**BODY FLUIDS & CIRCULATION Complete Chapter in One Video || Class 11th NEET || Hyperbiologist — Transcript & Summary | SozAI**
Source: https://sozai.app/transcript/body-fluids-circulation-complete-chapter-neet-class-11/

NEET 11वीं कक्षा के बॉडी फ्लूइड्स एंड सर्कुलेशन चैप्टर का पूरा विवरण। रक्त, प्लाज्मा, लिंफ, रक्त वाहिकाएं और हृदय की कार्यप्रणाली आसान भाषा में समझें।

## Key Takeaways

- रक्त, लिंफ और इंटरस्टीशियल फ्लूइड शरीर में पदार्थों के आदान-प्रदान के लिए जरूरी हैं
- हृदय चार चैंबर वाला पंप है जो दोहरे परिसंचरण से रक्त को पूरे शरीर में भेजता है
- ब्लड ग्रुप का निर्धारण RBC पर उपस्थित एंटीजन और प्लाज्मा में एंटीबॉडी से होता है
- सर्कुलेशन की दक्षता जंतुओं के विकास स्तर के साथ बढ़ती है

## What the video covers

- इस हाइपरबायोलॉजी सीरीज में बॉडी फ्लूइड्स और सर्कुलेशन चैप्टर को शुरू से समझाया गया है
- रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है और शरीर का मुख्य बॉडी फ्लूइड है
- रक्त के दो मुख्य भाग हैं: प्लाज्मा (लगभग 55%) और फॉर्म्ड एलिमेंट्स (लगभग 45%)
- इंटरस्टीशियल फ्लूइड, लिंफ और रक्त के बीच अंतर समझाया गया है
- रक्त वाहिकाएं (धमनियां, शिराएं, कैपिलरीज) और पंपिंग अंग हृदय सर्कुलेशन के तीन मुख्य घटक हैं
- निम्न स्तर के जीवों (स्पंज, सीलेंट्रेटा) में रक्त नहीं होता, वे सराउंडिंग पानी से पोषण लेते हैं
- विभिन्न जंतु समूहों में हृदय के चैंबर की संख्या की तुलना की गई है (मछली दो, उभयचर और सरीसृप तीन, पक्षी व स्तनधारी चार)
- ब्लड ग्रुप, एंटीजन और एंटीबॉडी की अवधारणा ब्लड ग्रुप सिस्टम के रूप में समझाई गई है
- हृदय चक्र (कार्डिएक साइकिल), SA नोड और हृदय ध्वनियां समझाई गई हैं
- हार्ट फेलियर और ECG के वक्र (P, QRS, T) भी चर्चा का हिस्सा हैं

## Chapters

1. 00:00 परिचय और चैप्टर का महत्व
2. 04:30 बॉडी फ्लूइड्स और सर्कुलेशन की आवश्यकता
3. 20:00 रक्त: प्लाज्मा और फॉर्म्ड एलिमेंट्स
4. 30:00 लिंफ और इंटरस्टीशियल फ्लूइड
5. 40:00 रक्त वाहिकाएं और हृदय की संरचना
6. 60:00 ब्लड ग्रुप, एंटीजन और एंटीबॉडी
7. 80:00 हृदय चक्र और ECG
8. 95:00 हृदय से जुड़ी बीमारियां और सारांश

Answers

## Questions about this video

इस वीडियो में किन मुख्य विषयों को कवर किया गया है?

वीडियो में रक्त, लिंफ, इंटरस्टीशियल फ्लूइड, रक्त वाहिकाएं, हृदय की संरचना और सर्कुलेशन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है। ब्लड ग्रुप और हृदय चक्र जैसे विषय भी शामिल हैं।

प्लाज्मा और फॉर्म्ड एलिमेंट्स में क्या अंतर है?

रक्त का लगभग 55% भाग प्लाज्मा होता है, जिसमें पानी, प्रोटीन और अन्य पदार्थ होते हैं। बाकी लगभग 45% फॉर्म्ड एलिमेंट्स होते हैं, जिनमें RBC, WBC और प्लेटलेट्स शामिल हैं।

चार चैंबर वाला हृदय किन जंतुओं में पाया जाता है?

वीडियो के अनुसार चार चैंबर वाला हृदय पक्षियों और स्तनधारियों में पाया जाता है। मगरमच्छ जैसे कुछ सरीसृप भी इसमें अपवाद के रूप में चार चैंबर वाला हृदय रखते हैं।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

इन द हाइपरबायोलॉजी सीरीज जहां पर आज हम पढ़ने वाले हैं बॉडी फ्लूइड्स एंड सर्कुलेशन के बारे में। अगर मैं ओ ब्लड ग्रुप वाले इंसान की बॉडी में बी ब्लड ग्रुप डाल दूं तो ये ओ वाला है। इसने तो

00:10

Speaker A

कभी हरे कलर का गोला देखा ही नहीं। इस पे तो हरे कलर का गोला है ही नहीं। तो मेरे भाई ये जब हरे कलर का गोला आएगा इसमें तो ये तो हमला कर देगा इस पे। कोई ऐसा सेल है

00:18

Speaker A

जो मेरी बॉडी का ही पार्ट है। क्या मैं उस पे हमला करूंगा? सबसे चिंदी हार्ट पाया जाता है आपका पाइसिस में। दैट इज टू चेंबर्ड। एक ओरिकल, एक वेंट्रिकल। आपका एफीबियन और रेप्टाइल में। क्रोकोडाइल एक एक्सेप्शन है जहां चार चेंबर का हार्ट

00:29

Speaker A

होता है। बाकी सारे के सारे आपके रेप्टाइल्स में और एफीबियन में तीन चेंबर का हार्ट है। दो ओरिकल और एक वेंट्रिकल एंड आपका बर्ड्स और मैमल्स में एंड जो क्रोकोडाइल एक्सेप्शन था रेप्टाइल्स का उनमें चार चेंबर का हार्ट है। दो ओरिकल और

00:41

Speaker A

दो वेंट्रिकल। तो हेलो एवरीवन। कैसे हैं आप सब लोग? आई होप ईच एंड एंड एंड एंड एंड एंड एंड एंड एंड एंड एवरीवन ऑफ यू डूइंग अब्सोलुटली गुड। माय नेम इज डॉक्टर विपिन कुमार शर्मा एंड मैं आप सभी लोगों का तहे दिल से

00:50

Speaker A

स्वागत करता हूं हमारे इस प्यारे से कंपटीशन वाला चैनल के ऊपर इन द हाइपर बायोलॉजी सीरीज जहां पर आज हम पढ़ने वाले हैं बॉडी फ्लूइड्स एंड सर्कुलेशन के बारे में मेरे दोस्त ये चैप्टर बच्चों को बहुत कॉम्प्लेक्स लगता है लेकिन दिस चैप्टर इज

01:02

Speaker A

गोइंग टू बी एन इजी केक वॉक फॉर ऑल ऑफ यू ऑल पोस्ट दिस सेशन चाहे आपको कुछ आता हो चाहे आपको कुछ ना आता हो अगर आप इस सेशन में घुस रहे हैं यू आर गोइंग टू अंडरस्टैंड ईच एंड एव्री कांसेप्ट क्योंकि

01:12

Speaker A

सारी की सारी चीजें समझने की हैं और एक-एक मैकेनिज्म एकदम आपके टिप्स के ऊपर हो जाएगा यह मैं एकदम दावे के साथ कह सकता हूं। बस अगला सवा डेढ़ घंटा जो है आप मुझे सौंप दीजिए। उसके बाद आपको रिजल्ट्स खुद ब

01:22

Speaker A

खुद दिखाई देंगे। एनसीईआरटी का एक-एक पॉइंट एकदम आपकी रगों में नसों में घुस जाएगा। एंड आप यह बात खुद कंफर्म कर रहे होंगे इन द कमेंट सेक्शन। मेरे दोस्त बॉडी फ्लूइड एंड सर्कुलेशन को पढ़ने से पहले मैं आपको हैंड रिटन हस्तलिखित नोट्स दिखा

01:35

Speaker A

देता हूं। हर चीज इतने प्यारे तरीके से क्राफ्ट की गई है कि आपको लगेगा कि अक्षर जो है निकल-निकल के आपको कुछ समझाने की कोशिश कर रहे हैं बोर्ड के अंदर से। एकदम आपकी आंखों में बस जाएंगे अक्षर। बहुत

01:47

Speaker A

प्यारे तरीके से एक-एक चीज को हम लोगों ने यहां पर मैप किया है। बहुत प्यारे फ्लो चार्ट्स बनाए हैं। जिससे कि आपको लगे दैट दिस इज एन इनोवेटिव टाइप ऑफ कंटेंट व्हिच इज ऑब्वियसली यहां पर जो प्लेस किया गया

01:57

Speaker A

है वो कंटेंट इनोवेटिव है ही। तो आपको मजा भी आ रहा होगा। आपको कोई भी चीज रिपीटेटिव नहीं लगेगी। आपको सारी चीजें बहुत ही नए तरीके से समझने का एक मौका मिलेगा। एनसीईआरटी का एक नया पर्सपेक्टिव मिलेगा। मैं एक छोटा सा आपसे अनुरोध करना चाहूंगा।

02:11

Speaker A

इस लेक्चर को देखते टाइम जैसा कि मैं हर लेक्चर में ही क्वेश्चन देता हूं। या तो आपकी एनसीआरटी पाठ्य पुस्तिका आपके सामने खुली होनी चाहिए जिससे कि आप वर्ड टू वर्ड मैच कर सकें और कुछ आपको इंपॉर्टेंट लगे।

02:20

Speaker A

कोई नई बात अगर आपको समझ में आ जाए एनसीआरटी के इस लेक्चर में तो उसको आप स्टिकी नोट बना के अपनी एनसीआरटी पे ही चिपका लें। या फिर ये जो वाइट कलर के हमारे नोट्स हैं इनको आप प्रिंट निकाल

02:29

Speaker A

लें। प्रिंट निकालने के बाद इस लेक्चर पे दोबारा आए और एक-एक चीज मेरे साथ-साथ पढ़ें। साथ-साथ देखें। तब जाकर के आप इस लेक्चर का पूरा का पूरा बेनिफिट उठा पाएंगे। मेरे दोस्त, हम लेक्चर को शुरू करने से पहले जैसा कि हमेशा एक कार्यक्रम

02:41

Speaker A

करते हैं। अपनी खोपड़ी पर सरसों का तेल लगाकर हम चैप्टर के नाम में घुस जाते हैं। सेम वही कार्यक्रम हम आज भी करेंगे। हम सबसे पहले समझेंगे कि इस चैप्टर के नाम का मतलब क्या है? हम बात कर रहे हैं आज के इस

02:51

Speaker A

सेशन में बॉडी फ्लूइड्स की एंड उनके सर्कुलेशन की। सबसे पहले जानें कि हमारी बॉडी के फ्लूइड हैं कौन-कौन से। हमारी बॉडी में कुछ फ्लूइड्स हैं, कुछ तरल हैं जो कि बह सकते हैं। हम जब फर्स्ट लेक्चर की बात कर रहे थे हाइपरबायोलॉजी सीरीज में

03:05

Speaker A

तो हमने एनिमल टिश्यूज़ का जिक्र किया था। वहां हमने एपिथिलियल टिश्यू, कनेक्टिव टिश्यू, न्यूरल टिश्यू, मस्कुलर टिश्यू का जिक्र किया था। कनेक्टिव टिश्यू में हमने बात की थी ब्लड की जो कि एक स्पेशलाइज्ड कनेक्टिव टिश्यू है क्योंकि उसमें फाइबर्स

03:17

Speaker A

नहीं होते। अदर दैन दैट कनेक्टिव टिश्यूज़ में आपको फाइबर्स देखने को मिल रहे थे, पर ब्लड में नहीं मिल रहे थे। क्योंकि ब्लड में फाइबर होंगे तो वो बह ही नहीं पाएगा। अगर ब्लड को बहना है इट नीड टू बी फ्लूइडी

03:28

Speaker A

इन नेचर। तो यहां पर आपको एक फ्लूइड कनेक्टिव टिश्यू की जानकारी जुटानी है जिसे हम ब्लड कहते हैं जो कि हमारा मेजर फ्लूइड है। एंड उसके अलावा आपको लिंफ या इंटरस्टीशियल फ्लूइड या फिर टिश्यू फ्लूइड भी देखने को मिलता है जिसके बारे में भी

03:41

Speaker A

हम लोग चर्चा कर रहे होंगे। इंटरस्टीशियल फ्लूइड में और लिंफ में क्या डिफरेंस है?

03:45

Speaker A

ये डिफरेंस तक भी हम लोग जान रहे होंगे। और ये फ्लूइड्स हमारी बॉडी में कैसे सर्कुलेट करते हैं? ये भी हम लोग जान रहे होंगे। अगर समझ लीजिए आपको एक जगह से दूसरी जगह पर पानी पहुंचाना है। समझ लीजिए

03:56

Speaker A

नीचे आपके पास कुछ पानी है और उसको आप ऊपर अपने छत पर रखी हुई टंकी में पहुंचाना चाहते हैं। तो आपको किन-किन चीजों की जरूरत पड़ेगी? सर हमें एक मोटर की जरूरत पड़ेगी जो पानी नीचे से ऊपर पंप कर दे। सर

04:06

Speaker A

हमें पाइप की जरूरत पड़ेगी जो नीचे वाले पॉइंट को ऊपर वाले पॉइंट से कनेक्ट कर दे। और सर हमें जरूरत पड़ेगी खुद पानी की। ऐसे फ्लूइड की जो कि हमें पहुंचाना है नीचे से ऊपर। यानी तीन चीजें लगी। फ्लूइड यानी

04:18

Speaker A

पानी, पाइप एंड उसके अलावा मोटर। यहां भी ये तीन ही चीजें हैं। हमारा मेन जो सिस्टम है जो हम सर्कुलेशन में पढ़ते हैं दैट इज ब्लड वस्कुलर सिस्टम। यहां आपका ब्लड होगा। ब्लड को एक जगह से दूसरी जगह

04:31

Speaker A

पहुंचाने के लिए आपके पाइप्स होंगे। यानी कि आपकी आर्टरीज, वेंस, कैपिलरीज होंगी यानी वेसल्स होंगी। एंड थर्ड इंपॉर्टेंट थिंग आपकी मोटर होगी। मेन पंपिंग ऑर्गन होगा जिसको हम लोग क्या कह रहे होते हैं?

04:41

Speaker A

हार्ट कह रहे होते हैं। ये मेन मोटर होगी। इन्हीं तीनों चीजों के बारे में हमको डिटेल में पढ़ना है। पहले ब्लड को पढ़ेंगे, उसके बाद वेसल्स को पढ़ेंगे और फिर हार्ट को एंड ओवरऑल सर्कुलेशन को हम लोग पढ़ रहे होंगे। अब सबसे महत्वपूर्ण

04:53

Speaker A

सबसे जरूरी सवाल ये है कि व्हाई दिस सर्कुलेशन इज सोेंट? भाई अगर मैंने कुछ खाना खाया। समझ लीजिए मैंने आलू का पराठा खाया। आलू के पराठे में स्टार्च था। उस स्टार्च को मैंने डाइजेस्ट किया, ब्रेक डाउन किया तो वो ग्लूकोस में कन्वर्ट हो

05:05

Speaker A

गया। अब वो ग्लूकोस ब्लड में लोड हो गया। अब ब्लड सर्कुलेट करेगा, करेगा, मेरी पूरी बॉडी में घूमेगा और अलग-अलग सेल्स तक क्या उस ग्लूकोस को पहुंचा देगा? पहुंचा देगा। तो मुझे अलग-अलग सेल्स के अंदर भी सामान पहुंचाना है। मुझे सामान पहुंचाना है टू द

05:20

Speaker A

सेल्स। मुझे ऑक्सीजन पहुंचानी है टू द सेल्स। मुझे खाने का सामान पहुंचाना है टू द सेल्स। एंड सेल के अंदर जो मेटाबॉलिक रिएक्शन हो रहे हैं, वहां पर जो एक्सक्रीटरी मैटर बन रहा है, वहां पे जो CO2 बन रहा है, उसको मुझे निकालना भी है

05:31

Speaker A

सेल से। तो मुझे सामान बाहर निकालना है फ्रॉम द सेल्स एज वेल। यानी मुझे कोई सामान सेल को देना भी है और सेल से कुछ सामान निकालना भी है तो यह तो सर्कुलेशन के थ्रू ही हो पाएगा ना। आदानप्रदान

05:42

Speaker A

सर्कुलेशन के थ्रू ही तो हो पाएगा। और अलग-अलग एनिमल्स में ये जो सर्कुलेशन की प्रक्रिया है ये जो प्रोसेस है ये डिफरेंट लेवल्स की है। फॉर एग्जांपल अगर आप एकदम लोअर लेवल के एनिमल्स की बात करें जिन्हें हम स्पंजेस कहते हैं या सीलेंट्रेटा कहते

05:54

Speaker A

हैं। एनिमल किंगडम में आप सबसे पहले इन्हीं फाइलम्स के बारे में पढ़ते हो। स्पंजेस जिन्हें आप पोरिफेरा कहते हो। फिर सीलेंट्रेटा बहुत लोअर लेवल के एनिमल्स हैं। तो इनमें कोई ब्लड नहीं है। इनमें क्या होता है? इनके आसपास का जो सराउंडिंग

06:06

Speaker A

फ्लूइड है, यह जो सराउंडिंग वाटर है, क्योंकि पानी में रहते हैं, वो वाटर ही इनकी बॉडी में फूड लेकर के, ऑक्सीजन लेकर के कई बार गेमिट्स लेकर के आ रहा होता है। इनका खुद का कोई फ्लूइड नहीं है। खुद का

06:17

Speaker A

कोई ब्लड नहीं है। इनका सराउंडिंग फ्लूइड जो है यानी वाटर जो है वही इनके अंदर क्या लेकर के आ रहा होता है? वो आपका ऑक्सीजन और फूड लेकर के आ रहा होता है। लेकिन अगर आप हायर एनिमल्स की बात करें जैसे अगर आप

06:28

Speaker A

हमारी ही बात करें तो हमारे अंदर स्पेशल फ्लूइड होते हैं। जो मेजर हमारा बॉडी फ्लूइड है इसे हम ब्लड कहते हैं। और उसके अलावा लिंफ भी आज आपको देखने को मिलेगा। इन दोनों फ्लूइड्स के बारे में हमको आज इस

06:40

Speaker A

लेक्चर में चर्चा करनी है। बट द प्राइम वन इज ब्लड। इसीलिए हम लोग क्या कहेंगे? पहले ब्लड को इंपॉर्टेंट कहेंगे। उसके बारे में सारी की सारी चीजें समझने की कोशिश करेंगे। तो अगर आप ब्लड की बात करें, अगर

06:52

Speaker A

आप रक्त की बात करें, खून की बात करें तो इसमें दो मेजर पार्ट्स होते हैं। पूरे के पूरे ब्लड का जो 55% पार्ट है, मोर देन 50% जो पार्ट है, इसे हम प्लाज्मा कहते हैं। और जो बच गया भाई, 100 में से 55%

07:07

Speaker A

अगर प्लाज्मा है, बचा हुआ आपका 45% जो है, यह आपका क्या हो जाएगा? फॉर्म्ड एलिमेंट। अब नाम के अंदर घुस जाओ खोपड़ी पे चमेली का तेल लगा के। प्लाज्मा प्लाज्म शब्द आ रहा है। साइटोप्लाज्म प्रोटोप्लाज्म प्लाज्मा ऐसा इलाका जिसमें पानी भरा हुआ

07:22

Speaker A

हो। प्लाज्मा का मतलब ये होता है यहां मेन कंटेंट पानी है। एंड फॉर्म्ड एलिमेंट्स यानी ब्लड के ऐसे एलिमेंट्स ब्लड के ऐसे तत्व जो कि फॉर्म हुए हैं जो कि बने हैं। जैसे आरबीसी बनी आपकी रेड बोन मैरो में।

07:36

Speaker A

आप अगर बात करें प्लेटलेट्स की तो वह भी आपके बोन मैरो के कुछ सेल्स हैं। उनसे ही बनते हैं। जैसे यह आपके बनते हैं मेगा कैरियोटसाइट से। तो मेरे दोस्त ये बन रहे हैं ना ये फॉर्म हो रहे हैं। सो दे आर

07:48

Speaker A

फॉर्म्ड एलिमेंट्स। तो प्लाज्मा जिसमें अधिकतर कंटेंट पानी होगा एंड फॉर्म्ड एलिमेंट्स जो कि तैयार हो रहे होंगे हमारी बॉडी के अंदर। तो ये जो 55% कॉम्पोनेंट है प्लाज्मा है। बचा हुआ 45% आपका क्या है? फॉर्म्ड एलिमेंट्स हैं। अगर आप प्लाज्मा की बात करें तो

08:06

Speaker A

प्लाज्मा जो है इसमें मेन कंटेंट पानी ही है। इसीलिए थोड़ा फीके फीके कलर का दिखेगा। स्ट्रॉ कलर का यानी फीके येलो से कलर का दिखेगा और थोड़ा सा विस्कस यानी थोड़ा सा गाढ़ागा सा थोड़ी विस्कोसिटी इसकी हाई होगी। एकदम पानी जैसा नहीं होगा।

08:17

Speaker A

पानी से तो कंपैरेटिवली गाढ़ा होगा ही। तो इसमें 90 से 92% 90 से 92% पानी होता है आपका प्लाज्मा में और 6 टू 8% क्या होते हैं? प्रोटीनंस होते हैं। इसीलिए पानी से थोड़ा सा गाढ़ा होता है, विस्कस होता है। एंड ये जो प्रोटीन है

08:34

Speaker A

ये भी अलग-अलग प्रकार के हैं। और इन प्रोटीनंस के नाम से ही आप बता सकते हैं इनका फंक्शन क्योंकि सीधा-सीधा जो नाम है वो इनके फंक्शनंस को ही एक तरीके से डिपिक्ट कर रहे हैं। फॉर एग्जांपल फाइब्रिनोजन। फाइब्रिनोजन नाम में ही घुस जाओ। फाइब्रिन

08:47

Speaker A

जनरेट करने वाला, फाइब्रिन बनाने वाला यानी आपका ब्लड का क्लॉट जो बनता है। अगर मेरे हाथ पे चोट लग गई है, यहां पे कट लग गया है तो यहां पे एक-द दिन बाद डार्क ब्राउन कलर का, रेडिश कलर का कत्थ दिखाई

08:59

Speaker A

देगा। जहां पे कुछ फाइबर्स से जमा हो जाएंगे जो कि ब्लड को बहने से रोकते हैं। एक पैच सा बना लेते हैं। वो फाइब्रिन के पैच होते हैं। तो कौन बनाएगा फाइब्रिन का पैच? फाइब्रिनोजन ही तो जनरेट करेगा

09:09

Speaker A

फाइब्रिन का पैच। यस। तो ये क्या करते हैं? ब्लड क्लॉटिंग में हेल्प करते हैं। खून का कत्थ बनने में हेल्प करते हैं। नाम से ही समझ में आ गया। दूसरा जो प्रोटीन है यह है ग्लोबुलिन। ग्लोबुलिन से हमारे

09:20

Speaker A

दिमाग में आता है इम्यूनोग्लोबुलिन यानी एंटीबॉडीज। जैसे एंटीबॉडी ए को हम आई जी ए कहते हैं। इम्यूनोग्लोबुलिन ए। एंटीबॉडी डी को हम आई जी डी कहते हैं। इम्यूनोग्लोबुलिन डी। एंटीबॉडी ई को आईजी ई कहते हैं। इम्यूनोग्लोबुलिन ई। यह हमें

09:35

Speaker A

इम्यूनिटी प्रदान करते हैं। ग्लोबुलिन से ही इम्यूनोग्लोबुलिन का साउंड आता है। एंटीबॉडी का साउंड आता है जो हमारे खून में घूम रही होती हैं और अलग-अलग पैथोज्स पे हमला कर रही होती हैं। देन एल्ब्यूुमिन एल्ब्यूुमिन क्या करेगा? ऑस्मोटिक बैलेंस

09:50

Speaker A

करेगा। आपकी बॉडी में वाटर साल्ट बैलेंस देख रहा होगा एल्ब्यूुमिन। यानी 90 से 92% आपका पानी होगा। छ से 8% आपका प्रोटीन होगा। और बचा हुआ क्या होगा? सर बचा क्या?

10:02

Speaker A

देखो भाई 92 और 8 ये तो 100 हो गया। 90 और सिक्स है तो 96 हो गया। यहां 4% बचा हुआ है ना। अगर मिनिमम जो नंबर्स हैं इनको आप जोड़ो 4% एक दो 3% चीजें अभी भी बची हुई है

10:13

Speaker A

वो क्या है आपकी? आयंस न्यूट्रिएंट्स। क्योंकि आपका जो ब्लड है इसमें न्यूट्रिएंट भी तो लोड लोड होंगे। बिल्कुल होंगे सर। मैंने क्या बताया? मैंने आलू का पराठा खाया जिसमें स्टार्च था उसको मैंने डाइजेस्ट किया। तो ग्लूकोस बना। ग्लूकोस

10:26

Speaker A

अब लोड हो गया कहां पर? ब्लड में। मैंने प्रोटीन खाया। प्रोटीन टूट-टूट कर डाइजेस्ट होकर अमीनो एसिड बना बैठा। अमीनो एसिड कहां लोड हो जाएंगे? डाइजेस्ट होने के बाद ब्लड में। ब्लड के थ्रू ही तो अलग-अलग सेल्स तक पहुंचेंगे। तो ये जो

10:36

Speaker A

न्यूट्रिएंट है इनका अमाउंट क्या होता है? ट्रांजिएंट होता है। दे आर इनट्रांजिट। इनट्रांजिट मतलब कोई फिक्स्ड नंबर नहीं है कि इतने अमीनो एसिड होंगे ही ब्लड में। भाई मैंने प्रोटीन खाया है। अभी-अभी प्रोटीन डाइजेस्ट हुआ है। अमीनो एसिड बने

10:50

Speaker A

हैं। वो ब्लड में लोड हो गए। ब्लड में अमीनो एसिड ज्यादा है। ब्लड में ग्लूकोस ज्यादा है। मैंने स्टार्च खाया है तो बाद में जब मैं इन्हें सेल्स तक पहुंचा दूंगा, अमीनो एसिड को मैंने सेल में पहुंचा दिया।

10:59

Speaker A

ग्लूकोस को मैंने सेल में पहुंचा दिया। तो अमीनो एसिड और ग्लूकोस की मात्रा कम हो गई। जब खाना नया-नया डाइजेस्ट हुआ था तो अमीनो एसिड और ग्लूकोस मात्रा बढ़ा रहे थे ब्लड के अंदर। नए-नए आए थे। बाद में

11:09

Speaker A

इन्हें सेल्स में भेज दिया तो ब्लड में इनकी मात्रा कम हो गई। तो ऑटोमेटिकली इनकी मात्रा चेंज होती रहती है। इसे कहते हैं दे आर इन ट्रांजिट यानी आते जाते रहते हैं। कोई फिक्स्ड नंबर नहीं है। सिमिलरली जो आयंस हैं वो है आपके सोडियम, कैल्शियम,

11:21

Speaker A

मैग्नीशियम, बाइकार्बोनेट, क्लोरीन। इस प्रकार के आयंस भी आपको देखने को मिलते हैं। इनकी मात्रा भी फिक्स नहीं है। थोड़ा ऊपर नीचे हो सकते हैं। ठीक है? ये बात हमने देखी। कोई अगर आपसे पूछ ले व्हाट इज सीरम? सीरम क्या है भैया? प्लाज्मा में से

11:36

Speaker A

इस पूरे प्लाज्मा में से अगर आप क्लॉटिंग फैक्टर हटा दो। सिर्फ क्लॉटिंग फैक्टर हटा दो। तो जो बच गया है लिक्विड उसे हम सीरम कहते हैं। क्योंकि सिर्फ क्लॉटिंग फैक्टर हटा दिया है। यानी इसके अंदर एंटीबॉडीज वगैरह भी प्रेजेंट हैं। तो यूजुअली आपको

11:48

Speaker A

जब एंटीबॉडीज लेनी होती हैं किसी इंसान से तो आप सीरम का इस्तेमाल करते हो। तो यहां पर ये है कि सिर्फ क्लॉटिंग फैक्टर्स आपने हटा दिए हैं। यानी ओवरऑल अगर मैं आपको पूरे के पूरे प्लाज्मा की डिस्कशन करके

11:58

Speaker A

बताऊं तो ब्लड दो चीजों से मिलकर बना है। प्लाज्मा और फॉर्म्ड एलिमेंट। प्लाज्मा है 55% फॉर्म्ड एलिमेंट है 45%। जो प्लाज्मा है इसमें 90 से 92% पानी है। 6 से 8% प्रोटीन है। फाइब्रिनोजन जो फाइब्रिन बनाएगा यानी क्लॉटिंग में हेल्प करेगा।

12:10

Speaker A

एल्बुमिन जो कि आपका ऑस्मोटिक कंसंट्रेशन के बैलेंस में हेल्प करेगा। एंड ग्लोबुलिन जिसका नाम ही है इम्यूनोग्लोबुलिन से संबंधित। तो ये आपको इम्यूनिटी प्रोवाइड कर रहा होगा। इसके अलावा आपकी बॉडी में ये जो आपका प्लाज्मा है इस यू नो फ्रैक्शन के

12:24

Speaker A

अंदर आपको आयंस भी मिल सकते हैं। जैसे आपका सोडियम हो गया, कैल्शियम, मैग्नीशियम, बाइकार्बोनेट, क्लोरीन यानी कैटायंस एंड आयंस पॉजिटिव, नेगेटिव दोनों प्रकार के आयंस मिलेंगे। एंड आपके न्यूट्रिएंट्स भी यहां पर हो सकते हैं। एंड सीरम क्या है? प्लाज्मा में से

12:35

Speaker A

क्लॉटिंग फैक्टर्स हटा दो तो आपका सीरम बन जाएगा। अगर मैं बात करता हूं फॉर्म्ड एलिमेंट्स की तो तीन चीजें हमने पढ़ी हैं बचपन से ही कि खून में तीन मेन प्रकार के सेल्स हैं। आरबीसी यानी रेड ब्लड सेल,

12:49

Speaker A

डब्ल्यूबीसी यानी वाइट ब्लड सेल एंड प्लेटलेट जो एक्चुअल में सेल नहीं है। सेल के फ्रेगमेंट्स हैं। एक बड़ा आपका सेल होता है जिसे मेगा कैरियोसाइट कहते हैं। ठीक है? इस मेगा कैरियोसाइट से जो कि बोन मैरो में पाया जा रहा था इससे प्लेटलेट

13:05

Speaker A

बनते हैं जो कि आपके सेल फ्रेगमेंट कहलाते हैं। इस मेगा कैरियोसाइट के टुकड़े हो जाते हैं, चिथड़े उड़ जाते हैं जिनसे आपका प्लेटलेट बन कर के तैयार होता है। तो इन एक्चुअल प्लेटलेट इज नॉट अ सेल बट इट इज़

13:16

Speaker A

फ्रेगमेंट ऑफ अ सेल। अगर कोई पूछे तो आपको पता होना चाहिए। अगर आप इनके नंबर्स की बात करें तो नंबर सबसे ज्यादा किसका होगा?

13:23

Speaker A

अगर आप पर एमएम क्यूब बात करें तो सबसे ज्यादा नंबर किसका होगा? आरबीसी का। पर एमएम ब ये 50 से 55 लाख हो सकते हैं। 5 से 5.5 मिलियन यानी 50 से 55 लाख हो सकते हैं पर एमएम क्यूब में। प्लेटलेट कितने हो

13:36

Speaker A

सकते हैं? 1.5 लाख से 3.5 लाख पर एमएम ब एंड डब्ल्यूबीसी कितने हैं? सिर्फ मात्र 6 से 8000 पर एमएम ब। यानी नंबर अगर कोई पूछ ले डब्ल्यूबीसी आरबीसी और प्लेटलेट में से किसका ज्यादा है? आरबीसी का मैक्सिमम 50

13:50

Speaker A

से 55 लाख। उसके बाद प्लेटलेट डेढ़ से 3.5 लाख। एंड उसके बाद आपका क्या हो जाता है?

13:55

Speaker A

उसके बाद सबसे मिनिमम जो आपको नंबर देखने को मिलता है वो डब्ल्यूबीसीस का देखने को मिलता है 6000 से 8000 बस अगर आप बात करते हैं आरबीसी की तो आरबीसी की कुछ इंपॉर्टेंट प्रॉपर्टीज देखिए भाई नाम है रेड ब्लड सेल तो ये रेड कलर के होते हैं

14:09

Speaker A

क्यों क्योंकि इनमें एक पिगमेंट पाया जाता है आयरन कंटेनिंग जिसे हम हीमोग्लोबिन कहते हैं। एक हेल्दी इंडिविजुअल के खून में 100 ml खून में लगभग 12 से 16 ग्राम हीमोग्लोबिन होना चाहिए। मेल और फीमेल में इसका जो अमाउंट है ये डिफरेंट होता है। है

14:24

Speaker A

ना? मेल्स में यूजली हीमोग्लोबिन की मात्रा हल्की सी ज्यादा देखने को मिलती है। तो ये रेंज है कि 12 से 16 ग्राम होना चाहिए। इसे पॉइंट्स भी कहते हैं। हीमोग्लोबिन पॉइंट्स भी कहते हैं कि 12 पॉइंटर है आपका हीमोग्लोबिन मतलब 12 ग्राम

14:36

Speaker A

हीमोग्लोबिन है 100 ml आपके खून के अंदर। तो ऐसा बताया जाता है। लाइफ स्पैन अगर आप देखें तो 120 दिन तक जिंदा रहती हैं आरबीसीस। यानी लगभग 4 महीने तक। 4 महीने के बाद इनकी मौत का समय आ जाता है। तो

14:47

Speaker A

इन्हें स्प्लीन में जिसे ग्रेवयार्ड ऑफ आरबीसी कहा जाता है। यहां भेज दिया जाता है। जहां आरबीसीजस के टुकड़े-टुकड़े हो जाते हैं। एजेड आरबीसीज के टुकड़े-टुकड़े हो जाते हैं। कुछ काम की चीजें हम लोग दोबारा रीयूज कर लेते हैं हमारे बॉडी के

14:58

Speaker A

अंदर और बाकी चीजें जो है वो डिग्रेड कर दी जाती हैं। मेन फंक्शन क्या है? हमने बॉडी फ्लूइड एंड सर्कुलेशन से पहले ब्रीथिंग एंड एक्सचेंज ऑफ गैसेस पढ़ा था। हमें पता है कि ये जो आपका हीमोग्लोबिन है ये ऑक्सीजन को भी अपनी पीठ पर लाद करके

15:09

Speaker A

ट्रांसपोर्ट करता है ऑक्सीहीमोग्लोबिन बना करके और CO2 को भी अपनी पीठ पे लाद के एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाता है आपका कार्बोमीनो हीमोग्लोबिन बना करके तो ये गैसेस के ट्रांसपोर्ट में हेल्प करता है सर बात तो ठीक है सारी बातें एकदम याद है

15:22

Speaker A

हमको ये जो आपका आरबीसी है रेड ब्लड सेल रेड बोन मैरो में बनता है एडल्ट्स में अगर आप यू नो लोअर स्टेज की बात करें एडल्ट्स में तो ये रेड बोन मैरो में बनेगा अगर आप लोअर स्टेजेस की बात करें एम्ब्रोनिक

15:36

Speaker A

स्टेजेस की बात करें तो वहां पर योक सैक में या लिवर में भी आपकी ये जो सेल्स हैं बन सकती हैं। इट इज़ बाय कॉनकेव डिस्क लाइक एंड इन्यूक्लिएटेड यानी मैच्योर आरबीसी के अंदर मैच्योर्ड मेलियन आरबीसी के अंदर

15:48

Speaker A

आपको न्यूक्लियस नहीं देखने को मिलता है। ये भी हम लोग अच्छे तरीके से जानते हैं। अगर आप बात करते हैं प्लेटनेट की जिसे हम थ्रोम्बोसाइट भी कहते हैं प्यार से। तो मैंने आपको बताया ये एक्चुअल में सेल फ्रेगमेंट है। एक बड़ा सेल था रेड बोन

16:00

Speaker A

मैरो में जिसका नाम था मेगा कैरियोसाइट। इस मेगा कैरियोसाइट के टूटने से प्लेटलेट्स या सेल फ्रेगमेंट बने हैं। जिनका नंबर क्या है आपका? 1.5 लाख से 3.5 लाख है पर एमएम क्यूब ऑफ ब्लड। और ये ब्लड क्लॉटिंग में हेल्प करता है। इसका मेन काम

16:14

Speaker A

क्या है प्लेटलेट का? ब्लड क्लॉटिंग में हेल्प करेगा ये। अगली स्लाइड में मैं आपको बताऊंगा भी कि ये ब्लड क्लॉटिंग कैसे कराता है। करेक्ट? सो अगर कभी किसी पेशेंट की बॉडी के अंदर उसके ब्लड के अंदर प्लेटलेट का नंबर घट जाता है तो क्लॉटिंग

16:28

Speaker A

डिसऑर्डर भी हो सकते हैं। क्योंकि क्लॉटिंग के लिए कौन रिस्पांसिबल था? प्लेटनेट। तो अगर प्लेटलेट का नंबर कम है तो क्लॉटिंग भी कम हो रही होगी। क्लॉटिंग में भी मुश्किल आ रही होगी। सर यह बात हम अच्छे तरीके से जान चुके हैं। बढ़िया

16:39

Speaker A

तरीके से जान चुके हैं। अगर हम बात करें गुरु जी डब्ल्यूबीसी की दैट इज वाइट ब्लड सेल की तो इनमें कोई कलर नहीं है। वाइट ब्लड सेल इन्हें इसलिए कहा गया क्योंकि दे आर नॉट रेड क्योंकि इनमें हीमोग्लोबिन

16:49

Speaker A

नहीं पाया जाता है। सो दे आर बेसिकली वाइट और कलरलेस। न्यूक्लिएटेड होते हैं। यानी इनमें न्यूक्लियस पाया जाता है। और नंबर इनका सबसे कम है। आरबीसी थी 50 से 55 लाख। प्लेटलेट थे 1.5 से 35 लाख और यह हैं

17:01

Speaker A

मात्र 6000 से 8000 पर एमएम क्यूब वॉल्यूम। इतना कम इनका नंबर है। ये जो डब्ल्यूबीसी है दो टाइप के होते हैं। इनको दो कैटेगरीज में डिवाइड कर दिया। ग्रन्यूलोसाइट और एग्रेन्यूसाइट। नाम में घुस जाओ। साइट यानी सेल। ग्रन्यूलो यानी

17:17

Speaker A

ग्रेन्यूल्स। ऐसे सेल जिनमें ग्रेन्यूल लाइक स्ट्रक्चर है, दानेदार स्ट्रक्चर हैं। एग्रनुलोसाइट मतलब एब्सेंट है आपके ग्रेन्यूल्स। तो ये जो ग्रन्यूलोसाइट है ये फदर तीन प्रकार के हैं। एसिड, बेस न्यूट्रल है ना नाम सही। बेसोफिल बेस को प्यार करने

17:33

Speaker A

वाला। इओसिनोफिल एसिड को प्यार करने वाला। न्यूट्रोफिल आपका न्यूट्रलिटी को पसंद करने वाला। एसिड बेस न्यूट्रल। ये है आपके ग्रनुलोसाइट। और जो बच गए आपके ये हो जाएंगे आपके लिंफोसाइट एंड मोनोसाइट। ये हैं आपके एग्रनुलोसाइट। यानी ग्रनुलोसाइट याद कर लो बस आप सिंपल

17:56

Speaker A

एसिड बेस न्यूट्रल बाकी जो बच गए आपका मोनोसाइट और लिंफोसाइट वो ऑटोमेटिकली एग्रनुलोसाइट में आ जाएंगे। सर बात समझ में आ गई। सर इनका फंक्शन क्या-क्या है?

18:05

Speaker A

सबसे पहले जो न्यूट्रोफिल है और जो मोनू भैया है मोनोसाइट ये फैगोसाइटिक है। यानी ये फैगोसाइटोसिस करते हैं। अगर आपकी बॉडी में कोई पैथोजन आ गया है तो उसको उसके बेसिकली चीथड़े उड़ा देने का काम। उसका फैगोसाइटोसिस उसको निगल करके उसके टुकड़े

18:20

Speaker A

करने का काम किसका है? न्यूट्रोफिल्स का एज वेल एज मोनोसाइट्स का है। सो दे आर फगोसिटिक। अगर आप लिंफोसाइट की बात करते हैं। लिंफ भी आप पढ़ेंगे ना अभी तो उसी से संबंधित है लिंफोसाइट। बी लिंफोसाइट यानी बी सेल। बी इम्यून सेल्स। टी लिंफोसाइट

18:34

Speaker A

यानी टी सेल्स जो इम्युनिटी प्रदान करते हैं ये आपके लिंफोसाइट कहलाते हैं। नाम से ही पता लग रहा है। इसके अलावा अगर आप बात करें इओसिनोफिल की तो इओसिनोफिल जो है आपकी बॉडी में जो इंफेक्शंस हैं इनको रेजिस्ट करते हैं एज वेल एज एलर्जिक

18:48

Speaker A

रिएशंस के दौरान भी ये बन रहे होते हैं। ज्यादा एक्टिव होते हैं। ठीक है? इसके अलावा अगर आप बेसोफिल देखें तो बेसोफिल तीन केमिकल बनाते हैं मेनली। एक है आपका हेपेरिन जो कि एंटी कोगुलेंट है। है ना?

19:01

Speaker A

कि आपका ब्लड अगर समझ लो वेसल में बह रहा है, ब्लड वेसल में बह रहा है तो हम नहीं चाहते वो क्लॉग हो जाए, कोगुलेट हो जाए, जम जाए, गाढ़ा हो जाए। अदरवाइज बह नहीं पाएगा। तो एंटी कोगुलेंट यानी ब्लड

19:10

Speaker A

कोगुलेट होने से रोकने वाला ब्लड का कत्थ बनने से रोकने वाला एंटी कोगुलेंट है आपका क्या? हेपरिन। सेरोटोनिन यह आपका वैसो कॉनस्ट्रिक्टर है। वैसो यानी वेसल कॉनस्ट्रिक्टर कॉनस्ट्रिक्ट कर देगा। पाइप को पतला कर देगा तो ब्लड तेजी से भागेगा

19:25

Speaker A

तो आपका ब्लड प्रेशर बढ़ जाएगा। हिस्टामिन क्या है आपका? वैसो डलेटर है। ब्लड वेसल को डाइलेट कर देगा यानी चौड़ा कर देगा। तो ब्लड अब आराम आराम से घूमेगा एकदम हिचकोले खाते हुए। यानी ब्लड प्रेशर बीपी आपका क्या हो जाएगा? कम हो जाएगा। करेक्ट? एंड

19:40

Speaker A

आपका इनफ्लेमेटरी रिएक्शनंस में भी ये इनवॉल्व होता है। तो एलर्जिक रिएक्शन में कौन इन्वॉल्व है? इओसिनोफिल। और इनफ्लेमेटरी रिएक्शन में कौन आपका ज्यादातर इनवॉल्व होता है? बेजोफिल। ये आपसे पूछा जाता है। यानी आपका अगर प्लाज्मा हो गया है इसको साइड में रख देते

19:55

Speaker A

हैं। अगर फॉर्म्ड एलिमेंट्स का आपका जिक्र करें तो फॉर्म्ड एलिमेंट्स में तीन चीजें आपको देखने को मिलेंगी। सबसे पहले प्लेटलेट जिसे हमने थ्रोम्बोसाइट भी कहा या फॉर्म्ड एलिमेंट्स में इसको हमने एक अलग नाम भी दिया था। दैट इज़ सेल्फ

20:06

Speaker A

फ्रेगमेंट। ठीक है? ये मेगा कैरियोसाइट्स के टूटने से बनते हैं जो कि आपके बोन मैरो में पाए जा रहे होते हैं। करेक्ट? तो मेगा कैरियोसाइट टूटेगा तब जाके आपका क्या बनेगा? थ्रोम्बोसाइट्स बनेंगे यानी प्लेटलेट बनेंगे। इनका नंबर 1.5 से 3.5

20:20

Speaker A

लाख होता है पर एमएम क्यूब और यह ब्लड क्लॉटिंग में हेल्प करते हैं। अगर आप आरबीसी की बात करें तो यह रेड बोन मैरो में बनते हैं एडल्ट्स में। इनकी लाइफ स्पैन जो है 120 दिन की होती है। उसके बाद

20:28

Speaker A

इन्हें स्प्लीन में जाकर के तोड़ दिया जाता है ग्रेवयार्ड ऑफ आरबीसी में यानी स्प्लीन में इनको भेज दिया जाता है। उसके बाद अगर आप इसके फंक्शन की बात करें आरबीसी की तो इसमें हीमोग्लोबिन होता है व्हिच इज़ एन आयरन कंटेनिंग पिगमेंट। तो वो

20:39

Speaker A

गैसेस के ट्रांसपोर्ट में हेल्प कर रहा होता है। सर हमें ये बात भी अच्छे तरीके से पता है। अगर आप डब्ल्यूबीसी की बात करें तो इनमें दो कैटेगरीज हमने बनाई। ग्रन्युलोसाइट एग्रनुलोसाइट। ग्रन्यूलोसाइट में एसिड, बेस न्यूट्रल यानी इरोसिनोफिल, बेजोफिल एंड न्यूट्रोफिल

20:53

Speaker A

एंड मोनोसाइट एज वेल एज आपका लिंफोसाइट एग्रनुलोसाइट में आ जाते हैं। काम इनके क्या-क्या हैं? न्यूट्रोफिल और मोनो भैया मोनोसाइट ये आपके फगोसाइटिक थे। अगर आप बात करें बेसोफिल की तो ये इनफ्लामेटरी रिएक्शनंस में भी इनवॉल्वड थे। एंड ये

21:06

Speaker A

हैपरिन, सेरोटोनिन एंड आपका हिस्टामिन बनाते हैं। इओसिन की अगर आप बात करें इओसिनोफिल की तो ये बेसिकली आपके क्या करते हैं? एलर्जिक रिएक्शनंस में इनवॉल्वड होते हैं एंड इनफेक्शंस को रेजिस्ट करते हैं। एंड अगर आप बात करते हैं लिंफोसाइट

21:21

Speaker A

की तो यहां बी लिंफोसाइट और टी लिंफोसाइट का नाम आ जाएगा। ये इम्यूनिटी प्रदान करते हैं। इनका सीधा-सीधा ऑर्डर पूछ लिया जाता है कि कौन ज्यादा अबंडेंट है, कौन कम अबंडेंट है। तो आंसर हम सीधा निकाल लेंगे। नेवर लेट मंकीज़ ईट बनाना। इसी तरीके से

21:35

Speaker A

हमने सारी चीजें लिखी भी हैं। नेवर लेट मंकीज़ ईट बनाना। मंकेज भाई को बनाना नहीं खाने देना है। तो सबसे ज्यादा कौन पाया जाता है? न्यूट्रोफिल 60 से 65% फिर लिंफोसाइट 20 से 25% फिर मोनोसाइट 6 से 8%

21:50

Speaker A

फिर ग्रेनुलोसाइट जो है आपका इओसिनोफिल 2 से 3% और फिर ग्रेनुलोसाइट जो है आपका बेसोफिल आपका 5 टू 1% यानी आधे से 1% ये आपको देखने को मिला। दिस इज योर ब्लड जहां हमने ब्लड के कॉम्पोनेंट्स यानी प्लाज्मा और फॉर्म्ड एलिमेंट्स के बारे

22:06

Speaker A

में ठीक तरीके से बात की। ये थोड़ा सा थ्योरिटिकल सा टॉपिक था। अब थोड़ा सा हम लोग एडवांस चलेंगे। थोड़ा सा प्रैक्टिकिटी पे चर्चा करेंगे। जैसे अगला जो टॉपिक है हमारा ये है ब्लड ग्रुप। अब कई अलग-अलग प्रकार के ब्लड ग्रुप होते हैं। एबीओ ब्लड

22:18

Speaker A

ग्रुपिंग सिस्टम है। आरएच ब्लड ग्रुपिंग सिस्टम है। बॉम्बे ब्लड ग्रुप सिस्टम है। है ना? गोल्डन ब्लड आपने सुना होगा। नहीं सुना है तो आज सुन लीजिए कि ऐसा भी एक ब्लड ग्रुपिंग सिस्टम है। आईएआरए यानी इनरा ब्लड ग्रुपिंग सिस्टम भी है। देयर आर

22:30

Speaker A

मेनी मोर टाइप ऑफ ब्लड ग्रुपिंग सिस्टम्स। आपको इनमें से दो पढ़ने होते हैं प्राइम लेवल पे। जैसे अगर कोई मेरे से मेरा ब्लड ग्रुप पूछे तो मैं बोलूंगा बी प्लस या बी पॉजिटिव। करेक्ट? बहुत इंस्पिरेशनल ब्लड ग्रुप है। बी पॉजिटिव। नाम ही नारा है एक।

22:44

Speaker A

तो बी क्या है? एबीओ में से मैं बी उठा रहा हूं। एंड आरएच एंटीजन अगर मेरे अंदर है तो प्लस लिख दिया जाएगा। आरएच एंटीजन अगर मेरे अंदर नहीं है तो माइनस लिख दिया जाएगा। यानी दो प्रकार के ग्रुप्स हमें

22:56

Speaker A

देखने होते हैं। एक तो एबीओ में से हमारा क्या आ रहा है? ए आ रहा है, बी आ रहा है, एबी आ रहा है या ओ आ रहा है। एंड आरएच अगर है तो प्लस लिख देंगे। आरएच अगर नहीं है

23:07

Speaker A

तो माइनस लिख देंगे कि भैया आरएच एंटीजन एब्सेंट है। तो ये दो ब्लड ग्रुपिंग सिस्टम हमें पढ़ने होते हैं। सबसे पहले हमने देखा एबीओ ब्लड ग्रुपिंग सिस्टम। देखिए अगर मेरे भाई यह आपकी आरबीसी है। आपका रेड ब्लड सेल है। उस आरबीसी की

23:25

Speaker A

मेंब्रेन पर कैसा एंटीजन पाया जा रहा है। उस बेसिस पे डिसाइड होता है कि आपका ब्लड ग्रुप क्या है। आराम से देखिए। अगर ये ओ है तो इस ओ को आप क्या कह सकते हो? जीरो भी कह सकते हो। यानी इसके ऊपर कोई अलग सा

23:38

Speaker A

एंटीजन नहीं है। कोई अलग से इसकी मेंब्रेन पे कोई केमिकल नहीं पाया जा रहा है। जो ब्लड ग्रुपिंग को डिसाइड करे। अगर आप ए ब्लड ग्रुप की बात करते हैं तो ये डब्बा पाया जा रहा है जिसे हमने कह दिया लेट से

23:49

Speaker A

ए एंटीजन तो ये ए ब्लड ग्रुप हो गया। बी ब्लड ग्रुप है तो इस पे गोला पाया जा रहा है। दैट इज बी एंटीजन तो बी ब्लड ग्रुप हो गया। और अगर ये डब्बा और गोला दोनों देखने को मिल रहा है इसका मतलब ए और बी दोनों

24:00

Speaker A

एंटीजन है तो एबी ब्लड ग्रुप हो गया। जैसा एंटीजन वैसा ब्लड ग्रुप। अगर कोई एंटीजन नहीं तो जीरो यानी ओ ब्लड ग्रुप। ए एंटीजन है तो ए ब्लड ग्रुप। बी एंटीजन है तो बी ब्लड ग्रुप। ए और बी दोनों एंटीजन है तो

24:10

Speaker A

एबी ब्लड ग्रुप। अब मेरे भाई क्या यह ब्लड जो है यह मैं ओ ब्लड ग्रुप किसी को भी दे सकता हूं? क्या मैं मेरे भाई ये जो आपका ओ ब्लड ग्रुप है ये किसी को भी दे सकता हूं। लेट्स चेक। देखो हम क्या करते हैं?

24:26

Speaker A

हमारी बॉडी किस प्रकार से काम करती है? हमेशा समझने की कोशिश करना। अगर समझ लीजिए मेरे लिए कोई चीज नई नहीं है। कोई ऐसा सेल है जो मेरी बॉडी का ही पार्ट है। क्या मैं उस पे हमला करूंगा? नहीं करूंगा। क्योंकि

24:39

Speaker A

मुझे पता है वह मेरे सेल जो है वही है। दे आर नॉट एनीथिंग न्यू टू मी। वो तो मेरी बॉडी के ही सेल्स हैं। तो मैं उनके ऊपर हमला क्यों करूंगा? जाने पहचाने है। मुझे पता है घर के आदमी है। लेकिन अगर कोई

24:50

Speaker A

बैक्टीरिया आ जाए, कोई वायरस आ जाए, कोई प्रोटोजोअ आ जाए, क्या मैं उसके ऊपर हमला करूंगा? बिल्कुल करूंगा। मेरा इम्यून सिस्टम उसके चीथड़े उड़ाएगा? बिल्कुल उड़ाएगा। क्योंकि मुझे पता है दैट इट इज़ अ फॉरेन पार्टिकल। इट इज़ अ फॉरेन मॉलिक्यूल

25:01

Speaker A

और अ फॉरेन ऑर्गेनिज्म। इट इज़ अ पैथोजन जिसको मैं रिकॉग्नाइज़ नहीं कर पा रहा हूं। ये मेरे लिए नया है। इस पे मुझे हमला करना पड़ेगा। तो समझ लो मेरे शेर अगर मैं यह जो ए ब्लड ग्रुप है, है ना? इस ए ब्लड ग्रुप

25:13

Speaker A

को ऐसे ऑर्गेनिज्म में डालता हूं जिसका ब्लड ग्रुप ओ है। अब जो ओ ब्लड ग्रुप लेके बैठा है इंसान इसने तो कभी ये डब्बा देखा ही नहीं। इसके ब्लड पे तो इसके आरबीसी पे तो ये डब्बा होता ही नहीं है। इसके ब्लड

25:25

Speaker A

में तो ये डब्बा है ही नहीं। तो जब इस ओ ब्लड ग्रुप वाले इंसान ने ए ब्लड ग्रुप को लिया तो इस डब्बे को देखा पहली बार तो बोला यार मेरी बॉडी का डब्बा तो नहीं है। मेरे बॉडी में तो ऐसा कोई सेल नहीं है जिस

25:36

Speaker A

पे ये डब्बा मिलता हो। क्या मैं इस पे आक्रमण कर दूंगा? कर दूंगा। बिल्कुल। बिल्कुल कर दूंगा। अगर मैं ओ ब्लड ग्रुप वाले इंसान की बॉडी में बी ब्लड ग्रुप डाल दूं तो ये ओ वाला है। इसने तो कभी हरे कलर

25:48

Speaker A

का गोला देखा ही नहीं। इस पे तो हरे कलर का गोला है ही नहीं। तो मेरे भाई ये जब हरे कलर का गोला आएगा इसमें तो ये तो हमला कर देगा इस पे। बोलेगा अरे हरा गोला मेरी बॉडी में नहीं मिलता। भाई ये तो बाहर का

25:59

Speaker A

है। इसको तो मैं मारूंगा। सिमिलरली अगर एबी ब्लड ग्रुप मैंने डाल दिया। ना मैंने डब्बा देखा हुआ है, ना मैंने गोला देखा हुआ है। मेरे लिए दोनों चीज नहीं है। क्या मैं हमला कर दूंगा? बिल्कुल कर दूंगा। सिमिलरली ए ब्लड ग्रुप है। यह बी ब्लड

26:11

Speaker A

ग्रुप है। बी वाले का ए में डाल दूं। इसने डब्बा देखा हुआ है। पर ये हरा गोला तो देखा ही नहीं हुआ। हरे गोले को देखते ही इस पे आक्रमण कर दिया जाएगा? बिल्कुल कर दिया जाएगा। एकदम कर दिया जाएगा सर। ये जो एबी ब्लड

26:22

Speaker A

ग्रुप है, ये मैं यहां डाल दूं। अब डब्बा मेरा देखा हुआ है। अच्छी बात है। लेकिन ये गोला तो नहीं देखा हुआ। ये तो मेरे लिए स्किल नया है। क्या मैं इस पे हमला कर दूंगा? बिल्कुल कर दूंगा मेरे भाई। करना

26:30

Speaker A

ही पड़ेगा। यानी कोई भी नई चीज, कोई भी नया एंटीजन अगर मेरी बॉडी में आता है तो मैं उस पर हमला करूंगा। बिल्कुल करूंगा। उस चीज को मैं अपनी बॉडी में एक्सेप्ट नहीं करूंगा जो मेरे लिए नई है। तो आराम

26:41

Speaker A

से देखो। ये अगर आपका ओ ब्लड ग्रुप है। है ना? ये अगर आपका ओ ब्लड ग्रुप है। ये आपका ओ ब्लड ग्रुप है। ये ए है। ये बी है। ये एबी है। ये ए है। ये बी है। ये एबी है।

26:52

Speaker A

हमने ऐसे लिख दिया। क्या ओ ब्लड ग्रुप मैं ए वाले को दे सकता हूं? भाई। ए वाला जो है इसमें ओ डालूंगा मैं। भाई ओ पे तो कुछ नया था ही नहीं। ये लाल-लाल सा स्ट्रक्चर था। ये लाल-लाल स्ट्रक्चर तो यहां भी है। ये

27:03

Speaker A

लाल लाल स्ट्रक्चर तो यहां भी है। ये लाल-लाल स्ट्रक्चर तो यहां भी है। यानी ओ के पास तो कुछ नया है ही नहीं। यानी ओ किसी में भी जाएगा तो कुछ नया लेकर के नहीं जा रहा है। तो कोई हमला होने का चांस

27:12

Speaker A

ही नहीं है। तो ओ वाला ए वाले को भी ब्लड दे सकता है। है ना? ओ वाले को भी दे सकता है। बी वाले को भी दे सकता है। एबी वाले को भी दे सकता है। सबको दे सकता है।

27:22

Speaker A

क्यों? क्योंकि इसके पास कोई नया एंटीजन है ही नहीं। तो कोई इस पे हमला करेगा ही नहीं। इसीलिए इसको ओ को यूनिवर्सल डोनर कहा हमने। सबको ब्लड दे सकता है। अब यह ए वाला है। यह ए वाला सिर्फ ए वाले

27:34

Speaker A

को दे सकता है। क्योंकि ए वाला ए वाले को दे देगा क्योंकि सेम ब्लड ग्रुप है। तो टेंशन है ही नहीं। और ये कहां दे सकता है?

27:40

Speaker A

एबी वाले को भी दे सकता है। अगर ये ब्लड ग्रुप मैं यहां डालूं तो ये देखो यहां मैं नीला डब्बा लेकर आया हूं। नीला डब्बा तो इसके पास पहले से है। एबी वाले के पास। तो ये बोलेगा हां यार नीला डब्बा कोई लेकर

27:51

Speaker A

आया है। ये तो मेरे अंदर में मिलता है डब्बा। ये तो मेरा ही ब्लड ग्रुप है। आ जाओ एक्सेप्टेंस आ जाएगी। B ब्लड ग्रुप है। यह B को दे सकता है क्योंकि सेम ही ब्लड ग्रुप है। तो टेंशन नहीं है। AB को

28:00

Speaker A

भी दे सकता है क्योंकि B के पास यह गोला है। AB के पास यह गोला है। तो जब मैं ये ब्लड यहां डालूंगा तो ये कुछ नया लगेगा ही नहीं मुझे। मेरे पास तो पहले से ही हरा गोला था। ये भी हरा गोला लेकर आया है। तो

28:11

Speaker A

कुछ नया थोड़ी है। दैट्स फाइन। AB वाला सिर्फ AB को ही दे पाएगा। क्यों? अगर यह B को देगा तो B वाले ने हरा गोला तो दे देख रखा है। नीला डब्बा नहीं देख रखा। नीले डब्बे पे अटैक हो जाएगा। है ना? A वाले पे

28:23

Speaker A

अटैक कर देगा। तो एंटी ए है ये। सिमिलरली इसको मैं अगर यहां डालूंगा तो ये बी पे अटैक कर देगा ना। इसने ए तो देख रखा है। डब्बा तो देख रखा है। गोला नहीं देख रखा है। ये इस गोले पे अटैक कर देगा। बी वाले

28:33

Speaker A

पे अटैक कर देगा। तो ये एंटीबी है। अगर मैं भाई ये इसमें डालूंगा। अगर मैं ये ओ में डालूंगा तो ओ वाले ने तो ना ए देख रखा है ना बी। ये तो दोनों पे हमला कर देगा। ये तो एंटी ए और बी है। एंटीबॉडी ए और बी

28:46

Speaker A

है इसके अंदर। और AB जो है इसमें कोई एंटीबॉडी नहीं है। इसने गोला भी देख रखा है तो यह B का ब्लड ग्रुप भी ले सकता है। इसने डब्बा भी देख रखा है तो ये A का ब्लड ग्रुप भी ले सकता है। O के पास तो कोई

28:56

Speaker A

एंटीजन है ही नहीं। उसको तो सभी ले सकते हैं। यूनिवर्सल डोनर था। तो AB क्या हो जाएगा? यूनिवर्सल एक्सेप्टर हो जाएगा या रेसिपिएंट हो जाएगा। क्योंकि इसने सब देख रखा है AB ने। इसके लिए कुछ नया है ही

29:07

Speaker A

नहीं। ओ का भी ब्लड ले लेगा। A का भी ले लेगा क्योंकि एंटीजन भी इसका देखा हुआ है। B का भी ले लेगा क्योंकि बी एंटीजन भी इसका देखा हुआ है। इसने तो सब देखा हुआ है। इसके लिए कुछ नया है ही नहीं।

29:16

Speaker A

दिस इज अ वेरी क्रिटिकल कांसेप्ट भाई। मजेदार तो है। अर्थात अगर मैं एक लाइन में ब्लड ग्रुपिंग सिस्टम खत्म कर दूं। एक लाइन में आपने जो चीज अपनी बॉडी में नहीं देखी हुई है उस पे आप हमला कर दोगे। अगर

29:27

Speaker A

मेरा ब्लड ग्रुप ए है तो मैंने सिर्फ ये नीला डब्बा देख रखा है। ये हरा गोला मैंने नहीं देख रखा। इन दोनों पे मैं अटैक करूंगा। मेरा ब्लड ग्रुप अगर बी है। मैंने सिर्फ हरा गोला देख रखा है। ये नीला डब्बा

29:38

Speaker A

मैंने नहीं देख रखा है। इस नीले डब्बे पे मैं अटैक करूंगा। यह है मेरा ब्लड ग्रुप। अगर ओ ना मैंने नीला डब्बा देख रखा है ना हरा गोला देख रखा है मैं इन पे सब पे अटैक करूंगा डब्बे पे भी गोले पे भी और ये वाला

29:50

Speaker A

है इसने डब्बा गोला दोनों देख रखे हैं किसी पे अटैक नहीं करेगा इसने सब कुछ देखा हुआ है जीवन में एज सिंपल एज दैट सो जो ब्लड ग्रुप का नाम है वही एंटीजन उसके अंदर मिलेगा ओ ब्लड ग्रुप में कोई एंटीजन नहीं तो ओ

30:03

Speaker A

यानी जीरो एंटीजन ए ब्लड ग्रुप में एंटीजन बी ब्लड ग्रुप में बी एंटीजन एबी में दोनों के दोनों एंटीजन मिलेंगे और एंटीबॉडी मतलब किस पे वो हमला कर सकता है। अब मैं कह रहा हूं कि यह एंटीजन है यहां

30:14

Speaker A

पर। तो यह सिर्फ इस हरे गोले पे हमला करेगा। सिर्फ बी पे हमला करेगा। तो एंटीबी है। ये हरा गोला है यहां पर। ये सिर्फ इस नीले डब्बे पे हमला करेगा। एंटी ए है ये। एज सिंपल एज दैट। या एबीओ ब्लड ग्रुप। तो

30:29

Speaker A

मुझे किसी पेशेंट को अगर ब्लड देना है तो पहले मुझे देखना पड़ेगा कि क्या मैं उस पेशेंट को ब्लड देने लायक हूं भी? क्या मेरा ब्लड उसकी बॉडी को अच्छे तरीके से पॉजिटिवली इंपैक्ट करेगा? या कहीं और भी

30:39

Speaker A

पंगा खड़ा कर दे। उसके इम्यून सिस्टम को ही जगा दे। सामने वाले पेशेंट का ब्लड ग्रुप है ए, मेरा है बी। मैं ब्लड ग्रुप देने चला गया। तो पंगा ही हो जाएगा ना। वो तो उल्टा मेरे ब्लड पे हमला कर देगा। वो पहले ही बीमार

30:51

Speaker A

चल रहा है। पहले ही उसकी बॉडी में खून की कमी है और उसका इम्यून सिस्टम और उसकी एनर्जी खा रहा है। अब हमला करने में लग गया। बचना है इन सब चीजों से। इसीलिए पहले आपका ब्लड ग्रुप मैच किया जाता है।

31:02

Speaker A

सिमिलरली आरएच ब्लड ग्रुप। आरएच ब्लड ग्रुप जो है यह आपका आरएच जो शब्द है यह लिया गया है रीजस मंकी से। यानी यह कुछ ऐसे एंटीजन है जो रीजस मंकी में भी देखे जा चुके थे। लगभग 80% जो ह्यूमंस हैं ये

31:16

Speaker A

आरएच पॉजिटिव होते हैं। यानी एंटीजन हम में मिलता है। तो 80% ऑफ़ ह्यूमंस आर आरएच पॉजिटिव। ओनली 20% ऐसे हैं जिनमें नहीं मिलता। वो आपके आरएच नेगेटिव होते हैं। तो ब्लड ट्रांसफ्यूजन से पहले किसी पेशेंट को अगर आप ब्लड दे रहे हो उससे पहले आप एबीओ

31:28

Speaker A

ब्लड ग्रुपिंग भी मैच करोगे। आरएच ब्लड ग्रुपिंग भी मैच करोगे। क्यों? क्योंकि समझ लो मैं आरएच पॉजिटिव हूं। समझ लो यह है आरए पॉजिटिव। इसमें आरए एंटीजन है। यह है आरए नेगेटिव। इसमें आरए एंटीजन नहीं है। अगर मैं आरए पॉजिटिव हूं और मैं इस

31:42

Speaker A

आरएच नेगेटिव इंसान को अपना खून दे देता हूं तो इसने तो कभी ये नीला डब्बा देखा ही नहीं। ये तो इस पे अटैक कर देगा। ये तो आरए नेगेटिव था। इसने तो कभी आरएच देखा नहीं अपने जीवन में। मैं आरएच

31:53

Speaker A

पॉजिटिव हूं। मैंने आरएच देखा हुआ है। मैं अपना ब्लड इस पेशेंट में डालूंगा तो यह तो इस आरएच एंटीजन को देख के उतावला हो जाएगा हमला करने के लिए। इसका इम्यून सिस्टम तो ट्रिगर हो जाएगा। तो आरएच एंटीजन भी आपको

32:03

Speaker A

मैच करना होता है। इसी का एक क्लासिक केस है, स्पेशल केस है आरएच इनकंपैटिबिलिटी का। जहां पर आरएच की वजह से दिक्कतें आ जाती हैं। इसे कहते हैं एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटालिस यानी फीटस के केस में क्या हो जाता है? एरथ्रोब्लास्टोसिस।

32:18

Speaker A

एरथ्रो एरिथ्रोसाइट्स की बात कर रहे हैं। आरबीसीस की बात कर रहे हैं। है ना? उनको डैमेज होना स्टार्ट हो जाता है। कैसे?

32:25

Speaker A

आराम से देखिए। यहां पर अगर मदर है आरएच नेगेटिव और फादर है आरएच पॉजिटिव और बच्चा भी है आरएच पॉजिटिव समझ लीजिए शादी से पहले ब्लड ग्रुपिंग नहीं कराई गई मैच नहीं कराई गई समझ लीजिए फादर साहब जो है आरएच

32:40

Speaker A

पॉजिटिव है मदर आरएच नेगेटिव है और जो बेबी है जो मां के गर्भ में पल रहा है ये भी आरएच पॉजिटिव है तो ये बेबी सेफ रहता है इसको कोई दिक्कत नहीं है अगर मदर पहली बार प्रेग्नेंट हो रही है तो ये बेबी एकदम

32:52

Speaker A

सेफ है जब बेबी की डिलीवरी हो रही होती है क्योंकि प्लेसेंटा नाम का एक बैरियर है जो मदर के ब्लड को और फीटस के ब्लड को एकदम सेपरेट रखता है। लेकिन एट द टाइम ऑफ डिलीवरी हो सकता है बेबी का कुछ ब्लड मां

33:04

Speaker A

के ब्लड के साथ कनेक्शन में आ जाए। मां की बॉडी के साथ कनेक्शन में आ जाए। तो मां जो थी वो आरएच नेगेटिव थी। इन्होंने कभी आरएच एंटीजन देखा नहीं। जब बेबी का ब्लड इनके कांटेक्ट में आया एट द टाइम ऑफ डिलीवरी तो

33:16

Speaker A

मदर ने पहली बार आरएच एंटीजन देखा तो मदर ने एंटीबॉडीज बनाना स्टार्ट कर दी। आरएच के खिलाफ एंटीबॉडीज बनाना स्टार्ट कर दी। तो समझ लीजिए ये जो फीमेल है ये दोबारा से प्रेग्नेंट हुई और दोबारा से जो बच्चा है

33:28

Speaker A

वो आरएच पॉजिटिव ही देखने को मिला। तो अब मदर ने तो आरए के लिए एंटीबॉडीज बना ली हैं और ये एंटीबॉडीज साइज में काफी छोटी होती हैं। तो बच्चे को परेशान तो करेंगी। तो बच्चा जब डिलीवर होता है उसको ज्डिस

33:39

Speaker A

एनीमिया काफी प्रॉब्लम्स होती हैं। डेथ भी हो सकती है। सीवियर आपकी यहां पर कंडीशन हो सकती है बच्चे की। उसको खून की कमी हो सकती है। क्योंकि उसके ब्लड पे हमला कर दिया है किसने? आपका मदर ने जो बनाई थी

33:51

Speaker A

आरएच एंटीबॉडीज उसने। तो हम चाहते हैं कि अगला अगर बच्चा हो रहा है तो वह सेफ रहे। तो हम पहले से ही क्या कर देते हैं? मदर ने आरएच एंटीबॉडीज बना ली हैं। आरए पे हमला करने के लिए एंटीबॉडीज बना ली है। हम

34:03

Speaker A

इस एंटीबॉडी को ही पहले क्या कर देते हैं? सप्रेस कर देते हैं। तो एक पर्टिकुलर केमिकल है इट्स कॉल्ड रोगम। आर एच ओ जी ए एम आर का ही साउंड पहले आ रहा है। तो आप क्या करते हैं? यह जो आरएच एंटीबॉडीज बनाई

34:16

Speaker A

है मदर ने उनको आप पहले ही क्या कर देते हैं? सप्रेस कर देते हैं रोगम दे के। जैसे कि अगर अगला बच्चा भी आरए पॉजिटिव होता है तो उसको कोई दिक्कत ना हो। सो ड्यूरिंग द डिलीवरी ऑफ बेबी थोड़ा सा जो आरएच पॉजिटिव

34:29

Speaker A

ब्लड है वो मां के कनेक्शन में आ जाता है। कांटेक्ट में आ जाता है। तो मदर क्या करती है? एंटीबॉडीज बनाने लगती है। तो अगली बार भी अगर बच्चा अगर आरएच पॉजिटिव हुआ तो उसके ऊपर वो एंटीबॉडीज अटैक कर देंगी।

34:40

Speaker A

इसीलिए इन एंटीबॉडीज को पहले सप्रेस करना जरूरी है। इनक्टिव करना जरूरी है जो कि रोगम की मदद से किया जा सकता है। इसीलिए ये जो ब्लड मैचिंग है इट इज वेरीेंट। करेक्ट? अगर हम बात करें ब्लड क्लॉटिंग की

34:51

Speaker A

यानी खून का कत्थ बनने की तो यह बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट प्रोसेस है हमारी बॉडी का। अगर मुझे कहीं पर कट लगा है तो मेरा खून बहता ना रह जाए। खून का ज्यादा लॉस ना हो जाए। इसीलिए यहां पर एक पैच बनना जरूरी

35:03

Speaker A

है। एक कत्था एक क्लॉट बनना जरूरी है। फाइब्रिन आना यहां पर बहुत जरूरी है। तो ये सारी चीजें कैसे स्टार्ट होती है? एक ट्रिक के माध्यम से आपको 2 सेकंड में चीजें याद हो जाएंगी। पर पहले मैं प्रोसेस

35:12

Speaker A

समझा देता हूं। देखिए अगर आपको इंजरी हुई या ट्रॉमा हुआ यानी कि कोई चोट लग गई। तो आपके टिश्यू फैक्टर जो है या सिंपल कह लीजिए प्लेटलेट जो है ये एक्टिवेट हो जाएंगे क्योंकि प्लेटलेट का काम था ब्लड

35:21

Speaker A

क्लॉटिंग प्लेटलेट एक्टिवेट हो गए। प्लेटलेट जब एक्टिवेट हो गए तो ये थ्रोम्बोप्लास्टिन को थ्रोम्बोकाइनेज़ में कन्वर्ट कर देते हैं। थ्रो्बोप्लास्टिन से बना थ्रोम्बोकाइनेज़ और थ्रोम्बोकाइनेज़ ने प्रोथ्रो्बिन को प्रो थ्रोम्बिन को थ्रोम्बिन में कन्वर्ट कर दिया। पहले प्रो फॉर्म था इनक्टिव फॉर्म था। इसको हमने

35:41

Speaker A

एक्टिव कर दिया। थ्रो्बिन में कन्वर्ट कर दिया। और थ्रो्बिन एंड में क्या बना देता है? फाइब्रिनोजन से फाइब्रिन बना देता है। इस प्रोसेस के दौरान कैल्शियम की भी जरूरत पड़ती है। कैल्शियम खुद में ही एक क्लॉटिंग फैक्टर है। इसे क्लॉटिंग फैक्टर

35:52

Speaker A

फोर कहा जाता है। तो आज तक दुनिया में 13 क्लॉटिंग फैक्टर्स डिस्कवर हुए हैं। एक बाद में डिस्कार्ड कर दिया गया था तो 12 बचे हुए हैं। उन 12 में से चौथे नंबर का जो क्लॉटिंग फैक्टर है 1 2 3 4 5 6 7 8 9

36:03

Speaker A

10 11 12 में से आपका आज के दिन में जो चौथे नंबर का है वो आपका कैल्शियम है। बीच में से एक फैक्टर गायब कर दिया है। तो 13 ही आप पढ़ रहे होते हो। बीच में डिस्कारेड लिखा जाता है जो कि आपके काम की चीज नहीं

36:14

Speaker A

है। सिर्फ बता रहा हूं कि कैल्शियम इज़ आल्सो अ क्लॉटिंग फैक्टर एंड विटामिन के जो है यह भी आपका ब्लड में हेल्प करता है क्लॉटिंग में। तो के फॉर खून तो खून से संबंधित आप क्लॉटिंग में उसको भी मेंशन कर

36:24

Speaker A

सकते हो। तो विटामिन के इज़ आल्सो वेरीेंट। तो यहां पर क्या हुआ? एक छोटी सी ट्रिक याद करेंगे। पैकेट ऑफ फाइबर। एंड में आपको फाइबर बनाना है। पैकेट ऑफ़ फाइबर में आपने देखा पी के टी। पी का मतलब क्या हुआ?

36:38

Speaker A

थ्रो्बो थ्रो्बो थ्रो्बो शब्द लगा हुआ है। देखो हर जगह पे पी का मतलब थ्रोम्बोप्लास्टिन। सबसे पहले थ्रो्बोप्लास्टिन। फिर के यानी थ्रो्बोकाइनेस। फिर आपका प्रोथ्र्बिन से थ्रो्बिन और फिर आपका फाइब्रिनोजन से फाइब्रिन। ये देखो प्लास्टिन काइनेस थ्रो्बिन फाइब्रिन एज सिंपल एज

36:57

Speaker A

दैट। यानी सबसे पहले आपका थ्रो्बोप्लास्टिन बना। फिर आपका थ्रोम्बोकाइनेस बना। फिर प्रो थ्रो्बिन से थ्रो्बिन और फिर फाइब्रिनोजन से फाइब्रिन और यह फाइब्रिन आपका क्लॉट कहलाता है। ऐसे ब्लड क्लॉटिंग होती है। चार चीजें याद करनी थी। पैकेट ऑफ फाइबर सीधा-सीधा याद कर

37:14

Speaker A

लो। खेला खत्म। दिस इज योर ब्लड क्लॉटिंग। अब बात करते हैं लिंफ की। बिफोर गोइंग इंटू द डेप्थ ऑफ योर ब्लड वस्कुलर सिस्टम। हमारे इंपॉर्टेंट सर्कुलेटरी सिस्टम को समझने से पहले जरूरी है कि हम लोग लिंफ की या टिश्यू फ्लूइड की एक बार बात कर लें।

37:31

Speaker A

देखो दोनों चीजें ना वैसे सेम मानी जाती हैं कि ब्लड जो है उसको हम अलग पढ़ते हैं। लिंफ को थोड़ा सा अलग पढ़ लेते हैं। बहुत छोटा सा टॉपिक है। बच्चों को लगता है कि लिंफ और टिश्यू फ्लूइड या इंटरस्टीशियल

37:42

Speaker A

फ्लूइड सेम चीज है। व्हिच इज़ अप टू एन एक्सटेंट करेक्ट आल्सो। लेकिन थोड़ा बहुत इनमें डिफरेंस है। वो डिफरेंस क्या है? ये मैं आपको समझा देता हूं। देखो भाई, यह अगर आपका हार्ट है चार चेंबर का, तो यह आपकी

37:52

Speaker A

राइट साइड ऑफ द हार्ट है। राइट साइड में डीऑक्सीजनेटेड ब्लड आता है। यह आपकी लेफ्ट साइड है। लेफ्ट साइड में आपका ऑक्सीजनेटेड ब्लड आता है। तो, आपको अच्छे तरीके से पता है कि ऑक्सीजनेटेड ब्लड कहां से आएगा?

38:03

Speaker A

लंग्स से ऑक्सीजन आएगा लेफ्ट साइड ऑफ द हार्ट में। फिर यहां पर आर्टरी से हम अपने ब्लड को जो है बढ़िया तरीके से पहुंचा देंगे अलग-अलग ऑर्गन्स तक। पर क्या ये ब्लड सच में अलग-अलग ऑर्गन्स तक, टिश्यूज़ तक, सेल्स तक खुद जा रहा है? द आंसर इज़

38:17

Speaker A

नो। यह जो आर्टरीज हैं, यह ऑक्सीजनेटेड ब्लड को लेकर जा रही हैं। यहां पर आर्टरीज जो है और पतली पतली पतली पतली कैपिलरीज बना देती हैं। और इन कैपिलरीज से इन पतली-पतली कैपिलरीज से आपका जो इंपॉर्टेंट मसाला है, छोटे साइज का मसाला है, ये

38:32

Speaker A

डिफ्यूज हो जाता है। जैसे ऑक्सीजन है, खानेपीने की चीजें यानी न्यूट्रिएंट्स हैं, छोटे-मोटे हॉर्मोंस हैं, आयंस हैं। ये सारी चीजें जो है डिफ्यूज हो जाती है इन कैपिलरीज से और इन्हें हम टिश्यू के अंदर लोड कर देते हैं। एंड टिश्यू से जो

38:47

Speaker A

गंदा गंदा सामान था जैसे कि CO2 है, एक्सक्रेटरी वेस्ट है ये भी बाहर आ जाता है। तो टिश्यू को सराउंड करने वाला ये जो फ्लूइड है इस फ्लूइड को हम लोग क्या कहते हैं? इंटरस्टीशियल या फिर टिश्यू फ्लूइड। क्योंकि टिश्यू के

39:00

Speaker A

चारों ओर ये फ्लूइड है। इस फ्लूइड के थ्रू ही आपकी यू नो कैपिलरीज जो है इस फ्लूइड में ही सामान छोड़ देती हैं। इस फ्लूइड के थ्रू ही सामान टिश्यू में आता है। और इस फ्लूइड के थ्रू ही सामान जो है टिश्यू से

39:10

Speaker A

बाहर जा रहा होता है। CO2 और एक्सक्रीटरी वेस्ट। इसे हमने टिश्यू को सराउंड करने वाला फ्लूइड कहा। इसे हमने टिश्यू फ्लूइड कहा। करेक्ट है। करेक्ट है सर। यस। अब देखिए मेरे भाई आराम से समझिए। अगर ये टिश्यू के अराउंड वाला फ्लूइड है। इसको हम

39:24

Speaker A

एक नाम दें तो इसको हम टिश्यू फ्लूइड नाम दे देंगे। बिल्कुल। एंड इसमें आपके न्यूट्रिएंट पाए जा रहे हैं। आयंस पाए जा रहे हैं। तो जो प्लाज्मा में चीजें होती है ना मेनली जितने आयंस और जितनी आपकी न्यूट्रिएंट की कंसंट्रेशन होती है, वही

39:36

Speaker A

आपकी टिश्यू फ्लूइड में भी देखने को मिलती है। क्योंकि इनका न्यूट्रिएंट्स का और आयंस का साइज छोटा-छोटा है। तो ये सारी चीजें आपके ब्लड से बाहर निकल जाती हैं कैपिलरीज के थ्रू। तो जो जितना आपका आयन और न्यूट्रिएंट आपका

39:48

Speaker A

प्लाज्मा में था उतना ही सारा का सारा निकल कर के टिश्यू फ्लूइड में आ चुका है। इसको हमने भेज दिया कहां? अलग-अलग सेल्स में अलग-अलग टिश्यू में। और यहां से हमने क्या किया? ये जो गंदगी आई इस गंदगी को

39:58

Speaker A

लिंफ वेसल में भर दिया। लिंफ वेसल में। एक ऐसा वेसल जो कि लिंफ को कैरी करता है। इसे लिंफ वेसल बोल दिया। और ये गंदगी लेकर के जा रहा है। तो यह वेन से कनेक्ट हो जाएगा। यह डीऑक्सीजनेटेड ब्लड लेकर के जा रहा है।

40:11

Speaker A

यह वेन से कनेक्ट हो जाएगा। राइट साइड ऑफ द हार्ट में जाएगा। फिर इस ब्लड को हम लोग प्यूरिफाई होने के लिए कहां भेज देंगे?

40:16

Speaker A

लंग्स के पास यानी फेफड़ों के पास भेज देंगे। कि फेफड़ों में जो नई ऑक्सीजन आई है वो हम लोड कर देंगे इस गंदे ब्लड में। ये फिर से प्यूरिफाई हो जाएगा। इसी प्रकार से चीजें चलती रहेंगी। यानी जब सामान

40:30

Speaker A

ऑक्सीजन, न्यूट्रिएंट्स, हॉर्मोंस निकले कैपिलरी से और टिश्यू के आसपास तक पहुंच गए। इस फ्लूइड में पहुंच गए। इस फ्लूइड को हरे-भरे फ्लूइड को हम कह रहे हैं टिश्यू फ्लूइड। लेकिन जब यह गंदगी वाला जो आपका फ्लूइड है यह इस वेसल में लोड हो गया। लिंफ वेसल में

40:49

Speaker A

लोड हो गया तो हम इसे कह रहे हैं लिंफ। चीज सेम ही है। यहां पर जो मैटर है यही मैटर तो इस वेसल में डाला मैंने। लेकिन जब ये वेसल के अंदर चला गया। जब ये लिंफ वेसल में चला गया तो इसे लिंफ कहा। लिंफ वेसल

41:02

Speaker A

में चला गया तो इसे लिंफ कहा। और जब टिश्यू के अराउंड खुलाख पड़ा हुआ है। पाइप में नहीं है। अगर पाइप में है। लिंफ वेसल में है तो लिंफ। अगर खुला खुला पड़ा हुआ है। तो मेरे भाई टिश्यू फ्लूइड टिश्यू के

41:14

Speaker A

अराउंड अगर पड़ा हुआ है मसाला तो टिश्यू फ्लूइड और उसी मसाले को पैक करके अगर मैंने यहां डाल दिया इस लिंफ वेसल में डाल दिया तो लिंफ मसाला सेम है बस फर्क ये है कि पाया कहां जा रहा है पाइप के अंदर या

41:24

Speaker A

पाइप के बाहर टिश्यू के अराउंड है तो टिश्यू फ्लूइड और पाइप के अंदर चला गया तो लिंफ लिंफ वेसल में है तो लिंफ एज सिंपल एज दैट तो हमारे पास ब्लड वस्कुलर सिस्टम है यानी सर्कुलेटरी सिस्टम है हमारा मेन

41:34

Speaker A

जिसमें ब्लड बह रहा होगा जिसमें आपका हार्ट है जिसमें आपका ब्लड है जिसमें आपकी ब्लड वेसल्स हैं इसी प्रकार से हमारा लिंफेटिक सिस्टम भी होता है। जहां पर हमारे पास लिंफ है जिसके बारे में हमने चर्चा की। लिंफ वेसल है जो कि आपका इस

41:49

Speaker A

गंदगी वाले लिंफ को लेकर के सीधा वेन में ड्रेन कर रही होंगी। वेन में छोड़ रही होंगी। एंड आपका लिंफ नोड्स हैं। आपकी बॉडी में कुछ जगह ऐसी छोटी-छोटी छोटी-छोटी गांठे हैं। नोड्स सी हैं। जैसे कि यहां आिट रीजन में, ग्रोइन रीजन में, थाइस के

42:02

Speaker A

पास। इन जगहों पर लिंफ नोड्स यानी छोटे-छोटे गांठे सी पाई जाती हैं। जिनमें लिंफोसाइट स्टोर होते हैं। बी लिंफोसाइट, टी लिंफोसाइट इम्यूनिटी प्रदान करने के लिए। इसलिए उन्हें लिंफ नोड्स कह देते हैं। तो यहां लिंफ है, लिंफ वेसल है एंड

42:16

Speaker A

लिंफ नोड्स हैं बॉडी में कई जगह। ये है लिंफेटिक सिस्टम। जबकि ब्लड वस्कुलर सिस्टम में क्या-क्या है? ब्लड है यानी फ्लूइड, पाइप है यानी वेसल एंड मोटर है यानी कि आपका हार्ट। ये तीन चीज देखने को मिलेगी। करेक्ट? सो दिस इज़ योर लिंफ या

42:30

Speaker A

टिश्यू फ्लूइड। आई होप बहुत क्लेरिटी मिली होगी। यहां देखो भाई सर्कुलेटरी पाथवेज़ किस प्रकार से ब्लड सर्कुलेट कर सकता है। तो आपको मैं कॉकरोच ऑलरेडी पढ़ा चुका हूं। जहां पर मैंने डिस्कशन की कि कॉकरोच के अंदर ओपन सर्कुलेटरी सिस्टम होता है। हमने

42:45

Speaker A

बताया वहां पर जो आपका फ्लूइड है वो ओपनली साइनसेस में यानी बॉडी कैविटीज़ में भाग रहा होता है। क्योंकि वहां कैपिलरीज नहीं होती। द ओनली डिफरेंस इज़ द प्रेजेंस और एब्सेंस ऑफ़ कैपिलरीज। यहां कैपिलरीज हैं। यहां कैपिलरीज नहीं है। तो ये ओपन ये

43:00

Speaker A

क्लोज्ड। यहां पर देखिए ये आपका हार्ट है। हार्ट से आपने खून को वेसल्स में लोड किया। और ये सीधा-सीधा ब्लड जो है आपके टिश्यूज़ को भगा देगा। ओपन स्पेसेस में जाके साइनसेस में जाके सीधा टिश्यूज़ को बाथ कर देगा। भगा देगा। और फिर यहीं से ये

43:18

Speaker A

जो ब्लड है लोड हो करके कुछ वेसल्स की मदद से दोबारा हार्ट में आ जाएगा। दोबारा पंप करेंगे। दोबारा टिशू को भिगाएगा। दोबारा से लोड करके हार्ट तक इस हिसाब से सर्कुलेशन होती रहेगी। लेकिन ये जो ब्लड है खुला साइनस में बह रहा है। इसीलिए

43:32

Speaker A

टिश्यू भीग जा रहे हैं ब्लड में। इसे ओपन सर्कुलेशन कहते हैं जो आर्थ्रपो्स में देखने को मिला। एकदम मिला गुरु जी। लेकिन यहां पर अगर आप क्लोज्ड सर्कुलेशन की बात करें तो सी फॉर क्लोज्ड में सी फॉर कैपिलरीज देखने को मिलती हैं। तो हार्ट जो

43:45

Speaker A

है वो पंप कर रहा है ब्लड को। ये कैपिलरीज हैं। इसमें आपका ब्लड चला गया है। एंड मेरे दोस्त बेसिकली जो कैपिलरीज हैं इनसे चीजें डिफ्यूज होकर जैसा हमने बताया ऑक्सीजन, न्यूट्रिएंट्स हॉर्मोन निकल करके टिश्यू में चले जाएंगे। आपका बचा हुआ जो

43:58

Speaker A

मैटर है एक्सक्रेटरी मैटर वो आपका यहां आ जाएगा। लिंफ वेसल के थ्रू वेन में चला जाएगा और इसको फिर से हम हार्ट के पास भेज देंगे। सो दिस इज़ क्लोज्ड सर्कुलेटरी सिस्टम। जहां टिश्यूज़ को बाथ नहीं होने दिया हमने ब्लड से। क्योंकि ब्लड

44:13

Speaker A

डायरेक्टली टिश्यू को छू ही नहीं रहा है। यहां पर ये जो कैपिलरीज हैं, यहां से चीजें फिल्टर हो के आ रही हैं। ये जो कैपिलरीज है, यहां से चीजें आपकी बाहर डिफ्यूज होकर आ रही हैं। तो ब्लड पूरा

44:22

Speaker A

बाहर खुले में नहीं घूम रहा है। दिस इज़ क्लोज्ड सर्कुलेटरी सिस्टम। इसी प्रकार से अगर आप वर्टीब्रेट्स की बात करें तो वर्टीब्रेट्स में पांच मेजर कैटेगरीज हमें पढ़नी होती हैं एनिमल किंगडम के अंदर। दीज़ आर कॉल्ड एज परम। पी ए आर ए एम। पी का

44:40

Speaker A

मतलब पाइसिस यानी फिशेस। पी का मतलब पाइसेस यानी फिशेस। पी ए आर ए एम। ए और आर मतलब एफीबियन और रेप्टाइल। एफीबियन और रेप्टाइल। और एएम का मतलब एव्स एंड मैमल। एव्स मतलब पक्षी एंड मैमल्स यानी हम लोग। तो इनमें कितने-कितने

45:00

Speaker A

चेंबर का हार्ट होता है? सबसे चिंदी हार्ट पाया जाता है आपका पाइसेस में। दैट इज टू चेंबर्ड, एक ओरिकल, एक वेंट्रिकल। आपका एफीबियन और रेप्टाइल में क्रोकोडाइल एक एक्सेप्शन है जहां चार चेंबर का हार्ट होता है। बाकी सारे के सारे आपके

45:14

Speaker A

रेप्टाइल्स में और एफीबियन में तीन चेंबर का हार्ट है। दो ऑरिकल और एक वेंट्रिकल एंड आपका बर्ड्स और मैमल्स में एंड जो क्रोकोडाइल एक्सेप्शन था रेप्टाइल्स का उनमें चार चेंबर का हार्ट है। दो ओरिकल और दो वेंट्रिकल जो हम देख भी चुके हैं।

45:26

Speaker A

थोड़ा बहुत और डिस्कशन करेंगे इसके बारे में। आज तो पूरा हार्ट के बारे में पढ़ना ही है। अगर मैं आपको बताऊं कि पाइसेस में यानी मछलियों में किस प्रकार का सर्कुलेशन होता है? सिंगल सर्कुलेशन होता है। कैसे?

45:37

Speaker A

सिंगल सर्कुलेशन यानी हार्ट में ब्लड सिर्फ एक बार आएगा। भाई ये जो आपकी मछलियां हैं, यह कहां रहती हैं? मछली जल की रानी है। जल में रहती है। तो यहां ये गिल्स का इस्तेमाल करेगी फॉर यू नो बेसिकली रेस्पिरेशन ऑक्सीजन लेने के लिए।

45:54

Speaker A

क्योंकि लंग्स तो बेसिकली एक टेरेस्ट्रियल एडप्टेशन है ना। लैंड वाले ऑर्गेनिज्म्स में लंग्स देखने को मिलते हैं। यहां पानी वालों में तो आपको गिल्स ही देखने को मिलेंगे। तो गिल्स जो हैं इससे ऑक्सीजन बॉडी में आई। बिल्कुल ये ऑक्सीजनेटेड ब्लड

46:06

Speaker A

जो है ये हमने टिश्यूज़ में पहुंचा दिया। बिल्कुल पहुंचा दिया। और टिश्यूज़ से गंदगी जो है ये हमने लोड कर दी कहां पर? आपकी वेंस में। और फिर ये आपका बेसिकली ओरिकल वेंट्रिकल यानी हार्ट में चली गई। हार्ट

46:18

Speaker A

से फिर जो है आपका गंदा ब्लड यहां चला गया गिल्स के पास प्यूरिफाई होने के लिए। यानी गिल्स से प्यूरिफाई ब्लड आएगा आपका टिश्यू में। टिश्यू से गंदा ब्लड जो है ये चला जाएगा आपका दोबारा गिल्स के पास। हार्ट से

46:27

Speaker A

होते हुए हार्ट इसको पंप कर देगा। तो यह जो हार्ट है इसमें गंदा ब्लड आ रहा है। एक साइड से सिर्फ गंदा ही ब्लड आ रहा है। इसे हम वेनस हार्ट कहते हैं। वेंस जो है इसमें गंदा ब्लड लेकर के आ रही हैं।

46:38

Speaker A

डीऑक्सीजनेटेड ब्लड लेकर के आ रही हैं। ऑक्सीजनेटेड ब्लड सीधा-सीधा कहां तक पहुंच रहा है आपका? टिश्यूज़ तक पहुंच रहा है। तो एक ही बार सर्कुलेशन हो रही है। इसे सिंगल सर्कुलेशन कहा जाता है। अगर आप बात करें इनकंप्लीट डबल सर्कुलेशन की जिसे हम

46:51

Speaker A

मिक्स्ड सर्कुलेशन भी कहते हैं। क्यों? क्योंकि यहां ब्लड मिक्स हो जाता है। क्यों? क्योंकि तीन चेंबर का हार्ट है। यह आपका राइट साइड है जहां डीऑक्सीजनेटेड ब्लड आएगा। आपका लेफ्ट साइड जहां ऑक्सीजनेटेड ब्लड आएगा। तो ये भैया ऑक्सीजनेटेड ब्लड आया। ये आपका

47:03

Speaker A

डीऑक्सीजनेटेड ब्लड आया। दोनों खुल तो सेम ही वेंट्रिकल में रहे हैं मेरे भाई। तो दोनों के दोनों सेम वेंट्रिकल में खुल रहे हैं। तो बैंड तो बच गई। यहां से ऑक्सीजनेटेड, यहां से डीऑक्सीजनेटेड दोनों मिक्स हो गए। तो ये मिक्स ब्लड जो है

47:13

Speaker A

अलग-अलग आपके टिश्यूज़ तक पहुंचाया जाता है। तो हमने क्या किया? हमारे पास गंदा ब्लड था। वो हमने लंग्स के पास भेजा। लंग्स के पास जाते ही इस ब्लड में ऑक्सीजन आ गई। तो ये लेफ्ट साइड में आ गया और

47:23

Speaker A

ऑक्सीजनेटेड ब्लड चला गया यहां पर। इसमें वेंट्रिकल में। क्योंकि डीऑक्सीजनेटेड ब्लड भी इसी वेंट्रिकल में आ रहा है। तो ये मिक्स हो गए ब्लड। इस मिक्स्ड ब्लड को मैंने टिश्यू में भेज दिया। थोड़ा बहुत इसके अंदर ऑक्सीजन है ही क्योंकि मिक्स

47:33

Speaker A

ब्लड है तो वो हम टिश्यूज़ तक पहुंचा देंगे। टिश्यूज़ का जो गंदा गंदा कचरा है CO2 वगैरह ये हमने ब्लड में लोड कर दिया। तो ये डीऑक्सीजनेटेड ब्लड जाएगा राइट साइड ऑफ द हार्ट में। एंड फिर हम इसको पहुंचा

47:42

Speaker A

देंगे आपके वेंट्रिकल तक। और यहां से ये जो ब्लड है जिसमें गंदगी है ये फिर से चला जाएगा आपका लंग्स के पास ऑक्सीजनेटेड होने के लिए। हार्ट में ब्लड दो बार गया। इसलिए इनकंप्लीट तो बोला लेकिन डबल सर्कुलेशन

47:56

Speaker A

बोला। क्यों? क्योंकि एक बार जो है लंग्स से प्यूरिफाइड ब्लड आ रहा है लेफ्ट साइड में और एक बार टिश्यूज़ से डीऑक्सीजनेटेड ब्लड आ रहा है राइट साइड में। तो दो अलग-अलग जगह आपका ब्लड आ रहा है। सो इट इज़

48:09

Speaker A

बेसिकली इनकंप्लीट। डबल सर्कुलेशन। दो बार हार्ट में एंट्री मार रहा है ब्लड। और अगर आप हमारी बात करें तो यहां भी ब्लड दो बार आता है। भाई लंग्स से ब्लड प्यूरिफाई हो के लेफ्ट साइड में आया। लेफ्ट साइड के ही

48:21

Speaker A

वेंट्रिकल में गया। यानी कोई मिक्सिंग नहीं हुई। तो ऑक्सीजनेटेड ब्लड चला गया टिश्यू में। टिश्यू में अच्छा अच्छा ब्लड चला गया ऑक्सीजन लेकर के। बिल्कुल। और टिश्यू का CO2 हमने ब्लड में लोड कर दिया। ये गंदा हो गया। गंदा ब्लड चला गया राइट

48:32

Speaker A

साइड में। फिर चला जाएगा राइट वेंट्रिकल में। एंड ये गंदा ब्लड हम प्यूरीफाई करने के लिए आगे भेज देंगे। बिल्कुल भेज देंगे। लंग्स के पास भेज देंगे। यानी लंग्स से ताजाताज़ा ब्लड आया लेफ्ट साइड में। एंड ये जो आपका टिश्यू है, इससे गंदा गंदा ब्लड

48:44

Speaker A

आया राइट साइड में। हार्ट में दो बार ब्लड एंट्री ले रहा है। इसे डबल सर्कुलेशन कहा। लेकिन ब्लड मिक्स नहीं हो रहा है। दो अलग-अलग वेंट्रिकल्स हैं। तो लेफ्ट साइड में पूरा ऑक्सीजनेटेड, राइट साइड में डीऑक्सीजनेटेड। ऑटोमेटिकली इसे हम कह

48:56

Speaker A

देंगे कंप्लीट डबल सर्कुलेशन। क्योंकि कोई मिक्सिंग यहां पर नो मिक्सिंग मिक्सिंग देखने को मिली। कोई मिक्सिंग यहां पर नहीं हो रही। सर बात ताबड़तोड़ तरीके से समझ में आ गई। यह आपके अलग-अलग वर्टीब्रेट्स के हार्ट और उनका सर्कुलेशन है। अगर इसी

49:12

Speaker A

को बढ़िया तरीके से हम लोग देखना चाहें खुद के अंदर तो हम समझ सकते हैं। देखिए ये हमारे लंग्स हैं। अगर मैं कह रहा हूं ये हमारा हार्ट है। हार्ट में राइट साइड का एट्रियम, राइट साइड का वेंट्रिकल, लेफ्ट

49:24

Speaker A

साइड का एट्रियम, लेफ्ट साइड का वेंट्रिकल। राइट साइड ऑफ़ द हार्ट में क्या आएगा? डीऑक्सीजनेटेड ब्लड आएगा। लेफ्ट साइड ऑफ़ द हार्ट में क्या आएगा?

49:31

Speaker A

ऑक्सीजनेटेड ब्लड। ऑक्सीजनेटेड ब्लड ऑक्सीजन तो फेफड़ों में होता है। तो ऑक्सीजनेटेड ब्लड कहां से आएगा? फेफड़ों से आएगा। बिल्कुल आपका चला जाएगा कहां पर?

49:39

Speaker A

लेफ्ट वेंट्रिकल में। और ये ऑक्सीजनेटेड ब्लड चला जाएगा टिश्यू में। बिल्कुल चला जाएगा। टिश्यू में ऑक्सीजन आपने पहुंचा दिया है। टिश्यू में जो CO2 थी वो लोड हो जाएगी इस ब्लड में। तो गंदा खून है ये। ये आपका

49:51

Speaker A

पहुंचेगा राइट साइड में। राइट साइड से इस ब्लड को हम लोग भेज देंगे लंग्स के पास प्यूरिफाई होने के लिए। करेक्ट? अगर आप देखें जो लाल वाला दिखा रखा है दिस इज सिस्टेमिक सर्कुलेशन। हमारे अंदर डबल सर्कुलेशन हो रही है ना? सिस्टेमिक

50:06

Speaker A

सर्कुलेशन है यह। यानी बॉडी से कनेक्टेड है। तो यहां पर सिस्टेमिक सर्कुलेशन क्या हुई? कि बॉडी से ब्लड लेकर आना हार्ट तक और हार्ट से बॉडी तक ब्लड लेकर के जाना। बॉडी यानी टिश्यूज़ इंक्लूडेड है इसमें। और पल्मोनरी। पल्मोनरी का मतलब ही होता है

50:20

Speaker A

लंग्स। यानी लंग्स से हार्ट तक ब्लड लेकर के आना। एंड हार्ट से लंग्स तक ब्लड लेकर के आना। ये जो आपका हरा वाला है दिस इज पल्मोनरी एंड ये जो लाल वाला है टिश्यू तक ब्लड लाना और टिश्यू से हार्ट तक ब्लड

50:32

Speaker A

लाना ये है सिस्टेमिक सर्कुलेशन तो दो सर्कुलेशन होती है हमारे पास अब मेरी बात को थोड़ा सा गौर से सुनो आराम से सुनो भाई मैंने आपको बताया दुनिया की जितनी आर्टरीज हैं इनका काम है ऑक्सीजनेटेड ब्लड कैरी करना प्योर ब्लड

50:47

Speaker A

कैरी करना और दुनिया की जितनी वेंस हैं इनका काम है डीऑक्सीजनेटेड ब्लड कैरी करना इंप्योर ब्लड कैरी करना एक-एक एक्सेप्शन है दैट इज पल्मोनरी आर्टरी एंड पल्मोनरी वेन। क्यों? आर्टरीज क्या होती हैं? जो हार्ट से अलग-अलग ऑर्गन्स तक, अलग-अलग टिश्यूज़

51:05

Speaker A

तक ब्लड ले जाए। ऐसी आर्टरी जो लंग्स तक ब्लड ले जाएगी। इसे हम क्या कहेंगे?

51:11

Speaker A

पल्मोनरी आर्टरी। अलग-अलग ऑर्गन्स तक ब्लड ले जाने का काम आर्टरी का ही होता है। तो हार्ट से लंग्स तक भी ब्लड कौन ले जाएगी?

51:19

Speaker A

आर्टरी। लेकिन लंग्स ऑक्सीजन का दाता है। क्या इसको हम ऑक्सीजन देने जा सकते क्या मैं अंबानी जी को पैसा देने जा सकता हूं?

51:26

Speaker A

मुंह पे चार लात मारेंगे और जूता अलग से। उनसे पैसे लेने जा सकता हूं मैं। तो अगर आर्टरी जा भी रही है लंग्स के पास तो ये ऑक्सीजन लेने के इरादे से जा रही है। पहली बार देने के इरादे से नहीं क्योंकि हम

51:38

Speaker A

साक्षात ऑक्सीजन के दाता के आगे खड़े हैं। एंड वेंस क्या होती हैं? वेंस वो होती हैं जो अलग-अलग ऑर्गन से हार्ट तक ब्लड लेकर के आती हैं। तो लंग्स से भी जो हार्ट तक ब्लड लेकर के आएगी ये वेन होगी। लेकिन ये

51:51

Speaker A

आपका लंग्स के पास से आ रही है। ऑक्सीजन के दाता के पास से आ रही है। तो पक्का ऑक्सीजन लेकर ही आ रही होगी। तो पल्मोनरी वेन इकलौती वेन है जो ऑक्सीजन ले के आती है। एंड पल्मोनरी आर्टरी इकलौती ऐसी

52:02

Speaker A

आर्टरी है जो डीऑक्सीजनेटेड ब्लड कैरी करती है। ऑक्सीजन लेने जा रही होती है उल्टा। तो दुनिया की सारी आर्टरीज ऑक्सीजन वाला ब्लड कैरी करती हैं। पल्मोनरी आर्टरी को छोड़ के। और दुनिया की सारी वेन डीऑक्सीजनेटेड ब्लड कैरी करती हैं।

52:16

Speaker A

पल्मोनरी वेन को छोड़ के। ये बात समझ में आ गई। दो प्रकार की सर्कुलेशन होती है। पल्मोनरी यानी लंग्स तक ब्लड जो है वह पहुंचाना एंड लंग्स से ऑक्सिजनेटेड ब्लड लेकर के आना। एंड सिस्टेमिक यानी टिश्यू तक ऑक्सीजन लेकर के जाना एंड टिश्यू से

52:31

Speaker A

गंदा ब्लड लेकर के आना। दो प्रकार की सर्कुलेशन होती हैं। ये सर्कुलेशन अलग-अलग ब्लड वेसल्स की वजह से हो रही है। तो हम ब्लड वेसल्स के बारे में पढ़ लेते हैं। तीन इंपॉर्टेंट यहां पर पाइप हमें देखने को मिलते हैं। सबसे पहले आर्टरी जो

52:44

Speaker A

ऑक्सीजनेटेड ब्लड कैरी करेगी। बिल्कुल सर। तो अलग-अलग ऑर्गन्स तक ऑक्सीजन लेकर के जाएगी। वेन जो है यह डीऑक्सीजनेटेड ब्लड कैरी करेगी। अलग-अलग ऑर्गन से हार्ट के पास गंदा ब्लड लेकर के आ रही होगी। और बीच में इनकी बहुत सारी ब्रांचेस पतली पतली

52:58

Speaker A

पतली-पतली देखने को मिलती हैं। इनको हम लोग क्या कहते हैं? कैपिलरीज कहते हैं। जिसमें एंडोथलियम नाम की लेयर होती है। बेसिकली बहुत ही पतली। स्क्वेमस एपिथलियम जिससे आसानी से चीजों का डिफ्यूजन हो जाए। ऑक्सीजन न्यूट्रिएंट्स बाहर निकल जाए। CO2

53:11

Speaker A

वगैरह अंदर आ जाए। बहुत पतली सी लेयर यहां पर होती है। अगर आप देखें तो हमारे पास जो हमारी मेन आर्टरी है जिसको हमने कहा एटा ये आर्टरी क्या अकेली सारी की सारी बॉडी में घुस सकती है? सारी की सारी बॉडी को

53:24

Speaker A

ऑक्सीजन दे सकती है? नहीं सर ये जो आर्टरी है इसकी हमें ब्रांचेस बनानी पड़ेंगी। तो आर्टरी की ब्रांचेस को हम कहते हैं आर्टेरियोल्स। तो आर्टरी की ब्रांचेस बनती है आर्टेरियोल्स। और ये आर्टेरियोल्स आगे चलके और ब्रांचिंग बनाती हैं। कैपिलरीज

53:38

Speaker A

बना लेती हैं। तो आर्टरी की ब्रांचेस बन जाती हैं आर्टेरियोल्स। एंड इनकी फिर फर्दर ब्रांचेस बनती हैं जिन्हें हमने कैपिलरीज कहा। फिर ये जो कैपिलरीज हैं गंदा ब्लड लेकर के आती हैं। ये अलग-अलग जगह पर ऑक्सीजन दे देंगी, न्यूट्रिएंट दे

53:50

Speaker A

देंगी। इनमें फिर CO2 लोड हो जाएगा। एक्सक्रिटरी मेटल लोड हो जाएगा। तो ये गंदा गंदा ब्लड लेकर के आ रही हैं कैपिलरीज। ये जुड़ के बना लेती हैं वेन्यूल्स और फिर मोटी वेन बनती हैं। यानी आर्टरी के फटने से बनी आर्टेरियोल।

54:03

Speaker A

उसकी ब्रांचेस बनी आर्टेरियोल। फिर बनी कैपिलरीज। फिर ये कैपिलरीज जुड़ के बनती है वेन्यूल्स यानी वेन की ब्रांचेस। और वह ब्रांचेस जुड़ के एक मोटी वेन बना लेती हैं। यानी आर्टरी की ब्रांचेस आर्टेरियोल वेन की ब्रांचेस वेन्यूल आर्टेरियोल

54:18

Speaker A

वेन्यूल नाम से ही पता लग रहा है बीच में कैपिलरीज तो आपकी सबसे पहले आर्टरी फिर आर्टेरियोल फिर आपका कैपिलरीज फिर आपका वेन्यूल फिर आपकी वेंस ऐसे आपका ऑक्सीजनेटेड ब्लड आता है। कैपिलरीज से ऑक्सीजन निकलता है। न्यूट्रिएंट्स निकलते

54:34

Speaker A

हैं। CO2 लोड होता है। एक्सक्रिटरी मैटर लोड होता है और आपका वेंस की तरफ चला जाता है। अब ये जो कैपिलरीज हैं यह तो बहुत पतली है। इनमें तो सिर्फ एंडोथलियम नाम की लेयर होती है। लेकिन जो आर्टरीज और वेंस

54:44

Speaker A

हैं इनमें मल्टीपल लेयर देखने को मिलती है। जैसे अगर आप आर्टरी की बात करें तो ये जो आर्टरी है इसमें सबसे बाहर वाली जो लेयर है इसको बोला ट्यूनिका एक्सटर्ना यानी एक्सटर्नल लेयर। यहां भी देखने को मिली है वेन में भी। सबसे अंदर वाली जो

54:57

Speaker A

लेयर है इसे कहा ट्यूनिका इंटिमा। इंटिमा इन है। इनसाइड है। एंडोथिलियम की बनी हुई है। यानी आपका सिंपल स्क्वमस एपिथिलियल के सेल्स यहां पर लगे हुए हैं। बहुत ही पतले-पतले टाइल लाइक सेल्स यहां पर लगे हुए हैं। बीच की जो लेयर है मीडिया यानी

55:11

Speaker A

मीडियम ये आपकी मस्कुलर लेयर है। इसमें इलास्टिन प्रोटीन भी देखने को मिलते हैं। है ना? जैसे कि सबसे बाहर वाली जो लेयर है ये मैंने थोड़ी सी ऐसे बनाई है। फाइबर से दिखा रखे हैं। जैसे कि विजुअल मेमोरी में

55:22

Speaker A

ये चीज बूस्ट हो जाए कि यहां पर फाइबर बनाए गए थे बाहर वाली लेयर में। तो ट्यूनिका एक्सटर्ना जो है यह फाइबस है। यहां कोलेजन फाइबर है। है ना? आपका सबसे अंदर वाला जो लेयर है यह एंडोथिलियम है। एंड बीच का जो लेयर है

55:34

Speaker A

मीडिया एम फॉर मीडिया ये एम फॉर मस्कुलर है। इसमें मसल भी है और इलास्टिन फाइबर भी पाए जा रहे हैं। तो ये जो आपकी मस्कुलर लेयर है ये बहुत मोटी है आर्टरी में। और ये मस्कुलर लेयर बहुत पतली है आपकी

55:46

Speaker A

किसमें? वेंस में। तो अगर आप देखें ये मोटी हो गई है लेयर तो ल्यूमेन जो है जिससे ब्लड बहेगा। ये एक पाइप है। तो ल्यूमेन जो है जिससे ब्लड बहेगा ये आपका छोटा हो चुका है। एंड यहां पर ये लेयर्स

55:57

Speaker A

पतली-पतली तो जो ल्यूमन है यह आपका मोटा है। ब्लड बहने की जगह इसमें ज्यादा है। तो यहां ब्लड बहने की जगह कम है तो ब्लड तेजी से बहेगा। पाइप पतला है तो ब्लड रश करेगा। आर्टरीज में बीपी ज्यादा होता है। ब्लड

56:12

Speaker A

प्रेशर ज्यादा होता है। ज्यादा प्रेशर से ब्लड बहेगा। जबकि आपका यहां पर अगर आप देखें तो ल्यूमन आपका बहुत ज्यादा बड़ा है तो ब्लड स्लोली स्लोली बह रहा होगा। एकदम स्लोली स्लोली बह रहा होगा। बीपी यहां पर कम है। तो आर्टरीज और वेंस दोनों के अंदर

56:25

Speaker A

तीन-तीन लेयर्स हैं। ट्यूनिका एक्सटर्ना जो कोलाजन फाइबर की बनेगी। ट्यूनिका मीडिया जो मसल की बनेगी। तो ये मसल मोटी है आर्टरी में इसीलिए उसका ल्यूमन छोटा हो जाता है। पतली है वेंस में इसलिए उसका ल्यूमन बड़ा रहता है। एंड ट्यूनिका इंटिमा

56:37

Speaker A

सबसे अंदर वाली एंडोथलियल लेयर होती है। तो ये जो आपका यहां पर आप देखें मसल थिन है इन वेंस और यहां पर वेंस में वॉल्स भी ज्यादा पाई जाती है जिससे बैक फ्लो को प्रिवेंट किया जा सके। ब्लड एक ही दिशा

56:51

Speaker A

में जाए, बैक फ्लो ना करे जिससे कि आपका बीपी रेगुलेट किया जा सके। बीपी इसीलिए इसमें कम रहता है क्योंकि इसका ल्यूमन भी मोटा है। ब्लड आपका स्लोली मूव कर रहा होता है। करेक्ट। और बैक फ्लो को प्रिवेंट

57:01

Speaker A

करने के लिए वॉल्स भी होती हैं जो ब्लड को एक ही दिशा में भगाए वापस ना आने दे। सर इतनी बात समझ में आ चुकी है। नाउ एक बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट चीज हमें देखने को मिलती है। व्हिच वी हैव आल्सो सीन इन

57:14

Speaker A

प्रीवियस टॉपिक्स। जब हम फ्रॉग की बात कर रहे थे तब भी हमने यह बात देखी थी। इट इज कॉल्ड पोर्टल सर्कुलेशन। पोर्टल यानी किसी चीज को एक जगह से दूसरी जगह पोर्ट करना। मैं कह रहा हूं समझ लीजिए यहां पर आपका

57:25

Speaker A

एग्जांपल है हेपेटिक पोर्टल सिस्टम। हेपेटो का मतलब क्या होता है? लिवर यानी लिवर से संबंधित है। तो समझ लीजिए आपका स्टमक में और इंटेस्टाइन में गंदागंदा ब्लड है। डीऑक्सीजनेटेड ब्लड है। हम कह रहे हैं कि स्टमक और इंटेस्टाइन को ब्लड

57:39

Speaker A

को प्यूरिफाई करने के लिए कहां ले जाना है? लंग्स के पास ले जाना है। पहले हार्ट के पास भेजेंगे। है ना? राइट साइड में डीऑक्सीजनेटेड ब्लड जाएगा। पंप करके दोबारा पहुंचा देंगे लंग्स तक प्यूरिफाई होने के लिए। तो हमें स्टमक और इंटेस्टाइन

57:52

Speaker A

के ब्लड को पंप करना है। बढ़िया तरीके से प्यूरिफाई होने के लिए भेजना है। लिवर के ब्लड को भी भेजना है। तो हमने कहा यार लिवर भाई को रास्ते से पोर्ट करते हुए ले चलते हैं। लिवर भाई जो है उसको भी साथ ले

58:04

Speaker A

लेते हैं। तो आपका स्टमक और इंटेस्टाइन का जो गंदा गंदा ब्लड था डीऑक्सीजनेटेड जो ब्लड था ये हेपेटिक पोर्टल वेन के थ्रू वेन क्योंकि डीऑक्सीजनेटेड ब्लड है। तो हेपेटिक पोर्टल वेन के थ्रू हेपेटिक यानी लिवर से कनेक्ट करने वाला पोर्टल वेन है।

58:19

Speaker A

डीऑक्सीजनेटेड ब्लड कैरी कर रही है। लिवर में पहुंचा दिया। और अब ये स्टमक इंटेस्टाइन और लिवर का जो गंदा गंदा खून था इसको टुगेदर वी पंप्ड टू द हार्ट राइट साइड में हमने पंप कर दिया। वहां से फिर

58:30

Speaker A

क्या कर देंगे हम लोग? सीधा लंग्स के पास भेज देंगे ऑक्सीजन लेने के लिए। यानी इस डीऑक्सीजनेटेड ब्लड को ऑक्सीजनेटेड करने के लिए। तो स्टमक और इंटेस्टाइन का ब्लड जो है लिवर वाले के साथ जाता है। हेपेटिक पोर्टल वेन इनको कनेक्ट कर रही होती है।

58:44

Speaker A

इसी को पोर्टल सिस्टम कहते हैं। हमारे अंदर यही पोर्टल सिस्टम पाया जाता है। तो हमारे अंदर डबल सर्कुलेशन है। हेपेटिक पोर्टल सिस्टम है। इसके अलावा एक कोरोनरी सिस्टम भी पाया जाता है। कोोनरी सर्कुलेशन भी होती है। कोरोनरी यानी हार्ट जो है

58:58

Speaker A

पूरी की पूरी बॉडी को सप्लाई कर रहा है ब्लड। ब्लड पंप करने का काम इसी का है ना यही पंपिंग ऑर्गन है। पूरे के पूरे बॉडी को ब्लड भेज रहा है। जिससे कि हर एक टिश्यू तक हर एक सेल तक ऑक्सीजन और

59:10

Speaker A

न्यूट्रिएंट्स पहुंच सके। पर इस बेचारे का खुद का क्या? मैं कह रहा हूं कि लेफ्ट साइड ऑफ द हार्ट जिससे सबसे मोटी आर्टरी निकल रही है। एोटा निकल रही है। इस एोटा के फिर फर्दर ब्रांचेस बनेंगे। अलग-अलग आर्टरीज, फिर आर्टेरियोल्स, फिर आपकी

59:23

Speaker A

कैपिलरीज एंड सो ऑन। ये अलग-अलग सेल्स तक ब्लड पहुंचाने का काम कर रहा है। लेकिन हार्ट तक ब्लड कौन पहुंचाएगा? इसी एोटा की कुछ ब्रांचेस हैं जो हार्ट की मसल्स तक सारा का सारा तामझाम पहुंचाएंगी। इन्हें कोोनरी ब्रांचेस कहा जाता है। तो ऑक्सीजन

59:40

Speaker A

और न्यूट्रिएंट्स पहुंचाती हैं टू द मसल ऑफ हार्ट। तो हमारे पास कोोनरी सिस्टम भी है जो हार्ट को ही ऑक्सीजन एज वेल एज न्यूट्रिएंट्स दे सके। सर बात समझ में आ गई। करेक्ट? ये जो दो टॉपिक हैं, हम थोड़ा

59:53

Speaker A

सा बाद में करेंगे। नाउ लेट्स डील अबाउट द मोस्टेंट पार्ट दैट वी विल बी रीडिंग टुडे। जहां से सवाल बनते ही हैं। अब आपका सबसे तगड़ा पार्ट जो है वो स्टार्ट हो चुका है। दैट इज ह्यूमन हार्ट। अब हम

60:07

Speaker A

हमारे हार्ट के बारे में एंड हमारे कुछ इंपॉर्टेंट बॉडी के जो हार्ट से संबंधित या सर्कुलेटरी सिस्टम से संबंधित जो फीचर्स हैं उनके बारे में डिस्कशन करने वाले हैं। भाई ये जो हमारा हार्ट है ये मीजोडर्म से डिराइव्ड है। हमें पता है

60:20

Speaker A

हमारी तीन जर्म लेयर्स होती हैं। वी आर ट्रिप्लोब्लास्टिक। तीन जर्म लेयर्स होती हैं हमारी बॉडी में। उन तीनों जर्म लेयर्स से हमारी बॉडी के सारे ऑर्गन्स बनते हैं। राइट? आपका एंडोडर्म, एक्टोडर्म, मेजोडर्म इन तीन जर्म लेयर से जर्म लेयर्स ये आपकी

60:36

Speaker A

अलग-अलग चीजों को जन्म देती हैं। अलग-अलग चीजों को तैयार कर रही होती हैं। राइट? तो आपका जो हार्ट है इट इज़ मेजोडर्मली डिराइव्ड। मेजोडर्म लाम की लेयर से ये बनता है। एंड ये थोरेसिक कैविटी में पाया जाता है। थोरेसिक कैविटी में ये पाया जाता

60:49

Speaker A

है। एंड मेरे भाई लंग्स के बीच में ये देखने को मिलता है। लंग्स के बीच में देखने को मिलता है। थोड़ा सा टिल्टेड होता है टुवर्ड्स लेफ्ट साइड। थोड़ा सा टिल्टेड होता है। हम कहते हैं यहां पाया जाता है।

60:59

Speaker A

नहीं ये आपका सेंटर से में ही पाया गया है। लेकिन इसका ये जो आपका पार्ट है बल्ज्ड पार्ट ये आपका थोड़ा सा लेफ्ट साइड में टिल्टेड होता है। इसीलिए हम कहते हैं कि ये लेफ्ट साइड में पाया जा रहा है।

61:08

Speaker A

अदरवाइज इट इज़ एट सेंटर। पर इसका जो मोटा वाला पार्ट है वो थोड़ा लेफ्ट साइड में झुका हुआ है। एंड इसका जो साइज है यह क्लेंज्ड फिस्ट यानी बंद मुट्ठी जितना होता है। हमारा जो हार्ट है उसका साइज बंद

61:18

Speaker A

मुट्ठी जितना होता है। क्लज़ड्ड फिस्ट। फिस्ट यानी मुट्ठी। क्लेंज्ड यानी दबाई हुई। एंड इसके ऊपर डबल वॉल लेयर्स होते हैं जिन्हें हम कहते हैं पेरिकार्डियम। कार्डियो मतलब हार्ट। कार्डियोलॉजिस्ट बनेंगे आप में से कई लोग यानी हार्ट के डॉक्टर बनेंगे। पेरी का मतलब पेरीफेरी।

61:35

Speaker A

यानी हार्ट के ऊपर लेयर्स होती हैं। दो वॉल्स होती हैं। पेरिकार्डियम लेयर बनती है जो कि हार्ट को प्रोटेक्ट कर रही होती है। अब ये जो हमारा हार्ट है ये बेसिकली चार चेंबर लेकर के बैठा होता है। अगर मैं

61:46

Speaker A

इस पूरे के पूरे डायग्राम को चार टुकड़ों में तोड़ दूं तो ऊपर वाले जो चेंबर्स हैं इन्हें हम एट्रिया या ओरिकल कहते हैं। नीचे वाले जो चेंबर हैं इन्हें हम वेंट्रिकल कहते हैं। ऊपर वाले चेंबर छोटे-छोटे होते हैं। नीचे वाले चेंबर

61:58

Speaker A

मोटे-मोटे होते हैं। छोटे-छोटे चेंबर्स के बीच में दो एट्रिया के बीच में यह जो वॉल है इसे कहेंगे इंटर एट्रियल वाल या इंटर एट्रियल सेट। अब ये एट्रिया भी छोटे-छोटे हैं तो इनके बीच में जो वॉल होगी ये भी

62:10

Speaker A

पतली होगी। पतली वाल से भी इनको एकदम रोका जा सकता है, डांटा जा सकता है। जबकि अगर आप वेंट्रिकल्स की बात करेंगे तो वेंट्रिकल्स खुद बड़े-बड़े हैं। तो इनके बीच में जो वॉल होगी ये भी आपकी मोटी होनी

62:20

Speaker A

चाहिए। तो ये आपकी थिक होनी चाहिए। तो इंटरवेंट्रिकुलर जो सेप्टा है इंटरवेंट्रिकुलर जो वॉल है ये थिक है। एंड एट्रिया और वेंट्रिकल के बीच में जो वॉल है एट्रियो वेंट्रिकुलर वॉल एट्रियो वेंट्रिकुलर सेप्टा ये भी आपका थिक है एंड

62:36

Speaker A

आपका फाइबस है। यहां पर फाइबर्स भी आप अलग से भी बना सकते हो। हाईलाइटेड फाइबर्स कि आपका फाइबस देखने को मिल रहा है। करेक्ट?

62:43

Speaker A

अब ब्लड जो है समझ लो राइट साइड में आया आपका डीऑक्सीजनेटेड ब्लड। तो ये आपका राइट वेंट्रिकल में जाएगा। तो यहां आपकी वॉल होती है। तीन मैंने यहां पर मार्किंग बना रखी है। इट इज़ कहते हैं इट इज़ ट्राइकस्पिड

62:54

Speaker A

वॉल्व। तीन कस हैं इसमें। ट्राईकस्पिड वॉल। है ना? तीन ऐसे खांचे से बने हुए हैं। अगर ये आपकी वॉल्व है। है ना? तो इसमें ऐसे तीन एक दो तीन। ऐसे तीन खांचे से बने हुए हैं। ये वॉल जब खुलेगी तो फुर

63:08

Speaker A

करके आपका ब्लड जो है यह एक जगह से दूसरी जगह पास हो जाएगा। करेक्ट? एंड बाय कस्पिड वाल है यह। यहां पर क्या है? ऐसा सा आपका खांचा बना हुआ है। एक ये एक ये तो ये जब खुलेंगे तो ब्लड पास हो जाएगा। अदरवाइज ये

63:22

Speaker A

बंद हो जाएगा। गेट की तरह बंद हो जाएगा। यह आपका बायकस स्पिड है। याद कैसे करें सर? भैया थ्री पहले आएगा, टू बाद में आएगा। है ना? हमारे कितने दांत होते हैं मैच्योरिटी में? 32 दांत होते हैं। 32

63:31

Speaker A

नंबर याद कर लो। थ्री पहले आएगा यानी राइट साइड में। क्योंकि इसी साइड बनाते हो आप राइट साइड। ये आपका लेफ्ट साइड है टू। यानी ये आपका ट्राईकस्पिड वाल्व हो जाएगी। यह आपकी बाईकस्पिड वाल्व हो जाएगी जिसे मिट्रल वाल्व कहते हैं। एम आई टी आर एल

63:42

Speaker A

मिट्रल वाल्व कहते हैं। तो ट्राईकस्पिड वाल्व राइट साइड में राइट एट्रियम को राइट वेंट्रिकल में ओपन करेगी। एंड ये आपका बाईकस्पिड वाल्व लेफ्ट एट्रियम को लेफ्ट वेंट्रिकल में ओपन करेगी। अब ये लेफ्ट साइड ऑफ द हार्ट है। यहां प्यूरीिफाइड

63:55

Speaker A

ब्लड आएगा। प्यूरीिफाइड ब्लड को हमें भेजना है कहां पर? अलग-अलग ऑर्गन्स तक। टिश्यूज़ तक। ये भेजने का काम कौन करेगा?

64:00

Speaker A

एोटा यानी मेन आर्टरी। तो ये एोटा में ओपन होता है। यह आपका राइट साइड ऑफ़ द हार्ट है। राइट साइड में आता है डीऑक्सीजनेटेड ब्लड। डीऑक्सीजनेटेड ब्लड को ऑक्सीजनेटेड करने के लिए हमें कहां भेजना है? लंग्स के पास। लंग्स के पास जो आर्टरी जाए, इसे

64:13

Speaker A

पल्मोनरी आर्टरी कहते हैं। पल्मोनरी आर्टरी कहते हैं गुरुजी। इकलौती ऐसी आर्टरी जो डीऑक्सीजनेटेड ब्लड कैरी करेगी। तो ये जो पल्मोनरी आर्टरी में वाल्व लगी हुई है, ये जो एोटा में वाल्व लगी हुई है, इसे हम कहते हैं सेमी लूनर वाल्व। सेमी का

64:28

Speaker A

मतलब आधा, लूनर मतलब चांद, आधे चांद जैसा। अगर ये आपका चांद है, चंद्रमा। आधे चांद जैसी आपकी वॉल्स हैं इस प्रकार की जो कि आपकी ऐसे हो जाएंगी तो ब्लड बंद हो जाएगा बहना ऐसे हो जाएंगी खुल जाएंगी तो ब्लड

64:42

Speaker A

फुर्र करके बहने लगेगा दीज़ आर सेमीनर वाल्स तो एट्रिया एट्रिया के बीच में पतली वाल्व वेंट्रिकल वेंट्रिकल के बीच में मोटी वाल्व एट्रिया और वेंट्रिकल के बीच में मोटी फाइब्रस वाल्व यह हमने देखा एट्रिया एट्रिया के बीच में इंटर एट्रियल

64:56

Speaker A

सेप्टा वेंट्रिकल वेंट्रिकल के बीच में इंटरवेंट्रिकुलर सेप्टा एंड आपका एट्रिया वेंट्रिकल के बीच में एट्रियो वेंट्रिकुलर सेप्टा करेक्ट। ठीक है सर। इतनी बात हमको ताबड़तोड़ तरीके से समझ में आ चुकी है। कोई दिक्कत नहीं है। इसको थोड़ा सा इबोरेट

65:10

Speaker A

करते हैं। इस हार्ट के डायग्राम को थोड़ा और इबोरेट करते हैं। प्यार से समझते हैं। आइए मैं कह रहा हूं मुझे अब दिल को धड़काना है भाई। अब मेरा पूरा मन है इस दिल को धड़काने का। है ना? तो दिल को

65:22

Speaker A

धड़काएंगे कैसे? क्या दिल को धड़कने के लिए हमेशा न्यूरल सिग्नल चाहिए? क्या हमारा जो हार्ट है वो न्यूरोजेनिक है। बार-बार बार-बार न्यूरल सिग्नल जनरेट करना पड़ेगा। न्यूरोजेनिक न्यूरल सिग्नल जनरेट करना पड़ेगा? नहीं। हमारा हार्ट जो है मायोजेनिक है। मायो यानी मसल जो हमारा

65:38

Speaker A

हार्ट है इसमें खुद ही खुद सिग्नल जनरेट होते हैं। हम इसे ऑटो एक्साइट कर सकते हैं। इट इज ऑटो एक्साइटेबल। यानी सिग्नल ऑटो जनरेट कर सकते हैं। हम जब हम पैदा नहीं भी हुए थे। उससे पहले से लेकर के

65:49

Speaker A

हमारी मृत्यु तक हमारा हार्ट हमेशा धड़कता रहता है। राइट? 1 मिनट में एवरेज 70 से 75 बार एवरेज 72 बार हमारा हार्ट धड़कता है। तो यह ऑटो एक्साइटेबल है। खुद ही खुद ये काम हो रहा होता है। हार्ट के अंदर ही ऐसी

66:04

Speaker A

मशीनरी है जो कि खुद ही खुद इसे धड़कने में हेल्प करती है। जैसे ये हार्ट है। इसके चार चेंबर है। हमें पता है ये राइट साइड है तो राइट एट्रियम, राइट वेंट्रिकल, ये लेफ्ट साइड है तो लेफ्ट एट्रियम, लेफ्ट

66:13

Speaker A

वेंट्रिकल। करेक्ट? हम कह रहे हैं ये आपका राइट एट्रियम अगर है तो राइट एट्रियम की राइट एट्रियम की राइट ही साइड में टॉप राइट साइड में राइट एट्रियम की ही टॉप राइट साइड में आपको मिलता है क्या एस ए

66:28

Speaker A

नोड जिसे कहते हैं साइनो एट्रियल नोड एट्रिया में ये पाया जा रहा है इट इज़ साइनो एट्रियल नोड ये एक नोडल टिश्यू है यानी कि ये क्या कर सकता है सिग्नल जनरेट कर सकता है इसे पेसमेकर ऑफ द हार्ट कहते हैं एस ए नोड को

66:43

Speaker A

जो जो कि हार्ट कॉन्ट्रैक्शन का सिग्नल जनरेट करता है। हार्ट को धड़काने का सिग्नल जनरेट यहां से होता है। चीजें शुरू यहां से होती हैं। 70 से 75 बार यानी एवरेज 1 मिनट में 72 बार ये हार्ट को

66:54

Speaker A

धड़काने की ताकत रखता है। यानी 1 मिनट में 72 टाइम्स ये सिग्नल जनरेट करता है। तो समझ लो ये है ऐसे नोड जो कि राइट हार्ट ऑफ द साइड है ना राइट साइड ऑफ द हार्ट में भी अपर राइट साइड में पाया जा रहा है। ये

67:09

Speaker A

राइट एट्रियम है। राइट एट्रियम के भी टॉप राइट कॉर्नर पे ये पाए जा रहे हैं। अब ये क्या करता है? एट्रिया छोटे-छोटे होते हैं। तो ये क्या करता है? खुद सिग्नल भेज देता है दोनों के दोनों एट्रिया में। इस

67:19

Speaker A

एट्रिया तक भी एंड इस एट्रिया तक भी। और बोलता है भैया धड़को पिचको। एट्रिया को तो ये खुद धड़का देता है। लेकिन कहता है कि भाई वेंट्रिकल बहुत बड़े-बड़े होते हैं। इन वेंट्रिकल को मैं नहीं धड़का पाऊंगा। तो ये

67:30

Speaker A

आगे सिग्नल किसको भेज देता है? ताली किसको मार देता है? इसको एवी नोड को। जो एट्रिया और वेंट्रिकल के जंक्शन पर पाया जा रहा है। इसे कहते हैं एवी नोड। यानी एट्रियो वेंट्रिकुलर नोड। तो, यह आपका राइट एट्रियम है। राइट एट्रियम की राइट साइड

67:47

Speaker A

है। राइट एट्रियम की राइट साइड है। यह आपकी राइट एट्रियम की लेफ्ट साइड है। राइट एट्रियम के लोअर लेफ्ट साइड पे राइट एट्रियम के लोअर लेफ्ट साइड पे पाया जा रहा है एवी नोड। राइट एट्रियम के टॉप राइट

68:00

Speaker A

पे एस नोड। राइट एट्रियम के लोअर लेफ्ट साइड पे एवी नोड जो कि पेस सेटर है। यह जो आपका पेसमेकर है इसने जो पेस बनाई है, इसको सेट रखने का काम करेगा। यानी इसके सिग्नल को आगे वेंट्रिकल्स तक पहुंचाने का

68:14

Speaker A

काम करेगा। तो एस ए नोड ने सबसे पहले एट्रिया को कॉन्ट्रैक्ट करा दिया। बढ़िया तरीके से। एट्रिया को कॉन्ट्रैक्ट करा दिया। एंड ये जो सिग्नल है इसको यहां भी भेज दिया। यहां भी भेज दिया। एवी नोड तक और एवी नोड ने यह सिग्नल भेज

68:32

Speaker A

दिया कहां पर? यहां पर। दैट इज बंडल ऑफ हिस में। यह एक बंडल है। इसे बंडल ऑफ हिस कह दिया। फिर ये बंडल आपका राइट साइड में चला जाएगा राइट वेंट्रिकल के पास। तो ये राइट बंडल बन जाएगा। लेफ्ट साइड में चला जाएगा।

68:45

Speaker A

लेफ्ट वेंट्रिकल के पास ये लेफ्ट बंडल बन जाएगा। यानी बंडल ऑफ हिस लेफ्ट और राइट बंडल में टूट जाएगा। दो मोटे बंडल्स बना लेगा। एंड इन बंडल से निकलेंगे कुछ फाइबर्स। इन बंडल से निकलेंगे कुछ फाइबर्स। जिन्हें हम कहेंगे पुरकिंजी

68:59

Speaker A

फाइबर्स। इन्हें हम कहेंगे पुरकिंजी फाइबर। तो क्या हुआ? हमने वेंट्रिकल्स को चारों ओर से घेर लिया। एट्रिया तो छोटे-छोटे थे। इनको कॉन्ट्रैक्ट कराना कोई बड़ी बात थोड़ी है। हमने क्या किया? हमने इस एबी नोड से जो सिग्नल आया इसको एकदम पहुंचा दिया

69:14

Speaker A

वेंट्रिकल से कि इनको जोर लगा के दबाना पड़ेगा। भाई ऐसे दबाना है। तो हमने सबसे पहले सिग्नल जनरेट कराया ऐसे नोड में। फिर ये सिग्नल भेजा आपका एवी नोड में। फिर ये सिग्नल गया आपका बंडल ऑफ हिस पे। फिर आपका

69:27

Speaker A

राइट बंडल में, फिर लेफ्ट बंडल में और फिर इन राइट लेफ्ट बंडल से पुरकिंजी फाइबर में यह आपका चला गया। करेक्ट करेक्ट। और यहां बीच में एनसीआरटी में एक और चीज दिखाई हुई है। दैट इज़ बेसिकली योर यू नो कॉर्डेटेंड।

69:46

Speaker A

ठीक है? ऐसी भी एक चीज़ बताई गई है। क्या होता है? यहां पे देखो आपका ट्राइकस्पिड वॉल्व है। बाईकस्पिड वाल्व है। ये जो वॉल है इनको स्पाइडरमैन का जाला पिक करना। मैं खींचूंगा। ऐसे यहां पे समझ लो आपके दो

69:54

Speaker A

खांचे हैं। इनको मैं खींचूंगा जिससे खुल जाए। गेट खुल जाए। गेट पे जाला फेंका और गेट को खोल दिया। बाद में जरूरत पड़ी तो बंद कर दिया। तो आपका सिग्नल कैसे जनरेट हुआ? एसए नोड। ऐसे नोड से एवी नोड। फिर आपका मेन बंडल।

70:07

Speaker A

फिर आपका लेफ्ट बंडल राइट बंडल एंड उसके बाद आपका पुरकिंजी फाइबर्स। ये आपका 1 2 3 4 5 जो है दैट इज़ बेसिकली योर सिग्नल का फ्लो। सिग्नल जनरेशन एंड सिग्नल ट्रांसमिशन। ये हमने देखा। तब जाकर पूरा दिल धड़कता

70:24

Speaker A

है। सर बात समझ में आ गई। सर बात समझ में आ गई। अब देखो मेरे शेर व्हाट इज कार्डियक साइकिल?

70:33

Speaker A

व्हाट इज कार्डियक साइकिल? कार्डियक यानी हार्ट साइकिल का मतलब एक बार धड़क के पूरा हार्ट अगर रिलैक्स हो गया। एक बार हार्ट अगर बीट कर रहा है। एक बार पूरा धड़का रिलैक्स हो गया। एक बीट में जितने भी

70:48

Speaker A

इवेंट होते हैं एक बार हार्ट को धड़काना और रिलैक्स करना। इस दौरान जितने भी इवेंट हुए एट्रिया में, वेंट्रिकल में इन सबको मिलाकर के हमने कहा कार्डियक साइकिल। तो हम कह रहे हैं इट इंक्लूड सिस्टोल। सिस्टोल का मतलब कॉन्ट्रक्शन यानी हार्ट

71:04

Speaker A

धड़का कॉन्ट्रैक्ट हुआ। एंड डायस्टोल। डायस्टोल मतलब दोबारा से रिलैक्स हो गया। ऐसे धड़का रिलैक्स हो गया। धड़का रिलैक्स हो गया। सिस्टोल डायस्टोल। सिस्टोल डायस्टोल। सिस्टोल डायस्टोल। जब एट्रिया पिचक रहे हैं तो एट्रिया का सिस्टोल कह देंगे इसे। जब वेंट्रिकल पिचक रहे हैं तो

71:21

Speaker A

वेंट्रिकल का सिस्टोल। जब एट्रिया रिलैक्स पे है तो एट्रिया का डायस्टोल। जब वेंट्रिकल रिलैक्स पे है तो वेंट्रिकल का डायस्टोल। ये सारे काम कंप्लीट एक बीट कितनी देर की होती है? कंप्लीट कार्डियक साइकिल कितनी देर की होती है?8 सेकंड की।

71:37

Speaker A

1 सेकंड से भी कम में हार्ट एक बार धड़क जाता है जो कि ऑब्वियस भी है क्योंकि मैंने बताया हार्ट आपका 1 मिनट में 72 बार धड़कता है। 60 सेकंड में 72 बार धड़क रहा है। यानी एक बार धड़कने में इसको 1 सेकंड

71:46

Speaker A

से भी कम का टाइम लगता है। 08 सेकंड लगते हैं। इस8 सेकंड में मेरी जान क्या होता है? ये अंदर वाला जो सर्कल है ना यहां मैं एट्रिया दिखा रहा हूं। है ना? और यहां हर एक डब्बा जो है ये वन सेकंड को रिप्रेजेंट

71:58

Speaker A

कर रहा है। 01 सेकंड 2 सेकंड 3.45678 कंप्लीट कार्डियक स हो गई। सिमिलरली ये वेंट्रिकल है। पॉइंट वन2345678 कंप्लीट कार्डियक स है। एट्रिया की अगर मैं बात करूं तो ये शुरू में सिर्फ वन सेकंड धड़कता है। यानी सिर्फ वन सेकंड

72:20

Speaker A

धड़का। बाकी पूरा 7 सेकंड इसने रेस्ट मारा। यानी डायस्टोल पे था। सिर्फ वन सेकंड धड़का। बाद में पूरा का पूरा 0.7 सेकंड ये रेस्ट मार रहा था। वेंट्रिकल की अगर मैं बात करूं तो यह आपका इन3 सेकंड के लिए

72:35

Speaker A

धड़का। टू से लेकर के4 तक इन तीन डब्बों में ये वेंट्रिकल धड़का। इन पांच डब्बों में ये आपका रेस्ट पे रहा। वेंट्रिकल की बात करूं तो 3 सेकंड के लिए धड़का। 5 सेकंड ये एज़ इट इज़ रेस्ट पे रहा।

72:54

Speaker A

ये इसका क्या हो गया? डायस्टोल हो गया। और एक खास बात अगर आप नोट करो कि जब एट्रिया धड़क रहा है तो वेंट्रिकल रेस्ट पे है और जब वेंट्रिकल धड़क रहा है तो एट्रिया रेस्ट पे है। करेक्ट है सर। इस बात को प्रूफ कर दो सर

73:12

Speaker A

आप एक बार मजा आ जाएगा, स्वाद आ जाएगा। अभी प्रूफ करता हूं अगली स्लाइड में। पहले एक बात बता देता हूं कि व्हाट इज स्ट्रोक वॉल्यूम? इसे एसवी भी कहते हैं। स्ट्रोक वॉल्यूम क्या है? ब्लड की वो वॉल्यूम,

73:23

Speaker A

ब्लड की वह क्वांटिटी जो कि हर वेंट्रिकल ने एक बीट पर पंप की। यानी हार्ट अगर एक बार धड़क रहा है, एक कार्डियक साइकिल में वेंट्रिकल से कितना ब्लड पंप हुआ? 70 ml के आसपास आपका ब्लड पंप होता है। एक बार

73:38

Speaker A

हार्ट जब धड़कता है हर वेंट्रिकल से 70 ml ब्लड पंप होता है। और 1 मिनट में आपका हार्ट 72 टाइम्स बीट करता है। तो 70 ml एक बार में पंप हो रहा है। 72 टाइम्स पंप कर रहा है ब्लड। हार्ट 1 मिनट के अंदर-अंदर

73:52

Speaker A

यानी 5 लीटर के आसपास जो ब्लड है वह पंप हो रहा है 1 मिनट में। और हमारे बॉडी में कितना ब्लड होता है? 5 लीटर के आसपास ही होता है। यानी 1 मिनट में आप कह रहे हो कि

74:02

Speaker A

पूरा का पूरा ब्लड जो है चक्कर मार ले रहा है बॉडी का। सिंपल सी ये बात है। तो स्ट्रोक वॉल्यूम क्या है? ऐसी वॉल्यूम जो कि वेंट्रिकल पंप कर रहा है हर मिनट के अंदर। अ हर बीट के अंदर। दैट इज़ 70 ml और

74:13

Speaker A

उसी को पर मिनट अगर मैं काउंट कर लूं दैट बिकम्स कार्डियक आउटपुट। तो 72 \* 70 ml हो जाएगा। दैट इज बेसिकली और 5040 ml के आसपास आएगा। लगभग 5 लीटर के आसपास आपका एप्रोक्समेट यह फिगर आता है। अब कार्डियक

74:26

Speaker A

साइकिल हम एक डांस के माध्यम से समझेंगे और बहुत आसान तरीके से समझेंगे। देखो यहां पर मैंने बताया जब एट्रिया कॉन्ट्रैक्ट कर रहा है तो वेंट्रिकल रिलैक्स। जब वेंट्रिकल कॉन्ट्रैक्ट कर रहा है तो एट्रिया रिलैक्स। ये आपका दोनों के दोनों

74:36

Speaker A

रिलैक्स में है। ना यहां पर एट्रिया धड़क रहा है ना वेंट्रिकल। इसे हम कहते हैं जॉइंट डायस्टोल। अगर कोई पूछ ले तो यहां पर एट्रिया धड़क रहा है। यहां पर वेंट्रिकल धड़क रहे हैं। यहां पर कोई नहीं धड़क रहा है इन.4 सेकंड

74:52

Speaker A

में। दिस इज जॉइंट डाइस्टोल। ठीक है? ठीक है? तो जब भी हम किसी भी प्रोसेस के बारे में पढ़ते हैं, वी ऑलवेज स्टार्ट फ्रॉम ज़ीरो। हम ज़ीरो से ही स्टार्ट करेंगे। जब हार्ट एकदम रेस्ट पे है। तो मैं कह रहा

75:04

Speaker A

हूं हार्ट एकदम रेस्ट पे है भैया। हार्ट एकदम रेस्ट पे है। इसे हम कह रहे हैं जॉइंट डायस्टोल। जॉइंट डायस्टोल मतलब ना एट्रिया पिचक रहा है ना वेंट्रिकल पिचक रहा है। दोनों के दोनों रेस्ट पे हैं। तो जब एट्रिया और

75:16

Speaker A

वेंट्रिकल दोनों के दोनों रेस्ट पे है तो राइट साइड ऑफ द हार्ट में डीऑक्सीजनेटेड ब्लड आ जाएगा। लेफ्ट साइड ऑफ द हार्ट में ऑक्सीजनेटेड ब्लड आ जाएगा। ये ब्लड धीरे-धीरे धीरे-धीरे क्योंकि ये आपका बाइकस्पिड ट्राइकस्पिड वाल ओपन होती है।

75:27

Speaker A

ट्राइकस्पिड ये बाइकस्पिड ओपन है। इनसे आपका 70% वेंट्रिकल खुद ही भर जाता है। यानी जो आपका ब्लड आ रहा है डीऑक्सीजनेटेड राइट साइड में एंड ऑक्सीजनेटेड लेफ्ट साइड में ये 70% वेंट्रिकल को पहले ही भर देता है। पहले ही भर देता है। और हम इस ब्लड को

75:46

Speaker A

आगे जाने से रोकते हैं। क्यों? क्योंकि हम चाहते हैं एक बार वेंट्रिकल पूरे भर जाएं। उसके बाद वेंट्रिकल को मैं दबाऊं जिससे ज़ोर से फुर्र करके ब्लड जो है निकले और पूरी बॉडी का एक राउंड मार ले। जितना तगड़ा

75:56

Speaker A

हार्ट को दबाऊंगा जितना तगड़ा मैं प्रेशर बनाऊंगा उतना ज्यादा ब्लड जो है पंप करेगा पूरी बॉडी में। पूरी बॉडी का चक्कर मरवाना है भाई। जोर से धक्का मारना पड़ेगा। अगर मैं ये आधे भरे हुए हैं वेंट्रिकल एनिमी में फुचुक करके जोर लगा दूं। मजा नहीं

76:08

Speaker A

आएगा। पहले इनको पूरा भरने देता हूं। प्रेशर क्रिएट होने देता हूं कि भाई खून जो है तड़प रहा है बाहर जाने के लिए। और फिर दरवाजा खोलूं। फिर देखो क्या दौड़ लगाता है भाई। फिर पता लगेगा कि अपना खून

76:19

Speaker A

ज्यादा तेज भागता है कि चीता। फिर भाग गया भाई तबड़-दबड़ करते हुए पीठ-पेड़ी रख के। फिर मजा आएगा। यस। तो एट्रिया और वेंट्रिकल जॉइंट डायस्टोल है। तो एट्रिया और वेंट्रिकल दोनों रेस्ट पे हैं। इसीलिए हमने डायस्टोल कहा। ट्राईस्पिड और

76:34

Speaker A

बाइकस्पिड वाल्व ओपन है। इसीलिए आपका यहां से ब्लड वेंट्रिकल में आया। ये वाल्स ओपन थी। इसीलिए 70% वेंट्रिकल खुद ही भर गए बिना कोई जोर लगाए। सेमीनर वाल्व क्लोज है। सेमीनर वाल्व क्लोज है। क्यों?

76:46

Speaker A

क्योंकि हम नहीं चाहते कि वेंट्रिकल के पूरे भरने से पहले हम ब्लड को बाहर निकलने दे। इसलिए हमने दरवाजे बंद कर रखे हैं। एक बार प्रेशर बन जाए फिर भागने देंगे भाई। फिर दौड़ मारो कोई दिक्कत नहीं है। करेक्ट

76:57

Speaker A

है सर। फिर हमने क्या किया? 70% वेंट्रिकल तो खुद भर जाते हैं। अब बचा हुआ 30% भरने के लिए ऊपर से जोर लगाना पड़ेगा। तो मैं क्या करता हूं? इन वेंट्रिकल इन वेंट्रिकल्स में ब्लड भरने के लिए ये ऊपर

77:09

Speaker A

वाले छोटे-छोटे एट्रिया है इनको दाबता हूं। इनको दबाता हूं। मैंने क्या कहा? सबसे पहले आपका सिर्फ एट्रिया कॉन्ट्रैक्ट करेगा। सिर्फ ये दबेगा। वेंट्रिकल रिलैक्स है। वेंट्रिकल रिलैक्स है। एट्रिया को मैंने दबाया कि यार 70% भर गया है वेंट्रिकल और जोर लगा देता हूं। बचा हुआ

77:25

Speaker A

30% भी भर देता हूं। वेंट्रिकल में पूरा का पूरा ब्लड आ चुका है। और ये ब्लड एट्रिया से वेंट्रिकल में आया है। मतलब ये ट्राइकस्पिड बाईकस्पिड वाल्व ओपन होंगी। जाहिर सी बात है। ये सेमीनर वाल्व अभी भी बंद है। क्योंकि हम चाहते थे कि एक बार

77:38

Speaker A

वेंट्रिकल भर जाए उसके बाद इन्हें खोलेंगे। तो अब वेंट्रिकल भर गए हैं। अब खोलेंगे इन्हें। फिलहाल तक हमने नहीं खोला हुआ था। यानी एट्रिया कॉन्ट्रैक्ट कर गए। ये एट्रियल सिस्टोल है। वेंट्रिकल एज इट इज़ अभी ये रिलैक्स है वेंट्रिकल। एट्रियल

77:51

Speaker A

सिस्टोल है। यानी शुरू में दोनों के दोनों रिलैक्स थे। दोनों के दोनों रिलैक्स थे। तो एट्रिया से वेंट्रिकल में 70% ब्लड खुद ही भर गया था। अब मैंने और पिचका दिया अगर एट्रिया को तो बचा हुआ ब्लड भी 30% ब्लड

78:04

Speaker A

भी यहां भर गया है वेंट्रिकल में। अब वेंट्रिकल को पिचकाने की बारी है। लेकिन एट्रिया का तो सारा ब्लड मैं खाली कर चुका हूं। इसको रिलैक्स कर दूंगा और अब वेंट्रिकल को पिचकाऊंगा। यानी अब मैंने क्या किया? यहां पर देखो ट्राईकस्पिड

78:15

Speaker A

बाइकस्पिड वाल ओपन थी। तभी ब्लड आपका एट्रिया से वेंट्रिकल में आया। सेमीनर को अभी मैंने बंद कर रखा है। अब वेंट्रिकल भर चुका है। भर चुका है। अब मैंने इसको ब्लड को पंप करना है। तो मैं सेमीनर वाल ओपन कर

78:26

Speaker A

दूंगा। सेमीनर वाल जो है ओपन कर दूंगा। और कहीं ये मैं वेंट्रिकल को पिचकाऊं और ब्लड उल्टा ही ना भाग जाए। तो ये ट्राईकस्पिड बाईकस्पिड को मैं बंद कर देता हूं। जब ट्राइकस्पिड बाईकस्पिड को मैं बंद करता हूं तो लब का साउंड आता है। ये जो हार्ट

78:40

Speaker A

का साउंड है ये धक धक धक धक नहीं होता। लब डब लब डब होता है। पहले आपका ट्राइकस्पिड बाईकस्पिड बॉल बंद हुई तो लब का साउंड आएगा जिससे ब्लड कहीं बैक फ्लो ना मार जाए। इसी साइड आए। तो वेंट्रिकल्स को

78:54

Speaker A

पिचका करके मैंने खूब सारा ब्लड जो है ये यहां पर भेज दिया पल्मोनरी आर्टरी और एोटा में। तो ट्राइकस्पिड बाइकस्पिड वॉल बंद हुई। तो लब का साउंड आया और यहां पर आपका सेमीनर वाल ओपन हो गई। तभी तो यहां से

79:05

Speaker A

ब्लड भागा। एकदम सही। इसके बाद मैं क्या करूंगा? यह ब्लड जो मैंने भगाए हैं, कहीं वापस ना आ जाए। इन वाल्स को मैं क्लोज कर दूंगा। और ये ट्राइकस्पिड बाइकस्पिड दोबारा से खुल जाएंगे जिससे 70% ब्लड फिर से वेंट्रिकल में आ जाए। अर्थात सबसे पहले

79:20

Speaker A

एट्रिया भी रिलैक्स था, वेंट्रिकल भी रिलैक्स था। एट्रिया रिलैक्स, वेंट्रिकल रिलैक्स। 70% ब्लड एट्रिया से वेंट्रिकल में खुद ही चला गया। क्योंकि ट्राइकस्पिड, बाइकस्पिड बॉल ओपन थी। अब 70% ब्लड पहुंच चुका है वेंट्रिकल में। एट्रिया को पिचका के 30% ब्लड भी वेंट्रिकल में लोड कर

79:36

Speaker A

दिया। वेंट्रिकल पूरे भर चुके हैं। सेमिलनर वाल मैंने अभी भी नहीं खोली। मैं चाहता हूं कि मैं वेंट्रिकल को पिचकाऊं। उस टाइम पे खोलूं तो ब्लड भागे एकदम। एट्रिया को मैंने पिचकाया। वेंट्रिकल पूरे भर चुके हैं। अब एट्रिया का काम खत्म। तो

79:49

Speaker A

एट्रिया को रिलैक्स कर दिया। वेंट्रिकल पिचकाया। तो ब्लड भागने लगा सेमीनर वाल्स के थ्रू। तो अब क्या है? मैंने बैक फ्लो रोकने के लिए ऊपर वाली जो वाल्स थी बाईकस्पिट, ट्राइकस्पिट इनको बंद कर दिया कि ब्लड सिर्फ यहां जाए। इसको मैं पिचका

80:02

Speaker A

रहा हूं। दोनों साइड जा सकता है ब्लड। ऊपर का गेट बंद कर दिया जिससे सिर्फ नीचे ब्लड भागे। फिर बाद में ब्लड को मैंने भगा दिया है। वेंट्रिकल खाली हो गए। फिर से ऊपर के गेट खोल दूंगा कि आओ 70% ब्लड फिर आ जाओ।

80:12

Speaker A

दोनों रिलैक्स स्टेट में है। यानी वेंट्रिकल को पिचका के फिर रिलैक्स कर दिया। यानी पहले दोनों रिलैक्स। फिर एट्रिया कॉन्ट्रैक्ट हुआ। वेंट्रिकल रिलैक्स्ड है। फिर वेंट्रिकल कॉन्ट्रैक्ट हुआ। एट्रिया रिलैक्स। फिर दोनों रिलैक्स है। जॉइंट डायस्टोल यही हुआ था।

80:26

Speaker A

सबसे पहले अगर देखोगे जॉइंट डायस्टोल है। दोनों रिलैक्स हैं। फिर एट्रिया कॉन्ट्रैक्ट वेंट्रिकल रिलैक्स है। फिर वेंट्रिकल कॉन्ट्रैक्ट एट्रिया रिलैक्स है और फिर दोनों रिलैक्स है। यही है कार्डियक सल। यही है कार्डियक साइकिल। यही है पूरा का पूरा खेल। इसी चीज को हम ईसीजी में भी

80:44

Speaker A

देखते हैं। यानी आपकी जो मशीन है, सबसे कॉमन जो आपका टेस्ट है हार्ट का जो आप किसी भी हॉस्पिटल में जाओगे आपको मिलेगा। दैट इज़ ईसीजी। एक ग्राफ पेपर पर आपका पूरा की पूरी जो कार्डियक एक्टिविटी है वो आपको

80:54

Speaker A

दिखाई जाती है। तो जो मशीन है इसका नाम ग्राफ है। इलेक्ट्रोकारार्डियोग्राफ। हमें लगता है जो ग्राफ पेपर पर निकल के आया है ईसीजी उसे हम कह रहे हैं इलेक्ट्रोकारार्डियोग्राफ। मशीन का नाम ग्राफ है। वो जो निकल के आया

81:05

Speaker A

है फर्रा उसे इलेक्ट्रोकारार्डियोग्राफ कहते हैं। राइट? तीन लीड लगाई जाती हैं स्टैंडर्ड ईसीजी में। आपका कहां-कहां पर?

81:13

Speaker A

आपका लेफ्ट और राइट रिस्ट के ऊपर और लेफ्ट एंकल के ऊपर। लेकिन मेरे दोस्त जो एडवांस हाईटेक ईसीजी है जो यूज होता है कई सारे इंपॉर्टेंट बड़े-बड़े टेस्ट के लिए और एकदम माइक्रो लेवल पर चीजों को चेक करने

81:26

Speaker A

के लिए वहां 10 लीड्स लगती हैं। कईयों में 10 से ज्यादा भी लगते हैं पर 10 लीड वाला स्टैंडर्ड माना जाता है। जहां आपका सिर्फ लेफ्ट एंकल नहीं लेफ्ट और राइट एंकल पे लगाया जाता है। लेफ्ट और राइट रिस्ट पे

81:35

Speaker A

लगाया जाता है और छह लीड्स आपके चेस्ट रीजन में भी लगाई जाती हैं। एनसीआरटी में तीन वाला बता रखा है। यानी कि आपका लेफ्ट एंकल। तो आप ऐसे याद कर सकते हो कि लेफ्ट साइड में आपका हार्ट टिल्टेड होता है। तो

81:46

Speaker A

लेफ्ट एंकल एंड लेफ्ट और राइट रिस्ट पे आपका लगा है। यह आपका ईसीजी स्टैंडर्ड ईसीजी नॉर्मल ईसीजी ऐसा दिखाई देता है। सीधी लाइन मतलब खेल खत्म। डेथ यहां पर मतलब आपका हार्ट जो है वो आपका ठीक एक्टिविटी दिखा रहा है। दिस इज़ पी दिस इज़

82:01

Speaker A

QRS कॉम्प्लेक्स दिस इज़ T तो ये आपका एक पूरा कार्डियक साइकिल है। एक बीट है। उसके बाद फिर से पी क्यू आर एस टी। फिर पी क्यू आर एस टी। फिर पी क्यू आर एस टी। तो अगर आपको यह काउंट करना है कि 1 मिनट में आपका

82:14

Speaker A

दिल कितनी बार धड़का तो सबसे आसान है इस बड़े वाले पीक को काउंट करना। तो आप इसीलिए क्यूआर एस कॉम्प्लेक्स को काउंट करते हैं। तो नंबर ऑफ बीट्स अगर आपको देखनी है तो qआरs को देखो। ये दोनों देखोगे तो मेरे भाई कंफ्यूज हो जाओगे। ये

82:26

Speaker A

वाली पीक सबसे अलग है। इसी को काउंट करते हैं कि हां भाई इतनी चोटियां बन रही हैं आपकी 71 टाइम्स यानी 71 टाइम्स 1 मिनट में हार्ट धड़का। ये वाली पीक अलग से ही पकड़ में आती है। राइट? तो ये पी क्यू आर एस टी

82:35

Speaker A

क्या-क्या रिप्रेजेंट करते हैं? पी का मतलब सबसे पहले एट्रियल कॉन्ट्रक्शन यानी डीपोलराइजेशन। डीपोलराइजेशन मतलब हार्ट जो है बेसिकली इसकी अगर आप सेल को देखें तो उसकी मेंब्रेन पर बाहर पॉजिटिव चार्ज रहता है। अंदर नेगेटिव चार्ज रहता है। इसे हम कहते

82:50

Speaker A

हैं आपका रेस्टिंग स्टेट। फिर इसको हम लोग क्या कर देते हैं? बेसिकली सिग्नल दे देते हैं। तो चार्ज उल्टा-पुल्टा हो जाता है। पॉजिटिव अंदर बाहर नेगेटिव चला जाता है। इसे कहते हैं डीपोलराइजेशन। फिर आपका हार्ट दोबारा से जब रेस्ट पे आता है कोई

83:02

Speaker A

चेंबर तो इसे कहते हैं रीपोलराइजेशन। ये अगेन पोलराइज़ हो गया। अगेन नॉर्मल स्टेट में चला गया। बाहर पॉजिटिव अंदर नेगेटिव चार्ज। यानी अगर मैंने इसको सिग्नल दे दिया है, कॉन्ट्रैक्ट कर दिया है, तो इट इज डीपोलराइज्ड। एज सिंपल एज दैट। यानी आप

83:15

Speaker A

कॉन्ट्रक्शन कह लो या सिस्टोल कह लो। तो सबसे पहले आपका हार्ट जॉइंट डायस्टोल में था। सबसे पहले एट्रिया कॉन्ट्रैक्ट किया। तो आपका एट्रियल सिस्टोल दिखाने के लिए ये छोटा सा पी कर्व है। ठीक है? इसके बाद क्या हुआ? आपका एट्रिया रिलैक्स वेंट्रिकल

83:30

Speaker A

कॉन्ट्रैक्ट। वेंट्रिकल कॉन्ट्रैक्ट बड़ा चेंबर कॉन्ट्रैक्ट हुआ है। तो भाई ऐसा दिखेगा। इट इज़ वेंट्रिकुलर। इट इज वेंट्रिकुलर कॉन्ट्रक्शन यानी डीपोलराइजेशन। यह आपका वेंट्रिकुलर डीपोलराइजेशन। पहले आपका जॉइंट डायस्टोल फिर आपका एट्रियल कॉन्ट्रक्शन यानी एट्रियल डीपोलराइजेशन। फिर आपका एट्रिया रिलैक्स हो गया।

83:51

Speaker A

वेंट्रिकल कॉन्ट्रैक्ट हुआ। अब एट्रिया रिलैक्स हुआ है वो भी आप यहां पर लिख सकते हो कि एट्रियल रीपोलराइज़ेशन हो रही है। पर एट्रिया का जो कर्व है वह तो छोटा सा बनेगा और छुप जाएगा इसके पीछे। इसलिए दिख

84:01

Speaker A

नहीं रहा है। तो इसलिए वेंट्रिकल का नाम लिखा है। क्योंकि जब वेंट्रिकल कॉन्ट्रैक्ट हुआ है तो एट्रिया रिलैक्स हो गया। लेकिन वो दिखता ही नहीं है वेंट्रिकल के कर्व के आगे। तो यहां पर वेंट्रिकुलर कॉन्ट्रैक्शन हम इसे कहते हैं। करेक्ट?

84:12

Speaker A

एट्रिया रीपोलराइज हो गए। लेकिन इनविज़िबल कर्व है इसका बहुत छोटा कर्व है। और बाद में क्या हो गया? वेंट्रिकल आपका रिलैक्स हो गया। शुरू में जॉइंट डायस्टोल फिर एट्रियल कॉन्ट्रैक्ट। फिर आपका एट्रियल रिलैक्स। वेंट्रिकल कॉन्ट्रैक्ट। फिर दोनों रिलैक्स यानी वेंट्रिकल भी रिलैक्स

84:26

Speaker A

हो जाएगा। रीपोलराइज़ हो जाएगा। दोबारा से नॉर्मल हो जाएगा। दिस इज ईसीजी। ये स्टैंडर्ड ईसीजी है। इसके कर्व्स जब ऊपर नीचे होते हैं तो आपको पता लग जाता है अलग-अलग कंडीशंस में कि हार्ट में आपका कुछ ना कुछ तो गड़बड़ी चल रही है। ठीक है?

84:40

Speaker A

तो जब आपका बायकस्पिड और ट्राइकस्पिड वाल्व बंद होती हैं तो हम कहते हैं लब का साउंड आया और जब सेमीनर वाल्स आपकी बंद होती हैं। जब दोबारा से आपका ऊपर से ब्लड भरने लगता है 70% वेंट्रिकल में। जब

84:53

Speaker A

सेलूनर वाल्व को हम लोग क्लोज कर देते हैं तो उसे हम लोग कहते हैं कि डब का साउंड आया। तो लव साउंड ट्राइकस्पिड बाइकस्पिड क्लोज होने पर डब का साउंड सेमिलनर बॉल क्लोज होने पर हमको देखने को मिला। करेक्ट

85:05

Speaker A

है सर। नाउ देयर आर सम रेगुलेशंस कि आपका हार्ट जो है वो रेगुलेट भी तो होती है उसकी एक्टिविटी। समझ लो आप भाग रहे हो। पीछे कोई कुत्ता पड़ गया। है ना? पीछे कोई जानवर पड़ गया। दोस्त ही पड़ गया भाई पैसे

85:17

Speaker A

मांगने के लिए पीछे। जोर से भाग रहे हो तब-तबड़। ऑटोमेटिकली हार्ट बीट रेट जो है वो बढ़ जाएगा। तो मेडुला जो कि रेस्पिरेटरी रिदमम सेंटर में था। मेन सेंटर था रेस्पिरेशन कंट्रोल करने का। वही आपका सर्कुलेशन यानी बेसिकली आपका हार्ट

85:30

Speaker A

बीट भी कंट्रोल कर रहा होता है। इसके अलावा आपका सिंपैथेटिक ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम जो कि आपको एक्टिव रखता है फाइट एंड फ्लाइट वाला यह भी आपकी हार्ट बीट बढ़ाएगा। पैरासिंैथेटिक वाला जो आपको रेस्ट पे लाता है। यह आपकी हार्ट बीट कम

85:42

Speaker A

कर देगा। और इसी प्रकार से अगर आपकी बॉडी में एड्रिनलीन रश है डर के मारे कोई फाइट हो गई है तो एड्रनलीन नर एड्रिनलीन थायरोक्सिन जब बढ़ेंगे उस टाइम पर भी हार्ट की एक्टिविटी आपकी चेंज होती रहती है। एड्रिनलीन रश में आपका ज्यादा जो है

85:56

Speaker A

आपको कार्डियक आउटपुट देखने को मिलेगा। स्ट्रोक वॉल्यूम हार्ट कॉन्ट्रक्शन आपको बढ़ती हुई दिखाई देगी। करेक्ट? करेक्ट। मेन है आपका सर्कुलेटरी डिसऑर्डर्स। बीमारियां कौन-कौन सी हो सकती हैं हमें?

86:06

Speaker A

सर्कुलेटरी सिस्टम से संबंधित। लेट्स अंडरस्टैंड देम। सबसे पहले हाई बीपी यानी हाइपरटेंशन। खोपड़ी वाली टेंशन नहीं है। हाइपरटेंशन। टेंशन मतलब वो प्रेशर जो कि ब्लड लगा रहा है ब्लड वेसल्स के ऊपर उसे हम टेंशन कहते हैं। तो कोई भी ब्लड वेसल

86:22

Speaker A

है अगर उसमें तेजी से हाई बीपी में हाई ब्लड प्रेशर में अगर ब्लड बह रहा है तो वॉल्स के ऊपर टेंशन लगाएगा। तो कई बार हेमरेज हो सकता है। ब्लड वेसल्स फट सकती हैं। अलग-अलग ऑर्गन्स की, किडनी की, लीवर

86:33

Speaker A

की, ब्रेन की, ब्रेन हेमरेज वगैरह हो सकता है। तो आपका हार्ट, किडनी, लीवर, ब्रेन इन सब पे दिक्कतें हो सकती हैं। तो नॉर्मल हमारा जो ब्लड प्रेशर है, बीपी है ये 120,80 है। सिस्टोलिक एंड डायस्टोलिक। कॉन्ट्रक्शन पे आपका बीपी बढ़ेगा। तेजी से

86:47

Speaker A

ब्लड रश करेगा तो ज्यादा होता है। डायस्टोलिक पे आपका कम होता है। तो 12080 जब बढ़ के 120 से 140 हो जाए, 80 वाला बढ़ के 90 हो जाए। इसे हम कहते हैं हाई बीपी या हाइपरटेंशन जिससे अलग-अलग ऑर्गन्स में

87:00

Speaker A

आपकी दिक्कत हो सकती है ड्यू टू हाई टेंशन क्रिएटेड बाय द फ्लोइंग ब्लड। दूसरा है कोोनरी आर्टरी डिजीज जिसे कैड कहते हैं या अथेरोस्लोरोसिस कहते हैं। मेरे भाई समझ लीजिए आप कि ऐसी वेसल जो हार्ट तक ब्लड पहुंचा रही है। है ना? कोोनरी सिस्टम कह

87:17

Speaker A

रहे थे ना हम कोोनरी आर्टरी डिजीज। देखो कोोनरी सिस्टम हम कह रहे थे ना ऐसी वेसल्स जो हार्ट तक ही आपका न्यूट्रिएंट और ऑक्सीजन पहुंचा रहे हैं। समझ लीजिए इन वेसल्स में ही कैल्शियम भर गया है, फैट भर

87:27

Speaker A

गया है, कोलेस्ट्रॉल भर गया है या फाइबर डिपॉजिट हो गए हैं। अगर आपकी जो वेसल है इसके बीच में चीजें जमा हो चुकी हैं तो वेसल चोक हो जाएगी और ज्यादा उसके अंदर ब्लड सप्लाई नहीं हो पाएगा। तो आपके हार्ट

87:39

Speaker A

की जो एक्टिविटी है यह कम हो जाएगी। इसे अथेरोस्िस कहते हैं। एंजाइनाप्टोरिस यानी बहुत तेज छाती में दर्द हो जाना। अगर आपकी हार्ट की मसल्स तक ऑक्सीजन ठीक तरीके से नहीं पहुंच पा रही है तो हार्ट की मसल में

87:52

Speaker A

ऑक्सीजन की कमी की वजह से एक्यूट चेस्ट पेन हो जाता है। एकदम परमात्मा की याद आ जाती है। दैट इज एंजाइना पेक्टोरिस। ठीक है? एंजाइना पेक्टोरिस। हार्ट फेलियर, कार्डियक अरेस्ट एंड हार्ट अटैक। ये तीन ऐसी चीजें हैं जो स्टूडेंट्स को लगता है

88:08

Speaker A

ऑलमोस्ट सेम। बट दे हैव डिफरेंस। तीनों चीजें मस्ती में क्रैक करते हैं। देखो हाइपरटेंशन पहले ही पता लग जाएगा। बीपी बढ़ रहा है। 120 80 की जगह 1490 हो गया। अथेरोस् यानी कोोनरी आर्टरी डिजीज में जो कोोनरी आर्टरीज हैं इनमें बेसिकली क्या हो

88:22

Speaker A

जाएगा? आपका कैल्शियम, फैट, कोलेस्ट्रॉल, फाइबर ये सारी चीजें डिपॉजिट हो जाएंगी। एंजाइना पेक्टोरिस यानी एक्यूट चेस्ट पेन। जब आपका हार्ट की मसल तक ऑक्सीजन ना पहुंच रहा हो। अब ये तीनों चीजें हैं। इनको गौर से देखिए। सबसे पहले हार्ट फेलियर। हार्ट

88:35

Speaker A

का काम क्या है सर? ब्लड को पंप करना। यह मेन पंपिंग ऑर्गन है। मेन ब्लड को पंप करने वाला ऑर्गन है। अगर यह फेलियर है यानी ब्लड को पंप अगर नहीं कर पा रहा है तभी ये फेलियर है। इसका काम क्या था? ब्लड

88:47

Speaker A

को पंप करने का। पंपिंग ऑर्गन था। वही काम नहीं कर पा रहा है। फेलियर है। इफ इट इज़ नॉट पंपिंग द ब्लड इफेक्टिवली तो इसे क्या कहेंगे? हार्ट फेलियर। अगर हार्ट अपने काम में फेल हो जा रहा है, ब्लड को पंप नहीं

88:57

Speaker A

कर रहा है तो हार्ट फेलियर। इसका एक सिम्टम है लंग कंजेशन। सांस आने में दिक्कत होगी। लंग्स भरे-भरे से महसूस होंगे, कंजेस्ट हो जाएंगे। दूसरी चीज कार्डियक अरेस्ट अरेस्ट कर दिया हार्ट को। यानी अब यह धड़क नहीं सकता। अरेस्ट कर दिया एक जगह पे जकड़

89:14

Speaker A

लिया है जंजीरों से। तो अरेस्ट मतलब बीटिंग ही बंद हो गई। एंड हार्ट अटैक। हार्ट क्या है? कार्डियक मसल ही तो है। इसको मैं अटैक कर रहा हूं। इसको मैं अटैक कर रहा हूं। यानी इसका मसल डैमेज हो गया।

89:27

Speaker A

ड्यू टू इन इनएडीिक्वेट ब्लड सप्लाई। इसकी मसल्स को डैमेज पहुंच गया। ब्लड इसमें ठीक से नहीं पहुंच पा रहा है। यानी हार्ट फेलियर। हार्ट का काम क्या था? ब्लड को पंप करना। उसी में यह फेल हो गया। यानी

89:38

Speaker A

ब्लड इफेक्टिवली पंप नहीं हो रहा है। कार्डियक अरेस्ट यानी अरेस्ट कर लिया है मैंने इसको। अब यह पंप नहीं कर रहा है। एंड आपका हार्ट का अटैक यानी मैं इस हार्ट पे अगर अटैक कर रहा हूं तो मैं इसकी मसल्स

89:49

Speaker A

को नुकसान पहुंचा रहा हूं क्योंकि इसमें प्रॉपर ब्लड सप्लाई नहीं हो पा रही है। दिस इज़ योर कंप्लीट एंड टू एंड कॉनंक्रीट डिस्कशन ऑफ दिस लार्ज चैप्टर। जो कि आपको आई गेस मजे से समझ में आ गया होगा। बहुत

90:03

Speaker A

प्यारे तरीके से समझ में आ गया होगा। दिस इज आवर tlegram चैनल जिस पे आपको सारे के सारे नोट्स मिल जाएंगे। सारे लिंक्स मिल जाएंगे। और भी कई सारी चीजें कई सारा भांगड़ा आपके लिए आने वाला है। बहुत सारी

90:12

Speaker A

चीजें मैं लेकर के आने वाला हूं। दिस इज Telegram चैनल। इसको ज्वाइन कर लीजिएगा। एंड pw एप्लीकेशन पर भी हाइपर बायोलॉजिस्ट आप सर्च करेंगे फ्री ऑफ कॉस्ट। वहां पर भी आपको सारे नोट्स एकदम ऑर्गेनाइज मिल जाएंगे। भाई बहुत मेहनत चल रही है। आप खुद

90:22

Speaker A

देखो। आप खुद बहुत अप्रिशिएट कर रहे हो। एंड उस बात की कदर भी है भाई पूरी। पर आप देखो भाई रात-रात को जाके रतियां लंबियां लंबियां काटी हैं भाई हाथ में कलम लेकर के तब जाके ये तैयार होता है।

90:33

Speaker A

ऐसा आपने देखा नहीं होगा कहीं कि इतनी शिद्दत से भाई एक-एक चीज पिरो पिरो के लिखी है एकदम कि भाइयों को जब कंटेंट मिले तो लगे ना कि यार मक्कारी करी गई है 1% भी चाहे एक लेक्चर को बनाने में उसका कंटेंट

90:45

Speaker A

डिजाइन करने में चाहे 8 9 10 12 घंटा क्यों ना लग जाए लेकिन जब ये हाथ में आए तो लगे यार कुछ तो बनाया है विपु भाई ने कुछ तो तैयार किया है तगड़ा मसाला यस तो यह है हमारा आज का पूरा का पूरा कार्यक्रम

90:56

Speaker A

आई होप आपको पसंद आया है किस कलर का हार्ट समझ में आ गया है नीचे बता दो ना और मेरे भाई कि इस वीडियो को जारवी समाज में एकदम फैलाया जाए जिससे कि हर्षपुष्ट रहे ज्ववी समाज और सीखता रहे अलग-अलग चीजों को। बीच

91:09

Speaker A

में जैसा मैंने बताया बायो मॉलिक्यूल्स एंड एनिमल किंगडम खुद ब खुद इंटीग्रेट कर दूंगा। बोलने की जरूरत नहीं है। डोंट वरी। आई एम मोर कंसर्न भाई मैं भी लगा हुआ हूं। है ना? अभी ह्यूमन फिजियोलॉजी करेंगे। बीच में जब मेरे को टाइम मिलेगा एक्स्ट्रा

91:20

Speaker A

मेरे पास किसी हफ्ते वक्त होगा मैं बना करके ऑटोमेटिकली डलवा दूंगा। तो फ्रीक्वेंसी भी बढ़ जाएगी। अभी थोड़ा सा नॉर्मल चलते हैं। तो ये है आपका बॉडी फ्लूइड एंड सर्कुलेशन। अगला चैप्टर आपका शायद एक्सक्रेटरी प्रोडक्ट्स एंड देयर एलिमिनेशन, लोकोमोशन, न्यूरल एंड केमिकल।

91:30

Speaker A

उसी हिसाब से हम लोग एनसीआरटी के सीक्वेंस में चल पड़ेंगे। किसी का कोई पेपर है, कोई एग्जाम है तो मुझे बता देना। नीचे जो हैवी डिमांड आएगी उस हिसाब से हम लोग बीच में एक आधा कूद छलांग मार करके एक आधा चैप्टर

91:40

Speaker A

ऊपर नीचे कर सकते हैं। दैट्स फाइन। ठीक है? चलो मेरे भाई लॉट्स ऑफ लव। बहुत-बहुत शुक्रिया। धन्यवाद। मिलते हैं अगले सेशन में। तब तक के लिए अपना ख्याल रखो। बहुत अच्छे तरीके से पढ़ाई करते रहो। लॉट्स ऑफ लव। टेक केयर। बाय-ब। जय हिंद।

Topics: बॉडी फ्लूइड्स सर्कुलेशन NEET बायोलॉजी रक्त हृदय ब्लड ग्रुप लिंफ 11वीं कक्षा बायोलॉजी हाइपरबायोलॉजी रक्त वाहिकाएं

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