**Control your mind.।। अपने दिमाग़ को नियंत्रण मे कैसे करें. Speecch बाई osho — Transcript & Summary | SozAI**
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अपने दिमाग को नियंत्रित कर जीवन में सफलता और मानसिक शांति कैसे प्राप्त करें। ओशो की प्रेरणादायक स्पीच।

## Key Takeaways

- दिमाग को नियंत्रित करना सफलता की कुंजी है।
- हर विचार और भावना पर विश्वास न करें, सोच-समझकर निर्णय लें।
- ध्यान और उद्देश्य पर केंद्रित रहना जरूरी है।
- दिमाग को प्रशिक्षित और अनुशासित करना आवश्यक है।
- असली आजादी तब मिलती है जब आप अपने दिमाग के मालिक बन जाते हैं।

## What the video covers

- इच्छाशक्ति की कमी नहीं, बल्कि दिमाग के नियंत्रण की कमी समस्या है।
- दिमाग एक अच्छा सेवक लेकिन खतरनाक मालिक हो सकता है, इसे दिशा और अनुशासन की जरूरत है।
- हर विचार सच नहीं होता, इसलिए हर विचार पर विश्वास न करें।
- अपने दिमाग को प्रशिक्षित करने के लिए स्पष्ट उद्देश्य और ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है।
- सुबह की शुरुआत शांति और ध्यान से करें, ताकि दिमाग एक दिशा में काम करे।
- गुस्सा रोकना, टालमटोल छोड़ना और लालच से बचना दिमाग को मजबूत बनाता है।
- दिमाग हमेशा आसान रास्ता चुनता है, इसलिए उसे नियंत्रित करना सीखना जरूरी है।
- सही सोच के बाद लिए गए निर्णय शक्ति की निशानी होते हैं, रिएक्शन कमजोरी।
- ध्यान की रक्षा करें, क्योंकि जहां ध्यान जाएगा वहां ऊर्जा और परिणाम भी जाएंगे।
- अपने दिमाग को अनुशासन, विश्वास और बड़े सपनों का घर बनाएं।

## Chapters

1. 00:00 इच्छाशक्ति और दिमाग की भूमिका
2. 00:31 दिमाग का सही उपयोग और नियंत्रण
3. 01:04 डर और मन की गलतफहमियां
4. 01:38 दिमाग को दिशा और उद्देश्य देना
5. 02:15 सुबह की आदतें और मानसिक शांति
6. 02:52 आत्म नियंत्रण और दिमाग की मजबूती
7. 03:24 अपने दिमाग को नियंत्रित करने का वादा
8. 04:00 दिमाग की प्रवृत्तियां और सही निर्णय
9. 04:36 शेर की तरह नियंत्रण और सही समय का इंतजार
10. 05:08 ध्यान की महत्ता और परिणाम

Answers

## Questions about this video

क्या इच्छाशक्ति की कमी ही दिमाग नियंत्रित न कर पाने की वजह है?

नहीं, समस्या इच्छाशक्ति की कमी नहीं बल्कि दिमाग के पीछे चलने की है। दिमाग को दिशा और नियंत्रण देना जरूरी है।

दिमाग को नियंत्रित करने के लिए सबसे पहला कदम क्या है?

अपने विचारों को तुरंत सच मानने की बजाय उन्हें देखने और समझने की आदत डालना, जिससे आत्म नियंत्रण की शुरुआत होती है।

ध्यान केंद्रित करने का दिमाग पर क्या प्रभाव होता है?

ध्यान केंद्रित करने से दिमाग की ऊर्जा सही दिशा में जाती है और असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

क्या कभी ऐसा हुआ है कि तुमने खुद से वादा किया हो? कल से मैं बदल जाऊंगा। लेकिन अगला दिन आया और [संगीत] तुमने फिर वही किया जो हमेशा करते आए थे। तब तुम्हें लगा होगा कि शायद तुम्हारे अंदर इच्छाशक्ति

00:13

Speaker A

[संगीत] की कमी है। लेकिन सच्चाई कुछ और है। समस्या इच्छाशक्ति की नहीं है। समस्या यह है कि तुम अपने दिमाग को नियंत्रित करने के बजाय उसके पीछे चल रहे हो। याद रखो, दिमाग एक बहुत अच्छा सेवक है लेकिन बहुत खतरनाक

00:31

Speaker A

मालिक है। अगर तुम उसे दिशा दोगे तो वह तुम्हें ऐसी ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है जिसकी तुमने कभी कल्पना भी नहीं की होगी, लेकिन अगर तुमने उसे बिना नियंत्रण के छोड़ दिया तो वही दिमाग तुम्हें डर, आलस्य, गुस्से, चिंता और टालमटोल का कैदी बना देगा।

00:51

Speaker A

हर दिन तुम्हारे दिमाग में हजारों विचार आते हैं, लेकिन हर विचार सच नहीं होता है। हर विचार तुम्हारे हित में भी नहीं होता। फिर भी अधिकांश लोग अपने हर विचार पर विश्वास कर लेते हैं। यही उनकी सबसे बड़ी

01:04

Speaker A

गलती होती है। अगर तुम्हारा मन कहता है मैं नहीं कर सकता, तो तुरंत अपने आप से पूछो [संगीत] क्या यह सच है? या केवल मेरा डर बोल रहा है? क्योंकि अक्सर तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कोई इंसान नहीं होता।

01:19

Speaker A

तुम्हारे अपने दिमाग की बनाई हुई कहानी होती है। सोचो, अगर एक घोड़े को कभी प्रशिक्षित ना किया जाए तो उसकी ताकत किसी काम नहीं आएगी। वह इधर-उधर भागता रहेगा और खुद को भी नुकसान पहुंचाएगा। लेकिन वही घोड़ा जब प्रशिक्षित हो जाता है तो राजाओं

01:38

Speaker A

का रथ खींचता है। तुम्हारा दिमाग भी उसी घोड़े की तरह है। उसमें असीम शक्ति है। लेकिन उसे दिशा [संगीत] चाहिए। उसे अनुशासन चाहिए। उसे एक स्पष्ट उद्देश्य चाहिए। [संगीत] याद रखो, जिस दिमाग के पास उद्देश्य नहीं होता वह हर छोटी चीज से भटक

01:56

Speaker A

जाता है। इसीलिए हर सुबह अपने लक्ष्य को याद करो। अपने आप से पूछो, आज मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण काम क्या है? जब तुम्हारे पास स्पष्ट उत्तर होगा तो तुम्हारा दिमाग बेकार की चीजों में कम भटकेगा। एक और बात, अपने दिमाग को हर समय

02:15

Speaker A

शोर मत दो। आज लोग सुबह उठते ही फोन खोल लेते हैं। नोटिफिकेशन, वीडियो, खबरें, दूसरों की राय और फिर कहते हैं कि उनका मन शांत नहीं रहता। शांत रहेगा भी कैसे? जिस दिमाग को सुबह से ही 100 दिशाओं में खींच

02:32

Speaker A

दिया जाए, वह एक दिशा में कैसे चलेगा? इसलिए दिन की शुरुआत कुछ मिनटों की शांति से करो। गहरी सांस लो। अपने विचारों को देखो। उन्हें तुरंत सच मत मानो। बस उन्हें आते-जाते हुए देखो। धीरे-धीरे तुम्हें महसूस होगा कि तुम अपने विचार नहीं हो।

02:52

Speaker A

तुम अपने विचारों के देखने वाले हो। यही आत्म नियंत्रण की शुरुआत है। याद रखो, हर बार जब तुम अपने गुस्से को रोकते हो, तुम अपना दिमाग मजबूत बना रहे होते हो। हर बार जब तुम टालमटोल छोड़कर काम शुरू करते हो,

03:08

Speaker A

तुम अपना दिमाग प्रशिक्षित कर रहे होते हो। हर बार जब तुम किसी लालच को ना कहते हो, तुम अपने चरित्र को मजबूत बना रहे होते हो और धीरे-धीरे तुम्हारा दिमाग समझने लगता है कि अब उसका मालिक कौन है? आज से

03:24

Speaker A

अपने आप से एक वादा करो। मैं हर विचार पर विश्वास नहीं करूंगा। मैं हर भावना के अनुसार निर्णय नहीं लूंगा। मैं अपने उद्देश्य के अनुसार जिऊंगा। क्योंकि जो इंसान अपने दिमाग को नियंत्रित करना सीख जाता है, वह अपनी परिस्थितियों का गुलाम

03:42

Speaker A

नहीं रहता। वह अपना भविष्य खुद लिखता है। और याद रखो, दुनिया की सबसे बड़ी जीत किसी और को हराना नहीं है। सबसे बड़ी जीत है अपने दिमाग पर अधिकार पा लेना। क्योंकि जिसने अपने दिमाग को कंट्रोल कर लिया, उसे

04:00

Speaker A

सफलता केवल समय की दूरी पर मिलती है। लेकिन एक बात कभी मत भूलना, तुम्हारा दिमाग हमेशा आसान रास्ता चुनेगा। वह हमेशा आराम चाहता है। वह चाहता है कि तुम वही करो जो अभी अच्छा लगता है, ना कि वह जो भविष्य के

04:18

Speaker A

लिए सही है। इसीलिए वह तुम्हें बार-बार कहेगा, आज रहने दो, कल से शुरू करेंगे, अभी मूड नहीं है। अगर तुम हर बार उसकी बात मानते रहोगे तो धीरे-धीरे तुम्हारा दिमाग तुम्हारा मालिक बन जाएगा। [संगीत] लेकिन जिस दिन तुमने उससे कहना शुरू कर दिया, तुम

04:36

Speaker A

सलाह दे सकते हो। फैसला मैं करूंगा। उसी दिन तुम्हारी असली आजादी शुरू होगी। याद रखो, शेर जंगल का राजा अपनी ताकत से नहीं, अपने नियंत्रण से बनता है। अगर वह हर आवाज पर दौड़ने लगे तो वह कभी शिकार नहीं कर

04:53

Speaker A

पाएगा। वह सही समय का इंतजार करता है। सही अवसर चुनता है और फिर पूरी ताकत से हमला करता है। यही सिद्धांत तुम्हारे दिमाग पर भी लागू होता है। हर विचार के पीछे मत भागो। हर भावना के अनुसार मत बदलो। हर

05:08

Speaker A

समस्या पर तुरंत प्रतिक्रिया मत दो। पहले रुकना सीखो। फिर सोचना सीखो। फिर निर्णय लेना सीखो। क्योंकि रिएक्शन कमजोरी की निशानी [संगीत] है। लेकिन सही सोच के बाद लिया गया निर्णय शक्ति की निशानी है। आज दुनिया का सबसे बड़ा युद्ध सीमाओं पर नहीं,

05:26

Speaker A

दिमाग के अंदर चल रहा है। तुम्हारा ध्यान खरीदने के लिए हजारों चीजें लड़ रही हैं। सोशल मीडिया, अनगिनत नोटिफिकेशन, छोटे-छोटे मनोरंजन और अंतहीन तुलना। अगर तुमने अपने ध्यान की रक्षा नहीं की तो धीरे-धीरे तुम्हारा दिमाग दूसरों के लक्ष्यों के लिए काम करने लगेगा। अपने

05:44

Speaker A

सपनों के लिए नहीं। इसीलिए अपने ध्यान को सबसे कीमती संपत्ति समझो। जहां ध्यान जाता है, वहीं ऊर्जा जाती है और जहां ऊर्जा जाती है, वहीं परिणाम पैदा होते हैं। अगर तुम्हारा ध्यान हर दिन बेकार की चीजों में बांटा रहेगा तो तुम्हारी जिंदगी भी बिखर

06:02

Speaker A

जाएगी। लेकिन अगर तुम्हारा ध्यान एक लक्ष्य पर टिक गया तो असंभव दिखने वाले काम भी संभव होने लगेंगे। याद रखो, सूरज की सामान्य किरणें गर्माहट देती हैं। लेकिन वही किरणें जब एक लेंस से एक बिंदु पर केंद्रित होती हैं तो आग पैदा कर देती

06:19

Speaker A

हैं। तुम्हारा दिमाग भी ऐसा ही है। बिखरा हुआ दिमाग केवल सोचता है। केंद्रित दिमाग इतिहास बनाता है। इसलिए हर दिन [संगीत] अपने दिमाग को प्रशिक्षित करो। अच्छी किताबें पढ़ो। अच्छे लोगों के साथ समय बिताओ। अपने शरीर को मजबूत रखो। क्योंकि

06:38

Speaker A

कमजोर शरीर अक्सर कमजोर निर्णय लेता है और सबसे जरूरी, अपने आप से रोज वही सवाल पूछो। क्या आज मेरा दिमाग मुझे चला रहा है या मैं अपने दिमाग को चला रहा हूं? अगर इस सवाल का जवाब ईमानदारी से देने लगे तो

06:54

Speaker A

तुम्हारी जिंदगी बदलने लगेगी। क्योंकि जिस दिन तुम अपने विचारों के मालिक बन जाओगे, उसी दिन तुम अपने भविष्य के भी मालिक बन जाओगे। और याद रखो, दिमाग को जीतने वाला इंसान किसी भी परिस्थिति से नहीं हारता क्योंकि उसकी सबसे बड़ी ताकत बाहर नहीं,

07:13

Speaker A

उसके अपने भीतर होती है। इसलिए आज से अपने दिमाग को बहानों का घर मत बनने दो। उसे विश्वास का घर बनाओ। उसे अनुशासन का घर बनाओ। उसे बड़े सपनों का घर बनाओ। क्योंकि जब तुम्हारा दिमाग तुम्हारा साथी बन जाता

07:30

Speaker A

है, तब दुनिया की कोई भी ताकत तुम्हें तुम्हारी मंजिल तक पहुंचने से रोक नहीं सकती।

Topics: दिमाग नियंत्रण इच्छाशक्ति आत्म नियंत्रण ध्यान केंद्रित करना ओशो प्रेरणा मानसिक शांति सफलता के सूत्र अनुशासन स्वयं सुधार मोटिवेशनल स्पीच


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