**The Door - शैतानी आत्मा का आतंक | English Subtitle | South Hindi Horror Movie 2026 | 4K Hindi Dubbed — Transcript & Summary | SozAI**
Source: https://sozai.app/transcript/door-shaitani-atma-terror-hindi-horror-2026/

शैतानी आत्मा के आतंक और मंदिर प्रोजेक्ट के बीच मिताली की संघर्षपूर्ण कहानी।

## Key Takeaways

- मंदिर प्रोजेक्ट और परिवारिक समस्याओं के बीच मिताली का संघर्ष।
- भूत-प्रेत और आत्माओं की मौजूदगी पर विज्ञान और विश्वास का टकराव।
- परिवार में भावनात्मक जटिलताएं और सेल्फ गिल्ट की भावना।
- साइकोलॉजिस्ट की व्याख्या से कहानी में हॉरर का वैज्ञानिक पहलू।
- मिताली की मजबूती और जिम्मेदारी के बीच संतुलन।

## What the video covers

- मिताली एक आर्किटेक्ट है जो मंदिर प्रोजेक्ट पूरा करने में लगी है।
- परिवार में तनाव और भावनात्मक संघर्ष दिखाए गए हैं।
- मिताली के पिता की मौत और उससे जुड़ी सेल्फ गिल्ट की भावना।
- मंदिर के स्थान परिवर्तन और प्रोजेक्ट में बाधाएं।
- एक मजदूर की दुर्घटना और पुलिस जांच का जिक्र।
- मिताली का जॉब छोड़ने का मन और परिवार की चिंता।
- एक पैरासाइकोलॉजिस्ट द्वारा भूत-प्रेत और आत्माओं की व्याख्या।
- मिताली की मानसिक स्थिति और सपनों में पिता का आना।
- गेस्ट हाउस में मिताली का आराम और काम पर वापसी।
- साइंस और भूत-प्रेत के बीच टकराव और कहानी का हॉरर तत्व।

## Chapters

1. 00:00 परिचय और मंदिर प्रोजेक्ट की समस्या
2. 02:11 मिताली का परिवार और भावनात्मक संघर्ष
3. 06:15 पिता की मौत और सेल्फ गिल्ट
4. 10:20 मंदिर का स्थान परिवर्तन और प्रोजेक्ट की बाधाएं
5. 15:00 मजदूर दुर्घटना और पुलिस जांच
6. 19:00 मिताली का जॉब छोड़ने का मन और परिवार की सलाह
7. 23:40 पैरासाइकोलॉजिस्ट का परिचय और आत्माओं की व्याख्या
8. 29:00 मिताली की मानसिक स्थिति और सपनों का प्रभाव
9. 35:00 गेस्ट हाउस में आराम और काम पर वापसी
10. 38:20 साइंस और भूत-प्रेत के बीच टकराव

Answers

## Questions about this video

मिताली की नौकरी छोड़ने का कारण क्या है?

मिताली नौकरी छोड़ने का सोच रही है क्योंकि मंदिर प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पा रहा है और परिवार में तनाव है, जिससे वह अकेली महसूस करती है।

मंदिर प्रोजेक्ट में क्या समस्या आ रही है?

मंदिर प्रोजेक्ट का मॉडल तो सबमिट हो गया है, लेकिन मंदिर के स्थान और निर्माण को लेकर कई बाधाएं और विवाद चल रहे हैं।

भूत-प्रेत और आत्माओं के बारे में इस फिल्म में क्या बताया गया है?

फिल्म में एक पैरासाइकोलॉजिस्ट के माध्यम से बताया गया है कि आत्माएं उन लोगों की होती हैं जो असामयिक मृत्यु के कारण भटकती हैं, और उनकी भावनाएं उन्हें ट्रिगर करती हैं।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

02:11

Speaker A

ओम ओम जय विनायक सर, तीन महीने हो गए ये अभी तक पूरा क्यों नहीं हुआ?

04:09

Speaker A

बिल्डिंग का मॉडल सबमिट कर दिया है। बस ये मंदिर बाकी है सर। क्यों?

04:50

Speaker A

सर मिताली करने वाली थी पर उसके डैड बात करो।

05:08

Speaker A

ओके, बात करो और यह मामला निपटाओ।

05:45

Speaker A

श्योर, बोलो ना विनायक।

05:55

Speaker A

मिताली विक्रम सर टेंपल प्रोजेक्ट के बारे में पूछ रहे थे।

06:13

Speaker A

सबमिशन का टाइम नजदीक आ रहा है।

06:25

Speaker A

मैंने कहा तो था कि यह किसी और से पूरा करवा लो।

06:40

Speaker A

इतना आसान नहीं है मिताली। तुम्हारे जैसा कौन मिलेगा?

06:58

Speaker A

तुम एक कंजर्वेटिव आर्किटेक्ट हो। प्लीज हेल्प कर दो।

07:14

Speaker A

मैं जॉब से रिजाइन करने का सोच रही हूं।

07:25

Speaker A

क्या हुआ?

07:36

Speaker A

सिर्फ तुम्हें फर्क पड़ा है। हमें फर्क नहीं पड़ा।

07:46

Speaker A

देखो बेटा, जो होना था वो तो हो गया।

08:00

Speaker A

अब उससे क्या हम सब जीना छोड़ दें?

08:15

Speaker A

मुझे थोड़ा टाइम चाहिए मां।

09:05

Speaker A

हम अगर मैं भी तुम्हारी तरह टाइम लेती, रूम बंद कर कर सारा दिन वहीं बैठी रहती तो घर का क्या हाल होता?

09:18

Speaker A

पेट भरने के लिए खाना भी नहीं मिलता।

09:32

Speaker A

इसे कुछ भी कहो तो जाके अपने को रूम में बंद कर लेती है।

09:50

Speaker A

मां, यह क्या है मां? क्यों?

10:07

Speaker A

तू चुप कर चली गई ना?

10:23

Speaker A

और तू उसको सपोर्ट करती है।

10:48

Speaker A

इस घर में इकलौती मैं हूं जिसे कोई सपोर्ट नहीं मिलता।

11:05

Speaker A

और जो करता था वो तो चला गया।

11:19

Speaker A

बुरा मुझे भी लगता है। पर तुझे क्या?

11:36

Speaker A

यह लड़की इतने दिनों से दुखी है।

11:51

Speaker A

ये देखकर मुझे भी दुख होता है।

12:11

Speaker A

वो पहले से इमोशनल टाइप की है।

12:36

Speaker A

आपको पता है ना?

13:22

Speaker A

फिर भी आप उसके पीछे पड़े रहती हैं।

14:06

Speaker A

हम्म, वो इमोशनल टाइप है।

14:22

Speaker A

और तुझे तो इमोशन समझ ही नहीं आते।

14:42

Speaker A

पापा के आखिरी वक्त में वो उनके साथ नहीं थी मां।

14:53

Speaker A

सेल्फ गिल्ट है। आप ये नहीं समझेंगी।

15:05

Speaker A

हम मैं कहां से समझूंगी?

15:18

Speaker A

सही बोला बेटा।

15:39

Speaker A

इतने सालों से तुम्हें पालपोस कर बड़ा किया और अब मुझ में समझ नहीं है।

16:00

Speaker A

ठीक है मां, मैं चलती हूं।

16:13

Speaker A

अंदर से दरवाजा बंद कर लेना और प्लीज उससे झगड़ना मत।

16:24

Speaker A

हो सके तो दोनों बात ही मत करना।

16:31

Speaker A

यही सही रहेगा।

16:45

Speaker A

हाय हाय मिताली है क्या?

16:57

Speaker A

हां, ऊपर है।

17:18

Speaker A

जाओ।

17:28

Speaker A

अब मूड ठीक है।

18:14

Speaker A

हम ओके, बाय बाय।

18:25

Speaker A

गुड मॉर्निंग आंटी।

18:36

Speaker A

शालिनी।

18:48

Speaker A

तुम कब आई?

19:10

Speaker A

अभी आई आंटी, अचानक से काम आ गया था।

19:26

Speaker A

वो कहां है?

19:40

Speaker A

और कहां होगी, अपने रूम में?

20:02

Speaker A

बैठी रहती है।

20:21

Speaker A

भगवान जाने क्या-क्या सोचती रहती है।

20:31

Speaker A

मेरी तो समझ के बाहर है।

20:44

Speaker A

अब तुम ही जाओ और कुछ समझाओ उसे।

20:58

Speaker A

अच्छा, तुम कुछ पियोगी? कॉफी?

21:10

Speaker A

नहीं आंटी, अभी पी के आई हूं।

22:00

Speaker A

मैं जाके बात करती हूं।

23:21

Speaker A

तुम ठीक तो हो ना?

23:31

Speaker A

मैं बिल्कुल नॉर्मल हूं।

23:49

Speaker A

जैसा तुम सब सोच रहे हो, ऐसा कुछ भी नहीं है।

24:06

Speaker A

तुम्हें ऐसा लगता है ना कि अगर तुम सही टाइम पर पहुंच गई होती तो तुम अपने डैड को बचा सकती थी?

24:25

Speaker A

अगर मैंने अपनी फ्लाइट सही टाइम पर ली होती तो मैं यहां पहुंचकर उन्हें बचा सकती थी।

25:06

Speaker A

ऐसा नहीं है।

25:27

Speaker A

उस वक्त मैं तुम्हारी मां के साथ ही थी।

25:35

Speaker A

एक्सीडेंट के बाद ऑलमोस्ट लास्ट मिनट पर उन्हें हॉस्पिटल में पहुंचाया गया था।

25:43

Speaker A

तुम वक्त पर आ भी जाती तो भी उन्हें बचाया नहीं जा सकता था।

25:57

Speaker A

मेरे डैड आज भी मेरे सपने में आते हैं।

26:08

Speaker A

हर रोज वही सपना आता है।

26:32

Speaker A

कितने दिन हो चुके हैं, मैं ठीक से सोई नहीं।

26:47

Speaker A

सपने की बात को इतना सीरियसली क्यों ले रही हो?

27:03

Speaker A

तुम्हें क्या दिखता है, बताओ?

27:23

Speaker A

एक घना सा जंगल और मैं उसमें अकेले जल रही हूं।

27:43

Speaker A

आगे जाते ही एक खास जानकारी यह है कि मदुराई जिले के मात्र चार साल के अयान कुमार ने मदुराई मेरा आईडी कार्ड कहां रख दिया?

27:53

Speaker A

घर में घुसते ही अपना आईडी कार्ड फेंक देती हो और फिर दूसरे दिन पूरे घर में ढूंढती रहती हो।

27:58

Speaker A

मिला कि नहीं?

28:09

Speaker A

आंख खोल कर देख, वहीं सामने रखा है।

28:19

Speaker A

पूरे घर का ठेका तो सिर्फ मां ने लेकर रखा है ना।

28:56

Speaker A

के कारण एक मजदूर भी 15वीं मंजिल से गिरकर है।

29:10

Speaker A

इस मामले में पुलिस की छानबीन शुरू है।

29:18

Speaker A

कहा जा रहा है कि कांट्रेक्टर की लापरवाही की वजह से यह दुर्घटना हुई है।

29:36

Speaker A

विपक्ष दल हाय अंकल ने मैं सोच रही थी इतने दिन से आप आए कैसे नहीं?

29:41

Speaker A

तुम कैसे हो?

30:00

Speaker A

बहुत बढ़िया।

30:12

Speaker A

दीदी कहां है?

30:31

Speaker A

ऊपर है।

30:50

Speaker A

बुलाऊं क्या अंकल?

31:04

Speaker A

ऐसी घटनाओं के लिए जल्द से जल्द मिठाई है।

31:20

Speaker A

एक नजर डाल विक्रम अंकल आए हैं।

31:43

Speaker A

पुलिस ऑफिसर रियाजुद्दीन से बातचीत की है।

31:56

Speaker A

हम इन्वेस्टिगेट कर रहे हैं।

32:13

Speaker A

ये चौथा एक्सीडेंट है।

32:18

Speaker A

और इसके अलावा हमारे पास और कोई जानकारी नहीं है।

32:40

Speaker A

पहले इन्वेस्टिगेशन को पूरा होने दीजिए।

36:34

Speaker A

आई विल गिव यू द फुल इनफार्मेशन।

36:45

Speaker A

आइए आइए।

36:51

Speaker A

घर में सब ठीक है ना?

36:55

Speaker A

हां, सब कुछ ठीक-ठाक ही है।

37:42

Speaker A

बैठिए, मैं चाय लाती हूं।

37:56

Speaker A

नहीं, पास में ब्रांच ऑफिस में मीटिंग थी।

38:02

Speaker A

वहीं खाना खाकर आया हूं।

38:20

Speaker A

कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी।

38:24

Speaker A

बैठिए।

38:34

Speaker A

हां, बस चाय ही लाना।

38:46

Speaker A

कैसे हैं अंकल?

39:06

Speaker A

हां।

39:12

Speaker A

लीजिए।

41:49

Speaker A

मीरा, आप 12वीं में गई होगी ना?

43:44

Speaker A

हां।

44:31

Speaker A

उसे भी इसकी तरह आर्किटेक्ट बनना है।

44:43

Speaker A

तुमने विनायक से जॉब छोड़ने की बात क्यों की?

45:00

Speaker A

मिताली, मैं तुम्हारी स्थिति अच्छे से समझता हूं।

45:18

Speaker A

लेकिन ऐसे जॉब छोड़ तो नहीं सकते?

46:39

Speaker A

नहीं अंकल, ऐसी सिचुएशन में मैं मां और एना को अकेले नहीं छोड़ना चाहती।

46:58

Speaker A

पता है कॉलेज के दिनों में तुम्हारी मां कितनी बोल्ड हुआ करती थी।

47:18

Speaker A

इनफैक्ट इनके बोल्डनेस को देखकर ही रतन को इनसे प्यार हो गया था।

47:38

Speaker A

जब तुमने इस जॉब के लिए अप्लाई किया था तब तुम्हारे पापा ने कहा था विक्रम, मिताली मेरी बेटी है इसलिए मौका मत देना।

48:02

Speaker A

उसमें अगर सच में हुनर है तो ही उसे यह जॉब देना।

48:31

Speaker A

इंटरव्यू में तुम्हारी अप्रोच और प्रेजेंटेशन को देखकर ही मैं समझ गया था।

48:55

Speaker A

तुम्हारी मां की बोल्डनेस तुम्हें विरासत में मिली है।

51:15

Speaker A

अपनी मां की चिंता तुम मत करो।

51:42

Speaker A

तुम्हारे पापा हमेशा से ही तुम दोनों को अपने आगे देखना चाहते थे और तुम दोनों ने करके भी दिखाया है।

51:57

Speaker A

अपना करियर क्यों खराब कर रही हो?

52:11

Speaker A

नहीं अंकल, इसे ऐसा लगता है कि मंदिर तोड़ दिया इसीलिए यह सब हो रहा है।

52:27

Speaker A

लेकिन उसका इससे क्या संबंध है?

52:46

Speaker A

जब कोई पूजा करता है तभी मंदिर में रखी मूर्ति में देवत्व आता है।

53:06

Speaker A

वरना बस वह एक मूर्ति है।

54:17

Speaker A

और वैसे भी उसी जगह पर नया मंदिर बनाने का प्लान तो था ना और वो शुरू भी कर दिया है।

55:12

Speaker A

बस तुम्हें वहां आकर काम खत्म करना है।

55:22

Speaker A

तुमसे चेन्नई में मुलाकात होगी।

55:28

Speaker A

हम चलता हूं।

55:38

Speaker A

ठीक है।

55:58

Speaker A

बाय।

56:13

Speaker A

बाय।

56:27

Speaker A

विक्रम सर ने गेस्ट हाउस अरेंज किया है।

56:47

Speaker A

तुम वहां पूरी तरह कंफर्टेबल रहोगी।

56:59

Speaker A

वो ऑफिस से कितना दूर है?

57:04

Speaker A

नजदीक ही है मिताली।

57:20

Speaker A

कोई 4 किलोमीटर होगा बस।

57:41

Speaker A

तुम्हारे लिए एक ड्राइवर भी अरेंज किया है।

57:51

Speaker A

ये यहां तुम्हारे साथ रहेगी या ओनर ने बताया था तुम्हारा नाम?

58:24

Speaker A

हाय, आई एम मिताली।

58:38

Speaker A

तुम्हारा रूम मैं रेडी होके कॉल करती हूं।

58:44

Speaker A

ओके।

58:48

Speaker A

आ वेलकम बैक।

59:09

Speaker A

कम कम कम कम।

59:26

Speaker A

अरे अंकल, किस बात का वेलकम?

59:39

Speaker A

तुम मुश्किल से भागने की बजाय वापस आ गई हो।

59:55

Speaker A

यहीं रहकर डट कर उसका सामना करने वाली हो।

60:37

Speaker A

इस बात के लिए वेलकम तो होना चाहिए ना।

61:10

Speaker A

गेस्ट हाउस कंफर्टेबल है ना?

61:30

Speaker A

सब कुछ ठीक है अंकल।

61:48

Speaker A

मिताली, तुम मेरी बेटी जैसी हो।

62:04

Speaker A

तुम्हें जो भी चाहिए होगा, जब भी चाहिए हो मुझे कांटेक्ट करना।

62:24

Speaker A

हम ओके, नाउ बैक टू वर्क।

62:31

Speaker A

मंदिर की जगह बदलने का काम कहां तक पहुंचा है?

62:45

Speaker A

यूएस में रहने वाला प्रॉपर्टी ओनर फोन करके परेशान कर रहा है।

62:53

Speaker A

तुम्हारा काम कंप्लीट होने के बाद ही मैं उससे अप्रूवल ले सकता हूं।

62:58

Speaker A

ओके, डेफिनेटली।

63:18

Speaker A

हाय मिताली, एक छोटी सी हेल्प चाहिए।

63:38

Speaker A

बोलो ना।

63:54

Speaker A

साइट पर कॉन्ट्रैक्टर के साथ 6:30 बजे की एक मीटिंग फिक्स की थी।

64:06

Speaker A

पर मेरे घर पर एक छोटी सी प्रॉब्लम है।

64:21

Speaker A

क्या हेल्प चाहिए?

64:41

Speaker A

सीधा बता दो विनायक।

65:14

Speaker A

ओके।

65:49

Speaker A

मेरे बदले तुम वहां जाओगी क्या?

66:32

Speaker A

ऑलरेडी लेट हो चुका है।

66:42

Speaker A

वहां पहुंचने में ही डेढ़ घंटा लग जाएगा।

67:21

Speaker A

डोंट वरी मिताली।

67:25

Speaker A

मैं स्वाति को सब कुछ समझा दूंगा।

67:43

Speaker A

बस 15 मिनट लगेंगे।

68:10

Speaker A

उसके बाद ड्राइवर तुम्हें घर पर ड्रॉप कर देगा।

68:14

Speaker A

मेरे पास तो कोई लेटेस्ट अपडेट्स भी नहीं है विनायक।

68:19

Speaker A

कोई प्रॉब्लम नहीं है।

68:28

Speaker A

कॉन्ट्रेक्टर बस थोड़े से चेंजेस बताएगा।

68:52

Speaker A

तुम्हें जाकर बस नोट कर लेना है।

69:19

Speaker A

बस इतनी सी बात है।

69:39

Speaker A

किसी जूनियर को भेज दो ना।

69:52

Speaker A

नहीं नहीं मिताली, सब बिगाड़ देंगे।

70:03

Speaker A

तुम्हारा जाना ही ठीक रहेगा।

70:20

Speaker A

मिताली, देखो इस बारे में विक्रम सर को कुछ भी मत बताना।

70:37

Speaker A

प्लीज।

70:48

Speaker A

ओ ओके, थैंक्स मिताली।

71:03

Speaker A

बाय बाय।

71:08

Speaker A

हां।

71:19

Speaker A

निकल रहा हूं।

71:37

Speaker A

5 मिनट में पहुंच जाऊंगा।

71:41

Speaker A

कॉल करता हूं।

71:59

Speaker A

करता हूं बाद में।

72:13

Speaker A

स्वाति कहां है?

72:30

Speaker A

थोड़ी देर पहले ही निकल गई मैडम।

72:46

Speaker A

ओ मैडम, आप बैठिए ना, ड्रॉप कर देता हूं।

73:00

Speaker A

नहीं, मुझे कंस्ट्रक्शन साइट पर जाना है।

73:10

Speaker A

साइट पर मैडम।

73:22

Speaker A

हां, विनायक ने नहीं बताया।

73:44

Speaker A

नहीं, नहीं बताया मैडम।

74:06

Speaker A

ठीक है।

74:22

Speaker A

गाड़ी निकालो।

74:51

Speaker A

ओके मैडम।

75:00

Speaker A

स्वागत है हमारा शो विज्ञान के ज्ञान में।

75:33

Speaker A

हमारे साथ है नामी पैरासाइकोलॉजिस्ट डॉक्टर विश्वास जिनसे आज हम बात करेंगे।

75:56

Speaker A

नमस्ते डॉक्टर।

76:12

Speaker A

नमस्ते।

76:30

Speaker A

आज के जमाने में साइंस हर क्षेत्र में इतना आगे बढ़ गया है।

76:45

Speaker A

लेकिन क्या फिर भी भूत प्रेत और पिशाच जैसी बातों पर आज के जमाने में विश्वास किया जाना चाहिए?

77:06

Speaker A

मेरे हिसाब से तो वो आज भी हमारे बीच मौजूद हैं।

77:19

Speaker A

विज्ञान के इतने आगे बढ़ने के बाद भी अगर आप सोचेंगे तो आपको विदिन सेकंड

77:32

Speaker A

हे शालिनी, मैं अभी साइट पर जा रही थी।

77:45

Speaker A

अच्छा, मैं भी पास में ही हूं।

77:59

Speaker A

तुम क्या कर रही हो?

78:13

Speaker A

मेरा एक इंटरव्यू चल रहा है।

78:25

Speaker A

ओह, ओके, मैं बाद में बात करती हूं।

78:48

Speaker A

ओके ओके, बाय बाय बाय।

78:59

Speaker A

एक आम इंसान की एवरेज एज होती है 120 साल।

79:34

Speaker A

अब जिसे 120 साल जीना है।

80:29

Speaker A

समझो वो 50 या 60 साल की उम्र में ही चल बसा।

82:06

Speaker A

तो वक्त से पहले ही मरने की वजह से उसकी आत्मा भूत बनकर भटकती रहती है।

82:18

Speaker A

अब चाहे उन्होंने आत्महत्या की हो या उनकी हत्या हो गई हो या एक्सीडेंट में मारे गए हो, उनके आखिरी वक्त में मन में चल रहे विचार बदले की भावना का कारण बनते हैं।

82:36

Speaker A

वही आत्मा को ट्रिगर करता है।

82:52

Speaker A

तुम ठीक हो?

83:13

Speaker A

ठीक हूं मैडम।

83:30

Speaker A

तुमने ऑफिस कब ज्वाइन किया था?

83:52

Speaker A

एक साल हो गया मैडम।

84:08

Speaker A

इसके पहले एक आईटी कंपनी में गाड़ी चलाता था।

84:37

Speaker A

हम ठीक हैं।

84:52

Speaker A

हमें साइट पर पहुंचने में कितना वक्त लगेगा?

85:00

Speaker A

यहां से इतने ट्रैफिक में जल्दी ही पहुंच जाएंगे।

85:51

Speaker A

पहुंच जाएंगे।

86:00

Speaker A

हाय मैडम।

86:18

Speaker A

हाय।

86:37

Speaker A

मेरा बैग गाड़ी में है क्या?

86:51

Speaker A

तुम?

87:06

Speaker A

ले आता हूं।

87:22

Speaker A

उसके लिए हमें कुन्नूर जाना होगा। तुम तीनों पहले कुन्नूर पहुंचो। फिर 2 दिन बाद मैं तुम्हें वहीं मिलूंगा। फिर हम रवि को ढूंढेंगे। तुम लोग आराम करो। मैं कार पार्क कर जाता हूं। एक्सक्यूज मी मैम। प्लीज हे रवि के जेल से छूटने के बाद हम दोनों

88:06

Speaker A

हमेशा साथ ही रहते थे। जॉर्ज सर के कहने पर थोड़ी समझ आई तो उसने लेक एरिया के पास एक छोटी सी दुकान डाल दी थी सर। अच्छा। सारे गलत काम धंधे छोड़कर रवि ईमानदारी से अपनी दुकान चला रहा था। लेकिन एक दिन

88:19

Speaker A

अचानक उसने सुसाइड पॉइंट से कूदकर अपनी जान दे दी सर। क्यों? पता नहीं सर क्या हुआ था। ओ 1999 में जब वो जेल से छूटा था तब राम नाम का बंदा उसके साथ आया था। उसके बारे में कुछ पता है तुम्हें?

88:33

Speaker A

वो तो जब भी जेल से आता किसी ना किसी को अपने साथ लाता था। दो-तीन हफ्ते रहने के बाद वो यहां से वापस चले जाते थे सर। उसकी कोई फोटो-वोटो है क्या?

88:43

Speaker A

नहीं। लेकिन जब वो यहां आया होगा तो 30-35 साल का रहा होगा। अच्छा। इस बारे में तो पता नहीं सर। एक काम कीजिए। काली माता के मंदिर के पास जाइए। रवि के घर के बारे में पूछिए। कोई भी बता देगा आपको।

88:56

Speaker A

ठीक है। बहुत-बहुत शुक्रिया सर। जी कहिए। इतनी बातें बोलते गला सूख गया है सर। ये लो रख लो। यही घर है। दीदी कौन चाहिए?

90:03

Speaker A

रवि के पापा से रवि के फ्रेंड्स के बारे में कुछ पूछना था। रवि को गुजरे तो कई साल हो गए। किसके बारे में जानना चाहते हो तुम लोग?

90:13

Speaker A

वो हमें राम के बारे में जानना था। कौन सा राम? रवि जब 20 साल पहले जेल से बाहर आया था तो उसके साथ एक राम नाम का बंदा आया था। ऐसा नाम तो याद नहीं है मुझे। दरअसल हमें सेंथिल ने बताया कि वो आपके घर

90:26

Speaker A

में रहता था। क्या आपको पता है कि वो अब कहां रहता है? राम नाम के किसी आदमी को मैं नहीं जानता। हमारे जॉर्ज सर ने केरला स्टेट में रवि के लिए नौकरी ढूंढी थी। अब शायद वह केरला में

90:39

Speaker A

ही रहता होगा। केरला में एक्सजेक्टली कहां रहता है पता है? मुझे तो पता नहीं है पर जॉर्ज सर से पूछ सकते हो। मेरे बेटे के मरने के बाद वही हमारे परिवार की देखभाल कर रहे हैं। पहले रवि का दोस्त और अब उसके पापा ये

91:04

Speaker A

दोनों ही जॉर्ज के बारे में बात कर रहे थे। तो इसका मतलब जॉर्ज राम के बारे में जानता होगा ना। मुझे भी ऐसा ही लग रहा है। मैं अभी उनके घर जाता हूं और पता लगाता हूं कि उनसे

91:17

Speaker A

मुलाकात हो सकती है कि नहीं। उसके बाद उनसे मिलने जाएंगे। यही सही होगा। मुझे भी ऑफिस के कुछ मेल रिवर्ट करने हैं। यहां पर ठीक से नेटवर्क भी नहीं मिल रहा है। यहां पास के किसी कैफे एरिया में जाकर मेल भेज कर आती हूं।

91:31

Speaker A

मिताली, तुम रूम पर जाओ। ओके। मैडम शहर कैसा लगा आपको? हम यहां शहर देखने नहीं आए हैं। किसी को ढूंढने आए हैं। सच में?

91:46

Speaker A

हां बिल्कुल। जॉर्ज नाम के किसी बंदे को जानते हो क्या? मैडम जॉर्ज सर को यहां कौन नहीं जानता मैडम? हमारे ही रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं। वो टिप भी दिल खोल कर देते हैं मैडम। वो कहां रहते हैं आपको पता है?

91:59

Speaker A

यहीं पास में रहते हैं। बालकनी फॉल्स है ना? उसके नीचे जाएंगे। नहीं ऐसे समझ नहीं आएगा। आप एड्रेस दे दो ना। वो इजी हो जाएगा। सॉरी मैडम। मुझे एड्रेस तो नहीं पता। मैं मैनेजर से पूछ कर बताता हूं। ओके मैडम।

92:09

Speaker A

पूछ के आता हूं। थैंक यू। मैडम। जल्दी आइए। जॉर्ज सर रेस्टोरेंट में खाना खा रहे हैं। सच में?

92:24

Speaker A

हां मैडम जल्दी चलिए। अभी ना वो एक हफ्ते के लिए दिल्ली जा रहे हैं। फिर वो एक हफ्ते बाद ही लौटेंगे मैडम। आने वाले इलेक्शन में एमपी सीट के लिए खड़े हो रहे हैं। हमारे शहर के लिए उन्होंने बहुत काम

92:36

Speaker A

किया है। कुमार सर जॉर्ज सर यहां खाना खा रहे थे। कहां गए? वो अभी-अभी यहां से चले गए। चलिए मैडम। भाई वो दिल्ली के लिए कब निकलने वाले हैं?

93:08

Speaker A

कल सुबह की फ्लाइट है मैडम। फिर तो उनसे मिलना ही होगा। भाई बारी भाई भाई मैडम को जॉर्ज सर के घर छोड़ देना। ठीक है। जय आप जा सकते हैं। आप कौन हैं?

94:43

Speaker A

अ सर मैं चेन्नई से आई हूं। आपसे कुछ बात करनी है। आप कल आइए। नहीं मैंने सुना है कि कल आप दिल्ली जाने वाले हैं तो रेस्टोरेंट में बात करने का सोच रही थी पर मेरे आने से पहले ही आप निकल गए। थोड़ी इंपॉर्टेंट बात

94:59

Speaker A

करनी थी इसलिए ठीक है बाहर बैठिए आता हूं। शालिनी हाय सर आप कब आए?

95:12

Speaker A

बैठो। मुझे तुमसे कुछ जरूरी बात करनी है। हां बोलिए सर। मिताली किधर है? रूम पर पुलिस ऑफिसर कुमार की जिस दिन डेथ हुई उस वक्त मिताली कहां थी?

95:24

Speaker A

गेस्ट हाउस में ही थी। आर यू श्योर? हां। और तुमने खुद उसे वहां ड्रॉप किया था। हां। उसे ड्रॉप करने के बाद तुम कहां गई थी?

95:31

Speaker A

अपने रूम पर सर। हम पहली बार जब उस रात मिले थे उस बस स्टॉप पर। उसी रात उस कंस्ट्रक्शन साइड पर एक एक्सीडेंट हुआ था। और उस टाइम पर मिताली उस बस स्टॉप पर क्या कर रही थी?

95:42

Speaker A

कुछ प्रॉब्लम है क्या? तुम जाओ। ठीक है सर। हां बोलिए। इतनी रात को उस वक्त मिताली बस स्टॉप पर क्या कर रही थी?

96:07

Speaker A

ये एक फ्रेंड पूछ रहा है या एक पुलिस वाला? उस कंस्ट्रक्शन साइट के एक्सीडेंट को इन्वेस्टिगेट करने वाला चीफ ऑफिसर मैं हूं। उस साइट को अच्छे से सर्च करने के बाद भी वो एक्सीडेंट के बारे में मुझे एक

96:23

Speaker A

भी क्लू या एक भी सबूत नहीं मिल पाया। इट वास लाइक सरप्राइजिंगली क्लीन। उन एक्सीडेंट्स के पीछे कुछ तो अजीब है। कुछ तो राज है। ऐसा मुझे लग रहा था। तभी शालिनी तुमने मुझे फोन किया। उस कॉफी शॉप

96:38

Speaker A

में मिताली के साथ जो हो रहा है और एक्सीडेंट साइट पर जो हुआ उन दोनों के बीच में मुझे कहीं ना कहीं कोई कनेक्शन था ऐसा लगा और तुम दोनों को बेमतलब की परेशानी से बचाने के लिए मैंने खुद तुम्हारी हेल्प की

96:52

Speaker A

पर बदले में क्या हुआ? अनऑफिशियली तुम्हारी हेल्प करने गया। डॉक्टर सेलवा और पुलिस ऑफिसर कुमार उन दोनों की मौत हो गई। हाइपोथर्मिया उनका बॉडी टेंपरेचर धीरे-धीरे कम होता गया और माइनस डिग्रीज में चला गया। आखिर ऐसा कैसे हो सकता है?

97:11

Speaker A

उनका ब्लड सर्कुलेशन रुक गया था और उन दोनों को हार्ट अटैक आ गया। ऐसे मौत हुई है उनकी। सर मैम सरप्राइजिंगली, उनके साथ यह होने का कोई चांस ही नहीं था। सिलवा, कुमार और कंस्ट्रक्शन साइट। इन तीनों के बीच बस एक

97:26

Speaker A

ही चीज मुझे कॉमन दिखाई देती है और वो है मिताली। इसीलिए मुझे लगता है कि इन तीनों मौत के पीछे मिताली का हाथ है। नहीं सर आप गलत समझ रहे हैं। मैं जानता हूं आप किस राम की बात कर रही

97:41

Speaker A

हैं। मुझे याद है। रवि लेकर आया था उसे। लेकिन आप उसके बारे में क्यों पूछ रही हैं?

97:53

Speaker A

एक्चुअली ये इंसिडेंट 1992 में हुआ था। इन दोनों ने ही सुसाइड कमिट किया था। इनके बारे में मैंने कई लोगों से पूछा। सबने बस राम के बारे में ही बताया। क्या बताया?

98:16

Speaker A

उस दिन जो मैंने कहा था कि गेस्ट हाउस में कुछ नहीं दिखा। वो सब झूठ था। झूठ था। उस दिन जब मैंने उसका हाथ पकड़ा था, मुझे भी वह आत्माएं दिखाई दी थी। तो आपने हमसे यह क्यों छिपाया?

98:27

Speaker A

अगर बता देता, तो वो मुझे तुम लोगों से बात नहीं करने देती। कहना क्या चाहते हो?

98:33

Speaker A

उस दिन मेरे प्रोफेसर ने क्या कहा था? मैं आप लोगों को बताना चाहूंगा। जब तक उस आत्मा का मकसद पूरा नहीं हो जाता, मिताली को संभाल कर रखना। लेकिन उस आत्मा के होने का एहसास मुझे और कहीं नहीं हुआ। इस तरह

98:45

Speaker A

की एनर्जीज़ एक ही जगह पर रह जाती हैं, और कुछ वक्त के बाद उनका वहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। तो, इस तरह की एनर्जीज़ मिताली जैसे लोगों का इस्तेमाल करके अपनी इच्छाएं पूरी करती हैं। और उसने

98:57

Speaker A

अब मिताली का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। तो तुम यह कह रहे हो कि ये सब एक आत्मा ने किया है। सही समझे। वैसे मिताली कहां है?

99:08

Speaker A

रूम में होगी। हेलो। हां बोलो। सर राम की पुरानी केस फाइल मिल गई है। एक्सीलेंट फोटो खींच कर मुझे भेज दो। आपको झूठी बातें बताई गई है। तो क्या आपको सच्चाई पता है?

99:27

Speaker A

कभी-कभी सच्चाई सुनी सुनाई कहानी से ज्यादा दिल दहलाने वाली होती है? मतलब? ऐसी कौन सी बीमारी है जिसकी कोई दवा नहीं?

99:41

Speaker A

लालच। आप जिस राम की बात कर रही हैं, वो उस औरत के घर के बाहर छोटे-मोटे काम करने वाला मजदूर था। टाउन में एक बड़ा घर बना कर देंगे?

99:53

Speaker A

नहीं चाहिए। मैं अपनी पूरी जिंदगी यहीं निकाल लूंगी। यह जगह छोड़कर मुझे और कहीं भी जाकर शांति नहीं मिलेगी। मुझे अपनी जगह बेचनी नहीं है। कोई जल्दी नहीं है। जल्दबाजी में कोई फैसला मत करिए। समय लीजिए। अच्छे से सोचिए

100:07

Speaker A

और फिर हमें बताइए। लेकिन हमारी बात पर सोचिए जरूर। हम अभी मैं चलता हूं। ठीक है। वो औरत बहुत पैसे वाली थी। उसका कोई रिश्तेदार भी नहीं था। पति भी मर गया था। वो और उसकी बेटी उस घर में अकेले रहते थे।

100:30

Speaker A

और वो तीन भाई उसे फंसाकर उसकी जमीन हथियाना चाहते थे। और फिर एक दिन संभल कर बेटा। कहीं चोट तो नहीं लगी?

100:51

Speaker A

नहीं लगी। उठ जा आराम से। देखो मिट्टी लगी है। यहां पत्थर बहुत है। संभल के जाना। मां सच बोल रही हूं। किसने चुराया नहीं पता। ऐसा कैसे हो सकता है? तुमने ही कहीं रख दिए होंगे। ठीक से देख।

101:11

Speaker A

बोलिए। वो सुबह आपकी बेटी गिर गई थी ना। मैंने उसकी मदद की थी। हां। तो फिर पैसे चाहिए क्या?

101:27

Speaker A

मां ये कैसे बात करती हैं आप? कैसे बात की? कम से कम एक थैंक्स ही बोल देती। चुप कर। आजकल के लोग कैसे हैं? तुम्हें नहीं पता। मुझे मत सिखा। यह ले। मां ना खुद पर भरोसा करती हो ना किसी और

101:42

Speaker A

पर। मैंने कहा था ना यह बॉक्स कहीं खो गया है। यह देखिए इसमें पूरे पैसे हैं। उसने एक रुपया भी नहीं लिया। उन्हें वो बहुत अच्छा लगने लगा था। इसलिए वो उनके घर पर आने जाने लगा। ये क्या?

102:00

Speaker A

हमारे घर आते जाते रहते हो लेकिन कभी भी मंदिर आते नहीं हो। अंदर जाकर आशीर्वाद ले लो। जरूरत नहीं है। मैं यहीं ठीक हूं। यह हमारी कुलदेवी है। बहुत शक्तिशाली है। तुम्हें यकीन नहीं है ना? कहानी सुनोगे?

102:13

Speaker A

हम मेरे दादा के बाग में एक बार एक चोर घुस गया था। वो चुराए हुए नारियल लेकर जितना भागता हमारा बाग उतना ही लंबा होते जाता। बाद में डर के मारे वही बेहोश हो गया। पता है जब मेरे दादा ने देवी के चरणों का

102:28

Speaker A

कुमकुम उसके माथे पर लगाया। तभी उसे होश आया। होश आते ही सारे नारियल वहीं छोड़कर मेरे दादा के हाथ जोड़कर वहां से भाग गया वो। हां तो मतलब यह कि कोई भी बुरी शक्ति हमारी कुलदेवी के रहते हुए इस जगह से बाहर नहीं

102:46

Speaker A

निकल सकती। हम तुम्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा है ना? वो औरत अपनी कुलदेवी के अलावा अगर किसी और पर विश्वास करती थी तो वह राम था। और उसके बाद क्या हुआ?

103:08

Speaker A

पराई स्त्री पर जो नजर रखता है वो अपनी जिंदगी जिंदा लाश की तरह जीता है। मुझे अपनी जमीन नहीं बेचनी। बार-बार आके परेशान मत करो। परेशान कौन कर रहा है? इसे तो व्यापार समझिए। मुझे कोई व्यापार नहीं करना। आपको समझ

103:29

Speaker A

नहीं आता। यह मेरी पुरखों की जमीन है। मेरे बाद यह मेरी बेटी को मिलेगी। सब कुछ बेटी का है ना? इसे बेचकर जो पैसे मिलेंगे उसे उसके नाम कर दीजिएगा। जमीन हो या पैसे है तो बात एक ही ना।

103:42

Speaker A

बात एक नहीं है। यहां हमारी कुलदेवी रहती है। बहुत शक्तिशाली है। मुझे उनका श्राप लेकर जिंदगी नहीं बितानी। सुनिए बहन। आपके मंदिर को कोई हाथ भी नहीं लगाएगा। आपकी जब इच्छा हो तब मंदिर में आकर हाथ जोड़ना, पूजा करना, माथा टेकना।

103:59

Speaker A

हम कभी आपको नहीं रोकेंगे। आप बस अपनी कीमत बताइए। एक बार में कर देंगे। कैश हो या चेक तुरंत हो जाएगा। हम बार-बार पूछना नहीं चाहते। आखिर मैं कितनी बार समझाऊं?

104:09

Speaker A

आप समझते क्यों नहीं? मुझे अपनी जमीन नहीं बेचनी है। जाइए यहां से। आखिरी बार पूछ रहे हैं। बाद में तू खुद आकर अपनी जमीन बेचेगी। देखते हैं तेरे साथ हमारे खिलाफ कौन खड़ा होता है। तेरे तो कोई आगे पीछे भी नहीं है। ए

104:33

Speaker A

चलो। आ या उस घटना के बाद उसने अपनी जिंदगी की पूरी कहानी राम को बता दी। उसके पति के मरने के बाद उसके सारे रिश्तेदार उसकी जमीन छीनना चाहते थे। उसके बारे में या उसकी बेटी के बारे में सोचने

105:44

Speaker A

वाला कोई भी नहीं था जिससे वो बहुत दुखी थी। देखो तुम जरा भी फिक्र मत करो। मैं हूं ना कोई तुम्हारा बाल भी बांका नहीं कर सकता। मैं सिर्फ बातें कर रहा हूं। ऐसा मत सोचना। मैं दिल से बोल रहा हूं। तुम मुझसे शादी

106:04

Speaker A

करोगी? शादी? हां। तुम मुझे पसंद करती हो। मैं तुम्हें पसंद करता हूं। हम एक दूसरे को समझते भी हैं। तो फिर हज़ क्या है?

106:15

Speaker A

मेरी बेटी की शादी की उम्र हो गई है। ये सब शोभा नहीं देता। ये क्या बोल रही हो? वो सिर्फ तुम्हारी बेटी नहीं है। हमारी बेटी है। वो हमारे बारे में नहीं समझेगी क्या?

106:27

Speaker A

लेकिन फिर भी अगर एक मर्द घर में रहेगा तो घर या जमीन खरीदने के लिए इस दरवाजे पर कोई भी नहीं आएगा। अब फैसला तुम्हारे हाथ में है। स्कूल छूटने का टाइम हो गया है। श्वेता आधी ही होगी।

106:44

Speaker A

आने दो। हमें ऐसे देख लेगी तो क्या सोचेगी? कुछ नहीं सोचेगी। नहीं। सोचेगी तो सोचने दो। ओ हो तो ये कहानी है। अच्छी बात है। मेरे को तो लगा ही था कि अबला की जिंदगी में ये तबला कहां से आ गया? हम

107:19

Speaker A

अरे वाह। कैसे बंटा लिया तूने इसे? आदमी मर गया तो क्या? इसके अंदर की औरत तो जिंदा है। इसीलिए यह पट गई। छी, बकवास बंद करो और निकलो यहां से। चुप कर बस चलन कहीं की। घर में जवान लड़की

107:32

Speaker A

और मां रंगरलियां मना रही है। हे मेरी बेटी की मर्जी से ही हम दोनों शादी करने वाले हैं। अच्छा सच बोल रही हो तो फिर ये चुप क्यों खड़ा है। मतलब तेरा आदमी मरा नहीं था। तुम दोनों ने उसका खून किया है। चल बोल। वरना

107:48

Speaker A

पूरे गांव के सामने मैं तुझे बेइज्जत कर दूंगा। सर नहीं सर ऐसा मत कीजिए सर। बेटी के स्कूल जाने के बाद ये मुझे पैसे देकर घर बुलाती है। सच कह रहा हूं सर। मुझे छोड़ दीजिए सर। शिट हे ऐसा बोलते हुए तुम्हें शर्म नहीं आई

108:07

Speaker A

क्या? मैंने तुम जैसे आदमी पर भरोसा कैसे कर लिया? धोखेबाज निकलो यहां से। हे रुक जा। सारे अड़ोस पड़ोस वालों को बुला कर ला। इसकी करतूत को सबको देखने दे। ओह अब समझ गई। मैं अपनी जमीन बेच नहीं रही

108:31

Speaker A

थी इसीलिए ये सब नाटक रचाया ना। तू समझ गई ना? ए जा के बुला सबको। छोड़ दीजिए। छोड़िए। छोड़ो उसे मुंह बंद कर इसका छोड़ो उसे छोड़ो उसे जाने दो छोड़ो मुझे मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूं मेरी बेटी को छोड़ दो ओ मेरी बच्ची श्वेता

109:16

Speaker A

मैं हाथ जोड़ती हूं मैं आपके पैर पकड़ती हूं। हम किसी को भी तेरे और इस मजदूर के चक्कर के बारे में नहीं बताएंगे। श्वेता। तेरी बेटी का उसके साथ चक्कर था ऐसा सबको बताएंगे। चलेगा नहीं। ऐसा मत करो।

109:31

Speaker A

बेइज्जत मत करो। तो फिर कागज पर साइन कर। मैं कागज पर साइन कर दूंगी। पहले उसे छोड़ो। श्वेता श्वेता श्वेता श्वेता श्वेता हे पापि ये क्या कर दिया तुमने? एक जमीन के टुकड़े के लिए मेरी बच्ची की जान ली।

110:36

Speaker A

मेरी मासूम सी बेटी की जान ली तुमने। ऐसा कैसे? ए तूने इसे मारा क्यों?

110:49

Speaker A

और क्या करता? उसने तुम्हारी कॉलर पकड़ी हुई थी तो मार दिया उसे। पागल अब कागज पर साइन कौन करेगा?

110:56

Speaker A

मैंने पहले ही बोला था आपको। इसको हमेशा जल्दी रहती है। किसी काम का नहीं है ये। अब हम क्या करेंगे? इस कागज पर इसके अंगूठे के निशान ले लो। भैया अब इनका क्या करना है बताइए अपना वो इंस्पेक्टर कुमार है ना उसे बुला

111:25

Speaker A

कर लाओ ठीक है ए जी बिना वर्दी के आने को बोलना हां ठीक है हम ए अब इसकी जरूरत नहीं है। खत्म कर दे इसे। ये सब करने से पहले आप मुझसे पूछ नहीं सकते थे। मुझे नहीं लगा था बात इतनी बढ़

112:15

Speaker A

जाएगी। सब इसकी जल्दबाजी की वजह से हुआ है। मैंने तो आपको पहले ही बोला था। इसको मत लाइए। पर आप मेरी सुनते कहां है?

112:21

Speaker A

ए चुप कर। इसने हमारे लिए किया है। सुनो इसको सुसाइड बोल के फाइल क्लोज कर दो। ये क्या कह रहे हैं आप? ऐसा नहीं हो सकता सर। इसमें बहुत बड़ा रिस्क है। अब इसमें क्या रिस्क है?

112:34

Speaker A

है ना सर? किसी ने आपको आते हुए देखा होगा। मुझे भी आते हुए देखा होगा। कोई ना कोई तो बता ही देगा। पूरे गांव वालों को पता था कि वो लोग बाहर जाने वाले हैं। अगर किसी एक आदमी को भी शक हो गया ना, तो हम

112:46

Speaker A

सब पकड़े जाएंगे। अरे तू ऐसे डरा क्यों रहा है? अब यह बता क्या कर रहा है? सबसे पहले इन दोनों को गाड़ने के लिए यही जगह देखिए। तेरा दिमाग तो ठीक है ना? हां। पैसे देकर घर खरीदा और

112:58

Speaker A

तू इन्हें यहीं गाड़ने को कह रहा है। तो आप ही बताइए ना क्या करना है?

113:01

Speaker A

इनकी बॉडी जला दे क्या सर? मुंह बंद कर। दिमाग खराब है क्या? पूरे गांव में बदबू फैल जाएगी। सबको पता चल जाएगा। ए अब इसमें से बाहर कैसे निकले? ये बताएगा तू। एक रास्ता है। लेकिन उसकी कीमत लगेगी। जो कीमत चाहिए मिल

113:17

Speaker A

जाएगी। बोल सरकारी हॉस्पिटल में मैं एक डॉक्टर को जानता हूं। हमें बस सावधानी से मां बेटी की लाश को उस तक पहुंचाना होगा। वो लावारिस लाश बोलकर पुलिस को दे देगा। बाद में कोई परेशानी तो नहीं होगी ना?

113:31

Speaker A

दोनों के बारे में कोई कहानी बना देना। कौन सवाल उठाएगा? मैं हूं ना यहां संभाल लूंगा। अब क्या सोच रहे हैं आप?

113:54

Speaker A

आराम से चल संभाल एकदम सीधा आराम से आराम से जल्दी जाओ उठाओ चल चल ठीक है संभाल के संभाल के सुन आज के बाद तू यहां दिखना नहीं चाहिए। यहां से दूर चला जा। ए इस घर से निशान मिटा के तू यहां से निकल

114:29

Speaker A

जा। देखिए भाई आप यहां की बिल्कुल भी फिक्र मत कीजिए। मैं देख लूंगा। अरे डॉक्टर आंख तो खुली हुई है। यह कहीं जिंदा तो नहीं है? इसको मर के बहुत टाइम हो गया है। लेकिन इसकी आंखें बाहर आ गई

114:44

Speaker A

है। क्यों? मरने के बाद आंखें बंद नहीं की क्या? कोई प्रॉब्लम तो नहीं होगी ना?

114:49

Speaker A

कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। मैं संभाल लूंगा। लावारिस लाश लेने के लिए सोशल वर्कर्स यहां आएंगे। इनको भी लावारिस बताकर उनके साथ भेज दूंगा। वैसे डॉक्टर वो लोग इन्हें जलाएंगे या दफनाएंगे?

115:04

Speaker A

लावारिस के लिए धर्म क्या देखेंगे? शायद जला देते होंगे। रतन ये एक लॉयर थे। इनका इस घटना से कोई संबंध है क्या?

115:35

Speaker A

ठीक है। अरे इसकी तो एक नाबालिक बेटी है। हम उस लड़की की साइन नहीं ली क्या?

115:42

Speaker A

नहीं ली सर। तो फिर उस लड़की को साइन करने के लिए बोलो। अरे अरे उस लड़की की भी साइन लगेगी क्या?

115:48

Speaker A

तो सर वो तो कल ही मुंबई चले गए। मुंबई चले गए? हां सर। बोले वो दोनों वहां पर जाकर कोई बिजनेस करेंगी। डॉक्यूमेंट्स की सारी फॉर्मेलिटीज पूरी होने तक उसे रुकने के लिए कहना चाहिए था ना। ठीक है। अमाउंट सेटल कर दिया है ना?

116:05

Speaker A

सर, हमने सब कुछ सेटल कर दिया है सर। नाबालिक बेटी है। साइन नहीं किया है। आगे जाकर प्रॉब्लम हुई तो कैसी प्रॉब्लम सर?

116:12

Speaker A

अगर उसने कल बड़ी होकर इस प्रॉपर्टी पर अपना हक मांगने के लिए केस कर दिया तो तुम क्या करोगे? जवाब दो। सर आप साइन करोगे तो कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। नहीं नहीं नहीं नहीं। ये तो बहुत गलत है।

116:24

Speaker A

सर अब आप ही कुछ करिए ना। ठीक है। मैं साइन कर देता हूं। लेकिन आगे कोई प्रॉब्लम हुई तो मैं जिम्मेदार नहीं रहूंगा। ठीक है। ठीक है। ठीक है। ओके सर। और कोई विटनेस? ए साइन कर। ये लो यहां यहां पर अपना नाम और

116:51

Speaker A

पूरा एड्रेस लिख। ठीक है। दूसरे दिन उन्होंने घर को साफ करके उस घटना से जुड़े सारे सबूत मिटा दिए और फिर वो वहां से निकलने के लिए तैयार ही थे कि ये ले पकड़ और निकल चलता हूं। भैया अब ये पूजावजा कब करवानी है?

117:28

Speaker A

वो सब बाद में करेंगे। आज अमावस है इसके बारे में कल सोचेंगे। हे राजेंद्र कहां है?

117:34

Speaker A

पता नहीं। ए हे राजेंद्र जाकर उसको लेकर आ। हां ठीक है भाई। ए राजेंद्र रुक कहां जा रहा है?

118:07

Speaker A

से कोई भी बुरी शक्ति हमारी कुलदेवी के रहते हुए इस जगह से बाहर नहीं निकल राधे राधे राधे राधे राधे राम वहां से तो बच के निकल गया लेकिन पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया वैसे आपको यह सब क्यों जानना था

118:52

Speaker A

हेलो ओके ओके ठीक है आप ही राम हो ना तू है कौन? एडवोकेट रतन मेरे डैड थे। ओ अच्छा अच्छा अच्छा तो तू उस वकील की बेटी है। मतलब तू और मैं ही है जो उस चुड़ैल से बचे

119:40

Speaker A

हुए हैं। कौन मैं? हां तुम। उस जमीन के पैसों से तुम्हारे पापा की फीस तुम्हारे हाथ में दी थी। अरे वाह। आने के लिए मेरे पीछे पड़ गई। इसलिए मैं इसे साथ ले आया। आजा आजा बेटा। सर आपकी पेमेंट बाद में पूरा काम खत्म

120:06

Speaker A

होने के बाद। कैसा लगा बेटा? आपकी पहली पेमेंट बेटी के हाथ में देता हूं। अब निकलो। मैं ऐसे नहीं जा सकती। तुम्हें तुम्हारे कर्मों की सजा दिलवा कर रहूंगी मैं। मैं पुलिस को सब कुछ बता दूंगी। ये सच जानने वाली तू दूसरी है। एक ने तो

120:36

Speaker A

पहले ही आत्महत्या कर ली है। बेचारा रवि अब तू भी मुझे शांति से जीने नहीं देगी। हम तुमने मुझे मार दिया तो भी सच्चाई सबके सामने आ जाएगी। ए बड़बड़ाना बंद कर। जब तक वो मंदिर खड़ा है मुझे कुछ नहीं

121:02

Speaker A

होगा। वो मंदिर तो कब का टूट चुका है। विदा रुको रुक जाओ प्लीज रुक जाओ मैं आता हूं हम्म हा शिव दूर

Topics: हिंदी हॉरर फिल्म शैतानी आत्मा मंदिर प्रोजेक्ट मिताली की कहानी परिवारिक संघर्ष भूत प्रेत साइकोलॉजी मदुराई डरावनी फिल्म 2026 हिंदी डब


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