**Human Eye and the Colourful World 🔥| CLASS 10 Science | NCERT Covered| Prashant Kirad — Transcript & Summary | SozAI**
Source: https://sozai.app/transcript/human-eye-colourful-world-class-10-science/

यह वीडियो ह्यूमन आई और रंगीन दुनिया पर विस्तार से चर्चा करता है, जिसमें आंख के संरचना और कार्य को सरल भाषा में समझाया गया है।

## Key Takeaways

- ह्यूमन आई शरीर का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अंग है जो दुनिया को देखने में मदद करता है।
- आंखों की फ्रंट फेस पर होने से हमें चौड़ा और थ्री-डायमेंशनल व्यू मिलता है।
- कॉर्निया, आइरिस, प्यूपिल, लेंस, सिलरी मसल, रेटिना और ऑप्टिकल नर्व आंख के मुख्य हिस्से हैं।
- रेटिना पर उल्टी इमेज बनती है जिसे ब्रेन ऑप्टिकल नर्व के जरिए सीधा करता है।
- सिलरी मसल लेंस के आकार को नियंत्रित करता है जिससे हम दूर और पास की वस्तुएं देख पाते हैं।

## What the video covers

- वीडियो में ह्यूमन आई की संरचना और उसकी कार्यप्रणाली को स्टोरीटेलिंग के माध्यम से समझाया गया है।
- आंख के विभिन्न हिस्सों जैसे कॉर्निया, एक्वस ह्यूमर, आइरिस, प्यूपिल, क्रिस्टलाइन लेंस, सिलरी मसल, विट्रस ह्यूमर और रेटिना का विवरण दिया गया है।
- आंखों के फ्रंट फेस पर होने के कारण मिलने वाले फायदे जैसे वाइड फील्ड ऑफ व्यू और थ्री डायमेंशनल व्यू समझाए गए हैं।
- लेंस के मोटा और पतला होने की प्रक्रिया और इसे नियंत्रित करने वाले सिलरी मसल की भूमिका पर चर्चा की गई है।
- रेटिना पर उल्टी इमेज बनने और ऑप्टिकल नर्व के माध्यम से ब्रेन तक सूचना पहुँचने की प्रक्रिया बताई गई है।
- वीडियो में एनर्जी और जोश मीटर के माध्यम से विद्यार्थियों को मोटिवेट करने की कोशिश की गई है।
- साइंस के कांसेप्ट को मजेदार और समझने योग्य तरीके से पढ़ाने पर जोर दिया गया है।
- अधिकांश महत्वपूर्ण प्रश्नों और कॉन्सेप्ट को विस्तार से समझाने का प्रयास किया गया है।
- वीडियो हिंदी भाषा में है और कक्षा 10 के NCERT साइंस सिलेबस के अनुरूप है।
- आंखों और रंगीन दुनिया के विषय को एक साथ पढ़ाने का प्रयास किया गया है।

## Chapters

1. 00:00 परिचय और ह्यूमन आई का महत्व
2. 04:10 आंख के मुख्य हिस्से और उनकी भूमिका
3. 07:47 कॉर्निया और एक्वस ह्यूमर का कार्य
4. 12:07 प्यूपिल, आइरिस और लेंस की संरचना
5. 20:04 सिलरी मसल और लेंस के आकार का नियंत्रण
6. 26:48 रेटिना और ऑप्टिकल नर्व का कार्य
7. 33:41 आंखों की विशेषताएं और जोश मीटर
8. 40:32 आंखों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

Answers

## Questions about this video

आंखें हमारे चेहरे के सामने क्यों होती हैं?

आंखें चेहरे के सामने इसलिए होती हैं ताकि हमें वाइड फील्ड ऑफ व्यू और थ्री डायमेंशनल व्यू मिल सके, जिससे हम बेहतर तरीके से अपने आस-पास की दुनिया देख पाते हैं।

सिलरी मसल का क्या कार्य है?

सिलरी मसल लेंस के आकार को मोटा या पतला करता है, जिससे हम दूर या पास की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख पाते हैं।

रेटिना पर इमेज उल्टी क्यों बनती है?

लेंस एक कॉन्वेक्स लेंस होता है जो प्रकाश को मोड़ता है, इसलिए रेटिना पर इमेज उल्टी बनती है। इसे ऑप्टिकल नर्व के माध्यम से ब्रेन सीधा कर देता है।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

उसको देखा मैंने चांदनी रात। उसको देखा मैंने चांदनी रात। उसकी आंखों में थी कुछ बात। तो चलिए इसी बात पे आज पढ़ते हैं ह्यूमन आई एंड कलरफुल वर्ल्ड। वो भी एक साथ। सो हाय एवरीवन, मैं हूं आप सभी का

00:16

Speaker A

अपना प्रशांत भैया और आज हम पढ़ने वाले हैं ये आंखें और यह रंगीन दुनिया यानी ह्यूमन आई एंड कलरफुल वर्ल्ड वो भी वन शॉट के अंदर। यानी अगले डेढ़ घंटे के अंदर ये पूरा चैप्टर मैं आपको पढ़ाऊंगा डिटेल में।

00:29

Speaker A

उसके साथ-साथ जितने भी मोस्टेंट क्वेश्चंस हैं वो तक तुम्हें पढ़ाऊंगा, समझाऊंगा, एक-एक कांसेप्ट को फील कराऊंगा। ठीक है?

00:37

Speaker A

ये लेक्चर रटाने वाला लेक्चर नहीं है। तुम एंजॉय करोगे, मजे से पढ़ोगे और तुम्हें बहुत मजा आने वाला है। ठीक है? नोट्स वगैरह मिल जाएंगे। उसकी तुम्हें चिल लेना है। ज्यादा टेंशन नहीं लेनी है। अभी हम स्टार्ट करते हैं आंखों के साथ। सबसे पहले

00:49

Speaker A

बात करेंगे ये आंखें और फिर बात करेंगे ये रंगीन दुनिया यानी ये कलरफुल वर्ल्ड। और पहले बता दो जोश मीटर कैसा है? एनर्जी मीटर कैसा है? जोश मीटर 1000 है, 10,000 है, 1 लाख है, कितना है? क्योंकि तुम्हारे

01:02

Speaker A

मास्टर का देखो जोश मीटर बहुत तेज है। तो तुम्हारा भी रहना चाहिए भैया। चलिए सबसे पहले देखते हैं। हूस आईज आर दीज़? ओहो ये आंखें ये आंखें तो मेरी है भाई। ये तो मैं हूं तुम्हारा अपना पीके भैया। ठीक है? तो

01:14

Speaker A

ये आंखें तो मेरी है। ये पता नहीं कौन है। ये कोई एक्टर लग रहा है। है ना? तो आंखें जो हैं इन आंखों के अंदर चलते हैं। है ना?

01:21

Speaker A

इन बेटा बहना नहीं है पूरे लेक्चर के अंदर। साइंस की मदद से पढ़ने वाले हैं कि इन आंखों के अंदर क्या होता है। तो चलिए एक-एक करके पढ़ते हैं। पहले ये देखते हैं कि ह्यूमन आई है क्या? तो देखो भाई ह्यूमन

01:31

Speaker A

आई ना सबसे इंपॉर्टेंट ऑर्गन होता है हमारी बॉडी का मोस्ट सेंसिटिव एंडेंट ऑर्गन। क्यों? क्योंकि इसी की मदद से तुम दुनिया को देख पाते हो। अगर आंख नहीं होगी तो शायद तुम शायद नहीं ऑब्वियस सी बात है। तुम दुनिया को बिल्कुल नहीं देख पाओगे।

01:44

Speaker A

ठीक है? अनेबल्स अस टू सी दी वर्ल्ड एंड पर्सव कलर। उसके साथ-साथ ये जो आंख है ना इससे लिंक्ड है और भी बहुत सारी चीजें जैसे स्मेल, टेस्ट हां ये सारी चीजें लिंक्ड होती हैं आपकी आंखों के साथ। ठीक

01:57

Speaker A

है? तो आई बहुत इंपॉर्टेंट है। उसके अलावा सवाल बार-बार पूछा जाता है कि यार ये बताओ हमारे फ्रंट फेस पे अगर आप ध्यान से देखोगे हमारी जो आंखें होती हैं वो फ्रंट पे होती हैं। है ना? यहां पर होती हैं।

02:08

Speaker A

पीछे क्यों नहीं होती? एक इधर, एक इधर क्यों नहीं होती? इमेजिन कर एक आंख यहां है। एक आंख यहां है। हैं? क्या दिखेगा?

02:14

Speaker A

समझ लो ऐसे क्यों नहीं होती? फ्रंट फेस पे क्यों होती है? बताओ, बताओ। मैं बताता हूं दो रीज़न क्या हैं? दो एडवांटेजेस क्या हैं? पहली एडवांटेज है इट गिव्स अ वाइड फील्ड ऑफ व्यू। यानी आप देखो ऐसे अपनी आंख

02:27

Speaker A

करो। इसको ऐसे करो। इसको ऐसे करो। इसको ऐसे करो। इसको करो। कितना लंबा तुम देख सकते हो। वाइडर व्यू तुम्हें दे रहा है। दूसरी चीज़ इट प्रोवाइड्स थ्री डायमेंशनल व्यू। यानी ऊपर नीचे। राइट, लेफ्ट। ऊपर नीचे, राइट, लेफ्ट, ऊपर, नीचे, राइट। आगे ऐसे घूमती है

02:42

Speaker A

ना? ओ हिप्नोटाइज कर रहा हूं मैं तुम्हें। ठीक है? हां। तो ये दो बड़ी इंपॉर्टेंट चीजें हैं। एक तो वाइडर व्यू देता है और क्या देता है? थ्री डायमेंशनल व्यू देता है। अब फटाफट से बढ़ते हैं स्ट्रक्चर ऑफ आई

02:51

Speaker A

की तरफ कि आंखों का स्ट्रक्चर क्या होता है? ठीक है? अब देखते हैं एक-एक करके इन सारे स्ट्रक्चर को डिटेल में। देखो मैं ना तुम्हें एक स्टोरी की मदद से समझा दूंगा बेटा। अगर तुमने वो कहानी को ढंग से समझ

03:00

Speaker A

लिया ना, तो तुम्हें मजा आ जाएगा, फील आ जाएगा। ठीक है? अब देखो, इस कहानी को स्टार्ट करते हैं बेटा एक-एक करके। सबसे पहले आते हैं आंख। ये पूरी की पूरी क्या है? आई बॉल। आई बॉल कहां होती है? आंख के

03:11

Speaker A

अंदर। आई बॉल पूरी की पूरी। ठीक है? अच्छा अब इसको इमेजिन करेंगे। ये आंख नहीं है। ये घर है। एकदम अमीर सा घर है। तो जब तुम एक घर में एंट्री लेते हो तुम्हें क्या मिलता है? एक गेट मिलता है गेट। ठीक है?

03:24

Speaker A

तो सबसे पहले आंख में क्या मिलेगा? एक गेट मिलेगा। एक दरवाजा मिलेगा। उस दरवाजे का नाम क्या है बेटा? उस दरवाजे का नाम होता है ध्यान से देखना। ये जो दरवाजा है इसको हम बोलते हैं क्या? कॉर्निया। क्या बोलते

03:35

Speaker A

हैं? कॉर्निया। ये एक ऐसा दरवाजा है जो कि क्या करता है? लाइट की एंट्री करवाता है अंदर। और इसका एक और काम है लाइट को रिफ्रेक्ट कराना यानी बेंड करवाना। लिखवा दूंगा। तुम टेंशन मत लो। अभी समझो। ठीक

03:46

Speaker A

है? अब घर के अंदर एंट्री हो गई। इमेजिन करते चलूंगा। अब इमेजिन करो। एक अमीर सा घर है जिसके फ्रंट में स्विमिंग पूल है बहुत बड़ा। यार भैया मजा ही आ जाएगा। बेटा इतनी मेहनत करनी है कि तुम्हारा घर भी एक

03:56

Speaker A

दिन ऐसा दिखे। ये मोटिवेशन है। इतनी बढ़ाई करो। ठीक है? तो अंदर आए। बड़ा सा स्विमिंग पूल दिखा। सिमिलरली आंख के दरवाजे के बाद यहां पर एक लिक्विड सब्सटेंस होता है। ये जो तुम देख पा रहे हो ये पूरा का पूरा लिक्विड सब्सटेंस होता

04:10

Speaker A

है यहां पर जिसको हम बोलते हैं क्या? एक्वस ह्यूमर। एक्वस ह्यूमर क्या करता है?

04:13

Speaker A

एक्वस ह्यूमर इसको सपोर्ट प्रोवाइड करता है। इसके बारे में भी डिटेल में पढ़ेंगे। अब मान लो तुम घर के अंदर घुस रहे थे। अब घर का एक छोटा वाला दरवाजा होता है और छोटे वाले दरवाजे के अगल-बगल में दो

04:24

Speaker A

बॉडीगार्ड खड़े हैं। हां जी। कहां जाना है आपको? किससे मिलना है? तो सिमिलरली लाइट जब अंदर जाती है मान लो यहां से लाइट अंदर जा रही है तो ये दो बॉडीगार्ड हैं। ये साइड में दो बॉडीगार्ड हैं। आप ये देख

04:35

Speaker A

सकते हो दो बॉडीगार्ड और बीच में एक छेद होता है। ये बीच में एक छेद होता है। इस छेद को हम बोलते हैं क्या? प्यूपिल। है ना? दरवाजा क्या है? प्यूपिल। और जो दो बॉडीगार्ड तुम देख पा रहे हो ये कौन है?

04:45

Speaker A

ये आइरिस है। अच्छा अब ये बताओ आइरिस क्या करेगा? अरे बॉडीगार्ड क्या करते हैं?

04:50

Speaker A

ओपनिंग एंड क्लोजिंग। है ना? वो ये बोलेंगे ना कि भाई अंदर आजा। नहीं बाहर चला जा। यानी इस प्यूपिल को कंट्रोल कौन करेगा? आइरिस करेगा। हां। तो याद रखना एक दरवाजा है। आइरिस है। ठीक है? अब मैं और

05:02

Speaker A

अंदर घुसा। जब मैं और अंदर घुसा ना तो पता है मुझे क्या दिखा? मुझे एक बड़ी सी लेंस दिखाई दी। घर के अंदर एक बड़ा सा लेंस था। क्रिस्टलाइन लेंस था। तो सिमिलरली क्या होता है कि आपकी आंखों के अंदर होता है एक

05:15

Speaker A

लेंस। और इस शेप को देखकर तुम बता सकते हो ये शेप कौन सी है? ये कौन सा लेंस है?

05:19

Speaker A

बताओ भाई। ये कौन सा लेंस होता है बेटा? कॉन्वेक्स लेंस होता है यार। ठीक है? अब ये लेंस हो गया यार। बहुत बढ़िया। अब इस लेंस को ना कोई कंट्रोल कर रहा है। दो मसल हैं जो कि इसको कंट्रोल कर रहे हैं। और उन

05:30

Speaker A

मसल का क्या नाम है? ये एक मसल यहां पर है और एक मसल यहां पर है। ये जो दो मसल तुम देख पा रहे हो इनको हम बोलते हैं क्या?

05:36

Speaker A

इनको हम बोलते हैं सिलरी मसल। इसको और इसको क्या बोलते हैं? सिलरी मसल। सिलरी मसल क्या करते हैं? लेंस के साइज को कंट्रोल करते हैं। मान लो ये लेंस है। एक सिलरी मसल ऊपर, एक नीचे। अब मान लो मुझे

05:49

Speaker A

लेंस को मोटा करना है तो क्या करूंगा मैं? टुन टुन टुन टुन टुन टुन टुन लेंस मोटा हो गया। अब मुझे लेंस को पतला करना है। टुन टुन टुन टुन टुन टुन टुन लेंस पतला हो गया। यानी लेंस को मोटा या पतला कौन

06:01

Speaker A

करेगा? सिलरी मसल। सिलरी मसल क्या है? लेंस का पापा है। कंट्रोल कर रहा है उसको। ठीक है? बहुत बढ़िया। अब मैं जा रहा था इस घर के अंदर। है ना? मुझे लेंस वगैरह सब दिख गया। और एंड में मैंने देखा कि उस घर

06:13

Speaker A

के लास्ट में बड़ी-बड़ी स्क्रीनस लगी हुई थी। एकदम बड़ी-बड़ी स्क्रीन जहां पर लोग पिक्चर वॉचर देखते हैं। सिमिलरली सिमिलरली अगर आप यहां देखोगे तो आंखों के लास्ट में होती है एक स्क्रीन जिस पे इमेज बनती है जिसको हम बोलते हैं रेटिना। क्या बोलते

06:28

Speaker A

हैं? रेटिना। ठीक है? यहां पर इमेज एक्चुअली में बनती है। ठीक है? अब ये जो बीच का एरिया है, इसमें एक फ्लूइड होता है और उस फ्लूइड को हम बोलते हैं विट्रस ह्यूमर। ठीक है? मैं आपको एक-एक करके

06:39

Speaker A

डिटेल में बता दूंगा। एक्वस ह्यूमर यहां पर था। ये पूरा का पूरा विट्रस ह्यूमर है। ठीक है? ये आ गया रेटिना। अब क्या होता है। रेटिना क्या करता है? जो तुम देख रहे हो ना उस सिग्नल को खींचता है। तो

06:49

Speaker A

यहां पर इमेज बन गई। पर इमेज ना उल्टी बनती है। हां तुम्हारे रेटिना पे इमेज तुम करके बनती है। उल्टी। क्यों? लेंस देखो कौन सा है? कॉन्वेक्स लेंस। है ना? उल्टी इमेज बनेगी। अब भैया सीधा कौन करता है? तो

07:03

Speaker A

ये जो इंफॉर्मेशन है ना यहां से ऑप्टिकल नर्व। ये क्या है? ऑप्टिकल नर्व। ये नर्व होती है ऑप्टिक नर्व जो कि लेके जाती है ब्रेन तक। और ब्रेन क्या करता है? ब्रेन बोलता है आई ला उल्टी इमेज। सीधी कर देते

07:14

Speaker A

हैं भैया। तो ब्रेन की वजह से तुम सीधी इमेज देख पा रहे हो। अगर ब्रेन ही नहीं होता, ऑप्टिकल नर्व नहीं होती तो तुम कहते हो अरे भैया सब उल्टा काहे दिखाई दे रहा है? इसलिए दिखाई दे रहा है। ठीक है? तो ये

07:23

Speaker A

पूरा का पूरा क्या है? स्ट्रक्चर है आंखों का। कहानी याद रखेंगे। घर के अंदर एंट्री कर रहे हैं। सबसे पहले गेट आया यानी कॉर्निया। अंदर आया एक स्विमिंग पूल। छोटा स्विमिंग पूल आया जिसका नाम क्या था?

07:32

Speaker A

एक्वस ह्यूमर। अंदर एक और दरवाजा है। दो सिक्योरिटी गार्ड खड़े हैं जो कौन है?

07:36

Speaker A

आइरिस। दरवाजा क्या है? प्यूपिल। ठीक है? फिर और अंदर गए। एक लेंस दिखा। और लेंस को कौन कंट्रोल कर रहा है? दो मसल। सिलरी मसल। ठीक है? फिर अंदर गए। फिर बड़ा सा एक स्विमिंग पूल आया जिसका नाम था विट्रस ह्यूमर।

07:47

Speaker A

ह्यूमर। और लास्ट में गए तो एक स्क्रीन थी जिस स्क्रीन को अपन बोलते हैं रेटना। रेटना। भाई अब इनके एक-एक करके ना काम बता दो। इनके एक-एक करके काम समझते हैं। आ जाइए फटाफट से। सबसे पहला आता है क्या?

07:58

Speaker A

कॉर्निया। कॉर्निया क्या करता है? ट्रांसपेरेंट कर्व्ड मेंब्रेन इन द फ्रंट अलाउज़ लाइट टू एंटर एंड कॉजेज़ मेजर रिफ्रेक्शन। ये जो लाइट बेंड हो रही है ना इधर चला। मैं उधर। ए लाइट बेंड हो रही है ना भाई? वो कौन कर रहा है? कॉर्निया कर

08:12

Speaker A

रहा है। आई समझ? अरे दिमाग में जा रहा है। बेटा ये चैटिंगवेटिंग करना बंद कर दे। क्या बोल रहा हूं मैं? क्या बोल रहा हूं?

08:18

Speaker A

कहां है फोकस? चैटिंगवेटिंग करना बंद कर दे। क्या पता जिस आयुषी को समझ के तू चैटिंग कर रहा है कल को वो आयुष निकले। हो सकता है ना? एक बार ना हमने ऐसा करा था अपने स्कूल टाइम में प्रैंक। हमारा एक

08:31

Speaker A

दोस्त था। ठीक है? तो उसको एक लड़की पसंद थी। तो हमने उसकी फेक आईडी बना के उससे थोड़ी बहुत चैटिंग-वैटिंग कर ली। फिर उसके बाद फिर उसके बाद क्या हुआ कि उसको बाद में पता चला क्यों ये आयुष ही नहीं थी ये

08:45

Speaker A

तो आयुष था तो उसके साथ बेटा बहुत गलत हुआ क्या पता तुम्हारे दोस्त भी तुम्हारे साथ कर रहे हो बच के रह ठीक है फोकस करें कॉर्निया ऑल डन अगला आई बॉल आई बॉल क्या होता है ये पूरी की पूरी जो बॉल है जिसके

08:55

Speaker A

अंदर ये सारी चीजें हैं उसी को हम क्या बोलते हैं आई बॉल डायमीटर कितना होता है 2.3 सेंटीमीटर अच्छा अगला आता है आइरिस आइरिस क्या है दरवाजा ठीक है तो कलर्ड मस्कुलर डायग्राम बिहाइंड कॉर्निया कंट्रोल्स प्यूपिल्स साइज याद रखना ये

09:09

Speaker A

क्या करता है? प्यूपिल के साइज को कंट्रोल करता है। अच्छा एक और चीज ये जो आंखों के अंदर कलर होता है ना बीच में ये कलर पता है किसकी वजह से आता है? आइरिस की वजह से। पेपर में सवाल पूछा जाता है आंखों का रंग

09:19

Speaker A

कहां से आया? जैसे ब्लू आइज श्री श्री हनी पाजी जी नहीं बोल गए थे ब्लू आइज हिप्नोटाइज कर दी मेनू। तो ब्लू आइज कहां से आई? वो आइरिस का कलर होता है बेटा। ठीक है? प्यूपिल का नहीं होता। आइरिस का होता

09:29

Speaker A

है। ठीक है? प्यूपिल क्या होता है? इट इज़ दी ओपनिंग। ये क्या करता है? ये एक ओपनिंग है जो कि लाइट को अंदर डालता है। अब समझना इंपॉर्टेंट चीज। कभी कबभार ना जब तुम अचानक से ब्राइट लाइट तुम्हारी आंखों पर

09:40

Speaker A

पड़ती है तो पता है क्या करता है आइरिस आरिस प्यूपिल के साइज को छोटा कर देता है ताकि ज्यादा लाइट अंदर ना जाए और जब तुम अंधेरे कमरे में होते हो तो आइरिस क्या करता है प्यूपिल के साइज को बड़ा कर देता

09:50

Speaker A

है ताकि तुम ज्यादा रोशनी देख पाओ चलिए बहुत बढ़िया अगला आ जाता है लेंस लेंस तो तुम्हें पता ही है कौन सा लेंस होता है कॉन्वेक्स बहुत बढ़िया जी अगला रेटिना वेरीेंट देखो रेटिना एक क्या है स्क्रीन है एक तरीके से ठीक है याद रखना इमेज ऑन

10:05

Speaker A

दी लाइट सेंसिटिव स्क्रीन एक लाइट सेंसिटिव स्क्रीन पे इमेज बनती है जिसको हम बोलते हैं रेटिना। अब रेटिना के पास दो प्रकार के सेल होते हैं और वो सेल भी आपको याद रखने हैं बेटा। एक सेल का नाम होता है

10:15

Speaker A

रोड सेल। रोड सेल। वो वाली रोड नहीं जिससे मैं तुम्हें मारता हूं। तुम बड़ा ही नहीं करते। एक होता है कोर्न सेल। कॉर्न सेल। अच्छा रोड सेल क्या करता है? रोड सेल का काम है लाइट की इंटेंसिटी को आइडेंटिफाई

10:29

Speaker A

करना। ठीक है? डिटेक्ट डम लाइट रिस्पांसिबल फॉर ब्लैक एंड वाइट विज़न। जो तुम्हें ब्लैक एंड वाइट विज़न दिख रहा है ना ये किसकी मदद से दिख रहा है? रड सेल की वजह से दिख रहा है। यानी इसका काम है लाइट

10:41

Speaker A

की इंटेंसिटी को चेक करना। पर ये कॉर्न सेल पता है क्या करता है? ये कलर दिखता है। इसकी मदद से तुम्हें कलर दिखता है कॉर्न सेल की मदद से। ये जो तुम्हें 700 रंग दिखते हैं। है ना? वैसे कलर सात ही

10:52

Speaker A

होते हैं। बट लड़कियों को 7000 रंग दिखते हैं। पिंक बेबी पिंक हरा पिंक। गुलाबी पिंक पीला पिंक। पिंक पिंक पिंक। लाइट लाइट लाइट पिंक। पि तो इतने सारे जो कलर दिखते हैं वो किसकी वजह से? कॉन सेल की वजह से। अगर तुम्हें

11:08

Speaker A

कलर ब्लाइंडनेस की प्रॉब्लम है इसका मतलब है कि आपके रेटिना पे कॉन सेल की कमी है। ठीक है जी? बहुत बढ़िया। अच्छा एक कवरिंग होती है। आंख की जो अपर मोस्ट कवरिंग है ना उसको हम क्या बोलते हैं? उसको हम बोलते

11:17

Speaker A

हैं स्क्लेरा। ठीक है? तो एक टफ वाइट आउटर कवरिंग। ये क्या करता है? ये प्रोटेक्ट करता है आई को। एक आउटर कवरिंग होती है। इसको हम स्क्लेरा बोलते हैं। अगली चीज ऑप्टिक नर्व। ऑप्टिक नर्व क्या करता है?

11:28

Speaker A

सिग्नल लेके जाता है। कहां से कहां लेके जाता है? रेटिना से ब्रेन तक इमेज को लेके जाता है। अगला आता है सिलरी मसल वेरीेंट। सिलरी मसल क्या कर रहा है? लेंस के शेप को कंट्रोल कर रहा है। इसको अभी डिटेल में

11:40

Speaker A

पढ़ेंगे। सिलरी मसल इंपॉर्टेंट है। अगला देखते हैं एक्वस ह्यूमर। तुम्हें याद हो तो छोटा वाला जो स्विमिंग पूल था वो था एक्वस ह्यूमर। तो एक्वस ह्यूमर क्या करता है? पहली चीज ये किसके बीच में होता है?

11:50

Speaker A

कॉर्निया एंड लेंस के बीच का जो फ्लूइड है। लेंस वही बात हो गई। तो उसके बीच के फ्लूइड को हम क्या बोलते हैं? एक्वस ह्यूमर। इसका काम क्या है? मेंटेंस प्रेशर एंड रिफ्रैक्ट लाइट। प्रेशर बना कर रखता है वहां पर कि भाई सारी डायरेक्शन में

12:04

Speaker A

प्रेशर है। वरना आंख पिचक जाएगी अंदर की तरफ। ठीक है? अगला काम विट्रस ह्यूमर। विट्रस ह्यूमर क्या करता है? ये एक जेल होता है जो कि कहां प्रेजेंट होता है? आई लेंस और रेटिना के। बड़ा वाला जो स्विमिंग

12:14

Speaker A

पूल था। इसका काम है शेप प्रोवाइड करना। तो आंखों को जो शेप देता है ना बेटा वो और कोई नहीं होता। वो यही होता है। वो विट्रस ह्यूमर होता है जो कि शेप प्रोवाइड करता है। ठीक है? शेप एंड सपोर्ट ये प्रोवाइड

12:25

Speaker A

कर रहा होता है। एक रीजन रह गया हमारा जो कि है ब्लाइंड स्पॉट। भैया ये ब्लाइंड स्पॉट क्या है? देखो ब्लाइंड स्पॉट एक ऐसा एरिया है जहां पर ऑप्टिकल नर्व नहीं होती। दिखाता हूं दिखाता हूं बेटा। आ जाओ एक बार

12:38

Speaker A

दिखाता हूं तुम्हें। उससे तुम्हें और क्लेरिटी मिलेगी। अगर तुम ध्यान से देखो ये वाला जो रीजन है जहां पर रेटिना ही नहीं है। ऑप्टिकल नर्व अंदर की तरफ जा रही हैं। इस एरिया पे क्या रेटिना है? अब भैया

12:49

Speaker A

अगर रेटिना नहीं है तो क्या यहां पर रोड या कॉनसेल होंगे? अब अगर रोड या कोल नहीं है तो क्या इमेज बनेगी? नहीं। तो ब्लाइंड स्पॉट एक ऐसा एरिया होता है ना जहां पर अगर लाइट आती भी है ना तो भी इमेज इमेज

13:02

Speaker A

बोलेगी नहीं यहां नहीं बनूंगी मैं। यहां नहीं कहीं और यहां नहीं यहां नहीं बेटा। ये बहुत जरूरी है। ब्लाइंड स्पॉट समझ लेना। ठीक है? ब्लाइंड स्पॉट क्या है?

13:11

Speaker A

एरिया वेयर दी ऑप्टिक नर्व एग्जिस्ट। नो फोटो रिसेप्टर। फोटो रिसेप्टर यानी वही रोड और कौन सेल यहां पर नहीं होते? नहीं होते। नहीं होते। चलिए जी। बहुत बढ़िया। क्या यह चीज समझ आई? अगर ये चीज समझ आई तो

13:25

Speaker A

जल्दी से एनर्जी दिखाओ। चर्स मीटर दिखाओ। यह पूरा का पूरा प्रोसेस है बेटा। एक बार इसको रीड कर लेना। लाइट एंटर होती है कॉर्निया से। मेजर रिफ्रेक्शन अकर इन ये वाला कॉर्निया वाले सरफेस में। फिर उसके बाद एक्वस ह्यूमर आता है। प्यूपिल आता है।

13:39

Speaker A

लेंस आता है। लेंस के बाद कहां जाती है? इमेज बनती है रेटिना पे। ठीक है? रेटिना में जो इमेज बनती है वो उल्टी बनती है। वहां से कहां जाती है? ऑप्टिक नर्व की मदद से ब्रेन में। ब्रेन क्या करता है? इमेज

13:49

Speaker A

को सीधा कर देता है। ठीक है? तो इमेज तुम्हें एक्चुअली जो सीधी इमेज दिख रही है वो ब्रेन की मदद से दिख रही होती है। ये पूरा का पूरा फ्लो डायग्राम इंपॉर्टेंट है। बार-बार क्वेश्चन पूछे गए हैं। चलिए

14:00

Speaker A

अब फटाफट से देखते हैं कि यहां से सवाल क्या आते हैं? जल्दी बताइए मैं पानी पी लेता हूं। हां भाई कौन-कौन बता पाया इसका सही आंसर क्या है? देखिए बहुत सिंपल क्वेश्चन है। बार-बार पूछा गया है। ह्यूमन आई फॉर्म्स दी इमेज ऑफ एन ऑब्जेक्ट एट

14:11

Speaker A

कहां पर बनाता है इमेज? रेटिना। बहुत बढ़िया। अगला क्वेश्चन देखते हैं। स्टेट दी फंक्शन ऑफ कॉर्निया, आइरिस, सिलरी मसल, रेटिना। और डायग्राम बनाने को भी आता है। अच्छा देखो एक तो होते हैं स्टूडेंट। एक होते हैं टॉपर स्टूडेंट और एक आते हैं द

14:27

Speaker A

लेजेंड। लेजेंड क्या करते हैं? ये अपनी कॉपी उठाते हैं। सामने वाले में रखते हैं। सामने वाले की कॉपी अपने में रखते हैं और फिर आंसर देखते हैं। चीटिंग करते हैं ना?

14:37

Speaker A

हां। तो ये डायग्राम बनाने के लिए वो चीटिंग नहीं करनी। खुद से प्रैक्टिस कर लो। ठीक है? किसी दिन फंस जाओगे बहुत। मुझे पता है तुम कर रहे हो। मुझे बहुत मुझे बहुत अच्छे से पता है। तुम्हें रगरग

14:46

Speaker A

से वाकिफ हूं। ठीक है? तो इनके फंक्शन तो तुम्हें याद है ही बट डायग्राम भी तुम्हें याद रखना है। अच्छा सिलरी मसल के बारे में अभी डिटेल में बात करेंगे। चलिए एक और क्वेश्चन देखते हैं। अ पर्सन गेट आउट ऑफ

14:57

Speaker A

आउट इन दी सनलाइट फ्रॉम अ डार्क रूम। हाउ डस हिज प्यूपिल रेगुलेट एंड कंट्रोल दी लाइट एंटरिंग इंटू दी आई? अगर हम ब्राइट लाइट में आते हैं तो प्यूपिल क्या करता है? अपने साइज को छोटा कर लेता है। कैसे

15:08

Speaker A

करता है? आरिस की मदद से। ठीक है? तो क्या हो जाता है? साइज ऑफ द प्यूपिल क्या होगा?

15:12

Speaker A

डिक्रीज होगा। तो इसका आंसर आएगा ए। द साइज ऑफ़ द प्यूपिल डिक्रीजसेस एंड लेस लाइट विल एंटर इन दी आई। आया समझ में?

15:20

Speaker A

बहुत बढ़िया। चलिए आगे बढ़ते हैं। अब जो मैं आपको बता रहा था ना सिलरी मसल हां उसके बारे में बात कर लेते हैं। देखो सिलरी मसल जो है वो बॉडी इंपॉर्टेंट चीज करता है। क्या? एक कांसेप्ट होता है पावर ऑफ़

15:32

Speaker A

अकोमोडेशन। पावर ऑफ़ अकोमोडेशन। पावर ऑफ़ अकोमोडेशन क्या बोलता है? देखो। अकोमोडेशन इज दी एबिलिटी ऑफ अ आई लेंस टू एडजस्ट इट फोकल लेंथ। एडजस्ट इज फोकल लेंथ टू फोकस ऑन दी नियर एंड फार ऑब्जेक्ट क्लियरली। यानी एक ऐसी

15:50

Speaker A

एबिलिटी है आंख की जिसमें कि आंख की जो लेंस है ना वो अपनी फोकल लेंथ को चेंज कर लेता है। क्यों? क्योंकि जब दूर का देखेगा तो फोकल लेंथ अलग होगी। पास का देखेगा तो अलग होगी। यानी ये जो एबिलिटी है ना आपकी

16:03

Speaker A

इसी को हम बोलते हैं पावर ऑफ़ अकोमोडेशन। वेरीेंट। अब ये एबिलिटी लाता कौन है?

16:08

Speaker A

सिलहरी मसल लाएगा। ऑब्वियस सी बात है। अब मैं आपको एक ट्रिक देने वाला हूं। बेटा ध्यान से समझना। समझो। समझना बेटा। अगर तुम दूर का देख रहे हो। एक ट्रिक दे रहा हूं। समझ लो। एक फनी ट्रिक है। दूर से

16:19

Speaker A

देखा तो पतला लग रहा था। पास आया तो मोटा हो गया। समझा रहा हूं। जब ऑब्जेक्ट दूर होता है तो लेंस कैसा होता है? लेंस होता है भैया पतला। पतला। पर जैसे ही ऑब्जेक्ट पास आ जाता है तो लेंस हो जाता है मोटा।

16:34

Speaker A

मोटा तो दूर से देखा तो पतला पास आया तो मोटा हो गया याद रहेगा। ठीक है? तो जब भी हम दूर का देखेंगे तो लेंस पतला होगा। नियर देखेंगे तो लेंस मोटा होगा। अब मुझे बताओ अगर लेंस मोटा है तो क्या इसकी फोकल

16:47

Speaker A

लेंथ कम नहीं हो जाएगी? क्या इसकी फोकल लेंथ कम नहीं हो जाएगी? याद आ रहा है कुछ लाइट में? यानी जब नियर की चीज देखते हैं तो फोकल लेंथ कम हो जाती है। ठीक है? और लेंथ अगर पतला है तो फोकल लेंथ ज्यादा

16:58

Speaker A

होगी। यानी जब दूर की चीज देखेंगे तो फोकल लेंथ ज्यादा हो जाएगी। अच्छा फोकल लेंथ और पावर में रिलेशन क्या होता था? अगर तुम्हें याद हो पावर = 1 / f याद आया है ना तो अगर पावर यहां पर पावर यहां मतलब

17:10

Speaker A

फोकल लेंथ यहां पर ज्यादा है तो पावर यहां पर कम होगी और यहां पर अगर फोकल लेंथ कम है तो पावर यहां पर ज्यादा होगी सिंपल उल्टा अगली चीज़ अब इसको होल्ड किसने कर रखा है बेटा सिलरी मसल ने किसने सिलरी मसल

17:22

Speaker A

ने ठीक है अब मुझे बताओ दूर से देखा तो पतला लग रहा था सिलरी मसल चिल था दूर से देख रहा था चिल था उसके जीवन में कोई दिक्कत नहीं थी यानी जब दूर का देखते हैं तो सिलरी मसल कैसा होता है? सिलरी मसल चिल

17:36

Speaker A

चिल नहीं लिखना। पेपर में चिल लिख के आ रहे हैं। नहीं नहीं नहीं चिल नहीं लिखना। रिलैक्स्ड होता है भैया। पर अगर पास का देखेंगे तो क्या होता है? वो कॉन्ट्रैक्ट कर जाता है। सिलरी मसल टू टू टू टू टू टू

17:47

Speaker A

टू टू टू टू लेंस मोटा मोटा मोटा। ठीक है? तो यानी यहां पर सिलरी मसल चिल है। चिल रिलैक्स है। और यहां पर क्या है?

17:55

Speaker A

कॉन्ट्रैक्टेड है। यही सबसे इम्पोर्टेन्ट चीज है जो कि आपको समझना है। यहां पर लिखा भी हुआ है। जब हम दूर का देखेंगे बेटा तो क्या होगा? जब हम फार ऑब्जेक्ट देखेंगे तो क्या होगा? जो हमारा आई लेंस है वो पतला

18:06

Speaker A

हो जाएगा। एक्सपेंडेड हो जाएगा। फोकल लेंथ क्या कर जाएगी? इंक्रीस कर जाएगी। पावर डिक्रीज कर जाएगी। सिलरी मसल क्या करेगा?

18:13

Speaker A

चिल करेगा। रिलैक्स करेगा। लेंस कैसा हो जाएगा? थिन हो जाएगा। ठीक है? लेंस थिन हो जाएगा। अगली चीज़ देखते हैं। अगर मैं पास का देख रहा हूं। दूर से देखा तो पतला लग रहा था। पास आया तो मोटा हो गया। यानी,

18:24

Speaker A

यहां पर लेंस थिक हो जाएगा। लेंस थिक कैसे हुआ? जब सिलेरी मसल क्या हुआ? कॉन्ट्रैक्ट हुआ। सिलारी मसल कैसा हुआ? कॉन्ट्रैक्ट हुआ। फोकल लेंथ कैसी होगी यहां पर?

18:33

Speaker A

डिक्रीज हो जाएगी। अगर फोकल लेंथ डिक्रीज तो पावर इंक्रीज। बहुत बढ़िया। याद रखना दूर से देखा तो बार-बार नहीं बोलूंगा। ठीक है? ज्यादा फनी हो जाता है। आ जाओ। अगला देखो बेटा। अब यहां पर कुछ चीजें आपको समझनी पड़ेंगी। एक होता है नियर पॉइंट, एक

18:47

Speaker A

होता है फार पॉइंट। मैं आपको वही बताने वाला था। नियर पॉइंट क्या होता है? नियर पॉइंट होता है मिनिमम डिस्टेंस। मिनिमम डिस्टेंस जहां पर आप क्लियरली देख सकते हो। जैसे कि तुम कितना क्लियरली देख सकते हो। एक अपना हाथ लेकर आओ। अपने पास लाते

19:00

Speaker A

रहो। एक डिस्टेंस के बाद ना तुम्हें क्लियरली नहीं दिखेगा। तुम्हें लगेगा आईला थोड़ा धुलाधुला दिख रहा है। तो वो जो मिनिमम डिस्टेंस होता है ना नॉर्मल ह्यूमन आई का उसी को हम बोलते हैं क्या? नियर पॉइंट। ठीक है? द मिनिमम डिस्टेंस एट

19:12

Speaker A

व्हिच ऑब्जेक्ट कैन बी सीन क्लियरली। और मेनली ये जो डिस्टेंस है नॉर्मल आंखों का वो होता है 25 सें.मी. कितना होता है बेटा? याद रखना 25 सें.मी. ये चीज क्लियर है क्या? ठीक है? अगर इससे आगे लाओगे तो

19:24

Speaker A

एक तो आंखों पे जोर पड़ेगा। इसलिए बोलते हैं किताब यहां पर रख के पढ़ना चाहिए। यहां नहीं मैं बच्चे देखता हूं ऐसे लेट के। ऐसे नहीं पढ़ना होता। ठीक है? ये चीज समझ में आ गई। अब अगला आता है फार पॉइंट। फायर

19:36

Speaker A

पॉइंट यानी कितनी दूर का देख सकते हो। भैया मैं तो चांद सितारे तब सब तोड़ रहा हूं उसके लिए। वो बोले तो सही मुझसे हैं। तो चांद सितारे सब देख सकता हूं मैं। मैं बहुत दूर का देख सकता हूं भैया। मैंने कहा

19:47

Speaker A

बहुत बढ़िया। तुम तो दूर का देख पा रहे हो। पर मैं तुम्हारे फ्यूचर में दूर का नहीं देख पा रहा। रोस्ट नहीं कर रहा हूं। ठीक है। अपन मूर्ख बालक हो तुम मेरे तो इसलिए चिल करो। तो फार पॉइंट यानी दूर

19:58

Speaker A

कितना दूर इंफिनिटी तुम इंफिनिटी तक का देख सकते हो तो बहुत दूर देख सकते हो ऑब्वियस सी बात है ठीक है द फारदेस्ट पॉइंट अप टू व्हिच द आई कैन सी ऑब्जेक्ट क्लियरली याद रखना नॉर्मल आंखें जो होती

20:09

Speaker A

हैं उनका फार पॉइंट क्या होता है इंफिनिटी यानी कितनी भी दूर तक तुम क्लियरली देख सकते हो ठीक है जी ये क्लियर हो गया फार पॉइंट हो गया नियर पॉइंट हो गया ये पता चल गया दूर में क्या होता है पतला होता है

20:21

Speaker A

पास आता है तो लेंस मोटा हो जाता है ठीक है अब इसके कुछ क्वेश्चन देखते हैं बेटा एक बड़ा प्यारा सवाल आया मतलब ये बड़ा प्यारा सवाल नहीं है। बड़ा इजी सवाल है। देखो कितनी बार आया है। सीबीएसई के अंदर

20:31

Speaker A

तो भर-भर के आता है। स्टेट बोर्ड्स के अंदर भी आता है। द लीस्ट डिस्टेंस ऑफ द डिस्टिंक्ट विज़ ऑफ द नॉर्मल ह्यूमन आई। इतना पास का देख सकता हूं। 25 सें.मी.

20:41

Speaker A

यार। कितनी बार बोलूं? हैं? 25 सें.मी. लगा दे ऑप्शन। अगला देखते हैं। डिफाइन दी टर्म पावर ऑफ़ अकोमोडेशन। क्या होता है?

20:49

Speaker A

एबिलिटी ऑफ आई टू सी नियर एंड फार ऑब्जेक्ट्स क्लियरली बाय चेंजिंग दी लेंस फोकल लेंथ इज कॉल्ड अकोमोडेशन ऑफ आई। राइट दी नेम ऑफ द पार्ट ऑफ दी आई। ठीक है?

21:01

Speaker A

व्हिच प्लेज़ मेजर रोल इन दी प्रोसेस ऑफ़ अकोमोडेशन। क्या होता है? एक लेंस होता है और एक सिलरी मसल होता है। उसके पापा होते हैं। ठीक है? एक्सप्लेन व्हाट हैपेंस व्हेन दी ह्यूमन आई फोकसेस ऑन नियर। पास का देखेंगे तो लेंस तो मोटा है। दूर का

21:13

Speaker A

देखा तो लेंस पतला है। सिलरी मसल क्या होता है? जब दूर का देख रहे हैं तो रिलैक्स है। पास आया तो कॉन्ट्रैक्ट। बहुत बढ़िया। चलिए आगे बढ़ते हैं। अब आ रहा है इस चैप्टर का वन ऑफ दी मोस्टेंट टॉपिक दैट

21:26

Speaker A

इज डिफेक्ट। मैं आज बोल रहा हूं तुम्हारे पेपर के अंदर हां एग्जाम कोई भी पेपर जो भी तुम दे रहे हो उसके अंदर ना ये डिफेक्ट मायोपिया हाइपरमेट्रोपिया से क्वेश्चन आते हैं। तो अब हम डिफेक्ट्स की तरफ बढ़ रहे

21:36

Speaker A

हैं। 1 मिनट मैं पानी पी के आ जाता हूं। चलिए भाई मायोपिया स्टार्ट करते हैं। वेरीेंट ध्यान से। फोकस फोकस फोकस फोकस बेटा फोकस फोकस फोकस फोकस इधर फोकस। ठीक है? हां, ध्यान से, ध्यान से, ध्यान से, पढ़ना। मैं रोस्ट कर देता हूं, शायरी सुना

21:48

Speaker A

दूंगा। हां, जिससे तुम रोस्ट हो जाओगे। चलो। मायोपिया क्या होता है? मायोपिया का एक और नाम होता है नियर साइटेडनेस। क्या बोलते हैं बेटा इसको? नियर साइटेडनेस। अब मैं आपको एक ट्रिक बताता हूं। मायोपिया का क्या मतलब है बेटा? मायोपिया में एक शब्द

22:01

Speaker A

आ रहा है माय। माय। यानी मायोपिया है। तुम्हारी प्रॉब्लम। तुम्हारी प्रॉब्लम क्या है? तुम ना बोर्ड पे बैठे हो। मतलब बोर्ड पे नहीं सॉरी बेंच पे बैठे हो। और ना तुम स्कूल में हो। अब ना तुम्हें दूर का नहीं दिख पा रहा है। तुम चाह रहे हो कि

22:13

Speaker A

यार मुझे दूर का दिख क्यों नहीं रहा है? दूर तुम्हें नहीं दिख रहा है दूर का। यानी मायोपिया मेरी प्रॉब्लम मेरी प्रॉब्लम क्या है? मेरी प्रॉब्लम मुझे दूर का नहीं दिखता। बगल में बैठी नेहा तो तुम्हें दिख जा रही है बेटा पर तुम्हें दूर का नहीं

22:25

Speaker A

दिख रहा है। तो यानी मायोपिया ये है कि भाई तुम्हें दूर का नहीं दिख रहा है। माय प्रॉब्लम मेरी प्रॉब्लम। मुझे पढ़ाई लिखाई करनी है और मुझे दूर का नहीं दिख रहा। तो मायोपिया का एक और नाम होता है नियर

22:34

Speaker A

साइटेडनेस यानी पास का तो दिखेगा। नियर साइटेडनेस का मतलब यानी पास का तो दिखेगा पर दूर का नहीं दिखेगा। याद रखना मायोपिया में क्या होता है? अ पर्सन कैन सी नियर ऑब्जेक्ट क्लियरली बट कैन नॉट सी फार ऑब्जेक्ट क्लियरली। बहुत बढ़िया। ये चीज़

22:47

Speaker A

समझ में आ गई। अब इसका रीज़न क्या होता है? यहां पर रीज़न डायग्राम दोनों इंपॉर्टेंट है। रीज़न देखो। एक्सेसिव कर्वेचर ऑफ दी आई लेंस। पहला रीज़ या तो तुम्हारी जो आई लेंस है ना आंख के लेंस वो ज्यादा मोटा हो गया

23:01

Speaker A

है। जब आई लेंस मोटा हो जाता है तो क्या होता है? बोलो मोटा हो गया तो इसकी भैया फोकल लेंथ तो कम हो जाएगी। हां तो फोकल लेंथ इसकी कम हो गई है। अब ये जो इमेज है ना इसको इमेज बनानी थी रेटिना पे। पर ये

23:13

Speaker A

इमेज रेटिना से पहले बना रहा है। एक तो ये रीज़न हो सकता है। दूसरा एलोंगेशन ऑफ आई बॉल। या तो तुम्हारी आई बॉल जो पीछे की रेटिना है ना वो रेटिना बड़ा लंबा हो गया है। एलोंगेट हो गया है। तो इमेज रेटिना पे

23:25

Speaker A

नहीं बन पा रही है। तो इसके ये दो रीज़न होते हैं। ठीक है? अब इसका डायग्राम याद रखना। नॉर्मली नॉर्मली देखो इमेज ऐसे बनती है। अगर तुम दूर का देख रहे हो तो इमेज कैसे बनेगी? यहां पर रेटिना पे जाकर इमेज

23:36

Speaker A

आराम से बन जाती है। पर मायोपिया में क्या हुआ? या तो तुम्हारी आई बॉल लंबी हो गई है या तो लेंस मोटा हो गया है। तो उस केस में क्या हो रहा है ना कि जो दूर से लाइट आ

23:44

Speaker A

रही है ये पहले ही क्या हो जा रही है? कन्वर्ज हो जा रही है। इमेज यहां बन ही नहीं रही। और जब रेटिना पे इमेज नहीं बनेगी तो दिक्कत हो जाएगी भैया। अब इसका सॉल्यूशन बताओ। सॉल्यूशन है ग्लासेस।

23:56

Speaker A

चश्मे लगाते हो। कौन सा चश्मा लगाते हो? भैया मेरा वो पावर का चश्मा है। बताओ कौन सा लेंस है उसमें? मैं आज बताता हूं। अगर तुम्हें मायोपिया की प्रॉब्लम है तो तुम एक लेंस लगाते होगे जिसका नाम है कॉनकेव

24:06

Speaker A

लेंस। अब देखो इसकी पावर क्या हो गई है? ये यहां पर ला रहा है यानी इसकी फोकल लेंथ कम हो गई है। मुझे इसकी फोकल लेंथ बढ़ानी है। तो मैं क्या करूंगा? मैं इसके आगे एक कॉनकेव लेंस लगा दूंगा। ठीक है? ये

24:18

Speaker A

डायग्राम बहुत इंपॉर्टेंट है। इसको हम बोलते हैं करेक्शन ऑफ मायोपिया। ठीक है? अब वो जो लाइट रे है देखो यहां से हल्की सी डायवर्ज करेगी। यहां पर देखो हल्की सी डायवर्ज कर गई क्योंकि ये कॉनकेव है और कहां पर जाकर मिल जाएगी। अच्छा डायवर्ज

24:32

Speaker A

कॉन्वर्ज अगर तुमने लाइट चैप्टर नहीं पढ़ा है तो प्लीज पढ़ लो। वन शॉट बना रखा है। नया वन शॉट है। देख लेना। ठीक है? कॉनकेव क्या करा? यहां पर। यानी ये डायग्राम भी बहुत इंपॉर्टेंट है। अब भैया ये याद कैसे

24:42

Speaker A

रहेगा? वहां तक तो मुझे याद हो गया कि मायोपिया मेरी प्रॉब्लम है। मुझे ये भी याद हो गया इसके रीज़न क्या है कि या तो एक्सेसिव कर्वेचर है या तो आई बॉल मेरी लंबी हो गई है। भैया पर ये कॉनकेव

24:53

Speaker A

कॉन्वेक्स लेंस करेक्शन मुझे याद ही नहीं रहते। मैंने बोला एक ट्रिक मेरी प्रॉब्लम माय प्रॉब्लम मायोपिया मुझे दूर का नहीं दिखता मेरी प्रॉब्लम है मुझे क्या पसंद है मुझे क्या पसंद है अगर तुमने लाइट चैप्टर पढ़ा होगा तो तुम्हें पता होगा मुझे पसंद

25:09

Speaker A

है गुफा यानी केव पसंद है मुझे मुझे मैं घूमने जा रहा था अपने दोस्तों के साथ मुझे गुफा में जाना था मुझे केव पसंद है मेरी प्रॉब्लम मायोपियम मुझे पसंद क्या है केव यानी मेरा करेक्शन कैसे होगा कॉनकेव लेंस

25:21

Speaker A

से बहुत बढ़िया बेटा याद रखना कैसे होता है करेक्शन कॉनकेव वेव लेंस से। ठीक है?

25:26

Speaker A

ये करेक्शन और इसका डायग्राम आर रियली वेरी वेरी वेरीेंट। ठीक है जी? चश्मेवश्मे अपने लगाते हो। पता तो होना चाहिए कौन सा चश्मा है। इतना ही नहीं मालूम इनको। अगली प्रॉब्लम आ रही है। अगली प्रॉब्लम आ रही है। पर उससे पहले एक चीज मुझे बताना

25:40

Speaker A

सच-सच। क्या तुमने कभी ऐसा सोचा है? जैसे स्कूल में कभी ना कभी तुमने कभी ना कभी तो सोचा होगा कि अगर आज अचानक से मेरे स्कूल पर टेररिस्ट अटैक हो जाए या फिर मेरे स्कूल के ऊपर बम गिर जाए और मेरा स्कूल ही

25:55

Speaker A

खत्म हो जाए तो क्या मजे मजे नहीं हो जाएंगे? सोचा है कि नहीं सोचा है? सोचा है हम जब छोटे थे तो हम क्या करते थे? एक काम तो यह कि स्कूल में अगर टेररिस्ट अटैक होगा तो क्या करेंगे? बम गिरेगा तो क्या

26:08

Speaker A

करेंगे? है ना? प्लानिंग कर रहे हैं। लड़के सब प्लानिंग और दूसरी आदत होती है मोस्टली लड़कों की। ट्यूशन टीचर के पैसे निकालने की कि सर लेते हैं ₹2000 यहां पर पढ़ रहे हैं 50 बच्चे ₹1 लाख कमा लेते हैं

26:23

Speaker A

सर महीने का घूम रहा है देख ₹1 लाख करते थे करते थे ऐसा सब करते हैं है ना तो ये ये क्या है ये ह्यूमन नेचर है ना तो इसी इसी ह्यूमन नेचर को अपने पास रखना है क्योंकि ह्यूमन नेचर बहुत प्यारी चीज है

26:36

Speaker A

ठीक है अभी आजकल एआईवीआई चल रहा है ना तो एआईवीआई में मत पड़ो ह्यूमन नेचर अपने पास रखो चलिए आगे बढ़ते हैं हाइपरमेट्रो ्रोपिया की बात करते हैं। मायोपिया आ गया। मायोपिया मेरी प्रॉब्लम थी। अब हाइपरमेट्रोपिया मेरे पापा मम्मी की

26:48

Speaker A

प्रॉब्लम है। मेरे पापाम की क्या प्रॉब्लम है ना कि उनको पेपर पढ़ना है। पापा को सुबह न्यूज़पेपर पढ़ना है। पर ना वो उनको चश्मा लगाना पड़ रहा है। यानी उन्हें दूर का तो दिख रहा है। दिख रहा है। दूर से जब

26:57

Speaker A

मैं जा रहा हूं तो जोर से चिल्लाते हैं। ओ इधर आ पर उन्हें पास का नहीं दिख रहा है यार। पेपर नहीं दिख पा रहा है। तो मैंने कहा चलो कोई बात नहीं आपका भी बताता हूं। तो हाइपरमेट्रोपिया क्या है? इसका नाम

27:06

Speaker A

होता है फार साइटेडनेस। यानी दूर का दिखेगा बट नियर का नहीं दिखेगा। इसके रीज़न क्या है बेटा? कॉज़ज़ याद रखना। कॉज़ज़ याद रखना। अच्छा इसके अंदर होता क्या है? देखो हमारा नियर पॉइंट 25 सें.मी. है। तुम्हें पता है। पर होता क्या है? इस केस के अंदर

27:20

Speaker A

उनका नियर पॉइंट शिफ्ट होता है आगे की तरफ। यानी 30 सें.मी. या तो 50 सें.मी.

27:25

Speaker A

आगे की तरफ होता है। सॉरी सॉरी सॉरी। हां। आगे की तरफ शिफ्ट हो जाता है उनका क्या?

27:28

Speaker A

नियर पॉइंट। ठीक है? पीछे नहीं होता आगे। क्योंकि उनको 25 सें.मी. पे नहीं दिख रहा है। उनको 50 सें.मी. पे ले जाना पड़ रहा है। तब उन्हें दिख रहा है। चलिए। रीज़न क्या है? फोकल लेंथ ऑफ दी आई लेंस इज़ टू

27:38

Speaker A

लॉन्ग। या तो जो आई लेंस है ना उसकी फोकल लेंथ बहुत ज्यादा है। तो इमेज पता है कहां बन रही है? रेटिना के पीछे। या तो दूसरा क्या है? आई बॉल बहुत छोटी है। उसका उल्टा है। उसका उल्टा है। ठीक है? अब इसके

27:50

Speaker A

डायग्राम याद रखना बेटा। इसमें क्या होता है? इसमें या तो इसका कर्वेचर कम है। तो इमेज कहां बन रही है? पीछे बन रही है। या तो आई बॉल छोटी है। दोनों रीज़न याद रखना। आई बॉल छोटी या तो। ठीक है? तो यानी यहां

28:03

Speaker A

पर इमेज कहां बन रही है? पीछे। मुझे रेटिना पे बनानी है। क्या करूंगा? हवन करूंगा? नहीं नहीं हवन नहीं करूंगा। बेटा क्या करूंगा? ऑब्वियस सी बात है। एक लेंस लगा दूंगा आगे। कौन सा लेंस लगाऊंगा?

28:15

Speaker A

बताओ। कौन सा लेंस लगाऊंगा? हां। सेम लेंस। कॉन्वेक्स। मैं क्या करूंगा? अब मैं एक कॉन्वेक्स लेंस लगा दूंगा आगे। तो अब ये जो नियर पॉइंट से इमेज आ रही थी ना, नियर पॉइंट से जो रे ऑफ़ लाइट आ रही थी, अब

28:27

Speaker A

वो सही डायरेक्शन में क्या है? बन जाएंगी। वेरीेंट। हाइपरमेट्रोपिया क्या होता है? फार साइटेडनेस इसको बोलते हैं। इसमें क्या होता है? है नियर पॉइंट आगे की तरफ शिफ्ट कर जाता है। उसके अलावा इसके रीज़न क्या है? या तो आई बॉल छोटी हो गई या तो जो

28:41

Speaker A

फोकल लेंथ है वो बहुत ज्यादा लॉन्ग हो गई। इसका करेक्शन क्या है? ये डायग्राम इंपॉर्टेंट है। कॉन्वेक्स। अब तुम्हें याद रहेगा मायोपिया में मेरी प्रॉब्लम। करेक्शन मुझे क्या पसंद है? गुफा यानी कॉनकेव। और यहां पर कॉन्वेक्स आ जाएगा।

28:56

Speaker A

उल्टा है सिंपल। चलिए क्या ये समझ आया? तो इसके कुछ क्वेश्चन सॉल्व करेंगे बेटा जल्दी से। ये क्वेश्चन देखो। ऐसे सवाल बहुत बार आते हैं पेपर के अंदर। अब यह जो सवाल है बड़ाेंट सवाल है क्योंकि ऐसे सवाल

29:05

Speaker A

पेपर के अंदर बहुत बार आ चुके हैं। जैसे ये क्वेश्चन देखो यह सैंपल पेपर का ही क्वेश्चन है। रवि रवि क्या कर रहा है? एक 14 साल का लड़का है रवि। क्या हो रहा है?

29:13

Speaker A

स्टार्टेड हैविंग डिफिकल्टी इन सीइंग दी वाइट बोर्ड। उसको दूर का नहीं दिख रहा। तो क्या पूछ रहे हैं कि हिज पेरेंट टूक टू एन आई स्पेशलिस्ट। यानी आई डॉक्टर के पास लेके गए। तो उन्होंने बताया कि इस रवि को

29:25

Speaker A

हो गया है मायोपिया। तो पहले तो उसके पापा ने उसको थप्पड़ मारा कि कैसे हो गया मायोपिया? फ़ चलाता था ना तू? तू फ़ चलाता था। इसलिए हुआ है तेरे मायोपिया है ना पापा मम्मी के लिए सारी प्रॉब्लम का एक ही

29:36

Speaker A

जड़ है फ़ क्यों चला रहा है तू हैं तो तो मायोपिया हुआ है तो अब क्वेश्चन देखो क्या है व्हाट इज मायोपिया मायोपिया एक ऐसी प्रॉब्लम है जिस मेरी प्रॉब्लम पार नहीं दिखेगा बट नियर आपको क्लियरली दिखता है

29:49

Speaker A

इसका रीज़न क्या होता है व्हाट कॉजेस इट? तो इसका जो मेन रीजन होता है मैंने आपको बताया भी था। या तो एक्सेसिव कर्वेचर हो गया किसका? आई लेंस का। या तो जो आई बॉल है वो लंबी हो गई है। लॉन्ग हो गई है।

29:59

Speaker A

व्हाई कैन रवि सी नियर बाय ऑब्जेक्ट क्लियरली? क्यों देख सकता है वो? ऑब्वियस सी बात है। क्योंकि जो अभी आपको दो रीज़न बताएं उनमें से कोई रीज़न है तो उसकी जो इमेज बन रही है वो रेटिना से पीछे बन रही

30:11

Speaker A

है। कहां बन रही है? रेटिना से पहले बन रही है। रेटिना से पहले की तरफ बन रही है। ठीक है? डायग्राम याद रखना। व्हाट काइंड ऑफ लेंस? कौन सा लेंस लगाएंगे? मेरी प्रॉब्लम मुझे क्या पसंद गुफा केव कौन केव

30:22

Speaker A

बहुत बढ़िया विद दी हेल्प ऑफ लेवल डायग्राम देखो मैंने बोला था डायग्राम पूछा जाता है वो डायग्राम बनाना है सजेस्ट एनी टू लाइफस्टाइल टिप्स दैट शुड बी गिवन टू रवि रवि को हम क्या दो टिप देंगे कि रवि भाई तेरा मायोपिया कम करा दूंगा क्या

30:35

Speaker A

दो टिप है लॉजिकल क्वेश्चन है पहला तो भैया मोबाइल फोन कम स्क्रीन का यूज़ कम करें आई को रेस्ट दें और और एकदम फेस के पास लाकर किसी भी चीज को रीड ना करें किताबों को भी रीड ना करें बस बस इतनी कुछ

30:49

Speaker A

टिप्स मैं रवि को दूंगा। चलिए अगला क्वेश्चन देखते हैं। नेम द टाइप ऑफ डिफेक्ट ऑफ द विज़ अ पर्सन इज सफरिंग फ्रॉम इफ इट यूजज़ कॉन्वेक्स लेंस। ऑब्वियस सी बात है कॉन्वेक्स लेंस कौन यूज़ करेगा बेटा? बताओ। कॉन्वेक्स लेंस कौन यूज़

31:04

Speaker A

करेगा? कॉनकेव मायोपिया। कॉन्वेक्स हाइपरमेट्रोपिया। दूर का दिख रहा है पास का? नहीं दिख रहा। ठीक है? अगला क्या है?

31:12

Speaker A

अगला ये बोला है इफ दी पावर ऑफ द लेंस इज़ 5 डायोपीियर। व्हाट इज़ दी फोकल लेंथ?

31:18

Speaker A

तुम्हें पता है पावर और फ़ोकल लेंथ का एक फ़ॉर्मूला होता है। पावर और फ़ोकल लेंथ का यह फ़ॉर्मूला होता है। ठीक है? तो अब हमें पावर गिवन है तो फ़ोकल लेंथ क्या हो जाएगी?

31:26

Speaker A

1 / 0.5 तो ये आ जाएगा कितना? 2 मीटर। ठीक है? फोकल लेंथ क्या आ गई? 2 मीटर। यही सबका आंसर आ भी गया होगा। ठीक है? लाइट चैप्टर से बड़ा कनेक्टेड चैप्टर है। चलिए आगे बढ़ते हैं। अगला सवाल। प्रिया जी आ गई

31:40

Speaker A

हैं। चलिए प्रिया जी से पूछते हैं। प्रिया जी को क्या समस्या है? प्रिया जी इज़ अनेबल टू रीड बुक्स। ओके जी प्रिया जी एंड फील्स दी नीड टू कीप देम फार टू सी क्लियरली। प्रिया जी पास्ट का नहीं पढ़ पा रही हैं।

31:53

Speaker A

वो चाह रही है दूर रख के पढ़ लूं मैं क्योंकि उनको दिख ही नहीं रहा। ठीक है। हाउ एवर शी कैन सी डिस्टेंट ऑब्जेक्ट इजीली। दूर का उसको दिख रहा है। उसको सब दिख रहा है बेटा। उसको फ्यूचर भी दिख रहा

32:02

Speaker A

है अपना दूर का। पर उसको ये नहीं दिख पा रहा है कि पास्ट का क्यों नहीं दिख रहा है। तो भाई अब ये बताओ डॉक्टर ने उसको कॉन्वेक्स लेंस रिकमेंड करा। कौन सा डिफेक्ट है? हाइपरमेट्रोपिया यार। इसमें कोई बोलने की बात है। टू कॉजेस क्या है?

32:14

Speaker A

अभी बता दिए या तो फोकल लेंथ लंबी हो गई है। है ना? फोकल लेंथ क्या हो गई? लंबी या तो आई बॉल छोटी हो गई है। वि टाइप ऑफ लेंस अभी बताया तो ऊपर क्वेश्चन में कॉन्वेक्स। ड्रॉ अ रे डायग्राम। करेक्शन का रे

32:25

Speaker A

डायग्राम इंपॉर्टेंट है। बार-बार बताया है। तो यहां पर कौन सा लगेगा? ये वाला लेंस लगेगा। ठीक है? आंख के अंदर तो ये लेंस होता ही है। एक लेंस बाहर लगाना पड़ेगा। डन? समझ आया? समझ आया? तेरे मगज में जा रहा है। भेजे में जा रहा है। हैं?

32:38

Speaker A

ऐसा तो नहीं है इधर-उधर भैया क्या हो रहा है? क्या नहीं हो रहा? सुन मेरी बात। यह समय है पढ़ाई का। डिस्ट्रैक्शंस को इधर-उधर छोड़कर फोकस ऑन योर स्टडीज। मैं क्यों बोल रहा हूं? क्योंकि ना तुम्हारे मां-बाप तुम्हारे लिए ना देख बहुत स्ट्रगल

32:54

Speaker A

कर रहे हैं। अगर तुमने आज भी इनसे पढ़ाई नहीं करी ना तो नहीं होगा। और याद रखना उस दिन तक मेहनत करो जिस दिन तुम्हारे पिता तुमसे आकर बोले आई एम प्राउड ऑफ यू बेटा। उस दिन तक मेहनत करो। उतना रगड़ो। तो वो

33:12

Speaker A

सक्सेस मिलेगी ना यार मजा आएगा वो अलग फील है। आ जाओ। स्टडी दी डायग्राम गिवन बिलो एंड आंसर दी क्वेश्चन दैट फॉलोज़। अह आंसर बताना है आपको। यह डायग्राम आप देख सकते होगे चैट के अंदर। मतलब इसके अंदर स्क्रीन

33:23

Speaker A

के अंदर। तो देखो इमेज पीछे बन रही है। पीछे कहां पर बनती थी? अगर तुम्हें डायग्राम याद हो हाइपरमेट्रोपिया के अंदर इमेज पीछे बनती थी रेटिना के। तो ये डिफेक्ट कौन सा है? हाइपरमेट्रोपिया। कैसे सॉल्व होगा? कॉजेस तो तुम्हें पता ही है।

33:37

Speaker A

सॉल्व कैसे होगा ये बता दो। कौन? वैक्स लेंस की मदद से। ठीक है? तो इमेज पीछे बन रही है हाइपरमेट्रोपिया। अगर यहां पर बन रही होती इमेज तो पहले बन रही होती तो क्या बोलते बायोपिया। चलिए बहुत बढ़िया।

33:47

Speaker A

यहां पर आपके डिफेक्ट्स खत्म होते हैं। अब आते हैं अगले डिफेक्ट। ये दो डिफेक्ट इंपॉर्टेंट थे। अगला डिफेक्ट आता है प्रेस बायोपिया। प्रेस बायोपिया एक ऐसी बीमारी है जो कि ऐज के साथ होता है। इसमें क्या होता है? जो सिलरी मसल है ना ये सिलरी मसल

33:59

Speaker A

ये बेचारे वीक पड़ जाते हैं। बुजुर्ग हो जाते हैं। तो अब ये लेंस की शेप को पतला मोटा, पतला मोटा, पतला मोटा नहीं कर पाते। तो इस प्रॉब्लम में ना आपको दूर का दिखता है ना आपको पास का दिखता है। ठीक है?

34:10

Speaker A

प्रेस बायोपिया में क्या होता है? ओल्ड एज विज़न लॉस। डिफिकल्टी इन सीइंग नियर बाइ ऑब्जेक्ट क्लियरली एज़ वेल ऐज़ दूर का भी ऑब्जेक्ट। दोनों की प्रॉब्लम इसमें रहती है। है ना? यानी इसमें मायोपिया भी है, हाइपरमेट्रोपिया दोनों मिक्स हो गए हैं

34:23

Speaker A

प्रेस बायोपिया के अंदर। क्यों? क्योंकि सिलरी मसल वीक हो गया है। तो कॉज क्या है?

34:27

Speaker A

वीक सिलरी मसल डिक्रीज फ्लेक्सिबिलिटी ऑफ़ आई लेंस। और आई लेंस भी बड़ा फ्लेक्सिबल नहीं रह जाता उस ऐज तक यानी 50 60 इयर्स तक। ठीक है? अब करेक्शन क्या है? आपके घर में ना आपके मम्मी पापा को दोनों में

34:40

Speaker A

दिक्कत होती होगी पास का और दूर का देखने में तो वो एक प्रकार के ग्लास यूज़ करते होंगे। मैं आपको बना कर दिखाता हूं। वो कुछ ऐसा दिखता होगा। ऐसा अगर तुमने ध्यान से देखा ऐसा दिखता होगा। है ना? बताओ ऐसा

34:50

Speaker A

क्यों दिखता है वो? क्योंकि इस ग्लासेस को हम बोलते हैं बाई बाई फोकल लेंस। बायफोकल लेंस क्या होते हैं बेटा? इसके अंदर यहां पर यहां पर क्या है? ऊपर की तरफ अगर आप देखोगे तो दूसरा लेंस है। नीचे की तरफ

35:03

Speaker A

देखोगे तो दूसरा लेंस है। यानी यहां पर कॉनकेव भी है ऊपर और कॉन्वेक्स भी है नीचे। तो इसको हम क्या बोलते हैं? बाय फोकल लेंस। ऊपर क्या होता है? कॉनकेव। नीचे क्या होता है? कॉन्वेक्स। तो इससे क्या होता है? उन्हें पास का देखना है तो

35:14

Speaker A

ऐसे नीचे। दूर का दोनों देख लेते हैं। तो इसका करेक्शन याद रखना। प्रॉब्लम है प्रेस बायोपिया। सॉलशन मैंने तुम्हें दे दिया। आगे बढ़ते हैं। शायरी सी हो गई ये तो। आगे एस्टिगमेटिज्म। एस्टिगमेटिज्म कुछ नहीं है। एक ऐसी प्रॉब्लम है जिसमें एक पर्सन

35:30

Speaker A

वर्टिकल लाइंस और हॉरिजॉन्टल लाइन वर्टिकल लाइन और हॉरिजॉन्टल लाइन पे फोकस नहीं कर पाता। उसको हम बोलते हैं एस्टिगमेटिज्म। ठीक है? ब्लड डिस्टोर्टेड विज़न एट ऑल डिस्टेंस ड्यू टू इर्रेगुलर कर्व्ड कॉर्निया। इसका रीज़न क्या होता है? यानी ये कुछ लोगों को जैसे अब ये दो लाइन है।

35:46

Speaker A

देखो ये वर्टिकल या हॉरिजॉन्टल। इस पे वो फोकस नहीं कर पाते। जो फोकस नहीं कर पाते उसको एक बीमारी होती है स्टिग्मैटिज्म। इसका रीज़न क्या है? जो कॉर्निया होता है ना कॉर्निया का सरफेस अनइवन होता है। कॉर्निया क्या होता है? देखो आउटसाइड होता

35:59

Speaker A

है। जब ये अनइवन होता है ना तब ये प्रॉब्लम होती है। ठीक है? अनइवन कर्वेचर ऑफ़ कॉर्निया और लेंस। लेंस भी अगर अनइवन होगा तो भी ये प्रॉब्लम हो सकती है। इसका सॉल्यूशन क्या है? एक लेंस आते हैं बेटा

36:10

Speaker A

सिलड्रिकल लेंस। सशन मिल गया। चलिए आगे बढ़ते हैं। लास्ट बीमारी है कैटरेक्ट। ये आपने सुनी होगी पक्का। इसको हिंदी में बोलते हैं मोतियाबिंद। अब तो सुनी होगी। मोतियाबिंद में क्या होता है जो हमारे आंखों का जो लेंस है उस पे प्रोटीन जम

36:25

Speaker A

जाता है तो ना वो वाइट कलर का हो जाता है और हमें दिखने नहीं लगता। धीरे-धीरे बिल्कुल दिखना बंद हो जाता है। सॉल्यूशन क्या है? सर्जरी है। सबको पता है। ठीक है?

36:33

Speaker A

अ कंडीशन इन व्हिच क्रिस्टलाइन लेंस ऑफ आई बिकम्स मिल्की। मिल्की यानी वाइट कलर का हो जाता है। एंड क्लाउडडी ड्यू टू ग्रोथ ऑफ मेंब्रेन। प्रोटीन की एक लेयर आ जाती है। लेंस के ऊपर ना एक लेयर आ जाती है।

36:45

Speaker A

जिससे क्या हो जाता है? लेंस वाइट कलर का हो जाता है। जनरली अकर्स इन ओल्डर एडल्ट्स। दिस कॉजेस पार्शियल एंड कंप्लीट लॉस ऑफ विज़। और इसका सॉल्यूशन क्या है?

36:54

Speaker A

कैटरेक्ट सर्जरी की मदद से इसका सॉल्यूशन निकाला जा सकता है। बहुत बढ़िया बेटा। यहां तक क्या समझ आया? डन है जी। डन है जी। जल्दी बताओ। अगर डन है तो आगे बढ़ते हैं। कुछ बेसिक-बेसिक क्वेश्चन है बेटा। इसके

37:06

Speaker A

क्वेश्चन बता दो। व्हाई डस विज़न बिकम क्लाउडडी इन ओल्ड एज? क्यों होता है? क्लाउडडी क्यों? क्लाउडडी बोल रहा है बेटा। क्लाउडडी कब होता है? क्योंकि आपकी एक प्रॉब्लम होती है जिसको हम क्या बोलते हैं? बताओ। क्लाउडडी बोल रहा है यहां पर।

37:18

Speaker A

विज़ क्लाउड मतलब धुंधला क्यों हो जा रहा है? क्योंकि कैटरेक्ट हो सकता है और ओल्ड एज में एक और बीमारी होती है प्रेस बायोपिया। दोनों इसके रीज़न होंगे। है ना?

37:28

Speaker A

क्लाउडडी का एक रीज़न कैटरेक्ट भी होगा, प्रेस बाबा बायोपिया भी होगा। बोथ आर द रीज़ंस। अगला अगला एक क्वेश्चन है। क्या है? मिस्टर एंड मिसेज शर्मा जी बोथ इन 50ज़ हैव रिसेंटली डेवलप्ड अ डिफिकल्टी इन व्यूइंग बोथ नियर एंड फार ऑब्जेक्ट। देयर

37:43

Speaker A

डॉक्टर इनफॉर्म्ड देम दैट दे हैव अ डिफेक्ट कॉल्ड प्रेस बायोपिया। अब हमें ये बताना है व्हाट इज प्रेस बायोपिया? लिख ही दिया। एक ऐसा डिजीज है जिसमें कि आपके सिलरी मसल वीक हो जाते हैं और आई लेंस की

37:54

Speaker A

फ्लेक्सिबिलिटी भी कम हो जाती है। जिसकी वजह से दूर और पास का नहीं दिखता। हाउ इट इज डिफरेंट फ्रॉम हाइपरमेट्रोपिया? ये अलग कैसे है बेटा? हाइपरमेट्रोपिया में तो सिर्फ क्या दिक्कत होती है? पास का नहीं दिखता। पर प्रेस बायोपिया में पास और दूर

38:08

Speaker A

दोनों का नहीं दिखता। सबसे बड़ा डिफरेंस है ये। ठीक है? व्हाट चेंज अकर्स इन आई दैट लीड्स टू प्रेस बायोपिया? मैंने आपको रीज़न दे दिए हैं। सिलरी मसल और आई लेंस। हाउ डू बाईफोकल लेंस हेल्प इन करेक्टिंग?

38:20

Speaker A

बाईफोकल लेंस क्या करते हैं बेटा? जब हमें दूर का देखना है बेटा ये डायग्राम भी याद रखना। ये कभी ये भी डायग्राम आ जाता है कभी कबभार। जब हमें दूर का देखना है तो ये जो ऊपर वाला लेंस है ये होता है कॉनकेव

38:31

Speaker A

लेंस। और तुम्हें पता होगा मायोपिया को कौन क्योर करता था? कॉनकेव लेंस। और जब हमें पास का देखना है तो हम इसे नीचे से देखते हैं। तो ये है आपका क्या? कॉन्वेक्स लेंस। समझे? तो दूर का देखना है तो कॉनकेव

38:43

Speaker A

पास का देखना है तो कॉन्वेक्स। चलिए बहुत बढ़िया। कैन अ पर्सन हैव बोथ मायोपिया एंड हाइपरमेट्रोपिया टुगेदर? व्हाट इज दी स्यूशन? हां दोनों हो सकता है। उसका सशन क्या है? बीमारी प्रेस बायोपिया ही है। उसका सॉल्यूशन है बाईफोकल लेंस जो कि बता

38:57

Speaker A

दिया है। चलिए बेटा यहां तक के अगर सारे सवाल क्लियर हैं तो आगे बढ़ा जाए। अगला टॉपिक जो कि है प्रिज़्म को अपन स्टार्ट करते हैं। अच्छा ये जो प्रिज़्म का टॉपिक है ये भी इंपॉर्टेंट है। भैया इतनी सारी

39:08

Speaker A

चीजें इंपॉर्टेंट है। हां मुझे पता है तुम्हारे एग्जाम पास आ रहे हैं ना। है ना?

39:11

Speaker A

है ना? तो डर लग रहा है ना? अच्छा एक बार मैंने YouTube में एक कमेंट देखा था कि भैया इस बात का डर लग रहा है कि मुझे एग्जाम का डर क्यों नहीं लग रहा है? मतलब सिचुएशन ऐसी है कि डर नहीं लग रहा है। इस

39:24

Speaker A

बात का डर लग रहा है। पेपर सामने आ गए। तो ऐसे ही बच्चे हैं क्योंकि एक रात पहले लेक्चर देख रहे होंगे। कोई बात नहीं चलता है। चलिए प्रिज्म पढ़ते हैं। प्रिज्म क्या होता है? आपने शायद लैबोरेटरी में देखा

39:34

Speaker A

होगा। ट्रायंगल शेप का होता है। ट्रायंगल टाइप का ग्लास का होता है। ठीक है? ग्लास टाइप का होता है। जैसे कि यहां पर आपको दिख भी रहा होगा। अभी हम क्या पढ़ने वाले हैं? रिफ्रेक्शन ऑफ मोनोक्रोमेटिक लाइट। अच्छा ये मोनो का मतलब क्या होता है? मोनो

39:48

Speaker A

का मतलब बेटा तुम्हारी तरह ये भी है सिंगल। ठीक है? तो मोनोक्रोमेटिक लाइट यानी सिंगल कलर की लाइट। याद रखना इंपॉर्टेंट चीज बता रहा हूं। सिंगल कलर की लाइट। भैया फिर अलग-अलग रंग की लाइट से क्या होता है? बताऊंगा वो भी। सिंगल कलर

40:00

Speaker A

की लाइट अगर मैं प्रिज्म से पास करूंगा तो क्या होगा? ये जो डायग्राम है ये बोर्ड में बहुत बार पूछा गया है बेटा। इस डायग्राम को ध्यान से देख लो। इसकी प्रैक्टिस भी कर लेना। ये है प्रिज्म। इसको हम बोलते हैं क्या? ये है एंगल ऑफ़

40:12

Speaker A

प्रिज़्म जो प्रिज़्म का एंगल होता है। ठीक है? अब ये लाइट आई, लाइट आई, लाइट आई, लाइट आई, टकराई यहां पर। ये क्या है?

40:18

Speaker A

इंसिडेंट रे। इंसिडेंट रे। ठीक है? अब तुम क्या करोगे? नॉर्मल ड्रॉ करोगे। अच्छा ये बताओ एयर तो है क्या? रेयरर। और ये है डेंसर। अगर तुमने मेरा लेक्चर देखा है तुम्हें पता होगा आर. डी शर्मा को क्या पसंद है? बोलो। नॉर्मल पसंद है। तो जब

40:33

Speaker A

रेयरर से डेंसर जाती है तो इस नॉर्मल की ये नॉर्मल है बेटा। इस नॉर्मल के टुवर्ड्स बेंड होगी। तो ऐसे लाइट सीधी-सीधी-सीधी बेंड होगी। अब यहां पर एक और बार रिफ्रेक्शन होगा। अब यहां पर जो लाइट रे बाहर निकलेगी वो कैसे जाएगी? डेंसर से

40:46

Speaker A

रेयरर। यानी डॉक्टर को नॉर्मल लोग पसंद नहीं है। तो नॉर्मल के अवे जाएगी। ठीक है?

40:51

Speaker A

तो आप देखना बेटा ये रहा नॉर्मल और ये नॉर्मल के अवेक डायरेक्शन में जाएगी। ठीक है? और इसको हम बोलते हैं इमर्जेंट रे। इंसिडेंट रे, रिफ्रेक्टेड रे, इमर्जेंट रे। ठीक है? ये डायग्राम इंपॉर्टेंट है बेटा। अब यहां पर एक पॉइंट और है। अगर

41:04

Speaker A

यहां पर प्रिज़्म नहीं आया होता तो मेरा इंसिडेंट रे ऐसे जा रहा होता। पर अब प्रिज़्म आया तो इमर्जेंट रे ऐसे जा रहा है। तो इन दोनों के जो बीच का एंगल होता है उसको हम बोलते हैं एंगल ऑफ डेविएशन। कि

41:17

Speaker A

लाइट कितनी डेविएट हो गई? कितनी बेंड हो गई? इसको हम क्या बोलते हैं? एंगल ऑफ डेविएशन। तो यहां पर एक-एक करके सबकी डेफिनेशन भी लिखी है। वो मैं आपको बता भी देता हूं। देखते चलना। द एंगल बिटवीन टू

41:28

Speaker A

लेटरल फेसेस ऑफ द प्रिज़्म इज़ कॉल्ड एंगल ऑफ़ प्रिज़्म। ठीक है जी? एंगल ऑफ़ डेविएशन क्या है? ये इंपॉर्टेंट है बेटा। डेफिनेशन याद रखना। एंगल ऑफ डेविएशन इज दी एंगल बिटवीन डायरेक्शन ऑफ इंसिडेंट रे एंड डायरेक्शन ऑफ इमर्जेंट रे। आफ्टर लाइट

41:45

Speaker A

पाससेस थ्रू दी प्रिज़्म। यानी एक ऐसा एंगल जो कि किसमें है? इंसिडेंट रे और इमर्जेंट रे के बीच का एंगल है। ठीक है जी? बाकी मैंने आपको चीजें बता ही दी है। ठीक है?

41:54

Speaker A

याद रखना रेयर टू डेंसर टुवर्ड्स दी नॉर्मल। डेंसर टू रेयरर अवे फ्रॉम द नॉर्मल। ठीक है? अब यहां से सवाल क्या आता है? याद रखना है मोनोक्रोमेटिक लाइट की बात हो रही है। मोनोक्रोमेटिक सिंगल लाइट। ठीक है? व्हेन अ रे ऑफ लाइट पाससेस थ्रू अ

42:08

Speaker A

प्रिज्म इट बेंड्स। देखिए जी देखिए जी बड़ा आया लल्लू पल्लू सवाल। कहां पर बेंड हो रही है? नीचे की तरफ बेंड हो रही है। नीचे क्या है? ये बेस होता है बेटा। ये बेस होता है। तो टुवर्ड्स दी बेस बेंड हो रही

42:21

Speaker A

है। तो इसका सही आंसर क्या होगा? टुवर्ड्स दी बेस। अच्छा एपेक्स क्या होता है बेटा?

42:25

Speaker A

एपेक्स होता है ये ऊपर वाला। अगर ये लाइट ऐसे जा रही होती तो हम क्या बोलते?

42:29

Speaker A

टुवर्ड्स दी एपेक्स। पर यहां पर क्या हो रहा है? डिंग डिंग डिंग नीचे आ गई। चलिए जी। बहुत बढ़िया। अगला सवाल। अच्छा सवाल नहीं है। अगला कांसेप्ट। अब ये बात थी मोनोक्रोमेटिक सिंगल लाइट की। अब मैं सिंगल मुझे लोग पसंद नहीं है। मजाक कर रहा

42:44

Speaker A

हूं। मुझे यहां पर क्या है? मुझे यहां पर एक वाइट लाइट चाहिए। वाइट लाइट सिंगल नहीं होती कभी भी। तुम्हें लगता है कि वो सिंगल है पर वो सिंगल नहीं है। उसके पास सात रंग होते हैं। सात रंग होते हैं। और वो सात

42:55

Speaker A

रंग का ऑर्डर भी तुम याद रखना। विबगोर। क्या ऑर्डर होता है बेटा सात रंग का?

43:00

Speaker A

विबगोर ऐसे याद करते हैं इसको विबग्योर। विबग्योर यानी वायलेट इंडिगो, ब्लू, ग्रीन, येलो, ऑरेंज, रेड। विबग्योर। सात रंग होते हैं वाइट लाइट के अंदर। ठीक है?

43:11

Speaker A

मतलब ये है वाइट लाइट उसकी तरह है। ये अपने असली रंग नहीं दिखाती। अंटिल एंड अनलेस कोई प्रिज़्म बीच में आ जाए। ठीक है?

43:17

Speaker A

जब तक कोई प्रिज़्म नहीं आएगा, अपने असली रंग नहीं दिखाएगी। जैसे कि तुम रिश्तेदारों के बीच में तो। हां जी आंटी जी। नहीं नहीं आप पैसे। आंटी जी पैसे क्यों दे रहे? नहीं नहीं यार आप आए उतना ही बहुत है पैसे तो आप रख लो अंदर से मन

43:28

Speaker A

में चल रहा है पॉकेट में रख दो पॉकेट पॉकेट पॉकेट में रख दो पॉकेट में आंटी अरे ले लूंगा यार आप पॉकेट में तो रखो है ना तो वो वैसे तो ये अपने असली रंग दिखाता है तो अब इस कांसेप्ट को हम बोलते हैं

43:40

Speaker A

डिस्पर्शन ऑफ लाइट डिस्पर्शन का डेफिनेशन याद रखना द फिनोमिना ऑफ़ स्प्लिटिंग ऑफ़ वाइट लाइट इंटू इट्स कॉन्सीटुएंट कलर कॉन्स्टिटुएंट यानी सात रंगों के अंदर व्हेन इट पाससेस थ्रू अ प्रिज़्म इज़ कॉल्ड डिस्पर्शन यानी स्प्लिटिंग ऑफ वाइट लाइट। ठीक है? अब ये स्प्लिट कैसे होता है बेटा

43:57

Speaker A

वो भी आप ध्यान से देख लो। यहां पर आप देखोगे तो ये लाइट थी वाइट। सात रंगों में टूटी। सात रंग का ऑर्डर याद रखना। नीचे आता है वायलेट। ऊपर इंडिगो, ब्लू, ग्रीन, येलो, ऑरेंज। कैसे याद करोगे? अभी ऑर्डर

44:09

Speaker A

बताया तो नीचे से लिखो विगोर। यानी उल्टा विबग्योर लिख लो। उल्टा विबग्योर लिखो। क्या करो? उल्टा विबग्योर लिखो। विबगोर उल्टा। ठीक है? ये ऑर्डर तुम्हें याद रहना है। अब तुम्हारे मन में सवाल आ रहा होगा भैया यही क्यों ऑर्डर है? ये ऑर्डर बदल

44:24

Speaker A

क्यों नहीं रहा? ये तो बताओ। ये ऑर्डर बदल क्यों नहीं रहा? अच्छा पहले तो ये याद रखना ये जो सात रंगों का बैंड होता है ना वाइट लाइट के अंदर इसको हम बोलते हैं प्यार से। प्यार से नहीं साइंस के हिसाब

44:34

Speaker A

से हम इसको बोलते हैं स्पेक्ट्रम। द बैंड ऑफ़ सेवन कलर इज कॉल्ड स्पेक्ट्रम। क्या बोलते हैं बेटा? स्पेक्ट्रम इसको बोल रहे होते हैं। ठीक है? अब यहां पर एक चीज समझना। एक सवाल बार-बार पूछा जाता है। अभी आ रहा हूं कि ये वायलेट इंडिगो ये अलग-अलग

44:49

Speaker A

क्यों है? एक ज्यादा बेंड हो रही है, कम बैंड हो रही है। ऐसा क्यों? मैं बताऊंगा। पर एक सवाल आता है वेरी इंपॉर्टेंट क्वेश्चन है बेटा। देखना सवाल ये है कि लाइट जब प्रिज़्म से टकराई तो तो रंग दिखा

45:00

Speaker A

दिए। पर ग्लास प्रिज़्म पढ़ा था अपन ने लाइट में। उसमें तो इसने रंग नहीं दिखाए थे। तो प्रिज़्म में ऐसा क्या खास है? अब समझाता हूं। देखो। द प्रोसेस ऑफ़ डिस्पर्शन हैपेंस ओनली ड्यू टू प्रिज़्म एंगल। प्रिज़्म का एक

45:13

Speaker A

एंगल होता है। एंगल ऑफ़ प्रिज़्म। उसकी वजह से डिस्पर्शन होता है व्हिच आर नॉट पैरेलल लाइक इन रेक्टेंगुलर ग्लास स्लैब। ग्लास स्लैब में क्या होता है? पैरेलल होते हैं। अगर पैरेलल होते ना यहां पर भी तो कभी भी

45:25

Speaker A

सात रंग नहीं दिखते। यहां पर वो जो एंगल ऑफ़ प्रिज़्म है उसकी वजह से सात रंग दिखते हैं। दिस यूनिक बेंडिंग एट डिफरेंट एंगल कॉजेस वाइट लाइट टू स्प्रेड इंटू कलरफुल बैंड। याद रखना। रीज़न क्या है? हां। प्रिज़्म का एंगल। जबकि ग्लास स्लैब में

45:41

Speaker A

दोनों पैरेलल होते हैं। चलिए आगे बढ़ते हैं। अब जो तुम्हारे मन में सवाल चल रहा है कि ये डिस्पर्शन हो क्यों रहा है?

45:47

Speaker A

व्हाट इज दी कॉज ऑफ डिस्पर्शन? बेटा? और पेपर में पूछा भी गया था थ्री मार्कर के अंदर कि व्हाट इज द कॉज ऑफ डिस्पर्शन?

45:53

Speaker A

देखना इन वैक्यूम एंड एयर अगर मैं वैक्यूम में एयर की बात करूं तो लाइट के ना सारे रंगों की स्पीड सेम होती है। ठीक है? लाइट ऑफ ऑल कलर ट्रेवल्स एट दी सेम स्पीड। बट जब हम इस मीडियम को बदलते हैं तो हर एक

46:08

Speaker A

लाइट की स्पीड बदलती है। कोई लाइट बोलता है मैं तो तेज जाऊंगा। कोई बोलता है मैं तो धीरे-धीरे चलाऊंगा अपनी गाड़ी को। मीडियम बदलते ही लाइट की क्या स्पीड बदलती है। ठीक है? अलग-अलग कलर्स की सब कलर की

46:21

Speaker A

अपनी-अपनी अलग-अलग क्या है? स्पीड। हाउएवर इन अदर मीडियम दे ट्रेवल इन डिफरेंट स्पीड एंड बेंड एट डिफरेंट एंगल। भैया बेंड क्यों हो रहे हैं? क्योंकि समझना जिसकी वेवलेंथ ज्यादा। याद रखना बेटा वेवलेंथ का एक सिंबल होता है लैम्ब्डा। जिसकी वेवलेंथ

46:36

Speaker A

ज्यादा है ना उसकी बेंडिंग कम उसकी बेंडिंग कम तुम ऐसे समझ लो वो पुष्पा पिक्चर देखिए झुकेगा नहीं झुकेगा नहीं है ना वैसे ही वैसे ही जिसकी वेवलेंथ ज्यादा जो ज्यादा शक्तिशाली है वो कह रहा अच्छा मैं झुकूंगा तेरे सामने चल चल चल जिसकी

46:52

Speaker A

वेवलेंथ कम भैया जी झुक जाता हूं आपके सामने वो झुक गया तो ऐसे याद रखना वेवलेंथ जिसकी ज्यादा उसमें बेंडिंग कम और जिसकी वेवलेंथ कम उसमें बेंडिंग ज्यादा ठीक है तो याद रखना याद रखना इसका रीज़न क्या है

47:04

Speaker A

रीज़ रीज़न है कि हर एक मीडियम के अंदर जो स्पीड ऑफ लाइट है वो एक तो डिफरेंट है, अलग-अलग है। जिसकी वजह से क्या होता है जब लाइट जाती है ना तो लाइट एक तो अलग-अलग दिख जाती है। और वो बेंड क्यों करती है?

47:14

Speaker A

क्योंकि वेवलेंथ हर एक कलर की अलग होती है। जिसकी वेवलेंथ ज्यादा है वो कम बेंड होगा। जिसकी वेवलेंथ कम है वो क्या होगा?

47:20

Speaker A

ज्यादा बेंड होगा। अब याद रखना रेड हैज़ दी मैक्सिमम वेवलेंथ। कैसे याद करोगे? लाल लाल परी लाल परी आजकल गाना चला है। है ना?

47:30

Speaker A

लाल रंग जो है खतरनाक सिंबल है तो उसकी वेवलेंथ बड़ी ताकतवर होती है बेटा स्ट्रांग होती है तो यह बेंड नहीं करता और वायलेट जो है सबसे कम वेवलेंथ होता है तो वो जल्दी बेंड कर जाता है तो याद रखना दो

47:41

Speaker A

पॉइंट यहां पर लिख के रख लो वेवलेंथ रेड की ज्यादा वायलेट की कम और स्पीड जो स्पीड है ना वो भी रेड की ज्यादा ठीक है रेड लाइट ट्रेवल्स दी फास्टेट एंड डेविएट्स दी लीस्ट व्हाइल वायलेट ट्रेवल्स दी स्लोएस्ट

47:54

Speaker A

एंड डेविएट्स दी मोस्ट यानी वेवलेंथ इज़ डायरेक्टली प्रोपोर्शनल टू वेलोसिटी जिसकी उसकी वेवलेंथ ज्यादा उसकी वेलोसिटी ज्यादा पर इन्वर्सली प्रपोर्शनल टू डेविएशन। अगर ये समझ में आ गया ना तो मजा आ जाएगा। एकदम मजा आया। तुम कहोगे ओहो मजा ही आ गया। ये

48:10

Speaker A

समझ आया? कुछ क्वेश्चन करें? कुछ क्वेश्चन करोगे तो शायद क्लेरिटी मिलेगी। आ जाओ। कुछ क्वेश्चन करते हैं। कुछ क्वेश्चन करते हैं। अच्छा ये क्या है? स्पेक्ट्रम है। देखो हमारी आंखें क्वेश्चन करने से पहले सुन लो। हमारी आंखें सारी लाइट नहीं देख

48:23

Speaker A

सकती। हमारी आंखें सिर्फ एक पर्टिकुलर वेवलेंथ की लाइट देख सकती हैं। और उसी को हम क्या बोलते हैं? विज़िबल लाइट और हमारे लिए वो विज़िबल लाइट होती है 400 टू 700 नैनोमीटर। नैनो यानी 10 रेज़ टू पावर 10

48:37

Speaker A

रेज़ टू पावर -9 मीटर। ठीक है? अगर लाइट की वेवलेंथ इनके बीच में है तो तो हमें दिखेगी। अगर इससे ज्यादा है तो भी नहीं दिखेगी। इससे कम है तो भी नहीं दिखेगी। यानी हम सिर्फ इसी रेंज की लाइट्स को देख

48:48

Speaker A

पाते हैं। और यही होता है हमारे लिए विज़िबल रेंज। तो सबसे ज्यादा वेवलेंथ ये जो 700 वेवलेंथ है वो तो होती है रेड की। और सबसे कम 400 किसकी होती है? वायलेट की। बहुत बढ़िया। कुछ सवाल करते हैं जिससे कि

48:59

Speaker A

आपको और क्लेरिटी अभी मिलेगी। आ जाओ भाई। पहले बताएंगे ये वाला सवाल। ये रहा आपके स्क्रीन के ऊपर बेटा ₹1 करोड़ के लिए बताएं। हां भाई किस-किस से हो पाया? थोड़ा सा लॉजिकल एंड कॉनंसेप्चुअल क्वेश्चन है। इसमें क्या बोला है कि देखो प्रिज़्म को

49:14

Speaker A

उल्टा कर दिया है और एक वाइट लाइट को डाला है। तो ये पूछा गया है ये y क्या होगा? यह y क्या होगा? यह पूछा गया है। देखो अगर प्रिज़्म सीधा होता तो ऑर्डर क्या होता बताओ? नीचे कौन होता और सबसे ऊपर कौन

49:26

Speaker A

होता? नीचे होता वायलेट और सबसे ऊपर होता रेड। यस और नो। अगर प्रिज़्म सीधा होता। पर अब प्रिज्म उल्टा हो गया यार। तो अब प्रिज़्म उल्टा होगा तो ये ऑर्डर भी तो उल्टा होगा। है ना? तो अब इसके अंदर अब

49:38

Speaker A

इसके अंदर देखो पहले ऊपर कौन होता? रेड होता। देखो बेटा रेड होता ऊपर। और नीचे क्या होता? वायलेट। अब देखना बेटा अब ऊपर कौन होगा? अब ऊपर वायलेट होगा और नीचे रेड होगा। अगर ये समझ नहीं आया तो कुछ नहीं

49:52

Speaker A

करना। इसको उल्टा कर लो। एक बार उल्टा करके सोचो। एक बार इमेजिन करो उल्टा करोगे तो तुम्हें दिखेगा उल्टा करोगे तो दिखेगा कि ये y वाला तो रेड से मैच हो रहा है। देखो इस प्रिज़्म को ऐसे उल्टा कर दो इसकी

50:02

Speaker A

डायरेक्शन में तो तुम्हें y और आर सेम लगेंगे। यानी इसमें y क्या होगा? रेड और एक्स क्या होगा? वायलेट। तो इसमें y पूछ रहा है तो इसका करेक्ट आंसर होगा ए जो कि है रेड। चलिए आगे देखते हैं। व्हिच कलर

50:15

Speaker A

डेविएट्स दी मोस्ट एंड द लीस्ट इन डिस्पर्शन। एंड व्हाई? सबसे ज्यादा डेविएट करता है बेटा वायलेट। क्यों? वेवलेंथ कम है। और सबसे कम डेविएट करता है रेड। क्यों बोलो? हां वेवलेंथ ज्यादा है। चलिए आगे का क्वेश्चन भी देखते हैं। अगला सवाल वलेट

50:31

Speaker A

डेविएट्स दी मोस्ट एंड रेड डेविएट्स दी लीस्ट। अच्छा ये ऑप्शन वाला क्वेश्चन था। तो इसमें से तुम बता सकते हो कि क्या होता है? वायलेट जो होता है वो सबसे ज्यादा डेविएट करता है। और जो रेड जो है वो क्या

50:41

Speaker A

करता है? कम डेविएट करता है। क्यों? इनमें से कौन सा रीज़न लग रहा है? एक बार बताओगे चैट के अंदर। बताओ भाई कौन सा रीज़न लग रहा है? इसमें से सही उत्तर जो होना चाहिए आपका वो ए होना चाहिए। ठीक है? क्योंकि

50:52

Speaker A

यहां पर लिखा हुआ है ना देखो वेवलेंथ के अलावा एक और रीजन है ड्यू टू डिफरेंस इन स्पीड ऑफ लाइट। इसकी वेवलेंथ ज्यादा उसकी स्पीड भी ज्यादा। ठीक है जी। चलिए अगला सवाल। अगला सवाल आता है स्क्रीन के ऊपर।

51:01

Speaker A

नैरो बीम xy एक बीम डाली xy ऑफ वाइट लाइट इज पासिंग थ्रू दी ग्लास प्रिज्म ABC। ट्रेस इट पाथ। शो दी पाथ ऑफ द इमर्जेंट रे एज ऑब्ज़र्व्ड ऑन दी स्क्रीन PQ. नेम दी फिनोमिना। इस फिनोमिना को डिस्पर्जन बोलते

51:17

Speaker A

हैं। और कुछ नहीं करना भैया आपको। बस ये डायग्राम को कंप्लीट करना है। यहां से ऐसी जाएगी और अब क्या होगा? अब यहां पर यहां से भी सात रंगों में टूट जाती है। याद रखना। और यहां पर क्या होंगे? सात रंग

51:28

Speaker A

आपको दिखाई देने वाले हैं। किस ऑर्डर में दिखाई देंगे? विबग्योर। नीचे से स्टार्ट करना बेटा हमेशा। विबग्योर इस ऑर्डर में आपको दिखाई देने वाले हैं। क्या ये बात क्लियर? चलिए अगर ये एकदम डन है। तो आगे बढ़ते हैं। अब एक कांसेप्ट आ जाता है बेटा

51:43

Speaker A

न्यूटन प्रिज्म एक्सपेरिमेंट। न्यूटन बाबा जो है वो एक्सपेरिमेंट करते रहते हैं। है ना? जैसे कि तुम्हारे दोस्त भी तुम्हारे साथ बहुत एक्सपेरिमेंट करते हैं। है ना?

51:51

Speaker A

बेटा बेस्ट फ्रेंड जो हैं वो बड़े जरूरी होते हैं। बेस्ट फ्रेंड बनाना क्योंकि प्यार का पहला नाम बेस्ट फ्रेंड है और प्यार का आखिरी नाम भी बेस्ट फ्रेंड ही होता है। ठीक है? दोनों बेस्ट फ्रेंड हैं। तो बेस्ट फ्रेंड बनाओ वो बहुत जरूरी है।

52:08

Speaker A

बेस्ट फ्रेंड क्या होता है ना? आपके साथ मजे कर सकते हैं, मस्ती कर सकते हैं। हम तुम्हें जज नहीं करेंगे। इंपॉर्टेंट है। सिमिलरली ये न्यूटन भैया के पास बेस्ट फ्रेंड नहीं थे। तो ये क्या करते एक्सपेरिमेंट करते थे। तो इन्होंने क्या

52:18

Speaker A

करा? एक एक्सपेरिमेंट बनाया जिसका नाम था न्यूटन प्रिज़्म एक्सपेरिमेंट। तो इन्होंने सोचा कि अगर मैं एक प्रिज़्म के आगे उल्टा प्रिज़्म लगा दूं तो क्या होगा? तो इन्होंने क्या करा? देखो एक प्रिज़्म है उसमें क्या हुआ? डिस्पर्शन हो गया। और

52:30

Speaker A

उसके सामने एक और प्रिज़्म लगा दिया उल्टा। तो पता है क्या हुआ? वापस से वो जो सात रंग थे वो एक कलर के अंदर कन्वर्ट हो गया। यानी वाइट लाइट वापस से आ गई। देखो यहां से वाइट लाइट थी। डिंग डिंग डिंग डिंग

52:43

Speaker A

डिंग डिंग डिंग डिंग डिंग डिंग डिंग डिंग डिंग डिंग डिंग डिंग डिंग डिंग डन यानी कन्वर्ज हो गया वापस से। वापस से वाइट लाइट में कन्वर्ट हो गया। ठीक है? तो इसी को हम क्या बोलते हैं? डायग्राम भी

52:52

Speaker A

पूछा गया है बेटा पेपर के अंदर कई बार। है ना? इसी को हम बोलते हैं क्या? न्यूटन प्रिज्म एक्सपेरिमेंट। इसक न्यूटन ने क्या कहा था? दैट सनलाइट इज़ मेड अप ऑफ सेवन कलर्स एंड वो स्पेक्ट्रम बनाते हैं। पर

53:02

Speaker A

अगर हम उल्टा प्रिज्म आगे लगा दें, इनवर्स्ड प्रिज़्म लगा दें तो वापस से वो सात रंग किसमें कन्वर्ट हो जाएंगे? वाइट लाइट के अंदर कन्वर्ट हो जाएंगे। तो जो पूरा डायग्राम है टिंग टिंग टिंग टिंग टिंग टिंग ये पूरा डायग्राम बहुत बार पूछा

53:15

Speaker A

गया है। बहुत बार तो नहीं बोलूंगा बट कभी कबभार पूछा गया है। ठीक है? चलिए डन है बेटा। क्या ये चीज में कोई दिक्कत, कोई परेशानी, कोई दुविधा क्योंकि अब हम बढ़ने जा रहे हैं एक सबसे इंपॉर्टेंट टॉपिक की

53:26

Speaker A

तरफ जो कि है रेनबो फॉर्मेशन। रेनबो बहुत इंपॉर्टेंट है। रेनबो देखा है? रेनबो तो देखा होगा। रेनबो नहीं देखा तुमने? अरे भाई कैसे आता है रेनबो? तुम रेनबो अगर सामने देख रहे हो, यहां तुम्हें रेनबो दिख रहा है। इमेजिन करो। तो पीछे तुम्हारे

53:40

Speaker A

सूरज होगा। कभी नोट करा है? रेनबो हमेशा सन के अपोजिट साइड में बनता है। देखा है?

53:45

Speaker A

अब तुम बोलोगे भैया ये रेनबो कैसे बनता है? वही तो मैं बताऊंगा। रेनबो बनने के लिए दो कंडीशन होनी चाहिए। एक तो जहां मैं खड़ा हूं मेरे पीछे सूरज होना चाहिए। तभी सामने रेनबो बनेगा। वरना नहीं बनेगा। दूसरी कंडीशन। बारिश होनी चाहिए। क्योंकि

53:58

Speaker A

बारिश के बाद क्या होता है? छोटे-छोटे अ जो बूंद होती हैं, वाटर ड्रॉपलेट्स होती हैं, वह स्काई में रह जाती हैं। अब क्या होता है? वह डिटेल में समझना। यह डायग्राम भी पूछा गया है, बेटा। देखो अब क्या होता

54:09

Speaker A

है? यह एक मान लो वाटर ड्रॉपलेट है। रेन ड्रॉप है। अब देखो सनलाइट आई। सनलाइट क्या है बेटा? सनलाइट एक प्रकार का बताओ क्या है? सनलाइट इज अ वाइट लाइट। ठीक है? अब ये जो ड्रॉप है ना इट एक्ट्स एज अ प्रिज़्म।

54:24

Speaker A

ये प्रिज़्म की तरह काम करती है। और ये बोलती है आईला। प्रिज़्म की तरह काम करेंगे अपन। तो अपन क्या करेंगे? सबसे पहले देखना ये एयर है। ये वाटर है। तो सबसे पहले क्या होगा बेटा? यहां पर होगा सबसे पहले

54:35

Speaker A

रिफ्रेक्शन। लाइट हल्की सी बेंड होती है। बेंड होते सी एक और काम होता है क्योंकि ये प्रिज्म की तरह काम कर रहा है। तो यहां पर होता है डिस्पर्शन। डिस्पर्शन समझते हो ना? सात रंगों के अंदर डिवाइड हो गया। तो

54:46

Speaker A

पहले हुआ आर फिर हुआ डी। यहां पर लिख देता हूं बेटा आर डी। ठीक है? फिर अब क्या होता है? ये जो ड्रॉप देखो सात रंग में डिवाइड हो गया। है ना? सात रंग में डिवाइड हो गया। अब ये बूंद के ड्रॉप के एक सरफेस पर

54:58

Speaker A

टकराती है। और यहां से क्या होती है? इंटरनल रिफ्लेक्शन होता है। क्या होता है बेटा यहां पर? इंटरनल इंटरनल रिफ्लेक्शन यहां पर हो रहा होता है। ठीक है? लाइट यहां से बेंड कर गई। बेंड नहीं करी रिफ्लेक्शन हो गया। अब देखो यहां पर लाइट

55:13

Speaker A

आई। अब वापस से यहां क्या है? वाटर। यहां क्या है? एयर। तो वापस से क्या होगा?

55:17

Speaker A

रिफ्रेक्शन यहां पर होगा। वापस से डिस्पर्शन नहीं होगा। रिफ्रेक्शन यहां पर होगा। यानी रूल क्या है? सबसे पहले हुआ रिफ्रेक्शन। फिर हुआ डिस्पर्शन। फिर हुआ रिफ्लेक्शन। फिर हुआ रिफ्रेक्शन। यानी आर डी आरआर। आर आर आर आर डी आर आर आर डी आर

55:34

Speaker A

आर आर ठीक है तो प्रोसेस याद रखना पहले रिफ्रेक्शन सात रंगों में डिस्पर्शन रिफ्लेक्शन इंटरनल रिफ्लेक्शन और वापस से रिफ्रेक्शन अब अगर तुम देखोगे तो जब रेनबो दिखाई देता है तो सबसे ऊपर तुम्हें क्या दिखाई देगा देखो रेनबो में सबसे ऊपर रेड

55:50

Speaker A

कलर और नीचे तुम्हें वायलेट कलर तो रेनबो में ऊपर क्या होता है रेड नीचे क्या होता है वायलेट ठीक है तो ये फ्लो पूरा तुम याद रखना डायग्राम तुम पूरा का पूरा याद रखना वेरी इंपॉर्टेंट तो सबसे पहला सवाल सवाल

56:01

Speaker A

व्हाट आर दी टू नेसेसरी कंडीशन फॉर रेनबो फॉर्मेशन? पहला एक तो वाटर ड्रॉपलेट्स होनी चाहिए। दूसरा सन पीछे होना चाहिए। सूरज जो है वो पीछे होना चाहिए। तभी तो सामने रेनबो बनेगा। वरना कैसे बनेगा? ठीक है? चलिए बहुत बढ़िया। तो याद रखना रेनबो

56:15

Speaker A

क्या होता है? रेनबो इज दी नेचुरल एग्जांपल ऑफ डिस्पर्शन। जो कि रेनफॉल की वजह से होता है। अब इसमें प्रोसेस क्या है? एक-एक करके मैं आपको बता चुका हूं। पहले होता है रिफ्रेक्शन। लाइट रिफ्रेक्ट करती है। फिर होता है डिस्पर्शन। फिर होता

56:28

Speaker A

है इंटरनल रिफ्लेक्शन। एंड देन वापस से क्या होता है? रिफ्रेक्शन यानी आर डी आर आर ये याद रखना बेटा। ठीक है? वेरीेंट। और फाइनली जो रेनबो आता है उसमें ऊपर क्या होता है? रेड। नीचे क्या होता है? वायलेट।

56:42

Speaker A

ये कलर भी याद रखना। ठीक है जी। ये सारी की सारी चीजें मैं आपको ऑलरेडी बता चुका हूं। चलिए क्योंकि ये देखो क्वेश्चन पूछा गया है कि हाउ रेनबो इज़ फॉर्म्ड?

56:50

Speaker A

एक्सप्लेन विद दी हेल्प ऑफ़ डायग्राम। तीन नंबर के अंदर ये आता है मेनली। तुम्हें पता होना चाहिए यार। बहुत बेसिक क्वेश्चन है। आ जाओ क्वेश्चन। द फिनोमिना ऑफ़ लाइट इनवॉल्वड इन द फॉर्मेशन ऑफ रेनबो क्या होता है? आर डी आर आर आर डी आर आर

57:05

Speaker A

रिफ्रेक्शन डिस्पर्शन और टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन। ठीक है? क्या-क्या हो गया बेटा? यहां पर आप देख सकते हो रिफ्रेक्शन होता है सबसे पहले। फिर डिस्पर्शन होता है। फिर रिफ्लेक्शन होता है। तो इसका करेक्ट आंसर ये होगा। अब तुम बोलोगे भैया

57:19

Speaker A

ये क्यों नहीं? देखो टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन अभी आपके एनसीईआरटी के सिलेबस के हिसाब से आंसर गलत है। एक्चुअली में ये आंसर बी होगा। उसके बारे में चलो अभी बात नहीं करते। बट इसका आंसर ए होगा एनसीईआरटी के हिसाब से। अभी बस आप इतना समझ लो। चलिए

57:34

Speaker A

एक्सप्लेन दी फॉर्मेशन ऑफ़ रेनबो। देखो देख अपनी आंख खोल। सुन मेरी बात। कैसा है?

57:41

Speaker A

पढ़ाई लिखाई अच्छी चल रही है या कहीं डिस्ट्रैक्शन हो रहा है? हां भाई अगर कभी भी देखना बेटा अगर डर गए अगर कभी भी लाइफ में तुम्हें डिस्ट्रैक्शन फील हो तो अपनी डीपी देख लेना डीपी देख लेना और फिर कहना

57:56

Speaker A

नहीं भैया बहुत मेहनत करनी है ठीक है डीपी देखोगे तो बेटा मोटिवेशन आएगा ये क्वेश्चनेंट बहुत बार पूछा गया है कैसे रेनबो फॉर्म होता है है ना तो डायग्राम बनाना है और आपको एक्सप्लेन करना है रिफ्रेक्शन डिस्पर्शन रिफ्लेक्शन और वापस

58:11

Speaker A

से रिफ्रेक्शन चार स्टेप होते हैं। अच्छा अब क्वेश्चन पूछा गया है व्हाई अ रेनबो इज ऑलवेज फॉर्म्ड इन अपोजिट डायरेक्शन? ऐसा क्यों होता है? ऐसा क्यों होता है? बताओ ऐसा क्यों होता है? क्योंकि जब लाइट अंदर आती है तो वो टकराती है रेन ड्रॉप से और

58:25

Speaker A

वहां पर इंटरनल रिफ्लेक्शन होता है। और इंटरनल रिफ्लेक्शन के बाद लाइट वापस जाती है। इस वजह से अपोजिट डायरेक्शन में। ड्यू टू रिफ्लेक्शन। ड्यू टू रिफ्लेक्शन। ठीक है? बहुत बढ़िया। ये एक चीज क्लियर हो गई है। अगला सवाल। ड्रॉ अ रे डायग्राम टू शो

58:41

Speaker A

फॉर्मेशन ऑफ रेनबो। वही क्वेश्चन है बेटा। ये लो भाई। ये लो। ये देखो ए बी सी। बताओ क्या हुआ? ए में क्या होगा बेटा? यहां पर रिफ्रेक्शन और क्या होगा? डिस्पर्शन। यहां पर क्या होगा? इंटरनल रिफ्लेक्शन। और लास्ट सी में क्या होगा? वापस से

58:55

Speaker A

रिफ्रेक्शन होगा। टू नेसेसरी कंडीशंस क्या होती है? वो भी यहां पर लिखी हुई हैं। तो ये दोनों कंडीशन जो मैं आपको 10 बार चिल्ला-चिल्ला के बता चुका हूं। वो तुम याद रखना। ठीक है? चलिए जी। अब बढ़ जाते

59:05

Speaker A

हैं अगले टॉपिक की तरफ जो कि है एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन। चलिए भाई फटाफट से इस चैप्टर के लास्ट टॉपिक लास्ट में सेकंड लास्ट टॉपिक है उसको फिर करेंगे अपन। ठीक है? आ जाओ इसके बाद आएगा लास्ट टॉपिक। तो ये है एमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन।

59:18

Speaker A

व्हाट इज़ एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन? समझना। हमारे जो एटमॉस्फेयर है ना उसमें बहुत सारी लेयर्स हैं। जग्राफी में पढ़ते हो ना स्ट्रेटोस्फीयर, ट्रोपोस्फीयर बहुत सारी लेयर्स हैं। और उन सारी लेयर्स की अलग-अलग डेंसिटी है। तो तुम अब मुझे खुद बताओ। मान

59:30

Speaker A

लो ये मैं हूं। ये मेरा अर्थ है। यहां पर मैं खड़ा हूं और बहुत सारी लेयर हैं। और इन लेयर की सबकी अलग-अलग क्या है?

59:37

Speaker A

डेंसिटीज हैं। ऑप्टिकल डेंसिटी अलग है। तो आप खुद बताओ जब लाइट आएगी, लाइट टकराएगी तो क्या होगा? लाइट बेंड होगी। तो लाइट हल्की-फुल्की ऐसे बेंड होती रहती है। है ना? जितनी ज्यादा लेयर्स हैं, उतनी ज्यादा लाइट की बेंडिंग होती रहती है। और उसी

59:50

Speaker A

प्रोसेस को हम बोलते हैं एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन। यानी रिफ्रेक्शन ड्यू टू एटमॉस्फेयर। एटमॉस्फेयर में क्या है?

59:56

Speaker A

डेंसिटी अलग-अलग है। ठीक है? इसी प्रोसेस को हम क्या बोलते हैं? एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन इट इज दी बेंडिंग ऑफ लाइट और अदर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव एज दे पास थ्रू अर्थ एटमॉस्फयर। क्यों होता है ये?

60:08

Speaker A

इट अकर्स बिकॉज़ एटमॉस्फेरिक लेयर्स हैव डिफरेंट ऑप्टिकल डेंसिटी। अलग-अलग डेंसिटीज हैं तो उसकी वजह से लाइट क्या है? बेंड होती रहती है। ये तो बहुत सिंपल बात हो गई। चलिए भाई आगे बढ़ते हैं। अब इसके जो एग्जांपल है ना वो तुम्हें याद

60:21

Speaker A

रखने हैं। पहला एग्जांपल अपेरेंट पोजीशन ऑफ़ स्टार। अगर आज मैं तुमसे बोलूं कि जो तुम सितारा देख रहे हो और तुम उसको प्रॉमिस कर रहे हो कि तेरे लिए चांद सितारे तोड़ लाऊंगा वो एक्चुअली में सितारा है ही नहीं हैं हां जो तुम सितारा

60:35

Speaker A

देख रहे हो वो उसकी एग्जैक्ट पोजीशन है ही नहीं समझाता हूं एक डायग्राम की मदद से देखो भैया ये रहे तुम जो तुम उसको वादा कर रहे हो पढ़ाई लिखाई ना हो पा रही तुमसे ये है एटमॉस्फेयर की लेयर्स ये है एटमॉस्फेयर

60:47

Speaker A

की लेयर्स ठीक है अब देखना एक्चुअली में स्टार यहां पर है बट क्या होगा लाइट बेंड होती जाएगी है ना? तो लाइट क्या हो रही है? बेंड बेंड बेंड बेंड बेंड बेंड बेंड और तुम्हारी आंख तक आ रही है। अब तुम्हें ऐसा लग रहा है

61:01

Speaker A

तुम्हें इमेज दिख रही है? एक्चुअल स्टार नहीं दिख रहा। तुम्हें ऐसा लग रहा है कि स्टार की एक्चुअल पोजीशन तो भैया ये है। यानी तुम्हें स्टार ऊंचा दिखाई दे रहा है। और इसी को हम बोलते हैं अपेरेंट स्टार

61:11

Speaker A

पोजीशन। यानी नकली। स्टार की नकली पोजीशन है ये। समझे? ये डायग्राम समझे? आंसर क्या है? ड्यू टू एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन। पूरा का पूरा यहां पर लिखा भी हुआ है। जो मैंने आपको समझाया वही लिखित में है। तो एक बार

61:24

Speaker A

इसको रीड कर लेना। ठीक है जी? समझ गए ना? क्या हुआ? लाइट बेंड करी जिस वजह से एक्चुअली में हमें नहीं दिखा। अपेरेंट हाइट हमें दिखी। अगला आता है कांसेप्ट ट्विंकल और स्टार। ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार। गाना सुना है बचपन में? वो गाना

61:40

Speaker A

झूठ था। स्टार ट्विंकल करते हैं ना। क्यों? क्योंकि स्टार लिटिल है ही नहीं। बचपन से धोखा हो रहा था। लिटिल लिटिल। अरे नहीं है लिटिल। स्टार बड़े हैं। इसी वजह से स्टार ट्विंकल करते हैं। समझाता हूं कैसे। देखो स्टार ना हमसे बहुत दूर हैं।

61:54

Speaker A

वैसे बहुत बड़े हैं बट हमसे बहुत दूर हैं। तो क्या है ना इतना दूर है वो कि हमारे लिए वो एक पॉइंट साइज इमेज बन जाती है। पॉइंट साइज ऑब्जेक्ट है वो एक छोटा सा पॉइंट जैसा। ठीक है? अब मान लो उधर से

62:04

Speaker A

लाइट आ रही है। अब क्या हो रहा है? हमारा अर्थ रोटेट कर रहा है। कर रहा है ना? तो जो एटमॉस्फियर है वो भी चेंज हो रहा है। कंटीन्यूअसली हो क्या रहा है ना?

62:13

Speaker A

कंटीन्यूअसली क्या हो रहा है? समझना बेटा। कंटीन्यूअसली क्या हो रहा है? हमारा जो एटमॉस्फयर है वो बदल रहा है। देखना बेटा यहां पर ये एटमॉस्फेयर है मेरा और ये एटमॉस्फेयर ना बदल रहा है। ये चेंज होता जा रहा है। अगर एटमॉस्फेयर बदल रहा है

62:24

Speaker A

ड्यू टू रोटेशन तो उससे क्या होगा? एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन भी बदलेगा। मान लो यहां पर यहां था। ठीक है? इसकी लाइट आ रही थी। अब क्या होगा? लाइट कभी इसकी बेंड करेगी, कभी इधर बेंड करेगी, कभी इधर बेंड करेगी, कभी इधर, कभी इधर, कभी इधर, कभी

62:38

Speaker A

इधर। ऐसे लाइट बेंड करती जाएगी। क्यों? क्योंकि एटमॉस्फेयर का रिफ्रेक्शन सेम नहीं है ना। डेंसिटी बदलती जा रही है क्योंकि हमारा अर्थ घूम रहा है। अब उसकी वजह से क्या होता है? कभी लाइट तुम्हारी आंखों में आती है। कभी लाइट कम आती है।

62:49

Speaker A

कभी ज्यादा आती है, कम ही आती है। इस वजह से तुम्हें लगता है ट्विंकल ट्विंकल लिडल स्टार। ठीक है? तो इसका आंसर क्या है?

62:56

Speaker A

ट्विंकलिंग ऑफ़ स्टार इज़ कॉज्ड बाय एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन। ड्यू टू कंटीन्यूअस चेंज इन द एयर, टेंपरेचर, प्रेशर एंड डेंसिटी, द रिफ्रैक्टिव इंडेक्स ऑफ एटमॉस्फयर कीप चेंजिंग। चेंज होता जा रहा है। कॉजिंग दी पाथ ऑफ़ स्टार लाइट टू बेंड इर्रेगुलरली सिंस स्टार

63:12

Speaker A

अपीयर्स एज़ दी पॉइंट साइज ऑब्जेक्ट। एकदम छोटा सा पॉइंट जैसा दिखता है। इवन अ स्लाइड चेंज इन दी लाइट पाथ लीड्स टू वेरिएशन इन ब्राइटनेस। यानी अगर छोटा-मोटा भी चेंज हो गया ना तो हमें क्या लगेगा? आई ला यहां तो कुछ हो गया। स्टार तो ट्विंकल

63:27

Speaker A

ट्विंकल कर रहा है। क्यों? क्योंकि हल्का सा चेंज आता है। हल्का सा लाइट इधर इधर मैं इधर चला। मैं उधर वैसे ही। ठीक है? अब इसका एक और एग्जांपल है वो मैं आपको बताता हूं। वो है एडवांस सनराइज एंड सन डिले।

63:40

Speaker A

मैं एक बताता हूं तुम्हारी शक्तियों के बारे में। तुम्हारे पास एक शक्तियां है कि तुम सूरज उगने से 2 मिनट पहले देख सकते हो और सूरज उगने के 2 मिनट बाद भी देख सकते हो। कैसे समझाता हूं एक डायग्राम की मदद

63:49

Speaker A

से। देखो जब सूरज उगता है ना इसका आंसर भी वैसे एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन ही है। तो ये आपका हॉररजन होता है। पढ़ा होगा। ये हॉरिजन है। तो सूरज हॉररजन के नीचे है। अभी उगा नहीं है सूरज। पर लाइट बेंड

64:01

Speaker A

होते-होते ड्यू टू एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन तुम्हारी आंखों तक आ जाती है। और तुम्हें क्या लगता है? तुम्हें लगता है अरे सूरज भैया प्रणाम यानी 2 मिनट पहले तुम सूरज को देख लेते हो सुपर पावर है बेटा तुम ही हो

64:15

Speaker A

शक्तिमान ठीक है सिमिलरली जब सूरज ढल जाता है जब सूरज नीचे आ जाता है तो 2 मिनट के बाद भी तुम सूरज को देख सकते हो क्यों क्योंकि लाइट तुम्हारी आंखों तक आती है ड्यू टू एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन ठीक है जी

64:27

Speaker A

क्या बात क्लियर है द सन इज़ विज़िबल टू अस अबाउट 2 मिनट्स बिफोर एंड एक्चुअल सनराइज़ क्यों होता है द रीज़न इज़ एटमॉस्फेरिक िक रिफ्रेक्शन याद रखना रीज़ क्या है?

64:38

Speaker A

एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन। चलिए बहुत बढ़िया। अच्छा एक सवाल बार-बार पूछा गया है। व्हाई डू प्लेनेट्स डू नॉट ट्विंकल? स्टार तो करते हैं ट्विंकल ट्विंकल लीटर स्टार?

64:47

Speaker A

प्लनेट तो नहीं गलते। हम टेलिस्कोप से देख रहे हैं पर प्लनेट तो ट्विंकल ही नहीं करते। क्यों? क्योंकि ना स्टार तो बहुत दूर हैं। प्लनेट्स तो पास में हैं। हां। तो जब स्टार बहुत दूर होता है ना तो वो

64:58

Speaker A

हमारे लिए एक पॉइंट साइज ऑब्जेक्ट लगता है। हमें एक छोटा सा ऑब्जेक्ट। जबकि जो प्लनेट है उसके अंदर बहुत सारे लाइट के सोर्सेस हैं। छोटे-छोटे छोटे-छोटे। तो अगर हल्काफुल्का वेरिएशन आ भी गया ना किस में?

65:09

Speaker A

डेंसिटी में तो वो लाइट हल्की-फुल्की बेंड भी होगी। पर कभी भी हमें ऐसे ट्विंकल ट्विंकल इफेक्ट नहीं आएगा। रीज़न क्या है?

65:16

Speaker A

क्योंकि प्लनेट्स करीब हैं। स्टार दूर। ठीक है? तो याद रखना ये भी सवाल बहुत बार पूछा गया है। स्टार मार्क कर रहा हूं। प्लनेट्स आर मच मोर क्लोजर टू अर्थ देन स्टार। ठीक है? दे अपीयर्स एज दी एक्सटेंडेड सोर्स ऑफ़ लाइट। यानी वो एक

65:30

Speaker A

पॉइंट सोर्स नहीं होते। एक छोटा सा सोर्स नहीं है। एक पूरा प्लनेट के अंदर बहुत सारे पॉइंट सोर्स होते हैं। बहुत सारे। ठीक है? ईच प्लेनेट्स एक्ट लाइक अ ग्रुप ऑफ टाइनी पॉइंट सोर्सेस। एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन इफेक्ट्स ईच पॉइंट स्लाइटली

65:44

Speaker A

डिफरेंटली। यानी अगर इस छोटे से पॉइंट की जो लाइट आ रही है उसमें हल्का-फुल्का लाइट बेंड भी हो जाएगी तो भी कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। ठीक है? सो दी ओवरऑल ब्राइटनेस रिमेन स्टेबल। यानी जो ओवरऑल लाइट आ रही है वो कैसी रहेगी? बदलेगी

65:59

Speaker A

नहीं। सेम रहेगी। क्या ये चीज़ क्लियर समझे कि व्हाई डू प्लेनेट्स ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार? हाउ यू वंडर व्हाट यू आर?

66:07

Speaker A

ठीक है। बहुत बढ़िया। ये कांसेप्ट समझ गए? अब बढ़ते हैं इस चैप्टर के ऑलमोस्ट आखिरी कांसेप्ट की तरफ जो कि है स्कैटरिंग ऑफ लाइट। अच्छा स्कैटरिंग ऑफ लाइट पढ़ा रहा हूं। बट उससे पहले एक चीज याद रखो बेटा।

66:21

Speaker A

बहुत बार ना लाइफ में तुम्हें ऐसा लगेगा कि यार अब गिव अप कर देते हैं। नहीं हो पा रहा। वरना कभी गिव अप मत करना। तुम्हारे सामने जो लड़का खड़ा है ना यह तुमसे ज्यादा बड़ा नहीं है। आज के समय पर मेरी

66:33

Speaker A

उम्र 23 साल। मैं अपने कॉलेज टाइम में ना मुझे बहुत लोग बोलते थे कि यार क्या कर रहा है? क्यों पूरे-पूरे दिन भर काम करता रहता है? क्यों मेहनत करता रहता है? क्या मिलेगा इतनी मेहनत करके? क्या होगा? क्या नहीं होगा?

66:49

Speaker A

सब लोग उस समय पर प्लेसमेंट वगैरह ले रहे थे। मैंने नहीं ली। मैंने जॉब नहीं ली। मुझे जॉब मिली। मैंने ठुकरा दी। उस समय पर मेरी फाइनेंसियल कंडीशन अच्छी नहीं थी। वो लड़का जो कि रेलवे में बिना टिकट के

67:01

Speaker A

ट्रैवल करा करता था। ठीक है? पर एक जज्बा था, एक जुनून था यार बेस्ट लगाना है, अपनी मेहनत लगाना है। जो होगा देखा जाएगा। पर अगर आज मैंने अपने सपनों के लिए काम नहीं करा ना तो मैं खुद को अपनी शक्ल नहीं दिखा

67:15

Speaker A

पाऊंगा। तो मैंने मेहनत लगाई। आज मैं तुम्हारे सामने खड़ा हूं यार। वो लड़का जो कि ट्रेन की टिकटों में बड़ी छुपा छुपा के ट्रैवल किया करता था। इधर से डब्बे से इधर भागा करता था। क्यों? क्योंकि उसके पास

67:30

Speaker A

टिकट नहीं हुआ करती थी। आज वो फ्लाइट कोई भी फ्लाइट जो उसकी मर्जी हो वो करा सकता है। प्राइवेट जेट ले सकता है ना वो लड़का तो। यानी चीज ना बदलती हैं। कैसे बदली? मेहनत से। तो कभी भी तुम्हें गिव अप करने का मन हो

67:46

Speaker A

ना याद रखना अगर मैंने कर लिया ना तो तू तो मेरा स्टूडेंट है यार तुम बिल्कुल करोगे कुछ बड़ा उखाड़ोगे जिंदगी में ठीक है चलिए अब आते हैं स्कैटरिंग ऑफ लाइट की तरफ स्कैटरिंग ऑफ लाइट क्या है ये नाइंथ

67:58

Speaker A

में वैसे पढ़ा था पर बट नाइंथ में तुमने पढ़ाई नहीं करी थी कोई बात नहीं क्या होता है जब लाइट आती हैं और छोटे-छोटे पार्टिकल से टकराती हैं ये लाइट है और जब छोटे-छोटे पार्टिकल से टकराती हैं तो लाइट क्या हो

68:07

Speaker A

जाती है अलग-अलग डायरेक्शन में रिफ्लेक्ट हो जाती हैं। अलग-अलग डायरेक्शन में रिफ्लेक्ट हो जाती हैं। फैल जाती हैं। और उसी प्रोसेस को हम बोलते हैं स्कैटरिंग ऑफ लाइट। क्या बोलते हैं बेटा? स्कैटरिंग ऑफ लाइट। ठीक है? रिफ्लेक्शन ऑफ लाइट फ्रॉम

68:19

Speaker A

एन ऑब्जेक्ट इन ऑल डायरेक्शन इज कॉल्ड स्कैटरिंग ऑफ लाइट। याद रखना डिस्पर्शन था सात रंगों में डिवाइड करना। स्कैटरिंग क्या है? लाइट टकराई और हर डायरेक्शन के अंदर हर डायरेक्शन के अंदर क्या? फैल गई। उसको हम बोलते हैं स्कैटरिंग। ठीक है?

68:32

Speaker A

अच्छा अब स्कैटरिंग किस पे डिपेंड करती है? समझना। अगर छोटा पार्टिकल है अगर छोटा पार्टिकल टकरा रहा है तो तो वो जो हल्कीफुल्की लाइट है ना जिनकी वेवलेंथ कम है वो स्कैटर हो जाएंगी। हल्कीफुल्की लाइट कौन सी है? वायलेट इंडिगो ब्लू वो स्कैटर

68:47

Speaker A

हो जाएंगी। बट अगर बड़ा पार्टिकल है तो रेड कलर भी स्कैटर हो जाएगा। ठीक है? वेरी फाइन पार्टिकल स्कैटर मेनली ब्लू लाइट जो छोटे पार्टिकल हैं ब्लू लाइट को स्कैटर करते हैं। और जो बड़े-बड़े साइज के पार्टिकल हैं वो क्या करते हैं? हैं वो तो

68:59

Speaker A

रेड कलर को भी स्कैटर करा देते हैं। तो सबसे पहले ब्लू कलर जाता है विबगोर और लास्ट में जाके लाल रंग दिखाई दे रहा होता है। ठीक है जी? अब इस चीज को कुछ कांसेप्ट की मदद से समझने की कोशिश करते हैं। पहला

69:11

Speaker A

क्या है कांसेप्ट? टिंडल इफेक्ट। टिंडल इफेक्ट भी नाइंथ में पढ़ा था। टिंडल इफेक्ट क्या है? अगर एक मीडियम में बहुत सारे छोटे-छोटे पार्टिकल्स हैं और वहां पर हम टॉर्च मारें, तो जो लाइट का पाथ है ना वो विज़िबल हो जाता है। नोट करा है? नोट करा

69:26

Speaker A

है? कभी कबभार अगर तुम एक जगह पे जाओगे पहाड़ में, फॉरेस्ट में, तो उसमें बहुत सारे डस्ट पार्टिकल होते हैं। उसकी मदद से पाथ हमें दिखने लगता है। और इसी प्रोसेस को इसी फिनोमिना को हम क्या बोलते हैं?

69:38

Speaker A

इसी फिनोमिना को हम बोलते हैं टिंडल इफेक्ट। याद रखना। क्या बोलते हैं? टिंडल इफेक्ट। तो देखो, द अर्थ एटमॉस्फियर इज़ हेटेरिनस। हेटेरोजीनस क्या होता है? बहुत सारे डस्ट वगैरह के पार्टिकल हैं। ठीक है?

69:50

Speaker A

व्हेन अ बीम ऑफ लाइट स्ट्राइक्स सच फाइन पार्टिकल द पाथ ऑफ दी बीम बिकम्स विज़िबल एंड दिस प्रोसेस इज़ नोन एज व्हाट टिंडल इफेक्ट। जब लाइट का पाथ विज़िबल हो जाएगा तब हम उसको क्या बोलेंगे? तब हम उसको

70:04

Speaker A

बोलेंगे बहुत बढ़िया। मेनली ये कहां होता है? डेंस फॉरेस्ट में होता है। अगर आपने नोट करा हो तो कहां पर होता है? जब कैनोपी ऑफ़ द डेंस फॉरेस्ट में से लाइट आती है तो उसका पाथ दिख रहा होता है। फॉर एग्जांपल

70:14

Speaker A

दिस। ये चीज़ क्लियर है? अच्छा अब स्कैटरिंग ऑफ लाइट के कुछ एग्जांपल्स देखते हैं। कुछ फिनोमिना देखते हैं। बस एक मिनट पानी पी लूं। उसके बाद समझाता हूं। हां भाई देखो पहला फिनोमिना है ब्लू कलर ऑफ स्काई। हमारा स्काई का रंग कैसा है?

70:28

Speaker A

अरे नीला है। क्यों है नीला? कभी सोचा है? नीला कलर क्यों है? क्योंकि देखो लाइट आती है सूरज से। वो तो वाइट ही होती है। पर छोटे-छोटे पार्टिकल्स हैं। तो वो क्या होते हैं? वो स्कैटर हो जाते हैं। सबसे

70:39

Speaker A

पहले कौन स्कैटर होता है? बताओ। ब्लू कलर होता है। मतलब वायलेट इंडिगो ब्लू। देखो बेटा वायलेट इंडिगो ब्लू यही तो फ्लो होता है। तो सबसे पहले ये तीन रंग होते हैं स्कैटर और जो तुम्हें स्काई का कलर दिखता

70:51

Speaker A

है ना वो एक्चुअली में ब्लू नहीं होता वो इन्हीं तीन का क्या होता है? कॉम्बिनेशन होता है। बहुत बढ़िया। तो याद रखना क्या होता है? स्कैटरिंग इज इन्वर्सली प्रोपोर्शनल टू वेवलेंथ। जिसकी वेवलेंथ ज्यादा उसकी स्कैटरिंग कम। अरे वही बात है

71:04

Speaker A

ना यार जो ज्यादा ताकतवर है वह थोड़ी ना फैल जाएगा। जल्दी नहीं फैलेगा। बाद में फैलेगा। ठीक है? तो ब्लू विद दी शॉर्टेस्ट वेवलेंथ विल स्कैटर मोर कंपेयर टू रेड। ठीक है? तो इस वजह से क्या होता है?

71:14

Speaker A

छोटे-छोटे पार्टिकल्स की वजह से हमारा जो स्काई है वो क्या दिखता है हमें? ब्लू। पता है वैसे स्काई का कलर क्या होता है?

71:19

Speaker A

ब्लैक होता है। ठीक है? स्कैटरिंग की वजह से हमें क्या लगता है? ब्लू लगता है। अब एक क्वेश्चन देखते हैं। ये मतलब एक इंपॉर्टेंट पॉइंट है। अगर अर्थ का एटमॉस्फियर ना हो, छोटे-छोटे पार्टिकल्स ना हो, तो क्या लाइट कभी स्कैटर होगी?

71:32

Speaker A

नहीं होगी ना? तो हमारा स्काई कैसा होगा? स्काई होगा ब्लैक। ठीक है? नो स्कैटरिंग लाइट वुड अकर एंड द स्काई वुड अपीयर डार्क। डार्क दिखाई देगा। हां। अच्छा एक पॉइंट और है। व्हाई रेड इज यूज्ड इन डेंजर सिग्नल। अगर तुमने देखा हो तो लाल कलर

71:50

Speaker A

डेंजर है। है ना? वो रेलवे ट्रैक्स में लाल कलर दिखा रहे हैं। ट्रैफिक लाइट में लाल। क्यों? क्योंकि रेड कलर हैज़ हाई वेवलेंथ। स्कैटर नहीं होता। फैलता नहीं है। तो अगर कोई इंसान दूर भी है ना, उसको भी लाल रंग दिख जाएगा। तुम ट्राई भी कर

72:03

Speaker A

सकते हो। लाल कलर तुम बहुत अंधेरे में बहुत दूर से देख लोगे। पर अगर ब्लू कलर होगा वो तुम्हें नहीं दिखाई देगा। क्यों?

72:09

Speaker A

क्योंकि ब्लू कलर तो अच्छा चलता हूं फैल जाता है पर लाल रंग नहीं फैलता। ठीक है?

72:15

Speaker A

तो उसकी वेवलेंथ ज्यादा होती है। इसलिए वो क्या रहता है? दूर तक भी आपको विज़िबल होता है। चलिए अब कुछ क्वेश्चंस देखते हैं बेटा। जैसे ये क्वेश्चन है। ऑन अ विंड नाइट स्टार अपीयरर्स टू ट्विंकल मोर। व्हाई? बताओ भाई। क्यों? स्टार क्यों

72:28

Speaker A

ज्यादा ट्विंकल करते हैं? जब हवा चल रही होती है। इसका क्या रीज़न आपको लगता है?

72:32

Speaker A

मोर लाइट स्कैटरिंग? क्या लाइट ज्यादा स्कैटर होती है? ग्रेटर वेरिएशन इन एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन क्या होता है?

72:37

Speaker A

बहुत बढ़िया। ऑब्वियस सी बात है। ऑब्वियस सी बात है। ग्रेटर वेरिएशन इन एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन। यानी हवा चल रही है तो एटमॉस्फेयर इधर से उधर जा रहा है। लाइट बार-बार बार-बार बार-बार ऐसे ऐसे-ऐसे हो रही है। तो हमारे में ऐसे हमें लगता रहेगा

72:51

Speaker A

कि यार ट्विंकल ट्विंकल ट्विंकल हो रहा है। तो ग्रेटर वेरिएशन इन एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन। ये क्वेश्चन है बेटा। स्टार अपीयरर्स टू ट्विंकल। स्टार्स क्या हमें ट्विंकल दिखता है हमें? क्या ये स्टेटमेंट ट्रू है? एकदम ट्रू है। रीज़न देखते हैं।

73:04

Speaker A

एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन कॉजेज़ दी लाइट ऑफ दी स्टार टू बेंड। क्या यह रीज़न भी सही है? यह भी सही है? तो ए एंड बी सही है। यानी इसका आंसर आ जाएगा ए। वाह जी वाह। बोथ ए एंड आर आर ट्रू। क्या बात है जी।

73:18

Speaker A

क्या ये चीज़ क्लियर है? नहीं समझ आया एक बार फिर रीड कर लें। स्टार्स अपीयर्स टू ट्विंकल। स्टार्स क्या होते हैं? ट्विंकल ट्विंकल। सही है? रीज़न देख। एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन कॉजज़ दी लाइट ऑफ दी स्टार टू बेंड कंटीन्यूअसली। यही तो होता है। मैं

73:32

Speaker A

इधर चला, मैं उधर चला। जाने कहां, मैं किधर चला। लाइट बेंड होती रहती है ना?

73:37

Speaker A

बहुत बढ़िया। चलिए जी। अब कुछ एग्जांपल और हैं स्कैटरिंग के ही जो कि तुम्हें याद रहना चाहिए क्योंकि सवाल आता है। पहला कलर ऑफ दी सन एट सनराइज़ एंड सनसेट। सूरज अगर तुम सुबह देखोगे या फिर शाम को देखोगे

73:51

Speaker A

एकदम अर्ली मॉर्निंग या अर्ली मतलब लेट इवनिंग। 5 6:00 बजे जब सन सेट हो रहा होता है तो स्काइनल लाल हो जाता है। वैसे तो स्काई ब्लू है। गद्दारी कर बे। क्या करता है वो देखते हैं एक डायग्राम की मदद से।

74:03

Speaker A

देखो बेटा ये डायग्राम इंपॉर्टेंट है। होता क्या है ना बेटा? नॉर्मली जब सूरज ऊपर होता है तो क्या होता है? ब्लू कलर क्या होता है? स्कैटर हो जाता है। है ना?

74:11

Speaker A

और जो सूरज की रोशनी होती है तुम्हें येलो कलर की दिखाई देती है। पर जब सनराइज़ अ सनसेट होता है तो हॉररजन से ये क्या होता है? हॉररजन। देखो हमारा जो अर्थ है वो ऐसा होता है। है ना? ऐसा। तो जब हॉररजन से

74:24

Speaker A

सूरज उगता है ना तो उसको बहुत लंबे पाथ को ट्रैवल करना पड़ता है। जब ऊपर होता है तब तो छोटे पाथ को ट्रैवल करना है। है ना? पर जब हॉररजन से आ रहा है जब उग रहा है तो

74:34

Speaker A

उसको बड़े लंबे पाथ को देखो ट्रैवल करते हुए आना है। तो होता क्या है? क्योंकि एक लंबा पाथ है। पहले कौन स्कैटर होगा?

74:42

Speaker A

क्योंकि छोटे-छोटे पार्टिकल तो हैं। तो पहले तो ब्लू लाइट, वायलेट लाइट स्कैटर हो जाता है। धीरे-धीरे बारी आती है येलो की। फिर बारी आती है ऑरेंज की और फिर बारी आती है रेड की। तो हमारे पास पहुंचते-पहुंचते रेड कलर भी स्कैटर हो जाता है। इस वजह से

74:56

Speaker A

सनराइज या सनसेट में आपको जो कलर दिखाई देता है वो रेडिश होता है। समझे बात को?

75:01

Speaker A

अरे मूर्खों प्यार से बुलाता हूं मूर्ख। ठीक है? बुरा नहीं मानना। हां, समझे। तो अब इसका रीज़न पढ़ लो। वैसे आपको समझा ही दिया। सन अपीयर्स रेड ड्यूरिंग सनराइज़ एंड सनसेट बिकॉज़ इट्स लाइट ट्रेवल लगर डिस्टेंस। लंबा डिस्टेंस ट्रेवल करना है।

75:14

Speaker A

तो जो शॉर्टर वेवलेंथ आर स्कैटर्ड अवे। पहले तो शॉर्टर वेवलेंथ वाले स्कैटर हो गए। व्हाइल लगर वेवलेंथ डोमिनेट गिविंग दी सन रेड अपीयर्स। यानी क्योंकि बाद में बचता कौन है? लाल। तो तुम्हें थोड़ा सा रेडिश कलर का स्काई दिख रहा होता है। लाल

75:30

Speaker A

रंग का स्काई दिखता है। सूरज भी थोड़ा लाल रंग का दिख रहा होता है। है ना? क्योंकि वो पहले हो गए स्कैटर। वो कहते हैं अच्छा चलता हूं। बचे सिर्फ ये वो पहले ही हो गए भैया स्कैटर। वो पहले ही डर गए। ठीक है?

75:39

Speaker A

तो ये एक बड़ा इंपॉर्टेंट चीज है। चलिए कुछ सवाल देखते हैं। फटाफट से आ जाइए। कुछ सवाल के जवाब देना बेटा। पहला सवाल आपकी स्क्रीन के ऊपर दोस्तों ये रहा टिडिंग टिडिंग टिडिंग व्हेन अ बीम ऑफ वाइट लाइट पाससेस थ्रू अ रीजन हैविंग वेरी फाइन

75:56

Speaker A

डस्ट पार्टिकल द कलर ऑफ द लाइट मेनली स्कैटर्ड इन दैट रीजन इज़ आपको क्या बताना है एक लाइट है जो कि वाइट लाइट है। ठीक है और वो क्या कर रहा है? रीजन हैविंग वेरी फाइन डस्ट पार्टिकल यानी बड़े छोटे-छोटे

76:09

Speaker A

पार्टिकल तो किसकी स्कैटरिंग होगी जो सबसे कमजोर होगा वही तो हार मानेगा। सबसे कमजोर कौन सा है बताओ इनमें से? इनमें सबसे कमजोर कौन सा है? ब्लू है। विबगोर। देखो ऑर्डर हमेशा याद रखना बेटा। अगर ये ऑर्डर तुमने याद कर लिया ना तो जिंदगी में मजा

76:24

Speaker A

ही मजा आ जाएगा। ठीक है? ये कम है। ये इससे ज्यादा, इससे ज्यादा, इससे ज्यादा, इससे ज्यादा, इससे ज्यादा, इससे ज्यादा। टिडिंग टडिंग टिंग टिंग आगे की डायरेक्शन में। ठीक है जी? चलिए, आगे बढ़ते हैं। डिफाइन एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन। पेपर में

76:37

Speaker A

पूछा गया है। एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन क्या होता है? बेंडिंग ऑफ लाइट ड्यू टू चेंज इन डेंसिटीज़ ऑफ एटमॉस्फेयर। यानी जो ऑप्टिकल डेंसिटी है उसमें अगर बदलाव आ रहा है तो क्या होगा? लाइट बेंड करेगी। उसी को हम क्या बोलते हैं? एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन।

76:52

Speaker A

एक्सप्लेन दी फॉलोइंग इफेक्ट विद दी रीज़न। पहला है ट्विंकलिंग ऑफ स्टार। क्यों होता है बेटा ट्विंकलिंग ऑफ़ स्टार? बताओ। क्योंकि अभी बता दिया है कि क्योंकि हमारा एटमॉस्फेयर कंटीन्यूअसली चेंज हो रहा है। उसकी डेंसिटी चेंज हो रही है। तो लाइट जो

77:05

Speaker A

है वो बेंड करती रहती है। और उसकी वजह से हमारी आंखों के अंदर जो लाइट की इंटेंसिटी आती है जो ताकत आती है लाइट की वो कभी कम होती है कभी ज्यादा होती है। वो वेरीरी करती रहती है। जिस वजह से हमें ऐसा लगता

77:16

Speaker A

है कि लाइट ट्विंकल ट्विंकल। ठीक है? एडवांस सनराइज़ एंड सनसेट। क्यों होता है? 2 मिनट पहले सनराइज़ देख लेते हैं और 2 मिनट बाद तक सनसेट देख सकते हैं। ठीक है?

77:27

Speaker A

तो जैसे आपको बता भी रखा है ये डायग्राम भी याद रखना। मान लो ये मैं हूं तो सन सेट भी हो गया ना अगर अंदर तो भी उसकी जो सन रेज है ना बेटा वैसे बेंड होते-होते आपके पास आती रहेंगी। तो आपको ऐसा लगता है कि

77:37

Speaker A

सूरज यहां पर है पर सूरज तो चला गया पर आपको लग रहा है। अच्छा इसका एक डायग्राम भी था वो मैं आपको डायग्राम दिखाता हूं। उससे आपको और क्लेरिटी मिलेगी। इसका एक डायग्राम था। देखो रियलिटी क्या है? सूरज

77:48

Speaker A

अंदर जा चुका है। बट हमें क्या लगता है? हमें ऐसा लगता है। समझे? इतना गैप आ जाता है। सूरज जा चुका है। बट हम कह रहे हैं हेलो सूरज जी आप तो यहीं हो। तो इतना बड़ा क्या आ जाता है? गैप इसके अंदर आ जाता है।

77:59

Speaker A

ठीक है जी। चलिए अगले सवाल की तरफ बढ़ते हैं। अगला सवाल। व्हाइल वाचिंग अ सनसेट अर्जुन ऑब्जर्व दैट दी सन अपीयर्ड ओवल इन शेप। बड़ा अच्छा सवाल है बेटा। अर्जुन जी ने क्या देखा कि जो सन है ना वो उसकी शेप

78:13

Speaker A

थोड़ी सी ओवल है। ठीक है? एंड स्टेड विज़िबल फॉर सम टाइम इवन आफ्टर इट हैड गॉन बिलो दी हॉररिजन। नीचे चला गया उसके बाद भी दिख रहा था। क्यों दिख रहा था? अभी बताया ना? क्योंकि हम 2 मिनट बाद तक देख

78:24

Speaker A

सकते हैं ड्यू टू एमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन। पर एक और सवाल है कि भाई ये बताओ कि सूरज जो है वो ओवल क्यों दिखाई देता है? अगर तुम ध्यान से कभी देखोगे ना सूरज को वो ओवल क्यों दिखता है? जब सनराइज़ सनसेट

78:35

Speaker A

होता है मेनली तब तुम्हें ओवल दिखेगा। क्यों? क्या लगता है? सोचा है कभी ओवल क्यों दिखता है? मैं बताता हूं। क्या होता है कि एटमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन है ना वही मेन रीज़न है। द सन लुक्स ओवल बिकॉज़ लोअर पार्ट इज मोर रिफ्रेक्टेड देन दी अपर

78:50

Speaker A

पार्ट। जो नीचे वाला पार्ट होता है ना बेटा ओवल दिखता है तुम्हें। क्यों? क्यों?

78:54

Speaker A

क्योंकि जो नीचे वाला पार्ट है वो क्या है? वो ज्यादा रिफ्रेक्ट होता है। ठीक है?

78:59

Speaker A

तो याद रखना लोअर पार्ट जो है वो ज्यादा रिफ्रेक्ट होता है। मोर देन अपर पार्ट। ऊपर वाला कम होता है। लोअर वाले का रिफ्रेक्शन ज्यादा है। तो हमें वो लंबा दिखाई दे रहा है। ऊपर वाला छोटा दिखाई देता है। ठीक है? तो इसका आंसर भी क्या

79:09

Speaker A

है? एमॉस्फेरिक रिफ्रेक्शन इसका सही आंसर होने वाला है। क्या ये बात हमें क्लियर है? ठीक है जी। लास्ट क्वेश्चन आज का गिव दी फॉलोइंग रीज़न। डेंजर सिग्नल आर इंस्टॉल्ड एट एयरपोर्ट एंड एट द टॉप ऑफ़ द बिल्डिंग दैट आर रेड। क्यों होते हैं?

79:23

Speaker A

वेवलेंथ। स्कैटर नहीं करता यह। अगला स्काई अपीयरर्स डार्क टू द पैसेंजर फ्लाइंग एट वेरी हाई एल्टीट्यूड। अगर कोई हवा में ऊपर उड़ रहा है ना तो उसको स्काई पता है डार्क दिखेगा। क्यों? क्योंकि अगर हम ऊपर उड़ रहे हैं तो सनलाइट नहीं है। और सनलाइट

79:39

Speaker A

नहीं है तो ब्लू स्काई दिख ही नहीं सकता। ब्लू स्काई नहीं दिखेगा फिर। क्योंकि ब्लू कलर तो सनलाइट की वजह से आता है। स्कैटरिंग की वजह से आता है। सन अपीयरर्स रेडिश। ये बता दिया। स्कूल बसेस आर पेंटेड

79:49

Speaker A

येलो। क्यों होते हैं स्कूल बसेस पेंटेड? येलो ये बताओ। मैं बताता हूं। देखो स्कूल बसेस आर पेंटेड येलो। बिकॉज़ येलो हैज़ दी हाई विजिबिलिटी। यानी ना लाल रंग दूर तक चलता है। बट ईजीली अगर मुझे कोई कलर देखना

80:03

Speaker A

है ना तो येलो है। तुम कपड़ों की दुकान में जाओ येलो देखोगे तो सबसे पहले नजर येलो पे जाती है। ठीक है? हाई विज़िबिलिटी एंड इजीली नोटिस्ड इन डिमलाइट। ठीक है? इस वजह से येलो कलर की स्कूल बसेस बनाई जाती है

80:15

Speaker A

तो दिख जाए कि दूर से दिख जाए कि अच्छा येलो नोटिसेबल है दिख जाता है। ठीक है? तो फाइनली मेरे भाइयों बहनों मित्रों दोस्तों यहां पर हमारा चैप्टर हो गया है समाप्त। ठीक है? एंड एंड नोट्स मिल जाएंगे।

80:28

Speaker A

Telegram जॉइ कर लेना। पर एक बड़ी प्यारी चीज मुझे आपको बताना यार। मुझे पता है बहुत बार ऐसा होता है कि अ गिव अप तुम्हें लगता है कर दो। बट गिव अप तो कभी मत करना। है ना? और स्पेशली लड़कियां हैं जिनके घर

80:41

Speaker A

में कभी कबार वो ताने सुनती हैं कि क्या कर लेगी पढ़ के। तो लड़कियों तुम तो याद रखना कि इंसान ना मकान बना सकता है और उसको घर एक लड़की बना सकती है। ठीक है? और लड़की चाहे ना तो वो जीवन में कुछ भी कर

80:55

Speaker A

सकती है। तो पहले तो तुम डीमोटिवेट नहीं होना। और अगर तुम डीमोटिवेटेड हो कोई भी तो एक ना एक बहुत प्यारी लाइन है। एक मूवी की लाइन है कि अगर एंडिंग एक फिल्म की एंडिंग अगर सैड है ना दुखी

81:09

Speaker A

एंडिंग है ना तो इसका ये मतलब होता है कि पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त। यानी अगला पार्ट जल्दी आने वाला है। सिमिलरली अगर तुम्हारी लाइफ के अंदर तुम्हें कभी भी ऐसा लगता है ना कि यार नहीं हो रहा है कुछ भी

81:20

Speaker A

नहीं हो रहा है। सब कुछ बुरा जा रहा है तो याद रखना अभी तुम्हारा कमबैक आएगा और वो तुम लेकर आओगे। चलिए ऑन दिस नोट शुक्रिया एवरीवन। नेक्स्ट लेक्चर कौन सा चाहिए कमेंट में जरूर बताना। मैं हूं आप सभी का

81:28

Speaker A

अपना प्रशांत भैया। मिलते हैं नेक्स्ट लेक्चर के अंदर। बाय-ब टेक केयर। बाय।

Topics: ह्यूमन आई आंख की संरचना कॉर्निया एक्वस ह्यूमर आइरिस प्यूपिल क्रिस्टलाइन लेंस सिलरी मसल रेटिना ऑप्टिकल नर्व

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