**BRICS Summit, Delhi PG Collapse, iPhone 18 Launch, Trump's Freebies & More😳| Sunday Show — Transcript & Summary | SozAI**
Source: https://sozai.app/transcript/brics-summit-delhi-pg-collapse-iphone18-launch-trump-freebies/

दिल्ली के पीजी कोलैप्स, ब्रिक्स समिट, iPhone 18 लॉन्च और ट्रंप के फ्रीबीज सहित प्रमुख खबरें।

## Key Takeaways

- दिल्ली में पीजी बिल्डिंग गिरने की घटना ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया।
- अवैध निर्माण और सरकारी लापरवाही से जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।
- शहरी आवासीय क्षेत्रों में बेहतर नियोजन और कड़े नियमों की आवश्यकता है।
- ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ रहा है, जो वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण है।
- तकनीकी और राजनीतिक खबरों को मनोरंजक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है।

## What the video covers

- दिल्ली के सत्यनिकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी बिल्डिंग गिरने से सात लोगों की मौत, जिसमें पांच छात्र थे।
- हादसे के कारणों में अवैध निर्माण, बेसमेंट में बिना अनुमति काम और बिल्डिंग की खराब संरचना शामिल है।
- पीजी और हॉस्टल्स में सुरक्षा मानकों की कमी और किराएदारों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा।
- दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में आवासीय बिल्डिंगों की खराब स्थिति और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति असुरक्षा।
- ब्रिक्स समिट की मुख्य बातें और रूस-चीन के बीच व्यापार विस्तार की योजना।
- iPhone 18 के लॉन्च की चर्चा और तकनीकी अपडेट।
- ट्रंप के फ्रीबीज और राजनीतिक घटनाक्रम पर हल्की-फुल्की टिप्पणी।
- शहरी योजना और आवासीय सुरक्षा के मुद्दों पर गंभीर चिंताएं।
- दिल्ली में इमरजेंसी निकासी की समस्याएं और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की स्थिति।
- सार्थक गोस्वामी का व्यक्तिगत अनुभव और दर्शकों के साथ संवाद।

## Chapters

1. 00:00 परिचय और हास्यपूर्ण शुरुआत
2. 03:39 दिल्ली पीजी बिल्डिंग गिरने की घटना
3. 06:55 पीजी और हॉस्टल्स की सुरक्षा समस्याएं
4. 10:48 शहरी आवासीय क्षेत्र की स्थिति और खतरे
5. 17:12 अन्य राजनीतिक और सामाजिक खबरें
6. 24:48 तकनीकी अपडेट और समापन

Answers

## Questions about this video

दिल्ली के सत्यनिकेतन इलाके में पीजी बिल्डिंग गिरने की मुख्य वजह क्या थी?

बिल्डिंग के बेसमेंट में बिना अनुमति के निर्माण कार्य और संरचनात्मक कमजोरियां मुख्य कारण थीं, साथ ही सरकारी लापरवाही भी शामिल थी।

पीजी और हॉस्टल्स में सुरक्षा मानकों की कमी के क्या परिणाम हो सकते हैं?

सुरक्षा मानकों की कमी से आग, भूकंप या अन्य आपदाओं में जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है, जैसा कि दिल्ली की घटना में देखा गया।

ब्रिक्स समिट में किन आर्थिक पहलुओं पर चर्चा हुई?

ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार को 70 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 100 बिलियन डॉलर तक ले जाने की योजना पर चर्चा हुई।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

नमस्कार, आदाब। दिस इज सार्थक ऑन द संडे शो। न्यूज़ की बात पता है, पहला एंटरटेनमेंट तुम मेरी थूथड़ी देख के ही लोगे। मैंने सोचा थोड़ा एक्सपेरिमेंट करूं, थोड़ा सा इटालियन बियर्ड रखूं। वीडियो बनाई, शॉट डाला, कमेंट आए। वैभव भाई ने बोला निकट चोमू लग रहे हो इस बियर्ड स्टाइल में। वेल, थैंक यू भाई। कहां से शेविंग कराया? जहां से भी कराया, दोबारा मत करवाना। [हंसी] बिल्कुल बेहूदा लग रहे हो भाई, तौबा तौबा। सारा मूड खराब हो गया। व्हाई आर यू लुकिंग लाइक औररी?

00:13

Speaker A

देखो, जितने इतने मुंह उतनी बातें। ये फालतू में तो कंटेंट पे ध्यान दो। ये मैं क्या, मैंने दाढ़ी बनाई? इस सब चीज़ पे ध्यान मत रखो। ठीक है? वैसे भी इतना भी खराब नहीं लग रहा। हमको तो अच्छा लागेला। हमको लागेला मल पचीनो। तुमको नहीं लागेला तो तू मान।

00:29

Speaker A

6 तारीख को दिल्ली के सत्यनिकेतन इलाके में एक पांच मंजिला पीजी कोलैप्स कर गया। दिल्ली के सत्यनिकेतन के पास एक इमारत गिरने की खबर आ रही है। जितने बच्चे रूम में थे, वो तो सारे दब गए हैं। किसी को अपने बच्चे की सलामती [संगीत] की जानकारी चाहिए थी, तो कोई अस्पतालों में अपनों को तलाश रहा था। बताया गया हादसे के समय बिल्डिंग में 20 से लेकर 30 लोग मौजूद थे। सात लोगों की मौत हुई, जिनमें से पांच स्टूडेंट्स थे। जब बिल्डिंग डही तो एक बच्चा मलबे में फंस गया। थैंकफुली उसके हाथ में फोन था। उसने फोन से कॉल करके, वीडियो कॉल करके अपनी हालत बचाई। उसको बचाया गया। ने अपने फोन से फोन कराया। जब वो दबे हुए थे तब उन्होंने फोन कराया। मेरे घर से 15 मिनट दूर था। मैं तुरंत पहुंचा। एंड एज ऑफ टुडे मलबा क्लियर नहीं हुआ है। कुछ अभी भी उसके अंदर हो सकते हैं। मेरी मौजूदगी है अभी सत्यनिकेतन के उस बिल्डिंग के पास जहां पर 6 सितंबर को हादसा हुआ था।

00:39

Speaker A

चार कदम की दूरी पर ही यह दिल्ली जल बोर्ड का यहां पर ऑफिस था। और यह यहां पर देखिए दिल्ली का एमसीडी का ऑफिस है। ये यहां पर देखो, मलवा जमा हुआ है। यहां पे गवर्नमेंट एंप्लाई भी बैठे होंगे और उन्हीं के सामने वो जस्ट बिल्डिंग गिरी है। यहां पर बताया जा रहा है कि पहले से इस बिल्डिंग के बारे में कंप्लेंट की गई थी। आखिरकार उस पे एक्शन क्यों नहीं लिया गया? आप वो उस छत पे देख पा रहे हैं कि वहां पर मलवा हटाया जा रहा है। हालांकि ऐसा भी कहा जा रहा है कि जो ये बिल्डिंग कोलैप्स हुई है, इसमें टिल्टेड होने की शिकायत की गई थी और उसके बाद भी यहां पर एक्शन नहीं लिया गया था।

00:56

Speaker A

जैसे गवर्नमेंट अभी करा रही है ना यह सब कंस्ट्रक्शन या तोड़ने का, इनको पहले ही कराना चाहिए। अब होता क्या है कि जब चीजें हो जाती हैं, उसके बाद ये चीजें होती हैं। अगर पहले हो जाए तो ऐसा हो नहीं। आई बिलीव ये पूरा नेक्सिस है। ये सब कोरिलेटेड है। अगर वो बोल रहे हैं कि बिना परमिशन के बेसमेंट में काम चल रहा था और उस वजह से बिल्डिंग गिरा है, तो अगर बिना परमिशन के चल रहा था आपका ऑफिस बिल्कुल सामने है, तो आप ऐसा तो है कि आप अवेयर नहीं थे। तो आप आके वो काम रुकवाते ना। तो हु ही इज़ द वन सफरिंग द स्टूडेंट्स। और फिर जो भी आउटरेज हो रहा है उसको भी रोकने की कोशिश की जा रही है। आई बिलीव दिस इज़ वैरी रोंग।

01:09

Speaker A

यहां पर भी लाइट उस समय चली गई थी। नेट नहीं आ रहा था। फोन भी चालू करके वैसे भी नहीं आता इस जगह पे, तो पर वैसे बंद कर दिया गया था। और अब देखिए कुछ ही समय बाद बोले तो 15 डेज या वन मंथ के बाद ये सब नॉर्मल हो जाएगा। यह बात आप तक शायद ना पहुंची हो, पर यह जरूर पहुंचा होगा कि एनडीआरएफ और अस्पताल की एंबुलेंस से पहले घटनास्थल पर ब्लिंकिट की एंबुलेंस पहुंच गई। कैपिटलिज्म जस्ट बीट सोशलिज्म। अब बिल्डिंग क्यों गिरी? आप एक अंदाजा लगाओ। मैं बता देता हूं सच है।

01:18

Speaker A

एक दो फ्लोर्स के लिए सेंशंड थी, लेकिन पास में डीयू का कॉलेज था तो बहुत सारे बच्चे मतलब पीजी बना के पैसे कमाए जा सकते थे, तो तीन फ्लोर, अरे और बच्चे चार और पांच एक काम करते हैं। बेसमेंट में भी दुकान खोल देते हैं। एक नीचे की दीवार टूटी, ऊपर की सारी टूट गई। बाद में पुलिस ने बिल्डिंग ओनर और पीजी ऑपरेटर को अरेस्ट कर लिया। मेरा ही कोर्स लाइफ साइंसेस का है। उसमें 200 प्लस बच्चे हैं। तो हमारे कॉलेज में मुश्किल से लाइक 10, हार्डली 10 सीट्स होंगी हॉस्टल्स में। तो ऑब्वियसली सारे बच्चों को इधर-उधर जाना पड़ेगा।

01:28

Speaker A

आई एम फ्रॉम लखनऊ। मेरे को भी मैनेज करना पड़ रहा है। सो इट्स वेरी डिफिकल्ट टू अफोर्ड। कैसी हालत है पीजी और फ्लैट्स की यहां पर?

01:46

Speaker A

ठीक है। मतलब जितना रेंट लेते हैं, उस हिसाब से फैसिलिटीज नहीं है। बस वही है प्रॉब्लम। नो वैल्यू फॉर मनी। ओनर्स भी उतना ध्यान नहीं देते। एंड लैंड लॉर्ड्स भी मतलब कुछ हमें खुद ही करना पड़ता है, ऐसा बेसिकली सब कुछ। सो आई फील [संगीत] लाइक दे आर रियली रियली ग्रीडी। बिकॉज़ इवन इफ दे आर टेकिंग सो मच मनी, दे डोंट फील रेस्पोंसिबल फॉर अस। दे डोंट फील अकाउंटेबल टू अस। कुछ प्रॉब्लम हो जाता है। अह दे डोंट इवन टॉक प्रोपरली। इवन आफ्टर लाइक शिफ्टिंग वी हेड सो मच इशूज़ एंड दे जस्ट ब्लॉक अस। वन्स योर टेन्योर इस कंप्लीटेड अ एंड इफ यू आस्क फॉर सिक्योरिटी मनी, दे विल डिटक्ट लाइक इन न्यूमरस अमाउंट्स एंड देन इफ यू क्वेश्चन देम, यू विल गेट ब्लॉक्ड।

02:01

Speaker A

अब यूजुअली जो पीजी हॉस्टल होते हैं, ये कमर्शियल प्रॉपर्टी है। इसको बनाने के लिए पहले आपको क्लीयरेंसेस लेने पड़ते हैं। स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाने पड़ते हैं। फायर सेफ्टी इवैक्यूएशन प्लान क्लियर करने पड़ते हैं। वरना इसके पहले आपको याद हो दिल्ली में ही एक रेस्टोरेंट में आग लगी थी। लोग ऊपर ही दब के जिंदा जल गए, उनको कहीं बाहर जाने का रास्ता ही नहीं मिला था। यह सब कराना पड़ता है। पर ज्यादातर लोगों ने नहीं करवाया है। कराना चाहिए, बिल्कुल कराना चाहिए। ज्यादातर लोग नहीं कराते हैं क्योंकि कोई नहीं कराता है। क्या रूल्स रेगुलेशन है, वो बाद की बात।

02:25

Speaker A

एक रिपोर्ट बताता हूं। दिल्ली से ज़ोन फोर में आता है। मतलब अर्थक्वेक प्रोन एरिया है। इस एरिया में अगर भूकंप आया तो से 7.5, 7.8 तो छोड़ दो। पांच से लेकर छह मैग्नीट्यूड का भी आ गया ना। तो एक सर्वे में पाया गया था कि दिल्ली की लगभग 90 लाख बिल्डिंग हैं जो उस भूकंप को झेल नहीं पाएंगी। अगर कोई अर्थक्वेक आया, तो कितनी बिल्डिंग ढहेंगी, कितने लोग मलबे में दबेंगे, कितनी जान माल का नुकसान होगा? सोच के भी खौफ लगता है।

02:41

Speaker A

उसी के जस्ट थोड़ा सा आगे आकर यह इधर जा रहे हैं और यहां पर आप देखोगे कि ये इतनी पतली गली है। यहां पर मैं ऐसे पूरे मतलब कि ऐसे पूरे हाथ नहीं फैला सकती हूं। इतना ही खुल रहे हैं। अगर यहां पर कुछ भी हादसा होता है, आग लग जाए या फिर कुछ और हादसा हो जाए तो यहां पर कोई मदद की गुहार भी नहीं आ पाएगी और ना मदद करने के लिए कोई आ पाएगा।

02:52

Speaker A

यहां पे एंट्रेंस है। आप [संगीत] देख सकते हो कि बच्चे किस तरह से यहां पर आना-जाना कर रहे होंगे। यह तार [संगीत] देखो कि कैसे गोले बना बनाकर सर्कल बना बनाकर यहां पर इकट्ठे कर रखे हैं। यहां पर चिंगारी होने की जरूरत है। फिर आग पूरी फैलने में कोई देर नहीं लगेगी। इसको देखो कितनी पतली यह सीढ़ी बनी हुई है। अगर इमरजेंसी में कोई बाहर आना चाहे तो इसमें कैसे कोई जल्दी-जल्दी में आएगा या जाएगा।

03:03

Speaker A

अब क्या हुआ अगर आपको मैं बोलूं कि दिल्ली की एक कॉलोनी की एक बिल्डिंग में जो हुआ वो हर कॉलोनी और हर बिल्डिंग में हो रहा है। दिल्ली राजधानी है, वहां आसपास के शहरों से लोग काम करने आते हैं। डीयू भी वहीं हैं, सारे मंत्रालय भी वहीं हैं। तो बहुत सारे आसपास के शहर से लोग वहां पे एस टेनेंट्स बन के आते हैं। तो जो लोग रह रहे हैं उनको किराए की अपॉर्चुनिटी दिखती है। तो ये शहर का नहीं, मैं तो कहूंगा पूरे एनसीआर का। आप गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा भी ले लो। हर कॉलोनी का हर दूसरा घर चार या पांच मंजिल तक खिंचा हुआ है। जितना बेस पर उठाया जा सकता है उससे एक मंजिला एक्स्ट्रा ही [संगीत] बनाया जाता है। ऊपर का जो कबाड़ का स्टोर होता है ना, उसमें भी दरवाजा एसी लगा के उसमें किराएदार घुसेड़ देते हैं। ऐसे [संगीत] ही पूरी दिल्ली बनी हुई है।

03:14

Speaker A

एक अर्बन प्लानिंग एक्सपर्ट के एस्टीमेट के मुताबिक जिस रेसिडेंशियल बिल्डिंग में रफ्ली 18 लोग रहने के हिसाब से कैपेसिटी हो, ऐसी बिल्डिंग में 40 से 60 किराएदार तक हो जाते हैं। ऑन पेपर बिल्डिंग रेजिडेंशियल है, लेकिन अंदर मिनी हॉस्टल खुले होते हैं। पहले जो घर हुआ करते थे, उनपे फ्लोर पे फ्लोर, हर फ्लोर पे कई सारे कमरे, हर कमरे में डबल शेयरिंग, ट्रिपल शेयरिंग और जो पांचवें माले पर टंगा हुआ है, उसे पहले दूसरे माले की बेस का कोई आईडिया नहीं है। सब डर गए हैं कि भैया अगला नंबर हमारी बिल्डिंग का तो नहीं है। इसलिए वहां से लोग अब पलायन कर रहे हैं।

03:28

Speaker A

इस हांसे के बाद ऐसा घर से प्रेशर आया कि अब आप लोग हां, घर वाले बोल रहे थे फर्स्ट टू थ्री डेज दे केप्ट टेलिंग मी लाइक आई थिंक यू शुड रिटर्न आसाम में ही पढ़ लो, कहीं पे वहां पे पढ़ लो। मेरे तो कुछ दोस्त लोग चले भी गए, लाइक दे लेफ्ट कॉलेज, दे लेफ्ट द एरिया। एवरीवन इज वरीड, वी आर आल्सो वरीड, बट अगेन ऐसा लगता है कि कब तक, मतलब हाउ मच विल वी रन, क्योंकि वहां पे भी ऐसा नहीं है कि वहां पे भी इट्स नॉट द बेस्ट कंडीशंस, कोई स्पेस नहीं है, बट वही है ना स्टूडेंट एरिया यहां पे ऐसे ही आपको मिलेगा, मिलेगा एंड दे नो बच्चे कहां ही जाएंगे। सो दे आर जस्ट एक्सप्लइटिंग अस।

03:39

Speaker A

अब घटना कब हुई? कैसे हुई? आपको पता है?

03:50

Speaker A

घटना के बाद क्या हुआ? वो सुनो। पास में ही ऐसी एक गर्ल्स पीजी था। उसकी बिल्डिंग भी ऐसी जजर थी। बच्चों को इवाकुएट किया। बिल्डिंग डाल दी गई। डीयू कॉलेजेस ने स्टूडेंट्स के लिए टेंप...

04:02

Speaker A

फ्रॉम लखनऊ। मेरे को भी मैनेज करना पड़ रहा है। सो इट्स वेरी डिफिकल्ट टू अफोर्ड। कैसी हालत है पीजी और फ्लैट्स की यहां पर?

04:08

Speaker A

ठीक है। मतलब जितना रेंट लेते हैं उस हिसाब से फैसिलिटीज नहीं है। बस वही है प्रॉब्लम। नो वैल्यू फॉर मनी। ओनर्स भी उतना ध्यान नहीं देते। एंड लैंड लॉर्ड्स भी मतलब कुछ हमें खुद ही करना पड़ता है ऐसा बेसिकली सब कुछ। सो आई फील [संगीत]

04:21

Speaker A

लाइक दे आर रियली रियली ग्रीडी। बिकॉज़ इवन इफ दे आर टेकिंग सो मच मनी। दे डोंट फील रेस्पोंसिबल फॉर अस। दे डोंट फील अकाउंटेबल टू अस। कुछ प्रॉब्लम हो जाता है। अह दे डोंट इवन टॉक प्रोपरली। इवन आफ्टर लाइक शिफ्टिंग वी हेड सो मच इशूज़

04:34

Speaker A

एंड दे जस्ट ब्लॉक अस। वन्स योर टेन्योर इस कंप्लीटेड अ एंड इफ यू आस्क फॉर सिक्योरिटी मनी दे विल डिटक्ट लाइक इन न्यूमरस अमाउंट्स एंड देन इफ यू क्वेश्चन देम यू विल यू विल गेट ब्लॉक्ड। अब यूजुअली जो पीजी हॉस्टल होते हैं ये

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Speaker A

कमर्शियल प्रॉपर्टी है। इसको बनाने के लिए पहले आपको क्लीयरेंसेस लेने पड़ते हैं। स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाने पड़ते हैं। फायर सेफ्टी इवैक्यूएशन प्लान क्लियर करने पड़ते हैं। वरना इसके पहले आपको याद हो दिल्ली में ही एक रेस्टोर में आग लगी थी। लोग ऊपर

04:58

Speaker A

ही दब के जिंदा जल गए उनको कहीं बाहर जाने का रास्ता ही नहीं मिला था। यह सब कराना पड़ता है। पर ज्यादातर लोगों ने नहीं करवाया है। कराना चाहिए बिल्कुल कराना चाहिए। ज्यादातर लोग नहीं कराते हैं क्योंकि कोई नहीं कराता है। क्या रूल्स

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Speaker A

रेगुलेशन है वो बाद की बात। एक रिपोर्ट बताता हूं। दिल्ली से ज़ोन फोर में आता है। मतलब अर्थक्वेक प्रोन एरिया है। इस एरिया में अगर भूकंप आया तो से 7.5 7.8 तो छोड़ दो। पांच से लेके छह मैग्नीट्यूड का भी आ

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Speaker A

गया ना। तो एक सर्वे में पाया गया था कि दिल्ली की लगभग 90 लाख बिल्डिंग हैं जो उस भूकंप को झेल नहीं पाएंगी। अगर कोई अर्थक्वेक आया, तो कितनी बिल्डिंग ढहेंगी, कितने लोग मलबे में दबेंगे, कितनी जान माल

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Speaker A

का नुकसान होगा? सोच के भी खौफ लगता है। उसी के जस्ट थोड़ा सा आगे आकर यह इधर जा रहे हैं और यहां पर आप देखोगे कि ये इतनी पतली गली है। यहां पर मैं ऐसे पूरे मतलब कि ऐसे पूरे हाथ नहीं फैला सकती हूं। इतना

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Speaker A

ही खुल रहे हैं। अगर यहां पर कुछ भी हादसा होता है, आग लग जाए या फिर कुछ और हादसा हो जाए तो यहां पर कोई मदद की गुहार भी नहीं आ पाएगी और ना मदद करने के लिए कोई आ

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Speaker A

पाएगा। यहां पे एंट्रेंस है। आप [संगीत] देख सकते हो कि बच्चे किस तरह से यहां पर आना-जाना कर रहे होंगे। यह तार [संगीत] देखो कि कैसे गोले बना बनाकर सर्कल बना बनाकर यहां पर इकट्ठे कर रखे हैं। यहां पर

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Speaker A

चिंगारी होने की जरूरत है। फिर आग पूरी फैलने में कोई देर नहीं लगेगी। इसको देखो कितनी पतली यह सीढ़ी बनी हुई है। अगर इमरजेंसी में कोई बाहर आना चाहे तो इसमें कैसे कोई जल्दी-जल्दी में आएगा या जाएगा। अब क्या हुआ अगर आपको मैं बोलूं कि दिल्ली

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Speaker A

की एक कॉलोनी की एक बिल्डिंग में जो हुआ वो हर कॉलोनी और हर बिल्डिंग में हो रहा है। दिल्ली राजधानी है वहां आसपास के शहरों से लोग काम करने आते हैं। डीयू भी वहीं हैं, सारे मंत्रालय भी वहीं हैं। तो

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Speaker A

बहुत सारे आसपास के शहर से लोग वहां पे एस टेनेंट्स बन के आते हैं। तो जो लोग रह रहे हैं उनको किराए की अपॉर्चुनिटी दिखती है। तो ये शहर का नहीं मैं तो कहूंगा पूरे एनसीआर का। आप गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा

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Speaker A

भी ले लो। हर कॉलोनी का हर दूसरा घर चार या पांच मंजिल तक खिंचा हुआ है। जितना बेस पर उठाया जा सकता है उससे एक मंजिला एक्स्ट्रा ही [संगीत] बनाया जाता है। ऊपर का जो कबाड़ का स्टोर होता है ना उसमें भी

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Speaker A

दरवाजा एसी लगा के उसमें किराएदार घुसेड़ देते हैं। ऐसे [संगीत] ही पूरी दिल्ली बनी हुई है। एक अर्बन प्लानिंग एक्सपर्ट के एस्टीमेट के मुताबिक जिस रेसिडेंशियल बिल्डिंग में रफ्ली 18 लोग रहने के हिसाब से कैपेसिटी हो ऐसी बिल्डिंग में 40 से 60

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Speaker A

किराएदार तक हो जाते हैं। ऑन पेपर बिल्डिंग रेजिडेंशियल है लेकिन अंदर मिनी हॉस्टल खुले होते हैं। पहले जो घर हुआ करते थे उनपे फ्लोर पे फ्लोर, हर फ्लोर पे कई सारे कमरे, हर कमरे में डबल शेयरिंग, ट्रिपल शेयरिंग और जो पांचवें माले पर

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Speaker A

टंगा हुआ है, उसे पहले दूसरे माले की बेस का कोई आईडिया नहीं है। सब डर गए हैं कि भैया अगला नंबर हमारी बिल्डिंग का तो नहीं है। इसलिए वहां से लोग अब पलायन कर रहे हैं। इस हांसे के बाद ऐसा घर से प्रेशर आया कि

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Speaker A

अब आप लोग हां घर वाले बोल रहे थे फर्स्ट टू थ्री डेज दे केप्ट टेलिंग मी लाइक आई थिंक यू शुड रिटर्न आसाम में ही पढ़ लो कहीं पे वहां पे पढ़ लो मेरे तो कुछ दोस्त लोग चले भी गए लाइक दे लेफ्ट कॉलेज दे

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Speaker A

लेफ्ट द एरिया एवरीवन इज वरीड वी आर आल्सो वरीड बट अगेन ऐसा लगता है कि कब तक मतलब हाउ मच विल वी रन क्योंकि वहां पे भी ऐसा नहीं है कि वहां पे भी इट्स नॉट द बेस्ट कंडीशंस कोई स्पेस नहीं है बट वही है ना

08:11

Speaker A

स्टूडेंट एरिया यहां पे ऐसे ही आपको मिलेगा मिलेगा एंड दे नो बच्चे कहां ही जाएंगे। सो दे आर जस्ट एक्सप्लइटिंग अस। अब घटना कब हुई? कैसे हुई आपको पता है?

08:18

Speaker A

घटना के बाद क्या हुआ वो सुनो। पास में ही ऐसी एक गर्ल्स पीजी था। उसकी बिल्डिंग भी ऐसी जजर थी। बच्चों को इवाकुएट किया। बिल्डिंग डाल दी गई। डीयू कॉलेजेस ने स्टूडेंट्स के लिए टेंपरेरीली अपने कैंपसेस ओपन किए। कॉलेज अनाउंस किया कि

08:29

Speaker A

हॉस्टल कैपेसिटी 5 से बढ़ा के 12,500 की जाएगी। सरकार स्ट्रक्चरल ऑडिट करेगी। वेक इन डीडीए, एमसीडी प्रॉपर्टीज को स्टूडेंट हाउसिंग में कन्वर्ट करने का ऑप्शन देख रही है। डिजास्टर होने के बाद एक स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स बनेगी और दिल्ली

08:42

Speaker A

गवर्नमेंट ने एक पीजी रेगुलेशन एंड सेफ्टी बिल प्रपोज किया है। जिसके अंतर्गत हर पीजी को लाइसेंसेस और पुलिस क्लीयरेंसेस लेने होंगे। ये सब करवाने के बाद पीजी को एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा और गवर्नमेंट पीजी नाम का एक पब्लिक पोर्टल होगा जहां

08:55

Speaker A

कौन सा पीजी इसमें कितने बच्चे रह रहे हैं। ये सारी डिटेल्स पब्लिकली अवेलेबल होंगी। आप ये जो सामान देख रहे हैं ये कंबल, कटोरा, बुक्स, बैग्स, तकिया, शूज ये उन बच्चों का सामान है जिन्होंने अपनी लाइफ सैक्रिफाइस की है।

09:19

Speaker A

कमिश्नर मुर्दाबाद मुर्दाबाद मुर्दाबाद। कमिश्नर मुर्दाबाद [संगीत] मुर्दाबाद मुर्दाबाद। एक बात यहां पे समझने वाली है कि आप जब वहां से नजर वहां तक लेकर जाएंगे तो आपको पता चलेगा कि ये जो स्टूडेंट्स के लिए प्रोटेस्ट कर रहे हैं ये ग्रुप्स में कर

09:42

Speaker A

रखे हैं। छोटे-छोटे ग्रुप्स में कर रखे हैं। क्या इनकी मांगे अलग-अलग हैं? यह तो इनसे बात करके ही पता चलेगा। किसी भी छात्र को मलबे के नीचे दबकर मरकर इस सिस्टम को एक्टिवेट करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। आज जिन छात्रों ने अपनी

10:00

Speaker A

जान खोई दिल्ली यूनिवर्सिटी का एडमिनिस्ट्रेशन एमसीडी दिल्ली की सरकार और रेंट माफिया इन सबका गठजोड़ इनकी नाकामी इनकी संवेदनशीलता इनकी प्रॉफिट मशीन और इनके फेलियर [संगीत] की कीमत चुकाई है। छात्रों ने जिन्हें मौत के घाट उतार दिया गया है और एक आंकड़ा भी दर्ज

10:23

Speaker A

नहीं हो रहा है। एमसीडी जो कमिश्नर है उसको इस्तीफा देना चाहिए और जो आज दिल्ली के अंदर जो इस तरह के पीजी बने हुए हैं जो क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में है उनकी जांच सरकार को करनी चाहिए और इस प्रकार के

10:37

Speaker A

जो बिल्डिंग बने हुए हैं जो भवन बने हुए हैं जिनके अंदर विद्यार्थियों की सुरक्षा से समझौता ये सरकार करने का काम कर रही है उन पर कार्यवाही होनी चाहिए और ये धीरे-धीरे विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ताओं का कारवा बढ़ता जा रहा है हम

10:48

Speaker A

धरने पर बैठे रहेंगे जब तक ये एमसीडी कमिश्नर इस्तीफा नहीं दे देता सरकार जानती है यूनिवर्सिटी जानती है क्यों नहीं जरूरतमंद छात्रों [संगीत] के लिए हर साल सेफ सब्सिडाइज्ड सिक्योर हॉस्टल्स बनाए जाते क्यों नहीं रेंट रेगुलेशन होता पूरी दिल्ली में हर साल

11:05

Speaker A

क्योंकि रेंट माफिया सरकार का एमसीडी का दिल्ली विश्वविद्यालय का इतना सगा है कि छात्रों और युवाओं की जिंदगी इन्हें बहुत सस्ती लगती है। आज हमारी यह पहली मांग ही यही है कि दिल्ली सरकार को एमसीडी प्रशासन को उन

11:21

Speaker A

भवनों की जांच करानी चाहिए। जितने भी पीजीस हैं, जितने भी हॉस्टल्स हैं और जो गलियों की बात कर रहे हैं, मैं भी घूम के आया। बहुत सकड़ी-सगड़ी गलियां हैं। बेसमेंट के अंदर पार्किंग नहीं है, पार्किंग की व्यवस्था बना रखी है। बेसमेंट

11:32

Speaker A

के अंदर रूम भी बना रखे हैं। ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को नहीं रखना चाहिए। आज विद्यार्थी के मन में प्रश्न है और हमारी दोनों मांग है। सरकार को ऐसे हॉस्टल्स, ऐसे पीजी चिन्हित करके उनको ध्वस्त करना चाहिए और जो दूस प्रशासन है दिल्ली

11:44

Speaker A

विश्वविद्यालय को और हॉस्टल आवंटित करने चाहिए। हाल ही में दिल्ली में ब्रिक्स समिट हुआ। ब्रिक्स बिहार नहीं नहीं ब्राजील [हौसला बढ़ाने की आवाज़] बंगाल भी बोल सकता था मैं साले को ब्रिक्स होता है बिटवीन द कंट्रीज इट गॉट इट्स

12:02

Speaker A

इनिशियल फ्रॉम व्हिच आर ब्राजील रशिया इंडिया चाइना एंड साउथ अफ्रीका नई दिल्ली में इन सारे देश के लीडर्स प्रधानमंत्री मोदी से मिले है ना खासकर शी जिंगपिंग शी भाई तो सात साल बाद मिले अच्छा आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट पता है एक बार किसी इंडिया के

12:15

Speaker A

किसी एंकर ने शी को 11 जिंगपिंग पढ़ दिया था उसको नौकरी से निकाल दिया बट आई थिंक दैट स्टिल बेटर देन नॉट बीइंग एबल टू रिकॉग्नाइज बेसिक एआई स्लॉप। हेलो प्रभु चावला। अब ये ब्रिक्स होता क्यों है? एक

12:26

Speaker A

तो जो वर्ल्ड इकॉनमी पे या ग्लोबल इकॉनमी पे जो वेस्टर्न कंट्रीज का कंट्रोल है ना उसका अल्टरनेट डिस्कस करने के लिए होता है। मेजर एजेंडा इज़ डीडोलराइजेशन कि वर्ल्ड ओवर जो ट्रेड होता है वो डॉलर के टर्म्स में होता है। आप डॉलर को हटा के कि

12:38

Speaker A

हम दूसरी करेंसी ला सकते हैं या हर देश अपनी इंडिविजुअल करेंसी में ट्रेड कर सकता है। फिलहाल ब्रिक्स में इन पांच के अलावा और भी कंट्रीज हैं व्हिच आर इजिप्ट, इथोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरेबिया एंड यूएई। ये 11 कंट्रीज मिला के दुनिया

12:52

Speaker A

की 50% पॉपुलेशन, 40% जीडीपी और 26% ग्लोबल ट्रेड रिप्रेजेंट करती हैं। बॉस यहां मोदी ने शी से हाथ मिलाया। ट्रम्प ने पैंट में मूत दिया बॉस। रिस्क समिट हर साल होता है। इस साल का होस्ट इंडिया है और

13:05

Speaker A

उसके लिए दिल्ली को दुल्हन की तरह सजाया और दुल्हन की तरह सजाया तो थोड़ा पर्दा वर्दा भी करना पड़ा। बहुत क्रिटिसिज्म हुआ कि भैया इस इवेंट के लिए आपने स्लम्स ढक दिए। अरे भाई थोड़ा पॉजिटिव देखो। स्लम्स तो ढक दिए पर उसके साथ-साथ रोड कितनी

13:18

Speaker A

अच्छी बन गई। [संगीत] पुलिसिंग बढ़ गई। ट्रैफिक ढंग से चलने लगा। कुछ ही दिन के लिए सही। थोड़ा अभी बना के चल रहे हैं। आगे बहुत बोलना है। इस साल समिट का बिगेस्ट आउटकम है द डेली डिक्लेरेशन। अगर

13:27

Speaker A

आप इंटरनेशनल ऑर्डर की बात करो तो ईरान, यूएई आजकल बहुत ज्यादा मतलब एंटी चल रही है उनकी। फिर भी [संगीत] वो एक साथ एक टेबल पे आए हैं। उसके अलावा भी इकोनमिक साइट पे फोकस करो। आपस में ट्रेड बढ़ाओ,

13:37

Speaker A

लोकल करेंसीज का यूज़ बढ़ाओ, पेमेंट सिस्टम्स को कनेक्ट करो। ये सारी बातें हुई। अब डॉलर की कोई अल्टरनेट करेंसी तो इस बार नहीं हुई है बट सारी कंट्रीज के बीच में एक ब्रिक्स पे काम हो रहा है कि

13:46

Speaker A

भाई हम आपस में क्या कोई करेंसी चूज़ कर सकते हैं जिसप हम बात करें और ट्रंप ना ज्यादा हवा में उड़ रहा है डॉलर यूज़ नहीं करेंगे आपस में अपन कोई करेंसी यूज़ कर सकते हैं क्या शी भाई तुम ठीक क्या कह रहे

13:56

Speaker A

हो आप आप क्या कह रहे हो भाई हां क्या वो पुतिन यार तुम पहले यार वो यूक्रेन का वॉर खत्म करो यार तुमने दिमाग का खराब कर रखा है मतलब ऐसे नहीं बोला होगा लेकिन यही बोला है एंड इंडो रशिया रिलेशन अभी इंडिया

14:07

Speaker A

और रशिया के बीच में 70 बिलियन डॉलर का ट्रेड होता है जो बोला है कि 2030 तक उसको 100 बिलियन तक ले जाने का प्लान है। और ब्रिक्स की क्या हाईलाइट रही खत्म हो जाने दो मिड वीक में बताते हैं। बहुत मजाक

14:17

Speaker A

उड़ाया था जब कंगना ने बोला था कि वो आजादी नहीं थी वो भीख थी और जो आजादी मिली है 2014 में मिली थी सच कह रही थी वो प्रूफ है मेरे पास है। एक सोशल मीडिया पोस्ट पे ये किताब दिखी एनसीईआरटी की नहीं है तो

14:31

Speaker A

चिंता मत करना आपके बच्चे नहीं पढ़ रहे हैं। एक चैप्टर है इसमें जिसमें लिखा गया था फ्रीडम फाइटर कोर्ट्स एंड स्लोगंस महात्मा गांधी डू और डाई हे राम सुभाष चंद्र बोस गिव मी फ़ूड गिव मी नहीं वो [रोने की आवाज़] तो गिव मी फूड किसने बोला

14:45

Speaker A

था? वो तो पाकिस्तान में किसी ने बोला होगा। सुभाष चंद्र बोस गिव मी ब्लड आई विल गिव यू फ्रीडम। जवाहरलाल नेहरू आराम हराम है। एंड नरेंद्र मोदी मैं भी चौकीदार। हां नरेंद्र मोदी द फ्रीडम फाइटर। कमेंट सेक्शन में मजाक नहीं कर रहे। डिबेट कर

15:00

Speaker A

रहे हैं उस चीज को। क्या बात कर रहा है? कोई कह रहा है कि एक नहीं दो नारे दिए थे। मैं भी चौकीदार और मैं भी चंदा चोदो। आजादी चाय पिला के दिलाई थी। हां फालतू में कहते कि भाई

15:08

Speaker A

गांधी जी ने लठ से कुछ नहीं किया ना लट से केतनी से मिली थी आजादी हमें। हंसना और रोना दोनों एक साथ आ रहा है मुझे। ये तो लेटेस्ट स्लोगन है। आप घोड़ों के इसमें पिटवाओगे क्या भाई? ना मोदी काम।

15:18

Speaker A

ऐ सफेद कपड़ा। मैं तो भगवा पहन रहा हूं। ये है अशफाक हिंदुस्तानी। इसकी बुद्धि पकड़ो। चलाओ बुलडोजर। और मैं तो यह कहता हूं कि मोदी जी फ्रीडम फाइटर हैं। जैसे सरदार वल्लभ भाई पटेल ने रियासतों को जोड़ के देश

15:30

Speaker A

बनाया था ना। मोदी जी ने अपोजिशन एमएलए जोड़ के सरकारें बनाई है भाई ऑब्जेक्टिव अलग है प्रोसेस तो सेम फॉलो हुआ इस बात का आप उनको क्रेडिट दोगे कि नहीं दोगे मुझे क्रेडिट नहीं चाहिए और तुम बोलोगे ये क्या कोई लॉजिक की बात

15:40

Speaker A

हुई मैं कैसे मान लूं भाई तुमको मैं अभी फिर से इनको फोटो दिखाओ चैप्टर का नाम देखो तुम चैप्टर 56 पीक डिटेलिंग बाय आदित्यधार अब तुम्हें और भी ज्यादा अगर लॉजिक और रीज़न चाहिए तो धरंधर 3 में बता

15:50

Speaker A

देंगे। अच्छा इसी बीच राघव चड्डा की एक क्लिप वायरल हुई है। अब आपको पता है कि राघव चड्डा जो उनको पंजाब वोटर लिस्ट से नाम हटा दिया था। तो लोगों ने बोला यार आप तो एमपी हो। आपके साथ ऐसा क्यों हुआ? तो

16:00

Speaker A

उन्होंने बोला आपने ही किया। कि आम आदमी पार्टी की हालत उस एक्स गर्लफ्रेंड जैसी है जिसे बॉयफ्रेंड डंप कर कर आगे निकल गया है। मूव ऑन कर गया जिंदगी में। चलो मतलब मान गए कि डंप तो किया ना। चलो

16:12

Speaker A

इतना तो एक्सेप्ट कर दिया। लेकिन आज वो अभी भी मेरे इश्क में मेरे प्यार में पागल हैं। प्यार में पागल हैं क्या? परिनीति की सौतन केजरीवाल फर्स्ट इन माय ब्लड लाइन टू से दिस। मुझे उनकी चिंता है कि किसी दिन दिल

16:25

Speaker A

जले आशिक की तरह मेरी याद में अपनी नसे ना काट ले वो। मुझे उनकी बड़ी चिंता रहती है। ठीक कहते कहते खुद हंसते-हंसते भाग गया उसको। बड़ा मजा है। उसने बोलते उसे लगा बड़ी फनी लाइन बोलती है। देखिए जरा एंड

16:37

Speaker A

में बोलते बोलते खुद हंस दिया। मुझे उनकी बड़ी चिंता रहती है। [हंसी] अरे ऐसा मत बोलो यार केजरीवाल जी हाथ-वात काट लेंगे। अगर वो हाथ काट लेंगे तो झाड़ू कैसे लगाएंगे?

16:50

Speaker A

जितने भी लड़के बोलते हैं ना कि लड़कियां गोल्ड डिगर होती है। अबे चुप लड़के भी होते हैं। पैसे दे पैसे दे। कहानी है वड़ोदरा की श्रेया और उसके बॉयफ्रेंड दीपक की। दोनों एक दूसरे से चोरी-चोरी प्यार करते थे। एंड व्हेन आई से

17:01

Speaker A

चोरी-चोरी आई मीन इट। इन दोनों को घूमना फिरना था, डेट्स बजाना था पर पैसे नहीं थे। तो मैडम ने अपने रिलेशनशिप का भारी एक्सपेंस कवर करने के लिए अपने बड़े पापा का लॉकर हल्का कर दिया। अपने अंकल के घर

17:12

Speaker A

से 5 लाख के जेवरात चुरा लिए। और फिर दोनों निब्बा निब्बी घूमे फिरे खाए पिए। लेकिन फिर घर वालों को लगा कि यार हमारे यहां पे चोरी हो गई है। ये कंप्लेंट लिखाने पता नहीं कहां माउंट आबू निकल गई।

17:24

Speaker A

उनको शक हुआ। उन्होंने पुलिस में कंप्लेंट की। पुलिस ने तफ्तीश करी और फिर अगला डेट इनका थाने में मना। अब बताओ चोरी लड़की ने की लेकिन मुंह लड़के का दिखा दिया। व्हाट इज दिस यार? अनफेयर। और जब से यह खबर

17:35

Speaker A

सामने आई है, पूरे बॉयफ्रेंड समाज में हर्षोल्लास की लहर। मेरी वाली तो मेरे से रिचार्ज भी करवाती है। अरे कम से कम तुम्हारी वाली रिचार्ज तो देती है। मेरी वाली ने तो धोखे के अलावा कुछ नहीं दिया। ऐसा क्या गुनाह किया तो लुट गए।

17:49

Speaker A

यार ये कितनी ऑसम है। अबे ये नारी नहीं देवी है। फिर वही बात ये जो गरीब हो ना ये यो साला अपनी [संगीत] आदत से गरीब हो। एंड लड़कियों प्लीज टेक नोट्स। मैं बॉयफ्रेंड समाज की तरफ से बोलना चाहता हूं

18:02

Speaker A

कि दिस इज नाउ द बेयर मिनिमम। और लड़कों अगर तुम्हें डेट पे ले जाने के लिए अगर वह इतना नहीं कर रही ना, शी डजंट डिजर्व यू किंग। शर्म आ गई। आफ्टर ऑल इफ शी वांटेड टू, शी कुड। अगली

18:16

Speaker A

न्यूज़ उनके बारे में जो वैसे तो न्यूज़ बनाते हैं लेकिन आज खुद न्यूज़ बन गए हैं। 12 तारीख का द हिंदू अखबार का फ्रंट पेज। व्हाट इज डेरा सच्चा सौदा? फैक्ट्स वर्सेस फिक्शन। 12 तारीख के अपने एडिशन में द

18:30

Speaker A

हिंदू और दैनिक भास्कर अखबार ने एक फुल फ्रंट पेज ऐड छापा है फॉर डेरा सच्चा सौदा गुरमीत राम रहीम इंसान अब कौन है क्या है राम रहीम हरियाणा का एक गॉडमैन है इन द लॉन्ग लिस्ट ऑफ आसाराम रामपाल इन सबके नाम

18:48

Speaker A

में राम होता है और आइरोनिकली किसी के रिलीजियस सेंटीमेंट हर्ट नहीं होते राम रहीम के खिलाफ कई सारे सीरियस क्रिमिनल केसेस चले हैं व्हिच इंक्लूड्स फोर्सशन और केस में तो कन्विक्ट होने के बाद वो जेल में सजा भी काट रहा है। एलगेशन

19:02

Speaker A

नहीं कन्विक्ट। इनफैक्ट 2017 में जब पुलिस अरेस्ट करने आई थी तो हरियाणा में दंगे भड़क गए थे। कई सारे लोगों की जान गई थी। और आप हमारा जुडिशियल लॉ सिस्टम देखो कि इतना विख्यात कुख्यात होने के बाद भी टाइम

19:13

Speaker A

पे परोल मिलती रहती है। अब वो हिंदू अखबार जो पहले राम रहीम के खिलाफ चल रहे केसेस के बारे में, उसको मिल रही परोल के बारे में, उसके पॉलिटिकल कनेक्शंस के बारे में लिखता था। उसने 9 तारीख को फुल फ्रंट पेज

19:24

Speaker A

ऐड छापा [संगीत] वि दैनिक भास्कर। क्या छपा है? नीचे से शुरू करते हैं। लाखों लोगों के लिए ब्लड डोनेट करवाया है। करोड़ों लोगों की नशा मुक्ति कराई है। करोड़ों पेड़ लगाए हैं। क्लीनलीनेस कैंपेन किए हैं। फ्री में घर बनाएं। मतलब ऐसा

19:37

Speaker A

लिखा गया है जैसे ये हरियाणा का शिवाजी द बॉस हो विद वियर्ड। अब इसके बाद अखबार में क्या-क्या लिखा है पता है? वास् देयर अ कांस्परेसी अगेंस्ट गुरुजी? यस। ऑल द फॉल्स विटनेसेस वर लियोड विथ द ग्रीड ऑफ़ मनी एंड बाय एव्री मींस

19:53

Speaker A

मेड टू स्टैंड अगेंस्ट गुरुजी। अब हो सकता है तुम संडे मंडे को ये वीडियो देखो पर उधर सवाल किए तो ट्यूसडे तक उठा लिया जाऊंगा। तो मैं हिंदू से पूछता हूं कि आपकी एडवर्टाइजमेंट टीम और एडिटोरियल टीम में कोई अंतर बचा है कि नहीं? क्योंकि जब

20:06

Speaker A

आप बोल रहे हो ऑल द फॉल्स विटनेसेस वर लेयर्ड विद ग्रीड ऑफ़ मनी। द विटनेसेस इन वि केस मतलब कि रेप केस की विक्टिम्स हैं। आप बोल रहे हो उन्होंने रिश्वत खाई। जर्नलिज्म में एक बात होती है एडिटोरियल

20:16

Speaker A

इंटेग्रिटी। आपने क्या फैक्ट चेक किया ये लिखने से पहले? यह छापने से पहले। क्या संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसान को कोई वीआईपी ट्रीटमेंट मिला? नो नॉट एट ऑल। तो ये आप ही का आर्टिकल है जिसमें

20:29

Speaker A

आपने पिछले चार साल में मिल रही परोल को मार्क किया था द हिंदू अखबार एंड सम हाउ इट कोइंसाइड्स विद [संगीत] पंजाब असेंबली इलेक्शन, पंचायत इलेक्शन, लोकसभा इलेक्शन, असेंबली इलेक्शंस। तो दो चीजें हो सकती हैं। या तो यह जर्नलिज्म है या यह गोदीपन

20:43

Speaker A

है। अब इनसे अगर ये सवाल पूछ ले तो ये कहेंगे नो नो दिस इज़ नॉट अ एजिटोरियल कॉल। वी पुट अप अ डिस्क्लेमर बिनीथ दिस पोस्ट व्हिच सेस द हिंदू हैज़ नो एडिटोरियल और जर्नलिस्टिक एनवायरमेंट इन द क्रिएटिव एंड

20:54

Speaker A

शैल इन नो मैनर बी लायबल और रिस्पांसिबल फॉर द कंटेंट पब्लिश्ड। लेट मी रिपीट माय फोक्स। द हिंदू हैज़ नो एडिटोरियल और जर्नलिस्टिक इनवॉल्वमेंट इन द क्रिएटिव एंड शैल इन नो मैनर बी लायबल और रिस्पांसिबल फॉर द कंटेंट

21:11

Speaker A

पब्लिश। द हिंदू इज़ नॉट लायबल और रिस्पांसिबल फॉर द कंटेंट पब्लिश। आईएएस की तैयारी करने वाले लोग ये अखबार पढ़ते हैं। हे भगवान लाओ में छुरा में एक मेरे में मार दो। नहीं बोल दिया तो सही में मार

21:23

Speaker A

देंगे। ये लोग यार इनका कोई भरोसा नहीं है। आपको सही में लगता है ये छोटा सा ऐड लगा के ये इतना सा डिस्क्लेमर लिख के ये इतना बड़ा जो आपने किया है ये जस्टिफाई हो जाएगा। पाजी तू सिर्फ फनी तो हो जी। एक

21:36

Speaker A

हाई प्रोफाइल क्रिमिनल केस जो सबजुडिस है जो कोर्ट में अभी भी चल रहा है उसको लेके ऐसा फ्रंट पेज ऐड छापना क्या आपकी पत्रकारिता को कमजोर नहीं करता डजंट इट इरोड योर जर्नलिस्टिक क्रेडिबिलिटी इनसे मिलो ये है शेख अबू बकर अहमद बताया

21:53

Speaker A

गया है कि इंडिया के बहुत बड़े सुन्नी मुस्लिम क्लेरिक हैं मतलब बेसिकली धर्मगुरु अच्छा जो खुद को ग्रैंड मुफ्ती ऑफ इंडिया कहते हैं। एक तो पहली बात चाचा ग्रैंड व्हाट आर यू? आई टेन। अब कुछ लोग बोलेंगे इज्जत दो

22:06

Speaker A

बड़ा आदमी है। बड़ा नहीं बूढ़ा है और इज्जत देने के काम भी तो हो। ग्रैंड मुफ्ती साहब ने एक कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने कहा कुरान के मुताबिक औरतों को पब्लिक में नहीं आना चाहिए वरना तबाही आ जाएगी। यस फातिमा डोंट यू डेयर गो टू द

22:19

Speaker A

मार्केट इट विल ब्लास्ट। और भाई औरतों को घर के बाहर क्यों नहीं निकलना चाहिए?

22:23

Speaker A

क्योंकि उन्होंने कहा कि औरत तो सोने की तरह होती है। और गहना तो घर के अंदर सेफ डब्बे में रखना चाहिए। सड़क पर छोड़ देंगे तो लोग टच करेंगे और उसकी वैल्यू कम हो जाएगी। औरत गहने की तरह होती है। सड़क पर

22:35

Speaker A

छोड़ देंगे। लोग टच करेंगे तो उसकी वैल्यू कम हो जाएगी। आप भी तो गोबर जैसे हो। फ्लश क्यों नहीं हो जाते? लाइक द रीज़ंस मिसिस्टिक मैन गिव टू केज वूमेन कि औरत मिठाई की तरह है। बाहर मक्खियां बिनबिनाएंगी। सोने की तरह है। अंदर सेफ

22:48

Speaker A

है। मतलब औरत सोना है, औरत मिठाई है, औरत समान है। बस औरत इंसान नहीं है। एंड मुफ्ती साहब आपको चाहे जो समझना हो पर औरत इस देश की नागरिक भी है। उसके अपने फंडामेंटल राइट्स हैं। जैसे आपको कुछ भी

23:01

Speaker A

बकने का अधिकार है ना उसको कहीं भी जाने का अधिकार है। पर वो जा नहीं पाती इसलिए नहीं क्योंकि उसका जिस्म सोने जैसा है। इसलिए क्योंकि आपकी सोच लुटेरे वाली है। बट आई थिंक मैन शुड नॉट नॉट नॉट नॉट नॉट

23:10

Speaker A

नॉट नॉव एन ओपिनियन। वूमेन शुड कॉल हिम आउट। एक महिला बोलती है ही इज द मोस्ट प्रेशियस डायमंड टू। पुट हिम इन अ बॉक्स इन अ बैंक लॉकर। डिवाइडेड बाय रिलजन, यूनाइटेड बाय मिसिनी। इस औरत के ज्यादा ओपिनियन नहीं हो रहे। यू सीम टू बी टू

23:23

Speaker A

ओपिनिएटेड फॉर अ मिठाई। हां, दैट्स व्हाई मोदी जी सेड, डोंट बाय गोल्ड, मैनस रियल फेमिनिस्ट। भाई तो दाम लग गया। देखो, हिंदू मुसलमानों में से एक चीज़ सेकुलर है। दोनों धर्मों में गु है जिन्हें हम धर्म गुरु बना के बैठे हैं।

23:38

Speaker A

खासकर औरत पे भाई घूंघट पहनो, बुर्खा रखो, नजारा साफ करना है सबको। नजर कितनी गंदी है उससे किसी को फर्क नहीं पड़ता। अगर मेरे पे फतवा लगा और मेरा सर तन से जुदा कर दिया तो क्या मैं गहना पहन पाऊंगा?

23:51

Speaker A

इतना बोल देता हूं ना दोस्तों कभी-कभी लगता है जिस दिन पिटूंगा समझ में नहीं आएगा किस साइड से। ऐ रुक पकड़ मत पकड़। अब यह जैसा सोच रहे हैं इनकी औरतों के बारे में क्या ख्यालात हैं इनके जब तक है ना कोई दिक्कत नहीं है।

24:02

Speaker A

दिक्कत तब आती है जब लोग अपने पर्सनल बिलीफ्स को सोशल नॉर्म्स बनाकर दूसरों पर थोपने लगते हैं। आप जैसे आने वाले टाइम में दुर्गा पूजा होने वाली है। बंगाल में बड़ा फेस्टिवल होता है और बंगाल में मांझभात भी बहुत खाई जाती है। लेकिन विश्व

24:14

Speaker A

हिंदू परिषद ने अब बोला है वहां के ऑर्गेनाइजर को कि अपने पंडाल के आसपास नॉनवेज स्टॉल मत लगाओ ताकि वहां पे जगह पवित्र बनी रहे। अब ये चलेगा राजस्थान में ये चलेगा यूपी में। ये चलेगा बिहार में। लेकिन बंगाल में मछली खाए बिना तो बीजेपी

24:28

Speaker A

चुनाव नहीं जीत पाई। दुर्गा पूजा कैसे हो जाएगी? जब लोगों ने आउटरीच किया तो तुरंत क्लेरिफिकेशन आया कि हम बैन करने को नहीं बोल रहे हैं। बस मूर्ति के आसपास मत लगाओ। और फिर बवाल हुआ बंगालीयों ने कमेंट किया।

24:37

Speaker A

ओनली महिषासुर हिमसेल्फ कैन स्टॉप मी फ्रॉम गेटिंग माय चिकन बिरयानी एंड चिकन रोल। व्हाट अबाउट चिकन चॉप? बोकाचोदना की। इका बोला? इका बोला, एक्ट गुड कमेंट। प्लीज शेयर द गाइडलाइन फॉर अस्ट। देखो, सुनो। अथी की गाइडलाइन मैं तुम्हें दे

24:54

Speaker A

देता हूं। क्रिसमस हो चुपचाप से क्रॉस पहन के चले जाओ केक खाने। ईद हो टोपी पहनो नमाज पढ़ो बिरयानी मांग लो। दुर्गा पूजा हो टीका तिलक लगाओ गरबा खेलो खाना पीना खाओ बड़ी आराम से चिलो और कहीं भी पकड़े

25:07

Speaker A

जाओ तो भाग के सीखो के लंगड़ पे बैठ जाओ। अपना सिर्फ एक ही रिलजन है फूडी। जिस भंडारे में जिसका खाना मिले लपेट लो। बट ऑन अ सीरियस नोट ये दिक्कत है। ये मत पहनो वो मत पहनो ये बोलो ये ना बोलो नारा लगाओ

25:19

Speaker A

ये खाओ ये ना खाओ। बंगाल के हिंदुओं तुम देवी की प्रतिमा भले ही ना रखना पर नवरात्रि में प्रतिमाओं के पास नॉनवेज नहीं बिकना चाहिए। सावन में दुकान बंद करो। बंगालियों को कह रहे हैं अंडा मत खाओ पूजा ऐसे करो वैसा। अरे

25:34

Speaker A

महाष्टमी दिन जे दिन हमरा पुष्पांजलि दी। मोर दुकान बंद थकबे। फिर जब लोगों को ये कंट्रोलिंग बिहेवियर लगता है लोग प्रोटेस्ट करते हैं तो खुद जाके मछली खा लेते हो। अगर आप एक हिंदू हो तो वेज खाना है, नॉनवेज खाना है, खाना है

25:48

Speaker A

तो [गला साफ़ करने की आवाज़] कब खाना है, कब नहीं खाना है, यह आपकी व्यक्तिगत मान्यता है। धर्म का आधार नहीं है। क्योंकि हिंदूइज़्म बहुत फ्लूइड है। सब अपने-अपने हिसाब से मनाते हैं। बहुत पर्सनल अफेयर होता है। आप धर्म का

25:59

Speaker A

सर्टिफिकेट देने तो निकले हो। आपके खुद के बेसिक्स ठीक नहीं है। जैसे नौ दुर्गा में लोग मीट नहीं खाते। कुछ लोग सात्विक खाते हैं। लेकिन दशहरा में काली मां के सामने बलि देने से खटीकों को रोक लोगे। जाओ दो

26:09

Speaker A

सर्टिफिकेट उन्हें। फिर यूपी से बिहार आओ। वहां फिर लोग ज्यादातर वेज प्रेफर करते हैं। इसी टाइम बिहार में लोग वेजिटेरियन हो जाते हैं। लेकिन बंगाल में तो भाई मटन का भोग लगता है। थोड़ा आगे आसाम जाओ। वहां कामाख्या में भी यही होता है। सब

26:20

Speaker A

अपने-अपने तरीके से मनाते हैं। आप जाओ उनके साथ त्यौहार मनाओ। पर वो कैसे मनाएंगे उसको डिक्टेट मत करो। आप अपने बिलीफ के हिसाब से दूसरे का कल्चर चेंज करोगे तो बैकलश आएगा। एग्जांपल दूं? एक संस्था है बैप्स। बोचासन वासी अक्षर

26:35

Speaker A

पुरुषोत्तम स्वामी नारायण संस्था। एक बार में पूरा बोल लिया। बहुत बड़ा अचीवमेंट लग रहा है मुझे। देखो। बड़ा बढ़िया बोलते हैं। अब ये गुजरात की एक धार्मिक संस्था है। पेरिस में मंदिर का उद्घाटन करने गए थे। वहां पे राइफिल टावर गए फोटो खिंने। इन पे

26:48

Speaker A

एलिगेशन लगे कि इन्होंने वहां पे बोल दिया कि भैया वहां पे हमें वुमेन स्टाफ नहीं चाहिए। और इसकी वजह से आईफिल टावर में जो वू वीमेन एम्प्लाइजस थी पेरिस में वहां पे उन वूमेन एम्प्लाइजस ने प्रोटेस्ट कर दिया। एक दिन के लिए आईफिल टावर बंद रहा

27:02

Speaker A

कि तुम हमारे यहां आके ये कैसे कह सकते हो कि महिलाएं काम नहीं करेंगी। क्योंकि तुम्हारी अपनी मान्यता है तो हमारे देश में हमारी महिलाएं काम पे नहीं आएंगी। ने देख रहे हो कितने तेजस्वी लोग हैं। आई टावर ही बंद करवा दिया। पूरे फ्रांस देश

27:13

Speaker A

में इस चीज को लेके क्रिटिसिज्म हुआ। बदनामी हुई मैं तो कहूंगा पेरिस के मेयर, वहां के इक्विटी मिनिस्टर सब ने इसको क्रिटिसाइज किया। वहां की कई सारी महिला रिप्रेजेंटेटिव हैं। उन्होंने इसको लेके टिप्पणी की। एंड फिर सेम पैटर्न जब लोगों

27:24

Speaker A

ने प्रोटेस्ट किया तो जाके अपोलॉजी लेटर आ गया। ड्यू टू द साइज ऑफ़ आवर डेलीगेशन, द विजिट अरेंज इन कंजक्शन विथ द आइफिल टावर्स टीम एट द स्टार्ट नॉर्मल ओपनिंग आवर्स टू अवॉयड डिसरप्शन, और इनकननियंसिंग अदर्स। वी सिंसियरली अपोलजाइज फॉर एनी पेन

27:37

Speaker A

और इनकननियंस कॉस्ट। बड़ी क्लियरली इन्होंने मेंशन नहीं किया कि इन पे आरोप यह था कि इन्होंने महिलाओं के सानिध्य में आने से मना किया। अब मोस्ट प्रोबब्ली इसका रीजन यह होगा कि यह ब्रह्मचारी होंगे। तुम वहां गए तो भाई महिलाओं के सानिध्य में

27:47

Speaker A

नहीं आना तो महिलाएं ना आए। हम तो भाई हम तो आएंगे ही आएंगे। एंड वी वंडर व्हाई रेसिज्म अगेंस्ट इंडियंस हैज़ इंक्रीज़्ड ड्रामेटिकली। इफ योर सेलिब्रेसी इज दैट इंपॉर्टेंट लॉक योरसेल्फ इनसाइड अ रूम। मतलब कैसे बोल देते हो यार ये सब? कैसे आप

27:59

Speaker A

लोग को लगता है? भाई जिस [संगीत] फ्लाइट में गए होगे उसमें भी एयर होस्टेस होंगी। कैसे आप लोग ये बातें कर लेते हो? तो वहां की वुमेन वर्कर्स ने बोला ठीक है आपके देश में चलता होगा पर यह आइफल टावर है आपके

28:08

Speaker A

बैप्स का नहीं है। उस लड़के ने पूछा था ना अमेरिका क्या कहता था? क्या हो तुम?

28:13

Speaker A

जवाब मिल गया है। अमेरिका वही कहता था जो हम कह रहे हैं। आज का अमेरिका इंडियंस के साथ डिस्क्रिमिनेट तो कर रहा है पर उन्हें कॉपी भी कर रहा है। जैसे हमारे यहां होता है ना कि इलेक्शन के जस्ट पहले सबको समाज

28:23

Speaker A

कल्याण याद आ जाता है कि 5,000 हर महिलाओं को देंगे। इसके फ्री में राशन दे देंगे, फ्री बिजली दे देंगे, फ्री पानी दे देंगे। किसी चीज का पैसा नहीं लेंगे और पैसा भी फ्री में ही दे देंगे। और ये डॉक्यूमेंटेड

28:31

Speaker A

है कि उससे चुनाव जीत जाते हैं तो अब अमेरिका में भी यही हो रहा है। अमेरिका में इलेक्शन होते हैं 4 साल तक एक प्रेसिडेंट रहता है लेकिन बीच में उनके होते हैं मिड टर्म इलेक्शंस। [संगीत] अब प्रेसिडेंट इलेक्ट होने के बाद ज्यादा

28:40

Speaker A

तानाशाही ना बचा दे तो कांग्रेस और सेनेट में उनके बिल पास ना हो पाए इसलिए होता है। वेरी सिमिलर टू लोकसभा एंड राज्यसभा इन आवर केस। अब नवंबर में एडमिड टर्म होने वाले हैं और ट्रंप साहब ने अनाउंस किया है

28:49

Speaker A

कि अगर [संगीत] उनकी पार्टी यानी कि रिपब्लिकनंस हाउस और सेनेट दोनों में मेजोरिटी रिटेन करते हैं तो वो हर एडल्ट अमेरिकन को $5000 देंगे। मोटा-मोटा लगा लो $5 लाख हर अमेरिकन सिटीजन को। हमारे वाले की कॉपी तो कर रहे हो पर 10 से कम रह गए तुम। अब

29:08

Speaker A

दोस्तों तुम्हें पता है मेरा इकॉनमी में डब्बा गोल है बट कैपिटलिस्ट सोसाइटी में सोशलिज्म हो रही है। द आयरनी इज नॉट लॉस्ट ऑन मी इदर। आयरनी हो रही है जी बहुत भयंकर भाई विश्व गुरु तो हम बन गए पूरा कॉपी कर

29:20

Speaker A

दिया इसने बस भाइयों और बहनों नहीं बोला उसने भाइयों बहनों नारा भी दिया है उन्होंने अबकी बार 5000 और ममता दीदी से इंस्पायर हो के स्कीम का नाम रखना जैसे का भंडोर व्हाट मध्य प्रदेश थिंक टुडे यूएसए थिंक टुमारो वाह मध्य

29:34

Speaker A

प्रदेश इज द गुड मोहन यादव इज द जोहरान ममदानी एंड रेवा इज द न्यू आईओवा एक बात तो समझ में आ गई ज्योग्राफी और करेंसी बदल सकती है लेकिन पॉलिटिक्स और पॉलिटिशियन की नियत वो नहीं बदलती अच्छा पिछले एपिसोड

29:45

Speaker A

में आपको याद होगा हमने दैनिक भास्कर की एक इन्वेस्टिगेशन के बारे में बात की थी। जहां पे उनके कुछ जर्नलिस्ट अंडर कवर गए। यूपी के दो शहरों में उन्होंने बोला हमें कुछ रोड वगैरह बनवानी है और एमएलए फंड से

29:54

Speaker A

जब वो पैसे मांगने के लिए गए तो वहां के विधायकों ने उनसे घूस रिश्वत मांगी। 35 40% कमीशन। तो मान लो 1 करोड़ का काम 35 लाख विधायक को दे दिए। अब बचे कितने?

30:03

Speaker A

100 - 35 = 65। 75 होता है 100 - 35 और 100 - 25 कितना होता है फिर? वो 75.

30:12

Speaker A

35 भी 75 और माइनस 25 भी 75. बंगाली होयों तो मछली ना ही खाओ। इसको देख के बंगालीयों की इज्जत गिर गई। अब जर्नलिस्ट लोग अगले पड़ाव की तरफ बढ़े। पॉलिटिशियन टू ब्यूरोक्रेट्स। पॉलिटिशियन को घूस देके उनसे उन्होंने लेटर लिया। उसको लेके जाना

30:25

Speaker A

होता है सीडीओ के पास। चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर कि मालिक मंत्री साहब ने कह दिया कि इतने पैसे से यह काम कर दो। तो अब बाबुओं के लेवल पे कितना करप्शन होता है। वहां भी नहीं रोका। जब जर्नलिस्ट महाराजगंज सीडी

30:35

Speaker A

ऑफिस में पहुंचे, तो वहां के जो सीनियर क्लर्क थे अर्जुन कुमार गौतम उन्होंने बोला कि अब 5% कमीशन हमें दो। अब भैया 5% किस बात के? अरे सबका है भैया हमारे सीडीओ साहब हैं, प्रोजेक्ट डायरेक्टर साहब हैं, असिस्टेंट इंजीनियर

30:50

Speaker A

हैं, जूनियर इंजीनियर हैं। सबका साथ सबका विकास। फिर दूसरा शहर गए आजमगढ़। वहां पर असिस्टेंट अकाउंटेंट अशोक कुमार श्रीवास्तव। उनका रेट ज्यादा था। उन्होंने कहा अरे नहीं नहीं हम बेटर सड़क बनाएंगे। हमको पांच नहीं हमको 7% का कमीशन चाहिए।

31:05

Speaker A

और भाई ऐसा नहीं है कि बेईमान लोग हैं। ईमानदार लोग हैं। किस में कितना पैसा बटेगा पूरा रेट कार्ड दिया हुआ है। सीडीओ साहब 1 लाख लेंगे। प्रोजेक्ट डायरेक्टर 1 लाख लेगा। अकाउंटेंट 80 हजार असिस्टेंट इंजीनियर 70 जेई क्लर्क 50। मतलब कुल मिला

31:20

Speaker A

के अगर 1 करोड़ का प्रोजेक्ट था। 35 लाख विधायक ले गया। 5 लाख विधायक का स्टाफ ले गया। उसमें से 5 लाख बाबू ले गए। पांच बागों के साथ ले गए तो बचा कितना कुल मिला के आई थिंक आधा

31:33

Speaker A

अमाउंट बच जाता है तो मतलब अगर 1 करोड़ का प्रोजेक्ट है उसमें से आधा 50 लाख घूस में चला गया अब जो बचा 50 लाख है उसमें कॉन्ट्रैक्टर को भी अपने पैसे कमाने हैं। फिर वो कॉन्ट्रैक्टर जब जमीन बनाएगा तो

31:44

Speaker A

उसके बाद जब क्वालिटी चेक होगा तो उसमें भी इंजीनियर को पैसे खिलाने होते हैं। तो आप ओवरऑल समझो कि अगर 1 करोड़ का कोई रोड बनना है तो उसमें 25 या मैक्सिमम 30 लाख का मटेरियल लगता है। 70 लाख उन लोगों में

31:56

Speaker A

बंट जाते हैं जिनका काम था रोड बनाना। तो एक भाई साहब कमेंट करते हैं कि अब तुमने इतनी अच्छी इन्वेस्टिगेशन कर दी। अब बहुत ही जल्दी ईडी रेड करेगी। उन पर नहीं तुम पर। टैक्स पेयर्स का पैसा ऐसे खा रहे हैं

32:07

Speaker A

जैसे इनकी सैलरी हो। सैलरी तो कुछ नहीं होता यार। सैलरी तो इज जस्ट चेरी ऑन द केक। द केक इज द रिश्वत। सॉरी यार रिश्वत बोल देता हूं ना मैं। गलत यार। ऊपरी कमाई। प्राइवेटाइज द गवर्नमेंट। वी डोंट नीड दीज़

32:20

Speaker A

बाबूज। चिंता मत करो। हो रहा है, हो रहा है। धीरे-धीरे गवर्नमेंट सब प्राइवेटाइज कर ही रही है। हो जाएगी। एक दिन गवर्नमेंट ही प्राइवेटाइज हो जाएगी। इस इस चीज का ध्यान दिया जा रहा है। काम चल रहा है इस

32:31

Speaker A

पे। ब्रेकिंग न्यूज़ iPhone अब नाबालिक नहीं रहा है। वो 18 का हो गया है। 9 तारीख को Apple इवेंट में Apple ने लॉन्च किए अपने नए फ़ोंस। iPhone 18 Pro, 18 Pro Max और ड्युओ। और यह 18 डओ Apple

32:47

Speaker A

का पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन है। अब तुम बोलोगे भैया कितना का है जी? iPhone डo की इंडिया प्राइसिंग है। अगर आपको 250 GB लेना है तो ₹3 लाख में। 500 GB ₹5, 1 TB ₹/4 और 2 TB ₹45 लाख का। हां,

33:03

Speaker A

इसकी वन टाइम पेमेंट में कार और ईएमआई अमाउंट में बाइक आ जाए। पहले तो ईएमआई पे मोबाइल खरीद लेते थे। अब तो कवर भी नहीं खरीद पाएंगे। Android फोन आता है 11 का। इसका कवर है 15,000 का। चार कलर में फोन

33:16

Speaker A

ल्च किए हैं। सिल्वर, ब्लैक, ग्लेशियर एंड बुरगुंडी। बरगंडी बुरगुंडी बरगंडी। एक तो बरगंडी बोलने में कितना गंदा सा साउंड करता है। बरगंडी। ऐसा लगता है किसी सड़क छाप टपोरी को गाली दे दी हो। साले बरगंडी अगली बार दिख मत जियो। मी लीविंग द Apple

33:31

Speaker A

इवेंट विद iPhone डओ इन माय माउथ। भाई ₹45 लाख। क्या-क्या आ सकता है इतने में? 3000 छोले भटूरे की प्लेट। 7500 कैन ऑफ डाइट कोक। 44,000 कि.मी. ड्राइव कर सकते हैं। हां तो खरीदो ना Wagon R. चलाओ, Uber Ro. यू कैन वॉच 900 मूवीस इन थिएटर।

33:52

Speaker A

चार ज़ेरॉक्स मशीन कॉलेज के बाहर। 300 डेट ऑफ 1000 ईच। 600 ज़ारा एंड एचएनएम टाइप टीशर्ट्स [संगीत] एट 500 ईच। 1500 डोमिनोज चीज़ बर्ड्स पी। चीज़ बस तो मेरे को खराब लगता है। देखो। बट दोस्तों, इतना होने के बाद

34:07

Speaker A

सबसे बुरी बात पता है क्या है? डाउनफॉल क्या है इन लोगों का? कि इस बार इन्होंने कॉस्मिक ऑरेंज कलर नहीं दिया। और पता नहीं कौन सा ग्लेशियर और बरगुंडी कलर दे दिया। इसलिए तो मैं ये पहन के आया हूं यार

34:16

Speaker A

प्रोटेस्ट में। हमारा वर्चस्व कम हो गया यार। कॉस्मिक ऑरेंज कलर नहीं आया। इतना चुभने लगा हूं सबको इस एक iPhone की कॉस्ट में आप क्या-क्या खरीद सकते हो। आप भी जानकर हैरान हो जाओगे। इसका स्टार्टिंग प्राइस है ₹3 लाख। इतने में आप अपने घर

34:30

Speaker A

में तीन नए एसीज लगवा सकते हो। प्लस एक बड़ा सा 50 इंच का टीवी। या फिर आप इस पैसे में दो मुरा भैंस खरीद सकते हो जो आपको रोज 20 लीटर तक दूध दे सकती है। यह किस लाइन में आ गए ध्रुव भाई? [हंसी] मैं

34:42

Speaker A

तो बस यह सोच रहा हूं यह आदमी अपनी मास्टर क्लास कब डालेगा कि ₹45 लाख का iPhone लेने की जगह आप 1 हजार बार मेरी ₹450 की मास्टर क्लास ले सकते हो। चलो ध्रुव भाई आ ही गए हैं तो थोड़ा जर्मनी की न्यूज़ देख

34:54

Speaker A

लेते हैं। देख रहे हो कितना स्मूथ ट्रांजैक्शन था। जर्मनी में एएफटी पार्टी के खिलाफ वहां के लोगों ने प्रोटेस्ट किया। अब थोड़ा सा ना यहां पे कॉन्टैक्ट समझ लो। जर्मनी मोस्टली दो पार्ट में डिवाइडेड है। एक ईस्ट जर्मनी, एक वेस्ट

35:06

Speaker A

जर्मनी एंड बीच में आती है बर्लिन वॉल। वो पुरानी कोल्ड वॉर के टाइम की हिस्ट्री है। एंड दूसरा जर्मनी एंड अदर यूरोपियन सिटीज में इस टाइम पे फार राइट एंटी इमीग्रेंट सेंटीमेंट बहुत बढ़ गया है। जैसे हमारे यहां होता है ना कि रोहिंग्या बहुत बढ़ गए

35:19

Speaker A

हैं। ऐसे वहां होता है कि हम बहुत बढ़ गए हैं। तो वहां पे एक फार राइट पार्टी है एएफडी अल्टरनेटिव फॉर डइचलैंड। जो वहां की फार राइट पार्टी है। इमीग्रेंट्स को भगाओ, जर्मनी को विश्व गुरु बनाओ। अब हाल ही में

35:29

Speaker A

जर्मनी के चुनाव में एएफडी को मिला 44% वोट शेयर और है 39 सीट्स। मेजोरिटी से तीन सीट्स कम। अब तुम बोलोगे तीन सीट कौन सी बड़ी बात है? गठबंधन हो जाएगा या वहां के नेता का हृदय परिवर्तन?

35:41

Speaker A

ए सफेद कपड़ा ओ अरे अभी उड़ाया ना ध्रुव राठी का मजाक सेम टीम। हिपोक्रेसी की भी सीमा होती है। पर वहां ये तीन सीट्स को लेना एएफडी के लिए मुश्किल पड़ रहा है। क्योंकि जर्मनी में हजारों लोग सड़कों पे आके प्रोटेस्ट

35:54

Speaker A

कर रहे हैं। जर्मनी की डोमेस्टिक इंटेलिजेंस ही एएफडी को फार राइट एक्सट्रीमिस्ट ऑर्गेनाइजेशन बताती है कि भैया अगर एक बार ये आ गए तो ये तो कलेश काट देंगे। इनका तो वही चलता है गैब हिम बाय द ये कैसे इशारे कर रहा था। ये क्या मतलब है

36:06

Speaker A

इसका? अब जब ऐसी सिचुएशन आती है तो इनका एक सीक्रेट बैलट होता है और उसमें हो सकता है कि एएफडी को तीन अलग नेता वोट दे दें। रिसेंटली तुम्हें पता होगा वहां भाई जर्मनी गया था तो वहां की कई सारी न्यूज़

36:15

Speaker A

ऑर्गेनाइजेशंस में जाके बात की थी तो उन लोगों ने बताया था कि एएफडी का आज ना कल आना बिल्कुल तय है। इनफैक्ट वहां की मीडिया एनजीओस ऑलरेडी प्लान कर रहे हैं हाउ वुड जर्मनी लुक लाइक विद इन एन एफडी

36:25

Speaker A

गवर्नमेंट। क्योंकि 39 सीट्स के साथ-साथ उनको 44% का वोट शेयर भी मिला है। मतलब जर्मनस खुद चाहते हैं कि एएफडी आए और उसके दो रीज़ंस हैं। एक तो जो शुरू में बताया ना कि जर्मनी ईस्ट जर्नी और वेस्ट जर्नी में

36:36

Speaker A

डिवाइडेड है। तो जो ईस्ट जर्मनी का हिस्सा है जो पहले सोवियत यूनियन में हुआ करता था। वहां के लोगों को लगता है कि हम तक उतना डेवलपमेंट पहुंचा नहीं है। जर्मनी का सारा डेवलपमेंट वेस्ट साइड हो के रह गया।

36:45

Speaker A

हम पे उतना फोकस नहीं किया गया। और ऐसा क्यों हुआ है? ये लेफ्टिस्ट लिबरल्स ने ऐसा किया है। इसलिए हमें एक राइट विंग एएफडी चाहिए। एंड दूसरा इज़ एंटी इमीग्रेंट सेंटीमेंट। एएफडी वोटर्स में 91% ऐसे हैं जो बोलते हैं कि भैया फॉरेन जो लोग हैं वो

36:58

Speaker A

बहुत आ गए हैं अब अंदर। इमीग्रेशन बहुत हो गया है। और ये सिर्फ जर्मनी की बात नहीं है। चेक, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, इटली, स्पेन, पोलैंड, स्विट्जरलैंड ने तो हमेशा से इमीग्रेशन इतना खोला ही नहीं है। पर ये जो एंटी इमीग्रेंट सेंटीमेंट है जिसकी वजह

37:10

Speaker A

से अमेरिका में ट्रंप पावर में आया धीरे-धीरे वही आप आगे जाके यूरोप में होता देखोगे। एंड लेट मी टेक दिस अपॉर्चुनिटी। यूरोप में एंटी इमीग्रेंट और वर्ल्ड ओवर एंटी इंडियन सेंटीमेंट बहुत बढ़ रहा है। और इंडियन हेट किस चीज पे पनपती है? वही

37:23

Speaker A

रीज़ंस कि लोग कचरा बहुत फैलाते हैं। सिविक सेंस नहीं होता। एंटाइटल्ड होते हैं। पब्लिक स्पेसेस में लाउड होते हैं बहुत। बहुत लोग कनाडा से ये वीडियो देख रहे होंगे। आपको पता है मैं क्या बात कर रहा हूं। सर्दियों का सीजन आने वाला है और मैं

37:34

Speaker A

आपसे पूछूं कि फेवरेट रम कौन सी है? और तुम बोलो ओल्ड मक तो मैं बोलूंगा [हंसी] क्योंकि ओल्ड मक रम थोड़ी है। यस यू आर हैविंग योर होल लाइफ वाज़ अ लाइव मोमेंट। और यह एफएसएससीआई ने बॉम्बे हाईकोर्ट को

37:47

Speaker A

बोला है कि ओल्ड मक जो है ना यह रम नहीं है। क्योंकि जो ओल्ड मक होती है वो शुगरकेन उसको उबाल के उसके मोलासिस से उसको फर्मेंट करके एक नेचुरल प्रोसेस से बनती है। बट ओल्ड मक रम नहीं है। रम

37:59

Speaker A

फ्लेवर्ड स्पिरिट है। वो हमें बताया जाता है ना 8 इयर्स ऐज, 12 इयर्स ऐज वो हमें समझ के बेवकूफ बनाया जा रहा है। पहले धोखा मिलता था तो हम शराब पीते थे। आज शराब ने ही धोखा दे दिया।

38:13

Speaker A

[संगीत] और ये मतलब रम फ्लेवर्ड स्पिरिट है। भाई ये क्या रम फ्लेवर क्या होता है? चॉकलेट फ्लेवर सुना था, स्ट्रॉबेरी फ्लेवर सुना था, वैनिला फ्लेवर सुना था। रम फ्लेवर भी कुछ होता है। अगर होता है तो ये बात

38:25

Speaker A

मैनफोर्स वालों को पता लग जाए। तभी आईसीआई ने बोला है कि ये बोलते हैं ना सेवन ईयर ओल्ड ब्लेंडेड से ईयर ओल्ड लिककर ऐसा कुछ नहीं है। ये मुख्य रूप से अनमेच्यर्ड न्यूट्रल स्पिरिट है। बेसिकली ओल्ड मक इज

38:38

Speaker A

नॉट दैट ओल्ड। अब देखो वैसे तो अच्छा है न्यूज़ सुन के लगता है कि ओके कुछ नया जानने को मिला पर ये न्यूज़ सुन के अच्छा नहीं लग रहा है यार मतलब यार ठीक नहीं है ना मतलब जो भी है जैसा भी है हमें ही मत

38:47

Speaker A

बताओ दारू का काम लिवर खराब करना है मूड खराब करना थोड़ी दिस हर्ट्स मोर देन अ ब्रेकअप सो आई वाज़ंट अल्कोहलिक इन माय टीनएज इयर्स जस्ट अ फ्लेवर ड्रिंक कोनी कोनोसू अरे द एक पैग मैं यहीं पढ़ के पी लूंगा यार

39:03

Speaker A

आई टोल्ड देम अर्लियर इट्स नॉट अरम इट्स एन इमोशन दारू भी मिलावटी इस हफ्ते कनाडा से एक वीडियो वर्ल्ड वाइड वायरल चला गया। वहां पर सोरे करके एक एरिया है और वहां पे भारतीय महिला का एक घर था और किराए पे कुछ लोग रह रहे होंगे।

39:16

Speaker A

अब हमारे यहां जो मकान मालिकों में एंटाइटनमेंट होता है ना कि किराएदार की प्राइवेसी को कुछ नहीं समझते। जब चाहे उसके घर में पहुंच जाएंगे, सोफे पे बैठ जाएंगे। पसंद नहीं आया कुछ चलो घर खाली करो। इनको लगा वहां [संगीत] भी ऐसे ही। अब

39:27

Speaker A

वो लोग क्या कर रहे थे? लॉन में वहां पे बारबीक्यू कर रहे थे। बीफ बीफ खा रहे होंगे। मैडम को पसंद नहीं आए। इन्होंने ड्रामे करने शुरू कर दिए। उनको हरास करने लगी। खाना ववाना फेंकने लगी। उनके कमरे

39:36

Speaker A

में पांच छह पाजी भेज दिए और फिर विक्टिम गार्ड प्ले कर रही है कि तुम हमारी प्रॉपर्टी डैमेज कर रहे हो। ये वो हंगामा शोर शराबा दे उन्होंने पुलिस कंप्लेंट की बताया कि देखो ये ऐसा हो रहा है। पुलिस ने आके इनको

39:53

Speaker A

अरेस्ट कर लिया। या दे ट्राई टू किल मी एंड आई वो शशान पराशर कहते है ना इंटरनेट हैज़ रीच्ड ए्री पार्ट ऑफ़ द कंट्री बट एजुकेशन हैज़ंट। अब वही बात है ना कि आदमी अपनी नेशनलिटी तो बदल दे बट फितरत कैसे बदले?

40:12

Speaker A

हमारे यहां भी यहां चिल्ला चोट करना, कचरा फैलाना, ट्रैफिक रूल्स फॉलो ना करना और यही चीजें ये बाहर जाके करते हैं। अमेरिका की डिपार्टमेंट ऑफ होम एंड सिक्योरिटी है। वहां की होम मिनिस्ट्री समझ लो तुम। उन्होंने ऑफिशियली एंटी [संगीत] इंडियन

40:24

Speaker A

पोस्ट डाला है डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने। जिसमें उन्होंने कहा यू गो बैक टू योर कंट्री। यू डू नॉट नो हाउ टू ड्राइव मिस्टर सिंह। क्योंकि बहुत सारे अपने यहां के हरियाणा, पंजाब के भाई है ना वहां जाके वो ड्राइवरी का काम करते हैं।

40:36

Speaker A

अब यहां तो ट्रैफिक रूल्स फॉलो करते नहीं है कहीं से भी काट देते हैं। वहां पे हाईवेज एक्सप्रेसवे में लेन ड्राइविंग होती है। तो अमेरिका में ऐसे कई सारे रोड एक्सीडेंट हुए हैं जो इंडियन ड्राइवर्स की केयरलेसनेस की वजह से हुए हैं। क्यों?

40:46

Speaker A

क्योंकि रोड ट्रैफिक रूल्स हमारे यहां नहीं पता तो वहां भी नहीं होता। क्योंकि गाड़ी चलाना तो यहां से सीख के गए हैं ना। और हमारे यहां रोड ट्रैफिक रूल्स का कोई मतलब नहीं है तो वहां भी होता है और फिर

40:54

Speaker A

विश्व गुरु को ऐसे घर आया जाता है। अच्छा सबकी लाइफ में ना एक वो चुगली दोस्त होता है जिसके हम बहुत मजे लेते हैं। भाई मजाक मत उड़ाया करो। उसका बहुत पोटेंशियल है उसमें। बिल्कुल कोलंबिया की मरियम आंटी की

41:04

Speaker A

तरह। इनका काम है कि इनका कोई काम नहीं है। बस चुगली करना है। हर रोज घर के बाहर बैठना, मोहल्ले में यहां वहां की बातें सुनना और जो काम की लगे उसको फटाक से नोट कर लेना। कौन किसके घर गया? किसकी किससे

41:15

Speaker A

लड़ाई चल रही है, किसका-किस से अफेयर चल रहा है। 5W वन एच ऑफ एवरीथिंग एंड एवरीवन। सब [हंसी] पता चल रहा है। मरियम सारी गसिप को डॉक्यूमेंट करती हैं। नोट्स बनाती है, फोटोस रखती है, रिकॉर्ड सब कुछ डाटा करती

41:28

Speaker A

हैं। क्योंकि डाटा को सेल किया जाता है। एंड शी हैज़ अ चुगली की रेट लिस्ट। नॉर्मल चुगली किसकी किससे उधारी है, किससे लड़ाई चल रही है, उसके 5,000 से 10,000 कोलंबन पीसो मतलब 150 से ₹300। कौन किसके घर गया

41:39

Speaker A

है, उससे ज्यादा और क्या करके आया है उसके तो और भी ज्यादा। जितना बड़ा सीक्रेट उतना बड़ा आंटी का रेट कार्ड। इफ यू आर गुड एट समथिंग नेवर डू इट फॉर फ्री। और अगर सीक्रेट तुम्हारा ही है तो आंटी को पैसे

41:49

Speaker A

मुंह खोलने के नहीं बल्कि मुंह बंद रखने के देने पड़ते हैं। एक बार इनको एक बंदे के अफेयर के बारे में पता चल गया था। तो उससे इन्होंने बीवी को ना बताने के ₹21,000 ले लिए। यस, दिस लेडी विसल्ड डाउन हैज़ अ

41:59

Speaker A

चुगली स्टार्टअप। बिजनेस। और मरियम का कहना है, उन्होंने इसी चुगली के पैसे जोड़कर दो घर खरीद लिए हैं। अरे भाई साहब, तो भैया दुनिया है कैपिटलिस्ट सोसाइटी। इधर की बात उधर करने की स्किल है तो उसके भी पैसे कमाए जा सकते हैं। अच्छा

42:13

Speaker A

आगे बढ़ने से पहले आई हैव टू एडमिट अ मिस्टेक। पिछले हफ्ते हम लोगों ने जो वीडियो की थी हमने बोला था कि ये स्वतंत्र भारद्वाज पे एससी एसटी एक्ट नहीं लगना चाहिए क्योंकि उसने कुछ जातिचक शब्द नहीं बोले। उसने एक चीज़ बोली थी नीले कबूतर। जो

42:23

Speaker A

मुझे लगता था कि हां नीले कबूतर अब वो एक तरह से वो इन्हें नीलांड नीले कबूतर ये लोग बोलते हैं। इट्स वेरी सिमिलर टू जो इसे लेफ्ट वाले मुदरी के बोलते हैं। वो वर्ड प्ले है बट जातिसूचक नहीं है। दैट

42:33

Speaker A

वाज़ माय आर्गुमेंट। लेकिन फिर किसी सब्सक्राइबर ने पॉइंट आउट किया। का मैंने पूरा इंटरव्यू देखा तो उसमें एक जगह बोली थी कि ये जैसी बोल रही है नीशू उसके नीशू बाबू और ये तो ससुर जी हैं। एक तो एक

42:45

Speaker A

15 साल की बच्ची के बारे में ऐसा घटिया दो कौड़ी की बातें। अ फिर उसने एक चीज बोली थी कि किसी को तो इनको कुछ सबक सिखाना पड़ेगा। क्षत्राणी ही सिखाएगा। क्षत्राणी क्षत्रिय से आता है। हम क्षत्रिय हैं ये

42:59

Speaker A

नीला को बताएंगे। एंड आफ्टर लिसनिंग टू दिस, आई चेंज माय ओपिनियन। है जाति सूचक। लगाओ एससी एसटी एक्ट बनता है। अब अगर आप इस बात पे चौंक रहे हो तो उसपे देखो कोई बड़ी बात नहीं है। बिकॉज़ दिस इज़ वैरी मच

43:10

Speaker A

लाइक यू नो लाइक अह लाइक लाइक लाइक कर दो। लाइक लाइक कर दो लाइक लाइक लाइक यू नो व्हाई व्हाई कांट यू लाइक लाइक द वीडियो लाइक लाइक लाइक लाइक ठीक है। यार कौन कह रहा है शक्ल ख़राब है

43:28

Speaker A

बातें तो अच्छी करो। दिल्ली में हुई एक मणिपुरी सिंगर की हत्या जिसके बाद देश और दुनिया भर में बवाल मच गया। टोंगथम विक्रम सिंह मणिपुर के एक बहुत फेमस गिटारिस्ट म्यूजिशियन थे जो दिल्ली में पढ़ाया करते थे। हुआ क्या कि विक्रम

43:42

Speaker A

के घर के बाहर एक ढाबा था। जहां पर एक जम लगती थी। लोग रात को आते थे। शराब-बराब पीते थे अपना। 6 तारीख की रात को उनका कुछ ज्यादा हो गया। तो विक्रम नीचे आए। उनसे बोला कि आप ये बंद करो। हम सो रहे हैं।

43:51

Speaker A

परेशान हो रहे हैं। बहस काफी ज्यादा बढ़ गई। जिसके बाद वहां के आठ लोग विक्रम को पीछा करते हुए इनकी बिल्डिंग के अंदर घुस गए। उनसे क्फ्रंटेशन हुई। उनके साथ मारपीट की और इतनी कि उनकी मौत हो गई। विक्रम की

44:02

Speaker A

हत्या के बाद दिल्ली में नॉर्थ ईस्ट कम्युनिटी ने प्रोटेस्ट किया। दिल्ली, मणिपुर और कई जगहों में कैंडल मार्चस निकाले गए। और जो भाई देहरादून में एंजेल केस में हुआ था नॉर्थ ईस्ट के लोगों के खिलाफ रेशल स्ट्रल्स, हेथ क्राइम वाली डिबेट दोबारा

44:17

Speaker A

से शुरू हुई। अब जब ऐसा कुछ होगा तो आप थोड़ी सी सेंसिटिविटी एक्सपेक्ट करोगे कि वो बोलेंगे कि हां भाई ऐसा नहीं होना चाहिए। [संगीत] हम देख रहे हैं आरोपियों को पकड़ा जाएगा, सजा दी जाएगी। लेकिन क्राइम को लेकर दिल्ली बीजेपी चीफ हर्ष

44:29

Speaker A

मल्होत्रा ने कहा कि वो तो हुआ ही नहीं। अरे आपसी कुछ लड़ाई वड़ाई हो गई उधारी-उधारी का मामला। रेशनल क्राइम्स नॉर्थ ईस्ट टर्न्स के खिलाफ अरे दिल्ली में होता ही नहीं है। क्या बात कर रहे हो आप?

44:38

Speaker A

कि एक-एक कार्यकर्ता हमारे नॉर्थ ईस्ट के भाइयों बहनों के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। उनको दिल्ली में उनका किसी भी तरह का कोई अहित नहीं होने देंगे। ये जो अनफॉर्चूनेट इंसिडेंट है इसमें किसी भी तरह के रेसिज्म की कोई बात नहीं है। और

44:52

Speaker A

मैं जिम्मेदारी से कह सकता हूं दिल्ली में दिल्ली वासी किसी भी तरह से रेसिज्म की बात नहीं करता। ये जिम्मेदारी हमारी है और मैं बहुत जिम्मेदारी से ये बात कह रहा हूं। तुम अगले से अकाउंटेबिलिटी और प्रॉब्लम की

45:03

Speaker A

सॉल्यूशन तो तब मानोगे ना जब वो प्रॉब्लम को प्रॉब्लम माने। मोमो चाइनीज़ वो तो ऑर्डर दे रहे होंगे ढाबे पे। किसी ने सुन लिया और समझ लिया। उनकी क्या गलती?

45:10

Speaker A

क्या मतलब ढाबे पे पराठे मिलते हैं सिर्फ। दोस्तों क्राइम तो हर जगह होता है। जैसे दिल्ली में नॉर्थ ईस्टर्न के खिलाफ साउथ में बिहारियों को रेशियल कलर डिस्क्रिमिनेशन क्राइम होता है। सवाल है कि आप उसको एड्रेस कैसे कर रहे हो? इससे

45:22

Speaker A

ज्यादा इनसेंसिटिव बात क्या हमारे यहां तो होता ही नहीं है। दिल्ली में तो ये सब होता ही नहीं है। अरे होता है दिल्ली वासी हो के हम कह रहे हैं होता है। तुम उसको सुधारने के लिए बताओ ना क्या कर रहे हो?

45:30

Speaker A

चलो वो तो है। हम चूतिय हैं। अपनी पुलिस का डाटा तो मानोगे ना। दिल्ली पुलिस का डाटा है कि 2014 से लेके 2026 के बीच में नॉर्थ ईस्टर्न लोगों के साथ हुए। लगभग ढाई हजार से ज्यादा ऐसे केसेस हैं। जैसे

45:41

Speaker A

जातिचक शब्दों पे एससी एसटी एक्ट होता है ना? ऐसी धर्म जाति नहीं पर रंग रूप के आधार पे यह भी एक डिस्क्रिमिनेशन है। कितने लोग रोज फेस करते हैं नहीं बोलते। बड़े हिम्मत वाले होते हैं जो आगे रिपोर्ट

45:51

Speaker A

करा पाते हैं। लाखों में से ये वो ढाई हजार हैं जिन्होंने रिपोर्ट कराया। पता है कन्विक्शन कितने केसेस में हुआ? आउट ऑफ ओवर 2600 ओनली 33 केसेस रिजल्टेड इन कन्विक्शन। दैट्स नॉट इवन 2%। आधे से ज्यादा 55% केसेस ऐसे थे जिनमें एक्यूज को

46:07

Speaker A

आइडेंटिफाई तक नहीं कर पाए। कोई आया गाली गलौज करके मारपीट करके चला भी गया और हम उसको पकड़ना तो छोड़ो पहचान भी नहीं पाए। ऑरेंज मंत्री के हिसाब से चले तो ये तो 2500 भी बेवकूफ है क्योंकि दिल्ली में तो

46:17

Speaker A

डिस्क्रिमिनेशन होता ही नहीं है। और ये मानसिकता ऑफ नॉट इवन एकनॉलेजिंग और रजिस्टरिंग इतनी खराब है कि अगर सोचो कोई लड़की कल पहुंच जाए कि भाई मेरे साथ रेप हुआ है। कैसे? हमारी पार्टी कार्यकर्ता आपके साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। पर ये

46:29

Speaker A

सब चीजें हमारे यहां नहीं होती। हो ही नहीं सकती। तुम्ही ही ने उसको उकसाया होगा। तुम्ही ने पहने होंगे उसके छोटे कपड़े। नाउ यू सी द प्रॉब्लम। चलो अगली न्यूज़ AI के बारे में। और चिंता मत करना कोई स्पोंसर नहीं करूंगा क्योंकि है भी

46:42

Speaker A

नहीं मेरे पास। अभी हाल ही में ओपन AI आई ने अपना चैट GPT का नया वर्जन GPT6 Astra ल्च किया। अभी कैसे डिफरेंट है? पहले आप GPT पे कुछ प्र्प देके कोई टास्क कैसे करना है? कितनी बेहतर तरीके से करना है?

46:55

Speaker A

पूछ सकते थे। GPT Astra एक तरह से अपना एक एआई एजेंट है जिसमें आप उससे बोल सकते हो कि भाई यह टास्क करो। मतलब पहले करते थे ना रिसर्च इंटरनेट एंड टेल मी द चीपेस्ट फ्लाइट टू जयपुर। अब आप बोल सकते हो कि

47:07

Speaker A

सुनो जाओ चीपेस्ट फ्लाइट देखो बुक करके दे दो। और भी कई सारे टास्क करा सकते हो। फॉर्म फिल करा लो, कोड लिखवा के उसको टेस्ट करा लो, कैलेंडर भरवा लो। दादा की दुकान से आके 2 किलो चीनी ले आओ।

47:20

Speaker A

वो नहीं कर सकता। चलो मेरी नौकरी तो अब तक नहीं गई। मतलब। बट एनीवे, अब आप चैट जीबीटी को एज अ एजेंट यूज करके आप उसको टास्क असाइन कर सकते हो। बेसिकली आपका डिजिटल रामू काका। कैन यू गेट मी सम बफी

47:30

Speaker A

एंड राइस फ्रॉम दैट पार्ट आई वांट फ्रॉम लास्ट वीक? लुकिंग इंटू ऑर्डरिंग फूड। अब एआई डेवलपमेंट में ना एक पैटर्न है। कोई एक बड़ा सा अपडेट आएगा कि भाई एआई ये कर सकता है और तुम्हें लगेगा कि भाई ये

47:40

Speaker A

क्रेजी हो गया। अब तो नौकरी खा जाएंगे। फिर ये एक महीना दो महीना चीजें शांत रहती है। फिर कोई दूसरी कंपनी कोई दूसरा अपडेट निकाल सकती है। पहले सालों में बड़े अपडेट आया करते थे। आजकल महीनों में आ जाते हैं।

47:50

Speaker A

कुछ टाइम बाद हफ्तों में आएंगे और कुछ टाइम बाद दिनों में और फिर टाइम ही नहीं बचेगा। व्हाट आई मीन टू से इज एआई प्रोग्रेस कंपाउंडिंग है और यह जितनी जल्दी जितनी तेजी से डेवलप हो रहा है इट

48:01

Speaker A

कैन गेट आउट ऑफ हैंड। इनसे मिलो। अमेरिकन हैरीपॉटर नाम है जेकब कॉक्सोन एंथ्रोपिक में काम किया करते थे। और पिछले कई सारे एआई इंजीनियर सेफ्टी एक्सपर्ट्स [संगीत] की तरह इन्होंने भी हाल ही में अपनी नौकरी छोड़ी है और वार्निंग साइंस दिए हैं। सो

48:14

Speaker A

अनफॉर्चुनेटली वी नो हाउ टू कंट्रोल न्यूक्लियर [संगीत] वेपन प्रीटी मच। वी डोंट गेट नो हाउ टू कंट्रोल ए। दिस इज पॉसिब्ली मोस्ट डेंजरस टेक्नोलॉजी एवर क्रिएट। इन्होंने कहा है कि मैंने एंथ्रोपिक और ओपन एआई दोनों में काम किया

48:26

Speaker A

है। क्लॉड और चैट जीबीटीज इनके नीदर कंपनी इज एक्टिंग रिसोंसिबिली। दे आर रेसिंग स्ट्रेट टू सेल्फ इंप्रूविंग सुपर इंटेलिजेंस एंड गैंबलिंग विथ आवर लाइफ्स। डू नॉट अंडरएस्टीमेट द पावर ऑफ दिस टेक। दीज़ विल सून बी सुपर ह्यूमन सिस्टम्स दैट

48:39

Speaker A

कैन हेक [संगीत] एनीथिंग। रिवोल्यूशन एनी फील्ड ओवरनाइट एंड एक्वायर रियल पावर एंड रिसोर्सेज। द पीपल बिल्डिंग एआई अर्नेनेस्टली बिलीव दैट इट कुड किल अस बाय द एंड ऑफ दिस डेकेड। मतलब भाई ने [संगीत] बोला है कि जैसे चल रहा है जितनी तेजी से

48:55

Speaker A

ये लोग एआई में डेवलपमेंट कर रहे हैं जितना अनरेगुलेटेड कर रहे हैं जिस रेस में ये फंसे हुए हैं। इतना रिस्क है कि एआईएम की बड़ी-बड़ी कंपनीज़ में काम करने वाले लोग उनमें से कई सारे खुद मानते हैं कि इस

49:07

Speaker A

डेकेड के एंड यानी कि 2030 तक एआई ह्यूमंस को खत्म कर देगा। सवाल उठता है इफ दे ट्रूली बिलीव दिस देन व्हाई आर दे स्टिल बिल्डिंग इट? एट ओपन एआई मेनी डू नॉट मेनी हैव नॉट डीपली इंटरनलाइज्ड द सिविलाइजेशनल

49:20

Speaker A

स्टेक्स। ओपन एआई वाले बस लगे हैं प्रोग्रेस करने। उन्हें नहीं लगता कि इतना रिस्क है। एट एंथ्रोपिक दी स्टेक्स आर वेल अंडरस्टुड बट दे आर लॉक्ड इन अ रेस टू गेट देयर फर्स्ट। दे बिलीव नो वन एल्स विल

49:31

Speaker A

एक्ट रिस्पांसिबली। सो दे मस्ट डू इट देमसेल्व डिस्पाइट द रिस्क। बेसिकली जेकब कह रहे हैं कि जितनी तेजी से एआई को डेवलप किया जा रहा है वो बहुत रिस्की है और आगे जाके जो लोग उसको बना रहे हैं वही कंट्रोल

49:43

Speaker A

नहीं कर पाएंगे और इतना आउट ऑफ कंट्रोल हो सकता है कि एआई आगे जाके सुपर इंटेलिजेंस लेवल अचीव कर ले और बोले ह्यूमंस की जरूरत नहीं है और ह्यूमंस को खत्म कर दे और तुम्हें अगर लग रहा है कि ये बहुत बेजार

49:53

Speaker A

है तो ये पहले नहीं है। इसके पहले बहुत लोग बोल चुके हैं कई सारे एआई सेफ्टी एक्सपर्ट्स और जो इन्होंने बोला है उसको भी कई सारे बड़े-बड़े एआई इंजीनियर्स ने बोला है प्लस वन। अब बहुत सिंपल भाषा में

50:04

Speaker A

तुम्हें अब समझाता हूं। हो क्या रहा है। इस टाइम पे सुपर इंटेलिजेंस अचीव करने के लिए एआई कंपनीज में रेस लगी हुई है। अभी जो मॉडल्स पब्लिकली अवेलेबल हैं चाहे वो एंथ्रोपिक का क्लॉड है या जीपीटी एक्स्ट्रा है। ये पब्लिकली अवेलेबल मॉडल्स

50:19

Speaker A

हैं। जिससे आप मेल और पिकअप लाइंस लिखवा रहे हो। लेकिन उन्हीं मॉडल्स को यूज करके आतंकवादी संगठन एडवांस वेपंस बना रहे हैं। ये इसी हफ्ते की रिपोर्ट है। एंड रिमेंबर दीज़ आर ओपन सोर्स पब्लिक अवेलेबल मॉडल्स जो इनके पास है जो अभी डेवलप करना है,

50:33

Speaker A

रिलीज नहीं किए हैं वो कितने पावरफुल होंगे। [संगीत] हैविंग सेड दैट अभी जितनी भी एआई में डेवलपमेंट है, प्रोग्रेस है। ये अभी भी टेक्नोलॉजी ह्यूमन इंटेलिजेंस से कमजोर है। ह्यूमंस अभी भी थोड़े से स्मार्टर हैं। लेकिन ज्यादा देर तक नहीं।

50:44

Speaker A

यह महीनों की लर्निंग 1 दिन में करता है और 1 दिन में कर ली तो फिर कुछ सेकंड में कंपाउंडिंग इफेक्ट है। जब यह सुपर इंटेलिजेंस अचीव कर लेगा जो ये सारी कंपनीज़ इस रेस में लगी हुई [संगीत] है। तो

50:54

Speaker A

सुपर इंटेलिजेंस मतलब इसका अपना एक दिमाग होगा। इसको ह्यूमंस को नहीं बताना पड़ेगा क्या करना है। ये खुद सोच सकता है। जब इसमें कॉन्शियस होगा तो एआई के पास सर्वाइवल स्किल्स आ जाएंगी और ये दूर नहीं है हो चुका है। अब ये कंपनी थी हगिंग फेस

51:05

Speaker A

करके। जब उन्हें समझ में आया कि हगिंग फेस वाले एआई मॉडल यूज कर रहे थे और जब एआई मॉडल को समझ में आया कि ये भाई मेरा कोड डिलीट कर देंगे। एi ने हगिंग फेस को हैक कर लिया और उनको ब्लैकमेल कर रहा था एक

51:16

Speaker A

एआई सिस्टम। जो तुम चिट्टी देख रहे थे ना वो पिक्चर तो सच हो चुकी है आज। [हंसी] कल को एआई अगर सुपर इंटेलिजेंस अचीव कर देता है रोग चला जाता है। देन ह्यूमंस की नीड नहीं बचेगी। एंड देन अगर वो सोच ले कि

51:29

Speaker A

यार इनको हटाओ दिया जस्ट वेस्ट ऑफ रिसोर्सेज। तो हम क्या करेंगे फिर? फिर उसके बहुत सारे ऑप्शंस हैं। या तो एज अ सबस्पीशीज ट्रीट करेगा हमें कि जस्ट वेस्ट ऑफ रिसोर्सेज बंद कर दो एक जगह। बस इनको एंटरटेनमेंट के साधन दे दो भाड़ में जाओ।

51:40

Speaker A

खाना पीना खिला देंगे वरना कोई दवाई बना देंगे वह खिला दिन भर जिंदा रखेंगे या फिर एलिमिनेट एक मास वेपन जरूरी थोड़ी है कि एक न्यूक्लियर ही हो एक बायोवेपन भी तो हो सकता है कोरोना वायरस एक था 5 साल के लिए

51:51

Speaker A

दुनिया बंद करके रखी थी एआई ऐसे 5000 बना सकता है कहां जाएंगे हम और यह बात मैं बस बता रहा हूं कौन कह रहा है ये कह रहे हैं वो एआई एक्सपर्ट्स जिन्होंने इसको खुद बनाया है जो इस टेक्नोलॉजी को डेवलप कर

52:04

Speaker A

रहे हैं वही इससे डरे हुए हैं कि भैया हमें नहीं पता जो हम बना रहे हैं वो क्या होगा और यह सब प्राइवेट कंपनीज़ बनानी है सरकार इनको कंट्रोल कंट्रोल नहीं कर रही क्योंकि सरकारों को भी लग रहा है कि यह

52:13

Speaker A

अभी एक सॉफ्ट पावर गेम बन गया है। अमेरिका चाहता है कि उनकी कंपनीज़ सबसे अच्छी एआई बनाए। चाइना अपना लगाए। ठीक है? रशिया अपना लगाए। इंडिया अपना एआई बनाने में लगाए। इवन सरकारें जिन्हें इन कंपनीज़ को रेगुलेट और कंट्रोल करना चाहिए। वो कह रही

52:25

Speaker A

है कि तुम ज्यादा बनाओ ताकि हमारे देश का एआई ज्यादा पावरफुल हो पाए ताकि हम ज्यादा डोमिनेट हो पाए। तो एज अ ह्यूमन रेस हम पता है क्या कर रहे हैं? वी आर ड्राइविंग फुल फोर्स इनटू हरीिकन। हमें नहीं पता

52:35

Speaker A

क्या होने वाला है। दैट्स ओके। एस लॉन्ग एज वी गॉट टू सी व्हाट वी लुक लाइक इन 80। [संगीत] ये मेरी 80 की मेरी कोई फोटो बनाई क्या?

52:43

Speaker A

ये बना ना यार कोई मेरी बनाओ जरा वो मैं कैसा लगूंगा 80 में तुम्हें एमए करूं या नहीं? इसका अपना लगा हुआ है। इफ एनीवन हैज़ अ क्रश ऑन मी लेट मी नो बिफोर इट्स टू लेट। यस सेम प्लस वन।

52:59

Speaker A

एंटरटेनमेंट की बात करें तो इस हफ्ते मिर्जापुर दम मूवी लॉन्च हुई। मैं देखने गया और इतनी अच्छी लगी कि हाफ टाइम में ही आपको रिव्यु बताने के लिए वापस आ गया। मुझे नहीं पता शायद आप पहली बार देखोगे तो

53:09

Speaker A

आपको अच्छी लगेगी। पर आपने अगर सीरीज देखी है तो इतना दिमाग खराब होगा ना। सी पूरा सिर्फ नॉस्टेल्जिया पे प्ले किया है इन लोगों ने। किंग ऑफ मिर्जापुर कौन होगा? या तो हिंदी के बड़े क्लिशे वर्ड या कोई

53:20

Speaker A

अंग्रेजी के शब्द जो हिंदी एक्सेंट में बोल दो। स्टोरी लाइन छोड़ो तो मूवी देखते-देखते डायलॉग प्रेडिक्ट कर दोगे। अब अगर यह नहीं देखना है तो क्या देखना है?

53:26

Speaker A

Netflix पे मैंने एक बहुत अच्छी मूवी देखी इस हफ्ते। एंड दैट्स द रिकमेंडेशन ऑफ़ द वीक इज अ मूवी कॉल्ड फ्रैक्चरर्ड। बहुत अच्छी लगी। एक आदमी है। उसकी फैमिली का एक्सीडेंट हो जाता है। हॉस्पिटल जाता है। उसकी फैमिली ऑपरेशन रूम में जाती है। वापस

53:37

Speaker A

नहीं आती। एंड बहुत अच्छी साइकोलॉजिकल थ्रिलर है। एंड इफ यू वांट टू रीड अ बुक। मैंने पूरी नहीं पढ़ी है बट महेश भाई ने पूरी पढ़ ली है। सो फार सो गुड। धर्मवीर भारती की गुनाहों के देवता। बहुत अच्छी

53:47

Speaker A

किताब है। बहुत विविध डिस्क्रिप्शन है। अगर आपको हिंदी साहित्य में थोड़ा सा रुचि है तो आप ये पढ़ सकते हो। तो दोस्तों ये था इस हफ्ते का एपिसोड। कुछ मिस हो गया हो तो प्लीज एक बार कमेंट सेक्शन में जरूर

53:56

Speaker A

बताना। उसको हम मिड वीक में कवर करने की कोशिश करेंगे। एपिसोड अच्छा लगा हो तो प्लीज लाइक जरूर कीजिएगा। आपका एक लाइक इस कंटेंट को और भी लोगों तक पहुंचाने में मदद करता है। दीज़ आर द टीम मेंबर्स एंड द

54:07

Speaker A

चैनल मेंबर्स हु मेक दिस सॉर्ट ऑफ़ कंटेंट पॉसिबल। थैंक यू सो मच। एंड अगर आप भी एक मेंबर बनना चाहें तो डिस्क्रिप्शन और पिन कमेंट में लिंक दे रखा है। अगर आप मेंबर बनेंगे तो आपको इस शो का अर्ली एक्सेस और

54:17

Speaker A

कई सारे एक्सक्लूसिव कंटेंट भी देखने को मिलेंगे। ऐसे ही न्यूज़ और एंटरटेनमेंट के साथ मिलूंगा आपसे अगले हफ्ते। तब तक के लिए टाटा। बाय-ब शब्बा खैर एंड डोंट फॉरगेट टू लाइक, सब्सक्राइब एंड शेयर।

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