**Extreme High Growth Businesses 2027 — Transcript & Summary | SozAI**
Source: https://sozai.app/transcript/extreme-high-growth-businesses-2027/

2027 तक उच्च विकास संभावनाओं वाली भारतीय कंपनियों का विश्लेषण और निवेश के लिए महत्वपूर्ण जानकारी।

## Key Takeaways

- 2027 तक कई भारतीय कंपनियां 50% से अधिक की ग्रोथ कर सकती हैं।
- क्वालिटी पावर जैसी कंपनियां बिजली ग्रिड और नई तकनीकों से जुड़ी हैं, जो भविष्य में लाभकारी होंगी।
- पीएलआई स्कीम के नए स्तर से कई कंपनियों को फायदा होगा।
- निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और मार्केट ट्रेंड्स का गहन विश्लेषण जरूरी है।
- ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती मांग से संबंधित कंपनियों में निवेश के अवसर हैं।

## What the video covers

- वीडियो में 2027 तक 50% से अधिक ग्रोथ देने वाली कंपनियों पर चर्चा की गई है।
- क्वालिटी पावर कंपनी की ग्रिड से जुड़े प्रोडक्ट्स और उनकी बढ़ती मांग को समझाया गया है।
- एचवीडीसी तकनीक और इसके भारत में बढ़ते प्रोजेक्ट्स का महत्व बताया गया है।
- कंपनियों की वित्तीय स्थिति, कर्ज, और ग्रोथ गाइडेंस का विश्लेषण किया गया है।
- पीएलआई स्कीम के नए स्तर और उससे जुड़ी कंपनियों के लाभों पर प्रकाश डाला गया है।
- डेटा सेंटर, सोलर, और ईवी जैसे क्षेत्रों में बिजली की बढ़ती मांग और उससे जुड़े उत्पादों की जरूरत बताई गई है।
- कुछ कम प्रसिद्ध लेकिन उच्च ग्रोथ संभावित कंपनियों को निवेश के लिए सुझाया गया है।
- मार्केट में इन कंपनियों की लोकप्रियता और संभावित जोखिमों का भी उल्लेख है।
- वीडियो में निवेश से पहले रिसर्च करने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
- कंपनियों के प्रोडक्ट्स, जैसे वेव ट्रैप्स, रिएक्टर्स, हार्मोनिक फिल्टर्स आदि की तकनीकी जानकारी दी गई है।

## Chapters

1. 00:00 परिचय और उच्च ग्रोथ कंपनियों की संभावनाएं
2. 01:22 कंपनी ग्रोथ गाइडेंस और मार्केट की पसंद
3. 03:00 भारत में बिजली की मांग और ग्रिड पर लोड
4. 04:26 पावर प्रोडक्शन और कंजम्प्शन का भौगोलिक विभाजन
5. 05:56 एचवीडीसी तकनीक और चीन के प्रोजेक्ट्स
6. 07:23 कंपनी की ग्रोथ स्टोरी और कैपेसिटी रैंप अप
7. 09:00 पीएलआई स्कीम और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग
8. 10:12 निवेश के लिए सावधानियां और रिसर्च की जरूरत

Answers

## Questions about this video

2027 तक किन कंपनियों में सबसे अधिक ग्रोथ की संभावना है?

वीडियो में क्वालिटी पावर और यश हाई वोल्टेज जैसी कंपनियों को 50% से अधिक ग्रोथ देने वाली बताया गया है, जो बिजली ग्रिड और संबंधित तकनीकों से जुड़ी हैं।

एचवीडीसी तकनीक क्या है और इसका भारत में क्या महत्व है?

एचवीडीसी (हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट) तकनीक लंबी दूरी तक बिजली ट्रांसमिशन में पावर लॉस कम करती है। भारत में इसके प्रोजेक्ट्स बढ़ रहे हैं, जिससे बिजली की आपूर्ति बेहतर होगी।

निवेश से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, ग्रोथ गाइडेंस, मार्केट ट्रेंड्स और संभावित जोखिमों का गहन विश्लेषण करना जरूरी है। साथ ही खुद की रिसर्च करना महत्वपूर्ण है।

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00:00

Speaker A

अगेन, इसमें भी बहुत तोड़फोड़ ग्रोथ आ रही है। अगले साल जो है, 50% प्लस जो है, यह कंपनी ग्रो कर सकती है। यह कुछ एनालिस्ट 60-60% की ग्रोथ गाइडेंस भी मान रहे हैं। तो ये 300-350 करोड़ से करते-करते अभी 900 करोड़ के आसपास पहुंच गया है।

00:12

Speaker A

400 से 1200-1800 मतलब चलता ही चला जा रहा है। सो कंपनियां तो बहुत सारी हैं। एक कंपनी जो अभी मेरे मन में आती है, बहुत ही ज्यादा इंटरेस्टिंग है। इवन राइट नाउ वो है उस

00:23

Speaker A

कॉन कॉल में इन्होंने बोला था भाई, डिमांड इतनी ज्यादा तगड़ी आ रही है कि हमें अपने वेयरहाउस में भी मशीनें लगा-लगा के कन्वर्ट करना पड़ रहा है और अगर आप यहां पे हमारा मास्टर ट्रैकर्स टूल देखोगे, मतलब

00:33

Speaker A

50% ग्रोथ कंपनियां तो अभी बहुत मिल रही हैं। 50% [संगीत] इज लाइक ह्यूज। इन अभी जो पीएलआई स्कीम्स चल रही हैं, अभी तक था कि भाई आप इंडिया में प्रोडक्ट्स बनाओ। लेकिन अब नेक्स्ट लेवल ऑफ पीएलआई स्कीम आ रही

00:45

Speaker A

है। अब आप ये सब सामान बनाओ। जो यह पार्ट्स हैं, यह बनाओ और इसमें को भी पीएलआई स्कीम के बेनिफिट मिलने वाले हैं। कंपनी का नाम है कि यह कंपनी तो कभी चली ही नहीं है अभी तक। तो गाइडेंस अच्छी है।

00:55

Speaker A

प्लस बहुत ज्यादा वेल डिस्कवर्ड या बहुत ज्यादा हाइप नहीं बनी है इस कंपनी की अभी तक। दैट इज अ अनदर गुड थिंग। थोड़ा केवियाट है। थोड़ी छोटी कंपनी है। लेकिन एफवाई 27 में और एफवाई 28 में बंपर गाइडेंस है। डेप्ट वेट कर्जावजा बहुत

01:09

Speaker A

ज्यादा ले लिया था। कंपनी डूबने वाली थी। लोगों को डर भी है कि भाई कुछ दिक्कत ना हो जाए। हीरो कहीं यह ज़ीरो ना हो जाए। हां। एंड यहां पे यह कंपनी ग्रोथ गाइडेंस दे रही है 35% की। और यह ग्रोथ गाइडेंस ना

01:22

Speaker A

35% की हर साल देती है। लेकिन जब एक्चुअल रिजल्ट आते हैं तो ये 40-50% की ग्रोथ कर देती है। मतलब तो ऐसी कंपनियां जो है, वो मार्केट को बहुत ज्यादा पसंद आती हैं। सो कहीं ना कहीं ना आपको इन सभी कंपनियों में

01:33

Speaker A

थोड़ी एक चीज कॉमन दिखेगी। ये जो भी दिस वीडियो इज़ फॉर एजुकेशनेशनल पर्पसेस ओनली। वी आर नॉट सेबी रजिस्टर्ड एडवाइज़र्स। सो ऑलवेज डू योर ओन रिसर्च बिफोर इन्वेस्टिंग। [संगीत] शुभम कौन सी कंपनियां हैं जो गाइडेंस दे रही हैं और हाई ग्रोथ की पॉसिबिलिटीज हैं। सो

02:00

Speaker A

कंपनियां तो बहुत सारी हैं। एक कंपनी जो अभी मेरे मन में आती है, बहुत ही ज्यादा इंटरेस्टिंग है। इवन राइट नाउ वो है क्वालिटी Power LED। क्वालिटी पावर। ज्यादातर लोग जब यह पावर थीम चल रही थी तो

02:14

Speaker A

ट्रांसफार्मर कंपनियों के बारे में बात कर रहे थे कि ये या फिर ज्यादा से ज्यादा वायर्स एंड केबल्स की बात कर रहे थे। लेकिन एक कंपनी थी जो कि बेसिकली एंसिलरी का, एंसिलरी जिसे बोला जाता है। तो यहां पे

02:25

Speaker A

हुआ क्या था? अब हम सबको पता है कि सोलर का बूम आया था। अभी डेटा सेंटर का बूम आया है। तो सोलर हो या डेटा सेंटर हो या ईवीस हो। ये सारी की सारी थीम्स जो है, एक-एक ही

02:35

Speaker A

एक ही थीम पे आके कन्वर्ज करती है। वो है बिजली। चाहे ईवी लोगे तो बिजली चाहिए चार्जिंग के लिए। और अभी तक जो हमारी ग्रिड थी, वो सारी, वो पूरी की पूरी ग्रिड बनी थी रेजिडेंशियल घरों को सप्लाई करने

02:46

Speaker A

के लिए, जिनमें इतनी पावर नहीं फुकती। लेकिन डाटा सेंटर में पावर चाहिए बहुत ज्यादा। ईवी चार्ज करनी है तो लास्ट टाइम जब ग्रिड के ऊपर इतना लोड पड़ा था, वो था जब एसी आए थे नए-नए तो जैसे-जैसे क्योंकि एसी एक ऐसी

03:00

Speaker A

चीज है जो बहुत ज्यादा कंज्यूम करता है। ज्यादा बिजली फुकती है। अभी मल्टीपल चीजें हैं जो एक साथ पैरेलली आ गई हैं। ग्रिड के ऊपर पड़ रहा है। बहुत ही ज्यादा लोड। अ आज की डेट में इंडिया की

03:11

Speaker A

ग्रिड मतलब जो पावर कंसमशन है, वो 7% से ग्रो कर रहा है। 7 टू 8% पर ईयर से ग्रो कर रहा है। सो अब ऐसे में होता क्या है?

03:19

Speaker A

मैं थोड़ा सा कॉन्टेक्स्ट इसलिए दे रहा हूं क्योंकि ये कंपनी एंसिलरी कंपनी है। तो क्यों जरूरत है इनकी? पहले वो समझाने की कोशिश कर रहा हूं। तो कंपनी तो क्वालिटी पावर है। अ ये कंपनी प्रोडक्ट्स बनाती है जो कि ग्रिड में यूज होते हैं।

03:34

Speaker A

ज्यादातर लोग ट्रांसफार्मर तो देखे हैं लेकिन इनके प्रोडक्ट्स शायद लोगों ने उतने ज्यादा नहीं देखे। क्या बनाती है? ये कुछ इस टाइप के प्रोडक्ट्स बनाती है। क्या?

03:42

Speaker A

जैसे कि वेव ट्रैप्स हम सब ने शायद नाम नहीं सुना होगा। रिएक्टर्स यू नो ट्रांसफार्मर भी बनाती है ऑब्वियसली। हार्मोनिक फिल्टर, आयरन कोर रिएक्टर ये सब चीजें बनाती है। कैपेसिटर बैंक्स तो अब शायद बोलोगे ये सब चीजें क्या हैं और हम

04:00

Speaker A

क्यों डिस्कस कर रहे हैं। आप एक इलेक्ट्रिकल की क्लास लगती जा रही है। तो बेसिकली हम सब लोगों ने ना अपने घर के आसपास एक चीज देखी होगी जो कि होती है सबस्टेशन। सबस्टेशन कुछ इस तरीके के होते हैं बिजली

04:14

Speaker A

घर जिन्हें बोलते सिंपल भाषा में। सो बिजली जब बनती है तो एक होता है प्रोडक्शन जहां पे हो रहा है और एक है जहां पे कंजमशन हो रहा है। तो जब प्रोडक्शन और कंजमशन वो अ उसके बीच में बहुत ज्यादा

04:26

Speaker A

डिस्टेंस होता है। क्यों? क्योंकि जैसे फॉर एग्जांपल अगर मैं आज की बात करूं तो कोल प्लांट जैसे अगर मैं यूपी में हूं तो मेरे घर से शायद यू नो 300-400 कि.मी. दूर होगा या फिर हाइड्रो प्लांट होगा जो

04:38

Speaker A

उत्तराखंड में कुछ-कुछ हाइड्रो, हाइड्रो प्लांट्स हैं। या फिर अगर सोलर है तो कहां पे होगा? या राजस्थान में होगा या कच्छ रीजन में होगा, गुजरात में होगा। हम राइट? अगर विंड टरबाइन की बात करूं तो विंड टरबाइन जो है, वो जो है साउथ में मेरे

04:50

Speaker A

केरला में होगा या तमिलनाडु में होंगे। वहीं पे विंड ज्यादा है। तो बेसिकली प्रोडक्शन सेंटर्स कुछ और हैं। कंजमशन सेंटर कहां है? मेट्रो सिटीज हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली यहां पे सबसे ज्यादा कंजमशन होगा। तो अब इनके बीच में डिस्टेंस

05:05

Speaker A

बहुत ज्यादा है। अब होता क्या है कि जब आप एक-एक अप टू अ सर्टेन डिस्टेंस तो हमारे पुरानी वाले सिस्टम चल जाते हैं। लेकिन जब आप डिस्टेंस बहुत ज्यादा बढ़ाने लगते हो तो क्या होता है कि पावर लॉस बढ़ने लगता

05:17

Speaker A

है। हमने बचपन में पढ़ा है कि भाई वायर में पावर लॉस हो जाता है। हम तो अब एक नई टेक्नोलॉजी आई है कॉल्ड एचवीडीसी टेक्नोलॉजी। एचवीडीसी इज़ हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट। यह जो है अगर देखो चाइना में एचवीडी ये जो

05:32

Speaker A

ये बेसिकली अप टू 1000 कि.मी. दूर यानी कि आप साउथ में बिजली बना रहे हो और नॉर्थ में बेच रहे हो और जो लॉस हो रहा है वो मिनिमल है। हम तो ये नई टेक्नोलॉजी है, इसमें कम लॉस होता

05:42

Speaker A

है। तो इसमें क्या होता है? अ चाइना में अगर आप देखोगे तो जो तिब्बत रीजन के जो रिसोर्सेज हैं, वहां बिजली प्रोड्यूस करके वो अपने बीजिंग और बाकी जो शहर हैं वहां पे बिजली को भेज रहे हैं। पूरी दुनिया में

05:56

Speaker A

सबसे ज्यादा पांच प्रोजेक्ट्स हैं चाइना में एचवीडीसी के। एक प्रोजेक्ट की कीमत मतलब 25-300 करोड़ की बैठती है। सो इट्स अ वेरी वेरी एक्सपेंसिव प्रोजेक्ट टू डू। राइट?

06:08

Speaker A

यहां पे मेन स्टोरी फिलहाल क्या बन रही है? स्टोरी ये बन रही है कि भ यहां पर ग्रोथ ट्रिगर्स बहुत ही ज्यादा हैं। सो अगर आप ना इनका पिछले दो-तीन साल का ट्रैक रिकॉर्ड देखो तो ये 300-350 करोड़ से

06:19

Speaker A

करते-करते अभी 900 करोड़ के आसपास पहुंच गया है। तो यहां पे ग्रोथ आई है बहुत ही ज्यादा अनापशनाप। क्यों? क्योंकि अ एक तरीके से नीश प्रोडक्ट है। ऐसा नहीं है कि कोई भी जना आकर के बना सकता है। एंड जो यह

06:33

Speaker A

बड़ी एमएसी हैं उसके अलावा दिस इज़ वन ऑफ द लीडिंग इंडियन कंपनियां जो ये सब चीजें बना रही हैं। और अभी इसमें जो मेन ट्रिगर है वो ये है कि इनकी जो कैपेसिटी है वो रैंप अप हो रही है। अभी कैपेसिटी पूरी तरीके मैंने

06:45

Speaker A

मुझे याद है इनकी एक कॉन कॉल थी जो कि हमने सुनी थी। उस कॉन कॉल में इन्होंने बोला था भाई, डिमांड इतनी ज्यादा तगड़ी आ रही है कि हमें अपने वेयरहाउस में भी मशीनें लगा-लगा के उसको कन्वर्ट करना पड़

06:57

Speaker A

रहा है कि भाई किसी तरीके से जितना हो सके हम सप्लाई कर सकें। तो इसमें मेन स्टोरी है कि एफवाई 27 में ग्रोथ क्योंकि कैपेसिटी ही नहीं है तो इस वजह से सिर्फ 20% की ग्रोथ आ रही है क्योंकि ये बॉटलनेक ये डी बॉटल

07:08

Speaker A

नेक और ये सब कर रहे हैं। लेकिन मेन स्टोरी इसकी शुरू हो रही है नेक्स्ट ईयर और अगर आप यहां पर हमारा मास्टर ट्रैकर्स टूल देखोगे तो यहां पर इस साल की गाइडेंस 20% की ही है। लेकिन अगले साल जो है 50% प्लस जो है ये

07:23

Speaker A

कंपनी ग्रो कर सकती है। कुछ एनालिस्ट 60-60% की ग्रोथ गाइडेंस भी मान रहे हैं। एंड ये जो है अगले एक-दो साल तक कंटिन्यू रह सकती है। तो ये इसकी मेन स्टोरी बन रही है विद विद अ सम बिट ऑफ मार्जिन इंप्रूवमेंट

07:34

Speaker A

आल्सो। और ये हो इसीलिए रहा है क्योंकि हमारे जो एचवीडीसी के प्रोजेक्ट्स हैं वो इंडिया में लग रहे हैं और ये इनडायरेक्ट बेनिफिशरी है। इसी तरीके से एक और कंपनी है जो इनडायरेक्ट बेनिफिशरी है जिसके बारे में हम पहले भी बात कर चुके हैं, व्हिच इज

07:45

Speaker A

कॉल्ड यश हाई वोल्टेज। हम अगेन इसमें भी बहुत तोड़फोड़ ग्रोथ आ रही है। ये भी उसी वैल्यू चेन में पार्ट बनाती है, जिसको अ बेसिकली यू नो ओआईपी और आरआईपी बुशिंग्स बोलते हैं। अ तो इसकी डिटेल में अभी नहीं जाएंगे लेकिन यू नो दीज़ आर द टू

08:06

Speaker A

कंपनियां जो दोनों में सिमिलर टाइप के ट्रिगर हैं एंड दोनों के दोनों बहुत ही अच्छा कर रही हैं। गॉट इट। अगली थीम पे आते हैं। ये थोड़ी सी अलग थीम है। इसमें दो कंपनियां आएंगी। एक रत्नावीर और एक सिरमा। रत्नावीर अ इनकी मैं आपको

08:20

Speaker A

वेबसाइट दिखाता हूं। हम सबने ना इनके प्रोडक्ट्स यूज़ करे हुए हैं। तो अभी तो एक्चुअली ये कंपनी कमोडिटी कंपनी है। क्यों? क्योंकि यह कंपनी यह बनाती है। आपने देखा होगा यह जो हम पेच कसते हैं बीच में ना एक वॉशर लगाते हैं।

08:33

Speaker A

हम तो यह वॉशर बनाने की इंडिया की वन ऑफ द बिगेस्ट कंपनी है। और ये एक्सपोर्ट करती है ये सब व

08:47

Speaker A

कुछ तोड़फोड़ प्रोडक्ट्स नहीं है। लेकिन इंटरेस्टिंग चीज ये बन रही है। ये शीट हो गई। ये जैसे लिफ्ट के जो फ्लोर पे साइडों में यू नो जो स्टील की शीट्स होती है ना ये वो है। बट यहां पे जो मेन स्टोरी बन

09:00

Speaker A

रही है वो ये बन रही है कि अब इंडिया में सेमीकंडक्टर बनने वाले हैं। हम और सेमीकंडक्टर बनाने के लिए या सेमीकंडक्टर के साथ-साथ पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग होने वाली है। पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग मतलब प्रिंटेड सर्किट बोर्ड अ जो आप जब कोई भी खिलौना या रिमोट

09:15

Speaker A

या कुछ भी खोलते हो ना तो उसके अंदर जो हरे रंग की चिप निकलती है वो होती है पीछे का ब्रेन यस उसके पीछे का ब्रेन एक्सैक्टली कुछ ऐसा जिसमें आपकी मल्टीपल चीजें लगी होती है। इसके अंदर से पाथ भी

09:28

Speaker A

जा रहे होते हैं। अब इस पीसीबी के अंदर पीसीबी के अंदर एक प्लेट लगी होती है कूलिंग के लिए। नहीं नहीं नहीं कूलिंग के लिए नहीं कनेक्शन के लिए। इसे बोलते हैं सीसीएल कॉपर क्लैड लैमिनेट। तो इसमें क्या

09:42

Speaker A

होता है कि इसके अंदर की यह जो प्लेट है यह यह है जिसके ऊपर ये लोग इचिंग करके स्क्रैच करके ये पाथवेज बनाते हैं। नॉर्मली पूरा ही कॉपर होता है। फिर उसमें से वो हम हटा देते हैं केमिकल लगा के ताकि

09:53

Speaker A

बस वही कनेक्शन रह जाए। एक्सैक्टली। उसमें तो ये होती है सीसीएल। अभी ये जो सीसीएल है यह पूरा का पूरा बाहर से यानी चाइना से इंपोर्ट हो रहा है। एंड इंडिया में मेनली असेंबली का काम हो रहा है जिसमें कि हम कैपेसिटर ले लिए यह ले

10:07

Speaker A

लिया वो ले लिया इसी चिपका दिया चिपका दिया और आगे सामान बना दिया लेकिन अब हो अभी जो पीएलआई स्कीम्स चल रही हैं अभी तक था कि भाई आप इंडिया में प्रोडक्ट्स बनाओ मतलब ये बनाओ असेंबली करो लेकिन अब नेक्स्ट लेवल ऑफ पीएलआई स्कीम आ

10:22

Speaker A

रही है जो चल रही है उसमें है कि अब आप बैकवर्ड इंटीग्रेट करो अब आप ये सब सामान बनाओ जो ये पार्ट्स हैं ये बनाओ और इसमें सीसीएल को भी पीएलआई स्कीम के बेनिफिट मिलने वाले हैं तो ये कंपनी एक बहुत बड़ा

10:32

Speaker A

प्लांट लगा रही है। तो काइंड ऑफ एक कमोडिटी वॉशर बनाने वाली कंपनी अब एक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग चेन का वैल्यू चेन का पार्ट बनने वाली है। तो ये इसकी इन शॉर्ट स्टोरी निकल कर के आ रही है। अगर मैं इनकी गाइडेंस की बात करूं

10:48

Speaker A

तो मैं वापस आता हूं मास्टर ट्रैकर टूल पर। तो इन्होंने जो गाइडेंस दी हुई है वो है अराउंड 1500 करोड़ इन एफवाई 27 एंड 2100 करोड़ इन एफवाई 28। और अगर हम अभी देखें तो ग्रोथ तो बहुत ही ज्यादा हो गया

11:04

Speaker A

लेकिन अगर हम अभी देखें तो इस साल एक्चुअली सिर्फ ₹169 थी। तो यह ऑलमोस्ट 1500 व्हिच इज ऑलमोस्ट 50% की ग्रोथ इस साल और 2100 करोड़ अगेन 30-4% की ग्रोथ अगले साल। सो ये कंपनी है जो अगेन वो जो

11:18

Speaker A

तोड़फोड़ ग्रोथ का जो हमारा वो रहता है उसमें फॉल करती है। आप में [नाक से की जाने वाली आवाज़] से जो लोग इन्वेस्टिंग में इंटरेस्टेड हैं और जो डाटा वाले लोग हैं यानी जो लोग इन्वेस्ट करने से पहले यह देखना चाहते हैं कि

11:29

Speaker A

एक्चुअली में नंबर क्या है और आप कोई टिप या क्विक रिच स्कीम में बिलीव नहीं करते तो उनके लिए हमारी टीम ने पिछले एक साल में बहुत से टूल्स क्रिएट किए हैं जो इन्वेस्टर को बहुत हेल्प कर सकते हैं। यह

11:40

Speaker A

टूल्स नॉर्मल स्क्रीनर से ज्यादा हमें वैल्यू प्रोवाइड करते हैं और इन्हें बनाने के लिए हमारी फुल टाइम टीम इसमें काम करती है। अब अगर आप यह जानना चाहते हैं कि हमारा एग्जैक्टली इन्वेस्टिंग मेथड क्या है और यह टूल्स कौन-कौन से हैं तो आप

11:52

Speaker A

हमारा संडे का वेबिनार ज्वाइन कर सकते हैं। यह वेबिनार शुभम प्रेजेंट करते हैं जो बरेली यूपी से हैं और 29 की ऐज में Amazon यूएस की जॉब छोड़ के फाइनेंसली फ्री हो गए थे और फिर यह बोर शिफ्ट हो गए

12:03

Speaker A

और फुल टाइम इन्वेस्टर बन गए। इस वेबिनार में आप चार मेथड सीखोगे इंटरेस्टिंग कंपनीज ढूंढने के लिए और इसमें एक फ्री गिफ्ट भी मिलेगा। यह वेबिनार हम जेनुइनली रिकॉर्डेड प्ले करते हैं। लेकिन हमारी टीम वहां पर लाइव प्रेजेंट होती है आपके कोई भी क्वेश्चन का

12:18

Speaker A

आंसर करने के लिए। वेबिनार रिकॉर्डेड होने का रीज़न यह है कि जब तक हम वेबिनार में सिग्निफिकेंट इंप्रूवमेंट नहीं कर देते, उन्हीं मेथड्स को हर संडे आकर बार-बार रिपीट करना। एक इन एफिशिएंट वे है टाइम को यूज करने का। क्योंकि इस टाइम को हमारी

12:30

Speaker A

टीम किसी और टूल को बनाने में इन्वेस्ट कर सकती है। तो अगर आप इस वेबिनार में इंटरेस्टेड हैं तो एक बर्गर से भी कम प्राइस में आप इस वेबिनार को ज्वाइन कर सकते हैं। इसका लिंक हमने डिस्क्रिप्शन और

12:41

Speaker A

फर्स्ट मंड में दे दिया है। आई नो यू विल लव आवर वर्क। वहीं क्योंकि हम इसकी बात कर ही रहे थे। CCL की बात कर रहे थे। एक और कंपनी है कॉल्ड सिरमा एसजीएस। यह जो कंपनी है यह एक्चुअली

12:54

Speaker A

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर ही है जस्ट लाइक dicon वगैरह जो कि आपके ये सब बनाते हैं वाशिंग मशीन फ्रिज टीवी ये सब कुछ बनाते हैं और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर है मतलब ये सब बना करके दे देते हैं किसको वर्ल्ड पूल को या गोदरेज को या मतलब अभी

13:11

Speaker A

आज की डेट वाइट लेबल प्रोडक्ट्स वाइट लेबल तो मैक्सिमम कंपनीज़ जो आपके घर में चाहे Samsung का टीवी भी आ रहा है आपको लगता है कि Samsung ने बनाया है मैक्सिमम वो सब सबका सिमिलर सारे के सारे बस मार्केटिंग ही करते हैं।

13:25

Speaker A

प्रोडक्ट कोई और बनाना है। कुछ क्वालिटी इंजीनियर्स रखे हैं कि जाओ सामान की क्वालिटी देख लेना बस। एक्सक्ट्ली। अब इसमें दो चीजें होती हैं। अब थोड़ा तो कंपिटिट से डिफरेंशिएट करना है। कुछ लोग तो वो भी नहीं करते। अगर आप

13:36

Speaker A

जो ये ये रिकनेक्ट और ये Reliance के जो ऐसे छोटे-मोटे ब्रांड्स होते हैं वो तो इनके पास बने बनाए मॉडल होते हैं तो बोल देते हैं कि भैया हमें यही वाला दे देना। बस हमारा लेबल चिपका देना। और कुछ होते हैं

13:48

Speaker A

जो अपना डिजाइन लेकर के जाते हैं। जो थोड़ी अच्छी कंपनी होती है वो अपना डिजाइन ले जाती है। कहती है हमें ये ये डिजाइन चाहिए ये बना के देना। तो अब अगर डिजाइन कंपनी खुद दे रही है तो जो मेन मार्जिन

14:01

Speaker A

वाला जो चीज है वो कंपनी को ही मिलेगा। इनको सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग का बेनिफिट मिलेगा जिसमें 4 5% 6% के मार्जिन मिलते हैं। यानी बेसिकली असेंबलर का एक तरीके से क्योंकि पार्ट्स भी ये लोग खुद नहीं बना रहे। और जितने भी ये कंपनीज़

14:14

Speaker A

हैं Dicon या और भी मतलब देयर आर सो मेनी मतलब इंडिया में बहुत सारी बड़ी-बड़ी कंपनियां हैं वो यही काम करती हैं। लेकिन अब इसमें भी ना डिवीजंस हैं। कुछ हैं जो डिफेंस के लिए बना रहे हैं। कुछ है जो

14:26

Speaker A

मेडिकल डिवाइसेस के लिए बना रहे हैं। कुछ हैं जो नॉर्मल लैपटॉप बना रहे हैं। तो इन लोगों ने जैसे जो ये जैसे-जैसे आप लो वॉल्यूम हाई नीश में जाते हो तो आपके मार्जिन बढ़ते जाते हैं। तो इस कंपनी ने

14:39

Speaker A

यही किया है। ये जितने भी बल्क टाइप के प्रोडक्ट्स होते हैं वाशिंग मशीन वो ये कुछ नहीं बनाती। ये डिफेंस हो गया। ये रेलवेेज हो गया। ये एफएमसीजी कंपनीज़ हो गई। एफएमसीजी कंपनीज़ को कुछ स्पेशल प्रोडक्ट्स चाहिए या मेडिकल डिवाइस कंपनीज़

14:53

Speaker A

हो गई उनके लिए प्रोडक्ट्स बनाती है। तो इसलिए एफएमसीजी को क्या चाहिए? एफएमसीजी फॉर एग्जांपल जैसे जो गोदरेज के वो प्यूरीिफायर्स और ये वो उसमें भी इलेक्ट्रॉनिक चिप्स वगैरह लगती है ना। हम हम तो एफएमसीजी मतलब नॉट एक्सक्टली वो खाने

15:07

Speaker A

वाली चीजें नहीं जैसे ऑल आउट हो गई। राइट? तो ऑल आउट में भी तो कुछ मशीन है ना ऑल ऑफ करने के लिए। ठीक है?

15:13

Speaker A

हां। जैसे इनकी पर्टिकुलरली बात करूं तो ये कंपनी आपको एक अलग से ही दिखेगी। फॉर एग्जांपल ये कंपनी का आप चार्ट देखो। ये 400 से 1200 1800 मतलब चलता ही चला जा रहा है। वेयर एज ये मैं पिछले एक साल की बात

15:26

Speaker A

कर रहा हूं। वेयर एज और कंपनीज़ इन द सेम सेक्टर आर नॉट डूइंग दैट वेल। फॉर एग्जांपल Donin अगर आप पिछले एक साल में देखो तो मतलब नॉट डन एनीथिंग ग्रेट। और यह क्यों हो रहा है? क्योंकि यहां पर यह जो

15:41

Speaker A

मार्जिनस है ना यह कंटीन्यूअसली इंप्रूव होते जा रहे हैं। यह कंपनी 910% पहले अच्छे करती थी बीच में 9 10% की और अभी मार्जिन वापस 11% के आ गए हैं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] और अब आईडिया

15:51

Speaker A

ये है कि ये कंपनी 13 14 15% मार्जिन की तरफ धीरे-धीरे जाएगी। क्यों जाएगी?

15:57

Speaker A

क्योंकि पहला तो इनका प्रोडक्ट सिलेक्शन जैसे मैंने बताया कि भाई ये थोड़ा नीश है। लेकिन ये लोग खुद पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग कर रहे हैं। इन्होंने एक बहुत बड़ा प्लांट डाला है। अब ये नॉट जस्ट पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग ये अलग जो सीसीएल जो अभी

16:10

Speaker A

मैं रत्नावीर की बात कर रहा था। ये इन हाउस कंसमशन के लिए सीसीएल का प्लांट भी डाल रहे हैं। पीसीबी भी खुद मैन्युफैक्चर। तो ये बैकवर्ड इंटीग्रेट कर रहे हैं धीरे-धीरे। वो चाइना की डिपेंडेंसी खत्म कर रहे हैं।

16:21

Speaker A

हम एंड यहां पे ये कंपनी ग्रोथ गाइडेंस दे रही है 35% की। और यह ग्रोथ गाइडेंस ना 35% की हर साल देती है। लेकिन जब एक्चुअल रिजल्ट आते हैं तो यह 40-50% की ग्रोथ कर देती है। मतलब कंजर्वेटिव मैनेजमेंट है जो

16:34

Speaker A

कि अ एक तरीके से जनरली बीट करता है। पिछले दो-तीन क्वार्टर से ना हर बार बीट कर रहा है अपनी गाइडेंस देके। तो ऐसी कंपनीज़ जो है वो मार्केट को बहुत ज्यादा पसंद आती हैं। जो दो बोल के तीन कर दें।

16:48

Speaker A

तो ये है सिरमा की स्टोरी। अ लेकिन इसके अलावा ना सिनेमा में एक दो चीजें और भी हैं। मतलब सीसीएल लाइन के अलावा यह लोग एक मेडिकल डिवाइस का जोधपुर में एक नई लाइन बना रहे हैं स्पेशली और एक्सपोर्ट वगैरह

17:02

Speaker A

को भी इनक्रीस कर रहे हैं धीरे-धीरे। तो ये एट अ हाई लेवल ये इसकी स्टोरी है। सो ये थोड़ा केवियाट है। थोड़ी छोटी कंपनी है लेकिन ट्रिगर अच्छा था तो और थोड़ी टर्न अराउंड टाइप का बिनेस है। एंड बाय टर्न

17:16

Speaker A

अराउंड व्हाट आई मीन इज कि ये कंपनी पास्ट में अगर आप देखोगे ना बता रहा है सिंप्लेक्स कास्टिंग मतलब कास्टिंग का ही बिज़नेस है। हम अ क्या कास्ट करते हैं? ये लोग कुछ इस तरीके से जो है हैवी जो बड़े-बड़े पार्ट्स

17:32

Speaker A

होते हैं वो इनकी स्पेशलाइजेशन है। जो बहुत ही ज्यादा विशालकाय कास्टिंग मतलब ये देखो लिक्विड करके उसको सांचे में डालते हैं और फिर जो भी उसकी शेप है उससे कास्ट करके प्रोडक्ट्स बनते हैं। इनका जो मेन प्रोडक्ट है ना वो है स्टील प्लांट

17:48

Speaker A

इक्विपमेंट में। स्टील प्लांट इक्विपमेंट में कोक ओवन जो होता है उसके गेट्स बनाते हैं। अब ये थोड़ा थोड़ा सा स्पेशलाइज टाइप का काम है। मैं बताता हूं एक्सैक्टली है क्या? तो अगर एक स्टील प्लांट है तो समझो एक बर्तन है जिसके अंदर स्टील को पिघलाना

18:01

Speaker A

है। अब हम बाहर क्या होता है कि इसमें चारों तरफ उसके एक गेट्स लगे होते हैं ताकि एक तरीके से प्रोटेक्शन पर्पस के लिए जो गैसेस हैं वो बाहर ना आए। तो वो जो बहुत बड़े-बड़े गेट्स होते हैं स्टील प्लांट्स के जो मेन

18:18

Speaker A

उस जिस बर्तन के ऊपर जो गेट्स लगे होते हैं चारों तरफ वो गेट ये बनाते हैं। उसके अलावा और भी बहुत सारी चीजें हैं जो ये कास्ट करते हैं। जैसे पास्ट में ये लोग रेलवे के लिए भी काम करते थे। पास्ट में

18:30

Speaker A

ये लोग डिफेंस के लिए भी काम करते थे। लेकिन बीच में हुआ क्या था? यह मैं थोड़ी पुरानी बात कर रहा हूं। यहां पे अगर आप देखोगे ये कंपनी लॉस में चली गई थी। एंड लॉस में क्यों चली गई क्योंकि

18:41

Speaker A

इन्होंने गलत टाइम पे एक्सपेंशन कर दिया था। साइकिल पलट गई क्योंकि ये मतलब थोड़ा सिक््लिकल बिज़नेस है। उस टाइम पे इन्होंने जब एक्सपेंशन करा तो मार्जिन खराब हो गए। एंड कंपनी ने डेप्ट वेट कर्जावर बहुत ज्यादा ले लिया था। कंपनी डूबने वाली थी।

18:56

Speaker A

तो इन्होंने किया क्या? इनका एक डिवीजन होता था रेलवे का बोगीज़ बनाने का। रेलवे बोगीज़ जो हमारे जुपिटर, टीटा गार्ड ये सब लोग बनाते हैं, वह इन्होंने बेच दिया अपने आप को बचाने के लिए। क्योंकि वह बेच दिया

19:09

Speaker A

तो इनके जो रेवेन्यू थे वह आधे हो गए। अब रेवेन्यू आधे हो गए। अब कई साल हो गए मार्केट स्टेबल हो गई। वापस से टेलविंड्स आ गई। नए सेक्टर्स इमर्ज हो गए। डिफेंस में कास्टिंग का बहुत बड़ा वो आ गया।

19:22

Speaker A

रेलवे वापस से जिंदा हो गया। तो अब इनको मौका सही लगा। इन्होंने क्या किया? इन जब वो बेचा तो इनका अप्रूवल भी चला गया था। आरडीएसओ रेलवे का अप्रूवल होता है। तो वो अप्रूवल भी चला गया। अभी पिछले एक दो सालों से वो अप्रूवल ना

19:36

Speaker A

इन्होंने वापस से अप्लाई किया और इन्हें वापस से वो अप्रूवल मिल गया है आरडीएसओ का। ओके तो वो इस ये इसकी मेन स्टोरी है और रेलवे इस समय बहुत ही बड़ा ट्रिगर है। तो अभी ये लोग जो गाइडेंस दे रहे हैं फ्रॉम 200

19:49

Speaker A

करोड़ करंट ईयर में 300 करोड़ और उसके अगले साल 500 करोड़ की गाइडेंस दे रहे हैं ये लोग। सो इन शॉर्ट इसकी इसकी जो स्टोरी है वो यह है कि भाई अभी ये ज्यादा यूटिलाइज्ड नहीं है। इनकी कैपेसिटी 50 60%

20:01

Speaker A

यूटिलाइज्ड है और रेलवे बोगी का मेन ट्रिगर आ रहा है इनके पास जिसकी वजह से यू नो एफवाई 27 में और एफवाई 28 में बंपर गाइडेंस है। डिफेंस ऑर्डर्स मिल चुके हैं या मिलने हैं। 200 करोड़ के ऑर्डर इनको ऑलरेडी मिल चुके

20:15

Speaker A

हैं। ओके। और मतलब इनका कहना है कि और मिलेंगे अभी। थोड़े डिफेंस से मिलेंगे, थोड़े रेलवे से मिलेंगे। बट 50% इज लाइक ह्यूज। 200 से 300 करोड़। हां मतलब पॉइंट वो नहीं है। मतलब 50% ग्रोथ कंपनीज़ तो अभी बहुत मिल रही हैं। बट

20:34

Speaker A

ज्यादातर 50% ग्रोथ कंपनीज़ 40-50 के पीई पे मिल रही हैं। बट क्योंकि इसका पास्ट उतना अच्छा नहीं रहा है। पास्ट में ये बेचारी डूबते-डूबते बची है। इसीलिए [गला साफ़ करने की आवाज़] ये कंपेयर कंपेयर टू द ग्रोथ गाइडेंस एंड एवरीथिंग।

20:46

Speaker A

उतना ज्यादा हाई पीई पे नहीं मिल रहा है। क्योंकि यहां पे थोड़ा सा एक लोगों को डर भी है कि भाई कुछ दिक्कत ना हो जाए। वापस हीरो कहीं जीरो ना हो जाए। हां हां वही। सो कहीं ना कहीं ना आपको इन सभी कंपनीज

21:04

Speaker A

में थोड़ी एक चीज कॉमन दिखेगी। ये जो भी जितनी भी कंपनियां है वो या तो पावर सेक्टर से कहीं ना कहीं लिंक्ड है या रेलवे सेक्टर से थोड़ी बहुत लिंग्ड है या डेटा सेंटर से लिंग्ड है। तो वो बेसिकली

21:17

Speaker A

अभी ग्रोथ आई वहीं पे ही है सबसे ज्यादा। लास्ट कंपनी भी तो उसी सेक्टर से है। कंपनी का नाम है सुप्रीम पावर लिमिटेड। अभी मार्केट उतना ज्यादा उसको इज्जत नहीं दे रहा है क्योंकि पिछला क्वार्टर का रिजल्ट उतना अच्छा नहीं आया था तो जितना

21:30

Speaker A

एक्सपेक्टेड था बट स्टोरी काफी इंटरेस्टिंग बन रही है तो यहां पे पीछे ग्रोथ तो ठीक-ठाक आ ही रही थी नॉर्मल कंपनी है ट्रांसफार्मर बनाती है तो कुछ ऐसा कुछ स्पेशल नहीं है लेकिन ट्रांसफार्मर भी ना कई ग्रेड्स के होते

21:44

Speaker A

हैं तो मेन इनकी स्टोरी ये बन रही है। सो एक देयर इज़ समथिंग कॉल्ड पावर ट्रांस ट्रांसफार्मर और एक होती है डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर। सो पावर ट्रांसफार्मर जो है वो हायर मार्जिन बेटर प्रोडक्ट्स होते हैं। डिस्ट्रीब्यूट तो डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर इन शॉर्ट वो

22:00

Speaker A

होते हैं जो शहर के अंदर लगते हैं जो आपके घर के आसपास होते हैं। ये लो वोल्ट 11 केB2 440 या 230 वोल्ट हां करेक्ट। तो ये लो वोल्टेज वाले ट्रांसफार्मर हैं। वेयर एस जो ग्रिड से शहरों तक बिजली पहुंचाते हैं वो हाई

22:15

Speaker A

वोल्टेज ट्रांसफार्मर्स हैं वो वहां पे यूज़ होते हैं स्टेप डाउन करने के लिए, वापस स्टेप अप करने के लिए उन सबके लिए। तो जनरली जो ये हाई वोल्टेज वाले या ये ये जो है सेंट्रल गवर्नमेंट एनटीपीसी और इन

22:26

Speaker A

सब के अंडर आते हैं। वेयर सॉरी ये पावर ग्रिड के अंडर आते हैं जो ग्रिड वगैरह लगा रही है। वेयर एस जो ये डिस्ट्रीब्यूशन है वो स्टेट यूटिलिटीज जैसे यूपीपीसीएल या इन सबके अंडर आते हैं। अब जनरली ये यूटिलिटीज ना टाइम पे पैसा

22:42

Speaker A

देती हैं क्योंकि स्टेट गवर्नमेंट खुला मतलब लोगों को एक तरीके से बिजली फ्री देते हैं और मतलब सबकी हालत बहुत ही खराब है। इलेक्शन में लॉसेस में ही है। एक दो हिमाचल गवर्नमेंट तो इस लॉस में मैक्सिमम मैक्सिमम सारी लॉसेस में है। और

22:55

Speaker A

वो इसलिए क्योंकि एक कल्चर बन गया है फ्रीबी कल्चर तो स्टेट गवर्नमेंट काइंड ऑफ एक तरीके से वो गवर्नमेंट का वो बना दिया है कि भाई तुम मुफ्त की बिजली बांटो और बांटो इन द सेंस ये कि पता है बिजली चोरी

23:08

Speaker A

हो रही है लेकिन वोट बैंक के चक्कर में रोकते नहीं है। उन सब एरिया ने भी 300 यूनिट्स फ्री हैं। पहले 300 तक बेले नहीं है। हां या तो फ्री है और यहां पे यूपी में भले ही फ्री भले ही ना हो

23:18

Speaker A

लेकिन जैसे जो झुग्गी वाले एरियाज हैं सबको पता है कि भाई तार डाल के चोरी हो रही है लेकिन नहीं रोकते बिकॉज़ ऑफ पॉलिटिक्स एंड उन सब रीज़ंस की वजह से। तो एनीवेज स्टोरी इसकी ये बन रही है कि ये

23:32

Speaker A

इसने कैपेसिटी जो है ऑलमोस्ट 3 एंड 1/2 एक्स कर दी है। टोटल कैपेसिटी अपनी 3.5 टाइम्स कर दी है। सो ये पहले 2500 एमबीए की कैपेसिटी थी वो अब 9000 एमबीए की हो गई है। और यूटिलाइजेशन अभी धीरे-धीरे बढ़ रहा

23:48

Speaker A

है। अभी सिर्फ 20 20 टू 30% का यूटिलाइजेशन है। अब बोल रहे हैं कि भाई इस साल हम धीरे-धीरे 40-50% तक पहुंचेंगे। फिर अगले साल और ज्यादा बढ़ाएंगे। तो ये मेन स्टोरी है कैपेसिटी एक्सपेंशन की। लेकिन उसके साथ-साथ इसमें क्या कर रहे

24:02

Speaker A

हैं? ये लोग जो धीरे-धीरे जो इनका केवीए है वो भी बढ़ रहा है। यानी ये लोग हायर वोल्टेज वाले ट्रांसफार्मर बना रहे हैं। हम तो इन शॉर्ट ऑर्डर्स भी इनके पास अच्छे खासे आ गए हैं। अ करंट ईयर में मैनेजमेंट

24:18

Speaker A

की गाइडेंस जो है वो है 250 टू 300 करोड़ का रेवेन्यू। अगर आप देखो 190 पे चल रहा है। 250 कंजर्वेटिव है। 300 तक मतलब आ सकते हैं। तो 250 300 अगर 250 भी आते हैं तो ऑलमोस्ट 30% हां मतलब वही 28 27 28% की

24:34

Speaker A

होती है। और अगर 300 तक आ जाते हैं तो ऑलमोस्ट 50% 55 60 हां तो गाइडेंस अच्छी है। एंड प्लस बहुत ज्यादा वेल डिस्कवर्ड या बहुत ज्यादा मतलब हाइप नहीं बनी है इस कंपनी की अभी तक। दैट इज अ अनदर गुड थिंग। और इसमें मेन स्टोरी

24:53

Speaker A

वही दो ही बन रही हैं कि पावर ट्रांसफार्मर जो है उसका शिफ्ट धीरे-धीरे इंप्रूव हो रहा है। मतलब ओवरऑल सेगमेंट में पावर ट्रांसफार्मर इनक्रीस हो रहे हैं एंड कैपेसिटी रैंप अप हो रही है। तो ये और ऑर्डर बुक अगर इनकी बात करें तो ऑलरेडी

25:06

Speaker A

इनके पास 590 करोड़ के ऑर्डर्स हैं। सो ये 190 जो है उस उसके मतलब जो रेवेन्यू था उसके अगेंस्ट 590 करोड़ के ऑर्डर बुक है इनके पास। तो ये 250 300 जो बोल रहे हैं वो कंजर्वेटिव टाइप ही है। आ सकती है

25:19

Speaker A

आराम। नाइस। सो, यह था इस कंपनी के बारे में। अगर ऐसा बिजनेस कोई बहुत ज्यादा स्पेशलिटी कह लो या बहुत ज्यादा कुछ ऐसा कह लो ऐसा कुछ नहीं है। नॉर्मल अनलाइक अदर जैसे बहुत सारी और ट्रांसफार्मर कंपनीज़ हैं जैसे कि

25:35

Speaker A

शिलचर हो गई, जैसे कि टारिल हो गई। दीज़ आर वेल डिस्कवर्ड नेम्स जो पास्ट में अच्छा कर चुके हैं। अभी तो खैर कोई भी ट्रांसफार्मर कंपनी के उतना अच्छा नहीं कर रही हैं। इन द सेंस बट ये जो

25:49

Speaker A

23 से 25 तक जो एक तरीके से रैंप अप आया था उसकी वजह से मैक्सिमम ट्रांसफार्मर कंपनीज़ एलिवेटेड पीई पे चली गई थी या मतलब थोड़ी महंगी हो गई थी। बट अनलाइक दैट यह कंपनी तो कभी चली ही नहीं है अभी तक।

26:04

Speaker A

जहां से चली थी अभी भी लगभग वहीं पर ही बैठी है। सो यह है इस कंपनी की स्टोरी। अच्छा यहां पर दिख भी रहा है 2500 से 9000 ऑर्डर बुक यहां पर 31 दिख रही है लेकिन अगस्त की ऑर्डर बुक जो आई थी उसमें 500

26:18

Speaker A

प्लस हो गई है। ठीक है शुभम आई थिंक ये काफी लोगों को हेल्प करेगा कि इन कंपनी को वो अपने वॉच लिस्ट में डाल सकते हैं और जैसे भी एंट्री एग्जिट प्रोसेस है उनको यूज़ करके जिस तरीके से भी वो प्ले करते हैं वो कर सकते

26:30

Speaker A

हैं। इनफैक्ट वो पहले डिटेल में रिसर्च कर लें उसके बाद ही कुछ भी डिसीजन लें। बिकॉज़ मैं सिर्फ स्क्रीनिंग करके खाली ट्रिगर बता रहा हूं। लेकिन ट्रिगर के अलावा इसमें जो रिस्क हैं जो मैनेजमेंट का पास्ट रिकॉर्ड है कुछ भी अगर

26:44

Speaker A

आप देखोगे सिर्फ ग्रोथ एक चीज नहीं है और भी बहुत सारी चीजें हैं जो हम देखते हैं तो अपना ड्यू डलिजेंस करके ही जो भी एक्शन लेना है वो लेंट आई होप सबको वैल्यू मिली होगी ठीक है शुभम

26:56

Speaker A

थैंक यू सो मच जय हिंद ठीक है थैंक यू बाय बाय ओके तो इस संडे का वेबिनार ज्वाइन करने का लिंक हमने डिस्क्रिप्शन और फर्स्ट कमेंट में दे दिया है सी यू इन द वेबिनार

Topics: उच्च विकास कंपनियां क्वालिटी पावर एचवीडीसी तकनीक पीएलआई स्कीम भारतीय स्टॉक्स विद्युत ग्रिड डेटा सेंटर इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स निवेश सलाह 2027 ग्रोथ

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