**What is Azure Landing Zone | Complete Setup Guide | Step-by-Step for Beginners & Architects — Transcript & Summary | SozAI**
Source: https://sozai.app/transcript/azure-landing-zone-setup-guide/

Azure Landing Zone क्या है और इसे कैसे सेटअप करें, इसके फायदे और आर्किटेक्चर को हिंदी में विस्तार से समझाया गया।

## Key Takeaways

- Azure Landing Zone Azure इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक स्टैंडर्ड और रिकमेंडेड आर्किटेक्चरल अप्रोच है।
- यह कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन, सिक्योरिटी, मॉनिटरिंग और स्केलेबिलिटी को बेहतर बनाता है।
- Microsoft का डिटेल डॉक्यूमेंट Azure Landing Zone सेटअप के लिए गाइड करता है।
- मैनेजमेंट ग्रुप्स और सब्सक्रिप्शन्स का सही विभाजन इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट में मदद करता है।
- Azure Landing Zone का उपयोग कर के क्लाउड माइग्रेशन और ऑपरेशन अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनता है।

## What the video covers

- Azure Landing Zone एक स्टैंडर्ड और रिकमेंडेड अप्रोच है जो Azure इंफ्रास्ट्रक्चर को सेंट्रलाइज्ड, स्केलेबल और मैनेजेबल बनाता है।
- यह कोई सर्विस नहीं बल्कि एक आर्किटेक्चरल अप्रोच है जो कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन, सिक्योरिटी, ट्रैफिक मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग को आसान बनाता है।
- Microsoft का डिटेल डॉक्यूमेंट और रेफरेंस आर्किटेक्चर Azure Landing Zone के सेटअप और मैनेजमेंट के लिए गाइड करता है।
- मैनेजमेंट ग्रुप्स का उपयोग करके प्लेटफार्म, लैंडिंग जोन, सैंडबॉक्स जैसे अलग-अलग सेक्शंस बनाए जाते हैं ताकि कॉमन सर्विसेज जैसे एक्टिव डायरेक्टरी, मॉनिटरिंग और कनेक्टिविटी सेंट्रलाइज्ड हो।
- लैंडिंग जोन के अंदर Core और Online दो सेक्शन होते हैं, जहां Core में इंटरनल एप्लीकेशन्स और Online में इंटरनेट फेसिंग एप्लीकेशन्स होस्ट होते हैं।
- सब्सक्रिप्शन्स को अलग-अलग विभागों या लोकेशन्स के हिसाब से बांटा जा सकता है ताकि बिलिंग और सिक्योरिटी बेहतर तरीके से मैनेज हो सके।
- Azure Landing Zone रोल-बेस्ड एक्सेस कंट्रोल, नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप्स, डीडॉस प्रोटेक्शन जैसे सिक्योरिटी फीचर्स को इंटीग्रेट करता है।
- यह अप्रोच डेवलपमेंट, टेस्टिंग (UAT), और प्रोडक्शन एनवायरनमेंट को अलग-अलग सब्सक्रिप्शन्स में मैनेज करने की सलाह देता है।
- लैंडिंग जोन के माध्यम से कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन संभव है क्योंकि कॉमन सर्विसेज को साझा किया जाता है और अनावश्यक डुप्लीकेशन से बचा जाता है।
- Azure Landing Zone नए यूजर्स और आर्किटेक्ट्स के लिए Azure इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर ढंग से डिजाइन और मैनेज करने का एक बेहतरीन तरीका है।

## Chapters

1. 00:00 Azure Landing Zone का परिचय और महत्व
2. 02:08 कॉस्ट और सिक्योरिटी के बारे में समझ
3. 03:51 Microsoft का डॉक्यूमेंट और आर्किटेक्चर अवलोकन
4. 05:35 मैनेजमेंट ग्रुप्स और उनकी भूमिका
5. 07:06 कॉमन सर्विसेज और कनेक्टिविटी का महत्व
6. 08:24 लैंडिंग जोन के अंदर Core और Online सेक्शन
7. 10:08 सब्सक्रिप्शन विभाजन और इंटरनल बिलिंग
8. 11:46 सिक्योरिटी फीचर्स और रोल-बेस्ड एक्सेस
9. 13:38 ट्रैफिक मैनेजमेंट और डीडॉस प्रोटेक्शन
10. 15:11 कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन और समापन

Answers

## Questions about this video

Azure Landing Zone क्या है?

Azure Landing Zone एक स्टैंडर्ड और रिकमेंडेड आर्किटेक्चरल अप्रोच है जो Azure इंफ्रास्ट्रक्चर को सेंट्रलाइज्ड, स्केलेबल और मैनेजेबल बनाता है। यह कोई सर्विस नहीं है बल्कि एक डिजाइन पैटर्न है।

Azure Landing Zone का उपयोग करने के क्या फायदे हैं?

Azure Landing Zone से कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन, सिक्योरिटी, मॉनिटरिंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्केलेबिलिटी आसान हो जाती है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद करता है।

Azure Landing Zone सेटअप के लिए Microsoft का कौन सा डॉक्यूमेंट उपयोगी है?

Microsoft Azure Landing Zone के लिए एक डिटेल डॉक्यूमेंट और रेफरेंस आर्किटेक्चर प्रदान करता है, जो Azure इंफ्रास्ट्रक्चर के डिजाइन और मैनेजमेंट के लिए गाइड करता है।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:01

Speaker A

नमस्ते साथियों, टेक लर्निंग के इस एपिसोड में आज हम कवर करने जा रहे हैं एजोर लैंडिंग जोन। एजोर लैंडिंग जोन बेसिकली एक स्टैंडर्ड और रिकमेंडेड अप्रोच है सारे ऑर्गेनाइजेशन के लिए जो एजोर को यूटिलाइज करना चाहते हैं। अगर आप एजोर में

00:24

Speaker A

नए हो या एजोर के बारे में सीख रहे हो या एजोर के बारे में जानना चाहते हो या एजोर पे माइग्रेट हो रहे हो, राइट? या आप एजोर यूज़ कर रहे हो या आप क्लाउड में नए हो और समझना चाहते हो

00:41

Speaker A

कि लैंडिंग जोन क्या है? Azure लैंडिंग जोन क्या है? तो बेसिकली एजोर लैंडिंग जोन एक सर्विस नहीं है। एक अप्रोच है कि आप एजोर को कैसे यूटिलाइज करो। यह आपको सेंट्रलाइज वे ऑफ मैनेजिंग योर इंफ्रास्ट्रक्चर का ऑप्शन देता है।

01:06

Speaker A

ये आपको स्केल करने में मदद करता है। अगर आप इस अप्रोच से अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को बिल्ड किए हो तो स्केल करना काफी आसान होता है। सेंट्रलाइज मॉनिटरिंग, मेंटेनेंस और मैनेजमेंट भी आसान होता है। ट्रैफिक मैनेजमेंट, सिक्योरिटी यह सारे इंपॉर्टेंट टॉपिक्स जो हैं, यह

01:30

Speaker A

आसानी से किया जा सकता है। ठीक है? तो एजोर लैंडिंग जोन हर ऑर्गेनाइजेशन के लिए रिकमेंडेड सेशन है और अप्रोच है कि अगर आप एजोर पे हो या एजोर बिल्ड करने जा रहे हो तो लैंडिंग जोन से स्टार्ट करो। क्योंकि जब यह सारी

01:52

Speaker A

चीजें आप करते हो, एजोर लैंडिंग जोन बनाते हो तो कोई ऐसा एडिशनल कॉस्ट लैंडिंग जोन आपको नहीं दे रहा है। नहीं, नहीं लगेगा। ऐसा सर्विस नहीं है कि आप एजोर लैंडिंग जोन बनाओगे तो ये सर्विस का इतना कॉस्ट है।

02:08

Speaker A

बेसिकली जो आप सर्विस यूज़ करने जा रहे हो उसको कहां पे जिसका कॉस्ट लगना ही है। फायरवाल अगर आप यूज़ करोगे तो लगेगा ही। राइट? अगर आपने डिफेंडर यूज करना है तो डिफेंडर का कॉस्ट लगेगा ही। अगर आपने

02:23

Speaker A

डीडॉस यूज़ करना है तो उसका कॉस्ट वही है। लेकिन उसको अगर लैंडिंग जोन के कांसेप्ट में अगर बिल्ड करोगे तो बहुत बेनिफिट है। आसानी से स्केल कर सकते हैं, मॉनिटर कर सकते हैं, मेंटेनेंस कर सकते हैं। कई सारी

02:37

Speaker A

चीजें, कई सारे इंपॉर्टेंट बेनिफिट हैं। ठीक है? और अगर आप एजोर लैंडिंग जोन में हो तो ये आपको कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन में भी बेनिफिट करेगा। सो आप चाहते हो कि मेरे को कॉस्ट ऑप्टिमाइज करना है। इफ यू आर लुकिंग

02:52

Speaker A

फॉर कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन, यू शुड हैव एजोर लैंडिंग जोन। ठीक है? विदाउट एजोर लैंडिंग जोन के आप उस लेवल पे कॉस्ट ऑप्टिमाइज नहीं कर सकते हैं। ठीक है? सो कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन में भी ये हेल्प करता है, ना कि ये कॉस्ट बढ़ाता है।

03:10

Speaker A

ठीक है? तो चलिए समझते हैं Azure लैंडिंग ज़ोन के बारे में। Microsoft का एक बहुत अच्छा डॉक्यूमेंट है Azure लैंडिंग ज़ोन के बारे में, जहां पे Microsoft ने रेफरेंस आर्किटेक्चर डिटेल्स दिया हुआ है। तो आपको मैं डॉक्यूमेंट का लिंक चैट विंडो में डाल

03:25

Speaker A

दूंगा और मैं अभी एक बार डॉक्यूमेंट पे लैंड दिखाता हूं, ये डॉक्यूमेंट कौन से डॉक्यूमेंट की मैं बात कर रहा हूं और फिर मैं आपको फिर हम आर्किटेक्चर डिस्कशन करते हैं। सो लेट मी शेयर माय स्क्रीन। आई होप सो और लैंडिंग जोन जैसा कि मैंने

03:51

Speaker A

आपको बताया, अप्रोच फॉर ऑल ऑर्गेनाइजेशन यूटिलाइजिंग Azure, राइट? एंड इट्स गिविंग यू द ये रिकमेंडेड अप्रोच है। राइट, स्टैंडर्ड एंड रिकमेंडेड अप्रोच है। Microsoft ने एक डिटेल, ये पूरा डिटेल डायग्राम, डिटेल डॉक्यूमेंट बनाया हुआ है। प्लेटफार्म लैंडिंग जोन वर्सेस एप्लीकेशन

04:10

Speaker A

से लैंडिंग जोन, ये सारे डिटेल्स इसमें बताया है। इसमें कई सारे पॉइंट्स हैं। हम इसको आसानी से समझते हैं। तो मैं इसको आपको एक ड्राइंग बोर्ड पे जाके इसको समझाने की कोशिश करता हूं आपको। सो बेसिकली जब आप माइक्रोसॉफ्ट के साथ अगर

04:31

Speaker A

आपका ईए या सीएसपी एग्रीमेंट वगैरह होता है, उसके बाद Microsoft टेनेंट आईडी मिलता है। आपको ये टेनेंट आईडी मिलता है और उसके बाद क्या करते हो, आप मैनेजमेंट [गला साफ़ करने की आवाज़] ग्रुप बनाते हो। तो मैनेजमेंट ग्रुप थोड़ा सा मैं

04:45

Speaker A

ज़ूम करके समझाना चाहता हूं, ये रहा। तो मैनेजमेंट ग्रुप में क्या बनाते हैं? आप जब आप रहते हो तो कई सारे मैनेजमेंट ग्रुप्स बनते हैं, राइट? आपका एक रूट ग्रुप होगा, आपका एक ये रूट ग्रुप होगा। है ना? और

05:02

Speaker A

उसके बाद आप मैनेजमेंट ग्रुप बनाते जाते हो उसमें रूट के बाद। राइट? सो ये काफी इंपॉर्टेंट हो गया। तो इसमें मतलब डायरेक्ट मैं रिकमेंड करूंगा कि डायरेक्ट कोई भी सब्सक्रिप्शन आप यहां मत बनाएं। ठीक है? अगर आप कोई सब्सक्रिप्शन बनाना है

05:17

Speaker A

आपको तो मेरा रिकमेंडेशन रहेगा कि आप डायरेक्ट यहां पे, यहां पे कोई भी सब्सक्रिप्शन ना बनाएं। यहां पे कोई भी सब्सक्रिप्शन ना बनाएं। ठीक है? यहां पे कोई भी सब्सक्रिप्शन ना बनाएं। ओके?

05:35

Speaker A

लेकिन चलिए बात करते हैं। सो इसमें क्या है? मैनेजमेंट, डिफरेंट मैनेजमेंट ग्रुप्स हैं। सो अब जैसा कि आप देखोगे कि यहां पे एक प्लेटफार्म करके मैनेजमेंट ग्रुप बना है। राइट? ये प्लेटफार्म करके मैनेजमेंट ग्रुप बना है। और यहां पे एक लैंडिंग जोन

05:48

Speaker A

मैनेजमेंट ग्रुप बना है। डिस्कनेक्टेड मैनेजमेंट ग्रुप बना है। सैंड बॉक्स मैनेजमेंट ग्रुप बना है। राइट?

05:55

Speaker A

तो इन सारे, इन सारे इसका यूज़ क्या है? क्यों? प्लेटफार्म करके लैंड मैनेजमेंट ग्रुप बना है। अगर आप देखोगे तो प्लेटफार्म करके जो मैनेजमेंट ग्रुप बनाया उसके अंदर एक और सब मैनेजमेंट ग्रुप बनाया, दैट इज कॉल्ड मैनेजमेंट आइडेंटिटी

06:12

Speaker A

कनेक्टिविटी। राइट? ये तीन इन्होंने प्लेटफार्म के अंदर बनाया। अब इसका यूटिलाइजेशन क्या है कि जब आप, जब आप यू नो, जब आप इंफ्रास्ट्रक्चर बनाते हो तो कुछ चीजें होती हैं जो कॉमन होती हैं, राइट? और भी हम रिकमेंड करते हैं कि कॉमन

06:30

Speaker A

जैसे एक्टिव डायरेक्टरी है, जैसे आपका मॉनिटरिंग है, ये तो सारे एप्लीकेशन के लिए एक होना चाहिए। राइट? आप हर किसी के लिए अलग-अलग एक्टिव डायरेक्टरी तो नहीं बनाओगे। मैनेजमेंट, मॉनिटरिंग सिस्टम हर किसी के लिए अलग-अलग स्टेबल नहीं करोगे। तो जो कॉमन

06:47

Speaker A

सर्विस है वो प्लेटफार्म के अंदर आना चाहिए था। ठीक है? कनेक्टिविटी, राइट? सो जितने भी मैनेजमेंट रिलेटेड हैं, रिपोर्टिंग, डैशबोर्ड, बिलिंग, ऑल दिस थिंग्स शुड कम टू द मैनेजमेंट। मैनेजमेंट सब्सक्रिप्शन ग्रुप के अंदर आना चाहिए। जो आइडेंटिटी है, लाइक एक्टिव डायरेक्टरी ये

07:06

Speaker A

सब भी कॉमन होता है हर ऑर्गेनाइजेशन में। राइट? लाइक xyz.com है तो वो सब एप्लीकेशन के लिए वही होता है, xyz.com। राइट? तो वो जो एप्लीकेशन है xyz.com इज योर डोमेन तो उसके लिए जो आप बनाते हो, राइट, एक्टिव

07:20

Speaker A

डायरेक्टरी बनाते हो तो वो आइडेंटिटी के अंदर तो वहां पे आपने सेट कर दिया। कनेक्टिविटी है। यह बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक है। कनेक्टिविटी आपको भी सेंट्रलाइज रखना चाहिए कि अगर आपको मेंटेनेंस और मॉनिटर करना हो तो काफी आसान होता है। तो इसीलिए

07:37

Speaker A

कनेक्टिविटी अब आपके चार एप्लीकेशन हैं। हर एप्लीकेशन के अलग-अलग तो आप राउट नहीं करोगे। राउट कॉन्फ़िगर नहीं करोगे। किसी और कंपनी से अगर ये कहीं और लोकेशन से उसको कनेक्ट होना है तो शुड गो टू द सेंट्रल वे। सेंट्रल कॉमन, कॉमन वे, राइट? तो उसके

07:53

Speaker A

लिए आसान होता है और यहां पर ही आप कॉस्ट ऑप्टिमाइज कर सकते हो। तो मैं आपको उसको डिटेल में समझाता हूं कि कैसे वो कॉस्ट ऑप्टिमाइज होते हैं। तो जो कॉमन सर्विस है, जो कॉमन रिक्वायरमेंट्स हैं, वो आपने

08:07

Speaker A

प्लेटफार्म के अंदर डाल दिया है। सो नाउ योर प्लेटफार्म इज रेडी टू ऑनबोर्ड एप्लीकेशन। राइट? आपका प्लेटफार्म तैयार है गाड़ी रुकने के लिए। गाड़ी क्या है?

08:17

Speaker A

एप्लीकेशन। तो आप देखोगे लैंडिंग जोन क्या कर दिया? यहां पे बना दिया अंदर। राइट?

08:24

Speaker A

अब लैंडिंग जोन के अंदर, लैंडिंग जोन के अंदर आप देखोगे तो इन्होंने दो-दो बॉक्स बनाए हैं। राइट? एक कॉर बनाया है, एक ऑनलाइन बनाया है। तो हम इसको कॉमन वर्ड में अगर समझेंगे कि कॉर सारे इंटरनल एप्लीकेशन यहां पे होस्ट होगा। कॉर के

08:41

Speaker A

अंदर, यहां पे, यहां पे कॉर के अंदर होस्ट होगा। सारे इंटरनल एप्लीकेशन और जो इंटरनेट फेसिंग एप्लीकेशन है, मतलब इंटरनेट एप्लीकेशन वो जाएंगे ऑनलाइन के अंदर। तो जितने भी इंटरनेट एप्लीकेशन हैं, जो इंटरनेट लोकल एप्लीकेशन हैं, वो हो गया कॉर के

08:58

Speaker A

अंदर और जो भी इंटरनेट एप्लीकेशन हैं वो ऑनलाइन के अंदर चला गया। ठीक है? तो बहुत क्लियर है, इंटर, इंटरनेट, इंटरनेट। ठीक है, इंटरनेट जो कि आपका इंटरनल एप्लीकेशन है। ठीक है, जैसे जैसे एचआर एप्लीकेशन हो गया, जैसे आपका कोई

09:20

Speaker A

यू नो, रूम बुकिंग एप्लीकेशन हो गया, प्रिंटर एप्लीकेशन हो गया, दोस्त वो सारे इंटरनल एप्लीकेशन हो गए। राइट? उदाहरण के तौर पे या आपके ऐसे एसएपी हो गया या आपका इंटरनल और भी कई सारे एप्लीकेशन हो गए।

09:36

Speaker A

ये सारे एप्लीकेशन आपके कॉर के अंदर चले जाएंगे। जो इंटरनेट एप्लीकेशन है, कोई भी प्रोडक्ट हो सकता है, कोई वेबसाइट हो सकता वो सारे चले जाएंगे ऑनलाइन के अंदर। अब इन्होंने क्या किए कि कॉ जैसे इन्होंने इस उदाहरण में आप देखोगे कॉर के अंदर दो

09:53

Speaker A

सब्सक्रिप्शन बना दिया। लैंडिंग जोन A1 सब्सक्रिप्शन, लैंडिंग जोन A2 सब्सक्रिप्शन और कॉर के अंदर भी तो कई सारे आपके इंटरनल में ही तो कई सारे ग्रुप होंगे ना। फाइनेंस का अलग होगा, एचआर का अलग होगा, मैनेज आईटी का अलग होगा। तो जो

10:08

Speaker A

आपकी ये आप डिसाइड कर सकते हो अपने इंटरनल कन्वीनिएंट के हिसाब से कि आप कई ऑर्गेनाइजेशन में क्या होता है, इंटरनल बिलिंग होती है कि जो फाइनेंस के जो एप्लीकेशन के कॉस्ट है उसे फाइनेंस का टीम बेयर करेगा, जो एचआर का है वो एचआर को

10:25

Speaker A

बिलिंग करना होता है इंटरनल तो इस उस हिसाब से या आप लोकेशन बेस्ड कि ये यू नो कुछ एप्लीकेशन जो इंडिया बेस्ड है, कुछ एप्लीकेशन जो यूएस बेस्ड है, कुछ एप्लीकेशन जो यूरोप बेस्ड है तो उस-उस हिसाब से भी

10:38

Speaker A

आप यह सब्सक्रिप्शन बना सकते हो। ठीक है? सेग्रेगेट कर सकते हो। तो आपका य

10:54

Speaker A

में इन्होंने दिखाया है कि कॉर्p एंड ऑनलाइन राइट कल को हो सकता है कि कुछ और तरीके के एप्लीकेशन आए। तो आपको क्या करना है? सिर्फ एक और यहां पे ऐड कर देना है। राइट? ये और अभी दो सब्सक्रिप्शन है तो ये

11:10

Speaker A

तीसरा सब्सक्रिप्शन आ जाएगा। चौथा सब्सक्रिप्शन आ जाएगा। तो इस तरीके से आसानी से ऑनबोर्ड जाता है। और जो कॉमन प्लेटफार्म है वो तो ऑलरेडी स्टेबल है। राइट? स्टेबलाइज है। तो आपको सिर्फ एप्लीकेशन ऑनबोर्ड करना है और आपका कनेक्टिविटी वगैरह ऑलरेडी है। वहां से आप

11:28

Speaker A

प्लग इन प्ले करोगे और आसानी से आपका नोटिफिकेशन ऑनबोर्ड हो जाएगा। इसके बाद हम चलिए नीचे थोड़ा समझते हैं कि नीचे में इसके डिटेल में समझते हैं कि कनेक्टिविटी सब्सक्रिप्शन मैनेजमेंट सब्सक्रिप्शन डैशबोर्ड में क्या है? सो अगर मैं बात

11:46

Speaker A

करूं देखो आप आइडेंटिटी सब्सक्रिप्शन की बात करता हूं मैं तो आइडेंटिटी में आइडेंटिटी में आप देखो कि जितने भी एक्टिव डायरेक्टरी रिलेटेड स्टाफ है राइटकि ये कॉमन होगा हर कंपनी में डोमेन तो एक ही होता है डोमेन फॉरेस्ट एक ही होता है तो

12:02

Speaker A

एक्टिव डायरेक्टरी रिलेटेड रिकवरी बोल्ट इन्होंने इसमें डाल दिया है एक सब्सक्रिप्शन में ये तो कॉमन होगा हर कंपनी का राइट तो उन्होंने एक में डाल दिया अगर मैं इसी तरीके से बात करूं कि मैनेजमेंट में क्या डाला तो इसमें ऑटोमेशन

12:20

Speaker A

अकाउंट्स, लॉग एनालिटिक्स जो कि मॉनिटरिंग वगैरह के लिए होता है। सो मॉनिटरिंग, पैचिंग ऑल दोस ठीक है? डैशबोर्ड ये सारी चीजें आप मैनेजमेंट सब्सक्रिप्शन में करो। ठीक है? तो आपको प्रोडक्शन एनवायरमेंट जहां पर एप्लीकेशन होस्ट है वहां पर लॉग

12:36

Speaker A

इन करने की जरूरत नहीं है। और सबसे इंपॉर्टेंट बात कि आप जब ऑर्गेनाइजेशन में पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेज करते हो तो हर इंजीनियर का अपना-अपना रोल होता है। क्लाउड इंजीनियर होंगे, नेटवर्क इंजीनियर होगा, कोई मॉनिटरिंग एक्सपर्ट होगा। तो जो

12:51

Speaker A

मॉनिटरिंग एक्सपर्ट है जो नॉक की टीम है उसको प्रोडक्शन का एक्सेस नहीं होना चाहिए। उसको अपने नॉक से सब्सक्रिप्शन का ही एक्सेस होना चाहिए। तो उसको उनको अगर मॉनिटरिंग करनी है तो हम उनको बस यहां पर एक्सेस दे देंगे और वो हमारा सारा

13:05

Speaker A

इंफ्रास्ट्रक्चर मॉनिटर करेंगे और वो प्रोडक्शन एनवायरमेंट में लॉग इन नहीं करेंगे तो इससे क्या फायदा होगा कि हम एक्सीडेंटल डिलीशन से बच सकते हैं। अनवांटेड यू नो एक्सेस यूटिलाइजेशन ये सब से बच सकते हैं। तो ये सेफ भी है। ऑपरेशनल जो

13:23

Speaker A

आपका डे टू डे ऑपरेशन होता है उसमें भी आपको सिक्योरिटी प्रोवाइड करता है। ठीक है? सो आप क्या करोगे जब आप रोल बेस रोल बेस्ड एक्सेस देते हो तो उसमें सिर्फ आप इस सब्सक्रिप्शन का एक्सेस दो मॉनिटर मॉनिटरिंग वाले को अगर आप अब आते हैं सबसे

13:40

Speaker A

इंपॉर्टेंट जो टॉपिक है कनेक्टिविटी सो आप देखोगे कि कनेक्टिविटी में काफी सारे सर्विसेस यहां पे ऐडेड ऐड किया गया है डीडॉस रखा हुआ है डीएनएस रखा हुआ है एक्सप्रेस राउट रखा हुआ है फायरव पॉलिसी है वजोर फायरवल है डिफरेंट वी नेट है

13:55

Speaker A

बीपीए एंड गेटवे है हबी नेट है। सो बेसिकली ये हब एंड स्पोक मॉडल पे ये बनाया गया आर्किटेक्चर है। सो ये सारी सर्विसेस क्यों यहां पे है? क्योंकि आपको एक्सप्रेस राउट का यूज़ क्या है कि आपको डेटा सेंटर

14:12

Speaker A

ऑनप डेटा सेंटर से Azure को कनेक्ट कराता है। तो अगर एक एप्लीकेशन को एक्सप्रेस राउट चाहिए। एक एप्लीकेशन को कनेक्टिविटी चाहिए ऑनप टू Azure। ठीक है? तो हमने एक्सप्रेस राउट सेट कर दिया। है ना? अगर दूसरे एप्लीकेशन को चाहिए तो क्या मैं

14:28

Speaker A

दोबारा सेट करूंगा क्या या मैं उसी को यूटिलाइज करूंगा राइट उसी को यूटिलाइज करूंगा है ना उसी को अगर मैं यूटिलाइज करूंगा तो आसानी क्या है मैंने कॉमन कनेक्टिविटी सब्सक्रिप्शन में एक्सप्रेस राउट डाल दिया एक एप्लीकेशन यूज़ कर रहा है

14:42

Speaker A

दूसरा जब अनबोर्ड होगा दूसरा भी उसी को यूज़ कर लेगा मेरे को पैसा बच गया दो एक्सप्रेस राउट लगाने ही नहीं पड़े ठीक है एक एक्सप्रेस राउट पे मैं दो एप्लीकेशन तीन एप्लीकेशन चार एप्लीकेशन पांच एप्लीकेशन चला रहा हूं बैनविथ सफिशिएंट

14:55

Speaker A

मेरा एप्लीकेशन चल रहा है। है ना? तो ये बेस्ट होता है। और कल को मेरे को राउटिंग करनी है, मॉनिटर करना है। तो मुझे एक एक्सप्रेस राउट करना है। है ना? एक एक्सप्रेस राउट को मैनेज करना है। उसके

15:07

Speaker A

अलावा डीएनएस [गला साफ़ करने की आवाज़] तो सारे डीएनएस तो आप एक ही जगह होस्ट करोगे। है ना? तो सारे डीएनएस रिकॉर्ड वगैरह जो डीएनएस में बना दिया हमने यहां पे। उसके बाद फायर बॉल। अब जो भी ट्रैफिक चाहे

15:19

Speaker A

इंटरनल हो या एक्सटर्नल हो वो ट्रैफिक फायर बॉल के थ्रू जाएगी। तो उस ट्रैफिक को क्या मैं हर हर एप्लीकेशन के लिए क्या मैं अलग से फायर वाल लगवाऊं क्या पॉसिबल नहीं है राइट आप ऑनप में भी पॉसिबल नहीं है तो

15:32

Speaker A

सिंगल फायर वाल रखते हो डबल मतलब सेंट्रलाइज फायर बॉल रखते हो है ना तो उस फायर बॉल को आप क्या करोगे आपने कनेक्टिविटी सब्सक्रिप्शन में डाल दिया अब डिटेल में अगर जाऊंगा मैं तो लाइक आपका अनट्रस्टेड जो नेटवर्क इंटरफेस है वो क्या

15:46

Speaker A

हो गया कनेक्टिविटी सब्सक्रिप्शन में है उसके बाद जितने भी ट्रैफिक जाएंगे अनट्रस्टेड नेटवर्क इंटरफेस है ट्रस्टेड नेटवर्क के इंटरफेस में बाय फायरबल एंड देन इट विल गो टू द प्रोडक्शन एनवायरमेंट। प्रोडक्शन एनवायरमेंट क्या है? लैंडिंग जोन है ना? लैंडिंग जोन एनवायरमेंट में

16:03

Speaker A

जाएगा जहां पे आपके एप्लीकेशन होस्टेड है। तो हमने क्या किया? जो अन जो भी अनट्रस्टेड ट्रैफिक जो लैंड कर रहा है उसको हमने कनेक्टिविटी सब्सक्रिप्शन यानी लैंड करा दिया। है ना? उसके बाद जो भी ट्रैफिक उससे आगे जाएगा वो ट्रस्टेड

16:16

Speaker A

ट्रैफिक होगा। तो डीडस हमने वहीं पे लगा दिया है ना? डीडस हमने कहा कर दिया कनेक्टिविटी सब्सक्रिप्शन में। तो अगर कोई डीडॉस अटैक होता है तो हम उसको प्रिवेंट कर सकते हैं। है ना? अगर हमने डीडॉस प्रोटेक्शन लगाया हुआ है तो वो कहां काम

16:31

Speaker A

कर रहा है? कनेक्टिविटी सब्सक्रिप्शन में काम कर रहा है। हमने अपने प्रोडक्शन एनवायरमेंट को सेव कर लिया है ना? तो इससे क्या हुआ? हमारा जो प्रोडक्शन है, डेटा है वो ज्यादा सेफ हुआ। है ना? हमने डेटा को ज्यादा सिक्योर रखा हुआ है। ठीक है?

16:45

Speaker A

[गहरी सांस लेने की आवाज़] और साइड टू साइड वीपीए करना है। वीpए करना है। तो हर एप्लीकेशन का अलग-अलग वीपीए तो करेंगे नहीं। डिसेंट्रलाइज वीपीए करेंगे तो बीपीपीए कहां लैंड होना चाहिए?

16:54

Speaker A

कनेक्टिविटी सब्सक्रिप्शन होना चाहिए। राइट? तो इसलिए कनेक्टिविटी सब्सक्रिप्शन बहुत इंपॉर्टेंट है। एंड हब एंड स्पोक मॉडल का यही बेनिफिट है। और सबसे इंपॉर्टेंट बात है जो आपकी सारी ट्रैफिक जो आ रही है वो कनेक्टिविटी सब्सक्रिप्शन में आ रही है। उसके बाद जो ट्रैफिक आपके

17:10

Speaker A

प्रोडक्शन एनवायरमेंट में जा रहे हैं। ऐप पे वेब पे और डेटाबेस पे जा रहे हैं। वो कैसे जा रहे है? थ्रू द वी नेट पियरिंग जा रहे है। तो जब बी नेट पीियरिंग से डेट ट्रैफिक ट्रांसफर होता है तो वो ट्रैफिक

17:20

Speaker A

एजोर इंटरनल होता है। एजोर बैकबोन के थ्रू होता है। माइक्रोसॉफ्ट का जो बैकबोन नेटवर्क है वो काफी एडवांस है। है ना? तो आप इंटरेस्टेड है। वो पब्लिक नहीं है। तो उसके आपका बैकबोन के थ्रू जा रहा है तो

17:35

Speaker A

आपको लेटेंसी के इशू नहीं आएंगे। है ना? अगर सेम रीजन में है लेटेंसी इशू नहीं होगा। है ना? सेम एजी में है तो तो नहीं लेटेंसी इशू नहीं होगा। सेम रीज़न में सिंपल है। चाहे इजी हो डिफरेंट एजी भी हो

17:49

Speaker A

तब भी लेटेंसी इशू नहीं होगा क्योंकि Microsoft का वो बैकबोन नेटवर्क है। सो आपके नेटवर्क परफॉर्मेंस अच्छे हो गए। आपका कॉस्ट सेविंग हो गया। आपकी सेंट्रलाइज मॉनिटरिंग हो गई। आप सेंट्रलाइज ट्रैफिक को मेंटेन कर पा रहे हो। सो लैंडिंग जोन इसीलिए रिकमेंडेड है

18:05

Speaker A

और अगर मैं बात करूं अगर मैं आपको दिखाऊं यहां पे प्रोडक्शन एनवायरमेंट तो जस्ट फॉर एग्जांपल कि इन्होंने A1 A2 करके एक सब्सक्रिप्शन में अब यहां पे देखोगे तो आप देखोगे यहां पे इन्होंने ट्रैफिक वी नेट पेयरिंग के थ्रू आ रहा है।

18:26

Speaker A

ट्रैफिक किसके थ्रू आ रहा है? वी नेट पेयरिंग के थ्रू आ रहा है। ये वी नेट पेयरिंग के थ्रू आ रहा है। है ना? Vet में लैंड कर रहा है। वी नेट में क्या है? लोड बैलेंसर है। एप्लीकेशन गेटवे यहां भी रख

18:36

Speaker A

लो कोई दिक्कत नहीं है। एप्लीके लोड बैलेंसर है। उसके बाद ऐप या वेब सर्वर पे जा रहा है। एंड देन इट्स गोइंग टू बी इन अ डेटाबेस। सो आपका डेटाबेस क्या है? बॉटम्स ऑफ़ द लाइन है। राइट? डेटाबेस स्टिल आप

18:48

Speaker A

सिक्योर करो। इसको कहते हैं थ्री टियर आर्किटेक्चर। वेब टियर, ऐप टियर, डीबी टियर। सो आपका डेटाबेस सिक्योर है। मल्टीपल एप्लीकेशन आप होस्ट कर सकते हो। है ना? मल्टीपल एप्लीकेशन होस्ट कर सकते हो। आपने डीएनएस कर रखा है। आपने यूवीडी राउटिंग कर रखी

19:05

Speaker A

है। आपने आपका स्टिक प्रोटेक्टर आल्सो है एनजी है। है ना? नेटवर्क सिक्योरिटी ग्रुप आपने लगा रखा है। एप्लीकेशन सिक्योरिटी ग्रुप लगा रखा है। सो आप उस वहां से भी प्रोटेक्ट कर रहे हो। तो इस तरीके से यह बेस्ट बेस्ट प्रैक्टिस

19:22

Speaker A

है जब आप लैंडिंग जोन को एक्सप्लोर करते हो उसके बाद जब आप मान लो कि आपका कुछ ऐसा एनवायरमेंट है जहां पे आप आरएडी कर रहे हो है ना कुछ टेस्टिंग करना है तो आपको प्रोडक्शन में टेस्ट करने की जरूरत नहीं

19:34

Speaker A

है ना प्रोडक्शन में टेस्ट करने की जरूरत नहीं है क्योंकि प्रोडक्शन में आपके रिसोर्सेज है अगर आपने [गला साफ़ करने की आवाज़] जो आरएडी वाले टीम को प्रोडक्शन मैक्सेस दे दिया तो हो सकता है आपका प्रोडक्शन डिस्टर्ब हो सकता

19:45

Speaker A

है राइट वो प्रोडक्शन वाले सर्विस को हो सकता है बाय बाय मिस्टेक बंद कर दें। सर्विस रिस्ट कर दें। सर्वर रिस्टार्ट हो जाए। तो इसलिए जो आरएडी है उसके लिए उसके लिए सैंड बॉक्स आप सैंड बॉक्स में क्लिक

19:57

Speaker A

सैंड बॉक्स करके एक अलग सब्सक्रिप्शन बनाओ। वहां पे आरएडी करो टेस्ट करो और फिर उसको यूएईटी या प्रोडक्शन या डेब एनवायरमेंट में लेके आओ। सो अगर यूएटी है यूएटी का अलग सब्सक्रिप्शन बना लो। क्योंकि सब्सक्रिप्शन बनाने का कोई कॉस्ट नहीं

20:12

Speaker A

लगता। इट्स फ्री ऑफ़ कॉस्ट। राइट? कोई कॉस्ट नहीं है तो आप डिफरेंट सब्सक्रिप्शन बना लो। है ना?

20:18

Speaker A

[गला साफ़ करने की आवाज़] यूएटी का अलग सब्सक्रिप्शन बना लो। प्रोडक्शन का अलग बना लो। तो इससे क्या हुआ कि आपका इंफ्रास्ट्रक्चर मोर सिक्योर है। है अगर मैं इसको डिटेल में थोड़ा समझने की कोशिश करूं। राइट कि ट्रैफिक

20:28

Speaker A

फ्लो कैसे होता है? तुम एक नीचे एक मेरा मैंने एक डायग्राम रखा हुआ है। ये देखो अब मैंने बात करी थी ना हब वर्ड हब एंड स्पोक तो ये हब आपका जो कनेक्टिविटी सब्सक्रिप्शन है ये वाला राइट कनेक्टिविटी

20:43

Speaker A

सब्सक्रिप्शन है तो ये क्या है कॉमन हो गया अब यहां पे जो भी जो भी ट्रैफिक आ रहा है चाहे ऑन प्रम से आ रहा है या वो आ रहा है ऑन प्राइम से आ रहा है या इंटरनेट से आ

20:53

Speaker A

रहा है कहां आ रहा है एज फायर बॉल पे आ रहा है उसके बाद हम ट्रैफिक को कहां ले जा रहे हैं उसके बाद हम अब अपने एप्लीकेशन सब्सक्रिप्शन में ले जा रहे हैं राइट जहां पे हमारा क्या है? वी नेट पेयरिंग के थ्रू

21:06

Speaker A

ट्रैफिक जा रहा है। जहां पर हमारा मैं लेयर सेवन लगा सकता हूं। एप्लीकेशन गेटवे विद वेप लगा सकता हूं। सो आप देखोगे कि एप्लीकेशन गेटवे विद वेप लगा हुआ है। है ना? देन फ्रंट एंड फ्रंट एंड इस लाइक अ

21:18

Speaker A

वेब सर्वर पे जा रहा है। लोड बैलेंसर पे जा रहा है। राइट? इंटरनल लोड बैलेंसर जो आपकी जो आप लेयर फोर लोड बैलेंसर लगा सकते हो। राइट? उसके बाद ये बैक एंड ऐप सर्वर हो सकता है। उस पे जा रहा है। डीबी पे जा

21:31

Speaker A

रहा है। ऐप सर्वर का डीबी पे जा रहा है। एंड देन यू आर डूइंग ऑल दोस मॉनिटरिंग, लॉग एनालिटिक्स, डेटा कलेक्शन, डायग्नोस्टिक ऑल दिस थिंग्स दैट यू आर डूइंग इट। तो अगर आप लैंडिंग जोन से करते हो और जब आप मान लो आपने डेवोप्स

21:47

Speaker A

इंप्लीमेंट कर रखा है तो आप क्या करोगे? वन सब्सक्रिप्शन बाय वन। राइट? तो जब आपके डेवलपर्स अगर कोड भी लिख रहे हैं लिख रहे हैं टेराफॉर्म के थ्रू और अगर उन्होंने मॉड्यूल में पूरा लैंडिंग जोन मॉड्यूल से बनाया हुआ है तो कल को उनको चेंज करना तो

22:01

Speaker A

आसानी से चेंज कर सकते हैं पर्टिकुलर एनवायरमेंट के लिए राइट उसके बाद अगर आप अजोर पॉलिसी लगा रहे हो आप चाहते हो कि यार यूएईटी में ना कोई भी सर्वर ठीक है इस कॉन्फ़िगरेशन से ज्यादा नहीं होना चाहिए है ना आई वांट टू

22:18

Speaker A

कंट्रोल द कॉस्ट तो उस तरीके की कोई पॉलिसी आप लगा सकते हो यूएईटी सब्सक्रिप्शन पे डेप सब्सक्रिप्शन पे सैंडब सब्सक्रिप्शन पे कुछ डिफरेंट-डिफरेंट कस्टम पॉलिसी लगा सकते हो प्रीबिल्ड पॉलिसी लगा सकते हो तो अगर आपके पास aur लैंडिंग जोन है तो ये आपको स्केल

22:36

Speaker A

करने में मैनेज करने में बहुत हेल्प करता है और ये हर एनवायरमेंट हर इन हर एनवायरमेंट [गला साफ़ करने की आवाज़] के लिए अगर आपका छोटा सा यू नो अगर आप एनवायरमेंट काफी छोटा है तब तब भी ये रिकमेंडेड है। ठीक

22:52

Speaker A

है? और अगर आपका इंटरप्राइज एनवायरमेंट है तब भी ये रिकमेंडेड है। अगर आप हब एंड स्पोक मॉडल पे हो लैंडिंग जोन अगर आप फॉलो कर रहे हो तो आपके पास इजी स्केल का ज्यादा ऑप्शन है। सेंट्रलाइज मॉनिटरिंग मेंटेनेंस एंड मैनेजमेंट का ऑप्शन है।

23:10

Speaker A

कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन आसानी से कर सकते हो। जैसा कि मैंने बताया कि एक फायर बॉल आप मल्टीपल एप्लीकेशन के लिए यूज़ कर रहे हो तो उससे कॉस्ट ऑलरेडी सेव हो रहा है। अदरवाइज हर एप्लीकेशन के लिए अलग-अलग फायर बॉय अलग-अलग सर्विज लगानी पड़ेगी। राइट? तो

23:27

Speaker A

वो काफी कॉम्प्लिकेटेड हो जाता है। है ना? तो ये अगर आप इस कांसेप्ट को फॉलो करते हो तो काफी आपका इंफ्रास्ट्रक्चर स्क्लेबल होगा। एंड आसानी से मैनेज एंड मेंटेनेंस हो जाएगा। तो आप कमेंट में बताइएगा कि इस यह वीडियो

23:48

Speaker A

कैसा लगा और अगर आप डिटेल में जानना चाहते हो अगर आपके कुछ क्वेश्चन है कुछ और डिटेल में समझना चाहते हो तो आप मुझे पिन कर सकते हो। मेरा lindin प्रोफाइल में भी आपको मैं लिंक में डाल दूंगा। तो आप वहां पर कनेक्ट करके मेरे से

24:07

Speaker A

क्वेश्चन क्यूएनए कर सकते हो या आपको कुछ सजेशंस चाहिए सेशन चाहिए वन इन वन सेशन चाहिए तो भी आप मुझे Lindin पे कनेक्ट कर सकते हो तब तक अपना ख्याल रखिए और जल्द ही दूसरा वीडियो ले आऊंगा आपके पास तब तक के

24:23

Speaker A

लिए थैंक यू सो मच

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