**China Mein Musalman Pahunche Kaise? — The 1400-Year-Old Untold Story — Transcript & Summary | SozAI**
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चीन में इस्लाम के आगमन और साद इब्ने अबी वकास की कब्र की खोज की 1400 साल पुरानी कहानी।

## Key Takeaways

- चीन में इस्लाम का आगमन 1400 साल पुराना है और इसका इतिहास समृद्ध है।
- साद इब्ने अबी वकास की कब्र चीन में मौजूद है, जो इस्लाम के शुरुआती दौर की निशानी है।
- चीन के सम्राटों ने मुसलमानों को व्यापार और धार्मिक स्वतंत्रता दी।
- चाइनीज संस्कृति में इस्लामिक कला और कैलीग्राफी का अनूठा समावेश है।
- आज भी चीन में मुसलमानों की सांस्कृतिक पहचान और मस्जिदें मौजूद हैं, हालांकि कुछ सीमाएं हैं।

## What the video covers

- वीडियो में लंदन से बीजिंग तक के सफर का वर्णन है और चीन में इस्लाम के इतिहास की शुरुआत।
- पीटर सैंडर्स और हाजी नूरुद्दीन की किताब 'Earth Heaven and 10,000 Things' का परिचय।
- चाइनीज कल्चर में '10,000 थिंग्स' का अर्थ और इस्लामिक कैलीग्राफी की सुंदरता पर चर्चा।
- चीन में इस्लाम के प्रवेश और फैलाव के लिए सेवंथ सेंचुरी के टेंग सम्राट की भूमिका।
- मुसलमानों को चीन में व्यापार और धार्मिक स्वतंत्रता मिलने की कहानी।
- मिंग डायनेस्टी के फाउंडर जयजेंग द्वारा पैगंबर मोहम्मद की शान में लिखी गई 1300 साल पुरानी पोएट्री।
- चीन में मस्जिदों का वास्तुकला और वर्तमान में मुसलमानों की स्थिति।
- पीटर सैंडर्स और हाजी नूरुद्दीन का 20 साल से चल रहा प्रोजेक्ट और उनकी यात्रा।
- साद इब्ने अबी वकास की कब्र की खोज और उसका महत्व।
- इस्लाम की चीन में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की गहराई।

## Chapters

1. 00:00 लंदन से बीजिंग तक का सफर और इस्लाम की खोज
2. 00:55 साद इब्ने अबी वकास की कब्र की तलाश
3. 01:56 पीटर सैंडर्स और किताब का परिचय
4. 02:55 चाइनीज कैलीग्राफी और इस्लामिक कला
5. 03:55 चीन में इस्लाम का ऐतिहासिक प्रसार
6. 06:07 सेवंथ सेंचुरी के टेंग सम्राट और मुसलमानों की अनुमति
7. 07:57 मिंग डायनेस्टी और पैगंबर की शान में पोएट्री
8. 08:57 चीन में मस्जिदों का वास्तुकला और वर्तमान स्थिति

Answers

## Questions about this video

चीन में इस्लाम कब और कैसे पहुंचा?

चीन में इस्लाम लगभग 1400 साल पहले सेवंथ सेंचुरी में टेंग सम्राट के शासनकाल में पहुंचा, जब मुसलमानों को व्यापार और धार्मिक स्वतंत्रता दी गई।

साद इब्ने अबी वकास की कब्र का चीन से क्या संबंध है?

साद इब्ने अबी वकास की कब्र चीन में मौजूद मानी जाती है, जो इस्लाम के शुरुआती दूतों में से एक थे और चीन में इस्लाम के आगमन का प्रतीक हैं।

चीन में इस्लामिक कला और संस्कृति का क्या महत्व है?

चीन में इस्लामिक कला, खासकर कैलीग्राफी, चाइनीज संस्कृति के साथ मिलकर अनूठा रूप लेती है, जो इस्लाम के सांस्कृतिक समावेश और इतिहास को दर्शाती है।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:03

Speaker A

तसवुर कीजिए, लंदन से एक फ्लाइट निकलती है। 9-11 घंटे आसमान का सीना चीर कर बीजिंग में उतरती है। यह सिर्फ दो शहरों का फासला नहीं है, बल्कि यह वक्त का फासला है। एक मशहूर फोटोग्राफर अपने कैलग्राफर दोस्त

00:17

Speaker A

हाजी नूरुद्दीन के साथ बीजिंग के एयरपोर्ट पर वॉक कर रहे हैं। वो एयरपोर्ट से बाहर निकलते हैं। एक टैक्सी को रोकते हैं और वह दोनों मिलकर टैक्सी का सफर करते हैं। टैक्सी के बाद यह फिर कई बसें बदलते

00:29

Speaker A

हैं और आखिरकार एक ऐसी बस में बैठ जाते हैं जो इन्हें एक अंधेरे सुनसान रास्ते की तरफ ले जा रही है। बस चाइनीज़ लोगों से भरी हुई है। बाहर बहुत तेज बारिश हो रही है, जैसे सब कुछ धो देना चाहती हो।

00:42

Speaker A

और बस के अंदर बैठे ये चाइनीज लोग हंस रहे हैं, मुस्कुरा रहे हैं, मंडेरियन में बातें कर रहे हैं। और इन सबके बीच अपने कैमरे और बैग्स को पैरों के नीचे दबाए ये दो मुसाफिर बेख्वाब रातों में सफर

00:55

Speaker A

कर रहे हैं। उस एक मंजिल की तलाश में, उस एक कब्र की तलाश में जो असल में साद इबने अबी वकास की कब्र है। वो साद इब्न अब वकास जिनकी दुआ कभी खाली नहीं गई। उस कब्र की तलाश में यह लोग निकल पड़ते हैं और काफी

01:10

Speaker A

देर सफर करने के बाद यह लोग एक जंगल में पहुंचते हैं। एक ऐसा जंगल जहां पर कोई मौजूद नहीं है। और फिर पीटर सैंडर्स और हाजी नूरुद्दीन एक दरवाजे के आगे आकर खड़े हो जाते हैं। यह दरवाजा है

01:24

Speaker A

साद इबने अबी वकास की कब्र तक ले जाने वाला। अस्सलाम वालेकुम। आज मेरे पास आप लोगों के लिए एक बहुत जबरदस्त किताब है। इस किताब का नाम है अर्थ हैवन एंड 10,000 थिंग्स। चाइना में पहली बार किस तरह से

01:42

Speaker A

इस्लाम पहुंचा उसके बारे में बात करती है। बहुत अच्छी-अच्छी तस्वीरें हैं। इसके अंदर कहानियां हैं। और साथ ही हम देखेंगे साद इबने अबी वकास रदी अल्लाहहु ताला अनो की कब्र को जो चाइना के अंदर मौजूद है कि आप किस तरह से चाइना गए और

01:56

Speaker A

फिर चाइना के अंदर इस्लाम को फैलाने की शुरुआत हुई। चलिए इस किताब को शुरू करते हैं। सबसे पहले हम बात करते हैं इस किताब के राइटर की। इस किताब के राइटर हैं पीटर सैंडर्स। उनकी ये दूसरी किताब है

02:08

Speaker A

जो अभी हाल ही में शायद पिछले साल रिलीज हुई है। अब बात करते हैं इसके टाइटल की हैवन अर्थ एंड 10,000 थिंग। चाइनीस भाषा में चाइनीस कल्चर के अंदर 10,000 थिंग का मतलब होता है लामहदूद चीजें। यानी के जिनकी कोई लिमिट नहीं है।

02:24

Speaker A

तो इस टाइटल का पूरा मतलब यह हुआ आसमान जमीन और इन दोनों के दरमियान हर वो चीज जो मौजूद है वो इन 10,000 चीजों के अंदर आ जाएगी। 10,000 थिंग्स के अंदर आ जाएगी। जैसे मेरा लैपटॉप है, ये

02:38

Speaker A

किताब है, मेरे ये कपड़े हैं, आपका वजूद है। हर चीज इन 10,000 थिंग्स के अंदर आ जाएगी। तो पहली क्या बात सीखी कि भाई चाइना के कल्चर में 10,000 थिंग कोई नंबर नहीं है बल्कि लामहदूद इनफाइनाइट चीजों को कहा जाता है। ठीक? अब

02:55

Speaker A

किताब को खोलते हैं। यह चाइनीस कैलग्राफी स्टाइल है। इसमें लिखा है बिस्मिल्लाहहिर्रहमानिर्रहीम। और यह देखिए किस कदर खूबसूरत तरीके से कैलग्राफी की गई है। इस पेज पर आप देख सकते हैं एक कैमरा बना हुआ है। नीचे नाम

03:12

Speaker A

लिखा हुआ है अल्लाह सुभाना ताला का अल मुसव। अल्लाह का अल मुसव नाम है वो जो चीजों को तराशता है बहुत ज्यादा खूबसूरत तरीके से बनाता है। यहां पर आप नोट करेंगे ये देखिए ला इलाहा इल्लल्लाह, ला इलाहा इल्लल्लाह, ला इलाहा

03:26

Speaker A

इल्लल्लाह की कैलग्राफी थी। इसके लेंस को डिजाइन किया गया है और मेरे ख्याल में और भी अरेबिक कैलग्राफी का इस्तेमाल करके पूरा का पूरा कैमरा डिजाइन किया गया है, माशाल्लाह। फिर हम यहां देखते हैं, यहां पर लिखा है कि देयर इज नो गॉड बट गॉड

03:40

Speaker A

एंड मोहम्मद इज द मैसेंजर ऑफ गॉड सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम यानी ला इलाहा इल्लल्लाह मोहम्मद रसूल्लाह ये हमें बीच वाले सर्कल में नजर आ रहा है। और ये सारी छोटी-छोटी कैलग्राफी की गई है। यहां पे चांद बना हुआ है और इसमें लिखा

03:55

Speaker A

गया है कि अल्लाह एक है और आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अल्लाह सुभाना ताला के आखरी मैसेज पर हैं। फिर टेबल ऑफ कंटेंट है और हम पेज में आगे बढ़ते हैं। तो ये एक बहुत ही खूबसूरत सी

04:08

Speaker A

तस्वीर है। ये चाइना की एक मस्जिद है जहां पर एक साहब जा रहे हैं। बहुत जबरदस्त काम है। क्या फोटोग्राफी की गई है। माशाल्लाह। यहां पर चाइनीस में लिखा हुआ है लॉन्ग लाइफ। ये पीटर सेंडर्स के बारे में है।

04:23

Speaker A

पिछली किताब में मैंने आपको पीटर सेंडर्स के बारे में बता ही दिया है। और अब हम यहां पर आते हैं और आप यह देखिए कितना खूबसूरत यहां पर चाइना का पूरा नक्शा बना हुआ है। यहां यह चाइना दिखाया जा

04:33

Speaker A

रहा है। फिर चाइना के अलग-अलग इलाके हैं। और इस पेज पर लिखा है सीक नॉलेज इवन इन चाइना। द प्रॉफेट मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जैसे आपकी हदीस है के इल्म सीखने के लिए जहां भी जाना पड़े चाहे चाइना जाना पड़े तो आप चाइना भी

04:49

Speaker A

जाइए क्योंकि उस जमाने में चाइना बहुत दूर हुआ करता था। कोई आम बात नहीं थी कि आज की तरह ट्रेवल कर लिया। इवन आप आज भी ट्रेवल करेंगे तो 7-8 घंटे तो लग ही जाएंगे, ऐसा मुझे लगता है। अच्छा यहां पर एक तस्वीर

04:59

Speaker A

है। इन साहब का नाम है हाजी नूरुद्दीन मी गुंग जियांग। इस किताब के अंदर सारी कैलीग्राफी हाजी नूरुद्दीन ने की है और पीटर सेंडर्स के साथ इन्होंने साथ मिलकर ये तस्वीरें खींची हैं। यही इस पूरे सफर में यानी चाइना के सफर

05:14

Speaker A

में पीटर सेंडर्स के कंपैनियन रहे हैं। साथी रहे। हमने यह प्रोजेक्ट 2023 से शुरू किया। वो चीन गए थे। हम इस प्रोजेक्ट पर 20 साल से भी ज्यादा समय से साथ में काम कर रहे हैं। अब यहां पर हम एक पेज देख रहे हैं जहां पर

05:55

Speaker A

एक जबरदस्त इलस्ट्रेशन की गई है। ये सेवंथ सेंचुरी के टेंग एपरर हैं। वहां के बादशाह हैं। इनका बहुत बड़ा रोल रहा है इस्लाम को यानी कि चाइना में मुसलमानों को लाने में। तो इनके बारे में एक कहानी भी लिखी है जो

06:07

Speaker A

बहुत मशहूर है चाइना के अंदर। वो कहानी कुछ यूं है कि एक रात ये साहब सो रहे थे। इन्होंने अचानक से ख्वाब देखा कि कोई नेगेटिव एनर्जी से ये पूरे घिरे हुए हैं। किसी ऐसी जगह खड़े हुए हैं जहां पे हर तरफ

06:19

Speaker A

सिर्फ और सिर्फ नेगेटिव एनर्जी है। और फिर एक टर्बन वाला आदमी आया और उन्होंने इन्हें उस नेगेटिव एनर्जी से बाहर निकाल लिया। उस बुरे माहौल से बाहर निकाल लिया। अगले दिन ये साहब उठे और इन्होंने अपने इंटरप्रेटर से कहा कि भाई

06:32

Speaker A

यह क्या मामला है? मैंने ऐसे ख्वाब देखा है। उस इंटरप्रेटर ने बताया कि आप एक बड़ी परेशानी में घिरने वाले हैं और जिस इंसान ने आपको बचाया है वो असल में मुसलमान था। अब मेरा यह नजरिया है कि आप

06:44

Speaker A

मुसलमानों को अपने मुल्क में आने दीजिए, तिजारत करने दीजिए और खरीदोफरोख करने दीजिए, ट्रेड करने दीजिए। तो इसके बाद टाइम डायनेस्टी के वो पहले शख्स बने जिन्होंने मुसलमानों को सेवंथ सेंचुरी के अंदर इस्लाम को लेकर यानी मुसलमानों को

07:00

Speaker A

ट्रेड के लिए अलव किया और उन्हें इस बात की भी इजाजत दी कि वो लोग अपने मजहब को यहां चाहे तो फैला भी सकते हैं। अपने कल्चर को फॉलो भी कर सकते हैं। और यही वजह है कि हम देखते हैं कि आज भी बहुत

07:12

Speaker A

सारी ऐसी मस्जिदें वहां मौजूद हैं जो अरब कल्चर से बहुत ज्यादा इंस्पायर हैं। हालांकि चाइना में इस्लाम लोगों की ज्यादा बात नहीं होती। युगे मुस्लिम की हम जरूर बात करते हैं क्योंकि वो बहुत ज्यादा परेशान है। हालांकि अब वहां के बहुत सख्त

07:24

Speaker A

रूल हैं और वो रूल ये हैं कि भाई आपने अगर मस्जिद बनानी है तो बनाइए लेकिन उसका पूरा आर्किटेक्चर सिर्फ और सिर्फ चाइनीस कल्चर के हिसाब से ही होगा। फिर हम आगे बढ़ते हैं और हम अगले पेज की तरफ आते हैं। यहां पर एक और

07:40

Speaker A

इलस्ट्रेशन बनी हुई है और यह देखिए हम सेवंथ सेंचुरी से अचानक से हम 1300 सेंचुरी में आ गए हैं। यह हैं चाइना की मिंग डायनेस्टी के फाउंडर जयजेंग। जयजेंग चाइना के वो पहले इंसान बने। वो पहले बादशाह बने जिन्होंने आप सल्लल्लाहु

07:57

Speaker A

अलैहि वसल्लम की शान में एक पोएट्री लिखी। और वो पोएट्री यानी कि जो 1300 सेंचुरी में पोएट्री लिखी गई थी वो पोएट्री इस पेज पर भी मौजूद है। हमारे बहुत सारे यूजर्स ऐसे हैं जो शायद उतनी अच्छे से अंग्रेजी नहीं समझते। तो

08:12

Speaker A

इसकी कुछ लाइनें मैंने हिंदी में ट्रांसलेट की हैं, वो मैं आपको पढ़कर सुनाता हूं। जमीन और आसमान के आगाज में उसकी शुरुआत में जब दुनिया बसनी शुरू हो रही थी तब आसमान की किताब में एक नाम दर्ज कर

08:24

Speaker A

लिया गया। उन अजीम मसीहा का नाम जो तालीम और रोशनी फैलाने वाले थे। जिनको आसमानी किताब मिली वो किताब जो 30 हिस्सों में डिवाइडेड थी जिनका मकसद हर रूह को हर इंसान को अंदर तक बदल देना था। वो जो

08:40

Speaker A

करोड़ों बादशाहों के उस्ताद हैं और दुनिया के तमाम अजीम बुजुर्गों के सरदार हैं। वो जिन पे पांच वक्त की नमाजों को फर्ज किया गया। और वो जिनका दिल सिर्फ और सिर्फ

08:57

Speaker A

अपने खुदा से जुड़ा हुआ है। मुमदी नबी उम्मी तो ये 1300 साल पुरानी पोएट्री है। बहुत लंबी पोएट्री है। आपके लिए मैं यहां तस्वीर छोड़ रहा हूं। आप इस तस्वीर को देख सकते हैं। चैट जीपीटी या किसी भी एआई की मदद से आप इस पोएम का ट्रांसलेशन

09:10

Speaker A

कर सकते हैं। अच्छा एक कमाल की बात यह है अगर आप हिस्ट्री पढ़ेंगे थोड़ी सी तो आपको यह अंदाजा होगा कि जो राजा जो बादशाह होते हैं ना उनका रिश्ता सिर्फ और सिर्फ अपनी कुर्सी से होता है। असल में हुआ यह कि

09:21

Speaker A

सेवंथ सेंचुरी।

09:34

Speaker A

मुस्लिम्स थे। अब बादशाह की बड़ी जिम्मेदारी होती है, बड़ा इनसिक्योरिटी होती है कि मैं किसी भी सुरते हाल अपनी फौज को खुश कर दूं। तो उन्होंने सोचा कि मैं ऐसा क्या करूं? तब इन्होंने आप सल्लल्लाहु अलैहि वहि वसल्लम के लिए इस

09:46

Speaker A

पोएट्री को लिखा। [संगीत] बाकी अल्लाह सुभाना ताला के यहां बंदे का रिवॉर्ड इस बात पे है [संगीत] कि उसकी नियत क्या थी। अब आते हैं अपने अगले पेज पर। वाओ ये देखिए क्या खूबसूरत यहां पर केलीग्राफी की गई है। चाइनीस स्टाइल में लिखा हुआ है

10:02

Speaker A

बिस्मिल्लाहहिर्रहमानिर्रहीम होज़ अल्लाहमान। और यहां पर यह देखिए एक तस्वीर है। इस तस्वीर में हम एक दरवाजा देखते हैं। कुछ चाइनीज़ के लेटर्स लिखे हुए हैं। ऊपर लिखा हुआ है बिस्मिल्लाहहिर्रहमानिर्रहीम। और नीचे अरबी में एक इबारत लिखी हुई है।

10:19

Speaker A

मैंने एआई की मदद से इसका तर्जुमा निकाला तो इसका मतलब निकला कि साद इबने अबी वकास की कब्र की तरफ जाने वाला रास्ता। फिर जब हम दूसरे पेज की तरफ आते हैं तो यहां पर देखिए कितना खूबसूरत एक फ्लावर जैसा

10:32

Speaker A

स्टाइल बनाया गया जैसे कोई फूल हो। लेकिन जब आप बहुत गौर से देखेंगे ना तो आपको महसूस होगा कि यहां पर मोहम्मद मोहम्मद मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक [संगीत] फूल के स्टाइल में फूल की शक्ल में लिखा हुआ है। और यहां पर मुझे समझ में

10:50

Speaker A

नहीं आ रहा लेकिन यह भी कोई अरबी की इबारत ही लिखी हुई है। फिर यहां लिखा है ओरिजिन द एंबेसडर ऑफ द ग्रेट सेज। यहां पर वही वाली कहानी लिखी है जो मैंने आपको शुरू में बताई थी कि पीटर सैंडर्स जब बीजिंग

10:59

Speaker A

एयरपोर्ट पर उतरे तब [संगीत] हाजी नूरुद्दीन ने उनसे मुलाकात की और फिर उन्होंने कहा कि चलो मैं भाई आपकी हेल्प करूंगा और मैं आपके साथ इस सफर [संगीत] पर शामिल रहूंगा और फिर यह दोनों निकल पड़े उन सहाबियों की खबर को देखने के लिए जो

11:13

Speaker A

पिछले [संगीत] कई 100 हजारों सालों से वहां मौजूद है। इसके अलावा और बहुत सारी चाइना के कल्चर को कैप्चर करने के लिए। जब हम अगले पेज पर आते [संगीत] हैं तो हम देखते हैं कि एक जंगलों के दरमियान एक

11:25

Speaker A

बहुत ही जबरदस्त एक कब्र है। एक पत्थर की बनी हुई कब्र है। यहां पर अरेबिक में भी कोई इबारत लिखी हुई है। यहां पर चाइनीस में भी कोई इबारत लिखी हुई है और यहां पर एक छोटा सा नोट दिया गया है। इस इबारत में

11:38

Speaker A

क्या लिखा हुआ है कि जब इन दोनों ने उस पत्थर के दरवाजे को पार कर लिया तो इन्हें ऐसा लगा कि जैसे दुनिया का शोर अचानक से पीछे रह गया हो। और फिर [संगीत] ये एक बड़ी पुरसुकून जैसी जगह पर आ गए। यहां पर

11:49

Speaker A

लिखा है बिस्मिल्लाह रहमान रहीम या फिर ला इलाहा इल्लल्लाह मोहम्मदुर रसूल्लाह लिखा है और यह छोटे-छोटे छोटे छोटे छोटे-छोटे बादल बनाए हुए हैं। नीचे चाइनीस में भी कुछ टेक्स्ट लिखा हुआ है। [संगीत] पीटर सेंडर्स मेंशन कर रहे हैं यहां पर के जब

12:03

Speaker A

आप चाइनीस के अंदर चाइना कल्चर के अंदर आप ये देखें ना कि वहां पर छोटे-छोटे बादल बने हुए हैं। तो ये अपने आप में एक बहुत बड़े एजाज की बात होती है कि वहां बादलों को उन्होंने इनग्रेव किया है। फिर हम पेज

12:15

Speaker A

को आगे [संगीत] पलटते हैं। और अब हम क्या देखते हैं कि यहां पर एक बहुत जबरदस्त एक ब्रिज है। इसका नाम उन्होंने लिखा है द ब्रिज टू द सेक। यानी के उस साद इब्न अबी वकास की कब्र पर जाने से पहले वाले रास्ते

12:28

Speaker A

का [संगीत] एक ब्रिज है। और जब आप इस ब्रिज को पार करते हैं तो ये जो आप छोटा सा दरवाजा देख रहे हैं ना ये जो खाली जगह है इसके अंदर जब ये पहुंचते हैं तो उन्हें ये ये दरवाजा नजर आता है। [संगीत] जहां तक

12:38

Speaker A

मेरी बात समझ में आई है, जहां तक मेरी अंडरस्टैंडिंग है आर्ट को लेकर, तो मेरे ज़हन में ये बात समझ में आई कि जब आप इसको देखेंगे ना, तो इस दरवाजे के ऊपर तीन जगह गोल्डन में लिखा हुआ है। और यह सिर्फ

12:49

Speaker A

अरेबिक कैलग्राफी है। पर यह बहुत सालों से लिखी हुई है। तो शायद थोड़ी धुंधली पड़ गई है। जो अपने आप में एक इशारा है कि किस तरह से इस्लाम की इज्जत अभी भी चाइना के अंदर इतनी ऊंची है। एटलीस्ट इस जगह तो

12:59

Speaker A

इतनी ऊंची है कि अरेबिक कैलग्राफी को गोल्डन से लिखा गया है। फिर आप नीचे देखिए यहां पर एक ड्राइंग बनी हुई है जहां पर हम देखते हैं कि समुंदर बह रहा है और ऊपर छोटे-छोटे-छोटे फूल बने हुए हैं। तो जब

13:12

Speaker A

आर्ट में आप समुंदर वगैरह को देखते हैं तो जनरली वो इस बात का इशारा होता है कि या तो वो एक लंबे सफर की निशानी है या फिर एक मुश्किल सफर की निशानी है। दूरी की निशानी है और जो फूल है वो खुशी की निशानी है,

13:24

Speaker A

खुशबू की निशानी है। तो पूरी अंडरस्टैंडिंग जहां तक बनी वो यह बनी मेरी के एक शख्स जो बहुत दूर से सफर कर कर आया और जब वो सफर कर कर आया तो उसने नफरत नहीं बोई बल्कि उसने मोहब्बत बोई। उसने खुशबू

13:38

Speaker A

बोई। यह फूल उस बात का इशारा है। चलिए अब इस पेज को पलटते हैं और उन आखिरी एंबेसडर [संगीत] यानी साद इबने अब वकास की कब्र को देखते हैं। बिस्मिल्लाह ये देखिए यह है वो कब्र इसके ऊपर कुछ चादरें डाली

13:58

Speaker A

हुई है और कुछ लोग यहां पर अपना बैठ के पढ़ रहे हैं जिनको इस दुनिया के अंदर ही जन्नत की बशारत [संगीत] दी गई है और जिनके बारे में ये बात मशहूर है कि उनकी दुआ कभी खाली नहीं गई। हर बार जब उन्होंने अल्लाह

14:11

Speaker A

सुभाना ताला के आगे हाथ उठाए तो अल्लाह ने उनकी दुआओं को कबूल किया। [संगीत] और यहां कितने खूबसूरत अंदाज में चाइनीस केग्राफी में बिस्मिल्लाहहिर्रहमानिर्रहीम लिखा हुआ है। फिर जब हम इस तरह से किताब में आगे बढ़ते जाते हैं तो आपको कुछ

14:26

Speaker A

तस्वीरें दिखेंगी। यह देखिए कितनी जबरदस्त मस्जिद है। और यह जो आप मस्जिद देख रहे हैं, यह चाइना के अंदर बनने वाली पहली मस्जिद [संगीत] है। यहां पर एक लाइट टावर भी दिखाया गया है। फिर हम अगले पेज की तरफ आते हैं। और इस

14:40

Speaker A

पेज पर पीटर [संगीत] सडर्स मेंशन करते हैं कि द फर्स्ट मॉक नोन इज द लायन टेंपल। यानी के जो यह पहली मस्जिद बनाई गई, इसे शेर का घर या शेर का मंदिर कहा गया। चाइनीज़ जबान के अंदर थी यह मस्जिद ही।

14:52

Speaker A

लेकिन वो लोग इसको कहते थे कि भाई शेर टेंपल है। लाइन टेंपल है। फिर हम और आगे बढ़ते हैं और हम देखते हैं [संगीत] यहां पर कुछ और खबरें हैं। बहुत सारी यहां पे देखिए खबरें मौजूद हैं। जबरदस्त ब्यूटीफुल फोटोग्राफी।

15:10

Speaker A

कुछ इसके अंदर मैं आपको और दिखाता हूं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] यहां पर एक और तस्वीर है जहां पर हम देखते हैं कि पूरी की पूरी मस्जिद देखिए चाइना की अंदर से इस तरह से लगती है। अंदर लकड़ी

15:28

Speaker A

का काम हुआ हुआ है। और यहां पर एक तो बहुत छोटे-छोटे फोटोग्राफ किए गए हैं क्लोज ऑफ़ फोटोग्राफ। तो आप यहां देखेंगे कि उस लकड़ी के [संगीत] ऊपर कुरान की आयतों को इनग्रेव किया गया है, खोदा गया है। और

15:39

Speaker A

कमाल की बात यह है कि पीटर सेंटर यहां मेंशन कर रहे हैं कि इस मस्जिद के अंदर [संगीत] 30 पिलर्स हैं। 30 पिलर्स लगाए गए हैं। और हर पिलर के ऊपर कुरान की आयतें लिखी [संगीत] हुई हैं। जैसे जब आप मस्जिद

15:50

Speaker A

में जाते हैं तो 30 पारों ने आपको ढक लिया हो। फिर आप यहां तस्वीर देख सकते हैं। यह चाइना के बच्चों की तस्वीरें हैं। वो लोग देख रहे हैं। और जब हम आगे बढ़ते हैं, पेज पलटते हैं, तो हम देखते हैं द मेक शिफ्ट

16:04

Speaker A

एडल्ट्स स्कूल यानी के पीटर सडर्स ने देखा के टोंगजिंग निंजन करके कोई जगह है। माफ़ कीजिएगा मेरे प्रनंसिएशन के लिए। वहां पर इन लोगों ने देखा कि जब शॉप खाली होती है तो वहां पर ये औरतें अपने कुरान की तिलावत

16:18

Speaker A

करती हैं। अपने कुरान को सीखती [संगीत] हैं। ये सारी चाइनीज मुस्लिम वमेन में है। फिर हम और आगे बढ़ते हैं और हम देखते हैं मार्च टाउन टाइम बिस्मिल्लाहहिर्रहमाहीम। क्या खूबसूरत तरीके से लिखा हुआ है [संगीत] और हम देखते हैं कि वहां क्योंकि

16:31

Speaker A

चाइना में हर बच्चे को सिखाया जाता है कि भाई आपको मिलिट्री की ट्रेनिंग होनी चाहिए। तो बच्चियां यहां पर कुंगफू और मार्चिंग वगैरह सीख। मेरा ख्याल है आपने इस किताब से कुछ ना कुछ जरूर सीखा होगा। मैंने थोड़ी सी और

16:43

Speaker A

रिसर्च करी तब मुझे पता चला कि वो जो कब्र है वह असल में साद इब्न अब वकास रदी अल्लाह ताला अनो की कब्र नहीं है। साद इब्न अब वकास रदी अल्लाह ताला अनो की जो असली कब्र है वो मदीना के अंदर मौजूद है।

16:54

Speaker A

और जब मैंने थोड़ी और रिसर्च करी तब पता चला कि वो कब्र असल में इस्लाम के पहले [संगीत] एंबेसडर की कब्र है। यानी उस इंसान की कब्र है जो चाइना के अंदर पहली बार इस्लाम लेकर आए। देखिए यह बात

17:05

Speaker A

इंपॉर्टेंट नहीं है कि वो कब्र किसकी है या किसकी नहीं है। इंपॉर्टेंट [संगीत] बात यह है कि किस तरह से चाइना के अंदर इस्लाम प्रिजर्व है। हमारी आंखों [संगीत] से दूर है। लेकिन पीटर सेंटर्स की कोशिशों की वजह

17:18

Speaker A

से आज हम चाइना की मस्जिदों को भी देख पाए। वहां के बच्चों को भी देख पाए। उनके ईमान को भी देख पाए। इस खूबसूरत कैलग्राफी को भी देख पाए। जजाकुम अल्लाह खैर। आपको वीडियो कैसी लगी? प्लीज मुझे कमेंट

17:28

Speaker A

कीजिएगा। कोई कमी लगे तब भी कर दीजिएगा। इससे [संगीत] सुधार करने का मौका मिलता है। अस्सलाम वालेकुम। [संगीत]

Topics: चीन में इस्लाम साद इब्ने अबी वकास पीटर सैंडर्स हाजी नूरुद्दीन इस्लामिक इतिहास चाइनीज कैलीग्राफी मिंग डायनेस्टी टेंग सम्राट मस्जिदें चीन इस्लामिक संस्कृति

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