**House of Ambani | Chapter 01: The Origin | Dhirubhai Ambani — Transcript & Summary | SozAI**
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धीरूभाई अंबानी की संघर्षपूर्ण यात्रा, उनके बिजनेस सिद्धांत और Reliance की स्थापना की कहानी।

## Key Takeaways

- सपने बड़े हों और मेहनत के साथ उन्हें पूरा करने का जज्बा हो।
- सिस्टम के नियमों के भीतर रहकर भी रास्ता निकाला जा सकता है।
- व्यापार में तेज गति और जोखिम लेना सफलता की कुंजी है।
- राजनीतिक समर्थन और वित्तीय पूंजी दोनों जरूरी हैं।
- ब्रांडिंग और मिडिल क्लास की समझ से बाजार में सफलता मिलती है।

## What the video covers

- धीरूभाई अंबानी का बचपन गरीबी और संघर्षों से भरा था, लेकिन उनके सपने बड़े थे।
- उन्होंने स्कूली जीवन में देशभक्ति और सिस्टम के नियमों को समझकर अपने रास्ते बनाए।
- एडन में काम करते हुए उन्होंने मार्केट के खेल को समझा और ट्रेडिंग में अनुभव प्राप्त किया।
- धीरूभाई की शादी कोकिला पटेल से हुई, जो उनके सपनों का समर्थन बनीं।
- भारत लौटकर उन्होंने मुंबई में Reliance की शुरुआत की, छोटे संसाधनों के बावजूद तेज गति से काम किया।
- धीरूभाई ने ट्रेडिंग से मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़कर टेक्सटाइल मिल स्थापित की।
- उन्होंने मिडिल क्लास के लिए एक नया ब्रांड बनाया जो गुणवत्ता और किफायती था।
- 1975 की इमरजेंसी में उन्होंने बिजनेस के लिए राजनीतिक समर्थन की अहमियत समझी।
- 1977 में उन्होंने भारतीय स्टॉक मार्केट में क्रांतिकारी बदलाव किए।
- Reliance ने पेट्रोकेमिकल्स में भी कदम रखा और भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनी।

## Chapters

1. 00:00 धीरूभाई अंबानी का प्रारंभिक जीवन और संघर्ष
2. 02:48 एडन में काम और मार्केट की समझ
3. 09:01 शादी और सपनों का समर्थन
4. 10:32 भारत वापसी और Reliance की स्थापना
5. 13:25 ट्रेडिंग से मैन्युफैक्चरिंग की ओर
6. 14:48 ब्रांडिंग और मिडिल क्लास की समझ
7. 16:17 1975 की इमरजेंसी और राजनीतिक समझ
8. 17:35 1977 में स्टॉक मार्केट में बदलाव और विस्तार
9. 19:26 Reliance का विकास और भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनना

Answers

## Questions about this video

धीरूभाई अंबानी ने अपने शुरुआती जीवन में किन चुनौतियों का सामना किया?

धीरूभाई अंबानी का बचपन गरीबी और आर्थिक संघर्षों से भरा था, जहां परिवार की आर्थिक मजबूरी के कारण कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

धीरूभाई ने एडन में क्या सीखा और कैसे इसका फायदा उठाया?

एडन में काम करते हुए धीरूभाई ने मार्केट के खेल को समझा, ट्रेडिंग की बारीकियां सीखीं और मार्केट में अवसरों को पहचानना सीखा, जिससे उन्होंने बाद में अपने व्यापार को सफल बनाया।

Reliance कंपनी की शुरुआत कैसे हुई और इसका विकास कैसे हुआ?

धीरूभाई अंबानी ने मुंबई में ₹15,000 से Reliance की शुरुआत की, ट्रेडिंग से मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़े, टेक्सटाइल मिल स्थापित की और बाद में पेट्रोकेमिकल्स में कदम रखकर इसे भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनाया।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:04

Speaker A

इंडिया का सबसे पावरफुल स्टॉक मार्केट पूरे तरीके से रुक गया था। बस एक आदमी की वजह से। दलाल स्ट्रीट पर हजारों करोड़ जल रहे थे। ब्रोकर्स चिल्ला रहे थे और पूरी मार्केट सिर्फ एक ही चीज भूल रही थी।

00:27

Speaker A

यह अंबानीचोद है कौन? एक छोटा सा गांव, एक छोटा सा घर और एक छोटा सा लड़का। जिसके सपने बिल्कुल भी छोटे नहीं थे। हम आज उसे धीरू भाई के नाम से जानते हैं। धीरू लाल खाना खा। बापू वो जहाज कहां जाते हैं?

01:39

Speaker A

एडन मस्कट दूर देश। हमारी दुनिया यहीं है बेटा। क्यों? धीरूभाई पूरा दिन सिर्फ दूर जाते हुए जहाज देखते रहता था। एक दिन मैं भी जाऊंगा वहां से भी आगे। उस वक्त किसी को भी नहीं पता था कि एक दिन

02:02

Speaker A

यही लड़का इंडिया का पूरा बिजनेस सिस्टम बदल देगा। गरीबी सिर्फ पैसों की प्रॉब्लम नहीं होती। गरीबी सेल्फ रिस्पेक्ट पे लगने वाला जख्म होती है। धीरू चुप मां को मत देखो। भाई मां अपनी चूड़ी क्यों बेच रही है?

02:28

Speaker A

स्कूल की फीस भरनी है तो मैं स्कूल नहीं जाऊंगा। चूड़ी वापस ले आओ। बेटा, चूड़ी तो फिर मिलेगी। पर पढ़ाई का मौका एक बार मिलता है। एक दिन मैं आपको सोना पहनाऊंगा। पूरा सोना। उस दिन धीरू भाई ने सिर्फ एक चूड़ी बिकते

02:54

Speaker A

हुए नहीं देखी थी। उसने डिसाइड कर लिया था कि उसके घर में दोबारा कभी पैसों की मजबूरी नहीं आएगी। देश आजाद होने वाला था और धीरू भाई अपने स्कूल में फ्रीडम फाइटर्स को इनवाइट करके उनके स्पीच ऑर्गेनाइज करते थे। क्योंकि

03:15

Speaker A

ब्रिटिश पुलिस ने स्टूडेंट स्पीच पर बैन लगाया था। कन्हैया लाल मुंशी आ रहे हैं। नवाब की पुलिस रोक रही है। हम रास्ता बदलेंगे। धीरू पकड़े गए तो स्कूल से निकालेंगे। तो क्या देश आजाद होने वाला है और हम

03:31

Speaker A

स्कूल की चिंता करें। पुलिस ने अंडरटेइंग मांगा है। कोई पॉलिटिकल स्पीच नहीं होगी। तो दे दो अंडरटेइंग। हम थोड़ी ना स्पीच दे रहे हैं। मुंशी जी देंगे। रूल टूटा तो उनका और पुलिस का मामला है। द टाइम फॉर हेजिटेशन इज पास।

03:51

Speaker A

सामने स्पीच चालू था और फिर भी पुलिस कुछ नहीं कर पा रही थी। क्योंकि पुलिस ने सिर्फ स्टूडेंट स्पीच पर बैन लगाया था। रूल्स तोड़ नहीं सकते। तो रूल्स के अंदर से रास्ता निकालो। और यहीं से धीरू भाई सीखा था कि कैसे

04:06

Speaker A

सिस्टम को ब्रेक करके अपना काम कंप्लीट करते हैं। देश आजाद हो रहा था। इंडिया और पाकिस्तान का पार्टीशन चल रहा था और गुजरात का नवाब अपने पैसे और कुत्ते लेकर पाकिस्तान भाग जाता है। लेकिन सड़कों पर हिंदू मुस्लिम

04:31

Speaker A

के दंगे चल रहे थे और धीरू भाई और उसके दोस्त इन दंगों में लोगों को बचा रहे थे। पुलिस ने धीरू भाई के दोस्त को अरेस्ट कर लिया था। यह लड़का लूटिंग कर रहा था। केस फाइल होगा। सर, यह दुकान बचाने गया था। लूटने नहीं अब

04:50

Speaker A

गलत पकड़ रहे हैं। तेरा भी अरेस्ट हो सकता है। तो करो पर एक मासूम लड़का जेल में नहीं रहना चाहिए। हम तब तक यहीं रहेंगे। शायद तभी लोग उसे सीरियसली लेने लगे थे। धीरू तूने मेरी जान बचाई है। यह याद रखना

05:08

Speaker A

एक दिन काम आएगा। हर एंबिशियस इंसान की जिंदगी में एक मोमेंट आता है जब बचपन खत्म हो जाता है और धीरूभाई की लाइफ में यही वो मोमेंट था क्योंकि उसके पिता हीराचंद अंबानी की डेथ हो चुकी थी। धीरूभाई के भाई रमनिक भाई

05:32

Speaker A

पहले से ही एडन में थे। एक दिन धीरू भाई को उनका खत मिलता है। क्या लिखा है?

05:38

Speaker A

भाई बोल रहे हैं बेस एंड को कंपनी में नौकरी है मेरे लिए। एडन आ जाओ। जा बेटा यहां कुछ नहीं रखा। नाम कमाना है तो दूर जाना पड़ेगा। मां मैं जाऊंगा पर मैं वापस आऊंगा। बड़ा आदमी बनके।

05:52

Speaker A

बड़ा बनने से पहले अच्छा इंसान बनना। याद रखना। एक छोटा ट्रंक, कुछ कपड़े और बहुत बड़ी भूख लेकर धीरू भाई एडन के लिए निकलते हैं। पैसा कमाने नहीं गेम समझने के लिए। रेगिस्तान, गर्म हवा और दुनिया भर के

06:12

Speaker A

ट्रेडर्स। धीरूभाई यहां सिर्फ पैसे कमाने नहीं आए थे। यहां पैसों को समझने आए थे। यह मेरा छोटा भाई है धीरज लाल। शेल डिवीजन में कल से काम करेगा। अरे भाई, कितना मजबूत है यह लड़का। पहलवान लगता है। चोरवाड़ का पानी है और थोड़ा सा दिमाग भी।

06:35

Speaker A

रोज शाम ऑफिस के बाद धीरू भाई मार्केट ऑब्जर्व करते थे। कौन झूठ बोल रहा है? कौन लालची है? कौन डर रहा है? वो बिजनेस नहीं इंसान पढ़ना सीख रहे थे। यह लोग मुझसे ज्यादा इंटेलिजेंट नहीं है। बस गेम समझते हैं। मैं भी समझूंगा।

06:59

Speaker A

और धीरे-धीरे क्लर्क वाला धीरू भाई खत्म हो रहा था। ट्रेडर वाला धीरू भाई पैदा हो रहा था। एडन के बैचलर मिस में धीरू भाई सिर्फ काम नहीं करता था वो डोमिनेट करता था। धीरू भाई मैं स्विम नहीं कर सकता। बचपन से

07:24

Speaker A

डर लगता है पानी से। अरे नवीन डर से काम नहीं चलता जिंदगी में। स्टार्टेड इन द वाटर। दैट वाज़ द वाइलेस्ट आई एवर हैड। यह बंदा तो गामा है। गामा। पहलवान गामा पहलवान। धीरूभाई पूरे पहलवान की तरह दिख रहा था। इसलिए सब लोग उसे गामा

07:45

Speaker A

निक नेम से बुलाते हैं। ये बंदा अलग है। इसमें कुछ डार्क है। अच्छा डार्क। फिर एक दिन धीरू भाई ने मार्केट में एक गैप नोटिस किया। छोटा सा गैप लेकिन बहुत डेंजरस। धीरू ये कंपनी के रूल्स के अगेंस्ट है।

08:09

Speaker A

पकड़ा गया तो नौकरी जाएगी मेरी भी। भाई सिल्वर का वैल्यू कॉइन के फेस वैल्यू से ज्यादा है। ये आर्बिट्राज है। चोरी करेगा तू?

08:20

Speaker A

चोरी नहीं। मार्केट में गैप है। मैंने बस फील किया। रात को जब पूरा एडन सो जाता, धीरू भाई अपने कमरे में कॉइंस पिघलाते थे। जैसे कोई सीक्रेट ऑपरेशन चल रहा हो। एडन के ऑफिशियल को यह चीज पता चल जाती है और

08:41

Speaker A

धीरू भाई को यह गेम बंद करना पड़ता है। पर उसे रियलाइज हुआ कि मार्केट में हमेशा ओपोरचुनिटी होती है। बस करने वाला चाहिए। 3 महीने कुछ लाख मार्जिन छोटा था। पर अपोरचुनिटी ओपोरचुनिटी थी। अरे गामा कॉइन खत्म हो गए। अब क्या पिघलाएगा?

09:01

Speaker A

कुछ ना कुछ मिलेगा। मार्केट में हमेशा गैप होता है। ढूंढने वाला चाहिए। इंडिया पहली बार आते ही धीरू भाई की शादी तय हो जाती है। उनकी मां ने उनके लिए लड़की ढूंढी थी। कोकिला पटेल जो आगे जाकर उनकी एक सपोर्ट सिस्टम बनी।

09:35

Speaker A

कोकिला मैं एक बात बोलना चाहता हूं। बोलिए। मैं बड़ा काम करना चाहता हूं। बहुत बड़ा रास्ता मुश्किल होगा। कभी-कभी मैं घर नहीं रहूंगा। कभी गुस्से में रहूंगा। कभी रिस्क लूंगा जो पागल लगेगा। मुझे एक इंसान चाहिए जो मुझे जमीन पर रखे जो मुझसे

09:53

Speaker A

नहीं मेरे सपने से नहीं डर जाए। मैं डरने वाले घर से नहीं हूं। तो बस चलो साथ चलते हैं। पहली बार किसी ने उसके सपने से डरने के बजाय उसका साथ दिया। और फिर धीरू भाई शादी करके कोकिला

10:11

Speaker A

के साथ एडन चले जाते हैं। धीरू भाई एडन के मिलिट्री बेस पर ऑयल रिफ्यूलिंग का काम करते थे। ब्रिटिश एडन में एक बड़ी ऑयल रिफाइनरी बना रहे थे। और धीरू भाई घंटों तक खड़े रहकर यह कंस्ट्रक्शन साइट देखते रहते थे। शेलवाला,

10:32

Speaker A

तुम इधर क्या देख रहे हो? सीख रहा हूं, सर। सीख के क्या करेगा? रिफाइनरी बनाएगा। क्या पता सर जिंदगी लंबी है। स्टील, पाइप्स, रिफाइनरीज। शायद उस वक्त धीरू भाई फ्यूचर देख रहे थे। धीरू, तू यहां फंस गया। कभी इंडिया वापस

10:51

Speaker A

जाएगा? जल्दी कोठारी, बहुत जल्दी। और जब जाऊंगा, तो अपना कुछ बनाऊंगा। और 40 साल बाद उन्होंने इंडिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी बनाई। लेकिन उसकी शुरुआत यहीं हुई थी। धीरूभाई अपनी पत्नी कोकिलाबेन और मुकेश के साथ इंडिया वापस आ जाते हैं।

11:19

Speaker A

और बॉम्बे में ₹15,000 और अपने कजिन चंपक लाल दमानी के साथ Reliance की शुरुआत करते हैं। धीरू मार्जिनस कम है। मसाले में रिस्क है। धीरे चलो। धीरे चलोगे तो बॉम्बे में कोई याद नहीं रखेगा। तेज चलोगे तो गिर जाओगे।

11:39

Speaker A

गिरने से डर लगता है तो बिजनेस छोड़ दो। नौकरी करो। 350 स्क्वायर फीट का ऑफिस, एक फोन, तीन कुर्सी। लेकिन भूख पूरे बॉम्बे से भी बड़ी थी। कितने घंटे काम करोगे?

11:56

Speaker A

कोकिला, एक दिन यह शहर हमें पहचानेगा। बस थोड़ा और टाइम। टाइम तो पूरा है पर हेल्थ भी है। खाना खाओ। धीरू भाई के पास रिसोर्सेज कम थे लेकिन स्पीड बाकी सबसे ज्यादा थी। धीरू भाई बॉम्बे से मसाले

12:19

Speaker A

एक्सपोर्ट करते थे और पॉलीएस्टर इंपोर्ट करते थे। इनके काम करने के तरीके से सब ट्रेडर्स परेशान हो गए थे। धीरू भाई पूरे कपड़ा मार्केट में फेमस हो गए थे। यह गुजराती कौन है? रेट तोड़ रहा है मार्केट के।

12:34

Speaker A

एडन से आया है। बहुत तेज है। सब बोल रहे हैं धीरू भाई। तेज तो बहुत आते हैं। टिकने दो फिर देखते हैं। कैलाश भाई डिलीवरी परसों। रेट पक्का। हां या ना? परसों इतनी जल्दी स्पीड में पैसा है और लॉयल्टी में एंपायर।

13:01

Speaker A

धीरूबॉय समझ चुके थे बॉम्बे में जो स्पीड से भागेगा वही बड़ा बनेगा। 1965 में दमानी और धीरू भाई के बीच डिफरेंसेस चल रहे थे। दमानी को सेफ बिजनेस चाहिए था। पर धीरू भाई का सपना बहुत बड़ा था।

13:25

Speaker A

धीरू ट्रेडिंग में प्रॉफिट आ रहा है। मैन्युफैक्चरिंग में रिस्क है। कैपिटल नहीं है। चंपकलाल भाई ट्रेडिंग में हम बीच का आदमी हैं। मुझे बीच का आदमी नहीं बनना। तो क्या बनना है तुझे मालिक?

13:45

Speaker A

मैं तेरे साथ और नहीं चल सकता। कोई दुश्मनी नहीं बस रास्ते अलग हैं। उस दिन धीरूभाई और दमानी अलग-अलग हो गए। और धीरूभाई ने Reliance को इंडिया की सबसे बड़ी कंपनी बनाने का डिसाइड कर लिया। गुजरात के नारोदा में धीरू भाई अपनी पहली

14:13

Speaker A

टेक्सटाइल मिल शुरू करते हैं। क्योंकि धीरू भाई को पता था पैसा ट्रेडिंग से नहीं मैन्युफैक्चरिंग से ही बनेगा। देखो ये कपड़ा क्वालिटी इंपोर्टेड जैसी प्राइस आधा। सर ब्रांड तो कोई जानता नहीं। बॉम्बे डाइंग, डीसीएम पुराने नाम हैं। पुराने नाम पुराने लोगों के लिए इंडिया का

14:37

Speaker A

मिडिल क्लास नया है। उसे नया ब्रांड चाहिए। नाम क्या रखें? विमल पापा व

14:48

Speaker A

प्योर। साफ क्लीन। जैसे हमारा नाम होना चाहिए। धीरू भाई कपड़ा नहीं बना रहे थे। वो मिडिल क्लास के एस्पिरेशन के लिए एक ब्रांड खड़ा कर रहे थे और 9 साल का मुकेश यह सब ऑब्जर्व कर रहा था। विमल सिर्फ एक ब्रांड

15:06

Speaker A

नहीं था। यह एक एग्जांपल था कि Reliance अब रुकने वाला नहीं है। 1970 के दशक में पूरा इंडिया एक ही नाम देख रहा था। ओनली विमल। 10 मिलियन [संगीत] एड्स पर स्पेंड किए 600 से ज्यादा शोरूम खोले। धीरू भाई ने सबका

15:29

Speaker A

ध्यान अपनी तरफ खींच लिया था। इतनी अच्छी क्वालिटी इतना सस्ता अब सबके लिए है साहब। ओनली विमल। मिडिल क्लास [संगीत] लोग पहली बार आधे प्राइस में प्रीमियम दिखने वाले कपड़े खरीद पा रहे थे। कि अंबानी कौन है? प्राइसेस इतने लो कैसे

15:52

Speaker A

सर? डायरेक्ट कस्टमर टारगेट हमारा होलसेल बायपास। एक नया आदमी टेक्सटाइल इंडस्ट्री रीराइड करेगा। लेट हिम ट्राई। प्रॉफिट अपने आप आएगा। पहले वैल्यू दो। ओल्ड बिजनेस फैमिलीज़ को समझ आ गया था यह आदमी सिर्फ मार्केट शेयर नहीं ले रहा। यह

16:17

Speaker A

पूरा मार्केट ही बदल रहा है। 1975 में इंदिरा गांधी इमरजेंसी डिक्लेअ करती हैं और उस रात धीरू भाई ने एक नया लेसन सीखा। इंडिया में बिजनेस के लिए फाइनेंशियल कैपिटल से पॉलिटिकल बैकिंग ज्यादा इंपॉर्टेंट है। धीरू भाई ने एक ऐसा

16:41

Speaker A

गेम खेला जिससे Reliance को एक्सटर्नल फंडिंग भी मिली और टेक्सटाइल प्रोडक्शन कैपेसिटी भी बढ़ गई। सर मायलॉन की पेड अप कैपिटल सिर्फ ₹11,000 है और यह छोटी कंपनी आपकी ₹6 करोड़ की Reliance को एक्वायर कर रही है। यह यह

16:58

Speaker A

अनयूजुअल है। लीगल है। टेक्निकली हां पर सब सवाल करेंगे। सवाल वो करते हैं जिनके पास जवाब नहीं होता। हमारे पास पेपर है। हाई कोर्ट की परमिशन है। बस काम होना चाहिए। मायलॉन कंपनी का और Reliance का मर्जर हो जाता है

17:14

Speaker A

और Reliance में एक्सटर्नल इन्वेस्टर्स आने लगते हैं। भाई जी आपका आशीर्वाद चाहिए। धीरू भाई जी आशीर्वाद तो हमेशा है। आप बस काम करते जाएं और उस मीटिंग के बाद Reliance का लाइसेंस अप्रूव हो जाता है और वो अपनी प्रोडक्शन

17:35

Speaker A

कैपेसिटी चार गुना बढ़ा देते हैं। धीरू भाई अब रियल गेम समझ चुके थे। फिर भी Reliance को ग्रो करवाने के लिए पैसा कम पड़ रहा था। 1977 में धीरू भाई ने एक ऐसा डिसीजन लिया जिससे इंडियन स्टॉक मार्केट हमेशा के लिए बदल गया।

18:03

Speaker A

सर पब्लिक इशू का मतलब कंट्रोल डाइल्यूट होगा। ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी और कैपिटल भी बढ़ेगा वो नहीं दिखता। [संगीत] टाटा ने नहीं किया। शेयर मार्केट में आम आदमी नहीं आता। टाटा और बिरला को बैंक से [संगीत] पैसा मिलता है। मुझे नहीं मिलता तो मैं अपना

18:23

Speaker A

बैंक बनाऊंगा। अपना बैंक इंडिया का आम आदमी उसकी सेविंग उसका ट्रस्ट वो मेरा बैंक है। पहली बार इंडिया का आम आदमी Reliance के शेयर्स खरीद के सिर्फ कस्टमर नहीं मालिक बनने वाला था। बेटा जिंदगी में पहली बार किसी ने बोला तुम भी

18:51

Speaker A

मालिक हो। Reliance अब सिर्फ एक कंपनी नहीं रही थी। एक मूवमेंट बन चुकी थी। अब यह सिर्फ हमारी कंपनी नहीं रही। यह इंडिया की कंपनी है। 1980 में जनता पार्टी की सरकार गिर के इंडिया गांधी पीएम बनाती है। और इसके

19:26

Speaker A

सेलिब्रेशन पार्टी में धीरू भाई को भी बुलाया जाता है। क्योंकि अब धीरू भाई सिर्फ इंडस्ट्रियलिस्ट नहीं थे। वो सिस्टम का एक पार्ट बन चुके थे। वेलकम टू द देख रहे हो 2 घंटे से पीएम के बगल में बैठा है वो टाटा नहीं है सिर्फ अंबानी है

19:46

Speaker A

पैसा लगाया होगा पैसा तो सबने लगाया ये आदमी डिपेंडेंसी बनाता है दिल्ली में पावर सिर्फ विज़िबल नहीं होती महसूस भी होती है धीरू भाई तुझे पहले से कैसे [संगीत] पता चलता है तू ज्योतिषी है क्या कोठारी भाई जो कुछ मैंने किया है वो जमीन के अंदर है।

20:09

Speaker A

कोई कभी नहीं जानेगा। और पॉलिटिकल कनेक्शंस की वजह से धीरे-धीरे अंबानी नाम के साथ डर भी अटैच होने लगा था। [संगीत] [संगीत] इंडियन गवर्नमेंट 10,000 टन पॉलीएस्टर प्रोडक्शन कैपेसिटी का लाइसेंस का ऑक्शन निकालती है। बिरला के साथ-साथ 43 कंपनियां

20:39

Speaker A

बड करती हैं। पर धीरू भाई इस लाइसेंस को [संगीत] जीत लेते हैं। पापा हम जीते। 43 कंपनियों [संगीत] को हरा दिया। अब टू पोंड चलते हैं। वेल्मिंगटन डू पों ये टेक्नोलॉजी किसी को नहीं देता अमेरिका के बाहर कभी नहीं

21:02

Speaker A

तो हम पहले होंगे जिन्हें देगा धीरू भाई को सिर्फ इंडिया नहीं देख रहा था अब अमेरिका भी देख [संगीत] रहा था मिस्टर अंबानी आवर पॉलीमराइजेशन प्रोसेस हैज़ नेवर बीन लाइसेंस आउटसाइड द यूनाइटेड स्टेट्स व्हाई शुड यू बी द एक्सेप्शन

21:18

Speaker A

बिकॉज़ इन [संगीत] 20 इयर्स व्हेन योर अमेरिकन मार्केट इज सैचुरेटेड यू विल विल नीड इंडिया एंड आई विल ऑलरेडी बी देयर। डील करें। गेम अब सिर्फ टेक्सटाइल का नहीं रहा। पेट्रो केमिकल्स का वॉर शुरू हो चुका था। [संगीत]

21:46

Speaker A

ड पोंड के डील हो चुकी थी और अब प्लांट का कंस्ट्रक्शन चालू था। धीरू भाई सपना देखते थे और मुकेश उसे रियलिटी बना रहा था। सर मॉनसून कंक्रीट सेट नहीं होने देगा। 2 महीने डिले होगा। डिले? पापा ने 18 महीने बोले हैं। 18

22:26

Speaker A

महीने। इंपॉसिबल है सर। पॉसिबल बनाना पड़ेगा। शिफ्ट डबल कर दो। 24 घंटे काम। मैं यहीं रहूंगा। कीचड़, बारिश, स्लीपलेस नाइट्स, Reliance का फ्यूचर सीमेंट और स्टील में ढल रहा था और काफी सारे प्रॉब्लम्स को फेस करके 1982 में

22:46

Speaker A

प्लांट पॉलीस्टर के प्रोडक्शन के लिए रेडी हो जाता है। पापा, प्लांट चालू हो गया। 18 महीने टाइम पे। अब टेक्सटाइल नहीं, पेट्रो केमिकल छोटा गेम खत्म, बड़ा गेम शुरू। और 18 महीने बाद Reliance ने प्रूव कर दिया कि स्पीड

23:07

Speaker A

[संगीत] भी स्ट्रेटजी होती है। धीरू भाई इंपॉसिबल वर्ड पे बिलीव नहीं करते थे। एक बार Reliance के पब्लिक फंड्स अप्रूव नहीं हो रहे थे क्योंकि बैलेंस शीट रेडी होने में टाइम लग रहा था। अकाउंटेंट साहब प्रोफॉर्म्मा बैलेंस शीट

23:33

Speaker A

के बिना प्रीमियम अप्रूव नहीं हो सकता। और मेरी फ्लाइट आज शाम 5:00 बजे है बॉम्बे के लिए। मीटिंग कल सुबह है। भूल जाइए। जी सर। पर धीरू भाई ने खुद टीम के साथ बैठ के 5 घंटे के अंदर सारे बैलेंस शीट रेडी किए और

23:53

Speaker A

फंड्स रियलाइज किए। सर सात कॉपीज कमेटी के लिए और इस स्पीड को देख के खुद गवर्नमेंट ऑफिशियल्स भी शॉक हो गए। Reliance के अंदर एक कल्चर [संगीत] बन रहा था। डेडलाइन का मतलब डेडलाइन। मैंने 1:00 बजे बोला था इंपॉसिबल है। 7:00

24:20

Speaker A

बजे ये पेपर्स लेके खड़े हैं। क्या करूंगा अब? मीटिंग में रखना पड़ेगा। जब पॉसिबल ना हो तो पॉसिबल बनाना पड़ता है। और अब इंडिया में ऑफिशियली धीरूभाई अंबानी के अगेंस्ट वॉर शुरू हो चुकी थी। मनु मानिक ने Reliance के शेयर्स को शॉर्ट सेल

24:51

Speaker A

किया था। और बेचो, सब बेचो। इस अंबानी को दिखाओ कि मार्केट किसका बाप है। सर 152 पे आ गया। 130 तक ले जाए। 100 तक जब तक ये आदमी टूट नहीं जाता। और ले लो। जितना बेच रहे हैं सब खरीद लो।

25:12

Speaker A

कोई शेयर मार्केट में रहनी नहीं चाहिए। सर करोड़ करोड़ जा रहा है। अगर गेम उल्टा गया तो धीरू भाई भाई का आर्डर है। हम खरीद रहे हैं। बचाओ नहीं खरीदो। मार्केट में अफवाहएं थी। Reliance टूटने वाला है। अंबानी खत्म होने वाला है। पर धीरू भाई ने

25:28

Speaker A

ऑलरेडी बायर का नेटवर्क बना के रखा था। लोग बोल रहे हैं शेयर गिर रहा है। खतरे में है सब। कोकिला जब सब डर रहे हैं तब सबसे बड़ा मौका होता है। लेकिन मनु मनेक एक बात नहीं समझा था। धीरू भाई सिर्फ शेयर्स नहीं खरीद

25:47

Speaker A

रहा था। वो लोगों की लॉयल्टी भी खरीद रहा था क्योंकि धीरू भाई 10 स्टेप्स आगे की सोचते थे। फिर वो दिन आया जब पूरी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज हिल गई। सर शेयर्स मिल नहीं रहे हैं। कहीं नहीं है। किसी के पास नहीं है।

26:11

Speaker A

क्या मतलब नहीं है। इतने शेयर्स कहां गए? सब एक ही जगह है सर अंबानी के पास। ब्रोकर्स चिल्ला रहे थे। फस रुक नहीं रहे थे और Reliance के शेयर्स ऊपर जा रहे थे। सर बीएसई बंद हो गया। पहली बार हिस्ट्री

26:32

Speaker A

में बेयर्स को सेटलमेंट करना पड़ेगा हमारे रेट्स पे। गेम उन्होंने शुरू किया था। फिनिश हमने किया। जो मार्केट समझते हैं वो गेम खेलते हैं। जो मार्केट बनाते हैं वो इतिहास लिखते हैं। उस दिन सिर्फ एक शेयर मार्केट नहीं रुका

26:48

Speaker A

था। पुरानी इंडिया रुकी थी और एक नई इंडिया की शुरुआत हुई थी। लेकिन जब एक आदमी बहुत बड़ा [संगीत] हो जाता है तो दुनिया उसे गिराने की पूरी कोशिश करती है। अब तक सिर्फ धीरूबाई अकेला [संगीत] दौड़ रहा था। पर अब पूरी दुनिया उसके पीछे

27:08

Speaker A

दौड़ने वाली थी।

Topics: धीरूभाई अंबानी Reliance भारतीय स्टॉक मार्केट बिजनेस संघर्ष ट्रेडिंग मैन्युफैक्चरिंग कोकिला पटेल गुजरात इमरजेंसी 1975 पेट्रोकेमिकल

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