**5 Hidden Ways to Deal with Narcissists | Narcissist Ki Bolti Band Karne Ke 5 Tarike | Dr. Amita Puri — Transcript & Summary | SozAI**
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डॉ. अमिता पुरी बताती हैं नार्सिस्टिक व्यक्तियों की पांच छुपी कमजोरियां और उनसे कैसे निपटें।

## Key Takeaways

- नार्सिस्टिक व्यक्तियों की असुरक्षा उनकी कमजोरियों का मूल है।
- वे हर पहलू पर नियंत्रण चाहते हैं, जिससे उनकी शक्ति बनी रहती है।
- इमोशनल ब्लैकमेल और साइलेंट ट्रीटमेंट उनके व्यवहार के मुख्य हथियार हैं।
- अपनी सीमाएं निर्धारित करके और समझदारी से व्यवहार करके उनसे निपटा जा सकता है।
- समझदारी से नियंत्रण वापस लेकर जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है।

## What the video covers

- नार्सिस्टिक व्यक्तियों की मुख्य कमजोरी उनकी अंदर की असुरक्षा होती है।
- वे हर चीज़ पर नियंत्रण रखना चाहते हैं, चाहे वह आपके समय, पैसे या संबंध हों।
- नार्सिस्ट्स को लगातार वैलिडेशन और तारीफ की जरूरत होती है।
- गुस्सा आने पर वे साइलेंट ट्रीटमेंट और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हैं।
- उनका सबसे बड़ा डर होता है परित्याग का, जिसे वे इमोशनल ब्लैकमेल से दबाते हैं।
- वे अपने आसपास के लोगों को ट्रॉमा बॉन्डिंग में फंसा कर नियंत्रण बनाए रखते हैं।
- नार्सिस्टिक व्यवहार के कारण परिवार में तनाव और असंतुलन बढ़ता है।
- अपने दायरे और बाउंड्रीज़ को समझकर उनसे बेहतर तरीके से निपटा जा सकता है।
- यह वीडियो कंट्रोल वापस पाने और जीवन को बेहतर बनाने के उपाय बताता है।
- डॉ. अमिता पुरी की सलाह से नार्सिस्टिक अब्यूज से उबरने में मदद मिलती है।

## Chapters

1. 00:00 परिचय और नार्सिसिस्ट की कमजोरियां समझना
2. 00:36 पहली कमजोरी: असुरक्षा और इनसिक्योरिटी
3. 01:39 दूसरी कमजोरी: नियंत्रण की आवश्यकता
4. 02:39 तीसरी कमजोरी: वैलिडेशन और तारीफ की चाह
5. 04:00 चौथी कमजोरी: गुस्सा और साइलेंट ट्रीटमेंट
6. 04:58 पांचवीं कमजोरी: परित्याग का डर और इमोशनल ब्लैकमेल
7. 06:11 नार्सिसिस्ट से निपटने के उपाय और बाउंड्री सेटिंग
8. 07:33 निष्कर्ष और वीडियो का समापन

Answers

## Questions about this video

नार्सिस्टिक व्यक्ति की सबसे बड़ी कमजोरी क्या है?

उनकी सबसे बड़ी कमजोरी उनकी अंदर की असुरक्षा (इनसिक्योरिटी) है, जिससे वे दूसरों को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं।

नार्सिस्टिक व्यक्ति कैसे नियंत्रण बनाए रखते हैं?

वे हर चीज़ पर नियंत्रण रखते हैं जैसे आपके समय, पैसे, और संबंधों पर, और बिना अनुमति के खर्च या निर्णय करने नहीं देते।

नार्सिस्टिक व्यक्ति से कैसे निपटा जा सकता है?

उनकी कमजोरियों को समझकर अपनी सीमाएं (बाउंड्रीज़) तय करना और समझदारी से व्यवहार करना सबसे प्रभावी तरीका है।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

नमस्कार, शंभव चैनल में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। मैं डॉक्टर अमिता पुरी, देश की जानीमानी मनोवैज्ञानिक और ग्लोबल अथॉरिटी ऑन नार्सिस्टिक अब्यूज रिकवरी। तो बहुत सारे लोग न ये जानना चाहते हैं कि नार्सिस जो हमको डरा के रखते हैं, उनकी

00:18

Speaker A

क्या वीकनेस है? उनको कैसे हम समझ सकते हैं, संभाल सकते हैं, पकड़ सकते हैं और उनको हम हैंडल या मैनपुलेट कर सकते हैं। वही हमें मैनपुलेट करते रहते हैं। कुछ ऑप्शंस हैं, कुछ तरीके हैं। तो हां भाई हैं। पांच ऐसे तरीके आज मैं बताने वाली

00:36

Speaker A

हूं आपको जिनसे आप अगर समझेंगे कि यह उनकी कमजोरी है तो आप उसको डील कर पाएंगे न अच्छे से। पहला कमजोरी तो उनकी खुद की कमजोरी है। वो क्या कि वो बहुत इनसिक्योर है। सामने तो शेर या शेरनी बनके रहते हैं।

00:53

Speaker A

लेकिन अंदर से चूहे जैसा दिल होता है। वो बहुत इनसिक्योर होते हैं। इसीलिए तो वो आपके मोबाइल चेक करते रहते हैं। लैपटॉप चेक करते रहते हैं। अपने कान लगा के रखते हैं कि पता नहीं इसका किसी के साथ चक्कर

01:06

Speaker A

तो नहीं। कहीं यह मुझे चोट तो नहीं देगा। इतना ज्यादा उनका दिल ऐसा होता है छोटा सा। यह क्यों है इनसिक्योरिटी? इसीलिए न कि उन्हें पता है कि उनमें कमी है और वह इस तरह दूसरों को जलील करते हैं कि दूसरा

01:23

Speaker A

ट्रॉमा बॉन्डेड होकर निकल न पाए उस ट्रैप से और वो ट्रैप को वो बार-बार बार-बार मजबूत करते रहते हैं। वो मैनपुलेट करते हैं। तो अब हमें समझ में आया न कि उनकी वीकनेस है, उन्हीं के वीकनेस की वो

01:39

Speaker A

इनसिक्योर होते हैं। और दूसरा है कि उनको कंट्रोल करना है। हर चीज में गैप करना है। कंट्रोल करना है कि यहां पर मैं ऐसे करूंगी तो यह ऐसे करेगा। तुमको ऐसे करना है क्योंकि मैंने बोल दिया। यानी मैंने

01:54

Speaker A

निर्धारित कर दिया। सब लोगों को उसी तरह रहना है। उसी तरह कहना है। उतना ही कहना है। आपने उसको कोई बात नहीं बतानी। जितना मैंने बोला है उतना ही बताना। वरना मुंह बंद और आंखें तरेर करके देखना। तो कंट्रोल

02:09

Speaker A

हर चीज में आपके सोने पर कब सो रहे हैं, क्या खा रहे हैं, कितना खा रहे हैं, कैसे खा रहे हैं, कहां जा रहे हैं, किससे बात कर रहे हैं? और कब ऐसा होगा, कब वैसा होगा? हर चीज पे कंट्रोल, फाइनेंशियल

02:23

Speaker A

कंट्रोल आपका। आप उनसे पूछे बिना परमिशन लिए बिना आप अपना ही पैसा स्पेंड नहीं कर सकते। किसी को दे नहीं सकते। किसी के साथ आपने अगर सपोजिंग कोई बैंक का भी कोई ट्रांजैक्शन करना है, यू हैव टू टेक देयर

02:39

Speaker A

परमिशन होता है। यह रियलिटी है। पीपल आउट देयर ग्लोबली आर सफरिंग लाइक दिस। तो यह उनका कंट्रोल एकदम है। फिर उनको वैलिडेशन चाहिए। उनकी तारीफ करते जाओ। उनको अप्रिशिएट करते जाओ। अरे वाह, तुम तो सबसे बढ़िया हो। क्या खाना बनाया है? क्या चाय

02:58

Speaker A

बनाई है? क्या तुमने आटा गंदा है? तो क्या तुमने इंटीरियर्स तुमने कितने सुंदर बनाए [संगीत] हैं। वो थोड़ी देर के लिए है भाई। वो जैसे ईद का चांद हम कहते हैं न कभी-कभी ही हमें दिखाई देता है तो उसी तरह

03:12

Speaker A

इनके जो कारनामे जो एक्शंस हैं न, जो पॉजिटिव एक्शंस [संगीत] वो भी कभी-कभी ही दर्शन होते हैं। अदरवाइज तो जैसे घर है न कबाड़ खाना, सब एक्सपेंसिव एक्सपेंसिव चीजें [संगीत] ला चीजें लाके तो रखेंगे, संभालेंगे नहीं, समेटेंगे नहीं, सहेजेंगे

03:30

Speaker A

नहीं, सफाई नहीं करेंगे और किसी को करने भी नहीं देंगे। कूड़ा कर इनको बहुत पसंद है या इतना ज्यादा ओसीडी कि वो खुद नहीं करेंगे लेकिन फैमिली वालों को लगा देंगे। तुम्हारा घर तो ऐसा रहता है, तुम्हारी मां तो इतनी गंदी रहती

03:48

Speaker A

है। उनको तो बात करने की तमीज नहीं। उनको तो खाना खाने की तमीज नहीं। वो देखो पैर कैसे रखती हैं। वो देखो मुंह से जब बोलती है या खाना खाती है तो कैसा घमासान आवाज आती है। मतलब आज की छोटी-छोटी बातों को इतना

04:02

Speaker A

मैग्नीफाइंग राई का पहाड़ बना देना। और अपने इतने बड़े-बड़े कारनामों को भी नजरअंदाज करना। [संगीत] तो इनको वैलिडेशन चाहिए। इनको तारीफ चाहिए ऑल द टाइम। यह इनका होता है। फिर इनको गुस्सा बहुत आता है। साइलेंट ट्रीटमेंट करेंगे। जब इनको

04:20

Speaker A

इनसिक्योरिटी होती है और इनका लगता है कि मेरा कंट्रोल बाहर जा रहा है। इनके हाथों से छूट रहा है तो गुस्सा एकदम कर बैठेंगे और साइलेंट ट्रीटमेंट करेंगे। खौफनाक आपको देखेंगे या ऐसे-ऐसे गंदे-गंदे शब्द आपको बोलेंगे। आपके मां-बाप के प्रति भी

04:38

Speaker A

बोलेंगे। आपके पूरे खानदान के प्रति बोलेंगे। ऐसे-ऐसे चुन [संगीत] के शब्दों का चुनाव होता है न कि लगता है कि इससे जहरीले शब्द मैं सुन नहीं सकता और इसने उठाए कहां से? इतना ज्यादा इन्वेंशनंस शब्दों की यह करते रहते हैं। यह भी इनका

04:58

Speaker A

एक बहुत बड़ी कमजोरी है। और सबसे बड़ी कमजोरी इनका खुद का फियर, वो डर, फियर ऑफ अबेंडंडनमेंट कि मुझे छोड़ के लोग चले जाएंगे। और उस प्रेयर को दबाने के लिए वह आपको ऐसा इमोशनल ब्लैकमेल कर देंगे कि अरे

05:17

Speaker A

तुम तो मेरा ध्यान रखोगे। तुम नहीं रखोगे तो और कौन रखेगा? हस्बैंड्स को तो यह करना होता है। हस्बैंड्स को तो यह करना होता है। हस्बैंड्स की तो यह ड्यूटी है। हस्बैंड्स को तो स्टैंड लेना है अपने पेरेंट्स के खिलाफ। मेरे लिए हस्बैंड्स को

05:31

Speaker A

तो सारा घर के भी काम करने हैं। मुझे सपोर्ट करना है। इक्वलिटी। इक्वलिटी के नाम पे हम बैठे। हमने आपको बता दिया कि यह किचन में बनाना है। बाकी बनाएंगे आप खुद और लेकर भी आप बाजार से लाएंगे। आपकी गैस

05:44

Speaker A

वगैरह का भी काम खुद होगा। किचन की समेटा समेटे भी आप करेंगे। और अगर आपने नहीं की तो यह काम करेंगे। यह मदद करेंगे। यह खाना खाने में मदद कर देंगे। आप इनकी प्लेट उठा देंगे। वो स्माइल कर देंगे। वो मदद हो गई।

05:59

Speaker A

वो काम हो गया न इनका। और अगर आपने इनको कुछ कह दिया कि भैया तुम भी मेरी मदद कर दो या तुम भी साथ में मेरे साथ कर लो या तुम चलो मेरी मॉम को फोन करके यह बात कर

06:10

Speaker A

लो या आज मैं बहुत थका हुआ हूं। आज मुझसे काम नहीं होगा। खाना नहीं बनेगा। आज तुम बना दो। फिर देखो कैसा तूफान आएगा। और फिर देखिए आपकी शामत आएगी। आपके जो बूढ़े मां-बाप जो हैं वो दूर रहते हैं उनकी शामत

06:25

Speaker A

आएगी। अगर आपके मां-बाप इस दुनिया में नहीं भी हैं न तो यह मत सोचिए कि वो बच जाएंगे। उसके बाद भी वो दुनिया में नहीं हैं लेकिन कहीं उनकी आत्मा होगी जो सुनती है। इतना ज्यादा विशैली बातें आपके

06:40

Speaker A

पेरेंट्स के खिलाफ यह आपको सुनाते रहेंगे। तो वेदर यू आर अ फीमेल जो एनपीडी विक्टिम है या मेल है जो एनपीडी विक्टिम है। लेकिन जो नार्सिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर व्यक्ति होता है न यह उसकी कमियां हैं। अगर हम इन कमियों को समझेंगे तो हम उसके

06:58

Speaker A

मुताबिक अपना दायरा, अपनी बाउंड्रीज और अपने रास्ते बना [संगीत] पाएंगे। आई एम श्योर आपको इस वीडियो से थोड़ा और समझ आया होगा कि हम कंट्रोल वापस अपना ही कंट्रोल हम वापस कैसे ले सकते हैं। अपनी जिंदगी को और खूबसूरत कैसे बना सकते हैं। अगर आपको

07:18

Speaker A

मेरी यह वीडियो पसंद आया हो न तो लाइक करिए, सब्सक्राइब करिए, भरभर के शेयर करिए। पता नहीं दुनिया के किस कोने में कौन सा व्यक्ति कहां बैठा हुआ है, किस मूड में होगा। किस हालात में होगा। इतना दुखियारी

07:33

Speaker A

आत्मा अगर उसके यह वीडियो आपने शेयर किया, उसको मिल जाएगा। कितनी भरभर के दुआएं आपके पास वापस आने वाली हैं। आपकी झोली मिलते-मिलते दुआएं मिलते-मिलते [संगीत] भर जाएगी। लेकिन दुआएं उनकी खत्म नहीं होंगी। इतना आप कमाएंगे अपनी दुआएं। है

07:53

Speaker A

ना? करेंगे ना? बहुत-बहुत धन्यवाद।

Topics: नार्सिसिस्ट नार्सिसिस्टिक अब्यूज डॉ अमिता पुरी मनोविज्ञान इमोशनल ब्लैकमेल कंट्रोल इनसिक्योरिटी साइलेंट ट्रीटमेंट ट्रॉमा बॉन्डिंग बाउंड्री सेटिंग

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