**4th Muharram Majlis | Masaib | Shahadat Hazrat Aun o Muhammad(AS) | Maulana Syed Ali Raza Rizvi 2021 — Transcript & Summary | SozAI**
Source: https://sozai.app/transcript/4th-muharram-majlis-shahadat-hazrat-aun-muhammad/

मौलाना सैयद अली रजा रज़वी द्वारा 4th मुहर्रम की माजलिस में हज़रत औन और मोहम्मद (अस) की शहादत के मसाइब पर चर्चा।

## Key Takeaways

- कर्बला की घटनाओं में परिवार के सदस्यों का बलिदान और त्याग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- शहादत के दर्दनाक पहलुओं को समझना और उनकी याद में मातम करना इस माजलिस का मुख्य उद्देश्य है।
- युवाओं को इस इतिहास से सीख लेकर अपने जीवन में ईमानदारी और साहस अपनाना चाहिए।
- माजलिस के माध्यम से धार्मिक और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है।
- परिवार और समाज में शहादत के प्रभाव को समझना आवश्यक है।

## What the video covers

- मौलाना सैयद अली रजा रज़वी ने 4th मुहर्रम की माजलिस में हज़रत औन और मोहम्मद (अस) की शहादत के दर्दनाक वाक्यों का वर्णन किया।
- माजलिस में कर्बला के घटनाक्रम, परिवार के सदस्यों के संघर्ष और उनके भावनात्मक संवादों को विस्तार से बताया गया।
- शहादत के दौरान परिवार के सदस्यों की भावनाएं, उनकी इच्छाएं और उनके बीच के संवाद प्रमुख रूप से प्रस्तुत किए गए।
- मौलाना ने मातम, शोक और त्याग की भावना को दर्शाते हुए दर्शकों को भावुक किया।
- माजलिस में हुसैन (अस) के साथ उनके परिवार के सदस्यों की अंतिम मुलाकात और उनकी शहादत की तैयारी पर प्रकाश डाला गया।
- वीडियो में शहादत के बाद के सामाजिक और पारिवारिक प्रभावों का भी उल्लेख है।
- मौलाना ने युवाओं को इस माजलिस के महत्व को समझने और मातम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
- वीडियो में कर्बला के मैदान की घटनाओं का विस्तार से वर्णन है, जिसमें परिवार के सदस्यों की बहादुरी और बलिदान की कहानी है।
- माजलिस के दौरान शोक और मातम के साथ-साथ धार्मिक और आध्यात्मिक संदेश भी दिए गए।
- वीडियो का उद्देश्य दर्शकों को कर्बला की घटनाओं से जोड़ना और उनकी यादों को ताजा करना है।

## Chapters

1. 00:00 परिचय और प्रारंभिक घटनाएँ
2. 00:49 शहादत की तैयारी और परिवार की भावनाएँ
3. 01:29 श्याम दास और शहादत का संकल्प
4. 02:22 बच्चों की सुरक्षा और परिवार की चिंता
5. 03:18 मातम और शोक की शुरुआत
6. 04:38 शहादत के बाद के सामाजिक प्रभाव
7. 05:49 मौलाना का संदेश और युवाओं के लिए प्रेरणा
8. 07:01 अंतिम विदाई और माजलिस का समापन

Answers

## Questions about this video

यह माजलिस किस विषय पर आधारित है?

यह माजलिस हज़रत औन और मोहम्मद (अस) की शहादत और कर्बला की घटनाओं पर आधारित है, जिसमें उनके बलिदान और परिवार की भावनाओं का वर्णन है।

मौलाना सैयद अली रजा रज़वी ने माजलिस में क्या मुख्य संदेश दिया?

मौलाना ने शहादत के महत्व, त्याग और मातम की भावना को समझाने के साथ-साथ युवाओं को ईमानदारी और साहस अपनाने के लिए प्रेरित किया।

माजलिस में किन प्रमुख घटनाओं का वर्णन किया गया है?

माजलिस में कर्बला के मैदान की घटनाएं, परिवार के सदस्यों की अंतिम मुलाकात, शहादत की तैयारी, और शोक एवं मातम की भावनाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

है जबकि सर्वाधिक बढ़त पर चल आवश्यकता से कहा कि मेरी यह 8989 है जो मेरे अधीन की शामिल है। मेरे तीन को बचाएगा मेरा नवासा और यह हुसैन को बचाने और यह सैनिक को बचाने वाली है। तो जरा कर सकता है का?

00:14

Speaker A

पापा जब भी वह सहमत के कि हमारे के पास जाते हैं आंखों से यदि और जब दूर चले जाते हैं तो फिर होने लगती है। तो मेंबर की आंखों में आंसू है का? यह वही बहन है जो हर

00:27

Speaker A

रोज भाई को देखने आया है। रहेगी को नजाने बीवी ने अपने भाई के बगैर तरफ से शाम तक को कैसे सुधारा होगा? जनाबे जैनब से टकरा जाने लेकिन जनाब ए सैक्रिफिस आफ वर 1 मर्तबा इंतजार कर रही थी। मीणा ने अब्दुल रज्जाक तैयार का कि वह

00:49

Speaker A

आए में इजाजत क्यों की बेवफाई जाने वाला है? फिर भला तो जब हम कोलर में जाकर तैयार है कि आप दो लाख मैं आपको याद है। मैंने अपने अब के वक्त छात्र रखी थी। मैं हर रोज भाई को देखने

01:01

Speaker A

आऊंगा भी और जबकि कर बाद जाएंगे मैं साथ जाऊंगी देना बेहतर प्रजापति आपने कहा। मुझे याद है कि अब वक्त आ गया मेरा भाई करबला जा रहा है। तो जनाब मिलन में ज्यादा तैयार मिलता रहता। मुझे याद है मैं लोगों का भी

01:14

Speaker A

नहीं। में भारतीय लिबास में इजहार किया कि मैं बीमार हूं। मुझे तिब्बत की जरूरत है। अगर आप सभी जायके शपथ कौन करेगा? यह नहीं कहा कि ना चाहिए रोका नहीं क्योंकि जनाब ए दुश्मने वादा किया है पिता से वादा किया

01:29

Speaker A

यह दावत चाहिए। तो बड़े खुश श्याम दास ने कहा कि मुझे जरूरत है। मैं पूरा हो चुका हूं। तो जनाब पर अपने समझ लिया। पीला बनी हासिल से एक जुमला कहा कहां के ऐप को जिला। अगर आप रोक देंगे

01:46

Speaker A

तो मैं नहीं जाऊंगा कि मैं कल नहीं जाऊंगा। लेकिन एक बात याद रखिएगा मैं जिंदा नहीं रहूंगा। मैं अपने भाई हुसैन के बगैर जी नहीं सकते। आज मैं आपके खत्म नहीं कर पाऊंगी। मैं मर जाऊंगी और जनाब अब्दुल्ला समझ गया हां।

02:02

Speaker A

मैंने देखा है जिस तरह से शाम को मिलने का वक्त आना हुसैन का। मैंने आपको तड़पते देखा है कि मैंने आपको रोग नहीं। आप जा सकती है। यहां पर मराठी ने लिखा कि अगर आप जरा बाहर निकल गई ना जना पिछले हुआ था कि जाने के

02:22

Speaker A

लिए तो जनाब अब्दुल्ला पीछे से आएगा। शेहरावत हमारे दोनों बेटों को साथ ले जाएंगे कि अगर जाम की नौबत आई तो आप पहले हमारे बेटों को भेजेगा। अली अकबर को पहले ना जाने का यह आज हमारे बेटे पहले का है।

02:41

Speaker A

हां जनाब सैनिक लापता मेरी छह साग पुष्पि मेरे साथ रहेगा और कि मोहन प्रसाद का बन चुका है पूरा अ कि मैं बहुत ज्यादा पत्नी सलेक्ट करूंगा क्योंकि मुझे पूरा यकीन है। खुदा ना करे तो यह ऑप्शन है जिस तरह से आज दूसरी बार का

03:01

Speaker A

केंद्रों पर कह तारी जी मैं बाहर स्वचालित यकीन मानें कि मेरी अपनी कैफियत बदल जाती है। अच्छा है यह सारा कुछ गए हैं ताकि कोई रोने में पाया जाता है हैं और एक और वजह भी है आज बहुत समृद्ध

03:18

Speaker A

करा कुछ हार दिया जाए। मैं आज बहुत जरूरी था शायद कोई मां-बेटों का फैसला ले लिया है। कर दो कि मैं अपनी बहनों से बेटियों से जरूर कहूंगा। मिली पाएं पहने पर्चियां वह जरूर देखें ही मेरा

03:47

Speaker A

देवता आवाज किसी भी के पहाड़ों में है कि एक शाम की सधी हुई शुरुआत ह कि अ कर दो। आ जाओ मेरे साथ चलेगा आराम से कोई भी जल्दबाजी ना करें। आज आराम से रोए आखिर में जन्म तप करना चाहिए होगा लेकिन

04:19

Speaker A

सुनिए ना मैं पूरा मसाला पढ़ सको। मेरी तरफ धर्म आदमियों से मैं बहुत से नौजवानों को देख रहा हूं। चेहरे का गुस्सा देते हैं कि पुस्तक है कि सबसे पहले बीच में चेहरे पर मातम किया हो कि

04:38

Speaker A

मुझे डिक्रीज तरह से गंभीर नहीं है कि सबसे पहले चेहरे पर किसने मातम किया होगा लेकिन मेरा दिल के इंसान की बीवियों में से एक में सबसे पहले चेहरा पीला है। MP3 वीडियो याचना बेसन अपने हां यार जनाधार रब ने

05:01

Speaker A

है या जनाबे लैला में है कि मैं अभी फाइनल अश्लील ह का प्रयोग बंद कीजिएगा कि आज साथ चाहिए अगर आएंगे जो मेरे साथ चले। शबे आशूर है मैदान-ए-कर्बला है। एक मां पेड़ों के बालों में हाथ डालते हैं,

05:24

Speaker A

बालों को सुलझा रही है और बार-बार कहती है कि ऋषि हेलो तुम्हारी रगों में हैदरे कर्रार का खून। जहां पर इंतजार का कोर्स है तू मेरे पर दो कि कल जब में जंग की नौबत आ गई है है तो मेरे शेरों मुकाबला जरूर करना और

05:49

Speaker A

मुझे पूरा यकीन है तो वह ऐड करें कब्र के निवासियों को जहां पर तैयार के पोते। वह मुझे पूरा यकीन है तो मजाक करते करते हैं थोड़ा तक पहुंच जाओगे लेकिन मेरे बच्चों और आप तक पहुंच जाना पानी न पीना।

06:05

Speaker A

पानी न पीना मामू के बच्चे बड़े भैया से सकीना बड़ी व्यास है। अली असर बड़ा व्यवसाय है कि नहीं तेरा बच्चा है। में बस गई सुबह आश्रम उतार हुए मेरे सारे मसाले छोड़ दिए। तो यहां पर मैं बता दूं

06:29

Speaker A

जरा वैधव्य भिगोकर रख दें। 1 मर्तबा दोनों बेटों से पूछा है और हम्म हम्म मैं आप दोनों अभी तक टाइम नहीं मैदान हो जाते हैं। जो काम आप जब ईमामों के सामने जाते हैं इजाजत मांगने के लिए मामू जान हमसे कहते

06:45

Speaker A

हैं तो मेरी बहन की भी शादी मुबारक हो कि मैं तुम्हें जाने भेज सकता हूं कि हम हमें इजाजत नहीं देते हैं। मैं आराम से भी तरह का या शहादत के बाद कभी मुझे पढ़ना यहां जोड़ते कह रहा हूं आराम से अब

07:02

Speaker A

सुनिए एक मर्तबा जनाब ए फ्रेंड आपने कहा और मोहम्मद जरा मेरे भैया पास को बुलाओ है कि एक बंदा दुबई शहर कार्यक्रमों चार्ट मैं आपको अम्मा ने बताया हूं। जरा व्यव्ासाय खैर में क्या अंतर नहीं आया कि मुझे बाहर खड़े होकर सवाल करते हैं। यदि आप

07:21

Speaker A

ने याद फरमाया का अपहरण पोस्ट से कहा हुसैन अपने कहा मेरे अ का वास्ता हुआ है कि मेरे बच्चों को इस आ सकते हैं नए हैं कि मेरे बच्चों याद आते हैं कि एक बंदा दबे पांव तरह सलमान का हम और

07:41

Speaker A

तपस्या के लिए मेरे हक का वास्ता मेरे बच्चों को इलाज संघ के जलदस्यु शुद्ध होता है। मैंने और कहा सैलाब कि शायद अब गुलाब जामुन तैयार राशि का हो। मैंने इसलिए बच्चों को इजाजत नहीं कर नहीं होता है। अब्दुल्ला ने मुझसे पूछ कहा था

08:01

Speaker A

चेहरा बदल जाने की नौबत आई तो हमारे बच्चों को पहले भेजिएगा। अली अकबर से पहने जाएं हमारे मुंह से ओह कि अब मोटा हुसैन। अरे मेरे को देखेगा एक बेटे को जनाबे सैयद शाहनवाज कराया दूसरे के दावे को जनाबे अब्बास में सवार

08:22

Speaker A

करो चेहरा धो ने दूसरे के बाद साथ में पर एक दूसरे से कहा और मोहम्मद हत्याओं हम अध्यक्षों से कहा क्या कहा। कहा भैया मैं मरने से हम ना करूंगा तो मैं सिरे से हमला करना हम कल में लश्कर पर मिलेंगे और मामू

08:40

Speaker A

के दुश्मन हमारे साथ धोखा हुआ है कि दोनों ने हमला किया जैसे कलकत्ता स्तर पर मिलेगा तो मेरे साथ में देखा कि दोनों खरीदा गया है। उसने आवाज देकर तारीफ और से हमला कर लें। यह दोनों बहुत करीब है जब

08:58

Speaker A

शरीर से बाहर होना तो एक के स्वर में गुर्जर लगा है। एक दूसरे के समय सलवार रहेंगे। कुछ नहीं हम भी रोकता है। मैं अभी नहीं जा रहा हूं कि एक केसर में गोल दागा दूसरे शहर बातें

09:25

Speaker A

केसर में तलवार का वार होगा। एक कि उसी वक्त प्रवास कर गई दूसरे में व्यापक बातचीत की कि आवाज देखा। मामू जान हमारी मदद से लिया जा रहा है को रोक उस बच्चे रुक नहीं है। एक बार एक बच्चा अपने चेहरे को ढूंढ

09:54

Speaker A

निकाला है को बर्थडे विश करना है। जनाब सैयद शहजादा पहुंचे एक में चमक आती है। एक हीरो प्रभास करते हैं जिनमें रूप से चीन आप जानते क्या काम खत्म हो जाता है। हमारी मां को हमारा आखिरी सलाम कह रहा है कि ज्यादा आफ मेरे

10:13

Speaker A

मित्रों लहसुन को तकिए का नाम वक्त थमपुराण तक पहुंचे लेकिन हफ्ते पानी में भैया कि हमने आपकी वसीयत याद चीज है। फ्लैश लाइट ऑफ और मैं तो कविता भी के अंबाह कि अब हम आपकी असलियत याद आती थी। अब हमने

10:45

Speaker A

पानी रेडी हो ए स्मॉल हाउस पास करने पर होगा। फिर ऐसे नहीं खास प्रोग्राम आपको भी होश होता है। मौला हुसैन ने दोनों शहजादों क्रश उठाए कदमों में लेना। जब लाशेद बाय सब ईपी आगे मॉल आने नजर देखिए। इधर जरा कर देखा।

11:09

Speaker A

जनाबे सेंगर नहीं पौधे होते गए। अब साहब जरा मेरी बहन को बुलाना। बेगम से विदा कर जनादेश आने का भी आपको आपके भाई ने बोला। ए मेजर देखेगा। जनाबे जैनब आए तो उन्हें शहर राज्यों के लाशों के ढेर पर बैठकर

11:26

Speaker A

कि दोनों के सिरों पर हाथ रख दें और ऊंची आवाज से का और महार कि मुझे बचाओ। मैं किसे हुसैन कपूर बात करो मेरा भाई तन्हा रह गया है। पिंप मैं मेरे बच्चों। ओम ने Bigg Boss होगा।

11:56

Speaker A

जनाबे जैनब को प्रोत्साहन देना मैं कोई ऐसा नहीं है। में सफर करते हैं। अब सुनिए मौला हुसैन बस सारे मसाले छोड़ दूंगा। 11 कम कर दे खिलाफ जहां पर चैनल किसी लाश मिल जाएंगे सिर्फ अपने भाई के राशि

12:16

Speaker A

कि एक मतलब आप सब ने कैदी बनाया। हाथों में तख्तियां जी बीवियों को दाता पर सवार करा दिया। सब छुट्टियों पर सवार जा रहे हैं ना का के कुछ बदन होती है। जब जार में जन्माष्टमी पर शहर छोड़ना मकर में देखा दो

12:31

Speaker A

लाशें नजर आए थे। ए बी में राशि देखते आंखें बंद कर दो। में चीनी दूतावास में का और मोहब्बत खुदा हाफिज है कर दो। आज मैं नहीं आ कुछ नहीं बस नहीं रोकी नहीं अभी तक आ रहा छोड़ना कार्यकर्ता मुझे पढ़ने के

13:07

Speaker A

लिए मैं पढ़ना चाहता कि उम्र शायद के मसाज उम्र महज कुछ देना जरा फिर से अभी तक कोई मनुष्य माना को टाइम वाला इमामे ज़माना आवाज की कॉपी का प्रसाद लेने आए हैं। आइए मेरे साथ चाहिए। 11 आपको भी चली गई थी

13:25

Speaker A

कि पूरे कहीं मेरे साथ छोड़ दिया। उसमें से साथ चली गई। शाम में रिहाई मिल गई जब हाय बेबी ना तो इनवर्टर भी अपने काम वापस जाएंगे। हम बनेगा है। में चंद्र की माला सजा त्रिशला के साथ वापस कम हो की क्षमता के साथ वापस आने लगे।

13:44

Speaker A

पहला जो ऑप्शन आया बड़ा आनंद आ सकता है कि बिना पर लगाओ अलार्म लगाया। कि नहीं आ। तो फिर आपने पढ़ा नहीं हूं कि 1 मर्तबा बस इस तरह से यह देखिए मैंने सारे मसाले छोड़ने में पड़ता है

14:16

Speaker A

कि चौथा क्वेश्चन आते हैं।

14:32

Speaker A

वो कुछ नहीं बोली जनाब सैयद मुजफ्फर लेकर आया था उसने सवाल किया कि दूसरों के बार ऐसा कौन है कि कोई भी नहीं बोलती उसमें दूसरी मर्तबा आप मुझे इतना बता दूं कि हम दूसरों की बारिश सा कैमरों में जलकर मर गई है

14:53

Speaker A

[प्रशंसा] हुई हुई एप्स कि Bigg Boss एक तरफ जहां पर फैसला से यह देखिए यहां पर मिश्रा ने कहा नहीं यह दोनों मेरी आंख दा जी के बेटे दोनों सर मुझे दे दो मैं जब ऑफिस जाने दो सब लिए जनाबे जैनब के

15:18

Speaker A

पास पिछले साल से आप लोग मुझे पूरे अनुसार ढूंढ है कुछ लोग बहुत शुभ है सोने के आभूषण जरा फिर अचानक दोनों साथ लिए जनाब शहर के पास हैं और आर्थिक आप भी पेड़ों से मिला तो कर लें

15:33

Speaker A

जनाबे जैनब अपने का फैसला मैं अली की बेटी श्रद्धा देखें वापस नहीं लेती हूं [प्रशंसा] कि रेड्डी रॉक बैंड प् फोन कहां रखा है मैं अपने हाथ जोड़के विनती सुनिए बस्तर हाईवे दीदी आज शाम से पहले कर्बला करें जनाबे

16:07

Speaker A

जैनब अब कर बताइएगा चैनलों के हर खबर बैग नहीं तो बेटों के स्वरों में इसलिए जब जाने लेकिन अगर माला से मदीने तो सारी दुनिया दोबारा हम मार्किट में सवार थी पीछे अपने एक बर्ताव तो तस्वीरों को देखकर

16:25

Speaker A

आहिस्ता से का और मम्मा अलविदा मां जा रही है कर दो [प्रशंसा] कि आप कसम है जहां पर शहर की कसम मुझे मजाक करने की हां जो लिखा बजे प्रसाद पांडे बस यही चैनलों पर टीवी चली गई है हेलो हेलो से

17:01

Speaker A

बीच अपना से महीने आगे जब वह धीरे आइना पहले नाना के दौरे पर गई बहुत ब्राह्मण इमाम हुसैन का पुरस्कार दिया बेस्ट व को इसे कर लीजिए फिर मां की खबर में गई बेटियों का कोई शिकवा देखिए फिर भाई के घर

17:20

Speaker A

चली गई सबसे का मुझे सिर्फ हुसैन का कोई सा देना है यह किसी और का कोई पुरुष सोनम को हां बेबी सबसे लो साले रही है बस इतने में जनाबे अब लास्ट में जाकर तैयार में बुला भेजा है

17:35

Speaker A

के जनावे अब लास्ट में डॉक्टर तैयार हुआ था प्रोफेसर डा एक दिन वे अपने घर में जाकर तैयार रखना चाहिए सजा अपने ऑफिस से घर वापस आते हैं ए पर्सन चौहान का कहना था जनाब शहद अपने फॉर मोर का हाथ में लिया कि मैं कल जाऊंगी

17:54

Speaker A

जैसे मुर्गा सर पर रख अभी भी दीदी का कलेजा फटने लगा दो कि फिल्मों को आने लगा टांगें कांपने लगी मैं अभी मैं घर जा रही कोई आपसे माफी कब तक सब्र करती है कि अब तक बढ़ाओ फोन किधर है

18:14

Speaker A

कि अब तक तो बर्दाश्त कर रही थी देश में भर आयी कि यह दें तो ज्यादा बाद एक चीजी बीवी ने जान उठाई है [प्रशंसा] को पीने से लगाई थी को सीने से लगाकर 1 घंटा कहां है हुआ था

18:40

Speaker A

यह मेरा दिल नहीं लगता है सुधीनामा आपके यहां पर रहें हैं अजय को [प्रशंसा] हेलो व्युअर्स

Topics: मुहर्रम माजलिस कर्बला हज़रत औन शहादत मौलाना सैयद अली रजा रज़वी हुसैन अस मातम इस्लामी इतिहास शोक

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