए साउथ अफ्रीका का ख्वाब था।

21:08

Speaker A

मगर रियलिटी में यहीं से अपार्ट्राइट का लैंड सेपरेशन सिस्टम लॉक हो गया। ब्लैक्स का अपनी-अपनी जमीनों पर वापस जाना लैंड रिफॉर्म लॉ से पॉसिबल तो था पर इकोनॉमिक्स से बिल्कुल इंपॉसिबल। जस्ट एन एक्विटेबल कंपनसेशन के क्लॉज़ की वजह से। और इसीलिए

21:26

Speaker A

आज भी वाइट्स और ब्लैक्स वही जमीनों पर रहते हैं जो अपार्टाइट ने उन्हें असाइन की थी। मेंडेला गवर्नमेंट का दूसरा मकसद था सिविल वॉर को अवॉइड करना। उन्हें पता था कि अगर गवर्नमेंट वाइट्स की जमीनों को जब्त करना शुरू कर देगी, आर्म रेजिस्टेंस

21:40

Speaker A

स्टार्ट हो सकता है। साउथ अफ्रीका में वाइट मिलेशियास ऑलरेडी मोबिलाइज थे। स्टेट आर्मी एंड पुलिस अब भी फुल्ली ट्रांसफॉर्म नहीं थी और इसीलिए उन्होंने स्टेबिलिटी को जस्टिस से ऊपर रखा और लैंड लॉस को इंटेंशनली सॉफ्ट छोड़ा। पर सेक्शन 25 का

21:55

Speaker A

यही सॉफ्ट क्लॉज़ जस्ट एन इक्विटेबल कंपनसेशन वाइट लैंड ओनर्स का सबसे बड़ा और हार्ड शील्ड बन गया। वाइट्स ने बोला अगर मार्केट प्राइस नहीं मिलेगी हम कोर्ट जाएंगे। 2018 में गवर्नमेंट ने दो वाइट ओनड फार्म्स एक्वायर करना चाहा। ऑफर 20

22:11

Speaker A

मिलियन रैंड ओनर्स कोर्ट गए केस जीता और बाद में वही जमीन 80 मिलियन रैंड में बेची। 2010 के बाद केपटाउन के लैंड प्राइसेस 160% से ज्यादा बढ़ गए। लोग तो वैसे ही गरीब थे। मगर मेंडेला गवर्नमेंट ब्लैक्स के लिए हाउसिंग डेवलप करना चाहती

22:27

Speaker A

थी। बट एक डबल लॉक था। जमीन महंगी होते गई और माइंस नेशनलाइज नहीं हुए। रिजल्ट गवर्नमेंट के पास लैंड भी नहीं था और कैपिटल भी नहीं बचा। टारगेट था 2014 तक 30% लैंड को एक्वायर करना फॉर ब्लैक्स। मगर इसके लिए गवर्नमेंट सिर्फ 0.4% बजट ही

22:44

Speaker A

एलोकेट कर पाई। जितने में अनफॉर्चूनेटली सिर्फ 8% लैंड ही एक्वायर हो पाया। और इसीलिए आज भी 87% एग्रीकल्चरल लैंड वाइट ओंड है और मेजॉरिटी ब्लैक्स लैंडलेस है। मेंडेला ने स्टेट तो जीत लिया पर वही पुराना रेसिस्ट सिस्टम इन्हहेरिट किया और

23:03

Speaker A

जो सिस्टम इन्हहेरिट होता है वो आपको उतनी ही पावर देता है जितना उसके डिजाइन में अलाउड है। और इसीलिए मंडेला के पास सिर्फ दो ही ऑप्शंस बचे। एक रेवोल्यूशन जिसका मतलब था शॉर्ट टर्म कोलैप्स एंड मे बी लॉन्ग टर्म बेनिफिट। और दूसरा ऑप्शन था

23:18

Speaker A

कॉम्प्रोमाइज जिसका मतलब था लॉन्ग टर्म स्टेबिलिटी और उन्होंने दूसरा ऑप्शन चुना स्टेबिलिटी का और यहीं पर हमारा सबसे बड़ा भ्रम टूटता है। अपार्टाइट का असली काम सिर्फ कानून बनाना नहीं था। वाइट मैन उसका काम था इनकलिटी को जमीन, लेबर,

23:38

Speaker A

एजुकेशन [संगीत] और इकॉनमी के स्ट्रक्चर में एनकोड कर देना। व्हेन यू लुक एट इट इन इकोनमिकल पर्सेक्टिव पीपल जस्ट वांट जॉब्स [संगीत] वी कांट एक्चुअली अफोर्ड टू छ नंबर ऑफ़ पीपल हु आर अनइंप्लॉयड इज हाई देन इट वाज़ इन 1994 द

23:54

Speaker A

एंड ऑफ़ अपार्टाइट 1994 में कानून खत्म हुआ पर डिज़ाइन आज भी जिंदा है। अपार्टाइट ने लोगों को सिर्फ अलग नहीं किया। उसने शहरों का डीएनए लिख दिया और इसीलिए आज लीगल अपार्टाइट तो गया मगर स्पेशियल इकोनॉमिक और कॉग्निटिव

24:10

Speaker A

अपार्टाइट बच गया एक डिज़ एक स्ट्रक्चर के रूप में एक सिस्टम बनकर और ऐसे इनकलिटी वाले सिस्टम्स सबसे ज्यादा स्टेबल होते हैं क्योंकि इस सिस्टम को वायलेंस की जरूरत नहीं जब उसके [संगीत] आउटकम्स ये ऑटोमेट हो चुके हो। साउथ अफ्रीका में आज

24:26

Speaker A

भी रेस और कलर का क्लियर सेग्रगेशन पुलिस के बिना चल रहा है। हेट के बिना चल रहा है। वायलेंस के बिना चल रहा है। सिर्फ इनर्शिया के साथ। आज वहां पर पास्ट लॉस की जरूरत नहीं है। जब स्पेशियल सेपरेशन वही

24:39

Speaker A

काम कर रहा है। हाथ उठाकर मजदूर बनाने की जरूरत नहीं है। जब इनकम डिफरेंस वही काम कर रहा है। जान से मारने की जरूरत नहीं है। जब सिस्टम ही धीरे-धीरे उन्हें कमजोर और पावरलेस [संगीत] बना रहा है। साइको अंडरस्टैंडिंग यह है कि

24:54

Speaker A

आज का साउथ अफ्रीका ब्रोकन नहीं। वो एकजेक्टली वैसे ही फंक्शन कर रहा है जिसके लिए वो डिजाइन है। बिफोर लीविंग डू कंसीडर चेकिंग आउट डुलिंगो लिंक इज इन द डिस्क्रिप्शन।

Topics: साउथ अफ्रीका अपार्थाइड नेल्सन मंडेला नस्लीय भेदभाव केपटाउन जाति विभाजन ओरेनिया सेग्रगेशन पासबुक सिस्टम सामाजिक असमानता


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