**Why Honda Failed In India? 😭 Rise & Fall of a Legend | Live Hindi — Transcript & Summary | SozAI**
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Honda की भारत में विफलता के कारण, इतिहास और मार्केट में बदलाव की कहानी।

## Key Takeaways

- Honda की देरी से डीजल और SUV मार्केट में एंट्री ने उसकी बिक्री प्रभावित की।
- मार्केट की बदलती मांग को समझने में Honda ने समय गंवाया।
- प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स के आने से Honda की स्थिति कमजोर हुई।
- Honda की विश्वसनीयता और बिल्ड क्वालिटी के बावजूद मार्केट शेयर घटा।
- Honda भारत से पूरी तरह वापस जाने की योजना बना रहा है।

## What the video covers

- Honda ने 1998 में भारत में City मॉडल लॉन्च कर बड़ा नाम बनाया।
- City, Civic और CRV मॉडल्स ने शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन किया।
- 2010 के बाद डीजल कारों की मांग बढ़ी, लेकिन Honda के पास डीजल विकल्प नहीं था।
- Honda ने बाद में अमेज जैसी डीजल कारें लॉन्च कीं, जो सफल रहीं।
- Mobilio और BRV जैसे मॉडल्स फ्लॉप रहे क्योंकि इन्हें एसयूवी जैसा लुक दिया गया था।
- Honda ने HRV एसयूवी लॉन्च करने की योजना बनाई लेकिन महंगे पार्ट्स और प्रतिस्पर्धा के कारण समस्या आई।
- MG और Kia जैसी कंपनियों के आने से Honda की स्थिति और कमजोर हुई।
- Honda की पुरानी प्रीमियम इमेज कमजोर हुई और मार्केट में बदलाव को समझने में देरी हुई।
- डीलरशिप बंद होना और कम ग्राहक आने से Honda की बिक्री प्रभावित हुई।
- Honda भारत में पीछे रहने के बावजूद टू-व्हीलर मार्केट में विश्व की सबसे बड़ी कंपनी है।

## Chapters

1. 00:00 Honda की भारत में स्थिति और मार्केट रैंक
2. 01:05 Honda City की सफलता और स्टेटस सिंबल
3. 02:05 Honda के शुरुआती मॉडल्स और मार्केट में पकड़
4. 03:05 2010 के बाद डीजल कारों की बढ़ती मांग और Honda की कमी
5. 04:04 Mobilio और BRV की विफलता के कारण
6. 05:14 HRV एसयूवी की योजना और प्रतिस्पर्धा
7. 06:20 Honda की बदलती इमेज और बिक्री में गिरावट
8. 07:22 Honda की वर्तमान चुनौतियां और भविष्य की योजना

Answers

## Questions about this video

Honda भारत में क्यों पिछड़ गया?

Honda ने डीजल और SUV मार्केट में देर से कदम रखा, जिससे उसकी बिक्री प्रभावित हुई। साथ ही प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स की एंट्री और बदलती ग्राहक मांग को समझने में देरी भी कारण बनी।

Honda की सबसे सफल कार कौन सी रही है?

Honda City भारत में सबसे सफल रही है, जो 1998 में आई और मिडिल क्लास के लिए स्टेटस सिंबल बन गई। इसके बाद Civic और CRV भी लोकप्रिय रहीं।

क्या Honda भारत से पूरी तरह वापस जा रहा है?

वीडियो में बताया गया है कि Honda भारत में बिक्री और मार्केट शेयर घटने के कारण वापसी की योजना बना रहा है, हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

Maruti की गाड़ियों में अक्सर लोग बिल्ड क्वालिटी को लेकर परेशान रहते हैं। Hyundai और Kia में माइलेज को लेकर सवाल उठते हैं और इसी तरह से Tata में फिट एंड फिनिश और रिलायबिलिटी को लेकर बातें होती रहती हैं। लेकिन Honda में बढ़िया बिल्ड क्वालिटी, रिलायबल इंजन और ट्रस्ट सब कुछ मिलता है। फिर भी यह ब्रांड आज इंडिया में इतनी पीछे कैसे है? 2025 में इंडियन कार मार्केट में Honda की रैंक पता है कितनी थी? आप बिलीव नहीं करेंगे, नौवीं रैंक थी।

00:12

Speaker A

क्वालिटी, रिलायबल इंजन और ट्रस्ट सब कुछ मिलता है। फिर भी यह ब्रांड आज इंडिया में इतनी पीछे कैसे है? 2025 में इंडियन कार मार्केट में Honda की रैंक पता है कितनी थी? आप बिलीव नहीं करेंगे नौवीं रैंक थी

00:24

Speaker A

इस ब्रांड की। Maruti, Mahindra, Tata, Hyundai, Toyota, Kia सभी ब्रांड से पीछे और इसका मार्केट शेयर भी घटकर सिर्फ 1.4% रह गया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि टू व्हीलर में Honda दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है और कार्स के बिजनेस में भी उसका नाम दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल ब्रांड्स में लिया जाता है। तो फिर आखिर इंडिया में Honda के साथ क्या जादू टोना हो जाता है? भाई, क्या यही वजह है कि Honda इंडिया से पूरी तरह वापस जाने की प्लानिंग कर रही है? चलिए, हम पूरी स्टोरी को डिटेल में समझते हैं।

00:39

Speaker A

नाम दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल ब्रांड्स में लिया जाता है। तो फिर आखिर इंडिया में Honda के साथ क्या जादू टोना हो जाता है? भाई, क्या यही वजह है कि Honda इंडिया से पूरी तरह वापस जाने की प्लानिंग कर रही है? चलिए, हम पूरी स्टोरी

00:51

Speaker A

तो दोस्तों, वो साल था 1998 का जब इंडिया की सड़कों पर पहली बार Honda City आई थी। आज शायद यह सुनने में बहुत आम सी बात लगे लेकिन उस दौर में Honda City सिर्फ एक कार नहीं थी बल्कि एक स्टेटस सिंबल थी। मिडिल क्लास परिवार के लिए तो कार खरीदना ही एक सपना होता था और जिस घर के बाहर Honda City खड़ी हो उसका तो रुतबा ही अलग माना जाता था। Honda City की कामयाबी ने कंपनी को एक बात का भरोसा दे दिया कि इंडियन कस्टमर उनकी गाड़ियों को पसंद कर रहे हैं। क्योंकि अब तक Honda City की 7 लाख से ज्यादा यूनिट्स इंडिया में बिक चुकी हैं। इसीलिए 2006 में कंपनी ने अपना अगला दांव खेला और इंडिया में Civic कार लॉन्च कर दी।

01:05

Speaker A

नहीं थी बल्कि एक स्टेटस सिंबल थी। मिडिल क्लास परिवार के लिए तो कार खरीदना ही एक सपना होता था और जिस घर के बाहर Honda City खड़ी हो उसका तो रुतबा ही अलग माना जाता था। Honda City की कामयाबी ने कंपनी

01:18

Speaker A

और दोस्तों, Honda का यह फैसला भी सही साबित हुआ क्योंकि Civic आते ही हिट हो गई। पहले साल इस कार की 19,000 से ज्यादा यूनिट्स बिकी। यानी हर महीने करीब 1600 गाड़ियां और प्रीमियम सेडान कैटेगरी में आज तक कोई दूसरी गाड़ी अपने पहले साल में यह आंकड़ा पार नहीं कर पाई है। इसी दौर में Honda की CRV भी आई और वह भी अपने सेगमेंट में सबसे आगे निकल गई। मतलब Honda के पास इस टाइम तीन गाड़ियां थीं और तीनों ही सुपरहिट। Honda की गाड़ियों को लेकर लोगों का भरोसा इतना ज्यादा था कि अक्सर एक ही बात सुनने को मिलती थी कि एक बार Honda ले लो और फिर झंझट ही खत्म। ना गाड़ी आसानी से खराब होगी और ना ही उसकी रिसेल वैल्यू जल्दी गिरेगी।

01:29

Speaker A

खेला और इंडिया में Civic कार ल्च कर दी। और दोस्तों Honda का यह फैसला भी सही साबित हुआ क्योंकि Civic आते ही हिट हो गई। पहले साल इस कार की 19,000 से ज्यादा यूनिट्स बिकी। यानी हर महीने करीब 1600

01:41

Speaker A

असल में जापानीज कार कंपनी की पूरी फिलॉसफी ही यही रही है कि वह किसी भी गाड़ी को तब तक लॉन्च नहीं करते जब तक उसे हर एंगल से टेस्ट ना कर लिया गया हो। यही वजह है कि उनकी गाड़ियां अक्सर कंपटीशन से थोड़ी लेट आती हैं लेकिन जब भी आती हैं तो पूरे भरोसे के साथ आती हैं। पर दोस्तों, यही भरोसा आगे चलकर Honda के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया। क्योंकि कई बार जब आपको लगने लगता है कि आप हमेशा सही फैसले ले रहे हैं तब बदलाव की जरूरत महसूस नहीं होती।

01:54

Speaker A

के पास इस टाइम तीन गाड़ियां थी और तीनों ही सुपरहिट। Honda की गाड़ियों को लेकर लोगों का भरोसा इतना ज्यादा था ना कि अक्सर एक ही बात सुनने को मिलती थी कि एक बार Honda ले लो और फिर झंझट ही खत्म। ना

02:05

Speaker A

अभी तक Honda के लिए सब कुछ बिल्कुल परफेक्ट चल रहा था। सिटी, Civic और CRV तीनों अपने-अपने सेगमेंट में बहुत अच्छा कर रही थीं। लेकिन 2010 तक इंडिया का कार मार्केट बदलना शुरू हो गया। पेट्रोल के दाम बढ़ रहे थे और लोग डीजल गाड़ियों की तरफ मूव करने लगे थे। क्योंकि डीजल एक तो सस्ता था और ऊपर से इसमें माइलेज भी अच्छी मिलती थी। इसीलिए Maruti ने अपनी Swift Dzire 2008 से ही डीजल ऑप्शन के साथ लानी शुरू कर दी थी। और इसी तरह से Hyundai की Verna भी अपनी डीजल इंजन के साथ काफी फेमस हो चुकी थी।

02:16

Speaker A

टेस्ट ना कर लिया गया हो। यही वजह है कि उनकी गाड़ियां अक्सर कंपटीशन से थोड़ी लेट आती है लेकिन जब भी आती है ना तो पूरे भरोसे के साथ में आती है। पर दोस्तों यही भरोसा आगे चलकर Honda के लिए सबसे बड़ा

02:28

Speaker A

लेकिन Honda के पास उनके पोर्टफोलियो में एक भी डीजल कार नहीं थी और यही कमी धीरे-धीरे उनके टॉप सेलिंग पेट्रोल कार्स पर भी भारी पड़ने लगी। हालांकि जल्द ही Honda समझ चुकी थी कि डीजल मार्केट को इग्नोर करके अब काम नहीं चलने वाला है। इसीलिए कंपनी ने अपनी स्ट्रेटजी बदली और प्रीमियम कार से हटकर मास मार्केट पर फोकस करना शुरू कर दिया। 2011 में Honda Brio लॉन्च की गई और फिर 2013 में अमेज को मार्केट में उतारा गया। और दोस्तों, अमेज Honda की पहली डीजल सेडान थी जिसकी शुरुआती कीमत सिर्फ ₹4,99,000 रखी गई।

02:40

Speaker A

अपने-अपने सेगमेंट में बहुत अच्छा कर रही थी। लेकिन 2010 तक इंडिया का कार मार्केट बदलना शुरू हो गया। पेट्रोल के दाम बढ़ रहे थे और लोग डीजल गाड़ियों की तरफ मूव करने लगे थे। क्योंकि डीजल एक तो सस्ता था

02:52

Speaker A

और इस बार Honda का यह स्ट्रेटजी काफी सफल भी हो गया क्योंकि आने वाले अगले 5 सालों में अमेज की 5 लाख से ज्यादा यूनिट्स बिक गई थीं। और दोस्तों, अमेज की सफलता के बाद Honda को लगा कि शायद उसने इंडियन मार्केट की नब्ज पकड़ ली है। इसीलिए कंपनी ने उसे रियो प्लेटफार्म पर ही दो और गाड़ियां बनाई। 2014 में Mobilio और 2016 में BRV लेकिन यह दोनों ही गाड़ियां बुरी तरह से फ्लॉप हो गईं। BRV अपनी पूरी लाइफ में सिर्फ 39,000 यूनिट्स ही बेच पाई और सिर्फ 4 सालों में ही उसे बंद करना पड़ गया।

03:04

Speaker A

चुकी थी। लेकिन Honda के पास उनके पोर्टफोलियो में एक भी डीजल कार नहीं थी और यही कमी धीरे-धीरे उनके टॉप सेलिंग पेट्रोल कार्स पर भी भारी पड़ने लगी। हालांकि जल्द ही Honda समझ चुकी थी कि डीजल मार्केट को इग्नोर करके अब काम नहीं

03:17

Speaker A

वहीं Mobilio के भी पूरी लाइफ में कुल 40,789 यूनिट्स ही बिक पाए और 2017 तक इसे भी डिस्कंटिन्यू कर दिया गया। एक्चुअली यह दोनों कार्स फेल इसलिए हुए थे क्योंकि इन्हें जबरदस्ती एसयूवी जैसा लुक देने की कोशिश की गई थी जबकि प्लेटफार्म वही हैशबैक वाली ही थी। इसी तरह से 2017 में कंपनी ने एक और कोशिश की और इस बार Jazz हैशबैग को थोड़ा बदलकर WRV नाम की एक कॉम्पैक्ट एसयूवी बना दी।

03:32

Speaker A

थी जिसकी शुरुआती कीमत सिर्फ ₹4,99,000 रखी गई। और इस बार Honda का यह स्ट्रेटजी काफी सफल भी हो गया क्योंकि आने वाले अगले 5 सालों में अमेज की 5 लाख से ज्यादा यूनिट्स बिक गई थी। और दोस्तों अमेज की

03:45

Speaker A

अब शुरुआत तो काफी अच्छी रही थी क्योंकि सिर्फ 4 महीनों में ही 23,000 से ज्यादा बुकिंग्स आ गई थीं। लेकिन यह चमक भी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। असल में Honda बार-बार एक ही गलती दोहरा रहा था। एसयूवी की बढ़ती डिमांड को देखकर वह नई एसयूवी बनाने की बजाय अपनी पुरानी गाड़ियों को ही एसयूवी जैसा लुक देकर बेचने की ट्राई कर रहा था। अब ऐसा भी नहीं था कि Honda के पास एसयूवी थी ही नहीं। उनकी HRV नाम की एक शानदार एसयूवी दुनिया के कई सारे देशों में पहले से ही काफी सक्सेसफुली बिक रही थी और Honda ने इसे इंडिया में भी लॉन्च करने का प्लान किया था।

03:58

Speaker A

तरह से फ्लॉप हो गई। BRV अपनी पूरी लाइफ में सिर्फ 39,000 यूनिट्स ही बेच पाई और सिर्फ 4 सालों में ही उसे बंद करना पड़ गया। वहीं मोबलियों के भी पूरी लाइफ में कुल 40,789 यूनिट्स ही बिक पाए और 2017 तक

04:11

Speaker A

लेकिन इस गाड़ी के ज्यादातर पार्ट्स बाहर से मंगवाने पड़ते और जब पार्ट इंपोर्ट करने होते हैं तो फिर गाड़ी की कीमत तो अपने आप ही बढ़ जाती है। यही वजह है कि Honda को लगा कि इतनी महंगी एसयूवी इंडिया में शायद नहीं चल पाएंगी। वैसे आपको हम बताते चलें कि उस टाइम थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे एशियन मार्केट में इस कार की कीमत 12 से ₹14 लाख के बीच में थी। हालांकि 2017 में Honda ने एक बार फिर से HRV पर दांव लगाने का फैसला किया।

04:26

Speaker A

जैज़ हैशबैग को थोड़ा बदलकर Wआरवी नाम की एक कॉम्पैक्ट एसयूवी बना दी। अब शुरुआत तो काफी अच्छी रही थी क्योंकि सिर्फ 4 महीनों में ही 23,000 से ज्यादा बुकिंग्स आ गई थी। लेकिन यह चमक भी ज्यादा दिनों तक नहीं

04:38

Speaker A

ग्रेटर नोएडा वाले प्लांट में इसे बनाने का पूरा प्लान तैयार किया गया। नई मशीनें लगाई गईं और 2018-19 तक टेस्टिंग के लिए कुछ गाड़ियां भी बन चुकी थीं। मतलब HRV अब सिर्फ एक आईडिया नहीं थी। उसका लॉन्च लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन तभी मार्केट ही बदल गया। ठीक उसी टाइम इंडिया में दो नए प्लेयर्स की एंट्री हुई। MG और Kia। MG Hector और Kia Seltos जैसी एसयूवी जबरदस्त फीचर्स के साथ काफी कॉम्पिटिटिव प्राइस में आ रही थीं।

04:52

Speaker A

थी ही नहीं। उनकी HRV नाम की एक शानदार एसयूवी दुनिया के कई सारे देशों में पहले से ही काफी सक्सेसफुली बिक रही थी और Honda ने इसे इंडिया में भी ल्च करने का प्लान किया था। लेकिन इस गाड़ी के

05:03

Speaker A

और दूसरी तरफ Honda की HRV की मुश्किल अब भी वही थी। इसके ज्यादातर पार्ट्स बाहर से आने थे जिसकी वजह से इसकी कीमत कम करना आसान नहीं था। मतलब कि जब तक Honda लॉन्च की तैयारी पूरी करता ना तब तक मार्केट में नए और ज्यादा वैल्यू फॉर मनी ऑप्शंस आ चुके थे। Honda को यह समझ आ गया कि इस कीमत पर HRV को बेचना मुश्किल होगा और फिर वही हुआ जो 2013 में हुआ था। Honda ने HRV प्रोजेक्ट को दूसरी बार भी बंद कर दिया।

05:14

Speaker A

वैसे आपको हम बताते चलें कि उस टाइम थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे एशियन मार्केट में इस कार की कीमत 12 से ₹14 लाख के बीच में थी। हालांकि 2017 में Honda ने एक बार फिर से एचआरवी पर दांव लगाने का फैसला

05:26

Speaker A

उस वक्त एक ऑटोमोबाइल मैगज़ीन में Honda के बारे में एक बहुत ही इंटरेस्टिंग बात लिखी थी कि Honda देर से आना पसंद करेगा लेकिन गलत गाड़ी लाकर पछताना नहीं चाहेगा। अब सुनने में यह बात काफी समझदारी वाली लगती है ना। लेकिन इंडिया के कार मार्केट में दिक्कत यह है कि यहां हर साल लोगों को कुछ ना कुछ नया चाहिए होता है। इसीलिए बहुत ज्यादा प्लानिंग करने में आप अपना समय बर्बाद नहीं कर सकते।

05:41

Speaker A

मार्केट ही बदल गया। ठीक उसी टाइम इंडिया में दो नए प्लेयर्स की एंट्री हुई। MG और K MG Hectctor और K Seltos जैसी एसयूवी जबरदस्त फीचर्स के साथ काफी कॉम्पिटिटिव प्राइस में आ रही थी। और दूसरी तरफ Honda

05:54

Speaker A

हालांकि HRV का मौका हाथ से निकलने के बाद भी Honda ने हार नहीं मानी। 2018 में कंपनी ने एक आखिरी कोशिश की Civic और CRV को नई जनरेशन के साथ में दोबारा लॉन्च करके। उम्मीद थी कि शायद पुराना दौर वापस से आ जाए। लेकिन तब तक मार्केट न पूरी तरह से बदल चुका था। जिस कीमत पर Honda Civic और CRV बेच रहा था, उसी रेंज में अब Hyundai Creta और Jeep कंपास जैसी एसयूवीज मिल रही थीं। यह गाड़ियां ज्यादा प्रैक्टिकल थीं, ज्यादा स्पेस देती थीं और कस्टमर्स की नई पसंद बन चुकी थीं।

06:07

Speaker A

वैल्यू फॉर मनी ऑप्शंस आ चुके थे। Honda को यह समझ आ गया कि इस कीमत पर एचआरवी को बेचना मुश्किल होगा और फिर वही हुआ जो 2013 में हुआ था। Honda ने HRV प्रोजेक्ट को दूसरी बार भी बंद कर दिया। उस वक्त एक

06:20

Speaker A

ऊपर से Honda की अपनी इमेज भी तो बदल ही चुकी थी ना। कंपनी कई सालों से Brio और अमेज जैसी मास मार्केट गाड़ियों पर फोकस कर रही थी। ऐसे में Civic और CRV वाली पुरानी प्रीमियम पहचान पहले जैसी नहीं रही। नतीजा यह हुआ कि दोनों गाड़ियां वापसी तो कर गईं लेकिन चल नहीं पाईं। 20 महीनों में Civic और CRV को मिलाकर सिर्फ 6000 यूनिट्स ही बिक सकीं। लेकिन दोस्तों, Honda को अभी भी दो सबसे बड़े झटके लगने तो बाकी ही थे।

06:33

Speaker A

यह है ना कि यहां हर साल लोगों को कुछ ना कुछ नया चाहिए होता है। इसीलिए बहुत ज्यादा प्लानिंग करने में आप अपना समय बर्बाद नहीं कर सकते। हालांकि एचआरवी का मौका हाथ से निकलने के बाद भी Honda ने

06:45

Speaker A

पहला झटका था BS6 नॉर्म्स वाला। इस नए एमिशन रूल्स की वजह से Honda को अपनी बची हुई डीजल गाड़ियां भी बंद करनी पड़ गईं और फिर आया कोविड-19। इसमें Honda ने अपना ग्रेटर नोएडा वाला प्लांट भी बंद कर दिया। यह वही प्लांट था जहां Civic और CRV जैसी शानदार कार्स बनती थीं। नतीजा यह हुआ कि दिसंबर 2020 में Honda ने Civic और CRV दोनों गाड़ियों को इंडिया में बेचना पूरी तरह से बंद कर दिया। और दोस्तों, मुश्किलें यहीं नहीं रुकी।

06:58

Speaker A

जिस कीमत पर Honda Civic और CRV बेच रहा था ना उसी रेंज में अब Hyundai Creta और Jeep कंपास जैसी एसयूवीज मिल रही थी। यह गाड़ियां ज्यादा प्रैक्टिकल थी, ज्यादा स्पेस देती थी और कस्टमर्स की नई पसंद बन

07:10

Speaker A

इसी दौर में फौटी एयर बैग्स की वजह से Honda को अपनी लाखों गाड़ियां रिकॉल करनी पड़ीं। यह दुनिया के सबसे बड़े एयर बैग रिकॉल्स में से एक था जिसने Honda के साथ-साथ कई सारी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों को इंपैक्ट किया। Honda को तो सिर्फ इंडिया में ही 1,90,

07:22

Speaker A

नहीं रही। नतीजा यह हुआ कि दोनों गाड़ियां वापसी तो कर गई लेकिन चल नहीं पाई। 20 महीनों में Civic और CRV को मिलाकर सिर्फ 6000 यूनिट सीविक सकी। लेकिन दोस्तों Honda को अभी भी दो सबसे बड़े झटके लगने

07:35

Speaker A

तो बाकी ही थे। पहला झटका था BS6 नॉर्म्स वाला। इस नए एमिशन रूल्स की वजह से Honda को अपनी बची हुई डीजल गाड़ियां भी बंद करनी पड़ गई और फिर आया कोविड-19 इसमें Honda ने अपना ग्रेटर नोएडा वाला प्लांट

07:47

Speaker A

भी बंद कर दिया। यह वही प्लांट था जहां Civic और CRV जैसी शानदार कार्स बनती थी। नतीजा यह हुआ कि दिसंबर 2020 में Honda ने Civic और CRV दोनों गाड़ियों को इंडिया में बेचना पूरी तरह से बंद कर दिया। और

08:00

Speaker A

दोस्तों मुश्किलें यहीं नहीं रुकी। इसी दौर में फौ्टी एयर बैग्स की वजह से Honda को अपनी लाखों गाड़ियां रिकॉल करनी पड़ी। यह दुनिया के सबसे बड़े एयर बैग रिकॉल्स में से एक था जिसने Honda के साथ-साथ कई सारी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनीज़ को इंपैक्ट

08:14

Speaker A

किया। Honda को तो सिर्फ इंडिया में ही 1,90,000 से ज्यादा गाड़ियों के एयर बैग्स बदलने पड़े। अब पीछे मुड़कर आप देखेंगे ना तो पता लगेगा कि Honda की कहानी में कोई एक बहुत बड़ी गलती नजर नहीं आती बल्कि हर

08:26

Speaker A

बार वह थोड़ा-थोड़ा सा पीछे रह जाता है। डीजल में देरी हुई, एसयूवी मार्केट हाथ से निकल गया और बदलते कस्टमर को समझने में भी Honda ने देर कर दी। नतीजा यह हुआ कि जिस कंपनी की पहचान कभी सिटी और civic जैसी

08:38

Speaker A

गाड़ियों से होती थी, उसका लाइनअप धीरे-धीरे छोटा होता चला गया। लेकिन यहां इंटरेस्टिंग बात तो यह भी है कि Honda को इंडिया समझ में नहीं आता। यह बात पूरी तरह से सही नहीं है क्योंकि Honda का दूसरा बिजनेस यानी वह बाइक और स्कूटर वाला

08:51

Speaker A

इंडिया में आज भी शान से चल रहा है। कंपनी भारत में ही 7 करोड़ से ज्यादा टू व्हीलर्स बेच चुकी है। यानी प्रॉब्लम इंडिया को समझने की नहीं थी बल्कि प्रॉब्लम Honda के कार बिजनेस में थी। पर आज कंपनी की हालत यह है कि Honda के पास

09:04

Speaker A

इंडिया में बेचने के लिए सिर्फ तीन गाड़ियां बची हैं। अमेज, सिटी और एलवेट। और सबसे बड़ी दिक्कत तो यह है कि आज जब इंडिया में एसयूवी सबसे ज्यादा बिक रही है तब Honda के पास कस्टमर को देने के लिए

09:16

Speaker A

सिर्फ एक ही एसयूवी है। ऊपर से जो तीन गाड़ियां भी बची हैं ना उनमें भी अपनी-अपनी कमियां हैं। एग्जांपल के लिए अमेज को ही देख लीजिए। आज भी इसमें फैक्ट्री फिटेड सीएनजी ऑप्शन नहीं मिलता है। जबकि Maruti Dzire Tata Tigur और

09:29

Speaker A

Hyundai Aura जैसी सीधी राइवल्स फैक्ट्री फिटेड सीएनजी ऑफर करती हैं। इसी तरह से एलिवेट की बात करें तो उसमें भी सिर्फ बेसिक पेट्रोल इंजन मिलता है। ना टर्बो ऑप्शन ना डीजल और ना ही हाइब्रिड। जबकि उसकी सीधी राइवल Hyundai Creta के पास में

09:43

Speaker A

पेट्रोल, टर्बो, पेट्रोल और डीजल तीनों ही ऑप्शंस मिल जाते हैं। यानी दिक्कत गाड़ियों की क्वालिटी में नहीं है। दिक्कत यह है कि कस्टमर जो चॉइस ढूंढ रहा है वो Honda के शोरूम में अक्सर मिलती ही नहीं है। जबकि वही चॉइस उसके राइवल्स के पास

09:56

Speaker A

में आसानी से मिल जाती है। नतीजा यह है कि 2025 में Honda की सेल्स घटकर सिर्फ 65,925 यूनिट्स ही रह गई हैं। जो कि पिछले साल के मुकाबले 23.8% कम थी और कभी इंडियन कार मार्केट में ट्रेंड सेट करने वाली

10:11

Speaker A

Honda आज सिर्फ 1.4% मार्केट शेयर के साथ में नौवें नंबर पर पहुंच चुकी है। अब दोस्तों सवाल सिर्फ सेल्स का नहीं है। लोगों के मन में तो यह भी सवाल आने लगा है कि क्या Honda इंडिया छोड़कर जाने वाला

10:23

Speaker A

है? ऑनलाइन फोरम्स पर तो ऐसे सवाल खुलकर पूछे जाने लगे हैं। एक बार ने तो यहां तक लिखा कि मैंने एलिवेट बुक कर ली है। लेकिन डर लगता है कि अगर Honda इंडिया से चला गया तो फिर आगे क्या होगा? और सच कहें ना

10:35

Speaker A

तो इस सोच के पीछे कुछ ठोस वजह भी हैं क्योंकि कुछ Honda डीलर्स अपनी डीलरशिप बंद करके दूसरी कंपनीज़ के साथ में जुड़ चुके हैं और कई सारे शोरूम्स में तो लोग ना के बराबर ही नजर आते हैं। मतलब पहली

10:47

Speaker A

बार Honda के फ्यूचर पर भी सवाल उठने लगे हैं। इसी वजह से अक्टूबर 2025 में जापान मोबिलिटी शो के दौरान Honda के सीईओ तोशी मिबे खुद सामने आए और एक बड़ा ऐलान किया। 2030 तक Honda इंडिया में 10 नई गाड़ियां

11:00

Speaker A

लाएगा और उनमें से भी सात एसयूवीज होंगी। सबसे पहले आएगी 0 अल्फा एक इलेक्ट्रिक एसयूवी जो इंडिया में ही बनेगी और यहीं से जापान जैसे देशों में भी एक्सपोर्ट की जाएगी। इतना ही नहीं Honda ने उस सब 4

11:13

Speaker A

मीटर एसयूवी सेगमेंट पर भी दोबारा फोकस करने की बात कही है जिसे W आरवी बंद होने के बाद से उसने लगभग छोड़ ही दिया था। अब सुनने में यह सब बात काफी अच्छी लगती है ना? ऐसा लगता है कि Honda ने आखिरकार अपनी

11:25

Speaker A

पुरानी गलतियों से सीख ली है। लेकिन एक छोटी सी दिक्कत है। Honda की पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी 2027 में आएगी। यानी कि अभी से करीब 1.5 साल का इंतजार बाकी है और इंडियन कार मार्केट में 1/2 साल बहुत लंबा

11:38

Speaker A

टाइम होता है और जिस सब 4 मीटर एसयूवी की Honda को सबसे ज्यादा जरूरत है उसके बारे में अभी तक सिर्फ बात ही हुई है। कोई पक्की लॉन्च डेट बताई ही नहीं गई है और यही Honda का पुराना पैटर्न फिर से सामने

11:50

Speaker A

आ जाता है। पिछले 15 सालों की कहानी हमें यही सिखाती है कि कार बिजनेस में सिर्फ अच्छी गाड़ी बनाना काफी नहीं होता। सही समय पर सही गाड़ी लाना भी उतना ही इंपॉर्टेंट होता है। और अब देखना यह है कि

12:01

Speaker A

Honda की अगली गाड़ियां उसकी वापसी लिखेंगी या फिर एक बार फिर वही कहानी दोहराई जाएगी कि जहां गाड़ी तो सही थी लेकिन वक्त नहीं। वैसे आपको Honda की कौन सी गाड़ी सबसे ज्यादा पसंद है? हमें कमेंट करके जरूर बताइएगा।

Topics: Honda भारत में Honda Honda City Honda Civic Honda CRV भारतीय कार मार्केट डीजल कार SUV मार्केट Mobilio HRV


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