**How I completed 4000 Watch Hours (with just 4 videos) — Transcript & Summary | SozAI**
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सौरभ भट्ट ने 4 वीडियो से 4000 वॉच आवर्स कैसे पूरे किए, इसके लिए कंटेंट क्रिएशन और मोनेटाइजेशन की स्ट्रेटजी साझा की।

## Key Takeaways

- शॉर्ट्स से शुरुआत करना नए क्रिएटर्स के लिए फायदेमंद होता है।
- कंटेंट की क्वालिटी और प्रस्तुति वॉच टाइम बढ़ाने में महत्वपूर्ण है।
- वॉइस मॉड्यूलेशन और इमोशन वीडियो को आकर्षक बनाते हैं।
- ऑडियंस के इंटरेस्ट को समझकर कंटेंट बनाना जरूरी है।
- अन्य क्रिएटर्स के कंटेंट का विश्लेषण कर सीखना सफलता की कुंजी है।

## What the video covers

- शुरुआत में शॉर्ट्स वीडियो बनाकर व्यूज और सब्सक्राइबर बढ़ाएं।
- लॉन्ग फॉर्म वीडियो में क्वालिटी और कंटेंट पर ध्यान दें, बोरिंग कंटेंट से बचें।
- वॉइस मॉड्यूलेशन और इमोशन जोड़कर वीडियो की डिलीवरी बेहतर बनाएं।
- बैकग्राउंड म्यूजिक का सही उपयोग करें, एपिडेमिक साउंड जैसी वेबसाइट से लाइसेंस प्राप्त म्यूजिक लें।
- डेल कार्नेगी की किताब के अनुसार ऑडियंस के इंटरेस्ट को समझकर कंटेंट बनाएं।
- भारतीय नाट्यशास्त्र के अनुसार वीडियो में कम से कम एक-दो इमोशंस जरूर शामिल करें।
- बेहतर कंटेंट कंज्यूमर बनें और अपने निच के छोटे क्रिएटर्स के कंटेंट का विश्लेषण करें।
- सही पैटर्न को पहचानकर शुरुआत में कॉपी करें और फिर अपनी शैली विकसित करें।
- गलत प्रैक्टिस से बचें, सही तरीके से वॉइस मॉड्यूलेशन सीखें और अभ्यास करें।
- मोनिटाइजेशन के लिए धैर्य और सही रणनीति जरूरी है, जिससे वॉच आवर्स जल्दी पूरे हो सकें।

Answers

## Questions about this video

4000 वॉच आवर्स कैसे जल्दी पूरे करें?

शॉर्ट्स वीडियो से शुरुआत करें, कंटेंट को इंटरेस्टिंग बनाएं, वॉइस मॉड्यूलेशन और इमोशन जोड़ें, और ऑडियंस के इंटरेस्ट को समझकर वीडियो बनाएं।

क्या बैकग्राउंड म्यूजिक वीडियो में जरूरी है?

हाँ, बैकग्राउंड म्यूजिक वीडियो में इमोशन जोड़ने और बैकग्राउंड नॉइज़ छुपाने में मदद करता है। एपिडेमिक साउंड जैसी वेबसाइट से कॉपीराइट फ्री म्यूजिक लेना बेहतर होता है।

शुरुआती क्रिएटर्स को किस तरह का कंटेंट बनाना चाहिए?

शुरुआत में छोटे और आकर्षक शॉर्ट्स बनाएं, फिर कंटेंट की क्वालिटी सुधारें। कंटेंट में ऑडियंस के इंटरेस्ट और इमोशंस शामिल करें ताकि लोग वीडियो देखते रहें।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

मेरी इस चैनल की फोर्थ या फिफ्थ वीडियो ही थी, जिससे मेरे इस चैनल के 2000 वॉच आवर्स कंप्लीट हुए थे। शुरुआत के और वहां से मुझे थोड़े बहुत सब्सक्राइबर भी मिल गए थे, जिन्होंने मेरी पुरानी वीडियोस भी देखी, नई वीडियोस भी देखी। और बहुत जल्दी वो 4000 घंटे का वॉच टाइम कंप्लीट हो गया था। बट एज अ बिगिनर वो 4000 घंटे पूरा करना बहुत टफ होता है। जो मेरा पहला चैनल था, उस पे तो बस मैं YouTube स्टूडियो रिफ्रेश ही करता रहता था कि वो अब कितना पूरा हुआ, कहां पहुंचा है, कितना और बचा हुआ है। उसमें बहुत टाइम लग गया था। बट एक बार थोड़ी सी जब नॉलेज होती है आपके पास, तो वही सेम चीज करना इजी हो जाता है और थोड़ा फास्ट भी हो जाता है। तो मैंने सोचा मैं अपने एक्सपीरियंस से जो भी मैंने चीजें सीखी हैं, वो आपके साथ शेयर करूं ताकि आपकी भी कंटेंट क्रिएशन की जर्नी थोड़ी सी इजी हो जाए, थोड़ी सी वास्ट हो जाए और आपका भी जो मोनेटाइजेशन क्राइटेरिया है, वो जल्दी से पूरा हो जाए। देखो, आपको एक सिंपल स्ट्रेटजी बताता हूं। यह मैंने अपने बाकी क्लाइंट्स के साथ भी शेयर करी थी और उन्हें भी बहुत अच्छा रिजल्ट मिला। मैंने उन्हें बोला कि यार अगर आप बिगिनर क्रिएटर हो ना तो शॉट्स बनाने से स्टार्ट करो क्योंकि उधर पे रीच अच्छी मिलती है। एक बार जब आपके थोड़े-थोड़े व्यूज आने लगेंगे, सब्सक्राइबर्स आने लगेंगे, उसके बाद आप लॉन्ग डालोगे तो वो लोग देखेंगे। और जब आप लॉन्ग वीडियोस बना के डालोगे ना, तो कुछ भी बना के मत डाल देना। वरना जिन्होंने सब्सक्राइब किया है वो भी अनसब्सक्राइब करके चले जाएंगे। तो फायदा ही क्या हुआ है ना? तो एक प्रॉपर स्ट्रेटजी फॉलो करना, एक प्रॉपर थॉट प्रोसेस होगी, वो मैं शेयर कर रहा हूं। ये सेम चीज आप शॉर्ट्स पे भी अप्लाई कर सकते हो और लॉन्ग फॉर्म भी कर सकते हो। देखो, ज्यादातर बिगिनर्स जो वीडियोस बनाते हैं ना, चाहे वो लॉन्ग फॉर्म बनाए या शॉर्ट फॉर्म बनाए, वो बहुत बोरिंग सी होती है। मतलब उसे देखने का मन नहीं करता। हो सकता है आपको थोड़ा सा बुरा लगे, बट स्टार्टिंग में सबकी वीडियो बेकार ही होती है। और जो मेन रीज़न होता है कि उनकी वीडियोस बोरिंग साउंड कर रही हैं, देखने का मन नहीं कर रहा, कोई रुक ही नहीं रहा उस पे। तो वॉच आवर्स कैसे कंप्लीट होंगे? ना तो हमें वो फिक्स करना है। अभी उसे फिक्स करने के लिए आपको वीडियोस को थोड़ा इंटरेस्टिंगिंग बनाना पड़ेगा। वो कैसे होगा, मैं बताता हूं। ज्यादातर लोगों की वीडियो बोरिंग साउंड करती है क्योंकि वो बोलते ही बोरिंग तरीके से हैं। "हे गाइस, वेलकम टू माय चैनल। मेरा नाम है सौरभ भट्ट। आप मेरे चैनल को लाइक करें, शेयर करें, सब्सक्राइब करें।" तो आपको ऐसे बात करने से थोड़ा आगे आना है। मतलब ऐसे बात नहीं करनी। कैमरे के सामने थोड़ा सा अच्छे से अपने को प्रेजेंट करना है। उसके लिए सिर्फ प्रैक्टिस नहीं करनी है। ये बहुत बेसलाइन एडवाइस हो जाती है कि प्रैक्टिस कर लो, ठीक हो जाएगा। अरे गलत चीज की प्रैक्टिस करोगे तो फिर खराब ही होता रहेगा ना। वो चीजों से सही करना है आपको। तो आप प्लीज वॉइस मॉड्यूलेशन के बारे में वीडियोस देखना। इसके बाद देख सकते हो। बस चार पॉइंट और बचे हैं। वॉइस मॉड्यूलेशन पे वीडियोस देखना। उसकी प्रैक्टिस करना। आपको पता लगेगा कि यार पूरा सेंटेंस कैसे बोलना है, कब ऊपर जाना है, कब नीचे आना है, टोनालिटी में है, कब पॉज लेना है, कब नहीं लेना है। तो आपको पता लगेगा कि जो आप सेंटेंस डिलीवरी कर रहे थे ना अभी तक वो खराब थी। आपको पता लगेगा रुकना कहां पे है, कहां पे नहीं रुकना, कहां पे तेज बोलना है, कहां पे स्लो बोलना है। तो वो प्रैक्टिस से आएगा। सेकंड पॉइंट थोड़ा सा शॉर्टकट टाइप का है। पहले पार्ट पे तो हम डिस्कस कर रहे थे कि यार वीडियो बोरिंग साउंड कर रही है। उसके लिए मुझे पहले कंटेंट की डिलीवरी सुधारनी पड़ेगी। पर उस पे इमोशन भी ऐड करना पड़ेगा। थोड़ा बहुत तो वॉइस मॉड्यूलेशन से हो जाएगा। थोड़ी हेल्प आप म्यूजिक की ले सकते हो। स्टार्टिंग में जब मेरे पास माइक नहीं होता था तो वीडियो पे बहुत बैकग्राउंड नॉइज़ आता था। उसको छुपाने के लिए मैं बैकग्राउंड म्यूजिक यूज करता था कि यार म्यूजिक लगा दूंगा ताकि वो हॉर्न की जो आवाज आ रही है ना वो थोड़ी कम सुनाई दे। खैर बाद में मुझे पता लगा कि यार म्यूजिक की तो और भीन्स है। उसको आप इमोशन ऐड करने के लिए यूज कर सकते हो। मान लो आपको सस्पेंसफुल म्यूजिक बनानी है तो सस्पेंस वाला म्यूजिक लगा सकते हो बैकग्राउंड में। हैप्पी इमोशन डालना है तो हैप्पी म्यूजिक लगा सकते हो। इसके लिए मैं यह वाली वेबसाइट यूज करता हूं। एपिडेमिक साउंड। मैं यहां पे स्क्रीन पे दिखाऊंगा। एपिडेमिक साउंड पे बहुत सारे म्यूजिक ट्रैक्स हैं। 55,000 से ज्यादा म्यूजिक ट्रैक्स और 2.5 लाख से ज्यादा साउंड इफेक्ट्स हैं। मतलब आपका सारा काम हो जाएगा यहां से। अगर आपको हैप्पी इमोशन ऐड करना है तो एपिडेमिक साउंड का ही असिस्टेंट फीचर यूज करना। अपने वीडियो का थीम और इमोशन बता देना। तो वो आपको सूटेबल म्यूजिक फाइंड करके दे देगा। उसका असिस्टेंट आपको। अगर आपके पास ऑलरेडी म्यूजिक है पर आपको उसका नाम नहीं पता, जैसे इस वीडियो पे जो बैकग्राउंड म्यूजिक चल रहा है उसका मुझे नाम नहीं पता था। यह मैंने स्वैगर शर्मा की वीडियो पे सुना हुआ था। मुझे बहुत सही लगा। मैंने कहा कि यार इसको सर्च करना है। तो मैंने म्यूजिक का यूज करके उसे सर्च किया। मुझे एपिडेमिक साउंड पे मिला। यह वाला है वो और इसकी मैंने सिर्फ वो बैकग्राउंड ट्यून डाउनलोड करी जो मुझे बढ़िया लग रही थी। ना वो तुम कर सकते हो ईजीली एपिडेमिक साउंड की वेबसाइट पे। और कॉपीराइट की कोई टेंशन नहीं है। जो आप सब्सक्रिप्शन के टाइम पे म्यूजिक यूज कर रहे हो ना उसका लाइसेंस परमानेंट होता है। तो इवन अगर आप बाद में सब्सक्रिप्शन हटा भी रहे हो अपना एपिडेमिक साउंड का तो ऐसा नहीं है कि कॉपीराइट का कोई इशू हो जाएगा। और हां, कोई अगर म्यूजिक पसंद आ रहा है, उसका थोड़ा आगे पीछे लग रहा है फ्लो तो वो तुम एडप्ट फीचर का यूज करके फ्लो को अपने हिसाब से चेंज कर सकते हो। डिस्क्रिप्शन के लिंक पे क्लिक करके अगर तुम चेक आउट के टाइम पे सौरभ कूपन कोड यूज करोगे तो तुम्हें 50% ऑफ मिल जाएगा एपिडेमिक साउंड के दो मंथ के सब्सक्रिप्शन पे। पर यह ऑफर थोड़ा सा लिमिटेड है। 15th जून से पहले पहले कर लोगे तो बढ़िया है। नेक्स्ट पॉइंट नंबर थ्री पे बढ़ते हैं। यह है डेल कार्नेगी की किताब "हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इनफ्लुएंस पीपल"। इसमें वो बताता है कि यार आप हमेशा ना सामने वाले के इंटरेस्ट की बात करो तो वो सुनता भी है। अभी हम बात कर रहे हैं वॉच टाइम इनक्रीस करने की। तो वो कैसे होगा जब आपकी वीडियो को कोई बैठ के देखेगा। वो आपकी बात को सुनेगा। है ना? अब वो कब सुनेगा? जब आप उसके इंटरेस्ट की बात करोगे। जैसे कि डेल कार्नेगी ने अपनी इस किताब में एग्जांपल भी दिया था कि मान लो आप मछली पकड़ने जा रहे हो। तो आप कांटे में कीड़ा लगाओगे या अपनी पसंद की रसमलाई लगाओगे? ऑब्वियसली कीड़ा लगाओगे ना। क्यों? क्योंकि आपको मछली पकड़ने के लिए उसके इंटरेस्ट की चीज उसे दिखानी पड़ेगी। उसी तरीके से आपको ऑडियंस का अटेंशन पकड़ने के लिए उसके इंटरेस्ट की बात करनी पड़ेगी। ऑडियंस के इंटरेस्ट की बात करनी पड़ेगी। इवन अगर तुम इंडियन ऑथर्स की भी बुक देखोगे ना, जैसे भरत मुनि ने ये किताब लिखी थी नाट्यशास्त्र के बारे में। उसमें उन्होंने आठ रसों के बारे में बात किया था। आठ ह्यूमन इमोशंस के बारे में। वो बुक में बताते हैं कि यार कोई भी एक आर्ट फॉर्म जो तुम बना रहे हो ना, उस पे एक दो रस तो होने ही चाहिए। आठों के आठों हो तो बहुत अच्छा है, बट एक दो इमोशन तो होने ही चाहिए। तभी वो आर्ट फॉर्म को लोग देखते हैं, उससे कनेक्ट होते हैं। तो अगर आपकी वीडियो में कोई इमोशन ही नहीं है, वो बहुत ही बोरिंग रोबोटिक साउंड कर रही है। उसको कोई क्यों देखेगा? प्लस उसमें आप अपने इंटरेस्ट की बात कर रहे हो, सामने वाले के इंटरेस्ट की बात कर भी नहीं रहे हो तो उसको भी लोग स्किप कर देंगे। तो अगर आपके कंटेंट में यह सारी मिस्टेक्स दिख रही हैं ना, आपको कि यार आप अपने इंटरेस्ट की बात कर रहे हो, सामने वाले इंटरेस्ट को देख ही नहीं रहे हो, उसमें कोई रस ही नहीं है, कोई इमोशन ही नहीं है, तो ऑब्वियसली वो एक फेलियर ही आप बना रहे हो। इस प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए आपको अच्छा कंटेंट कंज्यूम करना पड़ेगा। पहले आपको एक बेहतर कंज्यूमर बनना पड़ेगा यह देखने के लिए कि कंज्यूमर का प्रेफरेंस क्या है। आपको अपने नीश के क्रिएटर्स का कंटेंट ब्रेकडाउन करना पड़ेगा यह देखने के लिए कि यार इनका कंटेंट चल क्यों रहा है? ऐसा क्या है इनके कंटेंट में? सिर्फ बड़े क्रिएटर्स को नहीं क्योंकि उनके पास तो ऑलरेडी ऑडियंस है। उनकी वीडियो देख के क्या सीखोगे? वो तो ऑब्वियसली बहुत सही कर रहे होंगे ना। आप यही बोलोगे कि यार ऐसा एडिट मैं कर नहीं सकता, ऐसा सेटअप मेरे पास है नहीं। पर कुछ छोटे क्रिएटर्स भी तो होंगे जिनकी वीडियोस पे व्यूज आ रहे होंगे। आप उनका ब्रेकडाउन कर सकते हो। ये सीखने के लिए कि यार ऐसा क्या है जो इनकी वीडियो चल रही है। जब आप एक बार अच्छा कंटेंट कंज्यूम करने लगोगे, उसका ब्रेकडाउन करोगे तो आपको पैटर्न दिखेगा कि यार ये कुछ है रिपीटेड पैटर्न जो हर एक कंटेंट पीस में है जो भी अच्छा चल रहा है। फिर उस पैटर्न को कॉपी करो, उस पे वीडियो बनाओ तो आपके ही व्यूज आएंगे। स्टार्टिंग में कॉपी करो मैं इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि स्टार्टिंग में आप पैटर्न तो देख लोगे पर आपको पता ही नहीं होगा कि इसका नाम क्या है? इसे।

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Speaker A

वीडियोस भी देखी और बहुत जल्दी वो 4000 घंटे का वॉच टाइम कंप्लीट हो गया था बट एज अ बिगिनर वो 4000 घंटे पूरा करना बहुत टफ होता है जो मेरा पहला चैनल था उस पे तो बस मैं YouTube स्टूडियो रिफ्रेश ही करता

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Speaker A

रहता था कि वो अब कितना पूरा हुआ कहां पहुंचा है कितना और बचा हुआ है उसमें बहुत टाइम लग गया था बट एक बार थोड़ी सी जब नॉलेज होती है आपके पास तो वही सेम चीज करना इजी हो जाता है और थोड़ा फास्ट भी हो

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Speaker A

जाता है तो मैंने सोचा मैं अपने एक्सपीरियंस से जो भी मैंने चीजें सीखी है वो आपके साथ शेयर करूं ताकि आपकी भी कंटेंट क्रिएशन की जर्नी थोड़ी सी इजी हो जाए, थोड़ी सी वास्ट हो जाए और आपका भी जो

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Speaker A

मोनेटाइजेशन क्राइटेरिया है वो जल्दी से पूरा हो जाए। देखो आपको एक सिंपल स्ट्रेटजी बताता हूं। यह मैंने अपने बाकी क्लाइंट्स के साथ भी शेयर करी थी और उन्हें भी बहुत अच्छा रिजल्ट मिला। मैंने उन्हें बोला कि यार अगर आप बिगिनर क्रिएटर

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Speaker A

हो ना तो शॉट्स बनाने से स्टार्ट करो क्योंकि उधर पे रीच अच्छी मिलती है। एक बार जब आपके थोड़े-थोड़े व्यूज आने लगेंगे, सब्सक्राइबर्स आने लगेंगे। उसके बाद आप लॉन्ग डालोगे तो वो लोग देखेंगे। और जब आप लॉन्ग वीडियोस बना के डालोगे ना

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Speaker A

तो कुछ भी बना के मत डाल देना। वरना जिन्होंने सब्सक्राइब किया है वो भी अनसस्क सब्सक्राइब करके चले जाएंगे तो फायदा ही क्या हुआ है ना तो एक प्रॉपर स्ट्रेटजी फॉलो करना एक प्रॉपर थॉट प्रोसेस होगी वो मैं शेयर कर रहा हूं ये

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Speaker A

सेम चीज आप शॉर्ट्स पे भी अप्लाई कर सकते हो और लॉन्ग फॉर्म भी कर सकते हो देखो ज्यादातर बिगिनर्स जो वीडियोस बनाते हैं ना चाहे वो लॉन्ग फॉर्म बनाए या शॉर्ट फॉर्म बनाए वो बहुत बोरिंग सी होती है

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Speaker A

मतलब उसे देखने का मन नहीं करता हो सकता है आपको थोड़ा सा बुरा लगे बट स्टार्टिंग में सबकी वीडियो बेकार ही होती है और जो मेन रीज़न होता है कि उनकी वीडियोस बोरिंग साउंड कर रही है देखने का मन नहीं कर रहा

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Speaker A

कोई रुक ही नहीं रहा उस पे तो वॉच आवर्स कैसे कंप्लीट होंगे ना तो हमें वो फिक्स करना है अभी उसे फिक्स करने के लिए आपको वीडियोस को थोड़ा इंटरेस्टिंग िंग बनाना पड़ेगा। वो कैसे होगा मैं बताता हूं।

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Speaker A

ज्यादातर लोग की वीडियो बोरिंग साउंड करती है क्योंकि वो बोलते ही बोरिंग तरीके से हैं। हे गाइस वेलकम टू माय चैनल। मेरा नाम है सौरभ भट्ट। आप मेरे चैनल को लाइक करें, शेयर करें, सब्सक्राइब करें। तो आपको ऐसे

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Speaker A

बात करने से थोड़ा आगे आना है। मतलब ऐसे बात नहीं करनी। कैमरे के सामने थोड़ा सा अच्छे से अपने को प्रेजेंट करना है। उसके लिए सिर्फ प्रैक्टिस नहीं करनी है। ये बहुत बेसलाइन एडवाइस हो जाती है कि प्रैक्टिस कर लो ठीक हो जाएगा। अरे गलत

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Speaker A

चीज की प्रैक्टिस करोगे तो फिर खराब ही होता रहेगा ना। वो चीजों से सही करना है आपको। तो आप प्लीज वॉइस मॉड्यूलेशन के बारे में वीडियोस देखना। इसके बाद देख सकते हो। बस चार पॉइंट और बचे हैं। वॉइस

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Speaker A

मॉड्यूलेशन पे वीडियोस देखना। उसकी प्रैक्टिस करना। आपको पता लगेगा कि यार पूरा सेंटेंस कैसे बोलना है, कब ऊपर जाना है, कब नीचे आना है, टोनालिटी में है, कब पॉज लेना है, कब नहीं लेना है। तो आपको पता लगेगा कि जो आप सेंटेंस डिलीवरी कर

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Speaker A

रहे थे ना अभी तक वो खराब थी। आपको पता लगेगा रुकना कहां पे है, कहां पे नहीं रुकना, कहां पे तेज बोलना है, कहां पे स्लो बोलना है। तो वो प्रैक्टिस से आएगा। सेकंड पॉइंट थोड़ा सा शॉर्टकट टाइप का है।

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Speaker A

पहले पार्ट पे तो हम डिस्कस कर रहे थे कि यार वीडियो बोरिंग साउंड कर रही है। उसके लिए मुझे पहले कंटेंट की डिलीवरी सुधारनी पड़ेगी। पर उस पे इमोशन भी ऐड करना पड़ेगा। थोड़ा बहुत तो वॉइस मॉड्यूलेशन से

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Speaker A

हो जाएगा। थोड़ी हेल्प आप म्यूजिक की ले सकते हो। स्टार्टिंग में जब मेरे पास माइक नहीं होता था तो वीडियो पे बहुत बैकग्राउंड नॉइज़ आता था। उसको छुपाने के लिए मैं बैकग्राउंड म्यूजिक यूज़ करता था कि यार म्यूजिक लगा दूंगा ताकि वो हॉर्न

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Speaker A

की जो आवाज आ रही है ना वो थोड़ी कम सुनाई दे। खैर बाद में मुझे पता लगा कि यार म्यूजिक की तो और भीेंस है। उसको आप इमोशन ऐड करने के लिए यूज़ कर सकते हो। मान लो आपको सस्पेंसफुल म्यूजिक बनानी है तो

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Speaker A

सस्पेंस वाला म्यूजिक लगा सकते हो बैकग्राउंड में। हैप्पी इमोशन डालना है तो हैप्पी म्यूजिक लगा सकते हो। इसके लिए मैं यह वाली वेबसाइट यूज़ करता हूं। एपिडेमिक साउंड मैं यहां पे स्क्रीन पे दिखाऊंगा। एपिडेमिक साउंड पे बहुत सारे म्यूजिक

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Speaker A

ट्रैक्स हैं। 55,000 से ज्यादा म्यूजिक ट्रैक्स और 2.5 लाख से ज्यादा साउंड इफेक्ट है। मतलब आपका सारा काम हो जाएगा यहां से। अगर आपको हैप्पी इमोशन ऐड करना है तो एपिडेमिक साउंड का ही असिस्टेंट फीचर यूज़ करना। अपने वीडियो का थीम और

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Speaker A

इमोशन बता देना। तो वो आपको सूटेबल म्यूजिक फाइंड करके दे देगा उसका असिस्टेंट आपको। अगर आपके पास ऑलरेडी म्यूजिक है पर आपको उसका नाम नहीं पता। जैसे इस वीडियो पे जो बैकग्राउंड म्यूजिक चल रहा है उसका मुझे नाम नहीं पता था। यह

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Speaker A

मैंने स्वैगर शर्मा की वीडियो पे सुना हुआ था। मुझे बहुत सही लगा। मैंने कहा कि यार इसको सर्च करना है। तो मैंने म्यूजिक का यूज़ करके उसे सर्च किया। मुझे एपिडेमिक साउंड पे मिला। यह वाला है वो और इसकी

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Speaker A

मैंने सिर्फ वो बैकग्राउंड ट्यून डाउनलोड करी जो मुझे बढ़िया लग रही थी ना वो तुम कर सकते हो ईजीली एपिडेमिक साउंड की वेबसाइट पे। और कॉपीराइट की कोई टेंशन नहीं है। जो आप सब्सक्रिप्शन के टाइम पे म्यूजिक यूज़ कर रहे हो ना उसका लाइसेंस

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Speaker A

परमानेंट होता है। तो इवन अगर आप बाद में सब्सक्रिप्शन हटा भी रहे हो अपना एपिडेमिक साउंड का तो ऐसा नहीं है कि कॉपीराइट का कोई इशू हो जाएगा। और हां कोई अगर म्यूजिक पसंद आ रहा है उसका थोड़ा आगे पीछे लग रहा

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Speaker A

है फ्लो तो वो तुम एडप्ट फीचर का यूज़ करके फ्लो को अपने हिसाब से चेंज कर सकते हो। डिस्क्रिप्शन के लिंक पे क्लिक करके अगर तुम चेक आउट के टाइम पे सौरभ कूपन कोड यूज़ करोगे तो तुम्हें 50% ऑफ मिल जाएगा

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Speaker A

एपिडेमिक साउंड के दो मंथ के सब्सक्रिप्शन पे। पर यह ऑफर थोड़ा सा लिमिटेड है। 15th जून से पहले पहले कर लोगे तो बढ़िया है। नेक्स्ट पॉइंट नंबर थ्री पे बढ़ते हैं। यह है डेल कार्नई की किताब हाउ टू विन

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Speaker A

फ्रेंड्स एंड इनफ्लुएंस पीपल। इसमें वो बताता है कि यार आप हमेशा ना सामने वाले के इंटरेस्ट की बात करो तो वो सुनता भी है। अभी हम बात कर रहे हैं वॉच टाइम इनक्रीस करने की। तो वो कैसे होगा जब आपकी

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Speaker A

वीडियो को कोई बैठ के देखेगा। वो आपकी बात को सुनेगा। है ना? अब वो कब सुनेगा? जब आप उसके इंटरेस्ट की बात करोगे। जैसे कि डेल कार्नेगी ने अपनी इस किताब में एग्जांपल भी दिया था कि मान लो आप मछली पकड़ने जा

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Speaker A

रहे हो। तो आप कांटे में कीड़ा लगाओगे या अपनी पसंद की रसमलाई लगाओगे? ऑब्वियसली कीड़ा लगाओगे ना। क्यों? क्योंकि आपको मछली पकड़ने के लिए उसके इंटरेस्ट की चीज उसे दिखानी पड़ेगी। उसी तरीके से आपको ऑडियंस का अटेंशन पकड़ने के लिए उसके

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Speaker A

इंटरेस्ट की बात करनी पड़ेगी। ऑडियंस के इंटरेस्ट की बात करनी पड़ेगी। इवन अगर तुम इंडियन ऑथर्स की भी बुक देखोगे ना जैसे भरत मुनि ने ये किताब लिखी थी नाट्यशास्त्र के बारे में। उसमें उन्होंने आठ रसों के बारे में बात किया था। आठ

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Speaker A

ह्यूमन इमोशंस के बारे में। वो बुक में बताते हैं कि यार कोई भी एक आर्ट फॉर्म जो तुम बना रहे हो ना उस पे एक दो रस तो होने ही चाहिए। आठों के आठों हो तो बहुत अच्छा है बट एक दो इमोशन तो होने ही चाहिए। तभी

04:40

Speaker A

वो आर्ट फॉर्म को लोग देखते हैं। उससे कनेक्ट होते हैं। तो अगर आपकी वीडियो में कोई इमोशन ही नहीं है वो बहुत ही बोरिंग रोबोटिक साउंड कर रही है। उसको कोई क्यों देखेगा? प्लस उसमें आप अपने इंटरेस्ट की

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Speaker A

बात कर रहे हो। सामने वाले के इंटरेस्ट की बात कर भी नहीं रहे हो तो उसको भी लोग स्किप कर देंगे। तो अगर आपके कंटेंट में यह सारी मिस्टेक्स दिख रही है ना आपको कि यार आप अपने इंटरेस्ट की बात करे जा रहे

04:57

Speaker A

हो। सामने वाले इंटरेस्ट को देख ही नहीं रहे हो। उसमें कोई रस ही नहीं है। कोई इमोशन ही नहीं है। तो ऑब्वियसली वो एक फेलियर ही आप बना रहे हो। इस प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए आपको अच्छा कंटेंट

05:05

Speaker A

कंज्यूम करना पड़ेगा। पहले आपको एक बेहतर कंज्यूमर बनना पड़ेगा यह देखने के लिए कि कंज्यूमर का प्रेफरेंस क्या है। आपको अपने नीश के क्रिएटर्स का कंटेंट ब्रेकडाउन करना पड़ेगा यह देखने के लिए कि यार इनका कंटेंट चल क्यों रहा है? ऐसा क्या है इनके

05:16

Speaker A

कंटेंट में? सिर्फ बड़े क्रिएटर्स को नहीं क्योंकि उनके पास तो ऑलरेडी ऑडियंस है। उनकी वीडियो देख के क्या सीखोगे? वो तो ऑब्वियसली बहुत सही कर रहे होंगे ना। आप यही बोलोगे कि यार ऐसा एडिट मैं कर नहीं सकता। ऐसा सेटअप मेरे पास है नहीं। पर कुछ

05:25

Speaker A

छोटे क्रिएटर्स भी तो होंगे जिनकी वीडियोस पे व्यूज आ रहे होंगे। आप उनका ब्रेकडाउन कर सकते हो। ये सीखने के लिए कि यार ऐसा क्या है जो इनकी वीडियो चल रही है। जब आप एक बार अच्छा कंटेंट कंज्यूम करने लगोगे

05:33

Speaker A

उसका ब्रेकडाउन करोगे तो आपको पैटर्न दिखेगा कि यार ये कुछ है रिपीटेड पैटर्न जो हर एक कंटेंट पीस में है जो भी अच्छा चल रहा है। फिर उस पैटर्न को कॉपी करो उस पे वीडियो बनाओ तो आपके ही व्यूज आएंगे।

05:42

Speaker A

स्टार्टिंग में कॉपी करो मैं इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि स्टार्टिंग में आप पैटर्न तो देख लोगे पर आपको पता ही नहीं होगा कि इसका नाम क्या है? इसे कहते क्या है? यह वर्क क्यों करा? यह जानने का क्या फायदा

05:50

Speaker A

है स्टार्टिंग में। आप कॉपी तो करो एक बार। आपके दिमाग में पैटर्न बिल्ड होगा कि यार ऐसा कुछ लोगों को पसंद आता है। ऐसा कुछ है जो मैं बोलूंगा तो लोग सुनने के लिए रुकते हैं। एक बार आप पैटर्न सीखना

05:58

Speaker A

पकड़ गए तो उसका नाम बाद में जान लेना। मतलब साइड बाय साइड सीखते रहो। कंज्यूमर साइकोलॉजी के बारे में। ह्यूमन साइकोलॉजी की बुक्स पढ़ते रहो। उस पे टाइम लगेगा बहुत ज्यादा। शॉर्टकट ये है कि आप अच्छा कंटेंट कंज्यूम करो। उसका ब्रेकडाउन करो।

06:08

Speaker A

देखो कि क्या चल रहा है, क्या नहीं चल रहा है। क्या वो पैटर्न्स हैं जो रिपीटेडली यूज़ कर रहे हैं लोग जिसकी वजह से उनके व्यूज आ रहे हैं और वैसा कुछ बनाओ। ऑब्वियसली ये आपको टफ लगेगा, कंफ्यूजिंग

06:17

Speaker A

लगेगा कि यार ये बंदा क्या बोल रहा है। सीधे-सीधे क्यों नहीं बता रहा? क्योंकि मल्टीपल नीश में कंज्यूमर बिहेवियर डिफरेंट होता है। थोड़ा सा एक्सप्लेन करता हूं। जैसे आपने कुछ रील देखी होगी जो Instagram पे बहुत अच्छी चलती है वो

06:25

Speaker A

YouTube पे नहीं चलती। कुछ-कुछ चल जाती है। कुछ नहीं चलती। क्यों? क्योंकि कंज्यूमर का बिहेवियर Instagram एज अ प्लेटफार्म वहां पे अलग है। YouTube पे अलग है। उसी तरीके से हर एक नीच पे ऑडियंस का जो पैटर्न है कंटेंट को कंज्यूम करने

06:34

Speaker A

का वहां पे जो वो चीज चाह रहे हैं देखना वो डिफरेंट होगा। अगर आप स्टोरी टेलिंग वाली वीडियो में इनफार्मेशन दे दोगे तो वो नहीं चलेगी। इंफॉर्मेशन वाली वीडियो में स्टोरी बताने लगोगे तो वो लोग सुनने आए ही

06:43

Speaker A

नहीं थे। तो आपको पहले देखना पड़ेगा कि लोग किस टाइप के कंटेंट को देख रहे हैं। किस टाइप के कंटेंट को वो पसंद कर रहे हैं। और क्या आपका कंटेंट क्या आपका जो एकिस्टिंग प्रोडक्ट है वो मार्केट की

06:51

Speaker A

क्वालिटी को मीट कर रहा है या नहीं? मीट कर रहा है या बीट कर रहा है दोनों बेहतर है। बट अगर वो बहुत ही इनफीरियर प्रोडक्ट है तो उसे कोई क्यों देखेगा? आप खुद समझो। बिज़नेस का सबसे पहला रूल ही हम वहीं से

07:00

Speaker A

स्टार्ट करते हैं कि यार हम प्रोडक्ट मार्केट फिर देख रहे हैं कि यार वो प्रोडक्ट की डिमांड है मार्केट में या नहीं? क्या वह नीड है जो हम बना रहे हैं या फिर हम कुछ भी बना रहे हैं। तो पहले हम

07:08

Speaker A

प्रोडक्ट मार्केट फिर देखते हैं। उसी तरीके से आप वीडियो मार्केट फिर देखो कि यार यह वीडियो जो मैं बनाना जा रहा हूं वह लोग देखना भी चाह रहे हैं या नहीं। तो रिसर्च वाला पार्टेंट है। कंज्यूमर साइकोलॉजी समझना इसलिएेंट है कि कंज्यूमर

07:17

Speaker A

क्या प्रेफर कर रहा है और क्या नहीं कर रहा। एक बार आप कॉम्पिटिट को स्टडी करोगे उसके कंटेंट को ब्रेक डाउन करोगे तो बहुत इजी हो जाएगा। कंटेंट बनाना बहुत ईजी हो जाएगा। और मैं स्ट्रेट फॉरवर्ड जनरलाइज एडवाइस आपको इसलिए नहीं दे सकता क्योंकि

07:27

Speaker A

वो काम नहीं कर रही क्योंकि नीस स्पेसिफिक कंज्यूमर का पैटर्न डिफरेंट हो जाएगा। यह बातें आपको बहुत कंफ्यूजिंग लग रही होगी। टफ लग रहा होगा कि यार यह बंदा क्या बोल रहा है? मैं आपको झूठ भी बोल सकता हूं।

07:35

Speaker A

आसान बात बताने के लिए कि रोज शाम को 7:30 अपलोड करो वीडियो। वहां पे उस टाइम पे ऑडियंस बहुत एक्टिव रहती है। तो वीडियो की रीच आपको अच्छी मिलेगी और आप डेली अपलोड करोगे तो कोई ना कोई वीडियो आपकी वायरल भी

07:44

Speaker A

हो जाएगी। ये फालतू बातें हैं। इसमें मैंने टाइम वेस्ट किया हुआ है। इससे रिजल्ट मिलता नहीं है। रिजल्ट मिलेगा कॉम्प्लेक्स चीजों को करके। क्योंकि अगर चीजें इतनी ही आसान होती तो फिर हर कोई कर लेता। हर किसी के मिलियन सब्सक्राइबर होते

07:52

Speaker A

हैं। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि डेली वीडियो मत डालो। एज अ बिगिनर आप जितनी वीडियो डालोगे उतना अच्छा है। इसलिए नहीं कि आपको रीच मिलेगी। इसलिए कि आपकी कैमरा प्रेजेंस इंप्रूव होगी। एटलीस्ट आप बोलना तो सीखोगे कैमरे के सामने। बाकी

08:01

Speaker A

स्टार्टिंग में वीडियो बेकार ही बनेगी। हर एक बिगिनर की वीडियो बेकार ही बनती है। वह तो ऐसा हो गया कि आप बोलोगे कि यार मैं बैडमिंटन तब खेलूंगा जब मुझे अच्छा खेलना आ जाएगा। जब आप खेलोगे तभी खेलना अच्छा

08:09

Speaker A

आएगा ना। तो उसी तरीके से जब आप बेकार बनाओगे एक बार तब आप अच्छा बनाना सीख पाओगे। विद टाइम वो चीज आएगी। तो अपने कंटेंट को बनाओ। उस पे कमियां देखो। उसको अगले कंटेंट पीस में रेक्टिफाई करो। आई

08:17

Speaker A

होप आपको इस वीडियो से हेल्प मिली होगी। अगले वीडियो में मिलते हैं। थैंक्स फॉर वाचिंग। एपिडेमिक साउंड को चेक आउट कर लेना। उसका लिंक है डिस्क्रिप्शन में। सौरभ है कूपन कोड और 50% डिस्काउंट मिल जाएगा। जेन्युइनली बढ़िया वेबसाइट है। ऑलदो

08:25

Speaker A

वीडियो स्पोंसर्ड है बट वेबसाइट बढ़िया है।

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